Class 9 Hindi Chapter 11: झाँसी की रानी

झाँसी की रानी is Chapter 11 of NCERT / CBSE Class 9 Hindi (Hindi medium). This page has the complete chapter notes across 3 topics, 75 practice MCQs with answers and explanations, 30 important short and long questions and 51 flashcards, all written to the NCERT / CBSE syllabus and free to read.
  • 3 topics
  • 75 MCQs
  • 21 short answers
  • 9 long answers
  • 51 flashcards
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  • Hindi

सुभद्रा कुमारी चौहान, 1857 और छबीली का बचपन

सुभद्रा कुमारी चौहान कवयित्री के साथ स्वतंत्रता सेनानी भी थीं। झाँसी की रानी 1857 के संग्राम पर लिखी कथात्मक कविता है। पहले छंदों में देश में जागी नई जवानी, नाना के साथ खेलती छबीली, उसके हथियार-सहेलियाँ और वीरता भरे खेल हैं।

What you will be able to do

  • सुभद्रा कुमारी चौहान के जीवन, रचनाओं और स्वतंत्रता संग्राम में योगदान का परिचय दे सकूँगा।
  • 1857 के स्वतंत्रता संग्राम की पृष्ठभूमि सरल शब्दों में बता सकूँगा।
  • कविता के पहले छंद में देश में आई नई चेतना का भाव समझा सकूँगा।
  • लक्ष्मीबाई के बचपन, उनकी सखियों-से हथियारों और प्रिय खेलों का वर्णन कर सकूँगा।
  • टेक की पंक्तियों और हरबोलों की भूमिका को कविता की लोक-शैली से जोड़ सकूँगा।

Key points

  • सुभद्रा कुमारी चौहान का जन्म 1904 में प्रयागराज में हुआ और वहीं आरंभिक पढ़ाई हुई; सन् 1948 में अचानक उनका निधन हुआ।

  • वे स्वतंत्रता सेनानी थीं और आंदोलन के कारण दो बार जेल गईं; कविताओं से उन्होंने लोगों में राष्ट्रीय चेतना जगाई।

  • उनकी रचनाएँ: कविता-संग्रह त्रिधारा और मुकुल; कहानी-संग्रह उन्मादिनी, सीधे-सादे चित्र और बिखरे मोती; बाल साहित्य सभा का खेल और कदंब का पेड़।

  • मुकुल और बिखरे मोती के लिए उन्हें दो बार सेकसरिया पुरस्कार मिला; डाक विभाग ने उनके सम्मान में डाक टिकट जारी किया।

  • झाँसी की रानी 1857 के स्वतंत्रता संग्राम पर आधारित कथात्मक कविता है, जो लक्ष्मीबाई के बचपन से वीरगति तक की कथा कहती है।

  • पहले छंद में राजसिंहासन हिल उठते हैं, बूढ़े भारत में फिर से जवानी आती है और सब अंग्रेज़ों को देश से हटाने का निश्चय कर लेते हैं।

  • हर छंद के अंत में टेक आती है कि यह कथा बुंदेलखंड के हरबोलों से सुनी गई है और झाँसी की रानी मर्दानी की तरह ख़ूब लड़ी।

  • लक्ष्मीबाई अपने पिता की इकलौती संतान थीं, कानपुर के नाना की मुँहबोली बहन थीं और प्यार से छबीली कहलाती थीं।

  • बरछी, ढाल, कृपाण और कटारी उनकी सहेलियाँ थीं; उन्हें शिवाजी की गाथाएँ ज़बानी याद थीं; नकली युद्ध, व्यूह-रचना, शिकार और दुर्ग तोड़ना उनके प्रिय खेल थे।

Full explanation

सुभद्रा कुमारी चौहान: कलम और आंदोलन

सुभद्रा कुमारी चौहान का जन्म सन् 1904 में प्रयागराज में हुआ। वहीं उनकी शुरुआती पढ़ाई हुई। वे केवल एक लोकप्रिय कवयित्री ही नहीं थीं, बल्कि देश की आज़ादी के लिए सड़कों पर उतरने वाली स्वतंत्रता सेनानी भी थीं। आंदोलन में हिस्सा लेने पर वे दो बार जेल गईं।

उनकी कविताओं ने आम लोगों के मन में देश के लिए प्रेम और आज़ादी की ललक जगाई। उनके लेखन में देशप्रेम, स्त्रियों के जीवन से जुड़े विषय और स्वाधीनता के प्रति गहरी निष्ठा दिखाई देती है। उनकी भाषा इतनी सहज है कि पढ़ा-लिखा हो या कम पढ़ा, हर कोई उनकी कविता समझ लेता है। यही सहजता उनकी लोकप्रियता का सबसे बड़ा कारण बनी।

उनकी प्रमुख रचनाओं में कविता-संग्रह मुकुल और त्रिधारा हैं। बिखरे मोती, उन्मादिनी और सीधे-सादे चित्र उनके कहानी-संग्रह हैं। बच्चों के लिए उन्होंने सभा का खेल और कदंब का पेड़ जैसी रचनाएँ लिखीं। मुकुल और बिखरे मोती के लिए उन्हें दो बार सेकसरिया पुरस्कार मिला। सन् 1948 में अचानक उनका निधन हो गया, और बाद में डाक विभाग ने उनके सम्मान में डाक टिकट जारी किया।

1857: आज़ादी की पहली बड़ी लड़ाई

इस कविता की कथा सन् 1857 के स्वतंत्रता संग्राम के दिनों में घटती है। उस समय भारत के बड़े हिस्से पर ईस्ट इंडिया कंपनी का राज था। कंपनी व्यापार के बहाने आई थी, पर धीरे-धीरे उसने एक के बाद एक रियासतें अपने क़ब्ज़े में ले लीं। राजाओं का अपमान हो रहा था, किसानों पर भारी कर थे और सैनिकों के मन में भी ग़ुस्सा भरा था।

सन् 1857 में यह ग़ुस्सा एक बड़े विद्रोह के रूप में फूट पड़ा। मेरठ के सैनिकों से शुरू हुई यह आग दिल्ली, कानपुर, लखनऊ, झाँसी और बिहार तक फैल गई। राजा, सैनिक, किसान और आम लोग, सब इसमें शामिल हुए। इसीलिए इसे भारत का पहला स्वतंत्रता संग्राम कहा जाता है। रानी लक्ष्मीबाई इस संग्राम की सबसे चमकती नायिकाओं में से एक थीं।

सुभद्रा जी ने यह कविता बीसवीं सदी में, स्वतंत्रता आंदोलन के दिनों में लिखी। उनका उद्देश्य केवल इतिहास सुनाना नहीं था। वे चाहती थीं कि रानी की कथा सुनकर उनके समय के लोग भी हिम्मत जुटाएँ और आज़ादी के लिए आगे आएँ। इसलिए कविता में हर जगह जोश, उत्साह और गर्व का स्वर है।

पहला छंद: बूढ़े भारत में नई जवानी

कविता की शुरुआत एक बड़े दृश्य से होती है। सिंहासन हिल उठते हैं और राजवंश ग़ुस्से से भौंहें तान लेते हैं। यानी अंग्रेज़ों के अत्याचार से राजघरानों में भी बेचैनी और रोष फैल गया था। भृकुटी तानना ग़ुस्सा दिखाने का एक ढंग है।

फिर कवयित्री कहती हैं कि बूढ़े भारत में भी फिर से नई जवानी आ गई थी। यहाँ बूढ़ा भारत उस देश का संकेत है, जो लंबी ग़ुलामी से थका और कमज़ोर हो चुका था। नई जवानी का अर्थ है नया जोश, नई चेतना और लड़ने का नया साहस। लोग समझ गए थे कि खोई हुई आज़ादी कितनी क़ीमती है।

सबने मन में ठान लिया कि फ़िरंगी, यानी अंग्रेज़, को देश से दूर करना है। मन में ठानना एक मुहावरा है, जिसका अर्थ है पक्का निश्चय करना। छंद के अंत में सन् सत्तावन में पुरानी तलवार के चमक उठने की बात है। यह पुरानी तलवार भारत की उस वीरता का प्रतीक है, जो सोई हुई थी और 1857 में फिर जाग उठी।

टेक: हरबोलों की कहानी

हर छंद के बाद दो पंक्तियाँ बार-बार लौटती हैं। पहली बताती है कि यह कहानी हमने बुंदेलखंड के हरबोलों के मुँह से सुनी है। दूसरी कहती है कि झाँसी वाली वह रानी मर्दानी की तरह ख़ूब लड़ी। गीत में बार-बार आने वाली ऐसी पंक्तियों को टेक कहते हैं।

हरबोले बुंदेलखंड के लोकगायक हैं। उन्होंने रानी की वीरता को अपने गीतों में बाँधकर गाँव-गाँव तक पहुँचाया। जब इतिहास की किताबें अंग्रेज़ों के नज़रिए से लिखी जा रही थीं, तब इन लोकगायकों ने जनता की यादों में रानी को ज़िंदा रखा। कविता उन्हें श्रेय देकर लोक-परंपरा का आदर करती है।

मर्दानी शब्द का अर्थ यहाँ है बहादुर, जो पुरुषों जैसी वीरता दिखाए। उस समय युद्ध को पुरुषों का काम माना जाता था, इसलिए कवयित्री ने यह शब्द चुना। आज हम कहेंगे कि वीरता किसी एक लिंग की नहीं होती; रानी ने यही बात अपने काम से साबित की। टेक का दोहराव कविता को गीत जैसा बनाता है और सुनने वाले के मन में रानी की छवि गहराई से बैठा देता है।

छबीली: नाना की मुँहबोली बहन

दूसरे छंद में रानी के बचपन की झलक है। वे कानपुर के नाना की मुँहबोली बहन थीं और प्यार से छबीली कहलाती थीं। यहाँ नाना का अर्थ माँ के पिता नहीं, बल्कि नाना धुंधूपंत हैं, जिन्हें नाना साहब भी कहा जाता है। वे पेशवा बाजीराव द्वितीय के दत्तक पुत्र थे और बिठूर में रहते थे।

छबीली का अर्थ है सुंदर, सजीली और तेजस्वी। यह नाम बताता है कि बचपन से ही लक्ष्मीबाई का व्यक्तित्व आकर्षक और चमकदार था। उनका नाम लक्ष्मीबाई था और वे अपने पिता की इकलौती संतान थीं। इकलौती संतान होने के कारण पिता ने उन्हें बेटे-बेटी का भेद किए बिना पाला।

वे नाना के साथ पढ़ती थीं और नाना के साथ ही खेलती थीं। यह बात उस समय के हिसाब से बहुत अलग थी, जब लड़कियों को पढ़ने-खेलने की इतनी आज़ादी कम मिलती थी। बचपन की यही बराबरी आगे चलकर उनके आत्मविश्वास की नींव बनी।

हथियार बनी सहेलियाँ

कवयित्री कहती हैं कि बरछी, ढाल, कृपाण और कटारी ही उनकी सहेलियाँ थीं। बरछी छोटा भाला है, ढाल वार रोकने का साधन है, कृपाण एक तरह की तलवार है और कटारी छोटी, धारदार कटार है। जहाँ दूसरे बच्चे खिलौनों से खेलते, वहाँ छबीली हथियारों के साथ समय बिताती थीं।

उन्हें वीर शिवाजी की गाथाएँ ज़बानी याद थीं। शिवाजी मराठा वीरता और स्वराज के प्रतीक हैं। उनकी कथाएँ सुनकर छबीली के मन में बचपन से ही आज़ादी और साहस के बीज पड़ गए। गाथा का अर्थ है वीरता की कथा या प्रशंसा-गीत।

यह छंद बताता है कि महान लोग अचानक नहीं बनते। उनका बचपन, उनके खेल, उनकी पढ़ाई और उनके आदर्श मिलकर उन्हें गढ़ते हैं। छबीली के आदर्श शिवाजी थे, इसलिए आगे चलकर उन्होंने भी अपने राज्य की आज़ादी के लिए तलवार उठाई।

वीरता की अवतार: बचपन के खेल

तीसरे छंद में कवयित्री पूछती हैं कि वह लक्ष्मी थी या दुर्गा, मानो वीरता ख़ुद अवतार लेकर आई हो। लक्ष्मी धन और सौभाग्य की देवी हैं, जबकि दुर्गा शक्ति और युद्ध की देवी हैं। रानी में दोनों के गुण थे: सौम्यता भी और शौर्य भी।

उनकी तलवार के वार देखकर मराठे पुलकित, यानी रोमांचित और प्रसन्न, होते थे। उनके प्रिय खेल थे: नकली युद्ध करना, व्यूह की रचना करना, शिकार खेलना, सेना को घेरना और किले तोड़ना। व्यूह-रचना का अर्थ है युद्ध में सेना को एक ख़ास ढंग से सजाना। यानी उनके खेल भी असली युद्ध की तैयारी जैसे थे।

छंद के अंत में बताया गया है कि महाराष्ट्र की कुलदेवी भवानी उनकी भी आराध्य थीं। भवानी, यानी दुर्गा का एक रूप, शिवाजी की भी आराध्य मानी जाती हैं। इस तरह कविता छबीली को मराठा वीरता की परंपरा से जोड़ देती है। पहले तीन छंदों के बाद पाठक के मन में एक निडर, चंचल और युद्ध-कला में निपुण लड़की की छवि बन जाती है।

Concepts and terms

कथात्मक कविता

ऐसी कविता, जिसमें कहानी की तरह घटनाएँ एक क्रम में आगे बढ़ें। झाँसी की रानी में रानी के बचपन से वीरगति तक की कथा है।

टेक

गीत या कविता की वह पंक्ति, जो हर छंद के बाद दोहराई जाए। यहाँ हरबोलों से सुनी कहानी और मर्दानी रानी वाली पंक्तियाँ टेक हैं।

1857 का स्वतंत्रता संग्राम

अंग्रेज़ी शासन के ख़िलाफ़ सैनिकों, राजाओं और आम लोगों का बड़ा विद्रोह, जिसे भारत का पहला स्वतंत्रता संग्राम भी कहा जाता है।

लोकगायक

गाँव-समाज के गायक, जो गीतों के सहारे इतिहास, वीरता और परंपरा की कथाएँ पीढ़ी-दर-पीढ़ी पहुँचाते हैं, जैसे बुंदेलखंड के हरबोले।

ओज गुण

कविता का वह गुण, जो पढ़ने-सुनने वाले के मन में जोश, साहस और उत्साह भर दे। यह कविता ओज से भरी है।

सावधान

भ्रम और सच

करके देखो

Title:

टेक के साथ कविता-गायन

Safety:

ढोलक धीमी रखिए और पास की कक्षाओं का ध्यान रखिए।

What You Notice:

साथ गाई गई टेक से समझ आता है कि हरबोलों ने यह कथा लोगों के दिलों तक कैसे पहुँचाई होगी।

Did you know

लक्ष्मीबाई के बचपन का नाम मणिकर्णिका था और घर में उन्हें मनु कहा जाता था। विवाह के बाद झाँसी में उनका नाम लक्ष्मीबाई पड़ा।

हरबोले बुंदेलखंड के लोकगायकों का एक समुदाय है। उन्होंने गाँव-गाँव गाकर रानी की वीरता की कथा जन-जन तक पहुँचाई, इसलिए कविता उन्हीं को कथा का स्रोत बताती है।

सन् 1857 का संग्राम मई महीने में मेरठ की छावनी से भड़का और कुछ ही हफ़्तों में दिल्ली, कानपुर, लखनऊ और झाँसी तक फैल गया।

Memory tricks

रानी के चार हथियार: ब-ढा-कृ-क — बरछी, ढाल, कृपाण, कटारी: बड़ी ढाल कृपा करे कटारी पर। यही थीं छबीली की चार सहेलियाँ।

Practice MCQs with answers (25)

Q1 सुभद्रा कुमारी चौहान की कविताओं में देशप्रेम इतना सच्चा क्यों लगता है? intermediate
  • A वे विदेश में रहकर भारत के बारे में पढ़ती रहीं
  • B उन्होंने केवल पुरानी किताबों से कविताएँ बनाईं
  • C वे ख़ुद आज़ादी के आंदोलन में उतरीं और जेल भी गईं
  • D उन्हें सरकार ने ऐसी कविताएँ लिखने को कहा था
Show answer
Answer: वे ख़ुद आज़ादी के आंदोलन में उतरीं और जेल भी गईं
Why:

अनुभव की आँच।

Q2 इनमें से कौन-सी रचना सुभद्रा कुमारी चौहान का कहानी-संग्रह है? intermediate
  • A मुकुल
  • B बिखरे मोती
  • C त्रिधारा
  • D कदंब का पेड़
Show answer
Answer: बिखरे मोती
Why:

मुकुल और त्रिधारा कविता हैं।

Q3 सुभद्रा जी की रचनाओं की लोकप्रियता का सबसे बड़ा कारण क्या माना जाता है? beginner
  • A उनके शब्दों की कठिनता
  • B उनकी किताबों का बड़ा आकार
  • C उनके लेखों की विदेशी भाषा
  • D उनकी भाषा की सहजता
Show answer
Answer: उनकी भाषा की सहजता
Why:

सहज भाषा।

Q4 1857 के संग्राम को भारत का पहला स्वतंत्रता संग्राम क्यों कहा जाता है? intermediate
  • A उसमें सैनिक, राजा और आम लोग पहली बार मिलकर लड़े
  • B उसके तुरंत बाद अंग्रेज़ उसी साल पूरा भारत छोड़कर चले गए थे
  • C उसमें केवल एक छोटे राज्य की सेना बिल्कुल अकेले लड़ी थी
  • D उसमें किसी भी तरह का युद्ध नहीं हुआ था
Show answer
Answer: उसमें सैनिक, राजा और आम लोग पहली बार मिलकर लड़े
Why:

साझा संघर्ष।

Q5 कवयित्री ने यह कविता बीसवीं सदी के आंदोलन के दिनों में क्यों लिखी होगी? advanced
  • A ताकि लोग 1857 की लड़ाई को पूरी तरह भूल जाएँ
  • B ताकि रानी की कथा से उस समय के लोगों में भी आज़ादी का जोश जागे
  • C ताकि अंग्रेज़ी शासन की प्रशंसा गाँव-गाँव तक पहुँचे
  • D ताकि स्कूल के बच्चों को केवल पुराने हथियारों के नाम ठीक से याद रहें
Show answer
Answer: ताकि रानी की कथा से उस समय के लोगों में भी आज़ादी का जोश जागे
Why:

प्रेरणा का उद्देश्य।

Q6 सिंहासन हिल उठे से कविता के आरंभ में कौन-सा चित्र बनता है? intermediate
  • A राजघरानों तक में अंग्रेज़ों के विरुद्ध बेचैनी और रोष
  • B भूकंप से टूटकर गिरते हुए राजमहलों का दृश्य
  • C राजाओं के बीच गद्दी के लिए आपस का लंबा झगड़ा
  • D उत्सव में नाचते-गाते राजाओं का आनंद
Show answer
Answer: राजघरानों तक में अंग्रेज़ों के विरुद्ध बेचैनी और रोष
Why:

राजवंशों का रोष।

Q7 राजवंशों का भौंहें तानना किस भाव की ओर इशारा है? beginner
  • A आलस
  • B प्रेम
  • C क्रोध
  • D हँसी
Show answer
Answer: क्रोध
Why:

भृकुटी तानी।

Q8 कविता में बूढ़ा भारत किस स्थिति का प्रतीक है? intermediate
  • A बहुत पुराने मंदिरों और महलों वाला देश
  • B जहाँ केवल बुज़ुर्ग लोग ही रहते थे
  • C जहाँ के लोग खेती करना भूल गए थे
  • D लंबी ग़ुलामी से थका और कमज़ोर पड़ा देश
Show answer
Answer: लंबी ग़ुलामी से थका और कमज़ोर पड़ा देश
Why:

थकान और पराधीनता।

Q9 नई जवानी का भाव किस बात से सबसे अधिक मेल खाता है? intermediate
  • A खोई आज़ादी की क़ीमत समझकर लड़ने का नया साहस
  • B युवाओं का शहरों में जाकर नौकरी ढूँढ़ना
  • C देश में अचानक छोटे बच्चों की गिनती बहुत बढ़ जाना
  • D राजाओं का नए कपड़े और गहने ख़रीदना
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Answer: खोई आज़ादी की क़ीमत समझकर लड़ने का नया साहस
Why:

नई चेतना।

Q10 सन् सत्तावन में पुरानी तलवार के चमक उठने का अर्थ क्या है? intermediate
  • A लोहारों ने पुरानी तलवारें धोकर बेच दीं
  • B देश की सोई हुई वीरता फिर से जाग उठी
  • C संग्रहालय में तलवारों की प्रदर्शनी लगी
  • D राजाओं ने हथियार छोड़कर व्यापार शुरू किया
Show answer
Answer: देश की सोई हुई वीरता फिर से जाग उठी
Why:

प्रतीक।

Q11 कविता हरबोलों को कथा का स्रोत बताती है। इससे क्या पता चलता है? advanced
  • A रानी की कथा केवल अंग्रेज़ी अख़बारों में ही छपी थी
  • B रानी की यह कथा किसी ने कभी किसी दूसरे को सुनाई ही नहीं
  • C रानी की वीरता लोकगीतों के सहारे लोगों की यादों में ज़िंदा रही
  • D हरबोले रानी के शत्रु थे और उनकी बुराई करते थे
Show answer
Answer: रानी की वीरता लोकगीतों के सहारे लोगों की यादों में ज़िंदा रही
Why:

लोक-स्मृति।

Q12 टेक की पंक्तियाँ हर छंद के बाद दोहराने से कविता पर क्या असर पड़ता है? intermediate
  • A कविता उबाऊ हो जाती है और उसकी कहानी आगे बढ़ना रुक जाती है
  • B कविता का हर छंद पिछले छंद से बिल्कुल कट जाता है
  • C कविता गद्य जैसी लगने लगती है और लय खो जाती है
  • D कविता गेय बनती है और रानी की छवि मन में गहरी बैठती है
Show answer
Answer: कविता गेय बनती है और रानी की छवि मन में गहरी बैठती है
Why:

टेक का प्रभाव।

Q13 टेक में रानी को मर्दानी कहा गया है। उस समय यह शब्द क्यों चुना गया होगा? advanced
  • A रानी हमेशा पुरुषों के कपड़े पहनकर ही महल में रहती थीं
  • B युद्ध पुरुषों का काम माना जाता था, पर रानी उसमें बेजोड़ रहीं
  • C रानी को स्त्री कहने पर उस ज़माने में बहुत कड़ी सज़ा दी जाती थी
  • D रानी के नाम में मर्दानी शब्द पहले से ही जुड़ा हुआ था
Show answer
Answer: युद्ध पुरुषों का काम माना जाता था, पर रानी उसमें बेजोड़ रहीं
Why:

समय का संदर्भ।

Q14 कानपुर के नाना से कविता में किसका अर्थ लिया गया है? intermediate
  • A नाना धुंधूपंत, यानी नाना साहब
  • B रानी की माँ के पिता
  • C झाँसी के राजा गंगाधर राव ख़ुद
  • D शिवाजी के वंश के राजा
Show answer
Answer: नाना धुंधूपंत, यानी नाना साहब
Why:

मुँहबोली बहन।

Q15 लक्ष्मीबाई को छबीली कहने से उनके बचपन के व्यक्तित्व की कौन-सी झलक मिलती है? beginner
  • A डरपोक और चुप रहने वाला स्वभाव
  • B आलसी और सोते रहने वाला स्वभाव
  • C रूखा और झगड़ालू स्वभाव
  • D सजीला और चमकदार रूप-स्वभाव
Show answer
Answer: सजीला और चमकदार रूप-स्वभाव
Why:

छवि वाली।

Q16 नाना के साथ पढ़ना और खेलना लक्ष्मीबाई के बचपन को उस समय की दूसरी लड़कियों से कैसे अलग करता है? advanced
  • A उन्हें घर से बाहर निकलने की बिल्कुल भी अनुमति नहीं थी
  • B उन्हें केवल रसोई और सिलाई के काम सिखाए गए थे
  • C उन्हें लड़कों जैसी पढ़ाई और खेल की बराबर आज़ादी मिली
  • D उन्हें पढ़ने के बजाय दिन भर सुलाया जाता था
Show answer
Answer: उन्हें लड़कों जैसी पढ़ाई और खेल की बराबर आज़ादी मिली
Why:

बराबरी का बचपन।

Q17 बरछी, ढाल, कृपाण और कटारी को सहेलियाँ कहने का क्या आशय है? beginner
  • A बचपन से ही उन्हें हथियारों से गहरा लगाव था
  • B वे हथियार बेचने वाली दुकान चलाती थीं
  • C उनकी सहेलियों के नाम हथियारों जैसे थे
  • D वे हथियारों से डरकर उन्हें हमेशा छिपा देती थीं
Show answer
Answer: बचपन से ही उन्हें हथियारों से गहरा लगाव था
Why:

हथियार-सहेलियाँ।

Q18 कविता के अनुसार बरछी ______ होती है। beginner
  • A लंबी रस्सी
  • B भारी हथौड़ा
  • C लोहे की ढाल
  • D छोटा भाला
Show answer
Answer: छोटा भाला
Why:

शब्द-संपदा।

Q19 शिवाजी की गाथाएँ ज़बानी याद होने से छबीली के मन पर क्या असर पड़ा होगा? intermediate
  • A उन्हें युद्ध और हथियारों से गहरी नफ़रत हो गई
  • B उन्होंने पढ़ाई छोड़कर गाना सीखना शुरू कर दिया
  • C बचपन से ही उनमें स्वराज और साहस के संस्कार पड़े
  • D उन्हें दूसरों की कहानियाँ सुनने से ऊब होने लगी
Show answer
Answer: बचपन से ही उनमें स्वराज और साहस के संस्कार पड़े
Why:

आदर्श का असर।

Q20 लक्ष्मी थी या दुर्गा थी वाला प्रश्न रानी के किस दोहरे गुण को उभारता है? intermediate
  • A आलस्य और डर, दोनों का मेल
  • B सौम्यता और शक्ति, दोनों का मेल
  • C घमंड और लालच, दोनों का मेल
  • D चुप्पी और उदासी, दोनों का मेल
Show answer
Answer: सौम्यता और शक्ति, दोनों का मेल
Why:

दो देवियाँ।

Q21 लक्ष्मीबाई के प्रिय खेलों में कौन-सा खेल शामिल नहीं था? beginner
  • A गुड़िया का ब्याह रचाना
  • B नकली युद्ध करना
  • C व्यूह की रचना करना
  • D किले तोड़ना
Show answer
Answer: गुड़िया का ब्याह रचाना
Why:

खिलवार।

Q22 मराठे रानी के तलवार के वार देखकर कैसा अनुभव करते थे? beginner
  • A उदास, यानी बहुत दुखी और निराश
  • B पुलकित, यानी रोमांचित और प्रसन्न
  • C क्रोधित, यानी ग़ुस्से से भरे
  • D भयभीत, यानी डर से काँपते
Show answer
Answer: पुलकित, यानी रोमांचित और प्रसन्न
Why:

पुलकित होते।

Q23 रानी की आराध्य भवानी को महाराष्ट्र की कुलदेवी बताने से कविता क्या जोड़ती है? advanced
  • A रानी को अंग्रेज़ों की सेना और उनके रीति-रिवाज़ों से
  • B रानी को बंगाल के नवाबों के दरबार से
  • C रानी को दक्षिण के किसी व्यापारी परिवार से
  • D रानी को शिवाजी वाली मराठा वीरता की परंपरा से
Show answer
Answer: रानी को शिवाजी वाली मराठा वीरता की परंपरा से
Why:

परंपरा का सूत्र।

Q24 अभिकथन: लक्ष्मीबाई के बचपन के खेल भी असली युद्ध की तैयारी जैसे थे। कारण: नकली युद्ध, व्यूह-रचना, सैन्य घेरना और दुर्ग तोड़ना उनके प्रिय खेल थे। advanced
  • A दोनों सही हैं; कारण अभिकथन को नहीं समझाता
  • B अभिकथन सही है; परंतु उसका कारण ग़लत है
  • C दोनों सही हैं; कारण अभिकथन को समझाता है
  • D अभिकथन ग़लत है; परंतु उसका कारण सही है
Show answer
Answer: दोनों सही हैं; कारण अभिकथन को समझाता है
Why:

खेल और युद्ध।

Q25 नीचे दिए कथनों को पढ़िए। I. सुभद्रा कुमारी चौहान स्वतंत्रता आंदोलन में दो बार जेल गईं। II. कविता के अनुसार लक्ष्मीबाई के कई भाई-बहन थे। III. हरबोले बुंदेलखंड के लोकगायक हैं। कौन-से कथन सही हैं? intermediate
  • A केवल I और II
  • B केवल I और III
  • C केवल II और III
  • D I, II और III तीनों
Show answer
Answer: केवल I और III
Why:

वे इकलौती संतान थीं।

Important short questions (7)

सुभद्रा कुमारी चौहान को स्वतंत्रता सेनानी क्यों कहा जाता है?

सुभद्रा जी ने आज़ादी के आंदोलन में खुलकर भाग लिया। इस कारण उन्हें दो बार जेल जाना पड़ा। अपनी कविताओं से उन्होंने लोगों में देशप्रेम और राष्ट्रीय चेतना जगाई।

सुभद्रा जी की कोई चार रचनाओं के नाम और उनकी विधा लिखिए।

मुकुल और त्रिधारा उनके कविता-संग्रह हैं। बिखरे मोती और उन्मादिनी उनके कहानी-संग्रह हैं। कदंब का पेड़ उनका बाल साहित्य है।

बूढ़े भारत में नई जवानी आने का क्या अर्थ है?

लंबी ग़ुलामी से भारत थका और कमज़ोर हो गया था। 1857 में लोगों में फिर से जोश और साहस जागा। सबने खोई आज़ादी की क़ीमत समझी। यही नई जवानी है।

कविता की टेक कौन-सी है और उसकी क्या भूमिका है?

टेक बताती है कि यह कथा हरबोलों से सुनी गई है। साथ ही, झाँसी वाली रानी मर्दानी की तरह ख़ूब लड़ी। यह हर छंद के बाद लौटती है। इससे कविता गेय बनती है और रानी की वीरता बार-बार याद आती है।

हरबोले कौन थे? कविता में उनका उल्लेख क्यों महत्वपूर्ण है?

हरबोले बुंदेलखंड के लोकगायक हैं। उन्होंने रानी की वीरता गीतों में गाकर गाँव-गाँव पहुँचाई। उनके उल्लेख से पता चलता है कि रानी की कथा लोक-स्मृति में ज़िंदा रही।

लक्ष्मीबाई के बचपन की तीन विशेषताएँ लिखिए।

वे पिता की इकलौती संतान थीं और छबीली कहलाती थीं। वे नाना धुंधूपंत के साथ पढ़ती-खेलती थीं। बरछी, ढाल, कृपाण और कटारी उनकी सहेलियाँ थीं।

लक्ष्मीबाई के प्रिय खेल कौन-से थे? इनसे उनके बारे में क्या पता चलता है?

उनके प्रिय खेल थे नकली युद्ध, व्यूह-रचना, शिकार, सैन्य घेरना और किले तोड़ना। इनसे पता चलता है कि बचपन से ही उनकी रुचि युद्ध-कला में थी। वे निडर और साहसी थीं।

Long answer questions (3)

सुभद्रा कुमारी चौहान का साहित्यिक परिचय दीजिए।

सुभद्रा कुमारी चौहान का जन्म सन् 1904 में प्रयागराज में हुआ और वहीं उनकी आरंभिक शिक्षा हुई। वे लोकप्रिय कवयित्री होने के साथ स्वतंत्रता सेनानी भी थीं, और आंदोलन के कारण दो बार जेल गईं। उनकी रचनाओं में देशप्रेम, स्त्रियों से जुड़े विषय और स्वाधीनता के प्रति गहरी निष्ठा है। मुकुल और त्रिधारा उनके कविता-संग्रह हैं; बिखरे मोती, उन्मादिनी और सीधे-सादे चित्र कहानी-संग्रह हैं; सभा का खेल और कदंब का पेड़ बाल साहित्य है। मुकुल और बिखरे मोती के लिए उन्हें दो बार सेकसरिया पुरस्कार मिला। उनकी भाषा की सहजता ने उन्हें घर-घर पहुँचाया। सन् 1948 में अचानक उनका निधन हो गया।

कविता के पहले छंद के आधार पर 1857 के समय देश के वातावरण का वर्णन कीजिए।

पहले छंद में कवयित्री 1857 के समय का जोश भरा वातावरण दिखाती हैं। अंग्रेज़ों के अत्याचार से सिंहासन हिल उठे थे और राजघराने भी ग़ुस्से से भौंहें तान रहे थे। लंबी ग़ुलामी से थका भारत फिर जवान हो उठा था, यानी लोगों में नया साहस और नई चेतना जागी थी। सबने समझ लिया था कि खोई आज़ादी कितनी क़ीमती है। हर व्यक्ति ने मन में ठान लिया था कि अंग्रेज़ों को देश से हटाना है। इसी समय देश की पुरानी, सोई वीरता तलवार की तरह फिर चमक उठी। यह छंद पूरी कविता के जोश की नींव रखता है।

लक्ष्मीबाई के बचपन ने उनके आगे के जीवन को कैसे गढ़ा? कविता के आधार पर लिखिए।

लक्ष्मीबाई अपने पिता की इकलौती संतान थीं, इसलिए उन्हें बेटे-बेटी के भेद के बिना पाला गया। वे नाना धुंधूपंत के साथ पढ़ती और खेलती थीं, जिससे उनमें बराबरी और आत्मविश्वास आया। बरछी, ढाल, कृपाण और कटारी उनकी सहेलियाँ थीं, और नकली युद्ध, व्यूह-रचना, शिकार तथा किले तोड़ना उनके प्रिय खेल थे। ये खेल असली युद्ध की तैयारी जैसे थे। उन्हें शिवाजी की गाथाएँ ज़बानी याद थीं और भवानी उनकी आराध्य थीं, इसलिए बचपन से ही उनमें स्वराज का सपना पला। इसी बचपन ने आगे चलकर उन्हें झाँसी की रक्षा के लिए तलवार उठाने वाली निडर रानी बनाया।

Flashcards (17)

सुभद्रा कुमारी चौहान का जन्म कब और कहाँ हुआ?
सन् 1904 में, प्रयागराज में।
सुभद्रा जी को जेल क्यों जाना पड़ा?
स्वतंत्रता आंदोलन में भाग लेने के कारण।
उनके दो कविता-संग्रह?
मुकुल और त्रिधारा।
उनके तीन कहानी-संग्रह?
बिखरे मोती, उन्मादिनी, सीधे-सादे चित्र।
किन रचनाओं पर सेकसरिया पुरस्कार मिला?
मुकुल और बिखरे मोती।
सुभद्रा जी का निधन कब हुआ?
सन् 1948 में।
कविता किस संग्राम की पृष्ठभूमि पर है?
1857 के स्वतंत्रता संग्राम की।
भृकुटी तानना किस भाव का संकेत है?
ग़ुस्से या रोष का।
फ़िरंगी किसे कहा गया है?
अंग्रेज़ों को।
मन में ठानना का अर्थ?
पक्का निश्चय करना।
हरबोले कौन हैं?
बुंदेलखंड के लोकगायक।
छबीली किसकी मुँहबोली बहन थी?
कानपुर के नाना धुंधूपंत की।
छबीली का अर्थ?
सुंदर, सजीली, तेजस्वी।
लक्ष्मीबाई की हथियार-सहेलियाँ?
बरछी, ढाल, कृपाण, कटारी।
किस वीर की गाथाएँ उन्हें ज़बानी याद थीं?
वीर शिवाजी की।
व्यूह-रचना का अर्थ?
युद्ध में सेना को ख़ास ढंग से सजाना।
लक्ष्मीबाई की आराध्य देवी?
भवानी, महाराष्ट्र की कुलदेवी।

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  • शब्द और अर्थ
  • कविता या कहानी
  • सही या भ्रम
  • पहले तीन छंदों का क्रम
  • झटपट उत्तर

विवाह से विद्रोह तक: हड़प नीति और क्रांति की ज्वाला

झाँसी में विवाह और सौभाग्य के बाद राजा की मृत्यु होती है, और डलहौज़ी हड़प नीति से झाँसी छीन लेता है। कविता अंग्रेज़ों के छल, रियासतों के पतन और रानियों के अपमान को दिखाती है, फिर महलों से झोंपड़ियों तक फैली क्रांति और 1857 के वीरों को याद करती है।

What you will be able to do

  • लक्ष्मीबाई के विवाह, सौभाग्य और विधवा होने के प्रसंग को अपने शब्दों में लिख सकूँगा।
  • डलहौज़ी की हड़प नीति और लावारिस का वारिस बनने की बात को इतिहास से जोड़कर समझा सकूँगा।
  • अंग्रेज़ों द्वारा रियासतें छीनने और रानियों-बेगमों के अपमान का कविता में दिया चित्र बता सकूँगा।
  • महलों और झोंपड़ियों की एकता से फैली क्रांति का महत्व स्पष्ट कर सकूँगा।
  • 1857 के प्रमुख वीरों के नाम और कविता में उनके उल्लेख का उद्देश्य बता सकूँगा।

Key points

  • झाँसी में वीरता और वैभव की सगाई होती है; लक्ष्मीबाई रानी बनकर आती हैं, महल में बधाइयाँ बजती हैं और वे बुंदेलों की प्रशंसा-गीत जैसी लगती हैं।

  • यह मेल चित्रांगदा और अर्जुन, तथा शिव और भवानी के मिलन जैसा बताया गया है।

  • सौभाग्य उदित होता है, पर कालगति काली घटा ले आती है; राजा बिना संतान के मर जाते हैं और रानी विधवा होकर शोक में डूब जाती हैं।

  • झाँसी का दीप बुझते ही डलहौज़ी प्रसन्न होता है; वह फ़ौज भेजकर किले पर झंडा फहराता है और ब्रिटिश राज लावारिस का वारिस बनकर झाँसी आता है।

  • इतिहास में इसे डलहौज़ी की हड़प नीति कहा जाता है, जिसमें बिना स्वाभाविक उत्तराधिकारी वाले राज्य अंग्रेज़ अपने क़ब्ज़े में ले लेते थे और गोद लिए पुत्र को नहीं मानते थे।

  • जो अंग्रेज़ व्यापारी बनकर दया माँगने आए थे, वे राजाओं और नवाबों को ठुकराने लगे; रानी दासी बन गई और दासी, यानी ब्रिटिश सत्ता, महारानी।

  • दिल्ली, लखनऊ, बिठूर, नागपुर, सतारा, तंजौर, सिंध, पंजाब और ब्रह्मदेश, सब पर अंग्रेज़ों का वार हुआ; बंगाल और मद्रास की भी यही कहानी थी।

  • रानियों और बेगमों के गहने-कपड़े कलकत्ता के बाज़ार में नीलाम होते थे; झोंपड़ियों में पीड़ा थी, महलों में अपमान और सैनिकों में पुरखों का गर्व जाग रहा था।

  • नाना धुंधूपंत तैयारी करते हैं, छबीली रणचंडी का आह्वान करती हैं; महलों ने आग दी, झोंपड़ियों ने ज्वाला सुलगाई, और नाना, तात्या, अज़ीमुल्ला, अहमद शाह मौलवी, कुँवर सिंह जैसे वीर इस महायज्ञ में काम आए।

Full explanation

झाँसी में विवाह: वीरता और वैभव की सगाई

चौथे छंद में छबीली के जीवन का नया अध्याय शुरू होता है। कवयित्री कहती हैं कि झाँसी में वीरता की वैभव के साथ सगाई हुई। यानी एक वीर लड़की का विवाह एक समृद्ध राजघराने में हुआ। लक्ष्मीबाई का विवाह झाँसी के राजा गंगाधर राव से हुआ और वे रानी बनकर झाँसी आईं।

राजमहल में बधाइयाँ बजीं और चारों ओर ख़ुशियाँ छा गईं। कवयित्री कहती हैं कि रानी झाँसी में ऐसे आईं, जैसे बहादुर बुंदेलों की विरुदावलि, यानी उनकी प्रशंसा का गीत, ख़ुद चलकर आ गया हो। यह बताता है कि रानी के आने से झाँसी का गौरव और बढ़ गया।

इस मिलन के लिए कवयित्री दो सुंदर उदाहरण देती हैं। पहला है चित्रा और अर्जुन का। चित्रा, यानी चित्रांगदा, मणिपुर की वीर राजकुमारी थीं, जिनका विवाह महाभारत के योद्धा अर्जुन से हुआ था। दूसरा है शिव और भवानी का मिलन। दोनों उदाहरण बताते हैं कि यह विवाह दो बराबर, शक्तिशाली व्यक्तित्वों का मेल था।

सौभाग्य के बाद काली घटा

पाँचवें छंद में ख़ुशी के बाद दुख आता है। सौभाग्य उदित हुआ और महलों में उजाला छा गया। पर कालगति, यानी समय की चाल, चुपके-चुपके काली घटा घेर लाई। काली घटा यहाँ आने वाले संकट और दुख का प्रतीक है, जैसे साफ़ आसमान पर अचानक काले बादल छा जाएँ।

कवयित्री एक बहुत सुंदर बात कहती हैं: जिन हाथों में तीर चलाने की ताक़त थी, उन्हें चूड़ियाँ कब अच्छी लगती थीं। यानी रानी का मन घर-गृहस्थी के शृंगार से अधिक वीरता के कामों में लगता था। पर विधि, यानी विधाता, को दया नहीं आई और रानी विधवा हो गईं।

राजा बिना संतान के चल बसे और रानी शोक में डूब गईं। इतिहास बताता है कि रानी के एक पुत्र का बचपन में ही निधन हो गया था, और राजा ने मृत्यु से पहले एक बालक को गोद लिया था। पर अंग्रेज़ों ने उस गोद लिए पुत्र को वारिस मानने से इनकार कर दिया। यहीं से झाँसी पर असली संकट शुरू होता है।

झाँसी का दीप बुझा: डलहौज़ी की चाल

छठे छंद में कवयित्री कहती हैं कि झाँसी का दीप बुझ गया, यानी राजा का निधन हो गया। दीपक घर की रोशनी है; उसके बुझने से अँधेरा छा जाता है। इसी तरह राजा के जाने से झाँसी पर अँधेरा छा गया। पर इस अँधेरे में गवर्नर-जनरल डलहौज़ी मन ही मन ख़ुश हुआ।

उसने राज्य हड़पने का यह अच्छा मौक़ा देखा। तुरंत फ़ौजें भेजकर किले पर अपना झंडा फहरा दिया। कविता की सबसे तीखी पंक्तियों में से एक यहाँ आती है, जिसमें अंग्रेज़ी राज को लावारिस का वारिस बनकर झाँसी आता दिखाया गया है। इतिहास में इस नीति को हड़प नीति या व्यपगत का सिद्धांत कहा जाता है।

इस नीति के अनुसार अगर किसी राजा का कोई स्वाभाविक उत्तराधिकारी न हो, तो उसका राज्य अंग्रेज़ी राज में मिला लिया जाता था। गोद लिए पुत्र को राज्य का वारिस नहीं माना जाता था। झाँसी लावारिस नहीं थी, उसकी रानी ज़िंदा थी और एक गोद लिया पुत्र भी था। फिर भी अंग्रेज़ ख़ुद उसके वारिस बन बैठे। आँसुओं से भरी रानी ने देखा कि झाँसी बिरानी, यानी पराई, हो गई।

व्यापारी से शासक तक: फ़िरंगी की माया

सातवें छंद में कवयित्री अंग्रेज़ों की असलियत खोलती हैं। अनुनय-विनय, यानी प्रार्थना और विनती, का उन पर कोई असर नहीं होता था। फ़िरंगी की माया बहुत विकट थी, यानी उनकी चालें बहुत कठिन और धोखे भरी थीं।

जब यह ब्रिटिश राज पहली बार भारत आया था, तब व्यापारी बनकर दया माँगता था। ईस्ट इंडिया कंपनी ने मुग़ल बादशाहों और राजाओं से व्यापार की अनुमति गिड़गिड़ाकर ली थी। पर अब डलहौज़ी ने पैर पसार लिए, यानी अपना अधिकार चारों ओर फैला लिया। पूरी काया ही पलट गई: जो कभी दया माँगते थे, वे अब राजाओं और नवाबों को पैरों से ठुकराने लगे।

छंद के अंत में एक अद्भुत उलटफेर है: रानी दासी बन गई और दासी महारानी। यानी जो देश की असली मालकिन थी, वह अपने ही घर में पराई हो गई, और जो कभी सेवक बनकर आए थे, वे मालिक बन बैठे। इस पंक्ति में व्यंग्य भी है और गहरा दुख भी।

एक-एक कर टूटती रियासतें

आठवें छंद में कवयित्री बताती हैं कि यह केवल झाँसी की कहानी नहीं थी। दिल्ली की राजधानी छिन गई और लखनऊ बातों-बातों में ले लिया गया। पेशवा बिठूर में क़ैद जैसी हालत में था और नागपुर के साथ भी धोखा हुआ। बातों-बात का अर्थ है बिना किसी बड़ी लड़ाई के, केवल चालाकी और बहानों से।

उदयपुर, तंजौर, सतारा और कर्नाटक की तो कोई गिनती ही नहीं रही। सिंध, पंजाब और ब्रह्मदेश, यानी आज का म्यांमार, पर अभी-अभी वज्र-निपात हुआ था, यानी भारी आघात हुआ था। बंगाल और मद्रास की भी यही कहानी थी। यह छंद भारत का एक नक़्शा जैसा बनाता है, जिसमें हर कोने पर अंग्रेज़ों का क़ब्ज़ा फैलता दिखता है।

इस सूची से एक बड़ी बात समझ आती है। झाँसी पर जो बीती, वह अकेली घटना नहीं थी। पूरे देश में राजा, नवाब और प्रजा, सब एक जैसे अपमान और लूट के शिकार थे। इसी साझा दुख ने आगे चलकर साझा संघर्ष को जन्म दिया।

नीलाम होती इज़्ज़त

नौवें छंद में अपमान का सबसे दर्दनाक चित्र है। रानियाँ रनिवासों में रो रही थीं और बेगमें ग़म से बेहाल थीं। उनके गहने और कपड़े कलकत्ता के बाज़ार में बिक रहे थे। अंग्रेज़ों के अख़बार सरेआम नीलामी के विज्ञापन छापते थे, जैसे नागपुर के गहने ले लो या लखनऊ के नौलखा हार ले लो।

नौलखा हार यानी नौ लाख का बहुत क़ीमती हार। ये गहने केवल धन नहीं थे; वे राजघरानों की इज़्ज़त और पहचान थे। कवयित्री कहती हैं कि इस तरह परदे की इज़्ज़त परदेसी के हाथों बिक रही थी। परदे की इज़्ज़त का अर्थ है घर की स्त्रियों का मान-सम्मान, और परदेसी का अर्थ है विदेशी।

अपमान का यह चित्र इतना गहरा है कि पाठक के मन में भी ग़ुस्सा जागता है। कवयित्री यही चाहती हैं। वे दिखाती हैं कि 1857 का विद्रोह केवल राज्य वापस पाने की लड़ाई नहीं, बल्कि आत्मसम्मान बचाने की लड़ाई भी थी।

कुटिया की पीड़ा, महल का अपमान

दसवें छंद में कवयित्री समाज के हर हिस्से की हालत बताती हैं। कुटियों, यानी ग़रीबों की झोंपड़ियों, में भारी पीड़ा थी, और महलों में चोट खाया हुआ अपमान था। वीर सैनिकों के मन में अपने पुरखों का गर्व जाग रहा था। यानी सबके पास लड़ने का अपना-अपना कारण था।

नाना धुंधूपंत पेशवा सब तैयारी जुटा रहे थे। तभी बहन छबीली ने रणचंडी का आह्वान किया। रणचंडी युद्ध की देवी दुर्गा का उग्र रूप है, और आह्वान का अर्थ है बुलाना। यानी रानी ने खुलकर युद्ध का बिगुल बजा दिया।

कवयित्री इस संघर्ष को एक यज्ञ कहती हैं। यज्ञ एक पवित्र अनुष्ठान है, जिसमें आहुति दी जाती है। स्वतंत्रता का यह यज्ञ शुरू हो गया, जिसमें वीरों को अपनी सोई हुई ज्योति, यानी सोया हुआ साहस और आत्मसम्मान, फिर से जगाना था। ज्योति जगाना यहाँ एक सुंदर मुहावरा बन गया है।

महलों की आग, झोंपड़ी की ज्वाला

ग्यारहवें छंद की पहली पंक्ति कविता की सबसे प्रसिद्ध पंक्तियों में से एक है। महलों ने आग दी और झोंपड़ियों ने ज्वाला सुलगाई। यानी राजा-रानी और ग़रीब जनता, दोनों एक साथ अंग्रेज़ों के ख़िलाफ़ उठ खड़े हुए। यह समाज के हर वर्ग की एकता का चित्र है।

कवयित्री कहती हैं कि आज़ादी की यह चिनगारी अंतरतम से, यानी दिल की गहराई से, आई थी। यह किसी के कहने पर नहीं, लोगों के अपने मन से उपजी थी। झाँसी जागी, दिल्ली जागी, लखनऊ में लपटें छा गईं। मेरठ, कानपुर और पटना ने भारी धूम मचाई, और जबलपुर तथा कोल्हापुर में भी हलचल हुई।

इस एकता का स्वतंत्रता संग्राम में बहुत बड़ा महत्व है। जब केवल राजा लड़ते हैं, तो लड़ाई छोटी रहती है। पर जब किसान, मज़दूर और सैनिक भी जुड़ जाते हैं, तो वह जन-आंदोलन बन जाती है। 1857 ने भारत को सिखाया कि आज़ादी सबकी साझा लड़ाई से ही मिलेगी, और यही सीख आगे के आंदोलनों की नींव बनी।

स्वतंत्रता-महायज्ञ के वीर

बारहवें छंद में कवयित्री उन वीरों को याद करती हैं, जो इस स्वतंत्रता-महायज्ञ में काम आए, यानी शहीद हुए या जिन्होंने अपना सब कुछ दे दिया। नाना धुंधूपंत, तात्या टोपे, चतुर अज़ीमुल्ला ख़ाँ, अहमद शाह मौलवी और ठाकुर कुँवर सिंह के नाम इसमें आते हैं।

इन नामों की विविधता ध्यान देने लायक़ है। इनमें मराठा पेशवा भी हैं, उनके सलाहकार अज़ीमुल्ला भी, अवध के मौलवी भी और बिहार के बुज़ुर्ग ठाकुर कुँवर सिंह भी। हिंदू और मुसलमान, उत्तर और पूरब, सब एक साथ लड़े। कवयित्री कहती हैं कि भारत के इतिहास के आकाश में इनके नाम अमर रहेंगे।

छंद के अंत में एक कड़वी सच्चाई है। कवयित्री कहती हैं कि आज उनकी कुर्बानी को जुर्म कहा जाता है। याद रखिए, कविता अंग्रेज़ी राज के समय लिखी गई थी, जब शासक 1857 को केवल ग़दर, यानी उपद्रव, कहते थे। यह पंक्ति उस समय के अन्याय पर प्रहार है और पाठक से कहती है कि इन बलिदानों को सम्मान से याद रखो।

Concepts and terms

हड़प नीति

गवर्नर-जनरल डलहौज़ी की नीति, जिसमें बिना स्वाभाविक उत्तराधिकारी वाले राज्य अंग्रेज़ी राज में मिला लिए जाते थे और गोद लिया पुत्र नहीं माना जाता था।

लावारिस का वारिस

जिसका कोई वारिस न हो, उसका ख़ुद मालिक बन बैठना। कविता में यह अंग्रेज़ों पर कड़ा व्यंग्य है।

विरुदावलि

किसी वंश या वीर की प्रशंसा में गाया जाने वाला गीत। रानी झाँसी में बुंदेलों की ऐसी ही प्रशंसा-गाथा जैसी आईं।

वर्ग-एकता

समाज के अमीर-ग़रीब, राजा-प्रजा का एक लक्ष्य के लिए साथ आना। महलों की आग और झोंपड़ियों की ज्वाला इसी एकता का चित्र है।

व्यंग्य

सीधे न कहकर चुभते ढंग से सच्चाई दिखाना। व्यापारी बनकर दया माँगने वालों का राजाओं को ठुकराना कविता का तीखा व्यंग्य है।

सावधान

भ्रम और सच

मिलाकर देखो

Scenario:

कक्षा नौ में इतिहास और हिंदी के शिक्षक ने मिलकर एक साझा कक्षा ली। इतिहास के शिक्षक ने बोर्ड पर डलहौज़ी की हड़प नीति लिखी और बताया कि इससे सतारा, झाँसी और नागपुर अंग्रेज़ी राज में मिलाए गए। हिंदी की शिक्षिका ने उसी समय कविता की वह पंक्ति पढ़ी, जिसमें ब्रिटिश राज को लावारिस का वारिस कहा गया है। ज़ैनब ने पूछा कि जब राजा ने बेटा गोद लिया था, तो झाँसी लावारिस कैसे हुई? हर्ष ने जवाब दिया कि यही तो चाल थी, और इसी पर कवयित्री व्यंग्य कर रही हैं। अंत में दोनों शिक्षकों ने कहा कि इतिहास तथ्य देता है, पर कविता उन तथ्यों के पीछे का दर्द और ग़ुस्सा महसूस कराती है।

Activity:

अपने इतिहास के शिक्षक से 1857 के किसी एक वीर के बारे में जानकारी लेकर उसके जीवन पर छह वाक्य लिखिए।

Analysis:

एक ही विषय को दो विषयों से पढ़ने पर बच्चों ने समझा कि कविता की एक पंक्ति के पीछे पूरा इतिहास छिपा हो सकता है।

Did you know

हड़प नीति को इतिहास की किताबों में व्यपगत का सिद्धांत भी कहा जाता है। इसके तहत सतारा, झाँसी और नागपुर जैसे राज्य अंग्रेज़ी राज में मिला लिए गए।

कविता में आने वाली चित्रा महाभारत की चित्रांगदा हैं, मणिपुर की राजकुमारी, जो स्वयं भी युद्ध-कला में निपुण थीं। इसलिए उनका नाम रानी के लिए चुना गया।

बिहार के जगदीशपुर के बाबू कुँवर सिंह 1857 में लगभग अस्सी वर्ष की आयु में भी अंग्रेज़ों से लड़े थे। उम्र उनके साहस के आगे छोटी पड़ गई।

Memory tricks

हड़प की चाल: दीप बुझा, झंडा फहरा, वारिस बना — राजा की मृत्यु, फ़ौज से किले पर क़ब्ज़ा, और लावारिस का वारिस बनकर राज। तीन क़दम, एक धोखा।

1857 के पाँच नाम: ना-ता-अ-अ-कुँ — नाना धुंधूपंत, तात्या, अज़ीमुल्ला, अहमद शाह मौलवी, कुँवर सिंह। नाना ताता अजब अहमद कुँवर।

Practice MCQs with answers (25)

Q1 रानी को बुंदेलों की विरुदावलि-सी आई बताने का क्या अर्थ है? intermediate
  • A उनके आने से झाँसी का गौरव और बढ़ गया
  • B उनके आने से बुंदेले सब झाँसी छोड़कर चले गए
  • C वे झाँसी में केवल गीत गाने के लिए आई थीं
  • D उनके आने पर किसी ने कोई ख़ुशी नहीं मनाई
Show answer
Answer: उनके आने से झाँसी का गौरव और बढ़ गया
Why:

प्रशंसा-गीत।

Q2 विवाह की तुलना चित्रा-अर्जुन और शिव-भवानी से क्यों की गई है? advanced
  • A दोनों जोड़ों के विवाह में बहुत भारी झगड़ा हुआ था
  • B दोनों जोड़े किसी छोटे गाँव में रहते थे
  • C दोनों जोड़ों में बराबर शक्ति और वीरता का मेल था
  • D दोनों जोड़ों ने युद्ध से हमेशा दूरी रखी
Show answer
Answer: दोनों जोड़ों में बराबर शक्ति और वीरता का मेल था
Why:

शक्ति का मिलन।

Q3 उदित हुआ सौभाग्य के बाद काली घटा का आना किस बात की ओर इशारा करता है? intermediate
  • A बरसात के मौसम में होने वाली अच्छी फसल की ओर
  • B राजमहल में होने वाले किसी नए उत्सव की ओर
  • C रानी के मायके से आए किसी संदेश की ओर
  • D सुख के दिनों के बाद अचानक आए संकट की ओर
Show answer
Answer: सुख के दिनों के बाद अचानक आए संकट की ओर
Why:

कालगति।

Q4 तीर चलाने वाले हाथों को चूड़ियाँ न भाने से रानी के स्वभाव का कौन-सा पक्ष उभरता है? intermediate
  • A गहनों और कपड़ों में सबसे अधिक रुचि
  • B शृंगार से अधिक वीरता के कामों में रुचि
  • C राजकाज से पूरी तरह दूर रहने की इच्छा
  • D किसी भी तरह के काम से बचने की आदत
Show answer
Answer: शृंगार से अधिक वीरता के कामों में रुचि
Why:

वीर मन।

Q5 रानी विधवा हुई हाय! वाली पंक्ति में विधि शब्द से किसका अर्थ लिया गया है? intermediate
  • A विधाता
  • B क़ानून
  • C तरीक़ा
  • D नियम
Show answer
Answer: विधाता
Why:

अनेकार्थी शब्द।

Q6 राजा के बिना संतान मरने की बात झाँसी के संकट से कैसे जुड़ती है? advanced
  • A प्रजा ने ख़ुद राज्य अंग्रेज़ों को उपहार में दे दिया
  • B रानी ने तुरंत राज्य छोड़कर किसी तीर्थ पर जाने का निश्चय किया
  • C पड़ोसी राजा ने आकर झाँसी पर अपना दावा जताया
  • D अंग्रेज़ों ने इसे बहाना बनाकर राज्य को वारिस-विहीन बताया
Show answer
Answer: अंग्रेज़ों ने इसे बहाना बनाकर राज्य को वारिस-विहीन बताया
Why:

हड़प का बहाना।

Q7 राजा के निधन पर डलहौज़ी के मन में हरषाने से उसकी कौन-सी मानसिकता झलकती है? intermediate
  • A दुखी परिवार की मदद के लिए आगे आने की
  • B दूसरे के दुख में अपने लाभ का मौक़ा देखने की
  • C रानी से माफ़ी माँगकर दोस्ती करने की
  • D झाँसी को पूरी तरह आज़ाद छोड़ने की
Show answer
Answer: दूसरे के दुख में अपने लाभ का मौक़ा देखने की
Why:

मौक़ापरस्ती।

Q8 लावारिस का वारिस बनकर वाली पंक्ति में कौन-सा स्वर सबसे तीखा है? advanced
  • A अंग्रेज़ों की न्याय-भावना की प्रशंसा
  • B झाँसी की प्रजा की लापरवाही पर ग़ुस्सा
  • C अंग्रेज़ों की चालाकी पर तीखा व्यंग्य
  • D रानी के फ़ैसले पर हल्का-सा मज़ाक़
Show answer
Answer: अंग्रेज़ों की चालाकी पर तीखा व्यंग्य
Why:

व्यंग्य।

Q9 झाँसी को लावारिस बताना ग़लत क्यों था? advanced
  • A झाँसी में पहले से अंग्रेज़ों का राज चलता था
  • B रानी जीवित थीं और राजा ने पुत्र गोद लिया था
  • C झाँसी उस समय किसी दूसरे देश का हिस्सा मानी जाती थी
  • D झाँसी के लोग अंग्रेज़ों को ही अपना राजा मानते थे
Show answer
Answer: रानी जीवित थीं और राजा ने पुत्र गोद लिया था
Why:

असली वारिस।

Q10 अश्रुपूर्ण रानी ने देखा कि झाँसी बिरानी हो गई। बिरानी का अर्थ ______ है। beginner
  • A सुंदर
  • B सूनी
  • C पुरानी
  • D पराई
Show answer
Answer: पराई
Why:

अपनी नहीं रही।

Q11 अनुनय-विनय नहीं सुनता से अंग्रेज़ी शासन के बारे में क्या पता चलता है? intermediate
  • A उस पर विनती और प्रार्थना का कोई असर नहीं होता था
  • B वह हर शिकायत बहुत ध्यान से सुनकर तुरंत हल करता था
  • C वह भारतीय भाषाएँ बिल्कुल नहीं समझ पाता था
  • D वह केवल संगीत और गीत ही सुनना पसंद करता था
Show answer
Answer: उस पर विनती और प्रार्थना का कोई असर नहीं होता था
Why:

कठोर शासन।

Q12 व्यापारी बनकर दया माँगने वालों का राजाओं को ठुकराना कविता में क्या दिखाता है? intermediate
  • A अंग्रेज़ों का अपना व्यापार छोड़कर गाँवों में खेती करने लगना
  • B राजाओं का अंग्रेज़ों से व्यापार सीखने लगना
  • C अंग्रेज़ों का विनम्र व्यापारी से घमंडी शासक बन जाना
  • D नवाबों का अंग्रेज़ों को अपना गुरु मान लेना
Show answer
Answer: अंग्रेज़ों का विनम्र व्यापारी से घमंडी शासक बन जाना
Why:

काया पलटना।

Q13 बनी यह दासी अब महरानी, इस अंश में शब्दों का उलटफेर किस बदलाव को दिखाता है? advanced
  • A रानी ने अपनी इच्छा से महल की सारी दासियों को राज सौंपा
  • B झाँसी में दासियों ने मिलकर रानी के ख़िलाफ़ विद्रोह किया
  • C महल की एक दासी का विवाह किसी दूसरे राजा से हो गया
  • D असली मालकिन पराई हुई और विदेशी सत्ता मालिक बन बैठी
Show answer
Answer: असली मालकिन पराई हुई और विदेशी सत्ता मालिक बन बैठी
Why:

सत्ता का उलटना।

Q14 लिया लखनऊ बातों-बात में बातों-बात से क्या समझ आता है? intermediate
  • A बहुत लंबे और भयानक युद्ध के बाद
  • B लखनऊ के सब लोगों की ख़ुशी और पूरी सहमति से
  • C बिना बड़ी लड़ाई के, केवल चाल और बहानों से
  • D बहुत भारी रक़म देकर ख़रीदकर
Show answer
Answer: बिना बड़ी लड़ाई के, केवल चाल और बहानों से
Why:

चालाकी।

Q15 अंग्रेज़ों के क़ब्ज़े वाली जगहों की लंबी सूची देने के पीछे कवयित्री का उद्देश्य क्या है? advanced
  • A दिखाना कि झाँसी का दुख पूरे देश का साझा दुख था
  • B बच्चों को भारत के नगरों के नाम रटवाना
  • C अंग्रेज़ों की लंबी यात्राओं का बहुत रोचक वर्णन करना
  • D यह बताना कि झाँसी सबसे छोटा राज्य था
Show answer
Answer: दिखाना कि झाँसी का दुख पूरे देश का साझा दुख था
Why:

साझा पीड़ा।

Q16 सिंध, पंजाब, ब्रह्म पर हुए वज्र-निपात का अर्थ क्या है? beginner
  • A मूसलाधार वर्षा
  • B भारी आघात
  • C अच्छी फसल
  • D बड़ा मेला
Show answer
Answer: भारी आघात
Why:

वज्र गिरना।

Q17 रानियों के गहनों की नीलामी के विज्ञापन अख़बारों में छपने से क्या पता चलता है? intermediate
  • A अंग्रेज़ राजघरानों का अपमान खुलेआम कर रहे थे
  • B रानियाँ ख़ुद अपने गहने बेचकर व्यापार कर रही थीं
  • C अख़बार रानियों की सुंदरता की प्रशंसा कर रहे थे
  • D गहनों से मिला पैसा ग़रीबों में बाँटा जा रहा था
Show answer
Answer: अंग्रेज़ राजघरानों का अपमान खुलेआम कर रहे थे
Why:

सरेआम नीलाम।

Q18 परदे की इज़्ज़त का परदेसी के हाथ बिकना किस भाव को सबसे गहरा करता है? advanced
  • A व्यापार से हुआ बड़ा लाभ
  • B विदेशी कला की प्रशंसा
  • C आत्मसम्मान पर लगी चोट
  • D नए गहनों की ख़रीदारी
Show answer
Answer: आत्मसम्मान पर लगी चोट
Why:

मान-सम्मान।

Q19 कुटियों में विषम वेदना, महलों में आहत अपमान से समाज की कौन-सी स्थिति दिखती है? intermediate
  • A केवल ग़रीब दुखी थे, राजा बहुत ख़ुश थे
  • B अमीर-ग़रीब, सब अपने-अपने ढंग से दुखी थे
  • C केवल राजा दुखी थे, ग़रीब बहुत ख़ुश थे
  • D कोई भी दुखी नहीं था, सब संतुष्ट थे
Show answer
Answer: अमीर-ग़रीब, सब अपने-अपने ढंग से दुखी थे
Why:

सबका दुख।

Q20 छबीली ने रणचंडी का आह्वान किया। इसका अर्थ क्या है? intermediate
  • A उन्होंने युद्ध रोकने के लिए समझौता किया
  • B उन्होंने देवी के मंदिर में मेला लगवाया
  • C उन्होंने राज्य छोड़कर वनवास चुना
  • D उन्होंने खुलकर युद्ध के लिए पुकार लगाई
Show answer
Answer: उन्होंने खुलकर युद्ध के लिए पुकार लगाई
Why:

युद्ध का बिगुल।

Q21 संघर्ष को यज्ञ कहने से उसकी कौन-सी विशेषता उभरती है? advanced
  • A वह पवित्र था और उसमें बलिदान की आहुति दी जानी थी
  • B वह केवल एक दिन का छोटा-सा धार्मिक मेला भर था
  • C उसमें केवल पंडितों और पुजारियों ने भाग लिया
  • D उसका देश की आज़ादी से कोई लेना-देना नहीं था
Show answer
Answer: वह पवित्र था और उसमें बलिदान की आहुति दी जानी थी
Why:

महायज्ञ।

Q22 महलों ने दी आग, झोंपड़ी ने ज्वाला सुलगाई का स्वतंत्रता संग्राम में क्या महत्व है? advanced
  • A राजाओं ने ग़रीबों के घर जलाकर उन्हें गाँव से भगा दिया
  • B झोंपड़ियों में खाना पकाने के लिए आग जलाई गई
  • C महलों में दीवाली का बड़ा उत्सव मनाया गया
  • D राजा और जनता के साथ आने से लड़ाई जन-आंदोलन बन गई
Show answer
Answer: राजा और जनता के साथ आने से लड़ाई जन-आंदोलन बन गई
Why:

वर्ग-एकता।

Q23 इनमें से कौन-सा नाम कविता के स्वतंत्रता-महायज्ञ वाले वीरों में नहीं है? intermediate
  • A तात्या
  • B भगत सिंह
  • C कुँवर सिंह
  • D अज़ीमुल्ला
Show answer
Answer: भगत सिंह
Why:

भगत सिंह बाद के समय के हैं।

Q24 अभिकथन: कविता कहती है कि वीरों की कुर्बानी आज जुर्म कहलाती है। कारण: कविता अंग्रेज़ी राज के समय लिखी गई थी, जब शासक 1857 को केवल उपद्रव कहते थे। advanced
  • A दोनों सही हैं; कारण अभिकथन को नहीं समझाता
  • B अभिकथन सही है; परंतु उसका कारण ग़लत है
  • C दोनों सही हैं; कारण अभिकथन को समझाता है
  • D अभिकथन ग़लत है; परंतु उसका कारण सही है
Show answer
Answer: दोनों सही हैं; कारण अभिकथन को समझाता है
Why:

लेखन का समय।

Q25 नीचे दिए कथनों को पढ़िए। I. डलहौज़ी ने फ़ौज भेजकर झाँसी के किले पर झंडा फहराया। II. कविता के अनुसार अंग्रेज़ भारत में पहले से राजा बनकर आए थे। III. रानियों-बेगमों के गहने कलकत्ता के बाज़ार में बिकते थे। कौन-से कथन सही हैं? intermediate
  • A केवल I और III
  • B केवल I और II
  • C केवल II और III
  • D I, II और III तीनों
Show answer
Answer: केवल I और III
Why:

वे व्यापारी बनकर आए थे।

Important short questions (7)

झाँसी में रानी के आगमन का वर्णन कवयित्री ने कैसे किया है?

झाँसी में वीरता की वैभव से सगाई हुई। लक्ष्मीबाई रानी बनकर आईं। महल में बधाइयाँ बजीं और ख़ुशियाँ छा गईं। वे बुंदेलों की प्रशंसा-गाथा जैसी लगीं।

कालगति चुपके-चुपके काली घटा घेर लाई से किस घटना का संकेत है?

यह राजा गंगाधर राव की मृत्यु का संकेत है। सौभाग्य के दिनों के बाद अचानक दुख आया। राजा बिना संतान के चल बसे और रानी विधवा हो गईं। यहीं से झाँसी पर संकट शुरू हुआ।

डलहौज़ी की हड़प नीति को कविता के आधार पर समझाइए।

हड़प नीति में बिना स्वाभाविक वारिस वाले राज्य अंग्रेज़ी राज में मिला लिए जाते थे। गोद लिए पुत्र को नहीं माना जाता था। राजा की मृत्यु पर डलहौज़ी ने यही किया। वह लावारिस का वारिस बनकर झाँसी आया।

व्यापारी बन दया चाहता था वाले अंश में कैसा व्यंग्य है?

अंग्रेज़ पहले व्यापारी बनकर व्यापार की अनुमति माँगने आए थे। बाद में वही राजाओं और नवाबों को ठुकराने लगे। दया माँगने वालों का मालिक बन बैठना ही इसका व्यंग्य है।

रानियों और बेगमों के गहनों की नीलामी से कवयित्री क्या दिखाना चाहती हैं?

वे अंग्रेज़ों द्वारा राजघरानों के खुले अपमान को दिखाना चाहती हैं। गहने केवल धन नहीं, सम्मान थे। अख़बारों में नीलामी छपना उनकी इज़्ज़त को बाज़ार में बेचने जैसा था।

महलों ने दी आग, झोंपड़ी ने ज्वाला सुलगाई का भाव स्पष्ट कीजिए।

इसका भाव है कि राजा और आम जनता, दोनों ने मिलकर विद्रोह किया। अमीर-ग़रीब का भेद मिट गया। इसी एकता से 1857 का संग्राम एक जन-आंदोलन बन गया।

कविता में स्वतंत्रता-महायज्ञ के किन वीरों का उल्लेख है?

कविता में नाना धुंधूपंत और तात्या का उल्लेख है। चतुर अज़ीमुल्ला और अहमद शाह मौलवी भी हैं। ठाकुर कुँवर सिंह का नाम भी आता है। ये सब अलग क्षेत्रों और धर्मों से थे, पर साथ लड़े।

Long answer questions (3)

हड़प नीति क्या थी? कविता के आधार पर बताइए कि झाँसी इस नीति का शिकार कैसे बनी।

हड़प नीति गवर्नर-जनरल डलहौज़ी की नीति थी। इसके अनुसार जिस राजा का कोई स्वाभाविक उत्तराधिकारी न हो, उसका राज्य अंग्रेज़ी राज में मिला लिया जाता था, और गोद लिए पुत्र को वारिस नहीं माना जाता था। झाँसी के राजा गंगाधर राव बिना संतान के चल बसे और रानी विधवा हो गईं। कविता कहती है कि झाँसी का दीप बुझते ही डलहौज़ी ख़ुश हुआ और उसे राज्य हड़पने का मौक़ा मिल गया। उसने तुरंत फ़ौजें भेजकर किले पर झंडा फहरा दिया। इस तरह ब्रिटिश राज लावारिस का वारिस बनकर झाँसी में आ बैठा। आँसुओं से भरी रानी ने अपनी झाँसी को पराई होते देखा।

कविता के आधार पर अंग्रेज़ों के अत्याचारों का वर्णन कीजिए।

कविता बताती है कि अंग्रेज़ पहले व्यापारी बनकर दया माँगते आए थे, पर बाद में राजाओं और नवाबों को ठुकराने लगे। उन पर किसी विनती का असर नहीं होता था। हड़प नीति से उन्होंने झाँसी छीनी और दिल्ली, लखनऊ, नागपुर, सतारा, तंजौर, सिंध, पंजाब तथा ब्रह्मदेश तक अपना क़ब्ज़ा फैलाया। पेशवा बिठूर में क़ैद जैसा था। रानियों और बेगमों के गहने-कपड़े कलकत्ता के बाज़ार में नीलाम होते थे और अख़बार उसके विज्ञापन छापते थे। झोंपड़ियों में पीड़ा थी और महलों में अपमान। इन अत्याचारों ने लोगों के मन में ग़ुस्सा भरा और 1857 का विद्रोह भड़क उठा।

1857 के संग्राम में समाज के विभिन्न वर्गों की एकता का क्या महत्व था? कविता की पंक्तियों के आधार पर लिखिए।

कविता में कहा गया है कि महलों ने आग दी और झोंपड़ियों ने ज्वाला सुलगाई। यानी राजा-रानी और ग़रीब जनता, दोनों अंग्रेज़ों के ख़िलाफ़ एक साथ उठे। कुटियों में पीड़ा थी, महलों में अपमान और सैनिकों में पुरखों का गर्व; सबके पास लड़ने का कारण था, और सबने साथ मिलकर लड़ने का फ़ैसला किया। इसी एकता के कारण विद्रोह झाँसी, दिल्ली, लखनऊ, मेरठ, कानपुर और पटना तक फैल गया। नाना, तात्या, अज़ीमुल्ला, मौलवी और कुँवर सिंह जैसे अलग-अलग क्षेत्रों और धर्मों के वीर साथ आए। इसका महत्व यह है कि संग्राम केवल राजाओं की लड़ाई न रहकर जन-आंदोलन बन गया, और आगे के स्वतंत्रता आंदोलनों के लिए यही सीख नींव बनी।

Flashcards (17)

लक्ष्मीबाई का विवाह किससे हुआ?
झाँसी के राजा गंगाधर राव से।
वीरता की वैभव से सगाई का अर्थ?
वीर लड़की का समृद्ध राजघराने में विवाह।
विरुदावलि का अर्थ?
वीरों की प्रशंसा का गीत।
चित्रा कौन थीं?
मणिपुर की वीर राजकुमारी चित्रांगदा, अर्जुन की पत्नी।
काली घटा किसका प्रतीक है?
आने वाले संकट और दुख का।
रानी विधवा क्यों हुईं?
राजा गंगाधर राव का निधन हो गया।
झाँसी का दीप बुझने का अर्थ?
राजा का निधन।
झाँसी हड़पने वाला गवर्नर-जनरल?
डलहौज़ी।
हड़प नीति क्या थी?
बिना स्वाभाविक वारिस वाले राज्य अंग्रेज़ी राज में मिलाना।
बिरानी का अर्थ?
पराई।
अंग्रेज़ पहले भारत में किस रूप में आए थे?
व्यापारी बनकर।
पैर पसारना मुहावरे का अर्थ?
अधिकार या प्रभाव फैलाना।
ब्रह्म किस देश के लिए आया है?
ब्रह्मदेश, यानी आज का म्यांमार।
रानियों के गहने कहाँ नीलाम होते थे?
कलकत्ता के बाज़ार में।
रणचंडी का आह्वान किसने किया?
छबीली, यानी लक्ष्मीबाई ने।
महलों ने आग, झोंपड़ी ने ज्वाला का भाव?
राजा और जनता की एकता।
महायज्ञ के दो वीर?
तात्या टोपे और कुँवर सिंह (नाना, अज़ीमुल्ला, मौलवी भी)।

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  • शब्द और अर्थ
  • अंग्रेज़ों की चाल या जनता का जवाब
  • सही या भ्रम
  • विवाह से विद्रोह तक
  • झटपट उत्तर

अंतिम युद्ध, अमर बलिदान और कविता का सौंदर्य

झाँसी के मैदान से कालपी और ग्वालियर तक रानी लड़ती हैं, पर नाले के पास घिरकर वीरगति पाती हैं। कविता उन्हें अवतारी बताकर श्रद्धांजलि देती है। साथ में कथात्मकता, वीर रस, मुहावरे, अनेकार्थी शब्द, झलकारी बाई और हरबोलों की परंपरा भी है।

What you will be able to do

  • झाँसी, कालपी, ग्वालियर और अंतिम युद्ध की घटनाएँ क्रम से बता सकूँगा।
  • रानी की वीरगति और कविता की श्रद्धांजलि वाली पंक्तियों का भाव समझा सकूँगा।
  • कविता की कथात्मकता, वीर रस, ओज और टेक जैसी विशेषताएँ उदाहरण सहित लिख सकूँगा।
  • कविता के मुहावरों और अनेकार्थी शब्दों का संदर्भ के अनुसार अर्थ बता सकूँगा।
  • झलकारी बाई और काना-मंदरा जैसी वीरांगनाओं के योगदान को कविता से जोड़ सकूँगा।

Key points

  • झाँसी के मैदान में लेफ़्टिनेंट वॉकर आगे बढ़ा; रानी ने तलवार खींची, आमने-सामने के युद्ध में वॉकर घायल होकर भागा।

  • रानी लगातार सौ मील चलकर कालपी पहुँचीं; थका घोड़ा गिरकर मर गया; यमुना-तट पर अंग्रेज़ फिर हारे और रानी ने ग्वालियर पर अधिकार किया।

  • अंग्रेज़ों के मित्र सिंधिया ग्वालियर छोड़कर चले गए; जनरल स्मिथ को रानी के सामने हार माननी पड़ी।

  • काना और मंदरा नाम की सखियों ने रानी के साथ भारी लड़ाई लड़ी; पर पीछे से ह्यू रोज़ आ गया और रानी घिर गईं।

  • सेना को चीरकर निकलते हुए सामने नाला आया, नया घोड़ा अड़ गया, शत्रु के सवार आ गए; अकेली रानी पर वार पर वार हुए और वह सिंहनी घायल होकर वीरगति को प्राप्त हुई।

  • चिता उनकी दिव्य सवारी बनी, तेज में तेज मिल गया; उनकी उम्र केवल तेईस वर्ष थी, इसलिए कवयित्री उन्हें मनुष्य नहीं, अवतारी कहती हैं।

  • अंतिम छंद में कृतज्ञ भारतवासी रानी को याद रखने का वचन देते हैं; इतिहास चुप रहे या झाँसी मिटा दी जाए, रानी ख़ुद अपना स्मारक और अमिट निशानी हैं।

  • कविता कथात्मक, गेय और ओज से भरी है; इसमें वीर रस, टेक का दोहराव, मुँह की खाना, पैर पसारना, धूम मचाना जैसे मुहावरे और तीर, विधि, द्वंद्व, तेज जैसे अनेकार्थी शब्द हैं।

  • झलकारी बाई रानी की सेना के दुर्गा दल की वीरांगना थीं, जिन्होंने रानी का वेश धरकर अंग्रेज़ों को भ्रम में डाला और रानी को किले से निकलने का समय दिया।

Full explanation

झाँसी के मैदान में: वॉकर से द्वंद्व

तेरहवें छंद में कवयित्री कहती हैं कि अब बाक़ी वीरों की गाथा छोड़कर हम झाँसी के मैदानों में चलें। वहाँ लक्ष्मीबाई मर्दानों के बीच मर्द बनकर खड़ी हैं, यानी वीर योद्धाओं के बीच सबसे बड़ी योद्धा बनकर। यह पंक्ति बताती है कि युद्ध के मैदान में रानी किसी से पीछे नहीं थीं।

लेफ़्टिनेंट वॉकर अपनी सेना के साथ आगे बढ़ा। रानी ने तलवार खींच ली और दोनों के बीच द्वंद्व, यानी आमने-सामने का युद्ध, हुआ। कवयित्री कहती हैं कि यह द्वंद्व असमानों में हुआ, यानी बराबरी का नहीं था; एक ओर अकेली रानी, दूसरी ओर अंग्रेज़ी सेना का अफ़सर।

फिर भी परिणाम चौंकाने वाला था। वॉकर घायल होकर भाग खड़ा हुआ और उसे बहुत हैरानी हुई। उसने शायद सोचा भी नहीं था कि एक स्त्री उसे इस तरह हरा देगी। यह प्रसंग रानी के युद्ध-कौशल और साहस का पहला बड़ा प्रमाण है।

कालपी और ग्वालियर: लगातार संघर्ष

चौदहवें छंद में रानी की लंबी यात्रा है। वे लगातार सौ मील पार करके कालपी पहुँचीं। रास्ते में उनका घोड़ा थककर ज़मीन पर गिरा और तुरंत मर गया। यह पंक्ति युद्ध की कठिनाई और रानी के अटूट हौसले, दोनों को एक साथ दिखाती है। घोड़ा थक सकता था, रानी नहीं थकीं।

यमुना के किनारे अंग्रेज़ों को एक बार फिर रानी से हार खानी पड़ी। विजयी रानी आगे बढ़ीं और उन्होंने ग्वालियर पर अधिकार कर लिया। ग्वालियर के राजा सिंधिया अंग्रेज़ों के मित्र थे, और रानी के आते ही वे अपनी राजधानी छोड़कर चले गए।

यहाँ कवयित्री एक बात साफ़ करती हैं। उस समय कुछ राजा अंग्रेज़ों के साथ थे, और कुछ उनके ख़िलाफ़। सिंधिया का भागना बताता है कि अंग्रेज़ों का साथ देने वाले भी रानी के साहस के आगे टिक नहीं पाए। यह पंक्ति रानी की वीरता के साथ उस समय की राजनीति की झलक भी देती है।

स्मिथ की हार, ह्यू रोज़ की घेराबंदी

पंद्रहवें छंद में विजय के बाद फिर संकट आता है। अंग्रेज़ों की सेना फिर से घिर आई। इस बार जनरल स्मिथ सामने था, पर उसे भी मुँह की खानी पड़ी। मुँह की खाना एक मुहावरा है, जिसका अर्थ है बुरी तरह हारना।

इस युद्ध में रानी की दो सखियाँ, काना और मंदरा, उनके साथ थीं। उन्होंने युद्ध-क्षेत्र में भारी मार मचाई, यानी शत्रुओं से ज़बरदस्त लड़ाई लड़ी। यह बताता है कि रानी के साथ लड़ने वाली केवल वे अकेली स्त्री नहीं थीं; उनकी सेना में और भी वीरांगनाएँ थीं।

पर तभी पीछे से ह्यू रोज़ आ गया। सर ह्यू रोज़ अंग्रेज़ी सेना का बड़ा सेनापति था, जिसने पहले झाँसी पर भी हमला किया था। आगे स्मिथ और पीछे ह्यू रोज़; अब रानी चारों ओर से घिर गई थीं। कवयित्री के हाय! शब्द में पाठक का डर और दुख, दोनों सुनाई देते हैं।

नाला, नया घोड़ा और अंतिम युद्ध

सोलहवें छंद में अंतिम युद्ध का वर्णन है। घिरी हुई रानी भी मार-काट करती हुई शत्रु-सेना के पार निकल गईं। पर सामने एक नाला आ गया, जो इस समय एक बहुत बड़ा संकट था। रानी का घोड़ा नया था, इसलिए वह नाले के आगे अड़ गया और कूदने को तैयार नहीं हुआ।

इतने में शत्रु के घुड़सवार आ पहुँचे। कवयित्री कहती हैं कि रानी एक थीं और शत्रु बहुत सारे; वार पर वार होने लगे। यह एक के विरुद्ध अनेक की लड़ाई थी, जिसमें रानी अंत तक डटी रहीं। उन्होंने न हथियार डाले, न पीछे हटीं।

अंत में वह सिंहनी घायल होकर गिर पड़ीं। रानी को सिंहनी कहना उनकी निडरता और शक्ति को दिखाता है। कवयित्री कहती हैं कि उन्हें वीरगति पानी थी, यानी रानी ने लड़ते-लड़ते प्राण दिए। इस छंद में पाठक का दिल भर आता है, पर साथ ही गर्व भी जागता है।

तेज से मिला तेज: अमर रानी

सत्रहवें छंद में रानी की मृत्यु को एक दिव्य घटना की तरह दिखाया गया है। रानी चली गईं और अब चिता उनकी दिव्य सवारी थी। मिला तेज से तेज, यानी रानी की आत्मा का तेज परम तेज में मिल गया। वे इस तेज की सच्ची अधिकारी थीं, क्योंकि उनका जीवन ही प्रकाश जैसा था।

कवयित्री याद दिलाती हैं कि उस समय रानी की उम्र कुल तेईस साल थी। इतनी छोटी उम्र में इतना बड़ा साहस देखकर कवयित्री कहती हैं कि वे मनुष्य नहीं, अवतारी थीं। अवतारी का अर्थ है ऐसा व्यक्ति, जिसमें दैवी गुण हों, जो किसी बड़े उद्देश्य के लिए धरती पर आया हो।

कवयित्री कहती हैं कि रानी स्वतंत्रता नारी बनकर हमें जीवित करने आई थीं, यानी ग़ुलामी में सोए देश को जगाने आई थीं। वे हमें रास्ता दिखा गईं और वह सीख सिखा गईं, जो हमें सीखनी थी। यह सीख है: अन्याय के आगे कभी मत झुको, और आज़ादी के लिए सब कुछ दे दो।

अंतिम छंद: तू ख़ुद अमिट निशानी

कविता का अंतिम छंद रानी से सीधी बातचीत है। कवयित्री कहती हैं: जाओ रानी, हम कृतज्ञ भारतवासी तुम्हें याद रखेंगे। तुम्हारा यह बलिदान अविनाशी, यानी कभी न मिटने वाली, स्वतंत्रता को जगाएगा। यहाँ कृतज्ञ का अर्थ है उपकार मानने वाले।

फिर कवयित्री चुनौती भरे स्वर में बोलती हैं। इतिहास चाहे चुप हो जाए और सच्चाई को चाहे फाँसी लगे। विजय चाहे घमंड में चूर हो और अंग्रेज़ चाहे गोलों से झाँसी को मिटा दें, फिर भी रानी को कोई नहीं मिटा सकता। यह अंग्रेज़ी राज के सामने एक साहसी घोषणा है।

छंद का अंत कहता है कि तुम्हारा स्मारक तुम ख़ुद होगी, तुम स्वयं अमिट निशानी हो। यानी रानी को याद रखने के लिए किसी पत्थर की मूर्ति की ज़रूरत नहीं; उनका नाम और उनका काम ही उनका स्मारक है। आज जब हम यह कविता पढ़ते हैं, तो कवयित्री की यह भविष्यवाणी सच साबित होती दिखती है।

कविता में कहानी: कथात्मकता और गेयता

यह कविता एक कथात्मक कविता है, यानी इसमें कहानी के सारे तत्व हैं। इसमें एक नायिका है, उसका बचपन, विवाह, संकट, संघर्ष, युद्ध और अंत है। घटनाएँ समय के क्रम से आगे बढ़ती हैं, ठीक वैसे, जैसे किसी कहानी में। इसीलिए इसकी पूरी कथा को एक समय-रेखा पर दिखाया जा सकता है।

कविता की दूसरी बड़ी विशेषता उसकी गेयता है। हर छंद की लय एक जैसी है और अंत में टेक लौटती है। यह शैली आल्हा जैसे लोक-वीर-गीतों की याद दिलाती है, जिन्हें बुंदेलखंड में ढोल की थाप पर गाया जाता है। इसीलिए यह कविता पढ़ने से ज़्यादा गाने और सुनने में असर करती है।

इस कविता में वीर रस प्रमुख है। वीर रस में उत्साह का भाव होता है, और युद्ध, साहस तथा बलिदान का वर्णन होता है। साथ ही कई जगह करुणा भी है, जैसे रानी के विधवा होने या वीरगति पाने में। ओज गुण के कारण कविता पढ़ने-सुनने वाले के मन में जोश भर देती है।

भाषा: सहज खड़ी बोली, मुहावरे और अनेकार्थी शब्द

कविता की भाषा सरल खड़ी बोली है, जिसमें बोलचाल के शब्द भी हैं और उर्दू-अंग्रेज़ी के शब्द भी, जैसे फ़िरंगी, बाज़ार, अख़बार, जनरल और लेफ़्टिनेंट। कविता में कानपूर, नागपूर और उदैपूर जैसे रूप भी हैं, जो लय बनाए रखने के लिए चुने गए हैं।

कविता में मुहावरों का सुंदर प्रयोग है। मन में ठानना यानी पक्का निश्चय करना। पैर पसारना यानी अधिकार फैलाना। पैरों ठुकराना यानी अपमान करके दूर करना। ज्योति जगाना यानी साहस जगाना। धूम मचाना यानी हलचल मचाना। मुँह की खाना यानी बुरी तरह हारना। इनसे भाषा जीवंत और असरदार बन गई है।

कई शब्द अनेकार्थी हैं, जिनका अर्थ संदर्भ से तय होता है। तीर का अर्थ बाण भी है और किनारा भी; कविता में यह बाण है। विधि का अर्थ विधाता भी है और तरीक़ा भी; यहाँ विधाता है। द्वंद्व का अर्थ युद्ध भी है, जोड़ा भी और दुविधा भी; यहाँ युद्ध है। तेज का अर्थ रोशनी, गति और धार है; यहाँ आत्मा की चमक है। और ना शब्द यहाँ नाना धुंधूपंत के लिए आया है।

झलकारी बाई और लोकगायकों की परंपरा

कविता में काना और मंदरा जैसी सखियों का नाम आता है। रानी की सेना में एक और वीरांगना थीं, झलकारी बाई। उनका जन्म झाँसी के पास भोजला गाँव में एक साधारण परिवार में हुआ। उन्होंने बचपन में ही घुड़सवारी और हथियार चलाना सीखा, और बाद में अपने पति पूरन कोरी से तीरंदाज़ी, कुश्ती और निशानेबाज़ी भी सीखी।

झलकारी बाई रानी की महिला सेना, दुर्गा दल, में शामिल हुईं। जब 1858 में ह्यू रोज़ ने झाँसी के किले को घेरा, तब झलकारी बाई ने रानी का वेश धारण किया और सेना की कमान सँभाली। उनकी शक्ल रानी से मिलती थी, इसलिए अंग्रेज़ भ्रम में पड़ गए, और इसी बीच रानी अपने बेटे के साथ किले से निकल सकीं।

झलकारी बाई की कथा भी बुंदेलखंड की लोक-स्मृति में ज़िंदा है, ठीक वैसे, जैसे हरबोलों ने रानी की कथा को ज़िंदा रखा। भारत के हर क्षेत्र में ऐसे लोकगायक हैं, जो वीरता और इतिहास के गीत गाते हैं। बहन जैसे शब्द भी हर भाषा में अलग हैं: पंजाबी में भैंण, मराठी में बहीण, बांग्ला में बोन और तमिल में अक्का। भाषाएँ अलग हैं, पर रिश्तों और वीरता की कहानियाँ सबकी साझी हैं।

Concepts and terms

वीर रस

काव्य का वह रस, जिसमें उत्साह स्थायी भाव होता है और युद्ध, साहस तथा बलिदान का वर्णन होता है। यह कविता वीर रस से भरी है।

मुहावरा

ऐसा वाक्यांश, जो अपने शब्दों के सीधे अर्थ से अलग एक ख़ास अर्थ दे। जैसे मुँह की खाना यानी बुरी तरह हारना।

अनेकार्थी शब्द

वह शब्द, जिसके एक से अधिक अर्थ हों और संदर्भ से सही अर्थ तय हो। जैसे तीर का अर्थ बाण भी है और किनारा भी।

वीरगति

युद्ध में लड़ते-लड़ते प्राण देना। रानी ने अंतिम साँस तक लड़कर वीरगति पाई।

स्मारक

किसी व्यक्ति या घटना की याद में बनाई गई चीज़। कवयित्री कहती हैं कि रानी स्वयं अपना स्मारक हैं।

सावधान

भ्रम और सच

करके देखो

Title:

रानी की समय-रेखा

Safety:

कैंची और गोंद सावधानी से इस्तेमाल कीजिए।

What You Notice:

समय-रेखा बनाने पर समझ आता है कि यह कविता सचमुच एक पूरी कहानी है, जिसका हर छंद एक घटना है।

Did you know

रानी लक्ष्मीबाई जून 1858 में ग्वालियर के पास कोटा की सराय में अंग्रेज़ों से लड़ते हुए शहीद हुईं। वहीं उनकी समाधि बनी है।

झलकारी बाई का जन्म झाँसी के पास भोजला गाँव में हुआ था। उनकी शक्ल रानी से इतनी मिलती थी कि उन्होंने रानी का वेश धरकर अंग्रेज़ों को लंबे समय तक भ्रम में रखा।

झाँसी की रानी के बलिदान को सम्मान देते हुए आज़ाद हिंद फ़ौज की महिला टुकड़ी का नाम रानी झाँसी रेजिमेंट रखा गया था।

Memory tricks

अंतिम यात्रा: वॉ-का-ग्वा-ना — वॉकर घायल, कालपी पहुँची, ग्वालियर जीता, नाले पर घिरी। वॉकर काँपा, ग्वाला नाचा।

Practice MCQs with answers (25)

Q1 लक्ष्मीबाई मर्द बनी मर्दानों में से युद्ध-भूमि में उनके बारे में क्या पता चलता है? intermediate
  • A वे पुरुषों के कपड़े पहनकर कहीं छिपी हुई बैठी थीं
  • B वे वीर योद्धाओं के बीच सबसे आगे बढ़कर लड़ रही थीं
  • C वे युद्ध छोड़कर सैनिकों को घर भेज रही थीं
  • D वे केवल दूर खड़ी होकर युद्ध देख रही थीं
Show answer
Answer: वे वीर योद्धाओं के बीच सबसे आगे बढ़कर लड़ रही थीं
Why:

मर्दानों में मर्द।

Q2 हुआ द्वंद्व असमानों में में द्वंद्व शब्द का अर्थ कविता के संदर्भ में क्या है? intermediate
  • A जोड़ा
  • B संशय
  • C खेल
  • D युद्ध
Show answer
Answer: युद्ध
Why:

अनेकार्थी शब्द।

Q3 घायल होकर भागते वॉकर को अजब हैरानी क्यों हुई होगी? intermediate
  • A उसे रास्ते में अचानक कोई पुराना दोस्त मिल गया था
  • B उसे लगा कि युद्ध तो पहले ही ख़त्म हो चुका है
  • C उसने सोचा नहीं था कि एक स्त्री उसे इस तरह हरा देगी
  • D उसे रानी की भाषा बिल्कुल भी समझ नहीं आई थी
Show answer
Answer: उसने सोचा नहीं था कि एक स्त्री उसे इस तरह हरा देगी
Why:

अपेक्षा के विरुद्ध।

Q4 सौ मील बिना रुके चलकर कालपी पहुँचने और घोड़े के मर जाने से क्या दिखता है? intermediate
  • A युद्ध की भारी कठिनाई और रानी का अटूट हौसला
  • B रानी को अपने घोड़ों से बिल्कुल भी प्रेम नहीं था
  • C कालपी झाँसी के बिल्कुल पास ही था
  • D घोड़ा बहुत बूढ़ा और बीमार था
Show answer
Answer: युद्ध की भारी कठिनाई और रानी का अटूट हौसला
Why:

हौसला।

Q5 ग्वालियर में सिंधिया का राजधानी छोड़ना उस समय की राजनीति के बारे में क्या बताता है? advanced
  • A उस समय सारे राजा मिलकर रानी के साथ ही लड़ रहे थे
  • B कुछ राजा अंग्रेज़ों के साथ थे, पर रानी के आगे न टिके
  • C सिंधिया रानी के सबसे बड़े सेनापति थे
  • D ग्वालियर में कोई राजा था ही नहीं
Show answer
Answer: कुछ राजा अंग्रेज़ों के साथ थे, पर रानी के आगे न टिके
Why:

अंग्रेज़ों के मित्र।

Q6 स्मिथ के बारे में कहे गए उसने मुँह की खाई में मुहावरे का अर्थ ______ है। beginner
  • A बुरी तरह हारना
  • B खाना खाना
  • C चुप रहना
  • D शर्म से मुँह छिपाना
Show answer
Answer: बुरी तरह हारना
Why:

हार।

Q7 काना और मंदरा के उल्लेख से रानी की सेना के बारे में क्या पता चलता है? intermediate
  • A उसमें केवल पुरुष सैनिक ही भरती किए जाते थे
  • B उसमें सखियाँ केवल खाना पकाने का काम करती थीं
  • C उसमें सारे सैनिक दूसरे देशों से आए थे
  • D उसमें दूसरी वीर स्त्रियाँ भी बराबरी से लड़ रही थीं
Show answer
Answer: उसमें दूसरी वीर स्त्रियाँ भी बराबरी से लड़ रही थीं
Why:

वीरांगनाएँ।

Q8 ह्यू रोज़ के पीछे से आ जाने पर रानी की स्थिति कैसी हो गई? beginner
  • A वे पूरी तरह सुरक्षित हो गईं
  • B वे तुरंत युद्ध जीत गईं
  • C वे दोनों ओर से घिर गईं
  • D वे ग्वालियर लौट गईं
Show answer
Answer: वे दोनों ओर से घिर गईं
Why:

घिरी अब रानी।

Q9 अंतिम युद्ध में नया घोड़ा अड़ जाना रानी के लिए संकट क्यों बना? advanced
  • A नाला पार न होने से शत्रु के सवार पास आ पहुँचे
  • B नया घोड़ा रानी को उठाकर सीधे शत्रु की छावनी में ले गया
  • C नए घोड़े ने रानी को ज़मीन पर पटककर भगा दिया
  • D नया घोड़ा नाले का पानी पीकर बीमार पड़ गया
Show answer
Answer: नाला पार न होने से शत्रु के सवार पास आ पहुँचे
Why:

नाले का संकट।

Q10 रानी एक, शत्रु बहुतेरे से अंतिम युद्ध की कौन-सी सच्चाई सामने आती है? intermediate
  • A उसमें दोनों ओर बिल्कुल बराबर सैनिक लड़ रहे थे
  • B उसमें केवल रानी की सेना के लोग थे
  • C उसमें कोई भी शत्रु मौजूद नहीं था
  • D वह एक के विरुद्ध अनेक की असमान लड़ाई थी
Show answer
Answer: वह एक के विरुद्ध अनेक की असमान लड़ाई थी
Why:

असमान युद्ध।

Q11 घायल होकर गिरी रानी को सिंहनी कहने से उनका कौन-सा गुण उभरता है? beginner
  • A कोमलता और डर
  • B निडरता और शक्ति
  • C चालाकी और लालच
  • D आलस्य और थकान
Show answer
Answer: निडरता और शक्ति
Why:

सिंहनी।

Q12 मिला तेज से तेज वाली पंक्ति रानी की मृत्यु को कैसा रूप देती है? advanced
  • A उनकी तलवार का अचानक तेज़ी से टूट जाना
  • B उनके घोड़े का बहुत तेज़ी से भागते जाना
  • C उनकी आत्मा का परम प्रकाश में मिल जाना
  • D उनके महल में आग का फैल जाना
Show answer
Answer: उनकी आत्मा का परम प्रकाश में मिल जाना
Why:

दिव्य मृत्यु।

Q13 कवयित्री ने रानी को अवतारी किस आधार पर कहा है? intermediate
  • A उन्होंने बहुत लंबी आयु पाकर कई ग्रंथ लिखे थे
  • B उन्होंने कभी कोई युद्ध नहीं लड़ा, केवल पूजा ही की
  • C वे बचपन से ही किसी मंदिर में रहती थीं
  • D तेईस वर्ष की उम्र में अद्भुत साहस और बलिदान
Show answer
Answer: तेईस वर्ष की उम्र में अद्भुत साहस और बलिदान
Why:

मनुज नहीं।

Q14 रानी को स्वतंत्रता नारी बनकर हमें जीवित करने आई कहने का आशय क्या है? intermediate
  • A रानी ग़ुलामी में सोए देश को जगाने आई थीं
  • B रानी बीमार लोगों का इलाज करने आई थीं
  • C रानी केवल झाँसी की सड़कों को सजाने आई थीं
  • D रानी अंग्रेज़ों से दोस्ती करने आई थीं
Show answer
Answer: रानी ग़ुलामी में सोए देश को जगाने आई थीं
Why:

जागरण।

Q15 जाओ रानी याद रखेंगे में भारतवासियों को कृतज्ञ क्यों कहा गया है? beginner
  • A वे रानी से बहुत नाराज़ और दुखी हैं
  • B वे रानी को पूरी तरह भूल जाना चाहते हैं
  • C वे रानी के बलिदान का उपकार मानते हैं
  • D वे रानी से डरकर दूर भाग रहे हैं
Show answer
Answer: वे रानी के बलिदान का उपकार मानते हैं
Why:

उपकार मानना।

Q16 होवे चुप इतिहास वाली पंक्ति में कवयित्री का स्वर कैसा है? advanced
  • A डरकर अंग्रेज़ों से माफ़ी माँगने वाला स्वर
  • B अन्याय भरी सत्ता को चुनौती देने वाला साहसी स्वर
  • C रानी की गलतियाँ एक-एक कर गिनाने वाला शिकायती स्वर
  • D इतिहास को पूरी तरह भूल जाने वाला स्वर
Show answer
Answer: अन्याय भरी सत्ता को चुनौती देने वाला साहसी स्वर
Why:

चुनौती।

Q17 तेरा स्मारक तू ही होगी का अर्थ क्या है? intermediate
  • A रानी ने अपने लिए ख़ुद एक बड़ा महल बनवाया था
  • B रानी की याद में कोई स्मारक कभी नहीं बनेगा
  • C रानी चाहती थीं कि उनकी मूर्ति हर गाँव में लगे
  • D रानी का नाम और काम ही उनकी सबसे बड़ी याद है
Show answer
Answer: रानी का नाम और काम ही उनकी सबसे बड़ी याद है
Why:

अमिट निशानी।

Q18 इस रचना को कहानी कहने वाली, यानी कथात्मक, कविता मानने का आधार क्या है? beginner
  • A इसमें केवल प्रकृति का वर्णन है और कोई भी घटना नहीं है
  • B इसमें हर पंक्ति किसी दूसरे कवि ने लिखी है
  • C इसमें बचपन से वीरगति तक की घटनाएँ क्रम से आती हैं
  • D इसमें घटनाएँ बिना किसी क्रम के बिखरी हुई हैं
Show answer
Answer: इसमें बचपन से वीरगति तक की घटनाएँ क्रम से आती हैं
Why:

कविता में कहानी।

Q19 कविता की शैली बुंदेलखंड के किस तरह के लोक-गीतों की याद दिलाती है? advanced
  • A आल्हा जैसे वीर-गीतों की
  • B लोरी जैसे कोमल गीतों की
  • C कजरी जैसे वर्षा-गीतों की
  • D भजन जैसे भक्ति-गीतों की
Show answer
Answer: आल्हा जैसे वीर-गीतों की
Why:

लोक-वीरगाथा।

Q20 कविता में प्रमुख रस कौन-सा है? beginner
  • A हास्य रस
  • B वीर रस
  • C शृंगार रस
  • D शांत रस
Show answer
Answer: वीर रस
Why:

उत्साह।

Q21 इनमें से कौन-सा मुहावरा कविता में साहस जगाने के अर्थ में आया है? intermediate
  • A मुँह की खाना
  • B पैर पसारना
  • C ज्योति जगाना
  • D पैरों ठुकराना
Show answer
Answer: ज्योति जगाना
Why:

सोई ज्योति।

Q22 तीर चलाने वाले कर में उसे चूड़ियाँ कब भाईं में तीर का अर्थ क्या है? intermediate
  • A बाण
  • B किनारा
  • C सीसा
  • D तराज़ू
Show answer
Answer: बाण
Why:

अनेकार्थी।

Q23 झलकारी बाई के योगदान के बारे में कौन-सा कथन सही है? intermediate
  • A उन्होंने अंग्रेज़ों को झाँसी का गुप्त रास्ता बताया
  • B उन्होंने रानी का वेश धरकर अंग्रेज़ों को भ्रम में डाला
  • C उन्होंने युद्ध से पहले ही झाँसी छोड़ दी थी
  • D उन्होंने केवल महल की रसोई सँभाली थी
Show answer
Answer: उन्होंने रानी का वेश धरकर अंग्रेज़ों को भ्रम में डाला
Why:

दुर्गा दल।

Q24 अभिकथन: कविता में ओज गुण है। कारण: कविता पढ़ने-सुनने वाले के मन में जोश, साहस और उत्साह भर देती है। advanced
  • A दोनों सही हैं; कारण अभिकथन को नहीं समझाता
  • B अभिकथन सही है; परंतु उसका कारण ग़लत है
  • C अभिकथन ग़लत है; परंतु उसका कारण सही है
  • D दोनों सही हैं; कारण अभिकथन को समझाता है
Show answer
Answer: दोनों सही हैं; कारण अभिकथन को समझाता है
Why:

ओज का अर्थ।

Q25 नीचे दिए कथनों को पढ़िए। I. ह्यू रोज़ के पीछे से आने पर रानी घिर गईं। II. रानी ने अंतिम युद्ध से पहले हथियार डाल दिए थे। III. वीरगति के समय रानी की उम्र तेईस वर्ष थी। कौन-से कथन सही हैं? intermediate
  • A केवल I और II
  • B केवल II और III
  • C केवल I और III
  • D I, II और III तीनों
Show answer
Answer: केवल I और III
Why:

रानी अंत तक लड़ीं।

Important short questions (7)

झाँसी के मैदान में रानी और वॉकर के युद्ध का वर्णन कीजिए।

लेफ़्टिनेंट वॉकर सेना के साथ आगे बढ़ा। रानी ने तलवार खींच ली और दोनों में आमने-सामने युद्ध हुआ। यह असमान युद्ध था, फिर भी वॉकर घायल होकर भागा। उसे भारी हैरानी हुई।

कालपी से ग्वालियर तक रानी की उपलब्धियाँ लिखिए।

रानी लगातार सौ मील चलकर कालपी पहुँचीं। यमुना-तट पर अंग्रेज़ों को फिर हराया। फिर ग्वालियर पर अधिकार किया। अंग्रेज़ों के मित्र सिंधिया राजधानी छोड़कर भाग गए।

रानी अंतिम युद्ध में किस संकट में फँस गईं?

आगे स्मिथ और पीछे ह्यू रोज़ की सेना थी। रानी सेना के पार निकलीं, तो सामने नाला आ गया। नया घोड़ा अड़ गया और शत्रु के सवार आ पहुँचे। अकेली रानी पर लगातार वार होने लगे।

रानी को अवतारी क्यों कहा गया है?

वीरगति के समय रानी की उम्र केवल तेईस वर्ष थी। इतनी छोटी उम्र में उन्होंने अद्भुत साहस दिखाया। उन्होंने देश के लिए प्राण दे दिए। ऐसे दैवी गुणों के कारण उन्हें अवतारी कहा गया।

तू खुद अमिट निशानी थी का भाव स्पष्ट कीजिए।

कवयित्री कहती हैं कि रानी को याद रखने के लिए किसी स्मारक की ज़रूरत नहीं। इतिहास चुप हो या झाँसी मिटा दी जाए, उनका नाम नहीं मिटेगा। उनका काम ही उनकी अमिट पहचान है।

कविता से कोई चार मुहावरे लिखकर उनके अर्थ बताइए।

मुँह की खाना यानी बुरी तरह हारना। पैर पसारना यानी अधिकार फैलाना। धूम मचाना यानी हलचल मचाना। मन में ठानना यानी पक्का निश्चय करना।

अनेकार्थी शब्द किसे कहते हैं? कविता से दो उदाहरण दीजिए।

जिस शब्द के एक से अधिक अर्थ हों, उसे अनेकार्थी शब्द कहते हैं। तीर का अर्थ बाण और किनारा है; कविता में बाण है। विधि का अर्थ विधाता और तरीक़ा है; कविता में विधाता है।

Long answer questions (3)

रानी लक्ष्मीबाई के अंतिम युद्ध और वीरगति का वर्णन कविता के आधार पर कीजिए।

ग्वालियर जीतने के बाद अंग्रेज़ों की सेना फिर घिर आई। जनरल स्मिथ सामने था, पर उसे भी मुँह की खानी पड़ी। काना और मंदरा ने रानी के साथ भारी लड़ाई लड़ी। तभी पीछे से ह्यू रोज़ आ गया और रानी घिर गईं। रानी फिर भी मार-काट करती हुई शत्रु-सेना के पार निकल गईं। पर सामने नाला आ गया और उनका नया घोड़ा अड़ गया। इतने में शत्रु के सवार आ पहुँचे; एक रानी पर अनेक शत्रु वार पर वार करने लगे। अंत में वह सिंहनी घायल होकर गिरीं और वीरगति को प्राप्त हुईं। चिता उनकी दिव्य सवारी बनी और उनका तेज परम तेज में मिल गया। तब उनकी उम्र केवल तेईस वर्ष थी।

झाँसी की रानी कविता के काव्य-सौंदर्य पर प्रकाश डालिए।

यह कविता कथात्मक है; इसमें रानी के बचपन, विवाह, संकट, युद्ध और वीरगति की कथा क्रम से आती है। कविता गेय है; हर छंद के अंत में टेक लौटती है, जो इसे आल्हा जैसे लोक-वीर-गीतों के निकट ले जाती है। इसमें वीर रस प्रमुख है और ओज गुण है, जो पाठक में जोश भरता है; कहीं-कहीं करुणा भी है। भाषा सहज खड़ी बोली है, जिसमें फ़िरंगी, बाज़ार और जनरल जैसे शब्द हैं। मुँह की खाना, पैर पसारना, धूम मचाना जैसे मुहावरे और तीर, विधि, द्वंद्व जैसे अनेकार्थी शब्द भाषा को जीवंत बनाते हैं। विरुदावलि-सी में उपमा, स्वतंत्रता-महायज्ञ और इतिहास-गगन में रूपक, और रानी दासी, दासी महरानी जैसे उलटफेर में व्यंग्य का सौंदर्य है।

रानी लक्ष्मीबाई और झलकारी बाई के जीवन से आज की लड़कियों और लड़कों को क्या प्रेरणा मिलती है?

रानी लक्ष्मीबाई ने बचपन से हथियार चलाना और युद्ध-कला सीखी। उन्होंने अन्याय के आगे झुकने के बजाय अंतिम साँस तक लड़ाई लड़ी। झलकारी बाई एक साधारण परिवार से थीं, फिर भी अपने साहस से दुर्गा दल की वीरांगना बनीं और रानी का वेश धरकर अंग्रेज़ों को भ्रम में डाला। इन दोनों से सबसे बड़ी प्रेरणा यह मिलती है कि साहस और प्रतिभा किसी एक लिंग या वर्ग की नहीं होती। लड़कियाँ हर क्षेत्र में आगे बढ़ सकती हैं, चाहे वह सेना हो, विज्ञान हो या खेल। लड़कों को यह सीख मिलती है कि वे लड़कियों को बराबर का साथी मानें। और सबको यह सीख मिलती है कि अपने देश, सम्मान और सच्चाई के लिए डटे रहना ही सच्ची वीरता है।

Flashcards (17)

झाँसी के मैदान में कौन-सा अंग्रेज़ अफ़सर आगे बढ़ा?
लेफ़्टिनेंट वॉकर।
वॉकर का क्या हुआ?
वह घायल होकर भाग गया।
रानी कितनी दूरी तय करके कालपी पहुँचीं?
लगातार सौ मील।
यमुना-तट पर क्या हुआ?
अंग्रेज़ों ने फिर रानी से हार खाई।
रानी ने किस नगर पर अधिकार किया?
ग्वालियर पर।
अंग्रेज़ों के मित्र कौन थे, जिन्होंने राजधानी छोड़ी?
सिंधिया।
किस जनरल ने मुँह की खाई?
जनरल स्मिथ।
रानी की दो सखियाँ?
काना और मंदरा।
पीछे से कौन आया, जिससे रानी घिर गईं?
ह्यू रोज़।
अंतिम युद्ध में कौन-सा संकट आया?
सामने नाला, और नया घोड़ा अड़ गया।
वीरगति के समय रानी की उम्र?
तेईस वर्ष।
अवतारी का अर्थ?
दैवी गुणों वाला, जो बड़े उद्देश्य से आए।
अमिट निशानी का भाव?
रानी स्वयं अपना स्मारक हैं, कभी न मिटने वाली।
कविता का प्रमुख रस?
वीर रस।
मुँह की खाना का अर्थ?
बुरी तरह हारना।
तीर शब्द के दो अर्थ?
बाण और नदी का किनारा।
झलकारी बाई ने अंग्रेज़ों को कैसे भ्रमित किया?
रानी का वेश धरकर सेना की कमान सँभालकर।

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  • मुहावरे और अर्थ
  • रानी के साथी या शत्रु पक्ष
  • सही या भ्रम
  • अंतिम युद्ध का क्रम
  • झटपट उत्तर

Class 9 Hindi Chapter 11 — frequently asked questions

सुभद्रा कुमारी चौहान को स्वतंत्रता सेनानी क्यों कहा जाता है?

सुभद्रा जी ने आज़ादी के आंदोलन में खुलकर भाग लिया। इस कारण उन्हें दो बार जेल जाना पड़ा। अपनी कविताओं से उन्होंने लोगों में देशप्रेम और राष्ट्रीय चेतना जगाई।

सुभद्रा जी की कोई चार रचनाओं के नाम और उनकी विधा लिखिए।

मुकुल और त्रिधारा उनके कविता-संग्रह हैं। बिखरे मोती और उन्मादिनी उनके कहानी-संग्रह हैं। कदंब का पेड़ उनका बाल साहित्य है।

बूढ़े भारत में नई जवानी आने का क्या अर्थ है?

लंबी ग़ुलामी से भारत थका और कमज़ोर हो गया था। 1857 में लोगों में फिर से जोश और साहस जागा। सबने खोई आज़ादी की क़ीमत समझी। यही नई जवानी है।

झाँसी में रानी के आगमन का वर्णन कवयित्री ने कैसे किया है?

झाँसी में वीरता की वैभव से सगाई हुई। लक्ष्मीबाई रानी बनकर आईं। महल में बधाइयाँ बजीं और ख़ुशियाँ छा गईं। वे बुंदेलों की प्रशंसा-गाथा जैसी लगीं।

कालगति चुपके-चुपके काली घटा घेर लाई से किस घटना का संकेत है?

यह राजा गंगाधर राव की मृत्यु का संकेत है। सौभाग्य के दिनों के बाद अचानक दुख आया। राजा बिना संतान के चल बसे और रानी विधवा हो गईं। यहीं से झाँसी पर संकट शुरू हुआ।

डलहौज़ी की हड़प नीति को कविता के आधार पर समझाइए।

हड़प नीति में बिना स्वाभाविक वारिस वाले राज्य अंग्रेज़ी राज में मिला लिए जाते थे। गोद लिए पुत्र को नहीं माना जाता था। राजा की मृत्यु पर डलहौज़ी ने यही किया। वह लावारिस का वारिस बनकर झाँसी आया।

झाँसी के मैदान में रानी और वॉकर के युद्ध का वर्णन कीजिए।

लेफ़्टिनेंट वॉकर सेना के साथ आगे बढ़ा। रानी ने तलवार खींच ली और दोनों में आमने-सामने युद्ध हुआ। यह असमान युद्ध था, फिर भी वॉकर घायल होकर भागा। उसे भारी हैरानी हुई।

कालपी से ग्वालियर तक रानी की उपलब्धियाँ लिखिए।

रानी लगातार सौ मील चलकर कालपी पहुँचीं। यमुना-तट पर अंग्रेज़ों को फिर हराया। फिर ग्वालियर पर अधिकार किया। अंग्रेज़ों के मित्र सिंधिया राजधानी छोड़कर भाग गए।

रानी अंतिम युद्ध में किस संकट में फँस गईं?

आगे स्मिथ और पीछे ह्यू रोज़ की सेना थी। रानी सेना के पार निकलीं, तो सामने नाला आ गया। नया घोड़ा अड़ गया और शत्रु के सवार आ पहुँचे। अकेली रानी पर लगातार वार होने लगे।

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