Class 6 Hindi Chapter 8: सत्रिया और बिहू नृत्य
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- Hindi
एंजेला की यात्रा और बिहू
लंदन की एक दस साल की लड़की, माँ की एक फ़िल्म, और असम के एक गाँव में बरगद के नीचे चलता बिहू।
What you will be able to do
- यात्रा के कारण और उसकी जल्दबाजी को अपने शब्दों में बताना
- बिहू को कृषि से जुड़ा त्योहार सिद्ध करना
- तीनों बिहू के नाम, महीने और खेती के काम बताना
- गाँव के दृश्य और एंजेला की प्रतिक्रिया का वर्णन करना
Key points
एंजेला लंदन के केंजिंग्टन इलाके में रहती थी और उसके दोस्त जेम्स तथा कीरा थे।
उसे ऐसी कहानियों का पात्र बनना पसंद था जिनमें दूर-दराज़ की दुनिया की यात्रा हो।
उसकी माँ एलेसेंड्रा डॉक्यूमेंट्री फ़िल्म निर्माता थीं, जिन्हें ब्रिटिश अकादमी से असम के नृत्यों पर एक फ़िल्म बनाने का खर्च मिला था।
काम पूरा करने के लिए उनके पास केवल एक महीना था, इसलिए यात्रा बहुत जल्दी बनी।
एंजेला की बसंत की छुट्टियाँ एक हफ़्ते बढ़वाई गईं, और वे लंदन से नई दिल्ली होते हुए गुवाहाटी पहुँचे।
असम की पहचान वहाँ का वन्य-जीवन, रेशम और चाय के बाग हैं, और साथ में नृत्य की बहुत पुरानी परंपरा भी।
बिहू खेती से जुड़ा त्योहार है, जिसे असम में हर साल तीन मौकों पर मनाया जाता है।
गाँव मलंग में बरगद के पेड़ के नीचे मंच बना था, लड़कों के पास वाद्यंत्र थे और लड़कियाँ रंगीन पोशाक में नाच रही थीं।
Full explanation
एंजेला कौन है
वह लंदन के केंजिंग्टन इलाके में रहने वाली दस साल की लड़की है। उसका कोई सगा भाई-बहन नहीं है, और उसके दोस्त जेम्स तथा कीरा हैं। तीनों मिलकर काल्पनिक खेल खेलते हैं। ऐसे खेलों में वे किसी कहानी के पात्र बन जाते हैं, और यही आदत आगे पूरी यात्रा में उसके काम आती है।
उसे क्या पसंद था
उसे ऐसी कहानियों का पात्र बनना अच्छा लगता था जिनमें दूर की दुनिया की बात हो। ताजमहल, एफिल टॉवर या कोलोजियम की यात्रा वाली कहानियाँ उसे सबसे भाती थीं। उसे अंदाज़ा नहीं था कि ये कहानियाँ जल्दी ही सच हो जाएँगी।
यात्रा का कारण
उसकी माँ एलेसेंड्रा डॉक्यूमेंट्री फ़िल्म बनाती थीं। लंदन की ब्रिटिश अकादमी ने उन्हें असम के नृत्यों पर एक फ़िल्म बनाने का खर्च दिया था।
पेचीदा बात
कठिनाई यह थी कि पूरा काम एक ही महीने में करना था। इसलिए एंजेला के स्कूल से उसकी बसंत की छुट्टियाँ एक हफ़्ते और बढ़वाई गईं, ताकि वह और उसके पिता ब्रायन भी साथ जा सकें।
जल्दबाजी की योजना
एंजेला इस जल्दी बनी योजना से हैरान थी। पर माँ का काम समय पर पूरा हो, यह सबसे ज़रूरी था, इसलिए सब जल्दी तैयार हो गए।
रास्ता
जब तक वह कुछ समझ पाती, वह लंदन से नई दिल्ली होते हुए गुवाहाटी की उड़ान पर थी। यानी पूरी यात्रा दो उड़ानों में तय हुई। इतनी लंबी दूरी इतनी जल्दी तय हो जाना भी उसके लिए नया अनुभव था।
असम के बारे में
रास्ते में माँ ने उसे असम के बारे में बताया। वह भारत के उत्तर-पूर्व में पड़ता है। वहाँ का वन्य-जीवन, रेशम और चाय के बाग उसकी पहचान हैं। इनके साथ नृत्य की एक बहुत पुरानी परंपरा भी वहाँ चलती है।
अप्रैल का महीना
वे अप्रैल में पहुँचे थे। असम में यही नए साल का समय होता है, और बसंत के आने की खुशी में लोग बिहू मनाते हैं। एंजेला उसी रात उसे देखने जाने वाली थी।
बिहू क्या है
गुवाहाटी के एक होटल में ठहरकर वे उसी शाम पास के गाँव मलंग गए। वहाँ माँ ने बताया कि बिहू खेती से जुड़ा त्योहार है, और भारत की बड़ी आबादी खेती पर ही टिकी हुई है।
तीन बार क्यों
असम में यह साल में तीन बार मनाया जाता है। पहली बार तब, जब किसान बीज बोते हैं। दूसरी बार तब, जब वे धान रोपते हैं। और तीसरी बार तब, जब खेत की फ़सल पक जाती है। यानी त्योहार का समय खेतों से तय होता है, किसी और बात से नहीं।
गाँव का दृश्य
कार से उतरते ही एंजेला आसपास का उत्सव देखकर हतप्रभ रह गई। एक बड़े बरगद की छाया में मंच खड़ा किया गया था, और चारों ओर भीड़ ही भीड़ थी। किसी एक पेड़ के नीचे इतने लोग उसने पहले कभी नहीं देखे थे।
उसे कैसा लगा
खुले आसमान के नीचे बैठकर उसे लगा जैसे वह किसी टाइम-मशीन में आ बैठी हो, या किसी सपनों की दुनिया में हो। वह मंत्रमुग्ध होकर बसंत के स्वागत में नाचते लड़के-लड़कियों को देखती रही।
किसके पास क्या था
उसने देखा कि लड़कों के हाथ में बाजे हैं। लड़कियों की पोशाक लाल और बादामी रंग की थी, जिस पर गहरी डिज़ाइन बनी हुई थी। सब बहुत रंगीन लग रहे थे, और उनके हाथ-पैर की हलचल से साफ़ था कि वे नृत्य में खोए हुए हैं।
लौटते समय की बात
लौटते समय माँ ने पूछा कि बिहू कैसा लगा। एंजेला को सबसे अच्छी बात यह लगी कि उत्सव और नृत्य, दोनों का नाम एक ही है। उसने यह भी पूछा कि क्या ये दोनों चीज़ें केवल त्योहारों तक सीमित रहती हैं। माँ ने बताया कि दुनिया भर की हर संस्कृति में मन की बात नाच और संगीत से कही जाती है, और भारत में तो यह और भी अधिक होता है।
Concepts and terms
ऐसी फ़िल्म जो कोई कहानी गढ़ती नहीं, बल्कि सचमुच की बात दिखाती है। एलेसेंड्रा असम के जनजीवन में नृत्य का महत्व इसी तरह की फ़िल्म में दिखाना चाहती थीं।
असम का एक त्योहार, जो खेती से जुड़ा है और साल में तीन बार आता है। इसी नाम से वहाँ का लोकनृत्य भी जाना जाता है, इसलिए उत्सव और नृत्य, दोनों का नाम एक ही है।
यूनाइटेड किंगडम की एक सरकारी संस्था। एलेसेंड्रा को फ़िल्म बनाने के लिए वहीं से वित्तीय मदद मिली थी, यानी काम का खर्च उसी ने उठाया।
संगीत बजाने के उपकरण, जैसे ढोल या बाँसुरी। बिहू में लड़कों के हाथ में यही थे, जबकि लड़कियाँ नृत्य कर रही थीं।
सावधान!
सच या भ्रम?
Case Study
Scenario:
कक्षा में प्रश्न उठा कि एंजेला को बिहू समझ कैसे आया। उसे असमिया नहीं आती थी। मीरा ने कहा कि नाच देखने के लिए भाषा नहीं चाहिए। रोहित ने कहा कि केवल देखने से अर्थ पूरा नहीं खुलता। अध्यापिका ने कक्षा में एक प्रयोग कराया। उन्होंने बिना आवाज़ के एक नृत्य का चित्र दिखाया। बच्चों ने बताया कि उसमें खुशी है। पर यह कोई नहीं बता सका कि वह किस अवसर का नृत्य है। तब अध्यापिका ने अवसर बताया और चित्र फिर से देखा गया। अब हर मुद्रा का अर्थ अलग दिखाई देने लगा।
Analysis:
भाव बिना भाषा के भी पहुँच जाता है, पर अर्थ नहीं। अवसर जानते ही वही मुद्राएँ कुछ और कहने लगती हैं।
Activity:
अपने क्षेत्र का कोई नृत्य चुनो। पता करो कि वह किस अवसर पर होता है और उसकी तीन मुद्राओं का अर्थ लिखो।
घर पर करके देखो
Title:
अपने इलाके का त्योहार
Safety:
यह काम घर के भीतर ही कीजिए; किसी अजनबी से बात न कीजिए।
What You Notice:
लगभग हर इलाके में कोई न कोई त्योहार खेती के किसी मोड़ पर आता है। बिहू भी ठीक इसी तरह का त्योहार है।
Did you know
असम में अप्रैल का महीना नए साल का समय होता है, इसलिए बिहू वहाँ नववर्ष जैसा भी है।
इस त्योहार और इसके नृत्य, दोनों का नाम एक ही है — यही बात एंजेला को सबसे अच्छी लगी।
असम भारत के उत्तर-पूर्व में पड़ता है और अपने चाय के बागानों के लिए दुनिया भर में जाना जाता है।
Memory tricks
यात्रा का रास्ता — लंदन-दिल्ली-गुवाहाटी-मलंग — दो उड़ानें, फिर पास का गाँव।
तीन बिहू — बोना-रोपना-तैयार — बीज बोते समय, धान रोपते समय, और अनाज तैयार होने पर।
Practice MCQs with answers (20)
- A भारत में
- B इंग्लैंड में
- C इटली में
- D फ्रांस में
Show answer
Why:
लंदन उसी का एक शहर है।
- A दो
- B एक
- C तीन, सबसे छोटी वही थी
- D कोई नहीं
Show answer
Why:
इसीलिए वह दोस्तों के साथ समय बिताती थी।
- A जिनमें जंगल के जानवर आते हों
- B जिनमें पहेली हो
- C जिनमें दूर की यात्रा हो
- D जिनमें खेल हो
Show answer
Why:
ताजमहल और एफिल टॉवर वाली कहानियाँ उसे पसंद थीं।
- A असम के चाय बागान
- B असम की नदियाँ
- C असम के जंगल
- D असम की नृत्य परंपरा
Show answer
Why:
उसके केंद्र में जनजीवन में नृत्य का महत्व था।
- A ब्रिटिश अकादमी से
- B असम सरकार से
- C एक सत्र से
- D एंजेला के स्कूल से
Show answer
Why:
वह यूनाइटेड किंगडम की एक सरकारी संस्था है।
- A दो महीने
- B एक महीना
- C तीन महीने
- D छह महीने
Show answer
Why:
इसी कारण योजना बहुत जल्दी बनानी पड़ी।
- A उसने अपनी सारी परीक्षाएँ ही छोड़ दीं
- B वह बाद में अकेले आई
- C उसकी छुट्टियाँ एक हफ़्ते बढ़ाई गईं
- D उसने स्कूल बदल लिया
Show answer
Why:
यह अनुमति स्कूल से ली गई थी।
- A ब्रायन
- B जेम्स
- C विजय
- D शिवेंद्र
Show answer
Why:
वे भी परिवार के साथ भारत आए।
- A कोलकाता
- B मुंबई
- C नई दिल्ली
- D चेन्नई
Show answer
Why:
यात्रा दो उड़ानों में पूरी हुई।
- A दक्षिण-पश्चिम
- B उत्तर-पूर्व
- C मध्य भाग
- D पश्चिमी तट
Show answer
Why:
वहाँ नृत्य की समृद्ध परंपरा भी है।
- A दूर तक फैले रेगिस्तान के लिए
- B बर्फ़ के लिए
- C चाय के बागानों के लिए
- D नमक के लिए
Show answer
Why:
वन्य-जीवन और रेशम भी इसकी पहचान हैं।
- A नए साल का समय
- B फ़सल कटने का समय
- C वर्षा का समय
- D परीक्षा का समय
Show answer
Why:
इसी खुशी में बिहू मनाया जाता है।
- A माजुली
- B मलंग
- C केंजिंग्टन
- D बोहाग
Show answer
Why:
वह गुवाहाटी के पास था।
- A केवल I और II
- B केवल II और III
- C केवल I और III
- D I, II और III
Show answer
Why:
I और III सही हैं। II सही नहीं है: असम में अप्रैल नए साल का समय है, और उसी से रोंगाली बिहू जुड़ा हुआ है।
- A जब किसान धान रोपते हैं
- B जब पहली वर्षा होने लगती है
- C जब फ़सल बिकती है
- D जब सर्दी आती है
Show answer
Why:
पहली बार बीज बोते समय मनाया जाता है।
- A किसी छत के
- B एक बड़े बरगद के पेड़ के
- C गाँव के बीच बने पुराने मंदिर के
- D एक तंबू के
Show answer
Why:
वह जगह लोगों से भरी थी।
- A दोनों सही हैं; कारण अभिकथन को समझाता है
- B दोनों सही हैं; कारण अभिकथन को नहीं समझाता
- C अभिकथन सही है; परंतु उसका कारण ग़लत है
- D अभिकथन ग़लत है; परंतु उसका कारण सही है
Show answer
Why:
दोनों सही हैं, और कारण ही उसकी उपमा समझाता है। पुरानी परंपरा सामने देखकर समय पीछे खिसकता लगता है।
- A नीली और सफ़ेद
- B हरी और पीली
- C काली और भूरी
- D लाल और बादामी
Show answer
Why:
उन पर गहरी डिज़ाइन बनी थी।
- A कि वहाँ खाने के लिए नया-नया भोजन मिला
- B कि वहाँ पर लोगों की बहुत बड़ी भीड़ थी
- C कि मंच की सजावट बहुत सुंदर की गई थी
- D कि उत्सव और नृत्य, दोनों का एक ही नाम है
Show answer
Why:
बिहू त्योहार का नाम है और उसी नाम का नृत्य भी है। एंजेला को यही जुड़ाव सबसे अच्छा लगा।
- A धन कमाते हैं
- B दिन भर की अपनी थकान मिटाते हैं
- C समय बिताते हैं
- D अपनी भावनाएँ व्यक्त करते हैं
Show answer
Why:
यह पूरी दुनिया की संस्कृतियों में होता है।
Important short questions (6)
वह लंदन के केंजिंग्टन इलाके में रहने वाली दस साल की लड़की है। उसका कोई सगा भाई-बहन नहीं है। उसके दोस्त जेम्स और कीरा हैं, और तीनों मिलकर काल्पनिक खेल खेलते हैं।
एलेसेंड्रा को फ़िल्म बनाने का काम मिला था। पर उसे पूरा करने के लिए उनके पास सिर्फ़ एक महीना था। इसी कारण स्कूल से छुट्टियाँ बढ़वाकर सब जल्दी तैयार हो गए।
उन्होंने बताया कि असम भारत के उत्तर-पूर्व में पड़ता है। वहाँ का वन्य-जीवन, रेशम और चाय के बाग उसकी पहचान हैं। इनके साथ नृत्य की एक बहुत पुरानी परंपरा भी वहाँ चलती है।
वह साल में तीन बार आता है और हर बार खेती का कोई मोड़ होता है। पहली बार बीज बोते समय, दूसरी बार धान रोपते समय, और तीसरी बार अनाज तैयार होने पर।
एक बड़े बरगद के पेड़ के नीचे मंच बना था और जगह लोगों से भरी थी। लड़कों के हाथ में वाद्यंत्र थे। लड़कियों की पोशाक लाल और बादामी रंग की थी, जिस पर गहरी डिज़ाइन बनी थी।
उसे लगा जैसे वह किसी टाइम-मशीन में आ बैठी हो। यह बात भी उसे भाई कि उत्सव और नृत्य, दोनों एक ही नाम से पुकारे जाते हैं। मन में यह भी आया कि वह घर लौटकर बसंत के स्वागत में ऐसा ही नाचेगी।
Long answer questions (3)
उसकी माँ एलेसेंड्रा डॉक्यूमेंट्री फ़िल्म बनाती थीं। लंदन की ब्रिटिश अकादमी ने असम के नृत्यों पर उनकी फ़िल्म का खर्च उठाया था। उस फ़िल्म के केंद्र में यह देखना था कि असम के जनजीवन में नृत्य का क्या महत्व है। कठिनाई यह थी कि पूरा काम केवल एक महीने में करना था। इसलिए एंजेला के स्कूल से उसकी बसंत की छुट्टियाँ एक हफ़्ते और बढ़वाई गईं, ताकि वह और उसके पिता ब्रायन भी साथ जा सकें। एंजेला इस जल्दबाजी वाली योजना से हैरान थी, पर माँ का काम समय पर पूरा हो, यही सबसे ज़रूरी था। इस तरह पूरा परिवार लंदन से नई दिल्ली होते हुए गुवाहाटी पहुँचा।
बिहू असम का त्योहार है और उसका नाता खेती से है। भारत की बड़ी आबादी खेती पर टिकी है, इसलिए यह नाता स्वाभाविक भी लगता है। वहाँ इसे हर साल तीन मौकों पर मनाया जाता है। पहली बार तब, जब किसान बीज बोते हैं। दूसरी बार तब, जब वे धान रोपते हैं। और तीसरी बार तब, जब खेत की फ़सल पक जाती है। एंजेला जिस समय पहुँची, वह अप्रैल था, जो असम में नए साल का समय होता है और बसंत के आने की खुशी का भी। सबसे दिलचस्प बात यह है कि उत्सव और नृत्य, दोनों का नाम एक ही है।
कार से उतरते ही उसे आसपास उत्सव जैसा माहौल दिखा और वह हतप्रभ रह गई। एक बड़े बरगद की छाया में मंच खड़ा किया गया था, और चारों ओर भीड़ ही भीड़ थी। किसी एक पेड़ के नीचे इतने लोग उसने कभी नहीं देखे थे। खुले आसमान के नीचे बैठकर उसे लगा जैसे वह किसी टाइम-मशीन में आ बैठी हो। वह मंत्रमुग्ध होकर बसंत के स्वागत में नाचते लड़के-लड़कियों को देखती रही। लड़कों के हाथ में बाजे थे, और लड़कियों की पोशाक लाल तथा बादामी रंग की थी, जिस पर गहरी डिज़ाइन बनी थी। उनके हाथ-पैर की हलचल से साफ़ था कि वे नृत्य में पूरी तरह खोए हुए हैं।
Flashcards (15)
Play this topic
- यात्रा का क्रम जमाओ
- नाम और पहचान
- लंदन की बात या असम की?
- सच या भ्रम
- झटपट उत्तर
सत्र, सत्रिया नृत्य और जय-विजय की कथा
असम के मठ, उनमें जन्मा एक नृत्य, वह बदलाव जिसने उसे मंच तक पहुँचाया, और परदे पर दिखाई गई एक कथा।
What you will be able to do
- सत्र क्या हैं और सत्रिया नृत्य की उत्पत्ति कहाँ हुई, यह बताना
- समय के साथ इस नृत्य में आए बदलाव को क्रम से समझाना
- जय-विजय की कथा अपने शब्दों में सुनाना
- अनु और एंजेला की दोस्ती से जुड़ी बातें बताना
Key points
उत्तरी असम में सत्रों की पीठ है; सत्र असम के मठ हैं और इनकी संख्या पाँच सौ से भी ज़्यादा है।
यहाँ पूजा होती है और धर्म से जुड़े काम चलते हैं; सत्रिया नृत्य भी इन्हीं के भीतर जन्मा।
दक्षिणापथ सत्र के पास उनकी भेंट असम की जानी-मानी लेखिका रीना सेन से हुई, जिनके घर वे रुके।
रीना सेन की बेटी अनु और एंजेला, दोनों दस साल की थीं और दोनों ने अंग्रेज़ी में बातचीत शुरू की।
अनु ने एंजेला को कुछ असमिया शब्द सिखाए, और उसके लकड़ी तथा नारियल की जटा वाले खिलौने एंजेला को अनोखे लगे।
बीसवीं शताब्दी के बीच कुछ साधु मठ छोड़कर बाहर निकले और स्त्री-पुरुष, दोनों को यह नृत्य सिखाने लगे।
पहले-पहल ऐसे साधुओं को मठ से बाहर कर दिया गया, पर आज मंच पर महिला कलाकारों का नाचना सामान्य बात है।
महिला नृत्यांगनाओं ने सफ़ेद पगड़ीनुमा टोपी पहनकर जय-विजय की कथा नृत्य और नाटक की शैली में दिखाई।
Full explanation
अगला पड़ाव
बिहू देखने के अगले दिन वे उत्तरी असम की ओर चल पड़े। वहीं सभी सत्रों की पीठ है। उन्हें एक सत्र के पास रहकर सत्रिया नृत्य का फ़िल्मांकन करना था। बिहू के बाद यह असम के नृत्य का दूसरा और बिलकुल अलग रूप था।
सत्र क्या हैं
सत्र असम के मठ हैं और इनकी संख्या पाँच सौ से भी ज़्यादा है। यहाँ पूजा होती है और धर्म से जुड़े काम चलते हैं। सबसे बड़ी बात यह कि सत्रिया नृत्य भी इन्हीं के भीतर जन्मा, इसलिए नृत्य का नाम भी इन्हीं पर पड़ा। इतनी बड़ी संख्या से यह भी पता चलता है कि यह परंपरा कितनी पुरानी और कितनी फैली हुई है।
रीना सेन से भेंट
दक्षिणापथ सत्र पहुँचकर वे रीना सेन से मिले, जो वहाँ की एक प्रसिद्ध लेखिका हैं। पूरा हफ़्ता उन्हें उन्हीं के घर बिताना था। ऐसे किसी घर में ठहरना अपने आप में एक सुविधा थी, क्योंकि वहाँ से हर बात पास से देखी जा सकती थी।
अनु और एंजेला
उनकी एक बेटी थी, नाम अनु। दोनों लड़कियों ने देखते ही एक-दूसरे को पहचान लिया। दोनों दस साल की थीं, और बात अंग्रेज़ी में शुरू हो गई।
भाषा और खिलौने
अनु ने उसे असमिया के कुछ शब्द भी बता दिए। अनु के खिलौने एंजेला को बहुत भाए, क्योंकि वे कुछ और ही तरह के थे — कपड़े की गुड़ियाँ, लकड़ी की चीज़ें, और जटा के बने छोटे घर। ऐसे खिलौने उसने लंदन में कभी नहीं देखे थे।
राम और रावण
अनु का पसंदीदा खिलौना लकड़ी का तीर-कमान था। उसे लेकर वह राम बनती और एंजेला उसकी विरोधी, शक्तिशाली रावण। उनकी उछल-कूद और नकली लड़ाई घंटों चलती रहती थी। खेल का यही रूप बताता है कि बच्चों को साथ खेलने के लिए एक जैसी भाषा नहीं, एक जैसी कल्पना चाहिए। दो अलग देशों की लड़कियाँ एक ही कथा के पात्र बनकर खेल रही थीं, और उसमें उन्हें कोई कठिनाई नहीं हुई।
मठ के भीतर का दृश्य
दोनों ने देखा कि एलेसेंड्रा एक वैष्णव मठ के हॉल में युवा साधुओं को नाचते हुए फ़िल्मा रही हैं। यह देखकर एंजेला के मन में एक प्रश्न उठा — क्या सत्रिया नृत्य केवल लड़कों और पुरुषों के लिए है।
माँ का उत्तर
माँ ने बताया कि बीसवीं शताब्दी के बीचोंबीच कुछ साधुओं ने मठ छोड़ा और स्त्री-पुरुष, दोनों को यह नृत्य सिखाना शुरू किया।
बदलाव की कीमत
पहले-पहल ऐसे साधुओं को मठ से बाहर कर दिया गया। यानी यह बदलाव आसानी से नहीं आया, उसके लिए कुछ लोगों ने अपनी जगह गँवाई। आज जो बात सहज लगती है, वह किसी समय किसी की कीमत पर ही शुरू हुई थी।
आज की स्थिति
आज के समय में महिला कलाकारों का मंच पर सत्रिया करना सामान्य बात बन चुकी है। उसी रात माँ ऐसी ही नृत्यांगनाओं का फ़िल्मांकन करने वाली थीं।
अनु भी साथ
एंजेला बहुत उत्साहित थी और उसने रीना आंटी से आग्रह किया कि अनु को भी महिला-नृत्य देखने साथ आने दिया जाए। आंटी ने स्वीकृति दे दी, और उस रात दोनों साथ गईं।
परदा उठा
मंच पर सफ़ेद पगड़ीनुमा टोपी पहने दो महिलाएँ थीं, जो नाच और अभिनय, दोनों एक साथ कर रही थीं। जो कथा दिखाई जा रही थी, वह भगवान विष्णु के दो द्वारपालों, जय और विजय की थी।
कथा की शुरुआत
उस समय विष्णु सो रहे थे, इसलिए दोनों द्वारपालों ने कई बड़े ॠषियों को भीतर जाने से रोक दिया। ॠषि इससे नाराज़ हो गए और उन्होंने दोनों को असुर बनने का श्राप दे दिया।
कथा का अंत
विष्णु की नींद टूटी तो उन्हें अपने द्वारपालों को बचाने आना पड़ा। उन्होंने कहा कि वे दोनों को मारकर ही उस श्राप से छुड़ा देंगे। बाद में दोनों फिर से उनके द्वारपाल बन गए। एंजेला को यह कथा नाटकीय और दिलचस्प लगी, और उसे लगा कि महिला कलाकारों की प्रस्तुति पुरुष कलाकारों से भी बेहतर थी।
Concepts and terms
असम के मठ, जिनकी संख्या पाँच सौ से भी ज़्यादा है। यहाँ पूजा होती है और धर्म से जुड़े काम चलते हैं, और सत्रिया नृत्य भी यहीं जन्मा, इसलिए नृत्य का नाम भी इन्हीं पर पड़ा।
असम का एक शास्त्रीय नृत्य, जो सत्रों में शुरू हुआ। इसमें प्रायः कोई कथा नृत्य और नाटक की शैली में दिखाई जाती है, इसलिए दर्शक को कहानी भी दिखती है और नृत्य भी।
द्वार पर पहरा देने वाला। कथा में जय और विजय भगवान विष्णु के द्वारपाल थे, और उन्हीं के कारण पूरी घटना शुरू होती है।
क्रोध में दिया गया ऐसा वचन जो किसी का बुरा कर दे। ॠषियों के श्राप से जय और विजय को असुर बनना पड़ा, और उसी ने कथा को मोड़ दिया।
सावधान!
सच या भ्रम?
असल जीवन: दरवाज़ा खोलने वाले लोग
Scenario:
एक कस्बे में मिट्टी के बर्तन बनाने की पुरानी कला केवल कुछ ही परिवारों तक सीमित थी। उन्हीं में से एक कारीगर ने तय किया कि वह यह काम मोहल्ले के और बच्चों को भी सिखाएगा, और लड़कियों को भी। शुरू में उसके अपने समूह ने उसका विरोध किया और कुछ समय के लिए उससे बात करनी बंद कर दी। वह फिर भी हर रविवार बच्चों को बुलाता रहा। दस साल बाद उसी कस्बे में बीस से अधिक लोग यह काम जानते हैं, और उनमें आधी से ज़्यादा लड़कियाँ हैं। अब उसी समूह के लोग भी बच्चों को सिखाने लगे हैं।
Analysis:
इस घटना में दो बातें साफ़ दिखती हैं। पहली यह कि जब कोई कला किसी छोटे घेरे तक सीमित रहती है, तो उसके खत्म होने का खतरा भी बना रहता है। दूसरी यह कि उस घेरे को खोलने वाले को पहले विरोध ही मिलता है। कारीगर ने अपने समूह की नाराज़गी सहकर काम जारी रखा, और उसी का फल दस साल बाद दिखा। यही बात सत्रिया नृत्य के साथ हुई थी। बीसवीं शताब्दी के बीच कुछ साधु मठ छोड़कर सिखाने लगे, उन्हें बाहर कर दिया गया, और आज उसी रास्ते के कारण महिला कलाकार मंच पर नाचती हैं।
Activity:
अपने आसपास की कोई एक कला या हुनर चुनिए जो केवल कुछ ही लोग जानते हों। छह-आठ पंक्तियों में लिखिए कि उसे और लोगों तक पहुँचाने के लिए क्या किया जा सकता है, और उसमें कौन-सी कठिनाई आ सकती है।
घर पर करके देखो
Title:
खिलौनों की अदला-बदली
Safety:
यह काम केवल लिखने-पूछने का है; कोई खिलौना तोड़कर मत देखो।
What You Notice:
पहले के खिलौने प्रायः आसपास मिलने वाली चीज़ों से बनते थे, जैसे लकड़ी या नारियल की जटा। अनु के खिलौने भी इसी तरह के थे।
Did you know
असम में सत्रों की संख्या पाँच सौ से भी ज़्यादा है, इसलिए सत्रिया नृत्य की जड़ें बहुत गहरी हैं।
अनु का पसंदीदा खिलौना लकड़ी का तीर-कमान था, जिससे वह राम बनती थी और एंजेला रावण।
एंजेला को लगा कि महिला कलाकारों की प्रस्तुति पुरुष कलाकारों से भी बेहतर थी।
Memory tricks
सत्रिया का सफ़र — मठ-बाहर-निकाले गए-मंच — पहले केवल मठों में, फिर साधु बाहर आए, उन्हें निकाला गया, और अब मंच पर महिलाएँ भी।
जय-विजय की कथा — रोका-श्राप-वचन-वापसी — ॠषियों को रोका, श्राप मिला, विष्णु ने वचन दिया, और वे फिर द्वारपाल बने।
Practice MCQs with answers (20)
- A दक्षिणी
- B उत्तरी
- C पूर्वी
- D पश्चिमी
Show answer
Why:
वहीं वे सत्रिया का फ़िल्मांकन करने गए।
- A मठ
- B बाज़ार
- C विद्यालय
- D गाँव
Show answer
Why:
ये पूजा-पाठ के स्थान हैं।
- A गिनती में लगभग दस के आसपास
- B लगभग सौ
- C पाँच सौ से भी ज़्यादा
- D केवल पाँच
Show answer
Why:
इसीलिए इस नृत्य की जड़ें गहरी हैं।
- A राजदरबारों में
- B गाँव के मेलों में
- C विद्यालयों में
- D असम के सत्रों में
Show answer
Why:
नृत्य का नाम भी इन्हीं पर पड़ा।
- A माजुली सत्र
- B बोहाग सत्र
- C दक्षिणापथ सत्र
- D मलंग सत्र
Show answer
Why:
वहीं उनकी भेंट रीना सेन से हुई।
- A एक नृत्यांगना
- B असम की जानी-मानी लेखिका
- C एक शिक्षिका
- D एक जानी-मानी फ़िल्म निर्माता
Show answer
Why:
उस हफ़्ते वे उनके घर रुके।
- A असमिया में
- B हिंदी में
- C अंग्रेज़ी में
- D इशारों में
Show answer
Why:
दोनों को यही भाषा आती थी।
- A कुछ असमिया शब्द
- B नृत्य की मुद्राएँ
- C खाना बनाना
- D गीत गाना
Show answer
Why:
इससे दोनों की दोस्ती और गहरी हुई।
- A लकड़ी का तीर-कमान
- B नारियल की जटा का घर
- C गुड़िया
- D लोहे की गाड़ी
Show answer
Why:
शेष तीनों का उल्लेख पाठ में है।
- A सीता
- B रावण
- C हनुमान
- D राम
Show answer
Why:
एंजेला उसकी विरोधी रावण बनती थी।
- A गाँव के किसानों का
- B युवा साधुओं का
- C बच्चों के खेल का
- D बिहू नर्तकों का
Show answer
Why:
वह एक वैष्णव मठ का सभागार था।
- A कि क्या यह नृत्य केवल पुरुषों के लिए ही है
- B कि क्या यह नृत्य सीखने में बहुत कठिन है
- C कि क्या यह नृत्य बहुत नया बना हुआ है
- D कि क्या यह नृत्य यहाँ रोज़ ही होता रहता है
Show answer
Why:
मंच पर उसे केवल साधु दिखाई दिए। उसी प्रश्न से आगे सत्रिया के बदलाव की पूरी कथा खुलती है।
- A उन्नीसवीं शताब्दी के आरंभ में
- B इक्कीसवीं शताब्दी में
- C बीसवीं शताब्दी के मध्य में
- D बहुत प्राचीन काल में
Show answer
Why:
कुछ साधु मठों से बाहर आ गए थे।
- A केवल I और II
- B केवल II और III
- C केवल I और III
- D I, II और III
Show answer
Why:
I और III सही हैं। II सही नहीं है: यह बदलाव बीसवीं शताब्दी के मध्य में आया, और आरंभ में ऐसे साधुओं को मठों से निकाल दिया गया।
- A दोनों सही हैं; कारण अभिकथन को समझाता है
- B दोनों सही हैं; कारण अभिकथन को नहीं समझाता
- C अभिकथन सही है; परंतु उसका कारण ग़लत है
- D अभिकथन ग़लत है; परंतु उसका कारण सही है
Show answer
Why:
दोनों सही हैं, और कारण ही उस विरोध की जड़ है। आज वही नृत्य मंच पर महिलाओं के साथ प्रस्तुत होता है।
- A रंग-बिरंगे फूलों का मुकुट
- B सफ़ेद पगड़ीनुमा टोपी
- C रंगीन दुपट्टा
- D सोने का मुकुट
Show answer
Why:
वे नाटक की शैली में अभिनय कर रही थीं।
- A दो ॠषि
- B विष्णु के द्वारपाल
- C सत्र के दो युवा साधु
- D दो राजा
Show answer
Why:
उन्हीं की कथा मंच पर दिखाई गई।
- A क्योंकि विष्णु सो रहे थे
- B क्योंकि द्वार टूटा था
- C क्योंकि उन्हें आदेश था
- D क्योंकि रास्ता बंद था
Show answer
Why:
इसी से ॠषि नाराज़ हो गए।
- A पत्थर बनने का
- B पक्षी बनने का
- C वृक्ष बनने का
- D असुर बनने का
Show answer
Why:
विष्णु को उन्हें बचाने आना पड़ा।
- A कुछ समझ नहीं आया
- B कथा उबाऊ थी
- C नृत्य आरंभ से अंत तक बहुत ही धीमा और लंबा था
- D महिला कलाकार पुरुषों से भी बेहतर थीं
Show answer
Why:
उनकी शक्ति और आकर्षण अद्भुत था।
Important short questions (6)
सत्र असम के मठ हैं और इनकी संख्या पाँच सौ से भी ज़्यादा है। यहाँ पूजा होती है और धर्म से जुड़े काम चलते हैं। सत्रिया नृत्य भी इन्हीं के भीतर जन्मा है।
दोनों ने तुरंत एक-दूसरे की ओर देखा, क्योंकि दोनों की उम्र दस साल थी। दोनों को अंग्रेज़ी आती थी, इसलिए बातचीत उसी में शुरू हुई। बाद में अनु ने उसे असमिया के कुछ शब्द भी बता दिए।
उनमें गुड़िया के साथ लकड़ी के खिलौने और नारियल की जटा से बने घर भी थे। ऐसे खिलौने एंजेला ने लंदन में कभी नहीं देखे थे, इसलिए वे उसे अनोखे लगे।
उसने मठ के सभागार में केवल युवा साधुओं को नाचते देखा। इसी से उसके मन में यह प्रश्न आया कि क्या यह नृत्य सिर्फ़ लड़कों और पुरुषों के लिए ही है।
बीसवीं शताब्दी के बीच कुछ साधु मठ छोड़कर स्त्री-पुरुष, दोनों को सिखाने लगे। पहले-पहल उन्हें बाहर कर दिया गया, पर आज मंच पर महिला कलाकारों का नाचना सामान्य है।
उन्होंने कहा कि वे दोनों को मारकर ही उस श्राप से छुड़ा देंगे। इसी के बाद दोनों फिर से उनके द्वारपाल बन गए।
Long answer questions (3)
सत्र असम के मठ हैं और उनकी संख्या पाँच सौ से भी ज़्यादा है। सभी सत्रों की पीठ उत्तरी असम में है। यहाँ पूजा होती है और धर्म से जुड़े काम चलते हैं, और इन्हीं के भीतर सत्रिया नृत्य ने जन्म लिया। नृत्य का नाम भी इन्हीं पर पड़ा है। इसमें प्रायः कोई कथा नृत्य और नाटक की शैली में दिखाई जाती है, जैसे जय-विजय की कथा। लंबे समय तक यह नृत्य मठों के भीतर ही रहा और उसे साधु ही करते थे। बीसवीं शताब्दी के बीच कुछ साधु बाहर निकले और स्त्री-पुरुष, दोनों को सिखाने लगे, और तभी से यह नृत्य मठ की दीवारों से बाहर निकल आया।
जय और विजय भगवान विष्णु के दो द्वारपाल थे। एक बार कई बड़े ॠषि उनसे मिलने पहुँचे, पर वे उस समय सोए हुए थे। द्वारपाल होने के नाते जय और विजय ने उन्हें भीतर जाने से रोक दिया। इससे ॠषि बहुत नाराज़ हो गए और उन्होंने दोनों को असुर बनने का श्राप दे दिया। नींद खुलने पर विष्णु को स्वयं आगे आना पड़ा, क्योंकि अपने दोनों सेवकों को बचाना था। उन्होंने कहा कि वे दोनों को मारकर ही उस श्राप से छुड़ा देंगे। ऐसा ही हुआ, और बाद में दोनों फिर से उनके द्वारपाल बन गए। एंजेला को यह कथा नाटकीय और दिलचस्प लगी।
लंबे समय तक यह नृत्य केवल मठों के भीतर होता था और उसे साधु ही करते थे। इसी कारण एंजेला को लगा कि शायद यह सिर्फ़ लड़कों और पुरुषों के लिए है। बदलाव बीसवीं शताब्दी के बीच आया, जब कुछ साधु मठ छोड़कर स्त्री-पुरुष, दोनों को सिखाने लगे। पर यह काम बिना कीमत के नहीं हुआ। पहले-पहल ऐसे साधुओं को मठ से बाहर कर दिया गया, यानी उन्होंने अपनी जगह गँवाकर यह रास्ता खोला। उसी का फल है कि आज मंच पर महिला कलाकारों का नाचना सामान्य बात बन चुकी है। एंजेला ने उसी रात ऐसी ही प्रस्तुति देखी और उसे वह पुरुष कलाकारों से भी बेहतर लगी।
Flashcards (15)
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- कथा का क्रम जमाओ
- नाम और परिचय
- सत्र की बात या कथा की?
- सच या भ्रम
- झटपट उत्तर
निबंध की रचना, शब्द और लेखिका
यह पाठ किस तरह का लेखन है, असम से जुड़े शब्द कौन-से हैं, तीनों बिहू कब आते हैं, और यह किसने लिखा।
What you will be able to do
- इस पाठ को निबंध बताते हुए उसकी पहचान गिनाना
- पाठ में आए असम से जुड़े शब्दों को छाँटना
- तीनों बिहू के नाम, महीने और खेती के काम बताना
- लेखिका, अनुवादक और चित्रकार का परिचय देना
Key points
यह पाठ एक निबंध है, जिसमें वस्तु, घटना और प्रदेश का वर्णन किया गया है।
इस तरह के निबंध में वही लिखा जाता है जो लेखक ने स्वयं देखा हो।
इनमें घटनाओं का एक क्रम होता है, आम जीवन की बातें होती हैं, और भाषा सरल रहती है।
इस पाठ में लंदन से यात्रा शुरू होकर लंदन लौटने तक के अनुभव क्रम से दिए गए हैं।
पाठ में असम से जुड़े कई शब्द आते हैं — बिहू, सत्र, सत्रिया, गुवाहाटी, असमिया और माजुली।
तीनों बिहू हैं रोंगाली या बोहाग, कोंगाली या काटी, और भोगाली या माघ।
एंजेला का परिवार रोंगाली या बोहाग बिहू के अवसर पर भारत आया था, जो अप्रैल में पड़ता है।
लेखिका जया मेहता का जन्म 1977 में हुआ; अनुवाद शिवेंद्र कुमार सिंह और चित्रांकन सुरुबा नतालिया ने किया।
Full explanation
यह पाठ किस तरह का है
यह कोई कहानी या कविता नहीं, एक निबंध है। इसमें वस्तु, घटना और प्रदेश का वर्णन किया गया है। पढ़ते समय यह कहानी जैसा लगता ज़रूर है, क्योंकि इसकी भाषा बहुत सरल है। पर कहानी और निबंध में एक बड़ा अंतर है, जो आगे साफ़ हो जाएगा।
निबंध की पहली पहचान
ऐसे निबंध में वही लिखा जाता है जो लेखक ने स्वयं देखा हो। इसीलिए यहाँ नाम, जगह और दृश्य असली हैं — गुवाहाटी, मलंग, दक्षिणापथ सत्र।
दूसरी पहचान
इनमें घटनाओं का एक क्रम होता है। यह पाठ भी लंदन से यात्रा शुरू होने से लेकर लंदन लौटने तक चलता है, और बीच की हर बात उसी क्रम में आती है।
तीसरी और चौथी पहचान
तीसरी बात यह कि इनमें आम जीवन की बातें होती हैं — यात्रा, खिलौने, भोजन, नृत्य। चौथी बात यह कि इनकी भाषा सरल होती है, इसलिए पढ़ने वाले को कहीं अटकना नहीं पड़ता। होली या दीपावली के बारे में लिखा गया वर्णन भी इसी तरह का निबंध होता है।
असम से जुड़े शब्द
पाठ में कई शब्द ऐसे हैं जो खास तौर पर असम से जुड़े हैं। नृत्य के नाम हैं सत्रिया और बिहू। स्थान के नाम हैं गुवाहाटी, मलंग, माजुली और दक्षिणापथ। भाषा का नाम असमिया है, और मठ के लिए सत्र शब्द आता है।
पाँच और नाम
पाठ की मिलान-सूची में कुछ और नाम भी समझाए गए हैं। लंदन यूनाइटेड किंगडम और इंग्लैंड, दोनों की राजधानी है। ब्रिटिश अकादमी उसी देश की एक सरकारी संस्था है। गुवाहाटी असम का प्राचीन और सबसे बड़ा नगर है।
दो और
बीसवीं शताब्दी का अर्थ है 1 जनवरी 1901 से 31 दिसंबर 2000 तक का समय। बोहाग बिहू वह त्योहार है जो असम में साल के आरंभ और बसंत के आने का संकेत देता है।
तीन बिहू, छह नाम
असम में यह त्योहार हर साल तीन मौकों पर आता है, और हर बार का अपना दूसरा नाम भी है। पहला है रोंगाली या बोहाग, जो बैसाख में, सामान्यतः अप्रैल में आता है।
बाकी दो
दूसरा है कोंगाली या काटी, जो कार्तिक में, सामान्यतः अक्तूबर में आता है। तीसरा है भोगाली या माघ, जो माघ में, सामान्यतः जनवरी में आता है।
एंजेला कौन-सा बिहू देख पाई
वह अप्रैल में आई थी, इसलिए उसने रोंगाली या बोहाग बिहू देखा। यही वह बिहू है जो नए साल और बसंत के आगमन से जुड़ा है, और उसी में किसान बीज बोने की तैयारी में होते हैं।
स्नेह वाले शब्द
पाठ में रीना सेन की बेटी के लिए ‘बिटिया’ शब्द आया है। इसका अर्थ बेटी ही है, पर इसमें स्नेह जुड़ जाता है। ‘बिट्टो’ भी ऐसा ही एक शब्द है। ऐसे शब्द अर्थ नहीं बदलते, केवल भाव जोड़ देते हैं। हर भाषा में ऐसे शब्द मिलते हैं, और उन्हीं से बोलचाल में अपनापन आता है। इसी कारण घर के भीतर बोले जाने वाले शब्द प्रायः किताबी शब्दों से अलग होते हैं।
लेखिका कौन हैं
इस पाठ की लेखिका जया मेहता हैं, जिनका जन्म 1977 में हुआ। वे एक नृत्यांगना हैं, लेखिका हैं और शिक्षिका भी। यही कारण है कि वे भारतीय नृत्यों की सुंदरता और बारीकियाँ इतनी सरलता से शब्दों में रख पाती हैं।
उनकी अपनी कला
जया मेहता स्वयं ओडिसी नृत्य जानती हैं, और वर्षों से भीतर तथा बाहर, दोनों जगह मंच पर उतरती आई हैं। यानी वे नृत्य पर बाहर से नहीं, भीतर से लिख रही हैं।
पुस्तक, अनुवाद और चित्र
यह पाठ उनकी पुस्तक ‘नृत्य कथा’ से लिया गया है, जो भारतीय नृत्यों पर है। उसका हिंदी अनुवाद शिवेंद्र कुमार सिंह ने किया और चित्रांकन सुरुबा नतालिया ने। यानी यह पाठ हम तक तीन लोगों के काम से पहुँचा है। एक ने उसे लिखा, दूसरे ने उसे हिंदी में लाया, और तीसरे ने उसे चित्रों से सजाया।
Concepts and terms
ऐसा लेखन जिसमें किसी वस्तु, घटना या प्रदेश का वर्णन किया जाता है। इस पाठ जैसे निबंध में लेखक वही लिखता है जो उसने स्वयं देखा हो, इसलिए बातें सच्ची और क्रम में होती हैं।
किसी चीज़ को शब्दों में इस तरह रखना कि पढ़ने वाले को वह दिखने लगे। इसी पाठ में बरगद के नीचे का मंच और रंगीन पोशाकें वर्णन के ही उदाहरण हैं।
किसी रचना को एक भाषा से दूसरी भाषा में ले आना। यह पाठ मूल रूप से किसी और भाषा में था, और उसका हिंदी अनुवाद शिवेंद्र कुमार सिंह ने किया।
भारत का एक शास्त्रीय नृत्य। लेखिका जया मेहता स्वयं इसमें पारंगत हैं, इसलिए नृत्य पर लिखते समय उनकी बात अनुभव से निकली हुई लगती है।
सावधान!
सच या भ्रम?
Case Study
Scenario:
कक्षा ने तीनों बिहू को वर्ष के तिथिपत्र पर रखा। बोहाग बिहू अप्रैल में आता है, जब बुआई शुरू होती है। काति बिहू अक्तूबर में आता है, जब खेत हरे रहते हैं पर भंडार ख़ाली होते हैं। माघ बिहू जनवरी में आता है, जब फ़सल घर आ चुकी होती है। बच्चों ने देखा कि तीनों खेती के तीन पड़ावों पर बैठे हैं। सना ने पूछा कि काति बिहू में उत्सव कम क्यों होता है। अध्यापिका ने उत्तर दिया कि उस समय घर में अनाज कम होता है। त्योहार का रंग खेत की हालत से तय होता है।
Analysis:
तीनों बिहू मनमाने महीनों में नहीं पड़ते। वे बुआई, प्रतीक्षा और कटाई के साथ चलते हैं, इसीलिए उनका रंग भी अलग-अलग है।
Activity:
अपने क्षेत्र के तीन त्योहार चुनो। हर एक के सामने महीना और उस समय खेतों की हालत लिखो।
घर पर करके देखो
Title:
अपनी यात्रा का निबंध
Safety:
यात्रा का वर्णन याद से लिखो; उसके लिए अकेले कहीं जाने की ज़रूरत नहीं।
What You Notice:
देखी हुई बातें लिखने पर लेखन अपने आप सजीव हो जाता है। इसी पाठ की भी यही ताकत है।
Did you know
जया मेहता एक साथ तीन भूमिकाओं में हैं — नृत्यांगना, लेखिका और शिक्षिका — और वर्षों से भीतर तथा बाहर, दोनों जगह नृत्य करती आई हैं।
‘बिटिया’ और ‘बिट्टो’ जैसे शब्द अर्थ नहीं बदलते, केवल स्नेह जोड़ देते हैं।
तीनों बिहू के दो-दो नाम हैं, इसलिए एक ही त्योहार छह नामों से पुकारा जाता है।
Memory tricks
तीन बिहू — रों-कों-भो — रोंगाली अप्रैल में, कोंगाली अक्तूबर में, भोगाली जनवरी में।
निबंध की पहचान — देखा-क्रम-आम बात-सरल भाषा — स्वयं देखा हुआ, क्रम में, आम जीवन की बातें, सरल भाषा।
Practice MCQs with answers (20)
- A कहानी
- B निबंध
- C कविता
- D नाटक
Show answer
Why:
इसमें देखी हुई बातों का वर्णन है।
- A कोई गढ़ी हुई कथा
- B केवल संवाद
- C जो स्वयं देखा हो
- D केवल कल्पना
Show answer
Why:
इसीलिए नाम और जगहें असली होती हैं।
- A केवल I और II
- B केवल II और III
- C केवल I और III
- D I, II और III
Show answer
Why:
I और III सही हैं। II सही नहीं है: पाठ की घटनाएँ यात्रा के क्रम से एक के बाद एक आती हैं।
- A बहुत कठिन
- B केवल संस्कृतनिष्ठ
- C पुरानी
- D सरल
Show answer
Why:
इसीलिए पढ़ते समय कहानी जैसा लगता है।
- A कोलोजियम
- B एफिल टॉवर
- C असमिया
- D केंजिंग्टन
Show answer
Why:
वह वहाँ की भाषा का नाम है।
- A लंदन
- B माजुली
- C बैसाख
- D ओडिसी
Show answer
Why:
गुवाहाटी और मलंग भी वहीं के नाम हैं।
- A यूनाइटेड किंगडम और इंग्लैंड, दोनों की राजधानी
- B केवल इंग्लैंड की, यूनाइटेड किंगडम की नहीं
- C केवल यूनाइटेड किंगडम की, इंग्लैंड की नहीं
- D किसी भी देश या प्रदेश की राजधानी नहीं है, कोई नहीं
Show answer
Why:
इंग्लैंड यूनाइटेड किंगडम का एक भाग है, और लंदन दोनों की राजधानी कहलाता है।
- A नृत्य सिखाने वाला एक बहुत बड़ा विद्यालय
- B यूनाइटेड किंगडम की एक सरकारी संस्था
- C एक नृत्य समूह
- D एक पुस्तक
Show answer
Why:
उसी ने फ़िल्म के लिए मदद दी थी।
- A वह असम का प्राचीन और सबसे बड़ा नगर है
- B वह असम की राजधानी नहीं, एक छोटा कस्बा है
- C वह एक गाँव है
- D वह एक मठ है
Show answer
Why:
वहीं के होटल में वे ठहरे थे।
- A 1801 से 1900
- B 2001 से 2100
- C 1901 से 2000
- D 1701 से 1800
Show answer
Why:
इसी के मध्य में सत्रिया में बदलाव आया।
- A दो
- B चार
- C पाँच
- D तीन
Show answer
Why:
हर एक के दो-दो नाम भी हैं।
- A बोहाग
- B काटी
- C माघ
- D भोगाली
Show answer
Why:
यह बैसाख में आता है।
- A अप्रैल में
- B जनवरी में
- C अक्तूबर में
- D जुलाई में
Show answer
Why:
उसे काटी बिहू भी कहा जाता है।
- A अक्तूबर में
- B जनवरी में
- C अप्रैल में
- D मार्च में
Show answer
Why:
उसे माघ बिहू भी कहा जाता है।
- A दोनों सही हैं; कारण अभिकथन को समझाता है
- B दोनों सही हैं; कारण अभिकथन को नहीं समझाता
- C अभिकथन सही है; परंतु उसका कारण ग़लत है
- D अभिकथन ग़लत है; परंतु उसका कारण सही है
Show answer
Why:
दोनों सही हैं, और कारण ही तिथि मिला देता है। कोंगाली अक्तूबर में और भोगाली जनवरी में आता है।
- A कोई नया अर्थ
- B स्नेह का भाव
- C कोई प्रश्न
- D कोई आदेश
Show answer
Why:
‘बिट्टो’ भी ऐसा ही शब्द है।
- A 1957 में
- B 1967 में
- C 1987 में
- D 1977 में
Show answer
Why:
यह पाठ के लेखिका-परिचय में दिया गया है।
- A बिहू में
- B सत्रिया में
- C कथक में
- D ओडिसी में
Show answer
Why:
वे देश-विदेश में प्रस्तुतियाँ देती आई हैं।
- A मल्हार से
- B असम कथा से
- C नृत्य परंपरा से
- D नृत्य कथा से
Show answer
Why:
वह भारतीय नृत्यों पर लिखी गई पुस्तक है।
- A सुरुबा नतालिया ने
- B शिवेंद्र कुमार सिंह ने
- C जया मेहता ने
- D रीना सेन ने
Show answer
Why:
अनुवाद शिवेंद्र कुमार सिंह ने किया।
Important short questions (6)
इसमें वस्तु, घटना और प्रदेश का वर्णन किया गया है। लेखिका ने वही लिखा है जो उन्होंने देखा या जाना। घटनाएँ एक क्रम में चलती हैं और भाषा सरल है।
पूरा पाठ लंदन से यात्रा शुरू होने से लेकर लंदन लौटने तक चलता है। बीच की हर घटना उसी क्रम में आती है, इसलिए पढ़ने वाले को कहीं उलझन नहीं होती।
नृत्य के नाम सत्रिया और बिहू हैं। स्थानों के नाम गुवाहाटी, मलंग, माजुली और दक्षिणापथ हैं। भाषा का नाम असमिया है, और मठ के लिए सत्र शब्द आता है।
पहला रोंगाली या बोहाग है, जो सामान्यतः अप्रैल में आता है। दूसरा कोंगाली या काटी है, जो अक्तूबर में आता है। तीसरा भोगाली या माघ है, जो जनवरी में आता है।
इनका अर्थ वही रहता है जो मूल शब्द का है, यहाँ बेटी। पर इनमें स्नेह का भाव जुड़ जाता है। ‘बिट्टो’ भी ऐसा ही एक शब्द है।
इसे जया मेहता ने अपनी पुस्तक ‘नृत्य कथा’ में लिखा। उसका हिंदी अनुवाद शिवेंद्र कुमार सिंह ने किया, और चित्रांकन सुरुबा नतालिया ने।
Long answer questions (3)
यह पाठ एक निबंध है, जिसमें वस्तु, घटना और प्रदेश का वर्णन किया गया है। इसकी पहली पहचान यह है कि इसमें वही लिखा गया है जो देखा गया। इसीलिए गुवाहाटी, मलंग और दक्षिणापथ सत्र जैसे नाम असली हैं। दूसरी पहचान यह है कि घटनाओं का एक क्रम है। पाठ लंदन से यात्रा शुरू होकर लंदन लौटने तक चलता है। तीसरी पहचान यह है कि इसमें आम जीवन की बातें आती हैं, जैसे खिलौने, भोजन और यात्रा। चौथी पहचान इसकी सरल भाषा है। इसी कारण पढ़ते समय लगता है मानो कोई कहानी सुनाई जा रही हो।
असम में यह त्योहार हर साल तीन मौकों पर आता है, और हर बार के दो-दो नाम हैं। पहला रोंगाली या बोहाग बिहू है, जो बैसाख में, सामान्यतः अप्रैल में आता है। यही साल के आरंभ और बसंत के आने का संकेत देता है, और उसी समय किसान बीज बोने की तैयारी में होते हैं। दूसरा कोंगाली या काटी बिहू है, जो कार्तिक में, सामान्यतः अक्तूबर में आता है। तीसरा भोगाली या माघ बिहू है, जो माघ में, सामान्यतः जनवरी में आता है, जब खेतों का अनाज घर आ चुका होता है। एंजेला का परिवार अप्रैल में पहुँचा था, इसलिए उन्होंने रोंगाली बिहू देखा।
जया मेहता का जन्म 1977 में हुआ। वे एक नृत्यांगना हैं, लेखिका हैं और शिक्षिका भी। उन्हें बच्चों की मित्र भी कहा जाता है। वे स्वयं ओडिसी नृत्य जानती हैं। वर्षों से वे भीतर तथा बाहर, दोनों जगह नृत्य करती आई हैं। यही बात उनके लेखन को सजीव बना देती है, क्योंकि वे नृत्य पर बाहर से नहीं, भीतर से लिखती हैं। उन्हें पता होता है कि मुद्रा और लय में क्या होता है। इसीलिए वे नृत्यों की बारीकियाँ इतनी सरलता से शब्दों में रख पाती हैं। यह पाठ उनकी पुस्तक ‘नृत्य कथा’ से लिया गया है। उसका हिंदी अनुवाद शिवेंद्र कुमार सिंह ने और चित्रांकन सुरुबा नतालिया ने किया है।
Flashcards (15)
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- नाम और परिचय
- असम का शब्द या लंदन का?
- सच या भ्रम
- तीन बिहू क्रम से
- झटपट उत्तर
Class 6 Hindi Chapter 8 — frequently asked questions
वह लंदन के केंजिंग्टन इलाके में रहने वाली दस साल की लड़की है। उसका कोई सगा भाई-बहन नहीं है। उसके दोस्त जेम्स और कीरा हैं, और तीनों मिलकर काल्पनिक खेल खेलते हैं।
एलेसेंड्रा को फ़िल्म बनाने का काम मिला था। पर उसे पूरा करने के लिए उनके पास सिर्फ़ एक महीना था। इसी कारण स्कूल से छुट्टियाँ बढ़वाकर सब जल्दी तैयार हो गए।
उन्होंने बताया कि असम भारत के उत्तर-पूर्व में पड़ता है। वहाँ का वन्य-जीवन, रेशम और चाय के बाग उसकी पहचान हैं। इनके साथ नृत्य की एक बहुत पुरानी परंपरा भी वहाँ चलती है।
सत्र असम के मठ हैं और इनकी संख्या पाँच सौ से भी ज़्यादा है। यहाँ पूजा होती है और धर्म से जुड़े काम चलते हैं। सत्रिया नृत्य भी इन्हीं के भीतर जन्मा है।
दोनों ने तुरंत एक-दूसरे की ओर देखा, क्योंकि दोनों की उम्र दस साल थी। दोनों को अंग्रेज़ी आती थी, इसलिए बातचीत उसी में शुरू हुई। बाद में अनु ने उसे असमिया के कुछ शब्द भी बता दिए।
उनमें गुड़िया के साथ लकड़ी के खिलौने और नारियल की जटा से बने घर भी थे। ऐसे खिलौने एंजेला ने लंदन में कभी नहीं देखे थे, इसलिए वे उसे अनोखे लगे।
इसमें वस्तु, घटना और प्रदेश का वर्णन किया गया है। लेखिका ने वही लिखा है जो उन्होंने देखा या जाना। घटनाएँ एक क्रम में चलती हैं और भाषा सरल है।
पूरा पाठ लंदन से यात्रा शुरू होने से लेकर लंदन लौटने तक चलता है। बीच की हर घटना उसी क्रम में आती है, इसलिए पढ़ने वाले को कहीं उलझन नहीं होती।
नृत्य के नाम सत्रिया और बिहू हैं। स्थानों के नाम गुवाहाटी, मलंग, माजुली और दक्षिणापथ हैं। भाषा का नाम असमिया है, और मठ के लिए सत्र शब्द आता है।
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