Class 6 Hindi Chapter 3: पहली बूँद

पहली बूँद is Chapter 3 of NCERT / CBSE Class 6 Hindi (Hindi medium). This page has the complete chapter notes across 2 topics , 40 practice MCQs with answers and explanations , 18 important short and long questions and 30 flashcards — all written to the NCERT / CBSE syllabus and free to read.

पहली बूँद और धरती का उत्तर

बरसात के पहले दिन एक बूँद गिरती है। अंकुर फूटता है, दूब मुसकाती है, बादल नगाड़े बजाते हैं, और बूढ़ी धरती फिर हरी होने को ललचा उठती है।

What you will be able to do

  • मैं कविता में आए दृश्यों को क्रम से बता सकता/सकती हूँ।
  • मैं बता सकता/सकती हूँ कि पहली बूँद गिरने पर धरती में क्या-क्या बदला।
  • मैं समझा सकता/सकती हूँ कि कवि ने धरती को जीवित प्राणी की तरह क्यों दिखाया।
  • मैं अपने शब्दों में लिख सकता/सकती हूँ कि कविता की टेक क्या काम करती है।

Key points

  • कविता वर्षा ऋतु के पहले दिन से आरंभ होती है, जिसे कवि पावस का प्रथम दिवस कहते हैं।

  • पहली बूँद गिरते ही धरती से अंकुर निकल आता है और नए जीवन की अँगड़ाई लेता है।

  • सूखी धरती के लिए वह बूँद अमृत जैसी है।

  • हरी दूब पुलककर मुसकाती है, और कवि उसे धरती के रोओं की पंक्ति कहते हैं।

  • आकाश में बादल उड़ते हैं, मानो समुद्र को बिजली के सुनहरे पंख लग गए हों।

  • बादलों की गरज नगाड़ों की आवाज़ बन जाती है, जो धरती की जवानी जगा देती है।

  • बादल दया से पिघलकर बरसते हैं और धरती की बहुत पुरानी प्यास बुझा देते हैं।

  • अंत में बूढ़ी धरती फिर से फ़सलों से हरी-भरी बनने को ललचा उठती है।

Full explanation

पहला दिन

कविता एक निश्चित क्षण से आरंभ होती है। पावस का प्रथम दिवस, अर्थात बरसात का पहला दिन। इससे पहले क्या था, कवि नहीं बताते। पर अगली ही पंक्ति से पता चल जाता है कि इससे पहले सूखा था और लंबी प्रतीक्षा थी।

एक बूँद, और सब बदल गया

पहली बूँद धरती पर गिरती है। तुरंत धरती से अंकुर फूट पड़ता है। कवि कहते हैं कि वह नए जीवन की अँगड़ाई ले रहा है। अँगड़ाई वही लेता है जो लंबी नींद के बाद उठे। बीज भी महीनों मिट्टी में सोया रहता है।

सूखे होंठ

अब कवि धरती का चेहरा बनाते हैं। वे उसके सूखे अधरों की बात करते हैं। अधर अर्थात होंठ। सूखी और फटी हुई ज़मीन सचमुच प्यासे होंठों जैसी दिखती है। उन्हीं होंठों पर बूँद अमृत बनकर गिरती है।

अमृत क्यों

एक बूँद पानी को अमृत कहना बहुत बड़ी बात है। पर सोचिए कि महीनों की प्यास के बाद वही एक बूँद कितनी कीमती होगी। कवि पानी की मात्रा नहीं, उसका मोल बता रहे हैं।

दूब की मुसकान

इसके बाद हरी दूब आती है। वह पुलकती है और मुसकाती है। पुलकना अर्थात रोमांच से भर जाना। घास हवा में हिलती है, पर कवि को वह हँसती हुई लगती है। एक ही दृश्य को देखने के दो ढंग यहाँ साफ़ दिखते हैं।

धरती के रोएँ

कवि दूब को वसुंधरा की रोमावलि कहते हैं, यानी धरती के रोओं की पंक्ति। यह उपमा बहुत सटीक है। घनी और महीन घास दूर से देखने पर सचमुच रोओं जैसी दिखाई देती है।

अब आकाश की ओर

अब तक दृश्य ज़मीन पर था। यहाँ से कविता ऊपर उठती है। कवि कहते हैं कि आसमान में सागर उड़ रहा है। सीधा अर्थ लें तो यह असंभव है। पर भाप बनकर ऊपर गया समुद्र का जल ही तो बादल है।

बिजली के पंख

उस उड़ते सागर को पंख भी मिल जाते हैं। बिजली की चमक कवि को सुनहरे पंख जैसी दिखती है। एक क्षण के लिए आकाश में एक विशाल पक्षी बन जाता है, जिसके पंख चमकते हैं।

नगाड़ों की आवाज़

फिर आवाज़ आती है। बादल नगाड़े बजा रहे हैं। नगाड़ा उत्सव और घोषणा का वाद्य है। बादलों की गरज से कवि यही कहलवाते हैं कि अब प्रतीक्षा समाप्त हुई।

धरती की जवानी

वे नगाड़े किसे जगा रहे हैं? धरती की तरुणाई को। तरुणाई अर्थात जवानी। सूखे ने धरती को थका दिया था। अब वर्षा उसमें फिर से शक्ति भर रही है।

आकाश एक आँख

अंतिम छंद सबसे सुंदर चित्र देता है। नीला आकाश नीली आँख बन जाता है और उसमें तैरता काला बादल उसकी पुतली। पूरा आसमान एक विशाल आँख बनकर धरती को देख रहा है।

दया के आँसू

वह आँख रोती भी है। कवि कहते हैं कि बादल करुणा से पिघलकर आँसू बहाते हैं। विगलित अर्थात पिघला हुआ। धरती की दशा देखकर आकाश को दया आ गई, और वही दया वर्षा बन गई।

बहुत पुरानी प्यास

उन्हीं आँसुओं से धरती की चिर-प्यास बुझती है। चिर अर्थात बहुत समय से चली आ रही। इस एक शब्द से पता चलता है कि यह किसी एक गरमी की बात नहीं है।

अंत में ललक

कविता एक इच्छा पर समाप्त होती है। बूढ़ी धरती फिर से शस्य-श्यामला बनने को ललचाती है, अर्थात फ़सलों से हरी-भरी। ध्यान दीजिए कि कविता हरियाली दिखाकर नहीं रुकती, वह उसकी ललक पर रुकती है। आगे क्या होगा, यह पाठक की कल्पना पर छोड़ दिया जाता है।

टेक का काम

एक पंक्ति इस कविता में चार बार लौटती है। वही पहली बूँद वाली पंक्ति। इसे टेक कहते हैं। हर छंद अलग दृश्य दिखाता है, पर लौटती पंक्ति सबको एक ही घटना से जोड़ देती है। इससे कविता बिखरती नहीं। पढ़ते समय लय भी बनती है, और मुख्य बात मन में बैठ जाती है।

एक शब्द भी नहीं आया

सबसे रोचक बात अंत में समझ आती है। कवि ने ‘वर्षा’ शब्द एक बार भी नहीं लिखा। फिर भी पूरी कविता बरसात की है। उन्होंने नाम लेने के बजाय चित्र दिखाए। बूँद, अंकुर, दूब, बादल और नगाड़े। इन्हीं से पाठक स्वयं समझ जाता है कि बात किसकी हो रही है। यही अच्छी कविता का ढंग है।

Concepts and terms

पावस

वर्षा ऋतु का दूसरा नाम। कविता उसी के पहले दिन से आरंभ होती है, इसलिए पूरा वातावरण प्रतीक्षा के बाद मिली राहत का बन जाता है।

चिर-प्यास

बहुत समय से बनी हुई प्यास। ‘चिर’ का अर्थ है पुराना या लंबे समय तक चलने वाला। यह शब्द बताता है कि धरती एक-दो दिन से नहीं, बहुत दिनों से सूखी पड़ी थी।

तरुणाई

जवानी या नया उत्साह। बादल नगाड़े बजाकर धरती की तरुणाई जगाते हैं, अर्थात सूखे से थकी धरती में फिर से नई शक्ति भर देते हैं।

शस्य-श्यामला

फ़सलों से हरी-भरी। शस्य अर्थात अन्न और श्यामला अर्थात हरी। कविता के अंत में धरती यही बनना चाहती है, और इसी ललक पर कविता समाप्त होती है।

सावधान!

सच या भ्रम?

Case Study

Scenario:

कविता पढ़कर कबीर ने कहा कि यह सब केवल कल्पना है। धरती ललचाती नहीं और बादल नगाड़े नहीं बजाते। नेहा ने कहा कि कल्पना के पीछे सच भी होता है। कक्षा ने पहली वर्षा के बाद विद्यालय का मैदान देखा। सूखी ज़मीन पर तीन दिन में हरी नोकें निकल आईं। बीज महीनों से वहीं पड़े थे और चुप थे। पानी मिलते ही वे जाग गए। अध्यापिका ने कहा कि कवि ने यही देखा था। उसने इसे अंकुर और दूब की भाषा में कहा, पर घटना वही है जो मैदान में हुई।

Analysis:

कवि की पंक्ति और मैदान की हरी नोक एक ही बात कह रही हैं। कल्पना ने केवल उसे कहने का ढंग बदला है।

Activity:

पहली वर्षा के बाद किसी सूखी जगह को तीन दिन तक देखो। हर दिन का चित्र बनाकर बदलाव लिखो।

घर पर करके देखो

Title:

पहली बूँद अपनी आँखों से

Safety:

पानी थोड़ा ही लीजिए और मिट्टी में हाथ डालने के बाद हाथ अवश्य धोइए।

What You Notice:

सूखी मिट्टी पर पहली बार पानी पड़ते ही एक सोंधी महक उठती है और रंग तुरंत गहरा हो जाता है। यही वह क्षण है जिसे कवि ने पूरी कविता में फैलाकर दिखाया है।

Did you know

वर्षा की पहली बूँद के बाद मिट्टी से जो सोंधी महक उठती है, वह मिट्टी में रहने वाले सूक्ष्म जीवों के कारण आती है।

दूब बहुत कठोर घास है। सूखे में वह मुरझा जाती है, पर जड़ें जीवित रहती हैं और एक वर्षा में फिर हरी हो जाती है।

बीज के भीतर छोटा-सा पौधा पहले से बना होता है। पानी मिलते ही वह फूलकर बाहर निकल आता है, जिसे अंकुरण कहते हैं।

Memory tricks

कविता के दृश्यों का क्रम — बूँ-अं-दू-बा-प्या — बूँद, अंकुर, दूब, बादल, प्यास। कविता इसी क्रम में आगे बढ़ती है।

धरती की दशा — सूखी से हरी — आरंभ में सूखे होंठ और बुढ़ापा, अंत में हरियाली की ललक।

Practice MCQs with answers (20)

Q1 पहली वर्षा के दिन का चित्र खींचकर कवि अपनी बात आरंभ करते हैं। कविता किस दिन की बात से आरंभ होती है? beginner
  • A बरसात के पहले दिन की
  • B जाड़े के पहले दिन की
  • C गरमी के पहले दिन की
  • D बसंत के पहले दिन की
Show answer
Answer: बरसात के पहले दिन की
Why:

पावस का प्रथम दिवस अर्थात वर्षा ऋतु का पहला दिन।

Q2 ‘धरा’ शब्द किसके लिए आया है? beginner
  • A ऊँचे आकाश के लिए
  • B गहरे सागर के लिए
  • C अपनी धरती के लिए
  • D बहती नदी के लिए
Show answer
Answer: अपनी धरती के लिए
Why:

पहली बूँद धरा पर आई, अर्थात धरती पर।

Q3 सूखी पड़ी धरती पर पहली बूँद गिरी और उसी क्षण कुछ नया दिखाई दिया। बूँद गिरते ही धरती से क्या निकल आया? beginner
  • A एक बड़ा पत्थर
  • B एक नया अंकुर
  • C एक ठंडा झरना
  • D एक काला बादल
Show answer
Answer: एक नया अंकुर
Why:

वही अंकुर नए जीवन की अँगड़ाई लेता है।

Q4 ‘अँगड़ाई लेना’ किस बात का संकेत है? intermediate
  • A थककर बैठ जाने का
  • B दूर चले जाने का
  • C चुप हो जाने का
  • D लंबी नींद से उठने का
Show answer
Answer: लंबी नींद से उठने का
Why:

बीज भी महीनों मिट्टी में सोया रहता है, फिर जागता है।

Q5 कविता में शरीर के अंगों के लिए पुराने शब्द आए हैं, जैसे नयन और अधर। ‘अधर’ किस अंग के लिए प्रयुक्त हुआ है? intermediate
  • A कान के लिए
  • B आँख के लिए
  • C होंठ के लिए
  • D हाथ के लिए
Show answer
Answer: होंठ के लिए
Why:

सूखी फटी ज़मीन प्यासे होंठों जैसी दिखती है।

Q6 बूँद को अमृत कहने से क्या पता चलता है? advanced
  • A कि उसका मोल बहुत बड़ा था
  • B कि वह बहुत ठंडी थी
  • C कि वह बहुत भारी थी
  • D कि वह स्वाद में बहुत मीठी थी
Show answer
Answer: कि उसका मोल बहुत बड़ा था
Why:

कवि मात्रा नहीं, लंबी प्यास के बाद उसका मूल्य बता रहे हैं।

Q7 बूँद पड़ने पर घास की दशा बदल गई, यह कवि एक सुंदर चित्र में कहते हैं। हरी दूब के बारे में कवि क्या कहते हैं? beginner
  • A वह जल गई थी
  • B वह बह गई थी
  • C वह धूप में सूख गई थी
  • D वह पुलकी और मुसकाई
Show answer
Answer: वह पुलकी और मुसकाई
Why:

घास का हिलना कवि को उसकी मुसकान जैसा लगता है।

Q8 ‘वसुंधरा की रोमावलि’ किसके लिए आया है? advanced
  • A काले बादल के लिए
  • B हरी दूब के लिए
  • C तेज़ बिजली के लिए
  • D ऊँचे पर्वत के लिए
Show answer
Answer: हरी दूब के लिए
Why:

घनी महीन घास दूर से रोओं की पंक्ति जैसी दिखती है।

Q9 ‘आसमान में उड़ता सागर’ का सीधा अर्थ क्यों नहीं चलता? advanced
  • A क्योंकि समुद्र अपनी जगह से उड़ नहीं सकता
  • B क्योंकि सागर का पानी बहुत ठंडा होता है
  • C क्योंकि आकाश हमसे बहुत दूर ऊपर है
  • D क्योंकि सागर बहुत गहरा और चौड़ा होता है
Show answer
Answer: क्योंकि समुद्र अपनी जगह से उड़ नहीं सकता
Why:

सीधा अर्थ असंभव हो जाता है, इसलिए पंक्ति का भावार्थ खोजना पड़ता है। यहाँ उड़ता सागर आकाश का बादल है।

Q10 ‘स्वर्णिम पर’ में ‘पर’ का अर्थ क्या है? advanced
  • A ऊपर की दिशा
  • B पंख अथवा डैने
  • C किंतु अथवा लेकिन
  • D किसी के बाद
Show answer
Answer: पंख अथवा डैने
Why:

बिजली की चमक बादल के सुनहरे पंख जैसी लगती है।

Q11 वर्षा से पहले आकाश में गरज उठी और कवि ने उसे बाजे की ध्वनि कहा। कविता में नगाड़े बजाने वाले कौन हैं? beginner
  • A आकाश के बादल
  • B गाँव के लोग
  • C खेत के किसान
  • D पेड़ की डालियाँ
Show answer
Answer: आकाश के बादल
Why:

मेघों की गर्जना को ही कवि नगाड़ों का बजना कहते हैं।

Q12 नगाड़े किसे जगा रहे हैं? intermediate
  • A सोए हुए पक्षियों को
  • B गाँव के बच्चों को
  • C धरती की तरुणाई को
  • D पहाड़ की चोटी को
Show answer
Answer: धरती की तरुणाई को
Why:

तरुणाई अर्थात जवानी, जो सूखे से थकी धरती में लौट रही है।

Q13 कवि आकाश को शरीर के एक अंग से मिलाकर उसका रंग और आकार दिखाते हैं। ‘नीले नयनों-सा यह अंबर’ में तुलना किससे है? intermediate
  • A गहरे सागर से
  • B नीली आँखों से
  • C हरी दूब से
  • D सफ़ेद बर्फ़ से
Show answer
Answer: नीली आँखों से
Why:

नीला आकाश कवि को नीली आँख जैसा दिखाई देता है।

Q14 ‘काली पुतली’ किसके लिए प्रयुक्त हुई है? advanced
  • A गिरती बूँदों के लिए
  • B बजते नगाड़े के लिए
  • C सूखी धरती के लिए
  • D तैरते बादलों के लिए
Show answer
Answer: तैरते बादलों के लिए
Why:

नीले आकाश में तैरता काला बादल पुतली जैसा लगता है।

Q15 कविता में एक शब्द उस दशा के लिए आया है जब कोई ठोस वस्तु बहने लगती है। ‘विगलित’ शब्द का अर्थ क्या है? intermediate
  • A जमा हुआ
  • B सूखा हुआ
  • C पिघला हुआ
  • D जला हुआ
Show answer
Answer: पिघला हुआ
Why:

बादल दया से पिघलकर बरसते हैं।

Q16 धरती की प्यास कविता में आज की नहीं, बहुत पुरानी बताई गई है। ‘चिर-प्यास’ से क्या पता चलता है? advanced
  • A कि प्यास आज की थी
  • B कि प्यास बहुत पुरानी थी
  • C कि प्यास थोड़ी-सी थी
  • D कि प्यास कभी नहीं थी
Show answer
Answer: कि प्यास बहुत पुरानी थी
Why:

चिर अर्थात लंबे समय से चला आ रहा।

Q17 कविता में धरती के चित्रण पर इन कथनों पर विचार कीजिए। I. कविता में धरती को एक जीवित प्राणी की तरह दिखाया गया है। II. कविता बूँद के सूख जाने की बात पर समाप्त होती है। III. हरी दूब को वसुंधरा की रोमावलि कहा गया है। कौन-से कथन सही हैं? advanced
  • A केवल I और II
  • B केवल II और III
  • C केवल I और III
  • D I, II और III
Show answer
Answer: केवल I और III
Why:

I और III सही हैं। II सही नहीं है: कविता धरती की हरियाली की ललक पर समाप्त होती है, किसी सूखने पर नहीं।

Q18 वर्षा के बाद खेतों की दशा के लिए कविता में एक जोड़ा शब्द आया है। ‘शस्य-श्यामला’ का अर्थ क्या है? beginner
  • A बर्फ़ से ढकी धरती
  • B रेत से भरी धरती
  • C पत्थरों वाली धरती
  • D फ़सलों से हरी धरती
Show answer
Answer: फ़सलों से हरी धरती
Why:

शस्य अर्थात अन्न और श्यामला अर्थात हरी।

Q19 कविता किस बात पर समाप्त होती है? advanced
  • A अंकुर के मुरझाने पर
  • B आकाश से बादलों के चले जाने पर ही
  • C बूँद के सूख जाने पर
  • D धरती की हरियाली की ललक पर
Show answer
Answer: धरती की हरियाली की ललक पर
Why:

कवि हरियाली दिखाकर नहीं, उसकी इच्छा पर रुकते हैं।

Q20 अभिकथन: कवि ‘पहली बूँद धरा पर आई’ पंक्ति बार-बार लौटाते हैं। कारण: एक ही पंक्ति लौटने से मुख्य बात मन में बैठ जाती है। advanced
  • A दोनों सही हैं; कारण अभिकथन को समझाता है
  • B दोनों सही हैं; कारण अभिकथन को नहीं समझाता
  • C अभिकथन सही है; परंतु उसका कारण ग़लत है
  • D अभिकथन ग़लत है; परंतु उसका कारण सही है
Show answer
Answer: दोनों सही हैं; कारण अभिकथन को समझाता है
Why:

दोनों सही हैं, और कारण ही इस लौटने का काम है। हर छंद उसी बूँद पर आकर टिकता है, इसलिए वही बात याद रह जाती है।

Important short questions (6)

पहली बूँद गिरने पर धरती में कौन-से दो परिवर्तन दिखाई देते हैं?

धरती से अंकुर फूट पड़ता है और वह नए जीवन की अँगड़ाई लेता है। साथ ही हरी दूब पुलककर मुसकाने लगती है।

कवि ने बूँद को अमृत क्यों कहा है?

क्योंकि धरती महीनों से प्यासी थी। इतनी लंबी प्रतीक्षा के बाद मिली एक बूँद भी अमृत जितनी कीमती लगती है।

‘वसुंधरा की रोमावलि’ उपमा को स्पष्ट कीजिए।

रोमावलि का अर्थ है रोओं की पंक्ति। धरती पर उगी घनी और महीन हरी दूब दूर से देखने पर सचमुच रोओं की पंक्ति जैसी दिखाई देती है।

बादलों की गरज को कवि ने किस रूप में दिखाया है और क्यों?

उन्होंने उसे नगाड़ों का बजना कहा है। नगाड़ा उत्सव और घोषणा का वाद्य है, इसलिए गरज मानो यह घोषणा करती है कि प्रतीक्षा समाप्त हुई।

आकाश और बादल मिलकर कौन-सा चित्र बनाते हैं?

नीला आकाश एक नीली आँख बन जाता है और उसमें तैरता काला बादल उसकी पुतली। इस तरह पूरा आसमान एक विशाल आँख जैसा दिखाई देने लगता है।

कविता के आरंभ और अंत में धरती की दशा में क्या अंतर है?

आरंभ में वह सूखी है, उसके होंठ प्यासे हैं और वह बूढ़ी कही गई है। अंत में उसमें अंकुर फूट चुका है और वह फिर से फ़सलों से हरी-भरी बनने को ललचा रही है।

Long answer questions (3)

कविता में आए दृश्यों को क्रम से लिखिए।

पहला दृश्य बरसात के पहले दिन का है, जब पहली बूँद धरती पर गिरती है। तुरंत धरती से अंकुर फूट पड़ता है और वह अँगड़ाई लेता है। फिर सूखे होंठों पर गिरी उस बूँद को अमृत कहा जाता है। इसके बाद हरी दूब पुलककर मुसकाती है। अब दृश्य ऊपर उठता है, जहाँ बादल बिजली के सुनहरे पंख लगाकर उड़ते हैं और नगाड़े बजाकर धरती की जवानी जगाते हैं। अंतिम छंद में आकाश एक बड़ी आँख बन जाता है, जो दया से आँसू बहाकर धरती की पुरानी प्यास बुझा देती है।

इस कविता में धरती को जीवित प्राणी की तरह कैसे दिखाया गया है?

कवि धरती को हर जगह कोई न कोई मानवीय गुण देते हैं। उसके होंठ हैं, जो सूखे पड़े हैं। उसे प्यास लगती है, और वह प्यास एक दिन की नहीं, बहुत पुरानी है। उसके शरीर पर रोएँ हैं, जो हरी दूब के रूप में दिखाई देते हैं। वह बूढ़ी भी है, और थककर भी फिर से हरी-भरी होने के लिए ललचाती है। इन सबके कारण धरती कविता में केवल मिट्टी नहीं रह जाती। वह एक ऐसी स्त्री बन जाती है जो प्रतीक्षा करती है, दुख सहती है, और फिर नई आशा से भर उठती है।

कविता की टेक कौन-सी है और वह क्या काम करती है? समझाइए।

इस कविता की टेक है वह पंक्ति जिसमें पहली बूँद के धरती पर आने की बात कही गई है। वह हर छंद के बाद लौटकर आती है। पहला काम यह है कि वह कविता को एक सूत्र में बाँधे रखती है। छंद अलग-अलग दृश्य दिखाते हैं। लौटती पंक्ति उन सबको एक ही घटना से जोड़ देती है। दूसरा काम लय का है, क्योंकि बार-बार लौटने से कविता गाने जैसी हो जाती है। तीसरा काम यह है कि मुख्य बात पाठक के मन में गहरी बैठ जाती है। इतने चित्रों के बीच भी यह नहीं भूलता कि यह सब एक बूँद से आरंभ हुआ था।

Flashcards (15)

‘पावस’ किस ऋतु का नाम है?
वर्षा ऋतु का।
‘धरा’ का अर्थ क्या है?
धरती।
पहली बूँद गिरते ही क्या फूट पड़ा?
धरती से अंकुर, जो नए जीवन की अँगड़ाई ले रहा था।
‘अधर’ शरीर के किस अंग को कहते हैं?
होंठ को। सूखी धरती को कवि प्यासे होंठ कहते हैं।
बूँद को किसके समान बताया गया है?
अमृत के समान, क्योंकि लंबी प्यास के बाद वह सबसे कीमती थी।
‘रोमावलि’ किसे कहा गया है?
हरी दूब को, जो धरती के रोओं की पंक्ति जैसी लगती है।
‘आसमान में उड़ता सागर’ का आशय क्या है?
भाप बनकर ऊपर गया समुद्र का जल, यानी बादल।
‘स्वर्णिम पर’ में ‘पर’ का अर्थ क्या है?
पंख। बिजली बादल के सुनहरे पंख जैसी लगती है।
कविता में नगाड़े कौन बजा रहे हैं?
बादल, और यह उनकी गरज का चित्र है।
‘तरुणाई’ का अर्थ क्या है?
जवानी या नया उत्साह।
‘नीले नयनों-सा अंबर’ में अंबर किसके जैसा है?
नीली आँखों के जैसा।
‘काली पुतली’ किसके लिए आया है?
आकाश में तैरते काले बादलों के लिए।
‘करुणा-विगलित’ का अर्थ क्या है?
दया से पिघला हुआ। बादल दया से पिघलकर बरसते हैं।
‘चिर-प्यास’ का अर्थ क्या है?
बहुत समय से बनी हुई प्यास।
कविता के अंत में धरती क्या बनना चाहती है?
शस्य-श्यामला, यानी फ़सलों से हरी-भरी।

Play this topic

  • दृश्यों का क्रम जमाओ
  • शब्द और अर्थ
  • धरती का या आकाश का?
  • सच या भ्रम
  • झटपट उत्तर

भावार्थ, उपमा और शब्दों का खेल

सीधा अर्थ कब काम नहीं करता, उपमा किसे कहते हैं, ‘जलधर’ जैसे जुड़े शब्द कैसे बनते हैं, और एक ही शब्द कैसे कई अर्थ देता है।

What you will be able to do

  • मैं सीधे अर्थ और भावार्थ का अंतर उदाहरण देकर बता सकता/सकती हूँ।
  • मैं कविता की उपमाओं को पहचानकर उनका आधार बता सकता/सकती हूँ।
  • मैं ‘जलधर’ जैसे जुड़े शब्दों को तोड़कर उनका अर्थ खोल सकता/सकती हूँ।
  • मैं दिखा सकता/सकती हूँ कि एक शब्द संदर्भ के अनुसार अर्थ कैसे बदलता है।

Key points

  • कुछ पंक्तियों का सीधा अर्थ असंभव होता है, तब उनका भावार्थ लेना पड़ता है।

  • ‘आसमान में उड़ता सागर’ का भावार्थ है भाप बनकर ऊपर उठा समुद्र का जल, यानी बादल।

  • उपमा में एक वस्तु की तुलना दूसरी से की जाती है, जैसे दूब की तुलना रोओं से।

  • नीला आकाश आँख जैसा और काला बादल पुतली जैसा बताया गया है।

  • ‘जलधर’ के भीतर दो टुकड़े हैं, यानी जल तथा धर, अर्थात जल धारण करने वाला।

  • बादल और समुद्र दोनों जल धारण करते हैं, इसलिए दोनों जलधर कहे जा सकते हैं।

  • कौन-सा अर्थ लेना है, यह वाक्य के संदर्भ से तय होता है।

  • ‘फूट’ शब्द अलग-अलग जगह अलग अर्थ देता है, जैसे अंकुर फूटना और घड़ा फूटना।

Full explanation

जब सीधा अर्थ काम न करे

कविता पढ़ते समय कभी-कभी कोई पंक्ति अटका देती है। ‘आसमान में उड़ता सागर’ ऐसी ही पंक्ति है। सीधा अर्थ लें तो समुद्र उड़ नहीं सकता। यहीं रुककर सोचना पड़ता है कि कवि क्या कहना चाहते हैं।

भावार्थ क्या है

पंक्ति के भीतर छिपे असली आशय को भावार्थ कहते हैं। यहाँ भावार्थ यह है कि समुद्र का जल भाप बनकर ऊपर उठ गया है और बादल के रूप में तैर रहा है। ध्यान दीजिए कि यह बात विज्ञान की दृष्टि से भी ठीक बैठती है।

भावार्थ कविता को क्या देता है

कवि सीधे भी कह सकते थे कि आकाश में बादल छाए हैं। पर तब पंक्ति साधारण रह जाती। उड़ते सागर का चित्र सुनते ही मन में कुछ विशाल बनता है। ऐसे प्रयोग कविता को सुंदर भी बनाते हैं और आनंददायक भी।

उपमा क्या है

कविता में बार-बार एक चीज़ की तुलना दूसरी से की गई है। इसी को उपमा कहते हैं। तुलना तभी अच्छी लगती है जब दोनों में कोई सच्ची समानता हो।

दूब और रोएँ

पहली उपमा दूब की है। कवि उसे वसुंधरा की रोमावलि कहते हैं। समानता क्या है? दोनों महीन हैं, दोनों घने हैं, और दोनों त्वचा या ज़मीन पर एक साथ उगते हैं। इसीलिए यह तुलना सटीक लगती है।

अंबर और आँख

दूसरी उपमा आकाश की है। नीला अंबर नीली आँख जैसा बताया गया है। यहाँ समानता रंग की है और विस्तार की भी। आँख भी गोल है और आकाश भी चारों ओर फैला हुआ लगता है।

बादल और पुतली

तीसरी उपमा इसी को आगे बढ़ाती है। उस नीली आँख के बीच जो काला भाग होता है, वह पुतली कहलाती है। नीले आकाश में तैरता काला बादल ठीक वैसा ही दिखता है। दो उपमाएँ मिलकर एक पूरा चित्र बना देती हैं।

बूँद और अमृत

चौथी उपमा बूँद की है। उसे अमृत के समान कहा गया है। यहाँ समानता रूप की नहीं, मूल्य की है। लंबी प्यास के बाद मिला जल जीवन देने वाला लगता है, और अमृत भी यही करता है।

जुड़ा हुआ शब्द: जलधर

अब शब्दों पर आइए। ‘जलधर’ एक जुड़ा हुआ शब्द है। इसे तोड़िए तो दो भाग मिलते हैं — जल और धर। ‘धर’ का अर्थ है धारण करने वाला। इस तरह जलधर वह हुआ जो अपने भीतर जल संजोए रखे।

एक नाम, दो चीज़ें

अब प्रश्न यह है कि जल कौन धारण करता है। बादल भी और समुद्र भी। इसलिए दोनों को जलधर कहा जा सकता है। कविता की पंक्ति में वह बादल है, क्योंकि वहाँ बात आकाश की हो रही है।

संदर्भ ही तय करता है

यहीं एक बड़ा नियम मिलता है। शब्द का अर्थ अकेले में तय नहीं होता। वह वाक्य में आकर तय होता है। इसी को संदर्भ कहते हैं। शब्दकोश कई अर्थ देता है, पर सही अर्थ पाठक को संदर्भ से चुनना पड़ता है।

एक शब्द, अनेक अर्थ

इसका दूसरा अच्छा उदाहरण ‘फूट’ है। कविता में अंकुर फूटता है, जहाँ अर्थ है नया पौधा निकलना। घड़ा फूटता है, जहाँ अर्थ है टूट जाना। और फूट डालने में अर्थ हो जाता है आपस में अलगाव पैदा करना।

तीनों अर्थ अलग क्यों लगते हैं

तीनों में एक बात समान है — कुछ बँधा हुआ खुल जाता है। बीज खुलकर पौधा बनता है, घड़ा खुलकर टूटता है, और समाज खुलकर बिखरता है। मूल भाव एक है, पर प्रयोग अलग हैं।

शब्दकोश की आदत

जब कोई शब्द अटके तो शब्दकोश देखना चाहिए। वहाँ शब्द वर्णमाला के क्रम में मिलते हैं और एक शब्द के नीचे कई अर्थ दिए होते हैं। सही अर्थ चुनने के लिए अपनी पंक्ति फिर से पढ़िए और देखिए कि कौन-सा अर्थ वहाँ बैठता है।

अभ्यास कैसे करें

इन सब बातों का अभ्यास सरल है। कोई भी कविता लीजिए और उसकी एक पंक्ति चुनिए। पहले उसका सीधा अर्थ लिखिए। फिर पूछिए कि क्या यह सचमुच हो सकता है। यदि नहीं, तो भावार्थ लिखिए। दोनों को साथ रखकर पढ़िए। अंतर साफ़ दिखाई देगा।

उपमा स्वयं बनाइए

अपने आसपास की कोई चीज़ लीजिए। उसकी तुलना किसी दूसरी चीज़ से कीजिए। फिर लिखिए कि दोनों में समानता क्या है। यदि समानता सच्ची हुई, तो उपमा अपने आप सुंदर लगेगी।

Concepts and terms

भावार्थ

किसी पंक्ति के भीतर छिपा हुआ असली आशय। जब सीधा अर्थ असंभव लगे, तब भावार्थ खोजा जाता है। ‘आसमान में उड़ता सागर’ का सीधा अर्थ नहीं चलता, पर भावार्थ में वह बादल बन जाता है।

उपमा

एक वस्तु की तुलना दूसरी से करके उसे समझाना। कविता में दूब की तुलना रोओं से, अंबर की आँख से और बादल की पुतली से की गई है।

जलधर

जल और धर से बना शब्द, अर्थात जल धारण करने वाला। बादल और समुद्र दोनों जल रखते हैं, इसलिए यह नाम दोनों पर लागू होता है और अर्थ संदर्भ से तय होता है।

अनेकार्थी शब्द

ऐसा शब्द जो अलग-अलग जगह अलग अर्थ दे। ‘फूट’ इसका अच्छा उदाहरण है, क्योंकि अंकुर फूटना, घड़ा फूटना और फूट डालना — तीनों में उसका अर्थ बदल जाता है।

सावधान!

सच या भ्रम?

असल जीवन: कक्षा की अनुवाद-पुस्तिका

Scenario:

कक्षा छह के बच्चों को एक काम मिला है। उन्हें कविता की चार पंक्तियाँ सरल हिंदी में लिखकर अपनी छोटी बहनों-भाइयों को समझानी हैं। सिमरन ‘आसमान में उड़ता सागर’ का अर्थ लिखती है कि समुद्र आकाश में उड़ रहा है। उसका साथी अयान कहता है कि यह तो हो ही नहीं सकता, इसलिए पंक्ति गलत होगी। तीसरी साथी मीरा कहती है कि पंक्ति गलत नहीं है, बस उसे दूसरी तरह पढ़ना होगा। शिक्षिका कोई उत्तर नहीं देतीं। वे केवल एक प्रश्न पूछती हैं कि समुद्र का पानी गरमी में जाता कहाँ है।

Analysis:

प्रश्न सुनते ही बात खुल जाती है। बच्चे बताते हैं कि पानी भाप बनकर ऊपर उठता है और बादल बनता है। तब मीरा कहती है कि कवि यही कह रहे हैं, केवल शब्द अलग हैं। सिमरन अपना अर्थ सुधारकर लिखती है कि समुद्र का जल भाप बनकर बादल के रूप में आकाश में तैर रहा है। अयान का यह भ्रम भी दूर होता है कि पंक्ति गलत है। तीनों मिलकर एक नियम लिखते हैं: जब सीधा अर्थ असंभव लगे, तब पंक्ति को फेंकना नहीं, उसका भावार्थ खोजना चाहिए।

Activity:

कविता में से कोई एक और पंक्ति चुनिए जिसका सीधा अर्थ अजीब लगता हो। उसका सीधा अर्थ और भावार्थ, दोनों अलग-अलग पंक्तियों में लिखिए और अपने समूह को दोनों पढ़कर सुनाइए।

घर पर करके देखो

Title:

एक शब्द, कई अर्थ

Safety:

यह गतिविधि केवल लेखन और बातचीत की है, इसमें किसी सावधानी की आवश्यकता नहीं।

What You Notice:

एक ही शब्द वाक्य बदलते ही नया अर्थ देने लगता है। यही कारण है कि शब्दकोश का पहला अर्थ हर जगह ठीक नहीं बैठता।

Did you know

‘धर’ से बने और भी शब्द हैं, जैसे गिरिधर, जो पर्वत धारण करने वाले के लिए आता है।

शब्दकोश में एक ही शब्द के नीचे कई अर्थ क्रम से दिए जाते हैं, और सही अर्थ वाक्य देखकर चुनना पड़ता है।

‘नयन’ आँख का ही दूसरा नाम है, और कविता में उसी से आकाश की तुलना की गई है।

Memory tricks

भावार्थ कब लें — असंभव तो भावार्थ — यदि सीधा अर्थ असंभव लगे, तो समझिए कि वहाँ भावार्थ छिपा है।

जुड़े शब्द तोड़ना — जल + धर — शब्द को दो भागों में तोड़िए, अर्थ अपने आप खुल जाएगा।

Practice MCQs with answers (20)

Q1 कविता की कुछ पंक्तियों का सीधा अर्थ नहीं बनता, तब उनका भीतरी आशय खोजना पड़ता है। ‘भावार्थ’ का सबसे सही अर्थ क्या है? beginner
  • A पंक्ति में छिपा असली आशय
  • B पंक्ति में आए कठिन शब्द
  • C पंक्ति की कुल लंबाई
  • D पंक्ति के अंत की तुक
Show answer
Answer: पंक्ति में छिपा असली आशय
Why:

भावार्थ वह है जो सीधे अर्थ के आगे जाकर मिलता है।

Q2 भावार्थ खोजने की ज़रूरत कब पड़ती है? intermediate
  • A जब पंक्ति बहुत छोटी हो
  • B जब पंक्ति में तुक न हो
  • C जब सीधा अर्थ असंभव लगे
  • D जब पंक्ति बहुत लंबी हो
Show answer
Answer: जब सीधा अर्थ असंभव लगे
Why:

उड़ते सागर की पंक्ति इसी कारण रुककर सोचने पर मजबूर करती है।

Q3 कवि ने आकाश में तैरते बादल को किसी बड़ी जलराशि के रूप में देखा है। ‘उड़ता सागर’ असल में क्या है? beginner
  • A एक बड़ी नदी
  • B आकाश का बादल
  • C एक ऊँचा पर्वत
  • D एक तेज़ आँधी
Show answer
Answer: आकाश का बादल
Why:

समुद्र का जल भाप बनकर ऊपर उठता है और बादल बन जाता है।

Q4 यह पंक्ति विज्ञान की दृष्टि से भी ठीक क्यों बैठती है? advanced
  • A क्योंकि बादल भारी होते हैं
  • B क्योंकि समुद्र बहुत गहरा और चौड़ा है
  • C क्योंकि आकाश नीला दिखता है
  • D क्योंकि पानी भाप बनकर ऊपर जाता है
Show answer
Answer: क्योंकि पानी भाप बनकर ऊपर जाता है
Why:

वाष्पन और वर्षा का यही चक्र कवि की पंक्ति में छिपा है।

Q5 कविता में एक वस्तु को दूसरी से मिलाकर उसका रूप समझाया गया है। ‘उपमा’ का काम क्या है? beginner
  • A एक चीज़ की तुलना दूसरी से करना
  • B पंक्ति को लंबा और भारी बना देना
  • C कठिन शब्द जोड़ना
  • D अंत में तुक मिलाना
Show answer
Answer: एक चीज़ की तुलना दूसरी से करना
Why:

तुलना से अनजानी बात जानी-पहचानी लगने लगती है।

Q6 कवि ने हरी दूब को धरती के शरीर के महीन रोमों जैसा बताया है। दूब और रोमावलि की तुलना किस आधार पर है? intermediate
  • A दोनों का रंग लाल है
  • B दोनों आकार में बहुत बड़े होते हैं
  • C दोनों महीन और घने होते हैं
  • D दोनों पानी में उगते हैं
Show answer
Answer: दोनों महीन और घने होते हैं
Why:

घनी महीन घास दूर से रोओं की पंक्ति जैसी दिखती है।

Q7 अंबर की तुलना आँख से किस कारण की गई? intermediate
  • A आकार और रंग की समानता से
  • B आवाज़ और ध्वनि की समानता से
  • C गंध की समानता से
  • D भार की समानता से
Show answer
Answer: आकार और रंग की समानता से
Why:

दोनों नीले भी हैं और दोनों में विस्तार भी है।

Q8 ‘काली पुतली’ वाली उपमा पिछली उपमा से कैसे जुड़ती है? advanced
  • A वह उसी आँख का भीतरी भाग आगे बढ़ाकर दिखाती है
  • B वह पिछली उपमा से ठीक उलटी बात कह देती है
  • C वह किसी और ही वस्तु की तुलना करने लगती है
  • D वह पिछली उपमा से कोई संबंध नहीं रखती है
Show answer
Answer: वह उसी आँख का भीतरी भाग आगे बढ़ाकर दिखाती है
Why:

पहले अंबर नीली आँख कहा गया, फिर उसी आँख की काली पुतली बादल बनी। दूसरी उपमा पहली को आगे बढ़ाती है।

Q9 बूँद और अमृत की तुलना किस आधार पर है? advanced
  • A रंग के आधार पर
  • B भार के आधार पर
  • C आकार के आधार पर
  • D मूल्य के आधार पर
Show answer
Answer: मूल्य के आधार पर
Why:

दोनों जीवन देने वाले माने जाते हैं, इसीलिए तुलना जमती है।

Q10 कक्षा में एक शब्द को दो भागों में तोड़कर उसका अर्थ निकाला जा रहा है। ‘जलधर’ शब्द किन दो भागों से बना है? beginner
  • A जल और झर
  • B जल और धर
  • C जल और घर
  • D जल और हर
Show answer
Answer: जल और धर
Why:

धर अर्थात धारण करने वाला।

Q11 ‘धर’ का अर्थ क्या है? intermediate
  • A काट देने वाला
  • B बहा देने वाला
  • C जला देने वाला
  • D धारण करने वाला
Show answer
Answer: धारण करने वाला
Why:

इसी से जलधर और गिरिधर जैसे शब्द बनते हैं।

Q12 जल को धारण करने वाला कोई भी हो सकता है, यह कक्षा में बताया गया। ‘जलधर’ किन दोनों के लिए प्रयोग हो सकता है? intermediate
  • A पर्वत और नदी के लिए
  • B सूरज और चाँद के लिए
  • C बादल और समुद्र के लिए
  • D वन और खेत के लिए
Show answer
Answer: बादल और समुद्र के लिए
Why:

बादल भी जल संजोकर रखता है और समुद्र भी। इसीलिए यह नाम दोनों पर बैठता है।

Q13 कविता की पंक्ति में ‘जलधर’ का अर्थ क्या है? advanced
  • A गहरा समुद्र
  • B बहती नदी
  • C ऊँचा पर्वत
  • D आकाश का बादल
Show answer
Answer: आकाश का बादल
Why:

वहाँ बात आकाश की हो रही है, इसलिए संदर्भ बादल की ओर ले जाता है।

Q14 अभिकथन: ‘फूट’ शब्द का अर्थ हर वाक्य में एक जैसा नहीं रहता। कारण: किसी शब्द का सही अर्थ उसके वाक्य के संदर्भ से तय होता है। advanced
  • A दोनों सही हैं; कारण अभिकथन को समझाता है
  • B दोनों सही हैं; कारण अभिकथन को नहीं समझाता
  • C अभिकथन सही है; परंतु उसका कारण ग़लत है
  • D अभिकथन ग़लत है; परंतु उसका कारण सही है
Show answer
Answer: दोनों सही हैं; कारण अभिकथन को समझाता है
Why:

दोनों सही हैं, और कारण ही अनेकार्थी शब्दों का नियम है। अंकुर फूटना और फूट डालना, एक ही शब्द के दो अलग अर्थ हैं।

Q15 बूँद पड़ने पर धरती से नया पौधा निकल आया, ऐसा कविता में कहा गया है। ‘अंकुर फूट पड़ा’ में ‘फूट’ का अर्थ क्या है? beginner
  • A बरतन का टूटना
  • B नया पौधा निकलना
  • C आपस में अलगाव
  • D आवाज़ निकलना
Show answer
Answer: नया पौधा निकलना
Why:

यहाँ फूटना अर्थात बीज से पौधे का बाहर आना।

Q16 एक पुरानी राजनीतिक कहावत में भी यही शब्द दूसरे अर्थ में आता है। ‘फूट डालो और राज करो’ में ‘फूट’ का अर्थ क्या है? intermediate
  • A नया पौधा निकलना
  • B बरतन का टूटना
  • C आपस में अलगाव डालना
  • D पानी का बहना
Show answer
Answer: आपस में अलगाव डालना
Why:

यह अंग्रेज़ों की एक नीति के लिए कहा जाता है।

Q17 शब्दों के अर्थ पर इन कथनों पर विचार कीजिए। I. अनेकार्थी शब्द वह है जो कई अर्थ देता हो। II. शब्द का सही अर्थ उसकी लंबाई से तय होता है। III. ‘जलधर’ शब्द ‘जल’ और ‘धर’ से बना है। कौन-से कथन सही हैं? advanced
  • A केवल I और II
  • B केवल II और III
  • C केवल I और III
  • D I, II और III
Show answer
Answer: केवल I और III
Why:

I और III सही हैं। II सही नहीं है: अर्थ संदर्भ से तय होता है, और वही पंक्ति बताती है कि ‘जलधर’ यहाँ बादल है या समुद्र।

Q18 ‘गिरिधर’ शब्द का अर्थ क्या होगा? advanced
  • A जल को बहाकर ले जाने वाला
  • B पर्वत धारण करने वाला
  • C वन काटने वाला
  • D गीत गाने वाला
Show answer
Answer: पर्वत धारण करने वाला
Why:

गिरि अर्थात पर्वत, और धर अर्थात धारण करने वाला।

Q19 ‘नयन’ शब्द किसके लिए आता है? beginner
  • A कान के लिए
  • B आँख के लिए
  • C नाक के लिए
  • D हाथ के लिए
Show answer
Answer: आँख के लिए
Why:

नीले नयनों-सा अंबर, अर्थात नीली आँखों जैसा आकाश।

Q20 शब्दकोश खोलने पर एक ही शब्द के सामने कई अर्थ लिखे मिलते हैं। उनमें से सही अर्थ चुनने का तरीका क्या है? advanced
  • A सबसे छोटा अर्थ ले लीजिए
  • B सबसे पहला अर्थ ले लीजिए
  • C सबसे लंबा अर्थ ले लीजिए
  • D अपनी पंक्ति पढ़कर देखिए
Show answer
Answer: अपनी पंक्ति पढ़कर देखिए
Why:

संदर्भ ही बताता है कि कौन-सा अर्थ वहाँ बैठता है।

Important short questions (6)

सीधा अर्थ और भावार्थ में क्या अंतर है? उदाहरण दीजिए।

सीधा अर्थ शब्दों का ऊपरी अर्थ होता है और भावार्थ उनका भीतरी आशय। ‘आसमान में उड़ता सागर’ का सीधा अर्थ असंभव है, पर भावार्थ में वह भाप बनकर उड़ा समुद्री जल यानी बादल है।

कविता की कोई दो उपमाएँ लिखकर उनका आधार बताइए।

दूब की तुलना धरती के रोओं से है, क्योंकि दोनों महीन और घने होते हैं। अंबर की तुलना नीली आँख से है, क्योंकि दोनों में नीला रंग और विस्तार है।

‘जलधर’ शब्द को तोड़कर उसका अर्थ समझाइए।

इसमें जल और धर जुड़े हैं। धर वह है जो संजोकर रखे, इसलिए जलधर वह हुआ जो अपने भीतर जल संजोए रखे।

एक ही शब्द के दो अर्थ हों तो पाठक सही अर्थ कैसे चुने?

उसे पूरी पंक्ति और उसके आसपास की बात देखनी चाहिए। इसी को संदर्भ कहते हैं, और वही तय करता है कि कौन-सा अर्थ वहाँ बैठेगा।

‘फूट’ शब्द के तीन प्रयोग लिखिए।

अंकुर फूट पड़ा, जहाँ अर्थ है पौधे का निकलना। घड़ा फूट गया, जहाँ अर्थ है टूटना। और फूट डालो, जहाँ अर्थ है आपस में अलगाव पैदा करना।

बूँद की तुलना अमृत से करना उचित क्यों लगता है?

क्योंकि यह तुलना रूप की नहीं, मूल्य की है। महीनों की प्यास के बाद मिला जल जीवन देने वाला लगता है, और अमृत को भी जीवन देने वाला माना जाता है।

Long answer questions (3)

‘आसमान में उड़ता सागर, लगा बिजलियों के स्वर्णिम पर’ का भावार्थ विस्तार से लिखिए।

इन पंक्तियों का सीधा अर्थ लें तो बात बनती ही नहीं, क्योंकि समुद्र आकाश में उड़ नहीं सकता। भावार्थ यह है कि समुद्र का जल भाप बनकर ऊपर उठ गया है और अब बादल के रूप में आकाश में तैर रहा है। उसी बादल में जब बिजली चमकती है तो लगता है कि उड़ते हुए सागर को सुनहरे पंख लग गए हों। यहाँ ‘पर’ का अर्थ पंख है, न कि ऊपर या लेकिन। कवि चाहते तो सीधे कह सकते थे कि आकाश में बादल छाए हैं और बिजली चमक रही है। पर तब पंक्ति साधारण रह जाती। इस चित्र से आकाश में एक विशाल पक्षी बन जाता है, और कविता सुंदर भी हो जाती है और आनंददायक भी।

कविता की उपमाएँ मिलकर कौन-सा बड़ा चित्र बनाती हैं? समझाइए।

कविता में चार बड़ी उपमाएँ हैं और वे आपस में जुड़ी हुई हैं। पहले बूँद को अमृत कहा जाता है, जिससे उसका मूल्य सामने आता है। फिर दूब को धरती के रोओं की पंक्ति कहा जाता है, जिससे धरती एक शरीर बन जाती है। इसके बाद अंबर को नीली आँख और बादल को उसकी काली पुतली बताया जाता है, जिससे आकाश भी एक चेहरा बन जाता है। इन्हें जोड़कर देखिए तो एक पूरा दृश्य बनता है। नीचे धरती एक शरीर है, जो प्यासा और थका हुआ है। ऊपर आकाश एक आँख है, जो उसे देखती है और दया से भरकर आँसू बहाती है। इस तरह अलग-अलग उपमाएँ मिलकर धरती और आकाश के बीच एक संबंध खड़ा कर देती हैं।

‘शब्द का अर्थ संदर्भ से तय होता है’ — इस बात को उदाहरण देकर सिद्ध कीजिए।

इसका सबसे अच्छा उदाहरण ‘जलधर’ है। इसका सीधा अर्थ है जो जल संजोए रखे। बादल भी जल रखता है और समुद्र भी, इसलिए दोनों जलधर कहे जा सकते हैं। कविता की पंक्ति में बात आकाश की हो रही है, इसलिए वहाँ जलधर का अर्थ बादल है। दूसरा उदाहरण ‘फूट’ है। अंकुर फूटने में उसका अर्थ है पौधे का निकलना, घड़ा फूटने में अर्थ है टूटना, और फूट डालने में अर्थ है अलगाव पैदा करना। शब्द तीनों जगह एक ही है, पर अर्थ बदल गया। इससे सिद्ध होता है कि कोई शब्द अकेले में पूरा अर्थ नहीं देता। उसे अपनी पंक्ति में रखकर ही समझा जा सकता है।

Flashcards (15)

‘भावार्थ’ किसे कहते हैं?
पंक्ति के भीतर छिपे असली आशय को।
भावार्थ कब खोजना पड़ता है?
जब पंक्ति का सीधा अर्थ असंभव या अधूरा लगे।
‘आसमान में उड़ता सागर’ का भावार्थ क्या है?
समुद्र का जल भाप बनकर ऊपर उठा और बादल बन गया।
‘उपमा’ किसे कहते हैं?
एक वस्तु की तुलना दूसरी से करके उसे समझाने को।
दूब की तुलना किससे की गई है?
धरती के रोओं की पंक्ति से, क्योंकि दोनों महीन और घने होते हैं।
अंबर की तुलना किससे है?
नीली आँख से, रंग और विस्तार दोनों के कारण।
बादल की तुलना किससे है?
आँख की काली पुतली से, क्योंकि वह नीले विस्तार के बीच काला दिखता है।
बूँद और अमृत की तुलना किस आधार पर है?
मूल्य के आधार पर, क्योंकि दोनों जीवन देने वाले माने जाते हैं।
‘जलधर’ किन दो भागों से बना है?
जल और धर से। धर अर्थात धारण करने वाला।
‘जलधर’ किन-किन के लिए आ सकता है?
बादल के लिए भी और समुद्र के लिए भी, क्योंकि दोनों जल धारण करते हैं।
जलधर का सही अर्थ कैसे तय होता है?
वाक्य के संदर्भ से, अर्थात उस पंक्ति में बात किसकी हो रही है।
‘फूट’ के तीन अर्थ बताइए।
अंकुर निकलना, बरतन का टूटना, और आपस में अलगाव पैदा होना।
‘अनेकार्थी शब्द’ किसे कहते हैं?
ऐसे शब्द को जो अलग-अलग जगह अलग अर्थ देता है।
‘धर’ से बना कोई और शब्द बताइए।
गिरिधर, जिसका अर्थ है पर्वत को धारण करने वाला।
शब्दकोश में सही अर्थ कैसे चुनें?
अपनी पंक्ति फिर से पढ़कर देखिए कि दिए गए अर्थों में कौन-सा वहाँ बैठता है।

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  • उपमा और उसका आधार
  • सीधा अर्थ या भावार्थ?
  • सच या भ्रम
  • भावार्थ खोजने का क्रम
  • शब्दों की दौड़

Class 6 Hindi Chapter 3 — frequently asked questions

पहली बूँद गिरने पर धरती में कौन-से दो परिवर्तन दिखाई देते हैं?

धरती से अंकुर फूट पड़ता है और वह नए जीवन की अँगड़ाई लेता है। साथ ही हरी दूब पुलककर मुसकाने लगती है।

कवि ने बूँद को अमृत क्यों कहा है?

क्योंकि धरती महीनों से प्यासी थी। इतनी लंबी प्रतीक्षा के बाद मिली एक बूँद भी अमृत जितनी कीमती लगती है।

‘वसुंधरा की रोमावलि’ उपमा को स्पष्ट कीजिए।

रोमावलि का अर्थ है रोओं की पंक्ति। धरती पर उगी घनी और महीन हरी दूब दूर से देखने पर सचमुच रोओं की पंक्ति जैसी दिखाई देती है।

सीधा अर्थ और भावार्थ में क्या अंतर है? उदाहरण दीजिए।

सीधा अर्थ शब्दों का ऊपरी अर्थ होता है और भावार्थ उनका भीतरी आशय। ‘आसमान में उड़ता सागर’ का सीधा अर्थ असंभव है, पर भावार्थ में वह भाप बनकर उड़ा समुद्री जल यानी बादल है।

कविता की कोई दो उपमाएँ लिखकर उनका आधार बताइए।

दूब की तुलना धरती के रोओं से है, क्योंकि दोनों महीन और घने होते हैं। अंबर की तुलना नीली आँख से है, क्योंकि दोनों में नीला रंग और विस्तार है।

‘जलधर’ शब्द को तोड़कर उसका अर्थ समझाइए।

इसमें जल और धर जुड़े हैं। धर वह है जो संजोकर रखे, इसलिए जलधर वह हुआ जो अपने भीतर जल संजोए रखे।

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