Class 9 Hindi Chapter 10: भारति, जय, विजयकरे!

भारति, जय, विजयकरे! is Chapter 10 of NCERT / CBSE Class 9 Hindi (Hindi medium). This page has the complete chapter notes across 2 topics, 50 practice MCQs with answers and explanations, 20 important short and long questions and 34 flashcards, all written to the NCERT / CBSE syllabus and free to read.
  • 2 topics
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  • Hindi

निराला और भारतमाता का चित्र

सूर्यकांत त्रिपाठी निराला छायावाद के प्रमुख कवि थे, जिन्होंने मुक्त छंद की राह खोली। इस गीत में वे भारत को एक देवी के रूप में देखते हैं: सागर उसके चरण धोता है, वन-लताएँ उसके वस्त्र हैं, गंगा उसका हार और हिमालय उसका मुकुट है।

What you will be able to do

  • निराला के जीवन, शिक्षा और प्रमुख रचनाओं का परिचय दे सकूँगा।
  • छायावाद और मुक्त छंद में निराला के योगदान को सरल शब्दों में बता सकूँगा।
  • कविता की हर पंक्ति का अर्थ अपने शब्दों में लिख सकूँगा।
  • कविता में भारत के भूगोल, कृषि और संस्कृति के संकेत पहचान सकूँगा।
  • भारत को देवी के रूप में चित्रित करने के पीछे कवि के देशप्रेम को समझा सकूँगा।

Key points

  • सूर्यकांत त्रिपाठी निराला का जन्म बंगाल के महिषादल में, सन् 1899 में, हुआ; वे मूल रूप से उत्तर प्रदेश के उन्नाव ज़िले के गढ़ाकोला के निवासी थे।

  • उनकी स्कूली पढ़ाई नौवीं तक महिषादल में हुई; संस्कृत, बांग्ला और अंग्रेज़ी उन्होंने ख़ुद पढ़कर सीखीं। उनका निधन सन् 1961 में हुआ।

  • उनकी प्रमुख काव्य-रचनाएँ परिमल, नए पत्ते, अनामिका, कुकुरमुत्ता और गीतिका हैं; उनका पूरा साहित्य निराला रचनावली के आठ खंडों में छपा है।

  • छायावादी कवियों में उन्होंने सबसे पहले मुक्त छंद का प्रयोग किया; उनकी कविता में विद्रोह, दर्शन, प्रेम, प्रकृति और दुखी लोगों के प्रति सहानुभूति है।

  • भारति, जय, विजयकरे! देशप्रेम का गीत है, जिसमें कवि भारत की विजय की कामना करते हैं और उसे देवी के रूप में सजाते हैं।

  • कनक-शस्य-कमलधरे संबोधन में सोने जैसी फसलें खेती और समृद्धि की, और कमल ज्ञान, सौंदर्य और संस्कृति की याद दिलाता है।

  • भारत के चरणों के पास लंका कमल जैसी है; गरजती लहरों वाला सागर उसके पवित्र चरण धोता है और मानो अनेक अर्थों वाली स्तुति गाता है।

  • पेड़, घास, वन और लताएँ उसके वस्त्र हैं, आँचल में फूल जड़े हैं, और चमकती बूँदों वाली गंगा की सफ़ेद धारा उसके गले का हार है।

  • बर्फ़ से ढका हिमालय उसका मुकुट है; उसके प्राण ओंकार हैं, दिशाएँ गूँजती हैं, और वह सौ मुखों और सौ स्वरों से मुखर है।

Full explanation

निराला: जीवन और शिक्षा

सूर्यकांत त्रिपाठी निराला हिंदी के उन कवियों में हैं, जिनका नाम आते ही एक साहसी और अलग राह चलने वाले रचनाकार का चित्र उभरता है। उनका जन्म बंगाल के महिषादल में, सन् 1899 में, हुआ। उनका परिवार मूल रूप से उत्तर प्रदेश के उन्नाव ज़िले के गढ़ाकोला गाँव का था। इसलिए उनके जीवन में बंगाल और अवध, दोनों की संस्कृति घुली हुई थी।

निराला की स्कूली पढ़ाई केवल नौवीं कक्षा तक महिषादल में हुई। पर पढ़ाई का उनका सफ़र यहीं नहीं रुका। उन्होंने अपनी लगन से, बिना किसी बड़े विद्यालय के, संस्कृत, बांग्ला और अंग्रेज़ी का ज्ञान अर्जित किया। अपने-आप पढ़कर सीखने को स्वाध्याय कहते हैं, और निराला इसका अच्छा उदाहरण हैं।

उनका जीवन बहुत संघर्ष भरा रहा। उन्होंने निजी दुख, ग़रीबी और कठिनाइयाँ झेलीं, फिर भी लिखना नहीं छोड़ा। सन् 1961 में उनका निधन हुआ। आज भी उन्हें हिंदी के सबसे मौलिक और साहसी कवियों में गिना जाता है।

निराला का साहित्य और मुक्त छंद

निराला ने कविता के साथ उपन्यास, कहानी, आलोचना और निबंध भी लिखे। उनकी प्रमुख काव्य-रचनाओं में परिमल, अनामिका, गीतिका, नए पत्ते और कुकुरमुत्ता गिनी जाती हैं। उनका पूरा साहित्य निराला रचनावली नाम से आठ खंडों में प्रकाशित हुआ है।

निराला छायावाद के चार बड़े कवियों में से एक हैं। छायावाद में कवि प्रकृति को जीवित मानकर उससे बात करते थे, कल्पना की ऊँची उड़ान भरते थे और मन की कोमल भावनाओं को शब्द देते थे। निराला ने इस धारा में एक नई बात जोड़ी। उन्होंने छायावादी कवियों में सबसे पहले मुक्त छंद में कविता लिखी, यानी ऐसी कविता जो मात्रा और तुक के कड़े बंधन से आज़ाद हो।

उनकी कविता का दायरा बहुत बड़ा है। उसमें दर्शन की गहराई है, विद्रोह और क्रांति की आग है, प्रेम की कोमलता है और प्रकृति का विराट रूप है। सबसे बड़ी बात यह है कि वे समाज में उपेक्षित और दुखी लोगों के प्रति गहरी सहानुभूति रखते थे। पत्थर तोड़ती मज़दूर स्त्री और भीख माँगते व्यक्ति पर लिखी उनकी कविताएँ इसी करुणा से जन्मी हैं।

कविता का परिचय: भारतमाता की वंदना

भारति, जय, विजयकरे! एक छोटा पर बहुत ओजस्वी गीत है। यह देशप्रेम से भरा है और भारतमाता की वंदना के रूप में लिखा गया है। यह गीत स्वतंत्रता से पहले लिखा गया था, जब देश अपनी आज़ादी के लिए संघर्ष कर रहा था। ऐसे समय में भारत को गौरव से भरी देवी के रूप में देखना लोगों के मन में आत्मविश्वास जगाने वाला था।

पूरी कविता में कवि भारत को एक जीवित, चेतन देवी की तरह देखते हैं। देश की नदियाँ, पहाड़, समुद्र, वन और फूल इस देवी के गहने और वस्त्र बन जाते हैं। इस तरह कविता पढ़ते हुए हम भारत का नक़्शा भी देखते हैं और उसकी संस्कृति की झलक भी पाते हैं।

कविता गाने के लिए रची गई है। इसकी पहली पंक्ति अंत में भी दोहराई गई है, जैसे किसी भजन या प्रार्थना की टेक दोहराई जाती है। इसके शब्द संस्कृत से लिए गए हैं, इसलिए इसे धीरे-धीरे, लय के साथ पढ़ने पर ही इसका पूरा सौंदर्य खुलता है।

पहली दो पंक्तियाँ: विजय और समृद्धि

कविता की शुरुआत भारत की जय-जयकार से होती है। भारति का अर्थ यहाँ भारतमाता है, पर यह शब्द विद्या की देवी सरस्वती का नाम भी है। कवि कहते हैं कि हे भारतमाता, तुम्हारी जय हो, तुम विजय प्राप्त करो। यानी कवि चाहते हैं कि भारत हर क्षेत्र में आगे बढ़े और संसार में सम्मान पाए।

दूसरी पंक्ति में कवि भारत को कनक-शस्य-कमलधरे कहकर पुकारते हैं। कनक का अर्थ है सोना और शस्य का अर्थ है फसल। कनक-शस्य यानी सोने जैसी चमकती फसलें। कमलधरे का अर्थ है कमल को धारण करने वाली। इस एक संबोधन में भारत का पूरा परिचय छिपा है।

सोने जैसी फसलें भारत की खेती की परंपरा और किसानों के श्रम की याद दिलाती हैं। पकी हुई गेहूँ और धान की बालियाँ धूप में सचमुच सोने जैसी चमकती हैं। कमल ज्ञान, पवित्रता और सौंदर्य का प्रतीक है और सरस्वती तथा लक्ष्मी, दोनों से जुड़ा है। इस तरह भारत धन-धान्य से भरा भी है और ज्ञान तथा संस्कृति से समृद्ध भी।

चरणों में लंका, चरण धोता सागर

अगली पंक्तियों में कवि भारतमाता के चरणों का चित्र बनाते हैं। वे कहते हैं कि भारत के पैरों के नीचे लंका ऐसी लगती है, जैसे कोई शतदल, यानी कमल, खिला हो। नक़्शे में भी भारत के दक्षिणी सिरे के पास श्रीलंका का छोटा-सा द्वीप है। कवि की कल्पना ने उसे देवी के चरणों में रखे कमल का रूप दे दिया।

फिर कवि सागर की बात करते हैं। गर्जितोर्मि का अर्थ है गरजती हुई लहरें। गरजती लहरों वाला सागर का जल भारतमाता के दोनों पवित्र चरणों को धो रहा है। शुचि का अर्थ है पवित्र और युगल का अर्थ है जोड़ा। जैसे कोई भक्त अपने आराध्य के चरण धोता है, वैसे ही समुद्र भारत की सेवा में लगा है।

कवि यहाँ एक और सुंदर कल्पना करते हैं। लहरों का शोर केवल शोर नहीं, एक स्तुति है। सागर मानो अनेक अर्थों से भरी प्रार्थना गाकर भारत की प्रशंसा कर रहा है। स्तव का अर्थ है स्तुति या प्रशंसा। इस तरह समुद्र की गर्जना भी भक्ति का गीत बन जाती है।

वस्त्र, आँचल और गंगा का हार

अब कवि भारतमाता के वस्त्रों का वर्णन करते हैं। पेड़, घास, जंगल और बेलें उसके वस्त्र, यानी वसन, हैं। भारत के बड़े हिस्से में हरियाली फैली है, इसलिए उसका रूप ऐसा लगता है, मानो उसने हरे कपड़े पहन रखे हों। उसके आँचल में तरह-तरह के फूल जड़े हुए हैं। खचित का अर्थ है जड़ा हुआ या कढ़ा हुआ।

आँचल साड़ी या दुपट्टे का वह छोर है, जो कंधे से लटकता है। माँ के आँचल से हमें ममता, छाया और सुरक्षा की याद आती है। कवि ने फूलों से कढ़े आँचल की कल्पना करके भारत को एक स्नेही माँ का रूप दे दिया है।

गले के गहने के लिए कवि ने गंगा को चुना है। गंगा का जल चमकती बूँदों से भरा है, और उसकी सफ़ेद धारा भारतमाता के गले में पड़े हार जैसी लगती है। धवल का अर्थ है सफ़ेद या उजला। गंगा भारत की सबसे पवित्र मानी जाने वाली नदी है, इसलिए उसे हार बनाना उसके महत्व को भी दिखाता है।

हिमालय का मुकुट और ओंकार की गूँज

अंत में कवि भारतमाता के सिर तक पहुँचते हैं। बर्फ़ से ढका, उजला हिमालय उसका मुकुट है। शुभ्र का अर्थ है चमकीला सफ़ेद, हिम का अर्थ है बर्फ़ और तुषार का अर्थ है पाला। हिमालय भारत के उत्तर में सबसे ऊँचा खड़ा है, इसलिए वह देश के सिर पर सजे मुकुट जैसा लगता है।

इसके बाद कवि भारत की आत्मा की बात करते हैं। वे कहते हैं कि उसके प्राण प्रणव, यानी ओंकार, हैं। ओम् भारतीय परंपरा में सबसे पवित्र ध्वनि मानी जाती है। इसी ध्वनि से उसकी सारी विशाल दिशाएँ गूँज रही हैं। इस तरह भारत केवल ज़मीन का टुकड़ा नहीं, ज्ञान और अध्यात्म से भरी एक चेतना है।

अंतिम संबोधन है शतमुख-शतरव-मुखरे। शतमुख का अर्थ है सौ मुख, शतरव का अर्थ है सौ स्वर और मुखरे का अर्थ है बोलती हुई। भारत सौ मुखों और सौ स्वरों से बोलता है। यह भारत की अनेक भाषाओं, बोलियों, विचारों और परंपराओं की ओर इशारा है। इतनी विविधता के बीच भी सबका स्वर एक ही माँ की वंदना करता है।

कविता का संदेश

पूरी कविता को एक साथ देखें, तो कवि ऊपर से नीचे तक भारत का शृंगार करते हैं। चरणों में लंका और सागर, शरीर पर वन-लताओं के वस्त्र, गले में गंगा का हार और सिर पर हिमालय का मुकुट। इस शृंगार के लिए कवि ने कोई बाहरी गहना नहीं लिया, केवल देश की अपनी प्रकृति को चुना।

इससे एक बड़ा संदेश निकलता है। भारत की असली सुंदरता उसकी प्रकृति, उसकी फसलों, उसकी नदियों और उसके लोगों की विविधता में है। जो व्यक्ति देश से प्रेम करता है, उसे इन सबसे प्रेम करना होगा। कविता के अंत में फिर से जय-जयकार दोहराकर कवि अपनी कामना को और मज़बूत कर देते हैं।

Concepts and terms

छायावाद

हिंदी कविता का एक दौर, जिसमें कल्पना, प्रकृति का मानवीकरण, कोमल भावनाएँ और रहस्य की भावना प्रमुख थी। निराला इस धारा के बड़े कवि हैं।

मुक्त छंद

ऐसी कविता, जो मात्रा और तुक के कड़े नियमों में न बँधे, फिर भी उसमें लय और प्रवाह बना रहे। निराला ने इसका प्रयोग सबसे पहले किया।

वंदना-गीत

किसी देवी-देवता, देश या आदरणीय की स्तुति में गाया जाने वाला गीत। यह कविता भारतमाता की वंदना है।

संबोधन

किसी को पुकारकर बात कहना। भारति, कमलधरे और मुखरे जैसे शब्द भारतमाता को पुकारने वाले संबोधन हैं।

देशप्रेम

अपने देश, उसकी धरती, प्रकृति, लोगों और संस्कृति से गहरा लगाव। कविता में यह प्रेम भारत को देवी की तरह सजाने में दिखता है।

सावधान

भ्रम और सच

करके देखो

Title:

नक़्शे पर कविता

Safety:

कैंची और गोंद सावधानी से इस्तेमाल कीजिए और काम के बाद हाथ धो लीजिए।

What You Notice:

नक़्शे पर देखने से समझ आता है कि कवि की हर कल्पना भारत के असली भूगोल से जुड़ी है।

Did you know

निराला के नाम में जुड़ा निराला शब्द उनका उपनाम है। सचमुच उनका जीवन और लेखन, दोनों अपने समय से अलग और निराले थे।

छायावाद हिंदी कविता का वह दौर है, जिसमें जयशंकर प्रसाद, सुमित्रानंदन पंत, निराला और महादेवी वर्मा जैसे कवि प्रमुख माने जाते हैं।

भारति शब्द के दो अर्थ हैं: भारतमाता और विद्या की देवी सरस्वती। इसीलिए कविता में भूमि की सुंदरता के साथ ज्ञान और वाणी का संकेत भी मिलता है।

Memory tricks

सिर से पाँव तक भारत: मुकुट-हार-वसन-चरण — मुकुट हिमालय, हार गंगा, वसन वन-लताएँ, चरण धोता सागर। ऊपर से नीचे पढ़िए, तो पूरी कविता याद।

Practice MCQs with answers (25)

Q1 निराला की औपचारिक पढ़ाई कम होने पर भी वे कई भाषाओं के जानकार कैसे बने? beginner
  • A स्वाध्याय, यानी ख़ुद पढ़कर सीखने से
  • B विदेश के बड़े विश्वविद्यालय में पढ़कर
  • C राजदरबार के विद्वानों से रोज़ सीखकर
  • D सरकारी छात्रवृत्ति पाकर कई कोर्स करके
Show answer
Answer: स्वाध्याय, यानी ख़ुद पढ़कर सीखने से
Why:

अपनी लगन।

Q2 निराला का जन्म किस प्रदेश में हुआ था? beginner
  • A पंजाब
  • B असम
  • C बंगाल
  • D गुजरात
Show answer
Answer: बंगाल
Why:

महिषादल।

Q3 छायावाद में निराला का कौन-सा योगदान सबसे अलग माना जाता है? intermediate
  • A सबसे पहले दोहे और चौपाई में कथा लिखना
  • B सबसे पहले केवल संस्कृत में गीत रचना
  • C सबसे पहले हास्य कविताओं का संग्रह छापना
  • D सबसे पहले मुक्त छंद में कविता लिखना
Show answer
Answer: सबसे पहले मुक्त छंद में कविता लिखना
Why:

छंद की आज़ादी।

Q4 इनमें से कौन-सी रचना निराला की है? intermediate
  • A यामा
  • B कुकुरमुत्ता
  • C पल्लव
  • D कामायनी
Show answer
Answer: कुकुरमुत्ता
Why:

निराला की रचनाएँ।

Q5 उपेक्षित और दुखी लोगों के प्रति निराला के मन में कैसा भाव था? beginner
  • A उदासीनता और गहरी दूरी
  • B डर और घबराहट
  • C गहरी सहानुभूति और करुणा
  • D हँसी और मज़ाक़
Show answer
Answer: गहरी सहानुभूति और करुणा
Why:

करुणा।

Q6 कविता स्वतंत्रता से पहले लिखी गई थी। उस समय ऐसा गीत लोगों के लिए क्यों ज़रूरी रहा होगा? advanced
  • A इससे आज़ादी की लड़ाई के लिए हौसला जागता
  • B इससे लोगों को अंग्रेज़ी पढ़ने की बहुत प्रेरणा मिलती थी
  • C इससे खेती छोड़कर शहर जाने का मन बनता था
  • D इससे पुराने राजाओं की वापसी की माँग उठती थी
Show answer
Answer: इससे आज़ादी की लड़ाई के लिए हौसला जागता
Why:

स्वतंत्रता-पूर्व संदर्भ।

Q7 भारति शब्द कविता में किन दो अर्थों की ओर इशारा करता है? intermediate
  • A सूर्य देवता और चंद्रमा
  • B नदी की धारा और ऊँचे पर्वत
  • C वीर सैनिक और राजा
  • D भारतमाता और विद्या की देवी
Show answer
Answer: भारतमाता और विद्या की देवी
Why:

सरस्वती भी।

Q8 जय और विजय की कामना से कवि भारत के लिए क्या चाहते हैं? intermediate
  • A दूसरे देशों पर युद्ध करके राज करना
  • B हर क्षेत्र में आगे बढ़कर सम्मान पाना
  • C केवल खेलों में पदक जीत लेना
  • D सारे संसार से अलग-थलग रहना
Show answer
Answer: हर क्षेत्र में आगे बढ़कर सम्मान पाना
Why:

विजय की कामना।

Q9 कनक-शस्य से भारत की कौन-सी पहचान सबसे साफ़ होती है? intermediate
  • A सोने की खानों से भरी हुई पहाड़ियाँ
  • B बड़े-बड़े कारख़ानों की चमकती मशीनें
  • C राजाओं के महलों में रखे ख़ज़ाने
  • D खेती और किसानों के श्रम से आई समृद्धि
Show answer
Answer: खेती और किसानों के श्रम से आई समृद्धि
Why:

सोने जैसी फसल।

Q10 कमल को धारण करने वाली कहकर कवि भारत के किस गुण को उभारते हैं? intermediate
  • A पानी से भरे तालाबों की गिनती
  • B केवल फूलों के व्यापार से होने वाली कमाई
  • C ज्ञान और सौंदर्य से भरी संस्कृति
  • D जंगलों में रहने वाले पशुओं का डर
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Answer: ज्ञान और सौंदर्य से भरी संस्कृति
Why:

कमल का प्रतीक।

Q11 कवि ने लंका को भारत के चरणों में खिला शतदल क्यों कहा होगा? intermediate
  • A लंका में सबसे ज़्यादा कमल की खेती होती है
  • B नक़्शे में लंका भारत के पैरों की जगह पर है
  • C लंका भारत की राजधानी के ठीक पास है
  • D लंका में सौ नदियाँ एक साथ बहती हैं
Show answer
Answer: नक़्शे में लंका भारत के पैरों की जगह पर है
Why:

भूगोल और कल्पना।

Q12 शतदल शब्द का अर्थ ______ है। beginner
  • A कमल
  • B सेना
  • C पत्थर
  • D नदी
Show answer
Answer: कमल
Why:

सौ पंखुड़ियाँ।

Q13 सागर का भारत के चरण धोना किस भाव को दर्शाता है? beginner
  • A ग़ुस्से में आई विनाशकारी बाढ़
  • B भक्त की तरह सेवा और आदर
  • C सागर और धरती की आपसी लड़ाई
  • D पानी की कमी से आई चिंता
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Answer: भक्त की तरह सेवा और आदर
Why:

चरण धोना।

Q14 लहरों की गर्जना को कवि ने स्तुति क्यों माना? advanced
  • A उन्हें लगा कि सागर अपने शोर में भारत का गुणगान कर रहा है
  • B उन्हें लगा कि सागर भारत को डराकर भगा देना चाहता है
  • C उन्हें लगा कि लहरें किसी तूफ़ान की चेतावनी दे रही हैं
  • D उन्हें लगा कि मछुआरे लहरों में गीत गा रहे हैं
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Answer: उन्हें लगा कि सागर अपने शोर में भारत का गुणगान कर रहा है
Why:

स्तव कर।

Q15 गर्जितोर्मि शब्द में किसका वर्णन है? beginner
  • A बहती हुई हवा का
  • B उड़ते हुए बादलों का
  • C गरजती हुई लहरों का
  • D चमकती हुई बिजली का
Show answer
Answer: गरजती हुई लहरों का
Why:

ऊर्मि यानी लहर।

Q16 पेड़, घास, वन और लताओं को भारत के वस्त्र कहने से देश का कौन-सा रूप उभरता है? beginner
  • A रेगिस्तान से भरा सूखा रूप
  • B इमारतों से घिरा शहरी रूप
  • C बर्फ़ से जमा ठंडा रूप
  • D हरियाली से ढका हुआ सुंदर रूप
Show answer
Answer: हरियाली से ढका हुआ सुंदर रूप
Why:

वसन।

Q17 फूलों से कढ़े आँचल की कल्पना से भारतमाता के किस रूप की अनुभूति होती है? intermediate
  • A युद्ध के मैदान में खड़ी योद्धा के रूप की
  • B स्नेह और ममता से भरी माँ के रूप की
  • C दरबार में बैठी कठोर रानी के रूप की
  • D जंगल में भटकती राहगीर के रूप की
Show answer
Answer: स्नेह और ममता से भरी माँ के रूप की
Why:

आँचल की छाया।

Q18 गंगा की धारा को गले का हार बनाने का सबसे उचित कारण क्या है? intermediate
  • A उसकी उजली धारा हार जैसी लगती है और वह पवित्र है
  • B गंगा भारत की सबसे छोटी और सबसे शांत नदी मानी जाती है
  • C गंगा का पानी सबसे ठंडा और सबसे नीला होता है
  • D गंगा केवल पहाड़ों में बहती है, मैदान में नहीं
Show answer
Answer: उसकी उजली धारा हार जैसी लगती है और वह पवित्र है
Why:

धवल धार।

Q19 हिमालय को मुकुट बनाने के पीछे कौन-सा तर्क सबसे ठीक बैठता है? intermediate
  • A वह देश के ठीक बीच में है और सबसे गर्म इलाक़ा है
  • B वह समुद्र के भीतर डूबा हुआ एक बड़ा पहाड़ है
  • C वह केवल एक छोटी पहाड़ी है, जो गाँव के पास है
  • D वह उत्तर में, सिर की जगह, सबसे ऊँचा है
Show answer
Answer: वह उत्तर में, सिर की जगह, सबसे ऊँचा है
Why:

मुकुट शुभ्र।

Q20 प्राण प्रणव ओंकार कहकर कवि भारत को क्या बताना चाहते हैं? advanced
  • A भारत की धरती पर हवा बिल्कुल नहीं है
  • B भारत के लोग दिन भर केवल एक ही शब्द बोलते हैं
  • C भारत की आत्मा ज्ञान और अध्यात्म से जुड़ी है
  • D भारत में मंदिरों के सिवा कुछ भी नहीं है
Show answer
Answer: भारत की आत्मा ज्ञान और अध्यात्म से जुड़ी है
Why:

ओम् की गूँज।

Q21 शतमुख-शतरव-मुखरे संबोधन भारत की किस विशेषता का संकेत है? intermediate
  • A सौ से अधिक बड़े शहरों का होना
  • B सौ साल पुराने राजमहलों की लंबी गिनती
  • C बहुत शोर वाले बाज़ारों की भीड़
  • D अनेक भाषाओं और स्वरों की विविधता
Show answer
Answer: अनेक भाषाओं और स्वरों की विविधता
Why:

सौ स्वर।

Q22 कविता में भारत का वर्णन किस क्रम में चलता है? advanced
  • A सिर से शुरू होकर फिर से सिर पर
  • B चरणों से शुरू होकर सिर के मुकुट तक
  • C केवल गले के हार से गले तक
  • D हाथों से शुरू होकर हाथों तक
Show answer
Answer: चरणों से शुरू होकर सिर के मुकुट तक
Why:

पाँव से सिर।

Q23 कविता में भारत को सजाने के लिए कवि ने किन चीज़ों का प्रयोग किया है? beginner
  • A देश की अपनी प्रकृति, जैसे नदी और पर्वत
  • B सोने-चाँदी के महँगे और चमकीले विदेशी गहने
  • C राजमहलों से लाए रेशमी कपड़े
  • D बाज़ार में बिकने वाले नक़ली फूल
Show answer
Answer: देश की अपनी प्रकृति, जैसे नदी और पर्वत
Why:

प्रकृति का शृंगार।

Q24 अभिकथन: कवि ने भारतमाता के शृंगार के लिए कोई बाहरी गहना नहीं चुना। कारण: कवि के अनुसार भारत की असली सुंदरता उसकी अपनी प्रकृति में है। advanced
  • A दोनों सही हैं; कारण अभिकथन को नहीं समझाता
  • B अभिकथन सही है; परंतु उसका कारण ग़लत है
  • C दोनों सही हैं; कारण अभिकथन को समझाता है
  • D अभिकथन ग़लत है; परंतु उसका कारण सही है
Show answer
Answer: दोनों सही हैं; कारण अभिकथन को समझाता है
Why:

प्रकृति ही गहना।

Q25 नीचे दिए कथनों को पढ़िए। I. निराला का पूरा साहित्य आठ खंडों की रचनावली में छपा है। II. कविता में यमुना को भारतमाता का मुकुट कहा गया है। III. कविता के अनुसार सागर भारत के चरण धोता है। कौन-से कथन सही हैं? intermediate
  • A केवल I और II
  • B केवल I और III
  • C केवल II और III
  • D I, II और III तीनों
Show answer
Answer: केवल I और III
Why:

मुकुट हिमालय है।

Important short questions (7)

निराला के जीवन के बारे में तीन बातें लिखिए।

निराला का जन्म बंगाल के महिषादल में, सन् 1899 में, हुआ। वे मूल रूप से उन्नाव के गढ़ाकोला के थे। उन्होंने नौवीं तक पढ़ाई की। बाक़ी भाषाएँ स्वाध्याय से सीखीं।

निराला को छायावाद में अलग क्यों माना जाता है?

छायावादी कवियों में उन्होंने सबसे पहले मुक्त छंद अपनाया। उनकी कविता में विद्रोह और क्रांति का स्वर है। उन्होंने दुखी और उपेक्षित लोगों पर भी करुणा से लिखा।

कनक-शस्य-कमलधरे संबोधन का अर्थ और भाव लिखिए।

इसका अर्थ है सोने जैसी फसलें और कमल धारण करने वाली। फसलें खेती और किसानों के श्रम की समृद्धि दिखाती हैं। कमल ज्ञान, पवित्रता और संस्कृति का प्रतीक है।

कविता में सागर का क्या चित्र है? स्पष्ट कीजिए।

गरजती लहरों वाला सागर भारत के पवित्र चरण धो रहा है। उसकी गर्जना मानो अनेक अर्थों वाली स्तुति है। सागर एक भक्त की तरह भारत की सेवा करता दिखाया गया है।

कवि ने भारतमाता के वस्त्र और आँचल का वर्णन कैसे किया है?

पेड़, घास, वन और लताएँ भारतमाता के वस्त्र हैं। उसके आँचल में तरह-तरह के फूल जड़े हैं। इससे हरियाली से सजी, स्नेह भरी माँ का चित्र बनता है।

हिमालय को भारत का मुकुट क्यों कहा गया है?

हिमालय देश के उत्तर में सबसे ऊँचा खड़ा है। नक़्शे में वह सिर की जगह आता है। उस पर जमी उजली बर्फ़ उसे चमकते मुकुट जैसा बना देती है। वह देश की रक्षा भी करता है।

शतमुख-शतरव-मुखरे से भारत की किस विशेषता का पता चलता है?

इसका अर्थ है सौ मुखों और सौ स्वरों से बोलने वाली। यह भारत की अनेक भाषाओं, बोलियों और विचारों का संकेत है। इतनी विविधता के बीच भी सब भारतमाता की वंदना करते हैं।

Long answer questions (3)

निराला का साहित्यिक परिचय दीजिए।

सूर्यकांत त्रिपाठी निराला का जन्म बंगाल के महिषादल में, सन् 1899 में, हुआ। वे मूल रूप से उन्नाव के गढ़ाकोला के निवासी थे। नौवीं तक की पढ़ाई के बाद उन्होंने स्वाध्याय से संस्कृत, बांग्ला और अंग्रेज़ी सीखी। परिमल, अनामिका, गीतिका, नए पत्ते और कुकुरमुत्ता उनकी प्रमुख काव्य-रचनाएँ हैं। उन्होंने उपन्यास, कहानी, आलोचना और निबंध भी लिखे, जो निराला रचनावली के आठ खंडों में छपे हैं। छायावादी कवियों में उन्होंने सबसे पहले मुक्त छंद अपनाया। उनकी कविता में दर्शन, विद्रोह, प्रेम, प्रकृति और दुखी लोगों के प्रति गहरी सहानुभूति है। सन् 1961 में उनका निधन हुआ।

कविता के आधार पर भारतमाता के रूप का वर्णन अपने शब्दों में कीजिए।

कवि भारत को एक सुंदर देवी के रूप में देखते हैं। वह सोने जैसी फसलें और कमल धारण किए है। उसके चरणों के पास लंका कमल की तरह खिली है, और गरजता सागर उसके पवित्र चरण धोता है। पेड़, घास, वन और लताएँ उसके वस्त्र हैं, जिनके आँचल में फूल जड़े हैं। गंगा की उजली, चमकती धारा उसके गले का हार है। बर्फ़ से ढका हिमालय उसका मुकुट है। उसके प्राण ओंकार हैं, जिनकी गूँज दिशाओं में फैली है। वह सौ मुखों और सौ स्वरों से बोलने वाली, विविधता से भरी माँ है।

भारति, जय, विजयकरे! कविता में कवि की कौन-सी भावना प्रकट हुई है? उदाहरणों से समझाइए।

इस कविता में कवि का गहरा देशप्रेम प्रकट हुआ है। शुरू और अंत, दोनों जगह वे भारत की जय और विजय की कामना करते हैं। वे भारत को केवल ज़मीन नहीं, एक जीवित देवी मानते हैं, जिसके चरण सागर धोता है और जिसके सिर पर हिमालय का मुकुट है। उनके मन में भारत की प्रकृति, खेती और संस्कृति के लिए गर्व है, इसलिए वे सोने जैसी फसलों, कमल और गंगा का गुणगान करते हैं। सौ स्वरों वाली बात से पता चलता है कि उन्हें देश की विविधता पर भी गर्व है। इस तरह कविता में श्रद्धा, गर्व और विजय की कामना, तीनों भाव हैं।

Flashcards (17)

निराला का जन्म कब और कहाँ हुआ?
सन् 1899 में, बंगाल के महिषादल में।
निराला मूल रूप से कहाँ के निवासी थे?
गढ़ाकोला, उन्नाव (उत्तर प्रदेश)।
निराला ने औपचारिक पढ़ाई कहाँ तक की?
नौवीं कक्षा तक, महिषादल में।
निराला ने ख़ुद पढ़कर कौन-सी भाषाएँ सीखीं?
संस्कृत, बांग्ला और अंग्रेज़ी।
निराला की दो काव्य-रचनाएँ?
परिमल और अनामिका (गीतिका, नए पत्ते, कुकुरमुत्ता भी)।
निराला रचनावली कितने खंडों में है?
आठ।
छायावादी कवियों में सबसे पहले मुक्त छंद किसने अपनाया?
निराला ने।
कनक का अर्थ?
सोना।
शस्य का अर्थ?
फसल, उपज, अन्न।
शतदल किसे कहते हैं?
कमल को।
भारत के चरण कौन धोता है?
गरजती लहरों वाला सागर।
शुचि का अर्थ?
पवित्र।
भारतमाता के वस्त्र क्या हैं?
पेड़, घास, वन और लताएँ।
आँचल में क्या जड़ा है?
फूल।
भारतमाता के गले का हार?
गंगा की उजली धारा।
भारतमाता का मुकुट?
बर्फ़ से ढका हिमालय।
शतमुख-शतरव का संकेत किस ओर है?
भारत की अनेक भाषाओं और स्वरों की ओर।

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  • शब्द और अर्थ
  • प्रकृति का अंश और उसका रूप
  • सही या भ्रम
  • कविता का क्रम
  • झटपट उत्तर

कविता का सौंदर्य: समास, अलंकार और देशप्रेम

कविता की भाषा संस्कृतनिष्ठ, सामासिक और चित्रात्मक है। इसमें अनुप्रास, रूपक और मानवीकरण के सुंदर प्रयोग हैं। साथ ही मैथिलीशरण गुप्त की भारतमाता से तुलना, शस्य के भाषाई रूप और प्रकृति-रक्षा को देशप्रेम से जोड़ने की बात भी है।

What you will be able to do

  • कविता की संस्कृतनिष्ठ, सामासिक और चित्रात्मक भाषा की विशेषताएँ उदाहरण सहित बता सकूँगा।
  • शतदल, सागरजल, शतमुख और ज्योतिर्जल जैसे समस्त पदों का विग्रह कर सकूँगा।
  • कविता में अनुप्रास, रूपक और मानवीकरण अलंकार पहचानकर समझा सकूँगा।
  • निराला और मैथिलीशरण गुप्त की भारत-वंदना की तुलना कर सकूँगा।
  • प्रकृति के संरक्षण को देशप्रेम से जोड़कर अपने विचार लिख सकूँगा।

Key points

  • कविता की भाषा संस्कृतनिष्ठ है; कनक, शस्य, शुचि, वसन, धवल, शुभ्र, प्रणव जैसे तत्सम शब्द इसे गंभीर और गेय बनाते हैं।

  • समास में दो या अधिक शब्द मिलकर एक नया छोटा शब्द बनाते हैं; बने हुए शब्द को समस्त पद और उसे खोलने को समास-विग्रह कहते हैं।

  • विग्रह: शतदल यानी सौ दल हैं जिसके (कमल); सागरजल यानी सागर का जल; शतमुख यानी सौ मुख; ज्योतिर्जल यानी ज्योति से भरा जल।

  • भारति, कमलधरे और मुखरे संबोधन के रूप हैं; कवि भारतमाता को सीधे पुकारकर बात करते हैं।

  • अनुप्रास: शतमुख-शतरव में श, धवल धार में ध और प्राण प्रणव में प की आवृत्ति है।

  • रूपक: हिमालय पर मुकुट का, गंगा पर हार का और वन-लताओं पर वस्त्र का आरोप है; दोनों को एक ही मान लिया गया है।

  • मानवीकरण: भारत को देवी, सागर को चरण धोने वाला भक्त और दिशाओं को गूँजता हुआ दिखाया गया है।

  • राष्ट्रकवि मैथिलीशरण गुप्त की जय जय भारतमाता में हिमालय का हृदय ऊँचा है, जो अपना दर्द और आग दबाकर हमें हरा-भरा रखता है।

  • कवि ने भारत को प्रकृति से सजाया है; इसलिए नदियों, वनों और हिमालय की रक्षा करना भी देशप्रेम का काम है।

Full explanation

संस्कृतनिष्ठ और गेय भाषा

इस कविता की भाषा पहली ही पंक्ति से अलग सुनाई देती है। इसमें ज़्यादातर ऐसे शब्द हैं, जो संस्कृत से सीधे हिंदी में आए हैं, जैसे कनक, शस्य, शुचि, वसन, धवल, शुभ्र, तुषार और प्रणव। ऐसे शब्दों को तत्सम शब्द कहते हैं, और ऐसी भाषा को संस्कृतनिष्ठ भाषा कहते हैं।

निराला ने यह भाषा सोच-समझकर चुनी है। यह कविता भारतमाता की वंदना है, और वंदना के लिए गंभीर, पवित्र और ओजस्वी शब्द अधिक उपयुक्त लगते हैं। संस्कृत के शब्दों में एक गूँज होती है, जो मंदिर की आरती या प्रार्थना जैसा वातावरण बना देती है। इसीलिए कविता पढ़ते समय मन में श्रद्धा का भाव जागता है।

यह भाषा कठिन लग सकती है, पर इसकी लय बहुत मधुर है। छोटी-छोटी पंक्तियाँ, बार-बार आने वाली ध्वनियाँ और अंत में टेक का दोहराव इसे गाने योग्य बनाते हैं। आप कविता को किसी धुन में गाकर देखिए; कठिन शब्द भी गीत में ढलकर आसानी से याद हो जाएँगे।

चित्रात्मक भाषा: शब्दों से बना चित्र

कविता की दूसरी बड़ी विशेषता उसकी चित्रात्मकता है। कवि हर पंक्ति में एक चित्र खींचते हैं, जिसे आँखें बंद करके देखा जा सकता है। गरजती लहरें, चरणों के पास खिला कमल, फूलों से कढ़ा आँचल, चमकती गंगा और बर्फ़ से ढका हिमालय, सब कुछ जैसे सामने आ जाता है।

चित्रात्मक भाषा में रंग, रूप और ध्वनि, तीनों का ध्यान रखा जाता है। सोने जैसी फसल में पीला रंग है, वनों में हरा, गंगा और हिमालय में सफ़ेद, और फूलों में अनेक रंग। लहरों की गर्जना और ओंकार की गूँज कविता में ध्वनि भरते हैं। इस तरह कविता पढ़ना एक चित्र देखने और संगीत सुनने जैसा अनुभव बन जाता है।

समास: छोटे शब्द, बड़ा अर्थ

इस कविता में बहुत से शब्द दो या अधिक शब्दों को जोड़कर बने हैं। इस जोड़ने की प्रक्रिया को समास कहते हैं, जिसका अर्थ है संक्षेप। समास से बने शब्द को समस्त पद या सामासिक पद कहते हैं। पहले शब्द को पूर्वपद और दूसरे को उत्तरपद कहा जाता है।

जब हम किसी समस्त पद को खोलकर उसके मूल शब्द और उनका संबंध बताते हैं, तो उसे समास-विग्रह कहते हैं। जैसे सागरजल का विग्रह है सागर का जल। शतदल का विग्रह है सौ दल, यानी पंखुड़ियाँ, हैं जिसके; और ऐसा फूल कमल है। शतमुख का अर्थ है सौ मुख, और शतरव का अर्थ है सौ स्वर। ज्योतिर्जल का अर्थ है ज्योति से भरा, चमकता हुआ जल।

कविता का दूसरा संबोधन, कनक-शस्य-कमलधरे, भी समास से बना है। कनक-शस्य का अर्थ है कनक के समान शस्य, यानी सोने जैसी फसलें। कमलधरा का अर्थ है कमल को धारण करने वाली। समास के कारण कवि थोड़े शब्दों में बहुत बड़ा अर्थ कह पाए हैं, और कविता की पंक्तियाँ छोटी और कसी हुई बन गई हैं।

संबोधन के रूप और कुछ संधियाँ

कविता में कवि भारतमाता से सीधे बात करते हैं। इसके लिए वे संबोधन के रूप इस्तेमाल करते हैं। भारती को पुकारते समय भारति, कमलधरा को पुकारते समय कमलधरे, और मुखरा को पुकारते समय मुखरे कहा गया है। हिंदी में जैसे हम हे माँ कहते हैं, वैसे ही संस्कृत की शैली में शब्द का अंत बदलकर पुकारा जाता है।

कविता के कुछ शब्दों में संधि भी है। संधि में दो ध्वनियाँ पास आकर मिल जाती हैं। गर्जितोर्मि में गर्जित और ऊर्मि मिले हैं; अ और ऊ मिलकर ओ बन गए। ज्योतिर्जल में ज्योतिः और जल मिले हैं, और विसर्ग र में बदल गया है। इन छोटे बदलावों से शब्द बोलने में अधिक सहज और लयपूर्ण हो जाते हैं।

अनुप्रास: ध्वनियों का संगीत

जहाँ एक ही व्यंजन वर्ण बार-बार आकर ध्वनि का सौंदर्य बढ़ाए, वहाँ अनुप्रास अलंकार होता है। इस कविता में अनुप्रास के कई उदाहरण हैं। शतमुख-शतरव में श की आवृत्ति है। धवल धार में ध दो बार आया है। प्राण प्रणव में प की ध्वनि गूँजती है। तरु-तृण में त बार-बार आता है।

अनुप्रास कविता को केवल सुंदर ही नहीं, याद रखने में आसान भी बनाता है। बच्चों की कविताओं और विज्ञापनों में भी इसका ख़ूब प्रयोग होता है, क्योंकि दोहराई गई ध्वनि कान में बस जाती है। निराला ने इस ध्वनि-सौंदर्य से वंदना-गीत में ढोल और शंख जैसी गूँज भर दी है।

रूपक: भारत का शृंगार

जहाँ गहरी समानता के कारण एक चीज़ को दूसरी चीज़ ही मान लिया जाए, वहाँ रूपक अलंकार होता है। इसमें जैसे, सा, सम जैसे शब्द नहीं आते। कवि हिमालय को मुकुट जैसा नहीं कहते, बल्कि मुकुट ही कह देते हैं। सच में हिमालय मुकुट नहीं है, पर कल्पना से उसे मुकुट का रूप दे दिया गया है।

कविता में रूपक के और भी उदाहरण हैं। गंगा की उजली धारा को गले का हार मान लिया गया है। पेड़, घास, वन और लताओं को भारतमाता का वसन, यानी वस्त्र, कहा गया है। लंका को चरणों के पास खिला शतदल कहा गया है। इन सब रूपकों से भारत की छवि भव्य, दिव्य और सजीव बन जाती है।

मानवीकरण: भारत एक जीवित देवी

जहाँ प्रकृति या किसी निर्जीव वस्तु को मनुष्य की तरह काम करते, बोलते या भाव रखते हुए दिखाया जाए, वहाँ मानवीकरण होता है। इस पूरी कविता की नींव ही मानवीकरण पर टिकी है, क्योंकि भारत की धरती को एक देवी या माँ के रूप में दिखाया गया है, जिसके चरण, गला, आँचल और सिर हैं।

कविता के दूसरे पात्र भी मनुष्य जैसे व्यवहार करते हैं। सागर एक भक्त की तरह चरण धोता है और स्तुति गाता है। दिशाएँ ओंकार की ध्वनि से गूँजती हैं, मानो वे भी प्रार्थना में शामिल हों। मानवीकरण छायावाद की प्रमुख पहचान है, और निराला ने यहाँ उसका बहुत सुंदर प्रयोग किया है।

गुप्त की भारतमाता: एक तुलना

निराला की तरह राष्ट्रकवि मैथिलीशरण गुप्त ने भी भारतमाता का गुणगान किया है। उनकी कविता जय जय भारतमाता के एक अंश में भारत ऐसा देश है, जहाँ बाहर से आने वाला भी घर जैसा प्यार पाता है। उसमें हिमालय का हृदय बहुत ऊँचा बताया गया है, जिसमें बहुत दर्द भरा है।

गुप्त जी कहते हैं कि हिमालय अपनी आग और पीड़ा दबाकर भी हमें हरा-भरा रखता है, और उसके सौ सोतों से पानी फूट-फूटकर बहता है। निराला के लिए हिमालय भारत का चमकता मुकुट है, जबकि गुप्त के लिए वह त्याग करने वाला बड़ा हृदय है। दोनों कवि हिमालय से प्रेम करते हैं, पर दोनों की कल्पना अलग है।

भाषा में भी अंतर है। निराला की भाषा संस्कृतनिष्ठ और सामासिक है, जबकि गुप्त जी की भाषा सरल खड़ी बोली है, जिसे आम पाठक तुरंत समझ लेता है। फिर भी दोनों कविताओं का केंद्र एक ही है: भारत से गहरा प्रेम और उसके गौरव का गान।

शस्य के अनेक नाम और सौ स्वरों का भारत

कविता का शब्द शस्य, जिसका अर्थ फसल या उपज है, भारत की अलग-अलग भाषाओं में अलग नामों से जाना जाता है। मराठी और कोंकणी में इसे पीक कहते हैं, गुजराती में ऊपज, तेलुगु में पंट, तमिल में विळैच्चल्, कन्नड़ में बेळे और बांग्ला में फसल। संस्कृत में यह शस्यम् है। उर्दू और सिंधी में पैदावार शब्द भी चलता है।

यह सूची कविता की अंतिम पंक्ति को और साफ़ कर देती है। भारत सौ मुखों और सौ स्वरों वाला देश है। एक ही खेत की फसल को कोई पीक कहता है, कोई पंट और कोई फसल, पर सबकी मेहनत एक ही धरती को हरा-भरा बनाती है। भाषाओं की यही विविधता भारत की ताक़त है।

प्रकृति की रक्षा भी देशप्रेम है

कवि ने भारतमाता को किसी सोने-चाँदी से नहीं, अपनी नदियों, पहाड़ों, वनों और फूलों से सजाया है। अब ज़रा सोचिए, अगर गंगा मैली हो जाए, जंगल कट जाएँ और हिमालय की बर्फ़ पिघलने लगे, तो भारतमाता का यह शृंगार कैसे बचेगा? बढ़ता प्रदूषण और बदलती जलवायु आज नदियों और हिमनदों के लिए बड़ा ख़तरा बन रहे हैं।

इसीलिए प्रकृति की रक्षा करना भी देशप्रेम का काम है। भारत सरकार ने वनों और वन्यजीवों की रक्षा के लिए कई क़ानून बनाए हैं, और नदियों की सफ़ाई के अभियान भी चलाए हैं। पर असली बदलाव हमारे रोज़ के छोटे कामों से आता है: पेड़ लगाना, पानी बचाना, नदी में कचरा न डालना और प्लास्टिक कम करना। जब हम ऐसा करते हैं, तो हम भी कवि की तरह भारतमाता का शृंगार कर रहे होते हैं।

Concepts and terms

समास

दो या अधिक शब्दों को जोड़कर एक छोटा, नया शब्द बनाना। जैसे सागर का जल मिलकर सागरजल बन जाता है।

समास-विग्रह

समस्त पद को उसके मूल शब्दों में खोलकर अर्थ समझाना। जैसे शतदल का विग्रह है: सौ दल हैं जिसके, यानी कमल।

रूपक अलंकार

जहाँ गहरी समानता के कारण उपमेय और उपमान को एक ही मान लिया जाए, जैसे हिमालय को मुकुट ही कह देना।

मानवीकरण अलंकार

जहाँ प्रकृति या निर्जीव वस्तु को मनुष्य की तरह काम करते या भाव रखते दिखाया जाए, जैसे सागर का चरण धोना।

संस्कृतनिष्ठ भाषा

ऐसी हिंदी, जिसमें संस्कृत से सीधे आए तत्सम शब्द अधिक हों। यह भाषा गंभीर, ओजस्वी और गाने योग्य लगती है।

सावधान

भ्रम और सच

मिलाकर देखो

Scenario:

कविता पढ़ने के बाद मेघा, इमरान और तेनज़िन ने स्कूल के इको-क्लब में एक प्रस्ताव रखा। उनके क़स्बे के पास से बहने वाली छोटी नदी के घाट पर प्लास्टिक की थैलियाँ और पूजा का कचरा जमा रहता था। तीनों ने तय किया कि हर रविवार एक घंटा घाट की सफ़ाई करेंगे और लोगों को कचरा अलग डालने के लिए समझाएँगे। इमरान ने घाट पर कविता की वह पंक्ति लिखकर लगाई, जिसमें गंगा को भारतमाता का हार कहा गया है, और नीचे लिखा: हार को मैला न करें। तेनज़िन ने अपने परिवार की भोटी भाषा में भी यही बात लिखी। दो महीने बाद घाट पहले से बहुत साफ़ दिखने लगा और नगर परिषद ने वहाँ दो कूड़ेदान रखवा दिए।

Activity:

अपने आस-पास की किसी नदी, तालाब या पार्क को साफ़ रखने के लिए पाँच नियमों वाला एक पोस्टर बनाइए।

Analysis:

बच्चों ने कविता को केवल पढ़ा नहीं, उसे जिया; उन्होंने दिखाया कि भारतमाता का शृंगार बचाना हर नागरिक का काम है।

Did you know

गर्जितोर्मि शब्द दो शब्दों की संधि से बना है: गर्जित और ऊर्मि। अ और ऊ मिलकर ओ बन गए, इसलिए गर्जित + ऊर्मि से गर्जितोर्मि बना।

मैथिलीशरण गुप्त को राष्ट्रकवि कहा जाता है। उनकी रचना भारत-भारती ने स्वतंत्रता आंदोलन के दिनों में लोगों में देशप्रेम जगाया।

निराला ने सरस्वती की वंदना में भी एक प्रसिद्ध गीत लिखा है, वर दे, वीणावादिनि वर दे। उसकी भाषा भी इसी कविता की तरह संस्कृतनिष्ठ है।

Memory tricks

अ-रू-मा: अनुप्रास, रूपक, मानवीकरण — ध्वनि दोहराई तो अनुप्रास, वही मान लिया तो रूपक, इंसान जैसा काम किया तो मानवीकरण।

Practice MCQs with answers (25)

Q1 कनक, शुचि, धवल और प्रणव जैसे शब्द कविता की भाषा के बारे में क्या बताते हैं? beginner
  • A भाषा संस्कृत के तत्सम शब्दों से भरी है
  • B भाषा में अंग्रेज़ी शब्दों की भरमार है
  • C भाषा केवल गाँव की बोली में लिखी गई है
  • D भाषा में उर्दू-फ़ारसी के शब्द ही अधिक हैं
Show answer
Answer: भाषा संस्कृत के तत्सम शब्दों से भरी है
Why:

संस्कृतनिष्ठ।

Q2 वंदना-गीत के लिए निराला ने संस्कृतनिष्ठ भाषा क्यों चुनी होगी? intermediate
  • A इससे गीत को कोई भी आसानी से समझ नहीं पाता था
  • B इससे गीत में प्रार्थना जैसी गूँज आती है
  • C उस समय हिंदी में दूसरे शब्द थे ही नहीं
  • D इससे गीत हँसी-मज़ाक़ से भर जाता है
Show answer
Answer: इससे गीत में प्रार्थना जैसी गूँज आती है
Why:

वंदना का वातावरण।

Q3 कविता की चित्रात्मकता का सबसे अच्छा प्रमाण क्या है? intermediate
  • A कविता के साथ हर पन्ने पर बड़े रंगीन चित्र छापे गए हैं
  • B कविता में केवल चित्रकारों के नाम गिनाए गए हैं
  • C पढ़ते ही रंग और ध्वनि वाला दृश्य सामने आ जाता है
  • D कविता का हर शब्द किसी चित्र की नक़ल से बना है
Show answer
Answer: पढ़ते ही रंग और ध्वनि वाला दृश्य सामने आ जाता है
Why:

शब्दों का चित्र।

Q4 समास-विग्रह किसे कहते हैं? beginner
  • A दो वाक्यों को जोड़कर एक बहुत लंबा वाक्य बनाना
  • B किसी शब्द का उलटा अर्थ बताकर उसे बदलना
  • C कविता की पंक्तियों को गद्य में लिखना
  • D समस्त पद को खोलकर मूल शब्द बताना
Show answer
Answer: समस्त पद को खोलकर मूल शब्द बताना
Why:

खोलना।

Q5 शतदल का सही विग्रह कौन-सा है? beginner
  • A सौ सैनिकों का एक बड़ा दल
  • B दल से बना हुआ सौ
  • C सौ दल हैं जिसके, अर्थात कमल
  • D सौ बार किया गया दल
Show answer
Answer: सौ दल हैं जिसके, अर्थात कमल
Why:

पंखुड़ियाँ।

Q6 सागरजल का विग्रह ______ है। beginner
  • A सागर और जल
  • B सागर का जल
  • C जल में सागर
  • D सागर से जल
Show answer
Answer: सागर का जल
Why:

संबंध।

Q7 कनक-शस्य का विग्रह किस संबंध पर टिका है? intermediate
  • A कनक के समान शस्य, यानी तुलना पर
  • B कनक और शस्य, यानी दो अलग चीज़ों पर
  • C कनक से बना शस्य, यानी धातु पर
  • D कनक के लिए शस्य, यानी व्यापार पर
Show answer
Answer: कनक के समान शस्य, यानी तुलना पर
Why:

सोने जैसी फसल।

Q8 समास का प्रयोग करने से कविता को क्या लाभ हुआ है? intermediate
  • A कविता की पंक्तियाँ बहुत लंबी और ढीली-ढाली हो गईं
  • B कविता का अर्थ पूरी तरह छिप गया और खो गया
  • C कविता की लय टूटकर पूरी तरह बिखर गई
  • D थोड़े शब्दों में बड़ा अर्थ आया और पंक्तियाँ कसी हुई बनीं
Show answer
Answer: थोड़े शब्दों में बड़ा अर्थ आया और पंक्तियाँ कसी हुई बनीं
Why:

संक्षेप।

Q9 भारति, कमलधरे और मुखरे शब्दों में क्या समानता है? intermediate
  • A तीनों भारत की नदियों के पुराने नाम हैं
  • B तीनों पुकारने वाले संबोधन हैं
  • C तीनों विदेशी भाषा के शब्द हैं
  • D तीनों क्रिया के भूतकाल रूप हैं
Show answer
Answer: तीनों पुकारने वाले संबोधन हैं
Why:

संबोधन।

Q10 गर्जितोर्मि शब्द में कौन-सी दो ध्वनियाँ मिलकर ओ बनी हैं? advanced
  • A इ और ई
  • B ए और ऐ
  • C अ और ऊ
  • D उ और ओ
Show answer
Answer: अ और ऊ
Why:

गर्जित + ऊर्मि।

Q11 शतमुख-शतरव में अनुप्रास किस वर्ण की आवृत्ति से बना है? beginner
  • A म
  • B र
  • C त
  • D श
Show answer
Answer: श
Why:

शत, शत।

Q12 धवल धार और प्राण प्रणव, दोनों अंशों में एक जैसी बात क्या है? intermediate
  • A दोनों में एक व्यंजन की आवृत्ति से अनुप्रास है
  • B दोनों में किसी पवित्र नदी को माँ कहा गया है
  • C दोनों में जैसे शब्द से तुलना की गई है
  • D दोनों में एक शब्द के दो अर्थ निकलते हैं
Show answer
Answer: दोनों में एक व्यंजन की आवृत्ति से अनुप्रास है
Why:

ध-ध, प-प।

Q13 मुकुट शुभ्र हिम-तुषार में रूपक अलंकार क्यों है? intermediate
  • A हिमालय की ऊँचाई को बहुत बढ़ा-चढ़ाकर बताया गया है
  • B हिमालय को मुकुट जैसा नहीं, मुकुट ही मान लिया गया है
  • C हिमालय शब्द के यहाँ दो अलग-अलग अर्थ निकलते हैं
  • D हिमालय की तुलना जैसे शब्द से मुकुट से की गई है
Show answer
Answer: हिमालय को मुकुट जैसा नहीं, मुकुट ही मान लिया गया है
Why:

उपमेय-उपमान एक।

Q14 इनमें से किस अंश में रूपक नहीं है? advanced
  • A गंगा का हार बनना
  • B वन-लताओं का वसन बनना
  • C शतमुख-शतरव-मुखरे
  • D हिमालय का मुकुट बनना
Show answer
Answer: शतमुख-शतरव-मुखरे
Why:

यह अनुप्रास है।

Q15 सागर के चरण धोने और स्तुति गाने में कौन-सा अलंकार प्रमुख है? intermediate
  • A यमक
  • B उत्प्रेक्षा
  • C उपमा
  • D मानवीकरण
Show answer
Answer: मानवीकरण
Why:

मनुष्य जैसा काम।

Q16 पूरी कविता की नींव मानवीकरण पर क्यों टिकी मानी जाती है? advanced
  • A धरती को चरण और सिर वाली देवी के रूप में दिखाया गया है
  • B कविता में केवल मनुष्यों के नाम और उनके काम गिनाए गए हैं
  • C कविता में भारत के सारे राजाओं की कथा सुनाई गई है
  • D कविता में धरती को एक निर्जीव और ठंडे पत्थर की तरह दिखाया गया है
Show answer
Answer: धरती को चरण और सिर वाली देवी के रूप में दिखाया गया है
Why:

चेतन भारत।

Q17 मानवीकरण को छायावाद की पहचान क्यों कहा जाता है? intermediate
  • A छायावादी कवि केवल शहरों और कारख़ानों पर लिखते थे
  • B छायावादी कवि प्रकृति को जीवित मानकर बात करते थे
  • C छायावादी कवि केवल राजाओं की स्तुति में लिखते थे
  • D छायावादी कवि प्रकृति के बारे में कुछ नहीं लिखते थे
Show answer
Answer: छायावादी कवि प्रकृति को जीवित मानकर बात करते थे
Why:

प्रकृति से संवाद।

Q18 मैथिलीशरण गुप्त की कविता में हिमालय की कौन-सी छवि है? intermediate
  • A सिर पर सजा हुआ चमकता मुकुट
  • B गले में पड़ा हुआ उजला हार
  • C चरण धोने वाला गरजता और लहराता समुद्र
  • D आग दबाकर सबको हरा रखने वाला हृदय
Show answer
Answer: आग दबाकर सबको हरा रखने वाला हृदय
Why:

ऊँचा हिया।

Q19 निराला और गुप्त की भारत-वंदना में भाषा का मुख्य अंतर क्या है? intermediate
  • A निराला की संस्कृतनिष्ठ, गुप्त की सरल
  • B निराला की अवधी, गुप्त की ब्रजभाषा
  • C दोनों की भाषा एक जैसी संस्कृतनिष्ठ है
  • D निराला की उर्दू, गुप्त की बांग्ला भाषा
Show answer
Answer: निराला की संस्कृतनिष्ठ, गुप्त की सरल
Why:

भाषा की तुलना।

Q20 शस्य के लिए मराठी और कोंकणी, दोनों में कौन-सा शब्द प्रयोग होता है? intermediate
  • A पंट
  • B फसल
  • C पीक
  • D बेळे
Show answer
Answer: पीक
Why:

उपज के नाम।

Q21 शस्य के अलग-अलग भाषाई नामों की सूची कविता की किस पंक्ति के भाव को और पक्का करती है? advanced
  • A लंका पदतल शतदल
  • B शतमुख-शतरव-मुखरे
  • C धोता शुचि चरण युगल
  • D अंचल में खचित सुमन
Show answer
Answer: शतमुख-शतरव-मुखरे
Why:

सौ स्वर।

Q22 कविता के आधार पर प्रकृति-रक्षा को देशप्रेम क्यों कहा जा सकता है? advanced
  • A प्रकृति की रक्षा केवल सरकार का काम है
  • B प्रकृति की रक्षा से खेत सूख जाते हैं
  • C प्रकृति ही भारतमाता का शृंगार है
  • D प्रकृति का देश से कोई संबंध नहीं
Show answer
Answer: प्रकृति ही भारतमाता का शृंगार है
Why:

शृंगार की रक्षा।

Q23 गंगा को स्वच्छ रखने के लिए विद्यार्थी के रूप में सबसे व्यावहारिक क़दम कौन-सा है? beginner
  • A नदी के किनारे जाकर केवल उसकी ढेर सारी तस्वीरें खींचते रहना
  • B नदी के बारे में सोचकर घर बैठे केवल दुखी होते रहना
  • C नदी का पानी बोतलों में भरकर बाज़ार में बेच देना
  • D नदी में कचरा और प्लास्टिक न डालना, दूसरों को भी रोकना
Show answer
Answer: नदी में कचरा और प्लास्टिक न डालना, दूसरों को भी रोकना
Why:

छोटे क़दम।

Q24 अभिकथन: इस कविता में तत्सम शब्दों और समासों की अधिकता है। कारण: कविता को आम बोलचाल की भाषा में हास्य के लिए लिखा गया है। advanced
  • A अभिकथन सही है; परंतु उसका कारण ग़लत है
  • B दोनों सही हैं; कारण अभिकथन को समझाता है
  • C दोनों सही हैं; कारण अभिकथन को नहीं समझाता
  • D अभिकथन ग़लत है; परंतु उसका कारण सही है
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Answer: अभिकथन सही है; परंतु उसका कारण ग़लत है
Why:

यह वंदना है, हास्य नहीं।

Q25 नीचे दिए कथनों को पढ़िए। I. गंगा को गले का हार कहने में रूपक अलंकार है। II. मैथिलीशरण गुप्त ने भारतमाता को कमलधरे कहकर पुकारा है। III. प्राण प्रणव में प वर्ण की आवृत्ति है। कौन-से कथन सही हैं? intermediate
  • A केवल I और II
  • B केवल II और III
  • C I, II और III तीनों
  • D केवल I और III
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Answer: केवल I और III
Why:

कमलधरे निराला का संबोधन है।

Important short questions (7)

कविता की भाषा की दो विशेषताएँ उदाहरण सहित लिखिए।

पहली विशेषता यह है कि भाषा संस्कृतनिष्ठ है। इसमें कनक, शुचि और धवल जैसे तत्सम शब्द हैं। दूसरी, भाषा सामासिक है। जैसे शतदल, सागरजल और शतमुख।

समास और समास-विग्रह में क्या अंतर है? एक उदाहरण दीजिए।

शब्दों को जोड़कर नया छोटा शब्द बनाना समास है। उस शब्द को खोलकर मूल शब्द बताना समास-विग्रह है। जैसे सागर का जल मिलकर सागरजल बना। सागरजल को खोलना विग्रह है।

शतदल, शतमुख और ज्योतिर्जल का विग्रह लिखिए।

शतदल का विग्रह है: सौ दल हैं जिसके, अर्थात कमल। शतमुख का विग्रह है: सौ मुख। ज्योतिर्जल का विग्रह है: ज्योति से भरा जल।

कविता में अनुप्रास अलंकार के दो उदाहरण देकर समझाइए।

शतमुख-शतरव में श वर्ण बार-बार आया है। धवल धार में ध की आवृत्ति है। एक ही व्यंजन के दोहराव से ध्वनि का सौंदर्य बढ़ा है। इसलिए दोनों में अनुप्रास है।

कविता में रूपक और मानवीकरण का एक-एक उदाहरण लिखिए।

हिमालय को भारत का मुकुट कहना रूपक है। यहाँ हिमालय को मुकुट ही मान लिया गया है। सागर का चरण धोना मानवीकरण है। सागर मनुष्य की तरह सेवा करता दिखाया गया है।

निराला और मैथिलीशरण गुप्त के हिमालय-चित्रण में क्या अंतर है?

निराला के लिए हिमालय भारतमाता का चमकता मुकुट है। गुप्त के लिए वह ऊँचा, दर्द भरा हृदय है। वह अपनी आग दबाकर भी हमें हरा रखता है। एक में शोभा है, दूसरे में त्याग।

प्रकृति का संरक्षण करना भी देशप्रेम है। कविता के आधार पर इस विचार का समर्थन कीजिए।

कवि ने भारत को नदियों, वनों और हिमालय से सजाया है। यही उसका असली शृंगार है। अगर प्रकृति नष्ट होगी, तो यह शृंगार भी मिट जाएगा। इसलिए प्रकृति बचाना देश की सुंदरता बचाना है।

Long answer questions (3)

भारति, जय, विजयकरे! कविता के काव्य-सौंदर्य पर प्रकाश डालिए।

यह कविता भारतमाता की वंदना है और इसकी भाषा संस्कृतनिष्ठ है। कनक, शस्य, शुचि, धवल और प्रणव जैसे तत्सम शब्द इसे गंभीर और ओजस्वी बनाते हैं। भाषा सामासिक है; शतदल, सागरजल, शतमुख और ज्योतिर्जल जैसे समस्त पद थोड़े शब्दों में बड़ा अर्थ देते हैं। भारति, कमलधरे और मुखरे जैसे संबोधनों से कवि भारत से सीधे बात करते हैं। अलंकारों में शतमुख-शतरव में अनुप्रास, हिमालय के मुकुट में रूपक और सागर के चरण धोने में मानवीकरण है। भाषा चित्रात्मक और गेय है; छोटी पंक्तियाँ और टेक का दोहराव इसे गाने योग्य बनाते हैं।

निराला की भारति, जय, विजयकरे! और मैथिलीशरण गुप्त की जय जय भारतमाता की तुलना कीजिए।

दोनों कविताएँ भारतमाता की वंदना हैं और दोनों में गहरा देशप्रेम है। दोनों कवि भारत की प्रकृति, विशेषकर हिमालय, से प्रेम करते हैं। निराला के लिए हिमालय भारत का मुकुट है, गंगा हार है और सागर चरण धोता है; यानी उनकी कविता भारत के शृंगार और गौरव पर केंद्रित है। गुप्त के लिए हिमालय ऊँचा, दर्द भरा हृदय है, जो अपनी आग दबाकर भी हमें हरा रखता है; उनकी कविता में त्याग और अपनापन अधिक है। भाषा में भी अंतर है: निराला की भाषा संस्कृतनिष्ठ और सामासिक है, जबकि गुप्त की भाषा सरल खड़ी बोली है।

बढ़ते प्रदूषण और बदलती जलवायु से भारतमाता के शृंगार पर क्या असर पड़ रहा है? इसे बचाने के उपाय सुझाइए।

कविता में गंगा भारतमाता का उजला हार और हिमालय उसका चमकता मुकुट है। पर आज कई नदियों में कारख़ानों का गंदा पानी, प्लास्टिक और कचरा बह रहा है, जिससे उनकी धारा मैली हो रही है। बढ़ती गर्मी से हिमालय के कई हिमनद पीछे खिसक रहे हैं, और जंगल कटने से हरियाली के वस्त्र भी फट रहे हैं। इसे बचाने के लिए हमें पेड़ लगाने चाहिए, पानी और बिजली बचानी चाहिए, नदियों में कचरा नहीं डालना चाहिए और प्लास्टिक कम करना चाहिए। सरकार के क़ानूनों के साथ हर नागरिक की जागरूकता भी ज़रूरी है, तभी भारतमाता का शृंगार बचा रहेगा।

Flashcards (17)

तत्सम शब्द किसे कहते हैं?
संस्कृत से बिना बदले हिंदी में आए शब्द।
कविता की भाषा कैसी है?
संस्कृतनिष्ठ, सामासिक, चित्रात्मक और गेय।
समास का अर्थ?
संक्षेप; शब्दों को जोड़कर छोटा करना।
समास से बने शब्द को क्या कहते हैं?
समस्त पद या सामासिक पद।
शतदल का विग्रह?
सौ दल हैं जिसके, अर्थात कमल।
सागरजल का विग्रह?
सागर का जल।
शतमुख का अर्थ?
सौ मुख।
ज्योतिर्जल का अर्थ?
ज्योति से भरा, चमकता जल।
कविता से दो संबोधन लिखिए।
भारति, कमलधरे (मुखरे भी)।
गर्जितोर्मि किन दो शब्दों से बना?
गर्जित और ऊर्मि।
शतमुख-शतरव में कौन-सा अलंकार?
अनुप्रास (श की आवृत्ति)।
मुकुट शुभ्र हिम-तुषार में अलंकार?
रूपक।
सागर का चरण धोना कौन-सा अलंकार?
मानवीकरण।
मैथिलीशरण गुप्त को क्या कहा जाता है?
राष्ट्रकवि।
गुप्त की कविता में हिमालय क्या करता है?
आग दबाकर भी हमें हरा रखता है।
तेलुगु में शस्य (उपज) के लिए शब्द?
पंट।
प्रकृति-रक्षा के दो रोज़ के काम?
पेड़ लगाना और पानी बचाना।

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  • समस्त पद और विग्रह
  • कौन-सा अलंकार
  • सही या भ्रम
  • समास-विग्रह कैसे करें
  • झटपट उत्तर

Class 9 Hindi Chapter 10 — frequently asked questions

निराला के जीवन के बारे में तीन बातें लिखिए।

निराला का जन्म बंगाल के महिषादल में, सन् 1899 में, हुआ। वे मूल रूप से उन्नाव के गढ़ाकोला के थे। उन्होंने नौवीं तक पढ़ाई की। बाक़ी भाषाएँ स्वाध्याय से सीखीं।

निराला को छायावाद में अलग क्यों माना जाता है?

छायावादी कवियों में उन्होंने सबसे पहले मुक्त छंद अपनाया। उनकी कविता में विद्रोह और क्रांति का स्वर है। उन्होंने दुखी और उपेक्षित लोगों पर भी करुणा से लिखा।

कनक-शस्य-कमलधरे संबोधन का अर्थ और भाव लिखिए।

इसका अर्थ है सोने जैसी फसलें और कमल धारण करने वाली। फसलें खेती और किसानों के श्रम की समृद्धि दिखाती हैं। कमल ज्ञान, पवित्रता और संस्कृति का प्रतीक है।

कविता की भाषा की दो विशेषताएँ उदाहरण सहित लिखिए।

पहली विशेषता यह है कि भाषा संस्कृतनिष्ठ है। इसमें कनक, शुचि और धवल जैसे तत्सम शब्द हैं। दूसरी, भाषा सामासिक है। जैसे शतदल, सागरजल और शतमुख।

समास और समास-विग्रह में क्या अंतर है? एक उदाहरण दीजिए।

शब्दों को जोड़कर नया छोटा शब्द बनाना समास है। उस शब्द को खोलकर मूल शब्द बताना समास-विग्रह है। जैसे सागर का जल मिलकर सागरजल बना। सागरजल को खोलना विग्रह है।

शतदल, शतमुख और ज्योतिर्जल का विग्रह लिखिए।

शतदल का विग्रह है: सौ दल हैं जिसके, अर्थात कमल। शतमुख का विग्रह है: सौ मुख। ज्योतिर्जल का विग्रह है: ज्योति से भरा जल।

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