Veda Skills Logical Reasoning Unit 17: दर्पण, जल प्रतिबिंब और कागज़ मोड़ना
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दर्पण और जल प्रतिबिंब
अक्षरों, संख्याओं, शब्दों, घड़ियों और आकृतियों के दर्पण और जल प्रतिबिंब ज्ञात करो, और परीक्षकों के जाल पहचानो: दर्पण प्रतिबिंब की जगह दिया गया जल प्रतिबिंब, क्रम उलटा पर अक्षर न पलटे, और आधी पलटी आकृतियाँ।
What you will be able to do
- आप किसी शब्द या संख्या का दर्पण प्रतिबिंब सही क्रम में, हर अक्षर पलटकर बना सकेंगे।
- आप एक नज़र में दर्पण प्रतिबिंब और जल प्रतिबिंब में अंतर बता सकेंगे।
- आप घड़ी के दर्पण प्रतिबिंब में दिखने वाला समय ज्ञात कर सकेंगे।
- आप किसी एक असममित हिस्से को जाँचकर आकृति का सही प्रतिबिंब चुन सकेंगे।
Key points
खड़ा दर्पण (बाईं या दाईं ओर रखा) बाएँ और दाएँ को बदल देता है; ऊपर और नीचे वैसे ही रहते हैं।
जल प्रतिबिंब (नीचे या ऊपर दर्पण) ऊपर और नीचे को बदल देता है; बायाँ और दायाँ वैसे ही रहते हैं।
किसी शब्द के दर्पण प्रतिबिंब में अक्षर उलटे क्रम में आते हैं और हर अक्षर बगल की ओर पलट जाता है।
किसी शब्द के जल प्रतिबिंब में क्रम वही रहता है और हर अक्षर उलटा (ऊपर-नीचे) हो जाता है।
A, H, I, M, O, T, U, V, W, X, Y दर्पण में वैसे ही दिखते हैं; B, C, D, E, H, I, K, O, X जल में वैसे ही दिखते हैं।
घड़ी का दर्पण समय = 11:60 − असली समय (24 घंटे वाली घड़ी के लिए 23:60); यह नियम उलटा भी चलता है।
घड़ी का जल प्रतिबिंब हर सुई को 3–9 रेखा के सापेक्ष पलटता है, इसलिए M पर मिनट की सुई 30 − M पर पहुँचती है।
आकृतियों में से चुनने के लिए पूरी आकृति के बजाय एक छोटे असममित हिस्से (बिंदु, झंडा, भरा कोना) को देखो।
Full explanation
प्रिया और एम्बुलेंस

प्रिया पुणे में लाल बत्ती पर रुकी है। पिताजी की कार के पीछे एक एम्बुलेंस आकर रुकती है। उसके बोनट पर उसे अजीब अक्षर दिखते हैं: ƎƆИA⅃UᗺMA। फिर वह बगल के दर्पण में देखती है और साफ़ पढ़ती है AMBULANCE!
रंगने वालों ने जान-बूझकर शब्द का दर्पण प्रतिबिंब लिखा था। आज आप ऐसे प्रतिबिंब सेकंडों में बनाना और पढ़ना सीखेंगे।
प्रतिबिंब के दो प्रकार

- दर्पण प्रतिबिंब (दर्पण बाईं या दाईं ओर, रेखा MN खड़ी): बायाँ और दायाँ बदलते हैं, ऊपर और नीचे वही रहते हैं।
- जल प्रतिबिंब (नीचे पानी या दर्पण, रेखा MN पड़ी): ऊपर और नीचे बदलते हैं, बायाँ और दायाँ वही रहते हैं।
दर्पण में शब्द उलटे क्रम में पढ़ा जाता है और हर अक्षर बगल की ओर मुड़ जाता है; जल में क्रम वही रहता है पर हर अक्षर सिर के बल खड़ा हो जाता है।
जो अक्षर नहीं बदलते
जिस अक्षर में खड़ी सममिति रेखा हो वह दर्पण में वैसा ही दिखता है: A, H, I, M, O, T, U, V, W, X, Y।
जिस अक्षर में पड़ी सममिति रेखा हो वह जल में वैसा ही दिखता है: B, C, D, E, H, I, K, O, X।
शॉर्टकट: कोई शब्द दर्पण में तभी वैसा दिखता है जब वह दर्पण-अक्षरों से बना पैलिंड्रोम (आगे-पीछे समान) हो (MOM, TOOT, WOW)। कोई शब्द जल में वैसा दिखता है यदि उसका हर अक्षर जल-अक्षर हो (BOX, CODE, HIDE)।
हल किया उदाहरण: दर्पण में शब्द
दाईं ओर दर्पण रखकर BANK का दर्पण प्रतिबिंब ज्ञात करो।
- क्रम उलटो: K, N, A, B।
- हर अक्षर बगल की ओर पलटो: K, N और B बदलते हैं, A नहीं।
प्रतिबिंब ꓘИAᗺ पढ़ा जाता है। जाल वाले विकल्प: KNAB (क्रम उलटा, अक्षर नहीं पलटे), ᗺAИꓘ (अक्षर पलटे, क्रम वही) और उलटा जल प्रतिबिंब।
दर्पण में घड़ी
घड़ी का दर्पण प्रतिबिंब दूसरा समय दिखाता है। असली समय और दर्पण समय का योग सदा 12:00 होता है, इसलिए
$$\text{दर्पण समय} = 11{:}60 - \text{असली समय}$$
उदाहरण: असली समय 3:40 हो तो $11{:}60 - 3{:}40 = 8{:}20$। नियम दोनों ओर चलता है: दर्पण में 8:20 दिखे तो असली समय 3:40 है।
आकृतियाँ: एक हिस्से का पीछा करो
आकृति के लिए सब कुछ मन में पलटने की कोशिश मत करो। एक असममित हिस्सा चुनो, जैसे कोने में भरा त्रिभुज या झंडा, और सोचो कि उसे कहाँ जाना चाहिए।
- दर्पण: ऊपर-बाएँ का हिस्सा ऊपर-दाएँ जाता है।
- जल: ऊपर-बाएँ का हिस्सा नीचे-बाएँ जाता है।
- 180° घुमाव: ऊपर-बायाँ नीचे-दाएँ जाता है। यह कोई प्रतिबिंब नहीं है, और परीक्षक इसे विकल्प में देना पसंद करते हैं।
परीक्षा के शॉर्टकट
- शब्द का दर्पण प्रतिबिंब: क्रम उलटो, हर अक्षर बगल की ओर पलटो।
- जल प्रतिबिंब: क्रम वही, हर अक्षर उलटा।
- सममित अक्षर मदद नहीं करते; B, C, D, E, F, G, J, K, L, N, P, Q, R, S, Z देखो।
- दर्पण घड़ी: 11:60 − समय।
- एक ही वस्तु के दर्पण और जल प्रतिबिंब में 180° घुमाव का अंतर होता है।
प्रिया के पास वापस
घर पर प्रिया एक कार्ड पर अपना नाम PRIYA दर्पण लिपि में लिखती है: AYIЯꟼ। भाई उसे स्नानघर के दर्पण के सामने रखता है और पढ़ता है PRIYA। "अब समझ आया कि एम्बुलेंस अजीब क्यों लगी," वह कहती है। "वह लोगों के लिए नहीं, दर्पणों के लिए लिखी थी।"
माइंड मैप
पूरा टॉपिक एक पन्ने पर।
Concepts and terms
समतल दर्पण बायाँ और दायाँ बदल देता है। दर्पण के सामने दायाँ हाथ उठाओ तो प्रतिबिंब बायाँ हाथ उठाता है।
किसी वस्तु के नीचे शांत पानी में बना प्रतिबिंब: ऊपर का भाग नीचे और नीचे का ऊपर चला जाता है, बायाँ-दायाँ नहीं बदलता।
जिस अक्षर में खड़ी सममिति रेखा हो (जैसे A) वह दर्पण में नहीं बदलता; जिसमें पड़ी रेखा हो (जैसे B) वह जल में नहीं बदलता।
दर्पण समय और असली समय का योग 12:00 होता है, इसलिए दर्पण समय = 11:60 − असली समय।
Did you know
एम्बुलेंस के आगे AMBULANCE उलटे (दर्पण) अक्षरों में लिखा जाता है ताकि आगे वाले चालक इसे अपने पीछे देखने वाले दर्पण में सीधा पढ़ सकें।
लियोनार्डो दा विंची ने अपनी कई कॉपियाँ दर्पण लिपि में, दाएँ से बाएँ लिखी थीं।
Memory tricks
दर्पण बनाम जल — दर्पण: बगल बदलें। जल: सिर बदलें। — दर्पण में बायाँ-दायाँ जगह बदलते हैं; जल में सिर पैरों की जगह चला जाता है।
दर्पण समय — ग्यारह-साठ घटाओ — दर्पण घड़ी पढ़ने के लिए समय को 11:60 में से घटाओ।
Practice MCQs with answers (61)
- A 1
- B 2
- C 3
- D 4
Show answer
Why:
दर्पण प्रतिबिंब में वर्णों का क्रम उलट जाता है और हर वर्ण बगल की ओर पलटता है; ऊपर-नीचे नहीं बदलता। केवल आकृति (1) में दोनों बातें हैं। बाक़ी आकृतियाँ दूसरा प्रतिबिंब या आधा बदलाव दिखाती हैं।
- A 1
- B 2
- C 3
- D 4
Show answer
Why:
दर्पण प्रतिबिंब में वर्णों का क्रम उलट जाता है और हर वर्ण बगल की ओर पलटता है; ऊपर-नीचे नहीं बदलता। केवल आकृति (2) में दोनों बातें हैं। बाक़ी आकृतियाँ दूसरा प्रतिबिंब या आधा बदलाव दिखाती हैं।
- A 1
- B 2
- C 3
- D 4
Show answer
Why:
दर्पण प्रतिबिंब में वर्णों का क्रम उलट जाता है और हर वर्ण बगल की ओर पलटता है; ऊपर-नीचे नहीं बदलता। केवल आकृति (3) में दोनों बातें हैं। बाक़ी आकृतियाँ दूसरा प्रतिबिंब या आधा बदलाव दिखाती हैं।
- A 1
- B 2
- C 3
- D 4
Show answer
Why:
दर्पण प्रतिबिंब में वर्णों का क्रम उलट जाता है और हर वर्ण बगल की ओर पलटता है; ऊपर-नीचे नहीं बदलता। केवल आकृति (4) में दोनों बातें हैं। बाक़ी आकृतियाँ दूसरा प्रतिबिंब या आधा बदलाव दिखाती हैं।
- A 1
- B 2
- C 3
- D 4
Show answer
Why:
दर्पण प्रतिबिंब में वर्णों का क्रम उलट जाता है और हर वर्ण बगल की ओर पलटता है; ऊपर-नीचे नहीं बदलता। केवल आकृति (1) में दोनों बातें हैं। बाक़ी आकृतियाँ दूसरा प्रतिबिंब या आधा बदलाव दिखाती हैं।
- A 1
- B 2
- C 3
- D 4
Show answer
Why:
दर्पण प्रतिबिंब में वर्णों का क्रम उलट जाता है और हर वर्ण बगल की ओर पलटता है; ऊपर-नीचे नहीं बदलता। केवल आकृति (2) में दोनों बातें हैं। बाक़ी आकृतियाँ दूसरा प्रतिबिंब या आधा बदलाव दिखाती हैं।
- A 1
- B 2
- C 3
- D 4
Show answer
Why:
दर्पण प्रतिबिंब में वर्णों का क्रम उलट जाता है और हर वर्ण बगल की ओर पलटता है; ऊपर-नीचे नहीं बदलता। केवल आकृति (3) में दोनों बातें हैं। बाक़ी आकृतियाँ दूसरा प्रतिबिंब या आधा बदलाव दिखाती हैं।
- A 1
- B 2
- C 3
- D 4
Show answer
Why:
दर्पण प्रतिबिंब में वर्णों का क्रम उलट जाता है और हर वर्ण बगल की ओर पलटता है; ऊपर-नीचे नहीं बदलता। केवल आकृति (4) में दोनों बातें हैं। बाक़ी आकृतियाँ दूसरा प्रतिबिंब या आधा बदलाव दिखाती हैं।
- A 1
- B 2
- C 3
- D 4
Show answer
Why:
दर्पण प्रतिबिंब में वर्णों का क्रम उलट जाता है और हर वर्ण बगल की ओर पलटता है; ऊपर-नीचे नहीं बदलता। केवल आकृति (1) में दोनों बातें हैं। बाक़ी आकृतियाँ दूसरा प्रतिबिंब या आधा बदलाव दिखाती हैं।
- A 1
- B 2
- C 3
- D 4
Show answer
Why:
दर्पण प्रतिबिंब में वर्णों का क्रम उलट जाता है और हर वर्ण बगल की ओर पलटता है; ऊपर-नीचे नहीं बदलता। केवल आकृति (2) में दोनों बातें हैं। बाक़ी आकृतियाँ दूसरा प्रतिबिंब या आधा बदलाव दिखाती हैं।
- A 1
- B 2
- C 3
- D 4
Show answer
Why:
जल प्रतिबिंब में क्रम वही रहता है और हर वर्ण उलटा हो जाता है; बायाँ-दायाँ नहीं बदलता। केवल आकृति (3) में दोनों बातें हैं। बाक़ी आकृतियाँ दूसरा प्रतिबिंब या आधा बदलाव दिखाती हैं।
- A 1
- B 2
- C 3
- D 4
Show answer
Why:
जल प्रतिबिंब में क्रम वही रहता है और हर वर्ण उलटा हो जाता है; बायाँ-दायाँ नहीं बदलता। केवल आकृति (4) में दोनों बातें हैं। बाक़ी आकृतियाँ दूसरा प्रतिबिंब या आधा बदलाव दिखाती हैं।
- A 1
- B 2
- C 3
- D 4
Show answer
Why:
जल प्रतिबिंब में क्रम वही रहता है और हर वर्ण उलटा हो जाता है; बायाँ-दायाँ नहीं बदलता। केवल आकृति (1) में दोनों बातें हैं। बाक़ी आकृतियाँ दूसरा प्रतिबिंब या आधा बदलाव दिखाती हैं।
- A 1
- B 2
- C 3
- D 4
Show answer
Why:
जल प्रतिबिंब में क्रम वही रहता है और हर वर्ण उलटा हो जाता है; बायाँ-दायाँ नहीं बदलता। केवल आकृति (2) में दोनों बातें हैं। बाक़ी आकृतियाँ दूसरा प्रतिबिंब या आधा बदलाव दिखाती हैं।
- A 1
- B 2
- C 3
- D 4
Show answer
Why:
जल प्रतिबिंब में क्रम वही रहता है और हर वर्ण उलटा हो जाता है; बायाँ-दायाँ नहीं बदलता। केवल आकृति (3) में दोनों बातें हैं। बाक़ी आकृतियाँ दूसरा प्रतिबिंब या आधा बदलाव दिखाती हैं।
- A 1
- B 2
- C 3
- D 4
Show answer
Why:
जल प्रतिबिंब में क्रम वही रहता है और हर वर्ण उलटा हो जाता है; बायाँ-दायाँ नहीं बदलता। केवल आकृति (4) में दोनों बातें हैं। बाक़ी आकृतियाँ दूसरा प्रतिबिंब या आधा बदलाव दिखाती हैं।
- A 1
- B 2
- C 3
- D 4
Show answer
Why:
जल प्रतिबिंब में क्रम वही रहता है और हर वर्ण उलटा हो जाता है; बायाँ-दायाँ नहीं बदलता। केवल आकृति (1) में दोनों बातें हैं। बाक़ी आकृतियाँ दूसरा प्रतिबिंब या आधा बदलाव दिखाती हैं।
- A 1
- B 2
- C 3
- D 4
Show answer
Why:
जल प्रतिबिंब में क्रम वही रहता है और हर वर्ण उलटा हो जाता है; बायाँ-दायाँ नहीं बदलता। केवल आकृति (2) में दोनों बातें हैं। बाक़ी आकृतियाँ दूसरा प्रतिबिंब या आधा बदलाव दिखाती हैं।
- A DAD
- B MAT
- C NUN
- D MOM
Show answer
Why:
MOM उलटा पढ़ने पर भी वही है और इसमें केवल दर्पण-सुरक्षित अक्षर हैं। DAD: D पलट जाता है। MAT: उलटा पढ़ने पर अलग। NUN: N पलट जाता है।
- A TOOT
- B NOON
- C TOTE
- D POOP
Show answer
Why:
TOOT उलटा पढ़ने पर भी वही है और इसमें केवल दर्पण-सुरक्षित अक्षर हैं। NOON: N पलट जाता है। TOTE: उलटा पढ़ने पर अलग। POOP: P पलट जाता है।
- A WOK
- B WOW
- C SOS
- D BOB
Show answer
Why:
WOW उलटा पढ़ने पर भी वही है और इसमें केवल दर्पण-सुरक्षित अक्षर हैं। BOB: B पलट जाता है। WOK: उलटा पढ़ने पर अलग। SOS: S पलट जाता है।
- A ANNA
- B OTTER
- C OTTO
- D EYE
Show answer
Why:
OTTO उलटा पढ़ने पर भी वही है और इसमें केवल दर्पण-सुरक्षित अक्षर हैं। ANNA: N पलट जाता है। OTTER: उलटा पढ़ने पर अलग। EYE: E पलट जाता है।
- A FOX
- B BOY
- C BUS
- D BOX
Show answer
Why:
BOX के हर अक्षर में पड़ी सममिति रेखा है। BUS: U उलट जाता है। FOX: F उलट जाता है। BOY: Y उलट जाता है।
- A CODE
- B COPE
- C CORE
- D COKES
Show answer
Why:
CODE के हर अक्षर में पड़ी सममिति रेखा है। COPE: P उलट जाता है। CORE: R उलट जाता है। COKES: S उलट जाता है।
- A HIGH
- B HIDE
- C RIDE
- D HIRE
Show answer
Why:
HIDE के हर अक्षर में पड़ी सममिति रेखा है। HIRE: R उलट जाता है। HIGH: G उलट जाता है। RIDE: R उलट जाता है।
- A DESK
- B NECK
- C DECK
- D DUCK
Show answer
Why:
DECK के हर अक्षर में पड़ी सममिति रेखा है। DESK: S उलट जाता है। NECK: N उलट जाता है। DUCK: U उलट जाता है।
- A 6
- B 4
- C 2
- D 3
Show answer
Why:
ये हैं A, H, I: खड़ी सममिति रेखा वाले 3 अक्षर।
- A 3
- B 2
- C 4
- D 5
Show answer
Why:
ये हैं M, O, T: खड़ी सममिति रेखा वाले 3 अक्षर।
- A 3
- B 6
- C 7
- D 5
Show answer
Why:
ये हैं B, C, D, E, H, I: पड़ी सममिति रेखा वाले 6 अक्षर।
- A 2
- B 0
- C 1
- D 6
Show answer
Why:
ये हैं X: पड़ी सममिति रेखा वाले 1 अक्षर।
- A 1
- B 6
- C 4
- D 5
Show answer
Why:
ये हैं U, V, W, X, Y: खड़ी सममिति रेखा वाले 5 अक्षर।
- A 8:20
- B 3:40
- C 2:50
- D 9:20
Show answer
Why:
असली और दर्पण समय का योग 12:00 होता है: 11:60 − 3:40 = 8:20।
- A 4:45
- B 3:45
- C 8:15
- D 10:15
Show answer
Why:
असली और दर्पण समय का योग 12:00 होता है: 11:60 − 8:15 = 3:45।
- A 10:25
- B 8:05
- C 1:35
- D 2:35
Show answer
Why:
असली और दर्पण समय का योग 12:00 होता है: 11:60 − 10:25 = 1:35।
- A 4:40
- B 11:10
- C 1:50
- D 10:10
Show answer
Why:
असली और दर्पण समय का योग 12:00 होता है: 11:60 − 1:50 = 10:10।
- A 7:35
- B 2:05
- C 8:35
- D 4:25
Show answer
Why:
असली और दर्पण समय का योग 12:00 होता है: 11:60 − 4:25 = 7:35।
- A 9:25
- B 2:55
- C 3:55
- D 9:05
Show answer
Why:
असली और दर्पण समय का योग 12:00 होता है: 11:60 − 9:05 = 2:55।
- A 5:55
- B 12:25
- C 11:25
- D 12:35
Show answer
Why:
असली और दर्पण समय का योग 12:00 होता है: 11:60 − 12:35 = 11:25।
- A 6:50
- B 6:10
- C 12:20
- D 5:50
Show answer
Why:
असली और दर्पण समय का योग 12:00 होता है: 11:60 − 6:10 = 5:50।
- A 1
- B 2
- C 3
- D 4
Show answer
Why:
दर्पण प्रतिबिंब में हर सुई 12–6 रेखा के दूसरी ओर उतने ही कोण पर जाती है। आकृति (3) में दोनों सुइयाँ इसी तरह हैं और यह 9:50 पढ़ी जाती है (11:60 − 2:10)।
- A 1
- B 2
- C 3
- D 4
Show answer
Why:
दर्पण प्रतिबिंब में हर सुई 12–6 रेखा के दूसरी ओर उतने ही कोण पर जाती है। आकृति (4) में दोनों सुइयाँ इसी तरह हैं और यह 4:40 पढ़ी जाती है (11:60 − 7:20)।
- A 1
- B 2
- C 3
- D 4
Show answer
Why:
जल प्रतिबिंब में हर सुई 3–9 रेखा के दूसरी ओर उतने ही कोण पर जाती है। आकृति (1) में दोनों सुइयाँ इसी तरह हैं।
- A 1
- B 2
- C 3
- D 4
Show answer
Why:
दर्पण प्रतिबिंब में हर सुई 12–6 रेखा के दूसरी ओर उतने ही कोण पर जाती है। आकृति (2) में दोनों सुइयाँ इसी तरह हैं और यह 1:25 पढ़ी जाती है (11:60 − 10:35)।
- A 1
- B 2
- C 3
- D 4
Show answer
Why:
जल प्रतिबिंब में हर सुई 3–9 रेखा के दूसरी ओर उतने ही कोण पर जाती है। आकृति (3) में दोनों सुइयाँ इसी तरह हैं।
- A 1
- B 2
- C 3
- D 4
Show answer
Why:
एक हिस्से का पीछा करो: दर्पण प्रतिबिंब में हर हिस्सा अपनी ऊँचाई रखते हुए दूसरी बगल में जाता है और ख़ुद भी पलटता है। केवल आकृति (4) ऐसी है; बाक़ी आकृतियाँ ऊपर से नीचे पलटी, 180° घुमाई, चौथाई घड़ी की दिशा में घुमाई हैं।
- A 1
- B 2
- C 3
- D 4
Show answer
Why:
एक हिस्से का पीछा करो: दर्पण प्रतिबिंब में हर हिस्सा अपनी ऊँचाई रखते हुए दूसरी बगल में जाता है और ख़ुद भी पलटता है। केवल आकृति (1) ऐसी है; बाक़ी आकृतियाँ ऊपर से नीचे पलटी, 180° घुमाई, चौथाई घड़ी की दिशा में घुमाई हैं।
- A 1
- B 2
- C 3
- D 4
Show answer
Why:
एक हिस्से का पीछा करो: जल प्रतिबिंब में हर हिस्सा अपनी बगल रखते हुए ऊपर से नीचे जाता है और ख़ुद भी पलटता है। केवल आकृति (2) ऐसी है; बाक़ी आकृतियाँ बाएँ से दाएँ पलटी, 180° घुमाई, चौथाई घड़ी की दिशा में घुमाई हैं।
- A 1
- B 2
- C 3
- D 4
Show answer
Why:
एक हिस्से का पीछा करो: दर्पण प्रतिबिंब में हर हिस्सा अपनी ऊँचाई रखते हुए दूसरी बगल में जाता है और ख़ुद भी पलटता है। केवल आकृति (3) ऐसी है; बाक़ी आकृतियाँ ऊपर से नीचे पलटी, 180° घुमाई, चौथाई घड़ी की दिशा में घुमाई हैं।
- A 1
- B 2
- C 3
- D 4
Show answer
Why:
एक हिस्से का पीछा करो: जल प्रतिबिंब में हर हिस्सा अपनी बगल रखते हुए ऊपर से नीचे जाता है और ख़ुद भी पलटता है। केवल आकृति (4) ऐसी है; बाक़ी आकृतियाँ बाएँ से दाएँ पलटी, 180° घुमाई, चौथाई घड़ी की दिशा में घुमाई हैं।
- A 1
- B 2
- C 3
- D 4
Show answer
Why:
एक हिस्से का पीछा करो: दर्पण प्रतिबिंब में हर हिस्सा अपनी ऊँचाई रखते हुए दूसरी बगल में जाता है और ख़ुद भी पलटता है। केवल आकृति (1) ऐसी है; बाक़ी आकृतियाँ ऊपर से नीचे पलटी, 180° घुमाई, चौथाई घड़ी की दिशा में घुमाई हैं।
- A 1
- B 2
- C 3
- D 4
Show answer
Why:
एक हिस्से का पीछा करो: जल प्रतिबिंब में हर हिस्सा अपनी बगल रखते हुए ऊपर से नीचे जाता है और ख़ुद भी पलटता है। केवल आकृति (2) ऐसी है; बाक़ी आकृतियाँ बाएँ से दाएँ पलटी, 180° घुमाई, चौथाई घड़ी की दिशा में घुमाई हैं।
- A 1
- B 2
- C 3
- D 4
Show answer
Why:
एक हिस्से का पीछा करो: दर्पण प्रतिबिंब में हर हिस्सा अपनी ऊँचाई रखते हुए दूसरी बगल में जाता है और ख़ुद भी पलटता है। केवल आकृति (3) ऐसी है; बाक़ी आकृतियाँ ऊपर से नीचे पलटी, 180° घुमाई, चौथाई घड़ी की दिशा में घुमाई हैं।
- A अपना बायाँ हाथ
- B दोनों हाथ
- C कोई हाथ नहीं
- D अपना दायाँ हाथ
Show answer
Why:
समतल दर्पण बायाँ और दायाँ बदल देता है (पार्श्व परिवर्तन)।
- A E
- B X
- C A
- D B
Show answer
Why:
X में खड़ी और पड़ी दोनों सममिति रेखाएँ हैं। A केवल दर्पण में, B और E केवल जल में सुरक्षित हैं।
- A वह स्वर से शुरू और ख़त्म हो
- B उसमें केवल B, C, D, E जैसे अक्षर हों
- C वह उलटा भी वही पढ़ा जाए और उसमें केवल A, H, M, O, T जैसे अक्षर हों
- D उसमें अक्षरों की संख्या सम हो
Show answer
Why:
दर्पण क्रम उलटता है और हर अक्षर पलटता है, इसलिए क्रम और हर अक्षर दोनों को पलटने पर भी वैसा रहना चाहिए।
- A दाईं ओर खिसकाने का
- B 90° के घुमाव का
- C कुछ नहीं; वे समान हैं
- D 180° के घुमाव का
Show answer
Why:
दर्पण x पलटता है, जल y; दोनों पलटना 180° घुमाने के बराबर है।
- A 2
- B 1
- C 3
- D 4
Show answer
Why:
केवल 0 और 8 में खड़ी सममिति रेखा है, इसलिए उत्तर 2 है।
- A A और R दोनों सत्य हैं, और R, A की सही व्याख्या है
- B A और R दोनों सत्य हैं, पर R, A की सही व्याख्या नहीं है
- C A सत्य है पर R असत्य है
- D A असत्य है पर R सत्य है
Show answer
Why:
11:60 − 2:30 = 9:30, और 2:30 + 9:30 = 12:00। R ही A का आधार है।
- A A और R दोनों सत्य हैं, और R, A की सही व्याख्या है
- B A और R दोनों सत्य हैं, पर R, A की सही व्याख्या नहीं है
- C A सत्य है पर R असत्य है
- D A असत्य है पर R सत्य है
Show answer
Why:
R सत्य है, इसलिए HIDE जल में वैसा दिखता है, दर्पण में नहीं: दर्पण उसे EDIH उलटेगा और D, E को पलटेगा। A असत्य है।
- A केवल 1
- B केवल 2
- C 1 और 2 दोनों
- D न 1, न 2
Show answer
Why:
जल केवल ऊपर-नीचे बदलता है, इसलिए 1 असत्य है; दर्पण क्रम उलट देता है, इसलिए 2 सत्य है।
- A केवल 1
- B केवल 2
- C 1 और 2 दोनों
- D न 1, न 2
Show answer
Why:
11:60 − 6:00 = 6:00, और 11:60 − 12:30 से −0:30 + 12:00 = 11:30। दोनों सत्य हैं।
Important short questions (4)
अक्षरों को उलटे क्रम में लिखो, फिर हर अक्षर को बाएँ से दाएँ पलटो। A, H, M, O, T जैसे अक्षर वैसे ही रहते हैं।
11:60 − 5:35 = 6:25।
H, I, O और X, क्योंकि हर एक में खड़ी और पड़ी दोनों सममिति रेखाएँ हैं।
ऊपर के पास वाले किसी हिस्से का पीछा करो। दर्पण प्रतिबिंब में वह ऊपर ही रहता है पर दूसरी बगल में जाता है; जल प्रतिबिंब में वह उसी बगल में नीचे चला जाता है।
Long answer questions (1)
दर्पण (दाईं ओर रेखा): क्रम उलटकर B, A, C और हर अक्षर बगल की ओर पलटता है; A नहीं बदलता, B और C बाईं ओर मुँह करते हैं।
जल (नीचे रेखा): क्रम C, A, B वही रहता है और हर अक्षर उलटा होता है; C और B वैसे ही दिखते हैं, A अपनी नोक पर खड़ा होता है।
180° का घुमाव दोनों पलट एक साथ करता है: क्रम B, A, C और हर अक्षर उलटा व पलटा हुआ। यह जल प्रतिबिंब का दर्पण प्रतिबिंब है, CAB का प्रतिबिंब नहीं।
Flashcards (13)
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- प्रतिबिंब या नहीं?
कागज़ मोड़ना और काटना
मोड़कर छेदी या काटी गई शीट खोलने पर कैसी दिखेगी, यह बताओ, मोड़ों की संख्या से छेद गिनो, और डिज़ाइन वाली पारदर्शी शीट को मन में मोड़ो।
What you will be able to do
- आप मुड़ी शीट को एक-एक चरण में, पहले अंतिम मोड़ खोल सकेंगे।
- आप मोड़ों और छेदों की संख्या से खोलने के बाद के छेद गिन सकेंगे।
- आप छेद या कटाव की पलटी प्रति और खिसकी प्रति में अंतर कर सकेंगे।
- आप डिज़ाइन वाली पारदर्शी शीट मोड़कर परिणाम बता सकेंगे।
Key points
हर मोड़ परतों की संख्या दुगुनी करता है: 1 मोड़ से 2 परतें, 2 से 4, 3 से 8।
सभी परतों में किया छेद हर परत में एक बार आता है, इसलिए खोलने पर छेद = छेद × 2^मोड़ (जब कोई छेद मोड़ पर न हो)।
मोड़ उलटे क्रम में खोलो: पहले अंतिम मोड़।
हर बार खोलने पर हर छेद का उस मोड़ रेखा के पार दर्पण प्रतिबिंब जुड़ता है।
छेद पलटते हैं, खिसकते नहीं: खड़े मोड़ के दूसरी ओर दाईं ओर नुकीला त्रिभुज बाईं ओर नुकीला बन जाता है।
मोड़ रेखा को छूता कटाव अपने प्रतिबिंब से जुड़ जाता है, इसलिए मोड़ पर त्रिकोणीय खाँचा खुलकर हीरे जैसा बनता है।
पारदर्शी शीट मोड़ने में हिलने वाला आधा दूसरे आधे पर अपने दर्पण प्रतिबिंब के रूप में आता है; स्थिर आधा नहीं बदलता।
Full explanation
मीना का रंगोली स्टेंसिल

मीना को जयपुर में अपने स्कूल की दीवाली रंगोली के लिए एक स्टेंसिल चाहिए। शिक्षिका एक तरकीब दिखाती हैं: एक वर्गाकार शीट को दो बार मोड़ो, दो छेद करो, और खोलो। हर छेद की चार प्रतियाँ, बिल्कुल सही जगह!
मीना की सहेली खोलने से पहले छेदों की जगह का अनुमान लगाती है, और ग़लत हो जाती है। यह टॉपिक बताता है कि हर बार सही कैसे हों।
मोड़ों से परतें बनती हैं
हर बार शीट को आधा मोड़ने पर परतें दुगुनी हो जाती हैं। छेद हर परत से गुज़रता है, इसलिए हर परत में एक छेद बनाता है।
$$\text{छेद} = \text{छेदन} \times 2^{\text{मोड़}}$$
यह तब सही है जब कोई छेद मोड़ रेखा पर न हो।
खोलना: पहले अंतिम मोड़
अंतिम मोड़ सबसे ऊपर होता है, इसलिए उसे पहले खोलो। हर बार मोड़ खोलते समय सोचो कि मोड़ रेखा एक दर्पण है: हर छेद की दूसरी ओर, रेखा से उतनी ही दूरी पर, एक दर्पण प्रति बनती है।
पलटो, खिसकाओ नहीं
सबसे आम ग़लत विकल्प छेदों को सही जगह पर, पर बिना पलटे दिखाता है। गोल छेद दोनों तरह एक जैसा दिखता है, इसलिए परीक्षक त्रिभुज, तीर और अर्धवृत्त इस्तेमाल करते हैं।
जाँच: जिस त्रिभुज का समकोण मोड़ के पास है, उसकी प्रति का समकोण भी मोड़ के पास होना चाहिए।
विकर्ण मोड़
विकर्ण के अनुदिश मोड़ भी इसी तरह काम करता है, विकर्ण दर्पण बन जाता है। मुड़े त्रिभुज के ऊपरी किनारे के पास का छेद खोलने पर बगल वाले किनारे के पास आता है।
मोड़ पर कटाव
यदि कटाव मोड़ रेखा को छूता है, तो वह अपने ही प्रतिबिंब से जुड़ जाता है। मुड़े किनारे पर काटा छोटा त्रिभुज खुलकर हीरा बनता है; मोड़ पर काटा अर्धवृत्त खुलकर पूरा वृत्त बनता है।
पारदर्शी शीटें
कुछ प्रश्नों में डिज़ाइन वाली पारदर्शी शीट दी जाती है और पूछा जाता है कि एक मोड़ के बाद वह कैसी दिखेगी। हिलने वाला आधा भाग मोड़ के पार अपने दर्पण प्रतिबिंब के रूप में दूसरे आधे पर आता है, और दूसरा आधा वैसा ही रहता है।
परीक्षा के शॉर्टकट
- पहले गिनो: छेद × $2^{\text{मोड़}}$ ग़लत विकल्प जल्दी हटाता है।
- पहले अंतिम मोड़ खोलो।
- हर प्रति एक परावर्तन है: एक असममित छेद जाँचो।
- मोड़ पर खाँचा दुगुना होकर एक बड़ा कटाव बनता है।
- पारदर्शी मोड़: हिलता आधा पलटता है, स्थिर आधा नहीं।
मीना के पास वापस
मीना अपनी शीट बाएँ से दाएँ, फिर ऊपर से नीचे मोड़ती है, और एक वृत्त और एक त्रिभुज का छेद करती है। खोलने से पहले वह कहती है: "चार परतें, इसलिए चार वृत्त और चार त्रिभुज, हर एक मोड़ों पर पलटा हुआ।" वह खोलती है, और वह सही है। रंगोली का स्टेंसिल तैयार है।
माइंड मैप
पूरा टॉपिक एक पन्ने पर।
Concepts and terms
आधा मोड़ने से एक भाग दूसरे के ऊपर आता है, इसलिए हर मोड़ से परतें दुगुनी होती हैं।
मोड़ खोलना मोड़ रेखा के पार हर चीज़ की दर्पण प्रति रख देता है, मानो मोड़ रेखा एक दर्पण हो।
अंतिम मोड़ सबसे ऊपर होता है, इसलिए वही सबसे पहले खुलता है।
पारदर्शी शीट पर मोड़ने के बाद दोनों डिज़ाइन दिखते हैं: एक जैसा था, दूसरा अपने दर्पण प्रतिबिंब के रूप में।
Did you know
मथुरा की कागज़ काटने की कला सांझी, मुड़ी शीट काटकर सममित डिज़ाइन बनाती है।
कागज़ की शीट आम तौर पर 7 या 8 बार से अधिक आधी नहीं मुड़ती, क्योंकि 8 मोड़ों में ही 256 परतें बन जाती हैं।
Memory tricks
खोलना — अंतिम मोड़, पहले खुले — पहले अंतिम मोड़ खोलो, जैसे थालियों के ढेर से ऊपर वाली पहले उठाते हैं।
छेद गिनना — हर मोड़ पर दुगुना — छेद × 2 × 2 × …, हर मोड़ के लिए एक बार।
Practice MCQs with answers (44)
- A 1
- B 2
- C 3
- D 4
Show answer
Why:
एक-एक चरण खोलो, पहले अंतिम मोड़। हर बार खोलने पर हर छेद की उस मोड़ रेखा के पार दर्पण प्रति जुड़ती है, इसलिए 2 से 4 हो जाते हैं। आकृति (2) में सब हैं, हर एक पलटा हुआ (केवल खिसका हुआ नहीं)।
- A 1
- B 2
- C 3
- D 4
Show answer
Why:
एक-एक चरण खोलो, पहले अंतिम मोड़। हर बार खोलने पर हर छेद की उस मोड़ रेखा के पार दर्पण प्रति जुड़ती है, इसलिए 2 से 4 हो जाते हैं। आकृति (3) में सब हैं, हर एक पलटा हुआ (केवल खिसका हुआ नहीं)।
- A 1
- B 2
- C 3
- D 4
Show answer
Why:
एक-एक चरण खोलो, पहले अंतिम मोड़। हर बार खोलने पर हर छेद की उस मोड़ रेखा के पार दर्पण प्रति जुड़ती है, इसलिए 2 से 4 हो जाते हैं। आकृति (4) में सब हैं, हर एक पलटा हुआ (केवल खिसका हुआ नहीं)।
- A 1
- B 2
- C 3
- D 4
Show answer
Why:
एक-एक चरण खोलो, पहले अंतिम मोड़। हर बार खोलने पर हर छेद की उस मोड़ रेखा के पार दर्पण प्रति जुड़ती है, इसलिए 2 से 4 हो जाते हैं। आकृति (1) में सब हैं, हर एक पलटा हुआ (केवल खिसका हुआ नहीं)।
- A 1
- B 2
- C 3
- D 4
Show answer
Why:
एक-एक चरण खोलो, पहले अंतिम मोड़। हर बार खोलने पर हर छेद की उस मोड़ रेखा के पार दर्पण प्रति जुड़ती है, इसलिए 2 से 4 हो जाते हैं। आकृति (2) में सब हैं, हर एक पलटा हुआ (केवल खिसका हुआ नहीं)।
- A 1
- B 2
- C 3
- D 4
Show answer
Why:
एक-एक चरण खोलो, पहले अंतिम मोड़। हर बार खोलने पर हर छेद की उस मोड़ रेखा के पार दर्पण प्रति जुड़ती है, इसलिए 1 से 4 हो जाते हैं। आकृति (3) में सब हैं, हर एक पलटा हुआ (केवल खिसका हुआ नहीं)।
- A 1
- B 2
- C 3
- D 4
Show answer
Why:
एक-एक चरण खोलो, पहले अंतिम मोड़। हर बार खोलने पर हर छेद की उस मोड़ रेखा के पार दर्पण प्रति जुड़ती है, इसलिए 2 से 8 हो जाते हैं। आकृति (4) में सब हैं, हर एक पलटा हुआ (केवल खिसका हुआ नहीं)।
- A 1
- B 2
- C 3
- D 4
Show answer
Why:
एक-एक चरण खोलो, पहले अंतिम मोड़। हर बार खोलने पर हर छेद की उस मोड़ रेखा के पार दर्पण प्रति जुड़ती है, इसलिए 2 से 8 हो जाते हैं। आकृति (1) में सब हैं, हर एक पलटा हुआ (केवल खिसका हुआ नहीं)।
- A 1
- B 2
- C 3
- D 4
Show answer
Why:
एक-एक चरण खोलो, पहले अंतिम मोड़। हर बार खोलने पर हर छेद की उस मोड़ रेखा के पार दर्पण प्रति जुड़ती है, इसलिए 2 से 8 हो जाते हैं। आकृति (2) में सब हैं, हर एक पलटा हुआ (केवल खिसका हुआ नहीं)।
- A 1
- B 2
- C 3
- D 4
Show answer
Why:
एक-एक चरण खोलो, पहले अंतिम मोड़। हर बार खोलने पर हर छेद की उस मोड़ रेखा के पार दर्पण प्रति जुड़ती है, इसलिए 1 से 4 हो जाते हैं। आकृति (3) में सब हैं, हर एक पलटा हुआ (केवल खिसका हुआ नहीं)।
- A 1
- B 2
- C 3
- D 4
Show answer
Why:
एक-एक चरण खोलो, पहले अंतिम मोड़। हर बार खोलने पर हर छेद की उस मोड़ रेखा के पार दर्पण प्रति जुड़ती है, इसलिए 2 से 8 हो जाते हैं। आकृति (4) में सब हैं, हर एक पलटा हुआ (केवल खिसका हुआ नहीं)।
- A 1
- B 2
- C 3
- D 4
Show answer
Why:
एक-एक चरण खोलो, पहले अंतिम मोड़। हर बार खोलने पर हर छेद की उस मोड़ रेखा के पार दर्पण प्रति जुड़ती है, इसलिए 2 से 8 हो जाते हैं। आकृति (1) में सब हैं, हर एक पलटा हुआ (केवल खिसका हुआ नहीं)।
- A 1
- B 2
- C 3
- D 4
Show answer
Why:
एक-एक चरण खोलो, पहले अंतिम मोड़। हर बार खोलने पर हर छेद की उस मोड़ रेखा के पार दर्पण प्रति जुड़ती है, इसलिए 1 से 8 हो जाते हैं। आकृति (2) में सब हैं, हर एक पलटा हुआ (केवल खिसका हुआ नहीं)।
- A 1
- B 2
- C 3
- D 4
Show answer
Why:
एक-एक चरण खोलो, पहले अंतिम मोड़। हर बार खोलने पर हर छेद की उस मोड़ रेखा के पार दर्पण प्रति जुड़ती है, इसलिए 2 से 4 हो जाते हैं। आकृति (3) में सब हैं, हर एक पलटा हुआ (केवल खिसका हुआ नहीं)।
- A 1
- B 2
- C 3
- D 4
Show answer
Why:
एक-एक चरण खोलो, पहले अंतिम मोड़। हर बार खोलने पर हर छेद की उस मोड़ रेखा के पार दर्पण प्रति जुड़ती है, इसलिए 2 से 8 हो जाते हैं। आकृति (4) में सब हैं, हर एक पलटा हुआ (केवल खिसका हुआ नहीं)।
- A 1
- B 2
- C 3
- D 4
Show answer
Why:
एक-एक चरण खोलो, पहले अंतिम मोड़। हर बार खोलने पर हर छेद की उस मोड़ रेखा के पार दर्पण प्रति जुड़ती है, इसलिए 2 से 4 हो जाते हैं। आकृति (1) में सब हैं, हर एक पलटा हुआ (केवल खिसका हुआ नहीं)।
- A 1
- B 2
- C 3
- D 4
Show answer
Why:
एक-एक चरण खोलो, पहले अंतिम मोड़। हर बार खोलने पर हर कटाव की उस मोड़ रेखा के पार दर्पण प्रति जुड़ती है, इसलिए 1 से 2 हो जाते हैं। आकृति (2) में सब हैं, हर एक पलटा हुआ (केवल खिसका हुआ नहीं)।
- A 1
- B 2
- C 3
- D 4
Show answer
Why:
एक-एक चरण खोलो, पहले अंतिम मोड़। हर बार खोलने पर हर कटाव की उस मोड़ रेखा के पार दर्पण प्रति जुड़ती है, इसलिए 1 से 4 हो जाते हैं। आकृति (3) में सब हैं, हर एक पलटा हुआ (केवल खिसका हुआ नहीं)।
- A 1
- B 2
- C 3
- D 4
Show answer
Why:
एक-एक चरण खोलो, पहले अंतिम मोड़। हर बार खोलने पर हर कटाव की उस मोड़ रेखा के पार दर्पण प्रति जुड़ती है, इसलिए 2 से 4 हो जाते हैं। आकृति (4) में सब हैं, हर एक पलटा हुआ (केवल खिसका हुआ नहीं)।
- A 1
- B 2
- C 3
- D 4
Show answer
Why:
एक-एक चरण खोलो, पहले अंतिम मोड़। हर बार खोलने पर हर कटाव की उस मोड़ रेखा के पार दर्पण प्रति जुड़ती है, इसलिए 2 से 8 हो जाते हैं। आकृति (1) में सब हैं, हर एक पलटा हुआ (केवल खिसका हुआ नहीं)।
- A 1
- B 2
- C 3
- D 4
Show answer
Why:
जो आधा भाग हिलता है वह मोड़ रेखा के पार दूसरे आधे पर अपने दर्पण प्रतिबिंब के रूप में आता है, और स्थिर आधा नहीं बदलता। आकृति (2) यही दिखाती है।
- A 1
- B 2
- C 3
- D 4
Show answer
Why:
जो आधा भाग हिलता है वह मोड़ रेखा के पार दूसरे आधे पर अपने दर्पण प्रतिबिंब के रूप में आता है, और स्थिर आधा नहीं बदलता। आकृति (3) यही दिखाती है।
- A 1
- B 2
- C 3
- D 4
Show answer
Why:
जो आधा भाग हिलता है वह मोड़ रेखा के पार दूसरे आधे पर अपने दर्पण प्रतिबिंब के रूप में आता है, और स्थिर आधा नहीं बदलता। आकृति (4) यही दिखाती है।
- A 1
- B 2
- C 3
- D 4
Show answer
Why:
जो आधा भाग हिलता है वह मोड़ रेखा के पार दूसरे आधे पर अपने दर्पण प्रतिबिंब के रूप में आता है, और स्थिर आधा नहीं बदलता। आकृति (1) यही दिखाती है।
- A 1
- B 2
- C 3
- D 4
Show answer
Why:
जो आधा भाग हिलता है वह मोड़ रेखा के पार दूसरे आधे पर अपने दर्पण प्रतिबिंब के रूप में आता है, और स्थिर आधा नहीं बदलता। आकृति (2) यही दिखाती है।
- A 1
- B 2
- C 3
- D 4
Show answer
Why:
जो आधा भाग हिलता है वह मोड़ रेखा के पार दूसरे आधे पर अपने दर्पण प्रतिबिंब के रूप में आता है, और स्थिर आधा नहीं बदलता। आकृति (3) यही दिखाती है।
- A 5
- B 6
- C 3
- D 12
Show answer
Why:
1 मोड़ से 2 परतें बनती हैं, और हर छेद हर परत से गुज़रता है: 3 × 2 = 6।
- A 16
- B 6
- C 8
- D 4
Show answer
Why:
2 मोड़ से 4 परतें बनती हैं, और हर छेद हर परत से गुज़रता है: 2 × 4 = 8।
- A 4
- B 16
- C 6
- D 8
Show answer
Why:
3 मोड़ से 8 परतें बनती हैं, और हर छेद हर परत से गुज़रता है: 1 × 8 = 8।
- A 24
- B 18
- C 12
- D 48
Show answer
Why:
3 मोड़ से 8 परतें बनती हैं, और हर छेद हर परत से गुज़रता है: 3 × 8 = 24।
- A 4
- B 8
- C 16
- D 6
Show answer
Why:
1 मोड़ से 2 परतें बनती हैं, और हर छेद हर परत से गुज़रता है: 4 × 2 = 8।
- A 4
- B 16
- C 8
- D 6
Show answer
Why:
2 मोड़ से 4 परतें बनती हैं, और हर छेद हर परत से गुज़रता है: 2 × 4 = 8।
- A 17
- B 8
- C 32
- D 16
Show answer
Why:
4 मोड़ से 16 परतें बनती हैं, और हर छेद हर परत से गुज़रता है: 1 × 16 = 16।
- A 20
- B 10
- C 40
- D 9
Show answer
Why:
2 मोड़ से 4 परतें बनती हैं, और हर छेद हर परत से गुज़रता है: 5 × 4 = 20।
- A 6
- B 12
- C 24
- D 7
Show answer
Why:
2 मोड़ से 4 परतें बनती हैं, और हर छेद हर परत से गुज़रता है: 3 × 4 = 12।
- A 32
- B 8
- C 16
- D 4
Show answer
Why:
हर मोड़ परतें दुगुनी करता है: 2 × 2 × 2 × 2 = 16।
- A सबसे लंबी मोड़ रेखा
- B जो मोड़ सबसे पहले किया गया
- C कोई भी; क्रम मायने नहीं रखता
- D जो मोड़ सबसे अंत में किया गया
Show answer
Why:
अंतिम मोड़ परतों के ढेर में सबसे ऊपर है, इसलिए पहले खुलता है।
- A नीचे-बाएँ
- B ऊपर-बाएँ
- C ऊपर-दाएँ
- D नीचे-दाएँ
Show answer
Why:
खड़ा मोड़ दर्पण की तरह काम करता है: दायाँ बायाँ बनता है, नीचे नीचे ही रहता है।
- A एक अर्धवृत्ताकार छेद
- B एक पूरा गोल छेद
- C दो अर्धवृत्ताकार छेद
- D दो पूरे वृत्त
Show answer
Why:
कटाव मोड़ को छूता है, इसलिए अपने प्रतिबिंब से जुड़कर पूरा वृत्त बनता है।
- A 25
- B 10
- C 32
- D 16
Show answer
Why:
हर बार दुगुना: 2⁵ = 32।
- A A और R दोनों सत्य हैं, और R, A की सही व्याख्या है
- B A और R दोनों सत्य हैं, पर R, A की सही व्याख्या नहीं है
- C A सत्य है पर R असत्य है
- D A असत्य है पर R सत्य है
Show answer
Why:
छेद चारों परतों से गुज़रता है, हर परत में एक, इसलिए R, A की व्याख्या है (मोड़ से दूर के छेद)।
- A A और R दोनों सत्य हैं, और R, A की सही व्याख्या है
- B A और R दोनों सत्य हैं, पर R, A की सही व्याख्या नहीं है
- C A सत्य है पर R असत्य है
- D A असत्य है पर R सत्य है
Show answer
Why:
R सत्य है, और इसी कारण A असत्य है: असममित छेद का दर्पण प्रतिबिंब उलटी ओर मुँह करता है।
- A केवल 1
- B केवल 2
- C 1 और 2 दोनों
- D न 1, न 2
Show answer
Why:
2 मोड़ → 4 परतें, और 3 × 4 = 12 (मोड़ से दूर के छेद)। दोनों सत्य हैं।
- A केवल 1
- B केवल 2
- C 1 और 2 दोनों
- D न 1, न 2
Show answer
Why:
दायाँ आधा हिलता नहीं, इसलिए नहीं बदलता; केवल बायाँ आधा उस पर पलटकर आता है।
Important short questions (3)
तीन मोड़ से 2³ = 8 परतें बनती हैं, और हर छेद आठों से गुज़रता है, इसलिए 2 × 8 = 16 छेद।
अंतिम मोड़ बाक़ी के ऊपर होता है, इसलिए वही पहले खुल सकता है; हर बार खोलने पर छेद उस मोड़ रेखा के पार पलटते हैं।
वह मोड़ के पार अपने दर्पण प्रतिबिंब से जुड़ता है, इसलिए दो अलग टुकड़ों के बजाय एक हीरा (या बड़ा त्रिभुज) बनता है।
Long answer questions (1)
पहले ऊपर-से-नीचे वाला मोड़ खोलो: त्रिभुज की ऊपरी-दाएँ चौथाई में ऊपर-नीचे पलटी प्रति बनती है।
फिर बाएँ-से-दाएँ वाला मोड़ खोलो: दोनों त्रिभुजों की बाएँ आधे में बाएँ-दाएँ पलटी प्रतियाँ बनती हैं।
शीट में 4 त्रिभुज दिखते हैं, हर कोने के पास एक, हर एक अपने पड़ोसी का दर्पण प्रतिबिंब, इसलिए चारों समकोण कोनों की ओर (या सब केंद्र की ओर) होते हैं।
Flashcards (12)
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- मोड़ के तथ्य
निहित आकृतियाँ और आकृति पूर्ति
जटिल आकृति में उसी आकार और दिशा में छिपी सरल आकृति ढूँढो, पता करो कि बड़ी आकृति कौन-सी छोटी आकृति छिपाए है, सममित पैटर्न पूरा करो, और सममिति रेखाएँ गिनो।
What you will be able to do
- आप दी गई आकृति को जटिल आकृति में रेखा-दर-रेखा खोज सकेंगे।
- आप उन विकल्पों को हटा सकेंगे जिनमें पलटी या घूमी प्रति छिपी है।
- आप सममिति रेखाओं से पैटर्न पूरा कर सकेंगे।
- आप आम आकारों की सममिति रेखाओं की संख्या बता सकेंगे।
Key points
निहित आकृति उसी आकार और उसी दिशा में होनी चाहिए; पलटी या घूमी प्रति नहीं गिनी जाती।
सरल आकृति के सबसे अलग हिस्से, जैसे तिरछी रेखा या नुकीले कोने से शुरू करो और पहले उसे ढूँढो।
छिपी आकृति के आस-पास अतिरिक्त रेखाएँ चल सकती हैं; ग़ायब रेखाएँ नहीं।
सरल आकृति की कोई रेखा जटिल आकृति की किसी लंबी रेखा के हिस्से पर पड़ सकती है।
आकृति पूर्ति में, दोनों मध्य रेखाओं के सापेक्ष सममित पैटर्न का हर चौथाई भाग अपने पड़ोसी का दर्पण प्रतिबिंब होता है।
तिरछा सामने वाला चौथाई भाग किसी चौथाई का 180° घुमाव है, उसका दर्पण प्रतिबिंब नहीं।
सममिति रेखाएँ: वर्ग 4, आयत 2, समबाहु त्रिभुज 3, समषट्भुज 6, समांतर चतुर्भुज 0, वृत्त अनगिनत।
Full explanation
फ़तेहपुर सीकरी में कबीर

कबीर की कक्षा आगरा के पास फ़तेहपुर सीकरी जाती है। गाइड पत्थर की एक जाली दिखाकर कहता है: "इस पैटर्न में एक छह-कोना तारा छिपा है। कौन ढूँढेगा?" कबीर सैकड़ों काटती रेखाओं को देखता रहता है और कुछ नहीं दिखता। उसकी सहेली सना इसे दस सेकंड में ढूँढ लेती है।
उसका राज़ एक विधि है, और आप इसे यहाँ सीखेंगे।
निहित किसे कहते हैं?
आकृति X किसी बड़ी आकृति में निहित है यदि X की हर रेखा वहाँ मौजूद हो:
- उसी आकार में,
- उसी दिशा में (न पलटी, न घूमी),
- कोई रेखा ग़ायब न हो।
आस-पास की अतिरिक्त रेखाएँ मायने नहीं रखतीं।
सना की विधि
- X का सबसे अलग हिस्सा चुनो: तिरछी रेखा, नुकीला कोना या छोटा सीढ़ीनुमा भाग।
- बड़ी आकृति में हर वह जगह ढूँढो जहाँ वह हिस्सा उसी दिशा में है।
- हर ऐसी जगह से X की बाक़ी रेखाएँ खोजो। एक भी रेखा ग़ायब हो तो वह जगह बेकार है।
विकल्पों के जाल
परीक्षक तीन तरह के ग़लत विकल्प बनाते हैं:
- बड़ी आकृति में X का दर्पण प्रतिबिंब छिपा है;
- उसमें 90° या 180° घूमा X छिपा है;
- उसमें X है पर एक रेखा ग़ायब है।
इसलिए मेल मिलने पर उसकी दिशा जाँचो और रेखाएँ गिनो।
उलटा प्रश्न
कभी एक बड़ी आकृति दी जाती है, और चुनना होता है कि वह कौन-सी छोटी आकृति छिपाए है। हर विकल्प पर वही विधि लगाओ। सही उत्तर के पलटे और घूमे रूप ही आम तौर पर ग़लत विकल्प होते हैं।
सममित पैटर्न पूरा करना
दोनों मध्य रेखाओं के सापेक्ष सममित पैटर्न चार चौथाई भागों से बनता है:
- बाएँ-दाएँ पड़ोसी दर्पण प्रतिबिंब हैं,
- ऊपर-नीचे पड़ोसी जल प्रतिबिंब हैं,
- तिरछे सामने वाले भाग 180° घुमाव हैं।
ग़ायब चौथाई भरने के लिए उसके पड़ोसी को बीच की रेखा के पार पलटो।
सममिति रेखाएँ
सममिति रेखा वह मोड़ रेखा है जिससे दोनों आधे भाग मिल जाएँ। आम आकारों की संख्या याद हो तो समय बचता है।
परीक्षा के शॉर्टकट
- X के अलग हिस्से से शुरू करो, साधारण वर्ग से नहीं।
- वही आकार, वही दिशा, हर रेखा।
- दर्पण और घूमी प्रतियाँ तुरंत हटाओ।
- पूर्ति: पड़ोसी दर्पण, सामने वाले घूमे।
- सम n-भुज: n सममिति रेखाएँ।
कबीर के पास वापस
सना कबीर को अपनी तरकीब बताती है: "पूरा तारा मत ढूँढो। एक नुकीला कोना ढूँढो, फिर उसकी दोनों भुजाओं के साथ चलो।" कबीर अगली जाली में सना से पहले एक षट्भुज ढूँढ लेता है।
माइंड मैप
पूरा टॉपिक एक पन्ने पर।
Concepts and terms
एक सरल आकृति जो बड़ी आकृति का हिस्सा हो, उसकी हर रेखा उसी आकार और दिशा में मौजूद हो।
आकृति किस ओर मुँह किए है। दर्पण प्रतिबिंब या घूमी प्रति की दिशा अलग होती है, इसलिए यहाँ वह अलग आकृति है।
ग़ायब हिस्से वाले डिज़ाइन को उसकी सममिति से पूरा किया जाता है: ग़ायब हिस्सा किसी ज्ञात हिस्से का परावर्तन है।
वह रेखा जिसके अनुदिश आकृति मोड़ने पर दोनों आधे भाग ठीक मिल जाएँ।
Did you know
फ़तेहपुर सीकरी की पत्थर की जालियों में एक बड़े सममित पैटर्न के अंदर सैकड़ों छोटे तारे और षट्भुज छिपे हैं।
मनोवैज्ञानिक निहित-आकृति परीक्षणों से मापते हैं कि लोग किसी आकार को उसकी पृष्ठभूमि से कितनी अच्छी तरह अलग करते हैं।
Memory tricks
निहित आकृतियाँ — वही आकार, वही दिशा, हर रेखा — आकृति के सच में छिपे होने के लिए तीनों ज़रूरी हैं।
पूर्ति — पड़ोसी दर्पण, सामने वाले घूमे — अगल-बगल के चौथाई दर्पण प्रतिबिंब हैं; तिरछे सामने वाले 180° घुमाव।
Practice MCQs with answers (45)
- A 1
- B 2
- C 3
- D 4
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Why:
हर आकृति में X की रेखाएँ खोजो। केवल आकृति (1) में X की हर रेखा उसी स्थिति और दिशा में है; बाक़ी में से एक में X का दर्पण प्रतिबिंब छिपा है, एक में चौथाई घूमा X छिपा है, एक में उलटा X छिपा है।
- A 1
- B 2
- C 3
- D 4
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Why:
हर आकृति में X की रेखाएँ खोजो। केवल आकृति (2) में X की हर रेखा उसी स्थिति और दिशा में है; बाक़ी में से एक में X का दर्पण प्रतिबिंब छिपा है, एक में चौथाई घूमा X छिपा है, एक में उलटा X छिपा है।
- A 1
- B 2
- C 3
- D 4
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Why:
हर आकृति में X की रेखाएँ खोजो। केवल आकृति (3) में X की हर रेखा उसी स्थिति और दिशा में है; बाक़ी में से एक में X का दर्पण प्रतिबिंब छिपा है, एक में चौथाई घूमा X छिपा है, एक में उलटा X छिपा है।
- A 1
- B 2
- C 3
- D 4
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Why:
हर आकृति में X की रेखाएँ खोजो। केवल आकृति (4) में X की हर रेखा उसी स्थिति और दिशा में है; बाक़ी में से एक में X का दर्पण प्रतिबिंब छिपा है, एक में चौथाई घूमा X छिपा है, एक में उलटा X छिपा है।
- A 1
- B 2
- C 3
- D 4
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Why:
हर आकृति में X की रेखाएँ खोजो। केवल आकृति (1) में X की हर रेखा उसी स्थिति और दिशा में है; बाक़ी में से एक में X का दर्पण प्रतिबिंब छिपा है, एक में चौथाई घूमा X छिपा है, एक में उलटा X छिपा है।
- A 1
- B 2
- C 3
- D 4
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Why:
हर आकृति में X की रेखाएँ खोजो। केवल आकृति (2) में X की हर रेखा उसी स्थिति और दिशा में है; बाक़ी में से एक में X का दर्पण प्रतिबिंब छिपा है, एक में चौथाई घूमा X छिपा है, एक में उलटा X छिपा है।
- A 1
- B 2
- C 3
- D 4
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Why:
हर आकृति में X की रेखाएँ खोजो। केवल आकृति (3) में X की हर रेखा उसी स्थिति और दिशा में है; बाक़ी में से एक में X का दर्पण प्रतिबिंब छिपा है, एक में चौथाई घूमा X छिपा है, एक में उलटा X छिपा है।
- A 1
- B 2
- C 3
- D 4
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Why:
हर आकृति में X की रेखाएँ खोजो। केवल आकृति (4) में X की हर रेखा उसी स्थिति और दिशा में है; बाक़ी में से एक में X का दर्पण प्रतिबिंब छिपा है, एक में चौथाई घूमा X छिपा है, एक में उलटा X छिपा है।
- A 1
- B 2
- C 3
- D 4
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Why:
हर आकृति में X की रेखाएँ खोजो। केवल आकृति (1) में X की हर रेखा उसी स्थिति और दिशा में है; बाक़ी में से एक में X का दर्पण प्रतिबिंब छिपा है, एक में चौथाई घूमा X छिपा है, एक में उलटा X छिपा है।
- A 1
- B 2
- C 3
- D 4
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Why:
हर आकृति में X की रेखाएँ खोजो। केवल आकृति (2) में X की हर रेखा उसी स्थिति और दिशा में है; बाक़ी में से एक में X का दर्पण प्रतिबिंब छिपा है, एक में चौथाई घूमा X छिपा है, एक में उलटा X छिपा है।
- A 1
- B 2
- C 3
- D 4
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Why:
हर आकृति में X की रेखाएँ खोजो। केवल आकृति (3) में X की हर रेखा उसी स्थिति और दिशा में है; बाक़ी में से एक में X का दर्पण प्रतिबिंब छिपा है, एक में चौथाई घूमा X छिपा है, एक में उलटा X छिपा है।
- A 1
- B 2
- C 3
- D 4
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Why:
हर आकृति में X की रेखाएँ खोजो। केवल आकृति (4) में X की हर रेखा उसी स्थिति और दिशा में है; बाक़ी में से एक में X का दर्पण प्रतिबिंब छिपा है, एक में चौथाई घूमा X छिपा है, एक में उलटा X छिपा है।
- A 1
- B 2
- C 3
- D 4
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Why:
आकृति (1) को प्रश्न आकृति में रेखा-दर-रेखा खोजा जा सकता है। बाक़ी वही आकार पलटा या घुमाया हुआ है, और ऐसी कोई पलटी या घूमी प्रति उसमें नहीं है।
- A 1
- B 2
- C 3
- D 4
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Why:
आकृति (2) को प्रश्न आकृति में रेखा-दर-रेखा खोजा जा सकता है। बाक़ी वही आकार पलटा या घुमाया हुआ है, और ऐसी कोई पलटी या घूमी प्रति उसमें नहीं है।
- A 1
- B 2
- C 3
- D 4
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Why:
आकृति (3) को प्रश्न आकृति में रेखा-दर-रेखा खोजा जा सकता है। बाक़ी वही आकार पलटा या घुमाया हुआ है, और ऐसी कोई पलटी या घूमी प्रति उसमें नहीं है।
- A 1
- B 2
- C 3
- D 4
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Why:
आकृति (4) को प्रश्न आकृति में रेखा-दर-रेखा खोजा जा सकता है। बाक़ी वही आकार पलटा या घुमाया हुआ है, और ऐसी कोई पलटी या घूमी प्रति उसमें नहीं है।
- A 1
- B 2
- C 3
- D 4
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Why:
आकृति (1) को प्रश्न आकृति में रेखा-दर-रेखा खोजा जा सकता है। बाक़ी वही आकार पलटा या घुमाया हुआ है, और ऐसी कोई पलटी या घूमी प्रति उसमें नहीं है।
- A 1
- B 2
- C 3
- D 4
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Why:
आकृति (2) को प्रश्न आकृति में रेखा-दर-रेखा खोजा जा सकता है। बाक़ी वही आकार पलटा या घुमाया हुआ है, और ऐसी कोई पलटी या घूमी प्रति उसमें नहीं है।
- A 1
- B 2
- C 3
- D 4
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Why:
आकृति (3) को प्रश्न आकृति में रेखा-दर-रेखा खोजा जा सकता है। बाक़ी वही आकार पलटा या घुमाया हुआ है, और ऐसी कोई पलटी या घूमी प्रति उसमें नहीं है।
- A 1
- B 2
- C 3
- D 4
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Why:
आकृति (4) को प्रश्न आकृति में रेखा-दर-रेखा खोजा जा सकता है। बाक़ी वही आकार पलटा या घुमाया हुआ है, और ऐसी कोई पलटी या घूमी प्रति उसमें नहीं है।
- A 1
- B 2
- C 3
- D 4
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Why:
ऊपरी-दायाँ चौथाई भाग खड़ी मध्य रेखा के पार ऊपरी-बाएँ भाग का दर्पण प्रतिबिंब होना चाहिए (और निचले-दाएँ भाग का जल प्रतिबिंब)। आकृति (1) ठीक यही है।
- A 1
- B 2
- C 3
- D 4
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Why:
ऊपरी-दायाँ चौथाई भाग खड़ी मध्य रेखा के पार ऊपरी-बाएँ भाग का दर्पण प्रतिबिंब होना चाहिए (और निचले-दाएँ भाग का जल प्रतिबिंब)। आकृति (2) ठीक यही है।
- A 1
- B 2
- C 3
- D 4
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Why:
ऊपरी-दायाँ चौथाई भाग खड़ी मध्य रेखा के पार ऊपरी-बाएँ भाग का दर्पण प्रतिबिंब होना चाहिए (और निचले-दाएँ भाग का जल प्रतिबिंब)। आकृति (3) ठीक यही है।
- A 1
- B 2
- C 3
- D 4
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Why:
ऊपरी-दायाँ चौथाई भाग खड़ी मध्य रेखा के पार ऊपरी-बाएँ भाग का दर्पण प्रतिबिंब होना चाहिए (और निचले-दाएँ भाग का जल प्रतिबिंब)। आकृति (4) ठीक यही है।
- A 1
- B 2
- C 3
- D 4
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Why:
ऊपरी-दायाँ चौथाई भाग खड़ी मध्य रेखा के पार ऊपरी-बाएँ भाग का दर्पण प्रतिबिंब होना चाहिए (और निचले-दाएँ भाग का जल प्रतिबिंब)। आकृति (1) ठीक यही है।
- A 1
- B 2
- C 3
- D 4
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Why:
ऊपरी-दायाँ चौथाई भाग खड़ी मध्य रेखा के पार ऊपरी-बाएँ भाग का दर्पण प्रतिबिंब होना चाहिए (और निचले-दाएँ भाग का जल प्रतिबिंब)। आकृति (2) ठीक यही है।
- A 1
- B 2
- C 3
- D 4
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Why:
ऊपरी-दायाँ चौथाई भाग खड़ी मध्य रेखा के पार ऊपरी-बाएँ भाग का दर्पण प्रतिबिंब होना चाहिए (और निचले-दाएँ भाग का जल प्रतिबिंब)। आकृति (3) ठीक यही है।
- A 1
- B 2
- C 3
- D 4
Show answer
Why:
ऊपरी-दायाँ चौथाई भाग खड़ी मध्य रेखा के पार ऊपरी-बाएँ भाग का दर्पण प्रतिबिंब होना चाहिए (और निचले-दाएँ भाग का जल प्रतिबिंब)। आकृति (4) ठीक यही है।
- A 1
- B 2
- C 3
- D 4
Show answer
Why:
ऊपरी-दायाँ चौथाई भाग खड़ी मध्य रेखा के पार ऊपरी-बाएँ भाग का दर्पण प्रतिबिंब होना चाहिए (और निचले-दाएँ भाग का जल प्रतिबिंब)। आकृति (1) ठीक यही है।
- A 1
- B 2
- C 3
- D 4
Show answer
Why:
ऊपरी-दायाँ चौथाई भाग खड़ी मध्य रेखा के पार ऊपरी-बाएँ भाग का दर्पण प्रतिबिंब होना चाहिए (और निचले-दाएँ भाग का जल प्रतिबिंब)। आकृति (2) ठीक यही है।
- A 5
- B 3
- C 4
- D 8
Show answer
Why:
वर्ग में 4 सममिति रेखाएँ होती हैं, हर एक दर्पण की तरह काम करती है।
- A 3
- B 1
- C 4
- D 2
Show answer
Why:
आयत (वर्ग नहीं) में 2 सममिति रेखाएँ होती हैं, हर एक दर्पण की तरह काम करती है।
- A 3
- B 4
- C 2
- D 6
Show answer
Why:
समबाहु त्रिभुज में 3 सममिति रेखाएँ होती हैं, हर एक दर्पण की तरह काम करती है।
- A 0
- B 1
- C 4
- D 2
Show answer
Why:
समद्विबाहु त्रिभुज (समबाहु नहीं) में 1 सममिति रेखा होती है, हर एक दर्पण की तरह काम करती है।
- A 12
- B 7
- C 6
- D 5
Show answer
Why:
समषट्भुज में 6 सममिति रेखाएँ होती हैं, हर एक दर्पण की तरह काम करती है।
- A 3
- B 1
- C 4
- D 2
Show answer
Why:
समचतुर्भुज (वर्ग नहीं) में 2 सममिति रेखाएँ होती हैं, हर एक दर्पण की तरह काम करती है।
- A 0
- B 1
- C 2
- D 4
Show answer
Why:
समांतर चतुर्भुज (आयत या समचतुर्भुज नहीं) में 0 सममिति रेखाएँ होती हैं; कोई मोड़ उसके आधे भागों को नहीं मिलाता।
- A 6
- B 5
- C 4
- D 10
Show answer
Why:
सम पंचभुज में 5 सममिति रेखाएँ होती हैं, हर एक दर्पण की तरह काम करती है।
- A वही त्रिभुज जिसका आधार किसी लंबी रेखा का हिस्सा है
- B वही त्रिभुज आकृति के एक कोने में
- C उसी आकार का त्रिभुज जिसका समकोण नीचे-दाएँ है
- D वही त्रिभुज जिस पर अतिरिक्त रेखाएँ काटती हैं
Show answer
Why:
समकोण को नीचे-दाएँ ले जाना दर्पण प्रतिबिंब है: दिशा बदल गई।
- A दर्पण प्रतिबिंब
- B जल प्रतिबिंब
- C सीधी नक़ल
- D 180° का घुमाव
Show answer
Why:
खड़ी रेखा के पार, फिर पड़ी रेखा के पार पलटो: दो पलटाव मिलकर 180° घुमाव बनाते हैं।
- A 6
- B 8
- C 12
- D 3
Show answer
Why:
सम n-भुज में n सममिति रेखाएँ होती हैं, इसलिए षट्भुज में 6।
- A A और R दोनों सत्य हैं, और R, A की सही व्याख्या है
- B A और R दोनों सत्य हैं, पर R, A की सही व्याख्या नहीं है
- C A सत्य है पर R असत्य है
- D A असत्य है पर R सत्य है
Show answer
Why:
दोनों सत्य, और R ही वह नियम है जिससे A सत्य है।
- A A और R दोनों सत्य हैं, और R, A की सही व्याख्या है
- B A और R दोनों सत्य हैं, पर R, A की सही व्याख्या नहीं है
- C A सत्य है पर R असत्य है
- D A असत्य है पर R सत्य है
Show answer
Why:
R सत्य है, पर आयत के विकर्ण सममिति रेखाएँ नहीं हैं; उसमें केवल 2 (मध्य रेखाएँ) हैं। A असत्य है।
- A केवल 1
- B केवल 2
- C 1 और 2 दोनों
- D न 1, न 2
Show answer
Why:
षट्भुज में 6; ऐसे समांतर चतुर्भुज में कोई नहीं।
- A केवल 1
- B केवल 2
- C 1 और 2 दोनों
- D न 1, न 2
Show answer
Why:
अतिरिक्त रेखाएँ चलती हैं, पर आकार वही होना चाहिए, इसलिए कथन 2 असत्य है।
Important short questions (3)
X की हर रेखा Y में होनी चाहिए, उसी आकार और उसी दिशा में।
ऊपरी-बाएँ चौथाई को खड़ी मध्य रेखा के पार पलटो (या निचले-दाएँ को पड़ी रेखा के पार)।
मध्य रेखा पर मोड़ने से आधे भाग मिलते हैं, पर विकर्ण पर नहीं, क्योंकि भुजाएँ बराबर नहीं।
Long answer questions (1)
X का सबसे अलग हिस्सा चुनो। हर आकृति में ढूँढो कि वह हिस्सा उसी दिशा में कहाँ है। वहाँ से X की बाक़ी हर रेखा खोजो; सब मौजूद होनी चाहिए।
ग़लत विकल्प अक्सर X का दर्पण प्रतिबिंब, X की घूमी प्रति, या एक रेखा कम वाला X छिपाते हैं। दिशा जाँचकर और रेखाएँ गिनकर उन्हें हटाओ।
Flashcards (12)
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- छिपी या नहीं?
Veda Skills Logical Reasoning Unit 17 — frequently asked questions
अक्षरों को उलटे क्रम में लिखो, फिर हर अक्षर को बाएँ से दाएँ पलटो। A, H, M, O, T जैसे अक्षर वैसे ही रहते हैं।
11:60 − 5:35 = 6:25।
H, I, O और X, क्योंकि हर एक में खड़ी और पड़ी दोनों सममिति रेखाएँ हैं।
तीन मोड़ से 2³ = 8 परतें बनती हैं, और हर छेद आठों से गुज़रता है, इसलिए 2 × 8 = 16 छेद।
अंतिम मोड़ बाक़ी के ऊपर होता है, इसलिए वही पहले खुल सकता है; हर बार खोलने पर छेद उस मोड़ रेखा के पार पलटते हैं।
वह मोड़ के पार अपने दर्पण प्रतिबिंब से जुड़ता है, इसलिए दो अलग टुकड़ों के बजाय एक हीरा (या बड़ा त्रिभुज) बनता है।
X की हर रेखा Y में होनी चाहिए, उसी आकार और उसी दिशा में।
ऊपरी-बाएँ चौथाई को खड़ी मध्य रेखा के पार पलटो (या निचले-दाएँ को पड़ी रेखा के पार)।
मध्य रेखा पर मोड़ने से आधे भाग मिलते हैं, पर विकर्ण पर नहीं, क्योंकि भुजाएँ बराबर नहीं।
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