Class 6 Hindi Chapter 5: रहीम के दोहे

रहीम के दोहे is Chapter 5 of NCERT / CBSE Class 6 Hindi (Hindi medium). This page has the complete chapter notes across 2 topics , 40 practice MCQs with answers and explanations , 18 important short and long questions and 30 flashcards — all written to the NCERT / CBSE syllabus and free to read.

सात दोहे और उनके भाव

सुई, पेड़, धागा, पानी, विपदा, जीभ और सच्चा मित्र — सात दोहे, और हर एक में जीने का एक छोटा-सा नियम।

What you will be able to do

  • सातों दोहों को क्रम से पहचानना और हर एक का भाव अपने शब्दों में बताना
  • यह बताना कि रहीम किस तरह रोज़ की चीज़ों से बड़ी बात कह जाते हैं
  • ‘पानी’ वाले दोहे के तीनों अर्थ अलग-अलग करके समझाना
  • सातों दोहों में जो बात साझी है, उसे पहचानना

Key points

  • दोहा दो पंक्तियों का छोटा छंद है, और पाठ के सातों दोहे इसी रूप में हैं।

  • पहला दोहा कहता है कि बड़ा देखकर छोटे को छोड़ना नहीं चाहिए, क्योंकि सिलाई सुई से ही होगी।

  • दूसरे दोहे में पेड़ और तालाब का उदाहरण है, जो अपनी कमाई स्वयं नहीं भोगते।

  • तीसरा दोहा प्रेम को धागा कहता है, जो टूटकर जुड़े तो उसमें गाँठ रह जाती है।

  • चौथे दोहे में ‘पानी’ तीन अर्थ देता है — मोती के साथ चमक, मनुष्य के साथ मान, और चूने के साथ जल।

  • पाँचवाँ दोहा थोड़े दिन की विपदा को भला बताता है, क्योंकि उसी में अपने-पराये की पहचान होती है।

  • छठा दोहा कहता है कि जीभ बिना सोचे बोल जाती है और मार सिर को पड़ती है।

  • सातवाँ दोहा विपत्ति को कसौटी कहता है, जिस पर खरा उतरने वाला ही सच्चा मित्र है।

Full explanation

दोहा क्या होता है

दोहा दो पंक्तियों का एक छोटा छंद है। इतनी-सी जगह में पूरी बात कह देनी होती है, इसलिए एक भी शब्द फ़ालतू नहीं रहता। छोटा और लयदार होने के कारण यह सुनते ही याद हो जाता है।

रहीम की पहचान

रहीम भक्तिकाल के कवि थे। उनके दोहों में कोई कथा नहीं चलती; हर दोहा व्यवहार का एक नियम देकर रुक जाता है। इसी कारण इन्हें नीति के दोहे कहा जाता है।

पहला दोहा

“रहिमन देखि बड़ेन को, लघु न दीजिये डारि। जहाँ काम आवे सुई, कहा करे तलवारि।।”

उसका भाव

बड़ा देखकर छोटे को फेंक देना समझदारी नहीं है। जहाँ सिलाई का काम है वहाँ सुई ही चलेगी, और तलवार वहाँ एक टाँका तक नहीं लगा पाएगी। उपयोगिता आकार से नहीं, काम से तय होती है। सुई जोड़ने का काम करती है और तलवार काटने का, इसलिए दोनों की जगह अलग है। चाहे हाथी हो या चींटी, हर किसी का अपना काम बना हुआ है।

दूसरा दोहा

“तरुवर फल नहिं खात हैं, सरवर पियहिं न पान। कहि रहीम पर काज हित, संपति सँचहि सुजान।।”

उसका भाव

पेड़ अपने फल स्वयं नहीं खाता और तालाब अपना जल स्वयं नहीं पीता। दोनों जो जोड़ते हैं, वह दूसरों के लिए होता है। समझदार व्यक्ति भी अपना संचय इसी भाव से रखता है। रहीम यहाँ कोई उपदेश नहीं देते, बस दो चीज़ें दिखा देते हैं जो हर बच्चे ने देखी हैं। इतने से ही परोपकार की पूरी बात खुल जाती है।

तीसरा दोहा

“रहिमन धागा प्रेम का, मत तोड़ो छिटकाय। टूटे से फिर ना मिले, मिले गाँठ परि जाय।।”

उसका भाव

प्रेम को यहाँ धागा कहा गया है। झटके से तोड़ा हुआ धागा जुड़ तो जाता है, पर उसमें गाँठ रह जाती है। रिश्ते के साथ भी यही होता है — सुलह के बाद भी मन में कहीं एक खटक बची रह जाती है।

चौथा दोहा

“रहिमन पानी राखिये, बिनु पानी सब सून। पानी गए न ऊबरै, मोती, मानुष, चून।।”

तीन अर्थ एक साथ

यहाँ एक ही शब्द तीन काम कर रहा है। मोती के साथ उसका अर्थ चमक बनता है, मनुष्य के साथ मान, और चूने के साथ जल। तीनों में से जो भी चला जाए, वह चीज़ किसी काम की नहीं रहती। ‘सून’ का अर्थ सूना या खाली है। इसीलिए इस दोहे को याद रखना आसान भी है और उसका अर्थ खोलना दिलचस्प भी।

पाँचवाँ दोहा

“रहिमन बिपदाहू भली, जो थोरे दिन होय। हित अनहित या जगत में, जानि परत सब कोय।।”

उसका भाव

रहीम विपदा को भला कहते हैं, पर साथ में एक शर्त जोड़ देते हैं — वह थोड़े दिन की हो। ऐसे समय में यह साफ़ दिख जाता है कि कौन सचमुच अपना है और कौन केवल अच्छे दिनों का साथी था। ‘हित’ का अर्थ अपना है और ‘अनहित’ का पराया, इसलिए दोहा कहता है कि दोनों की पहचान इसी संसार में हो जाती है।

छठा दोहा

“रहिमन जिह्वा बावरी, कहि गइ सरग पताल। आपु तो कहि भीतर रही, जूती खात कपाल।।”

जीभ और सिर

‘बावरी’ का अर्थ है पगली, बिना सोच-विचार वाली। जीभ जो मन में आए कह जाती है, फिर मुँह के भीतर सुरक्षित बैठ जाती है। भुगतना सिर को पड़ता है। कहने वाला और भरने वाला अलग-अलग हो जाए, इससे बड़ी विडंबना क्या होगी।

सातवाँ दोहा और उसका भाव

“कहि रहीम संपति सगे, बनत बहुत बहु रीत। बिपति कसौटी जे कसे, ते ही साँचे मीत।।”

सुख के दिनों में तरह-तरह से बहुत लोग अपने बन जाते हैं। पर विपत्ति एक कसौटी है, और उस पर घिसकर ही पता चलता है कि कौन खरा है। जो वहाँ टिका, वही सच्चा मित्र है।

सातों की साझी बात

हर दोहा दो पंक्तियों में रुक जाता है और हर दोहे में एक जानी-पहचानी चीज़ है। सुई, पेड़, धागा, पानी, जीभ — इनमें कुछ भी कठिन नहीं। कठिन बात को आसान चीज़ से कह देना ही रहीम की सबसे बड़ी कला है। यही कारण है कि ये दोहे स्कूल की किताब से बाहर भी, लोगों की रोज़ की बातचीत में चलते रहे हैं।

Concepts and terms

दोहा

दो पंक्तियों का छोटा छंद, जिसमें पूरी बात कह दी जाती है। छोटा होने के कारण यह जल्दी याद हो जाता है, और यही कारण है कि रहीम के दोहे आज भी बोलचाल में चलते हैं।

नीति

जीने का ढंग और व्यवहार का नियम। इन सातों दोहों में कोई कथा नहीं है, हर दोहा व्यवहार की एक सीख देता है, इसलिए इन्हें नीति के दोहे कहा जाता है।

कसौटी

वह पत्थर जिस पर घिसकर सोने की शुद्धता परखी जाती है। रहीम विपत्ति को यही नाम देते हैं, क्योंकि कठिन समय में ही मित्र की सच्चाई परखी जाती है।

सुजान

समझदार और भला व्यक्ति। दूसरे दोहे में ऐसा ही व्यक्ति अपना संचय अपने भोग के लिए नहीं, दूसरों के काम आने के लिए रखता है।

सावधान!

सच या भ्रम?

Case Study

Scenario:

कक्षा ने सुई वाले दोहे को जाँचने का तय किया। रहीम कहते हैं कि छोटी चीज़ को देखकर बड़ी को मत छोड़ो। बच्चों ने कल्पना में एक तलवार और एक सुई सामने रखी। फिर उन्होंने पूछा कि टूटे बटन को कौन जोड़ेगा। उत्तर सबको पता था। अध्यापिका ने कहा कि यही दोहे का अर्थ है। हर चीज़ का अपना काम होता है और आकार से उसे नहीं आँका जाता। बच्चों ने ऐसी पाँच छोटी चीज़ें गिनाईं जिनके बिना काम रुक जाता है। चाबी, सुई, दीयासलाई, पिन और धागा उनमें थे।

Analysis:

दोहा किसी को बड़ा या छोटा नहीं बताता। वह केवल यह कहता है कि काम के समय आकार नहीं, उपयोग गिना जाता है।

Activity:

घर की पाँच छोटी चीज़ें चुनो। हर एक के सामने लिखो कि उसके बिना कौन-सा काम रुक जाएगा।

घर पर करके देखो

Title:

एक धागे की गाँठ

Safety:

धागा हाथ पर कसकर मत लपेटो; खींचने से उँगली में निशान पड़ सकता है।

What You Notice:

धागा जुड़ जाता है और काम भी करने लगता है, पर उँगली गाँठ पर अटक जाती है। रहीम इसी अटकने की बात रिश्तों के लिए कह रहे हैं।

Did you know

रहीम का पूरा नाम अब्दुर्रहीम खानखाना था, और वे रामायण तथा महाभारत जैसे ग्रंथों के अच्छे जानकार माने जाते हैं।

ये दोहे रहीम ग्रंथावली से लिए गए हैं, जिसका संपादन विद्यानिवास मिश्र ने किया था।

कसौटी सचमुच एक काला पत्थर होता है; सोने को उस पर घिसकर देखा जाता है कि वह असली है या नहीं।

Memory tricks

सातों दोहों का क्रम — सुई-पेड़-धागा-पानी-विपदा-जीभ-मित्र — हर दोहे की एक पहचान वाली चीज़, इसी क्रम में।

पानी के तीन अर्थ — मोती-मानुष-चून — मोती के लिए चमक, मनुष्य के लिए मान, चूने के लिए जल।

Practice MCQs with answers (20)

Q1 पाठ में रहीम की रचनाएँ उस छंद में हैं जिसमें कम शब्दों में बड़ी बात कही जाती है। दोहा कैसा छंद है? beginner
  • A चार पंक्तियों का
  • B दो पंक्तियों का
  • C आठ पंक्तियों का
  • D एक पंक्ति का
Show answer
Answer: दो पंक्तियों का
Why:

इतनी कम जगह में पूरी बात कह दी जाती है।

Q2 इन दोहों को नीति के दोहे क्यों कहते हैं? intermediate
  • A क्योंकि इनमें कथाएँ हैं
  • B क्योंकि इनमें भक्ति है
  • C क्योंकि ये केवल प्रकृति का वर्णन करते हैं
  • D क्योंकि हर दोहा व्यवहार का नियम देता है
Show answer
Answer: क्योंकि हर दोहा व्यवहार का नियम देता है
Why:

किसी दोहे में कोई कहानी नहीं चलती।

Q3 पहले दोहे में सुई और तलवार को आमने-सामने रखकर बात कही गई है। पहले दोहे में किस काम की बात है? advanced
  • A सिलाई के काम की
  • B खेती के काम की
  • C लिखने के काम की
  • D पकाने के काम की
Show answer
Answer: सिलाई के काम की
Why:

वह काम सुई से ही हो सकता है।

Q4 ‘लघु न दीजिये डारि’ से क्या सीख मिलती है? advanced
  • A जो छोटा है उसे फेंक नहीं देना चाहिए
  • B छोटी चीज़ें हाथ से जल्दी खो जाती हैं
  • C बड़ी चीज़ें ही अधिक काम आती हैं
  • D छोटी चीज़ें बाज़ार में सस्ती मिलती हैं
Show answer
Answer: जो छोटा है उसे फेंक नहीं देना चाहिए
Why:

सुई छोटी है, पर तलवार सिलाई नहीं कर सकती। रहीम आकार को मोल का मापदंड नहीं मानते।

Q5 उपयोगिता किससे तय होती है? intermediate
  • A आकार से
  • B मूल्य से
  • C काम से
  • D नाम से
Show answer
Answer: काम से
Why:

यही पहले दोहे का मूल भाव है।

Q6 दूसरे दोहे में पेड़ और तालाब दोनों के पुराने नाम आए हैं, जो आज की बोलचाल में नहीं चलते। ‘तरुवर’ का अर्थ क्या है? advanced
  • A तालाब
  • B पेड़
  • C पर्वत
  • D बगीचा
Show answer
Answer: पेड़
Why:

उसी पंक्ति में ‘सरवर’ का अर्थ तालाब है।

Q7 तालाब के बारे में दोहे में क्या कहा गया है? beginner
  • A वह सूख जाता है
  • B वह गहरा होता है
  • C वह दूर से सबको दिखता है
  • D वह अपना जल नहीं पीता
Show answer
Answer: वह अपना जल नहीं पीता
Why:

पेड़ भी अपना फल नहीं खाता।

Q8 रहीम समझदार व्यक्ति के संचय का उद्देश्य बताते हैं। ‘सुजान’ अपना संचय किसके लिए रखता है? intermediate
  • A दूसरों के काम आने के लिए
  • B अपने बुढ़ापे के लिए
  • C अपने परिवार के लिए
  • D अपनी यात्रा के लिए
Show answer
Answer: दूसरों के काम आने के लिए
Why:

पेड़ और तालाब का उदाहरण यही बताता है।

Q9 दूसरे दोहे में उदाहरण कहाँ से लिए गए हैं? advanced
  • A बाज़ार से
  • B युद्ध से
  • C प्रकृति से
  • D रसोई से
Show answer
Answer: प्रकृति से
Why:

पेड़ और तालाब, दोनों प्रकृति की चीज़ें हैं।

Q10 धागे वाले दोहे में एक शब्द झटके से टूटने का भाव देता है। ‘छिटकाय’ का भाव क्या है? beginner
  • A धीरे खोलना
  • B कसकर बाँधना
  • C झटके से तोड़ना
  • D ऊपर फेंकना
Show answer
Answer: झटके से तोड़ना
Why:

रहीम प्रेम के धागे के साथ यही करने से रोकते हैं।

Q11 धागे वाला दोहा किस बात की चेतावनी देता है? intermediate
  • A धागा महँगा होता है
  • B टूटा रिश्ता पहले जैसा नहीं रहता
  • C धागा हाथ में बहुत जल्दी उलझ जाता है
  • D धागा कमज़ोर होता है
Show answer
Answer: टूटा रिश्ता पहले जैसा नहीं रहता
Why:

जुड़ने पर उसमें गाँठ रह जाती है।

Q12 एक ही दोहे में एक शब्द बार-बार आता है और हर बार नया अर्थ देता है। ‘पानी’ वाले दोहे में वह शब्द कितने अर्थ देता है? advanced
  • A एक
  • B दो
  • C चार
  • D तीन
Show answer
Answer: तीन
Why:

मोती, मनुष्य और चूने के साथ तीन अलग अर्थ बनते हैं।

Q13 मोती के साथ ‘पानी’ का अर्थ क्या है? beginner
  • A उसका आकार
  • B उसका मूल्य
  • C उसका वज़न
  • D उसकी चमक
Show answer
Answer: उसकी चमक
Why:

चमक न रहे तो मोती फीका पड़ जाता है।

Q14 मोती, मनुष्य और चून, तीनों के साथ वही शब्द अलग अर्थ देता है। मनुष्य के साथ ‘पानी’ का अर्थ क्या है? intermediate
  • A उसका मान
  • B उसका बल
  • C उसका धन
  • D उसका ज्ञान
Show answer
Answer: उसका मान
Why:

मान चला जाए तो उसका बचना कठिन हो जाता है।

Q15 ‘सून’ का अर्थ क्या है? advanced
  • A बहुत गहरा और भरा
  • B मीठा
  • C सूना या खाली
  • D ठंडा
Show answer
Answer: सूना या खाली
Why:

उसके बिना सब खाली पड़ जाता है।

Q16 रहीम विपदा को भला कहते हैं, पर वे यह बात बिना किसी शर्त के नहीं कहते। वे उसके साथ कौन-सी शर्त जोड़ते हैं? beginner
  • A कि वह बहुत बड़ी हो
  • B कि वह थोड़े दिन की हो
  • C कि वह अकेले आए
  • D कि वह बचपन में आए
Show answer
Answer: कि वह थोड़े दिन की हो
Why:

लंबी विपदा को वे भला नहीं कहते।

Q17 अभिकथन: रहीम थोड़े दिन की विपदा को भला बताते हैं। कारण: ऐसी विपदा में पता चल जाता है कि कौन अपना है और कौन नहीं। advanced
  • A दोनों सही हैं; कारण अभिकथन को समझाता है
  • B दोनों सही हैं; कारण अभिकथन को नहीं समझाता
  • C अभिकथन सही है; परंतु उसका कारण ग़लत है
  • D अभिकथन ग़लत है; परंतु उसका कारण सही है
Show answer
Answer: दोनों सही हैं; कारण अभिकथन को समझाता है
Why:

दोनों सही हैं, और कारण ही विपदा को कसौटी बनाता है। सुख के दिनों में सब साथ दिखते हैं।

Q18 जीभ वाले दोहे में जीभ कह जाती है और मुँह के भीतर छिप जाती है, जबकि जूती कपाल को सहनी पड़ती है। इससे क्या सीख मिलती है? advanced
  • A कहने वाला बच जाता है और भुगतना दूसरे को पड़ता है
  • B जीभ को साफ़ रखने से ही बोली मीठी बनी रहती है
  • C सिर पर चोट लगने पर उसे तुरंत किसी को दिखाना चाहिए
  • D कम बोलने वाला हर बहस में आसानी से जीत जाता है
Show answer
Answer: कहने वाला बच जाता है और भुगतना दूसरे को पड़ता है
Why:

दोहे में बोलने वाली जीभ मुँह के भीतर सुरक्षित बैठ जाती है और मार सिर को सहनी पड़ती है। बिना सोचे कही गई बात का परिणाम किसी और के हिस्से आ जाता है।

Q19 दोहों की सीख पर इन कथनों पर विचार कीजिए। I. तालाब अपना जल स्वयं नहीं पीता। II. रहीम हर विपदा को भला बताते हैं। III. जीभ वाले दोहे में कहती जीभ है और भुगतता सिर है। कौन-से कथन सही हैं? advanced
  • A केवल I और II
  • B केवल II और III
  • C केवल I और III
  • D I, II और III
Show answer
Answer: केवल I और III
Why:

I और III सही हैं। II अधूरा है: रहीम शर्त जोड़ते हैं कि विपदा थोड़े दिन की हो, तभी वह अपने-पराए की पहचान कराती है।

Q20 सोना परखने के पत्थर का नाम लेकर रहीम एक और बात समझाते हैं। ‘कसौटी’ किसे कहा गया है? intermediate
  • A जीभ को
  • B संपत्ति को
  • C मित्रता को
  • D विपत्ति को
Show answer
Answer: विपत्ति को
Why:

उस पर खरा उतरने वाला ही सच्चा मित्र है।

Important short questions (6)

दोहा किसे कहते हैं और वह जल्दी याद क्यों हो जाता है?

दोहा दो पंक्तियों का छोटा छंद है। इतनी कम जगह में पूरी बात कहनी होती है, इसलिए एक भी शब्द फ़ालतू नहीं रहता। छोटा और लयदार होने के कारण वह सुनते ही याद हो जाता है।

पहले दोहे का भाव अपने शब्दों में लिखिए।

बड़ा देखकर छोटे को फेंक देना समझदारी नहीं है। जहाँ सिलाई का काम है वहाँ सुई ही चलेगी। तलवार वहाँ एक टाँका तक नहीं लगा पाएगी, इसलिए उपयोगिता आकार से नहीं, काम से तय होती है।

दूसरे दोहे में प्रकृति से कौन-सा गुण सीखने को कहा गया है?

पेड़ अपने फल स्वयं नहीं खाता और तालाब अपना जल स्वयं नहीं पीता। दोनों जो जोड़ते हैं वह दूसरों के लिए होता है। यही परोपकार का गुण समझदार व्यक्ति में भी होना चाहिए।

प्रेम के लिए धागे का उदाहरण क्यों ठीक बैठता है?

धागा दो चीज़ों को जोड़ता है और खींचने पर जल्दी टूट भी जाता है। जुड़ने पर उसमें गाँठ रह जाती है। बिगड़े रिश्ते में भी सुलह के बाद एक खटक बची रह जाती है।

चौथे दोहे में एक ही शब्द तीन अर्थ कैसे दे रहा है?

वह शब्द तीन अलग चीज़ों के साथ जोड़ा गया है। मोती के साथ उसका अर्थ चमक बनता है, मनुष्य के साथ मान, और चूने के साथ जल। तीनों में से जो भी चला जाए, वह चीज़ काम की नहीं रहती।

सातों दोहों में जो बात साझी है, वह क्या है?

हर दोहा दो पंक्तियों में रुक जाता है और हर दोहे में एक जानी-पहचानी चीज़ है। सुई, पेड़, धागा, पानी और जीभ में कुछ भी कठिन नहीं है। बड़ी बात को आसान चीज़ से कह देना ही रहीम की कला है।

Long answer questions (3)

पाठ के पहले चार दोहों का भाव क्रम से लिखिए।

पहला दोहा कहता है कि बड़ा देखकर छोटे को छोड़ना नहीं चाहिए। सिलाई सुई से ही होगी, तलवार वहाँ काम नहीं आएगी। दूसरा दोहा पेड़ और तालाब का उदाहरण देता है। दोनों अपनी कमाई स्वयं नहीं भोगते, और समझदार व्यक्ति भी अपना संचय दूसरों के लिए रखता है। तीसरा दोहा प्रेम को धागा कहता है। झटके से तोड़ा गया धागा जुड़ तो जाता है, पर उसमें गाँठ रह जाती है। चौथा दोहा कहता है कि उसके बिना सब सूना है। वहाँ एक ही शब्द तीन अर्थ देता है — मोती के साथ चमक, मनुष्य के साथ मान, और चूने के साथ जल।

पाठ के अंतिम तीन दोहों का भाव लिखिए।

पाँचवाँ दोहा विपदा को भला बताता है, पर एक शर्त के साथ — वह थोड़े दिन की हो। ऐसे समय में यह साफ़ दिख जाता है कि कौन सचमुच अपना है और कौन केवल अच्छे दिनों का साथी था। छठा दोहा जीभ की बात करता है। वह बिना सोचे जो मन में आए कह जाती है और फिर मुँह के भीतर सुरक्षित बैठ जाती है, जबकि भुगतना सिर को पड़ता है। इसी से बोलने से पहले सोचने की सीख मिलती है। सातवाँ दोहा कहता है कि सुख के दिनों में बहुत लोग अपने बन जाते हैं। विपत्ति एक कसौटी है, और उस पर जो खरा उतरे वही सच्चा मित्र है।

रहीम बड़ी बात कहने के लिए छोटी चीज़ों का सहारा क्यों लेते हैं? उदाहरण देकर समझाइए।

दोहा बहुत छोटा छंद है, इसलिए उसमें लंबी व्याख्या के लिए जगह नहीं होती। ऐसे में सबसे अच्छा रास्ता यही है कि कोई ऐसी चीज़ उठाई जाए जिसे हर पाठक पहले से जानता हो। सुई का उदाहरण देते ही यह बात अपने आप समझ आ जाती है कि उपयोगिता आकार से तय नहीं होती। पेड़ और तालाब से दूसरों के लिए जोड़ने की बात एक क्षण में खुल जाती है। धागे की गाँठ बताने भर से बिगड़े रिश्ते की पूरी बात आ जाती है। जीभ और सिर का उदाहरण बिना किसी उपदेश के सोचकर बोलने की सीख दे देता है। यही कारण है कि ये दोहे आज भी आम बोलचाल में याद रह गए हैं।

Flashcards (15)

दोहे में कितनी पंक्तियाँ होती हैं?
दो।
पाठ में कितने दोहे हैं?
सात।
पहला दोहा किन दो चीज़ों की बात करता है?
सुई और तलवार की।
‘लघु’ का अर्थ?
छोटा।
‘तरुवर’ और ‘सरवर’ का अर्थ?
पेड़ और तालाब।
पेड़ और तालाब क्या सिखाते हैं?
कि संचय दूसरों के काम के लिए हो।
‘सुजान’ किसे कहते हैं?
समझदार और भले व्यक्ति को।
प्रेम की तुलना किससे की गई है?
धागे से।
धागा जुड़ने पर उसमें क्या रहता है?
गाँठ।
‘पानी’ के तीन अर्थ क्या हैं?
चमक, मान और जल।
‘सून’ का अर्थ?
सूना या खाली।
रहीम कैसी विपदा को भला कहते हैं?
जो थोड़े दिन की हो।
‘बावरी’ का अर्थ?
पगली, बिना सोच-विचार वाली।
जीभ की कही बात की मार किसे पड़ती है?
सिर को।
रहीम के अनुसार सच्चा मित्र कौन?
जो विपत्ति की कसौटी पर खरा उतरे।

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  • दोहा और उसका भाव
  • दोहों का क्रम जमाओ
  • अपने बारे में या दूसरों के बारे में?
  • सच या भ्रम
  • झटपट उत्तर

दोहों की भाषा, शब्द और कवि

पुराने शब्दों के अर्थ, एक शब्द के अनेक अर्थ, एक ही दोहे के दो-दो प्रचलित रूप, और रहीम का परिचय।

What you will be able to do

  • दोहों में आए पुराने शब्दों के आज के अर्थ बताना
  • एक शब्द के अनेक अर्थ पहचानना और उदाहरण देना
  • यह समझाना कि एक ही दोहे के दो-दो रूप क्यों मिल जाते हैं
  • रहीम का परिचय और उनके दोहों की लोकप्रियता का कारण बताना

Key points

  • दोहों की भाषा पुरानी है, इसलिए कई शब्दों के आज के रूप अलग हैं — जैसे तरुवर का पेड़ और सरवर का तालाब।

  • ‘साँचे मीत’ का अर्थ सच्चे मित्र है, और ‘बिपति’ का अर्थ मुसीबत।

  • कुछ शब्द जगह बदलते ही अर्थ बदल देते हैं; पाठ में ‘पानी’ इसका सबसे अच्छा उदाहरण है।

  • ‘कल’, ‘पत्र’, ‘कर’ और ‘फल’ भी तीन-तीन अर्थ देने वाले शब्द हैं।

  • एक ही दोहे के दो-दो रूप प्रचलित हैं, जैसे छिटकाय के साथ चटकाय और मानुष के साथ मानस।

  • ऐसा इसलिए हुआ कि ये दोहे लिखे जाने से अधिक बोले गए, और बोलते-बोलते शब्द थोड़े बदल गए।

  • रहीम का पूरा नाम अब्दुर्रहीम खानखाना था; उनका जन्म सोलहवीं और मृत्यु सत्रहवीं शताब्दी में मानी जाती है।

  • कबीर, तुलसी, वृंद और बिहारी के दोहे भी आज तक लोगों की बोलचाल में चलते हैं।

Full explanation

भाषा पुरानी है

ये दोहे सैकड़ों साल पहले लिखे गए थे, इसलिए इनके कई शब्द आज की हिंदी में वैसे नहीं मिलते। पर ध्यान से देखने पर अर्थ पकड़ में आ जाता है, क्योंकि बात रोज़ की चीज़ों की हो रही है। शब्द बदल गए हैं, पर सुई, धागा और तालाब आज भी वैसे ही हैं।

पेड़ और तालाब के पुराने नाम

दूसरे दोहे में पेड़ के लिए तरुवर और तालाब के लिए सरवर आया है। दोनों शब्द आज बोलचाल में नहीं चलते, पर कविता में अब भी मिल जाते हैं।

छोटे-छोटे शब्द

लघु का अर्थ छोटा है और बिपति का अर्थ मुसीबत। साँचे मीत यानी सच्चे मित्र, और कपाल यानी सिर। ये चार शब्द अलग-अलग दोहों में आए हैं।

दो और शब्द

सुजान का अर्थ समझदार और भला व्यक्ति है। छिटकाय का भाव है झटके से तोड़ देना, इसलिए तीसरे दोहे में उसी से रोका गया है।

कठिन लगने वाले रूप

जिह्वा का अर्थ जीभ है और बावरी का अर्थ पगली। ऊबरै का अर्थ बचना या उबरना है, और सून का अर्थ सूना। थोरे का अर्थ थोड़े है।

एक शब्द, अनेक अर्थ

कुछ शब्द जगह बदलते ही अर्थ बदल देते हैं। इन्हें अनेकार्थी शब्द कहते हैं। ऐसे शब्द हर भाषा में मिलते हैं, और वे भाषा को छोटा तथा चुस्त बना देते हैं। इस पाठ में इसका सबसे अच्छा उदाहरण चौथा दोहा है।

पाठ का सबसे अच्छा उदाहरण

वहाँ ‘पानी’ तीन बार आता है और तीनों बार अलग अर्थ देता है — मोती के साथ चमक, मनुष्य के साथ मान, और चूने के साथ जल। शब्द एक है, अर्थ तीन।

और चार ऐसे शब्द

पाठ में ‘कल’, ‘पत्र’, ‘कर’ और ‘फल’ पर भी यही काम करने को कहा गया है। चारों तीन-तीन अर्थ देते हैं, और चारों रोज़ बोले जाने वाले शब्द हैं।

‘कल’ और ‘पत्र’

कल का अर्थ बीता हुआ दिन भी है, आने वाला दिन भी, और मशीन का पुर्ज़ा भी। पत्र का अर्थ पेड़ का पत्ता भी है, चिट्ठी भी, और समाचार-पत्र भी।

‘कर’ और ‘फल’

कर का अर्थ हाथ भी है, सूरज की किरण भी, और सरकार को दिया जाने वाला शुल्क भी। फल का अर्थ खाने वाला फल भी है, किसी काम का परिणाम भी, और चाकू का धारदार हिस्सा भी।

एक दोहा, दो रूप

पाठ में एक और दिलचस्प बात दिखाई गई है। तीसरे दोहे में ‘मिले’ की जगह ‘जुड़े’ और ‘छिटकाय’ की जगह ‘चटकाय’ भी चलता है।

और भी रूप

पहले दोहे में ‘डारि’ की जगह ‘डार’ और ‘तलवारि’ की जगह ‘तरवार’ मिल जाता है। चौथे दोहे में ‘मानुष’ की जगह ‘मानस’ भी सुनने को मिलता है।

ऐसा होता क्यों है

ये दोहे पुस्तकों से अधिक ज़बान पर चले। एक व्यक्ति ने दूसरे को सुनाया, दूसरे ने तीसरे को। इसी में कहीं कोई शब्द अपनी जगह मिलते-जुलते शब्द से बदल गया, और दोनों रूप साथ-साथ चलते रहे। इससे यह भी पता चलता है कि ये दोहे किसी एक जगह बंद नहीं रहे, बल्कि दूर-दूर तक पहुँचे।

रहीम कौन थे

उनका पूरा नाम अब्दुर्रहीम खानखाना था और वे भक्तिकाल के प्रसिद्ध कवि माने जाते हैं। उनका जन्म सोलहवीं शताब्दी में और मृत्यु सत्रहवीं शताब्दी में हुई मानी जाती है।

उन्होंने क्या-क्या लिखा

उन्होंने नीति, भक्ति और प्रेम — तीनों विषयों पर लिखा। भाषा उन्होंने दो चुनीं, अवधी और ब्रजभाषा। वे रामायण तथा महाभारत जैसे ग्रंथों के अच्छे जानकार भी माने जाते हैं। ये दोहे रहीम ग्रंथावली से लिए गए हैं, जिसका संपादन विद्यानिवास मिश्र ने किया।

आज भी ज़िंदा

रहीम के साथ कबीर, तुलसी, वृंद और बिहारी के दोहे भी आज तक चलते हैं। लोग बातचीत में अपनी बात पर ज़ोर देने के लिए बीच में कोई दोहा कह देते हैं, ठीक जैसे कोई कहावत कहते हों। कक्षा में इन्हें गाया भी जा सकता है, और इनसे अंत्याक्षरी भी खेली जा सकती है।

Concepts and terms

अनेकार्थी शब्द

ऐसा शब्द जो अलग-अलग जगह पर अलग-अलग अर्थ दे दे। पाठ में ‘पानी’ तीन अर्थ देता है, और ‘कल’, ‘पत्र’, ‘कर’ तथा ‘फल’ भी इसी तरह के शब्द हैं।

प्रचलित रूप

किसी पंक्ति का वह दूसरा रूप जो लोगों की ज़बान पर चल पड़ा हो। जैसे छिटकाय के साथ चटकाय, और मानुष के साथ मानस भी सुनने को मिल जाता है।

ब्रजभाषा

ब्रज क्षेत्र की भाषा, जिसमें उस समय बहुत कविता लिखी गई। रहीम ने इसमें भी लिखा और अवधी में भी, इसलिए उनकी पहुँच बहुत बड़े क्षेत्र तक रही।

भक्तिकाल

हिंदी साहित्य का वह समय जिसमें भक्ति और नीति की बहुत रचनाएँ हुईं। रहीम इसी काल के कवि माने जाते हैं, और कबीर तथा तुलसी भी इसी समय के हैं।

सावधान!

सच या भ्रम?

असल जीवन: एक शब्द, तीन घर

Scenario:

कक्षा छह में शब्दों का खेल चल रहा है। शिक्षक बोर्ड पर केवल एक शब्द लिखते हैं — फल। आरव कहता है कि यह आम और केला वाला फल है। उसकी साथी ज़ोया कहती है कि उसकी माँ कहती हैं कि मेहनत का फल मिलता है, तो वहाँ कोई आम नहीं होता। तीसरा साथी विवेक कहता है कि उसके घर में चाकू के धार वाले हिस्से को भी यही कहा जाता है। तीनों अपनी-अपनी बात पर अड़ जाते हैं और झगड़ा होने लगता है कि सही कौन है। शिक्षक कुछ नहीं कहते। वे बोर्ड पर तीन वाक्य लिखते हैं और तीनों में यही शब्द रख देते हैं।

Analysis:

तीनों वाक्य पढ़ते ही झगड़ा खत्म हो जाता है। बच्चों को दिखता है कि तीनों सही थे, क्योंकि हर वाक्य में साथ वाले शब्द अलग थे। पहले वाक्य में टोकरी की बात थी, दूसरे में मेहनत की, तीसरे में चाकू की। ज़ोया कहती है कि तब अर्थ अकेले शब्द में नहीं रहता। शिक्षक इसी पर पाठ का चौथा दोहा याद दिलाते हैं, जहाँ एक शब्द मोती, मनुष्य और चूने के साथ तीन अलग अर्थ दे देता है। अंत में तीनों मिलकर ऐसे और शब्दों की सूची बनाते हैं और हर शब्द के आगे तीन-तीन वाक्य लिखते हैं।

Activity:

‘कल’, ‘पत्र’ और ‘कर’ में से कोई एक शब्द चुनिए। उसके तीन अर्थ लिखिए और हर अर्थ के लिए अपना एक वाक्य बनाइए। फिर वे तीनों वाक्य अपने समूह को पढ़कर सुनाइए और पूछिए कि अर्थ कैसे पकड़ में आया।

घर पर करके देखो

Title:

अपनी भाषा का शब्दकोश

Safety:

यह काम घर के भीतर ही कीजिए; किसी अजनबी से जानकारी न पूछिए।

What You Notice:

कुछ शब्द बोली बदलने पर भी लगभग वैसे ही रह जाते हैं, और कुछ बिलकुल बदल जाते हैं। इसी से समझ आता है कि दोहों के दो-दो रूप कैसे बन गए होंगे।

Did you know

‘कर’ शब्द के तीन अर्थ हैं — हाथ, सूरज की किरण, और सरकार को दिया जाने वाला शुल्क।

‘पत्र’ का अर्थ पेड़ का पत्ता भी है, चिट्ठी भी, और समाचार-पत्र भी।

लोग आज भी अपनी बात पर ज़ोर देने के लिए बीच में कोई दोहा कह देते हैं, जैसे कोई कहावत कहते हों।

Memory tricks

चार अनेकार्थी शब्द — क-प-क-फ — कल, पत्र, कर, फल। चारों तीन-तीन अर्थ देते हैं।

रहीम का परिचय — 16-17, अवधी-ब्रज — जन्म सोलहवीं, मृत्यु सत्रहवीं शताब्दी; लिखा दोनों भाषाओं में।

Practice MCQs with answers (20)

Q1 दोहों की भाषा पुरानी है, इसलिए पेड़ के लिए एक और शब्द आता है। ‘तरुवर’ का अर्थ क्या है? beginner
  • A तालाब
  • B नदी
  • C पेड़
  • D पहाड़
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Answer: पेड़
Why:

वह अपने फल स्वयं नहीं खाता।

Q2 दोहे में जल जमा रहने के स्थान का भी पुराना नाम आया है। ‘सरवर’ किसके लिए आया है? intermediate
  • A तालाब के लिए
  • B बादल के लिए
  • C कुएँ के लिए
  • D झरने के लिए
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Answer: तालाब के लिए
Why:

वह अपना जल स्वयं नहीं पीता।

Q3 ‘लघु’ का अर्थ क्या है? advanced
  • A तेज़
  • B भारी
  • C छोटा
  • D गहरा
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Answer: छोटा
Why:

पहले दोहे में उसे छोड़ने से रोका गया है।

Q4 विपदा वाले दोहे में मुसीबत के लिए एक पुराना शब्द प्रयोग हुआ है। ‘बिपति’ का अर्थ क्या है? beginner
  • A संपत्ति
  • B प्रसन्नता
  • C मित्रता
  • D मुसीबत
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Answer: मुसीबत
Why:

उसी को रहीम कसौटी कहते हैं।

Q5 ‘सुजान’ किसे कहा गया है? advanced
  • A उस व्यक्ति को जो समझदार और विवेकवाला हो
  • B उस व्यक्ति को जिसके पास बहुत धन हो
  • C उस व्यक्ति को जो बहुत बलवान हो
  • D उस व्यक्ति को जो दूर की यात्रा करता हो
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Answer: उस व्यक्ति को जो समझदार और विवेकवाला हो
Why:

सु का अर्थ अच्छा और जान का अर्थ जानना है। रहीम के लिए सुजान वही है जो अपना संचय दूसरों के काम आने देता है।

Q6 ‘साँचे मीत’ का अर्थ क्या है? advanced
  • A पुराने साथी
  • B पड़ोस के लोग
  • C सच्चे मित्र
  • D बहुत से मित्र
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Answer: सच्चे मित्र
Why:

विपत्ति की परख में वही खरे उतरते हैं।

Q7 जीभ वाले दोहे में शरीर के एक भाग का पुराना नाम आया है। ‘कपाल’ शरीर के किस भाग का नाम है? beginner
  • A सिर
  • B हाथ
  • C पीठ
  • D पैर
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Answer: सिर
Why:

जीभ की कही बात की मार वहीं पड़ती है।

Q8 ‘बावरी’ का अर्थ क्या है? intermediate
  • A मीठी
  • B पगली
  • C कोमल
  • D तेज़
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Answer: पगली
Why:

जीभ के लिए यही विशेषण आया है।

Q9 पानी वाले दोहे में चून के लिए एक शब्द आता है जो खालीपन बताता है। ‘सून’ का अर्थ क्या है? advanced
  • A बहुत गहरा और भरा
  • B सूना या खाली
  • C ठंडा
  • D मीठा
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Answer: सूना या खाली
Why:

उसके बिना सब खाली पड़ जाता है।

Q10 अनेकार्थी शब्दों पर इन कथनों पर विचार कीजिए। I. अनेकार्थी शब्द अलग-अलग जगह अलग-अलग अर्थ देता है। II. ‘पत्र’ का एक अर्थ मशीन का पुर्ज़ा है। III. ‘फल’ का एक अर्थ चाकू का धार वाला हिस्सा है। कौन-से कथन सही हैं? advanced
  • A केवल I और II
  • B केवल II और III
  • C केवल I और III
  • D I, II और III
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Answer: केवल I और III
Why:

I और III सही हैं। II सही नहीं है: पुर्ज़े का अर्थ ‘कल’ देता है; ‘पत्र’ का अर्थ पत्ता या चिट्ठी है।

Q11 पाठ में एक शब्द तीन जगह आकर तीन अलग अर्थ देता है। इस पाठ का सबसे अच्छा अनेकार्थी उदाहरण कौन-सा शब्द है? intermediate
  • A धागा
  • B कसौटी
  • C पानी
  • D तलवार
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Answer: पानी
Why:

वह एक ही दोहे में तीन अर्थ दे देता है।

Q12 ‘कल’ के तीन अर्थों में कौन-सा शामिल है? advanced
  • A मशीन का पुर्ज़ा
  • B पेड़ का पत्ता
  • C सूरज की किरण
  • D चाकू का धार वाला हिस्सा
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Answer: मशीन का पुर्ज़ा
Why:

बाकी दो अर्थ बीते और आने वाले दिन के हैं।

Q13 ‘पत्र’ का कौन-सा अर्थ सही है? beginner
  • A काम का परिणाम
  • B सूरज की किरण
  • C मशीन का पुर्ज़ा
  • D पेड़ का पत्ता
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Answer: पेड़ का पत्ता
Why:

उसके दो और अर्थ चिट्ठी तथा समाचार-पत्र हैं।

Q14 ‘कर’ शब्द के तीन अर्थों में क्या-क्या है? intermediate
  • A पत्ता, चिट्ठी, अख़बार
  • B हाथ, किरण, शुल्क
  • C दिन, रात, समय
  • D फल, फूल, पत्ती
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Answer: हाथ, किरण, शुल्क
Why:

तीनों अर्थ आज भी बोलचाल में चलते हैं।

Q15 ‘फल’ का तीसरा अर्थ क्या है? advanced
  • A सूरज की किरण
  • B किसी मशीन का छोटा पुर्ज़ा
  • C चिट्ठी
  • D चाकू का धार वाला हिस्सा
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Answer: चाकू का धार वाला हिस्सा
Why:

बाकी दो अर्थ खाने का फल और काम का परिणाम हैं।

Q16 दोहों के कुछ शब्द बोलचाल में थोड़े बदले हुए रूप में चलते हैं। ‘छिटकाय’ के स्थान पर लोक में कौन-सा रूप चलता है? beginner
  • A झटकाय
  • B भटकाय
  • C लटकाय
  • D चटकाय
Show answer
Answer: चटकाय
Why:

पाठ में यही दूसरा रूप दिखाया गया है।

Q17 ‘तलवारि’ के स्थान पर कौन-सा रूप मिलता है? intermediate
  • A तरवाल
  • B तरवार
  • C तलवान
  • D तलवाड़
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Answer: तरवार
Why:

पहले दोहे में ‘डारि’ की जगह ‘डार’ भी मिलता है।

Q18 अभिकथन: एक ही दोहे के दो-दो पाठ आज प्रचलित हैं। कारण: ये दोहे लिखे कम गए और बोले अधिक गए। advanced
  • A दोनों सही हैं; कारण अभिकथन को समझाता है
  • B दोनों सही हैं; कारण अभिकथन को नहीं समझाता
  • C अभिकथन सही है; परंतु उसका कारण ग़लत है
  • D अभिकथन ग़लत है; परंतु उसका कारण सही है
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Answer: दोनों सही हैं; कारण अभिकथन को समझाता है
Why:

दोनों सही हैं, और कारण ही दोनों रूपों की जड़ है। मुँह से मुँह चलते शब्द अपने क्षेत्र का रूप ले लेते हैं।

Q19 पाठ के अंत में रहीम का परिचय है और वहाँ उनकी भाषाओं का नाम भी है। रहीम ने किन दो भाषाओं में लिखा? beginner
  • A संस्कृत और पालि
  • B अवधी और ब्रजभाषा
  • C मैथिली और भोजपुरी
  • D मराठी और गुजराती
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Answer: अवधी और ब्रजभाषा
Why:

दोनों उस समय की प्रमुख काव्य भाषाएँ थीं।

Q20 रहीम की तरह एक और संत कवि के दोहे आज भी लोगों की ज़बान पर हैं। इनमें कौन-से कवि के दोहे भी आज तक चलते हैं? intermediate
  • A निराला
  • B सुदर्शन
  • C प्रेमचंद
  • D कबीर
Show answer
Answer: कबीर
Why:

तुलसी, वृंद और बिहारी के दोहे भी लोकप्रिय हैं।

Important short questions (6)

‘तरुवर’, ‘सरवर’ और ‘सुजान’ के अर्थ लिखिए।

तरुवर का अर्थ पेड़ है और सरवर का अर्थ तालाब। सुजान का अर्थ समझदार और भला व्यक्ति है। तीनों शब्द दूसरे दोहे में आए हैं।

अनेकार्थी शब्द किसे कहते हैं? पाठ से एक उदाहरण दीजिए।

ऐसे शब्द को कहते हैं जो अलग-अलग जगह पर अलग अर्थ दे दे। पाठ में ‘पानी’ इसका उदाहरण है। वह मोती के साथ चमक, मनुष्य के साथ मान, और चूने के साथ जल का अर्थ देता है।

‘कल’ के तीन अर्थ लिखिए।

पहला अर्थ बीता हुआ दिन है और दूसरा आने वाला दिन। तीसरा अर्थ मशीन का पुर्ज़ा है, जैसे किसी यंत्र का कोई भाग। एक ही शब्द तीनों जगह चल जाता है।

‘कर’ और ‘फल’ के तीन-तीन अर्थ लिखिए।

कर का अर्थ हाथ है, सूरज की किरण है, और सरकार को दिया जाने वाला शुल्क भी। फल का अर्थ खाने वाला फल है, किसी काम का परिणाम है, और चाकू का धार वाला हिस्सा भी।

एक ही दोहे के दो-दो रूप क्यों मिल जाते हैं?

ये दोहे पुस्तकों से अधिक ज़बान पर चले। एक व्यक्ति ने दूसरे को सुनाया और दूसरे ने तीसरे को। इसी में कोई शब्द मिलते-जुलते शब्द से बदल गया, और दोनों रूप साथ चलते रहे।

रहीम के दोहे आज भी लोकप्रिय क्यों हैं?

वे बहुत छोटे और लयदार हैं, इसलिए जल्दी याद हो जाते हैं। उनमें बात रोज़ की चीज़ों से कही गई है, इसलिए हर किसी को समझ आ जाती है। लोग बातचीत में ज़ोर देने के लिए उन्हें कहावत की तरह कह देते हैं।

Long answer questions (3)

पाठ में आए दस पुराने शब्दों के अर्थ लिखिए।

तरुवर का अर्थ पेड़ है और सरवर का अर्थ तालाब। लघु का अर्थ छोटा है और बिपति का अर्थ मुसीबत। सुजान का अर्थ समझदार तथा भला व्यक्ति है, और साँचे मीत का अर्थ सच्चे मित्र। छिटकाय का भाव है झटके से तोड़ देना। कपाल का अर्थ सिर है और जिह्वा का अर्थ जीभ। बावरी का अर्थ पगली या बिना सोच-विचार वाली है। इनके साथ ऊबरै का अर्थ बचना, सून का अर्थ सूना, और थोरे का अर्थ थोड़े भी जान लेना चाहिए। ये सब शब्द आज की बोलचाल में नहीं चलते, पर कविता में अब भी मिल जाते हैं।

‘शब्द एक, अर्थ अनेक’ को पाठ के उदाहरणों से समझाइए।

कुछ शब्द जगह बदलते ही अर्थ बदल देते हैं। इन्हें अनेकार्थी शब्द कहते हैं। पाठ का सबसे अच्छा उदाहरण चौथा दोहा है। वहाँ एक ही शब्द तीन बार आता है और हर बार अर्थ बदल जाता है। मोती के साथ चमक, मनुष्य के साथ मान, और चूने के साथ जल। कल का अर्थ बीता दिन, आने वाला दिन और मशीन का पुर्ज़ा है। पत्र का अर्थ पत्ता, चिट्ठी और समाचार-पत्र है। कर का अर्थ हाथ, किरण और शुल्क है। फल का अर्थ खाने वाला फल, काम का परिणाम और चाकू का धार वाला हिस्सा है। अर्थ अकेले शब्द से नहीं, उसके साथ वाली बात से तय होता है।

रहीम का परिचय दीजिए और बताइए कि उनके दोहे आज तक क्यों चल रहे हैं।

उनका पूरा नाम अब्दुर्रहीम खानखाना था और वे भक्तिकाल के प्रसिद्ध कवि माने जाते हैं। उनका जन्म सोलहवीं शताब्दी में और मृत्यु सत्रहवीं शताब्दी में हुई मानी जाती है। उन्होंने नीति, भक्ति और प्रेम — तीनों विषयों पर लिखा, और भाषा दो चुनीं, अवधी तथा ब्रजभाषा। वे रामायण और महाभारत जैसे ग्रंथों के अच्छे जानकार भी माने जाते हैं। उनके दोहे आज तक इसलिए चल रहे हैं कि वे बहुत छोटे और लयदार हैं, इसलिए सुनते ही याद हो जाते हैं। साथ ही उनमें बात किसी कठिन शास्त्र से नहीं, सुई, धागे और पेड़ जैसी जानी-पहचानी चीज़ों से कही गई है। लोग बातचीत में अपनी बात पर ज़ोर देने के लिए उन्हें कहावत की तरह कह देते हैं।

Flashcards (15)

‘तरुवर’ का अर्थ?
पेड़।
‘सरवर’ का अर्थ?
तालाब।
‘लघु’ का अर्थ?
छोटा।
‘बिपति’ का अर्थ?
मुसीबत।
‘सुजान’ का अर्थ?
समझदार और भला व्यक्ति।
‘छिटकाय’ का भाव?
झटके से तोड़ देना।
‘साँचे मीत’ का अर्थ?
सच्चे मित्र।
‘कपाल’ का अर्थ?
सिर।
‘ऊबरै’ और ‘सून’ का अर्थ?
बचना, और सूना या खाली।
अनेकार्थी शब्द किसे कहते हैं?
जो अलग-अलग जगह अलग अर्थ दे।
‘कल’ के तीन अर्थ?
बीता दिन, आने वाला दिन, मशीन का पुर्ज़ा।
‘पत्र’ के तीन अर्थ?
पत्ता, चिट्ठी, समाचार-पत्र।
‘छिटकाय’ का दूसरा प्रचलित रूप?
चटकाय।
‘मानुष’ का दूसरा प्रचलित रूप?
मानस।
रहीम का पूरा नाम?
अब्दुर्रहीम खानखाना।

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  • शब्द और अर्थ
  • पुराना शब्द या अनेकार्थी?
  • सच या भ्रम
  • अर्थ तक पहुँचने का क्रम
  • झटपट उत्तर

Class 6 Hindi Chapter 5 — frequently asked questions

दोहा किसे कहते हैं और वह जल्दी याद क्यों हो जाता है?

दोहा दो पंक्तियों का छोटा छंद है। इतनी कम जगह में पूरी बात कहनी होती है, इसलिए एक भी शब्द फ़ालतू नहीं रहता। छोटा और लयदार होने के कारण वह सुनते ही याद हो जाता है।

पहले दोहे का भाव अपने शब्दों में लिखिए।

बड़ा देखकर छोटे को फेंक देना समझदारी नहीं है। जहाँ सिलाई का काम है वहाँ सुई ही चलेगी। तलवार वहाँ एक टाँका तक नहीं लगा पाएगी, इसलिए उपयोगिता आकार से नहीं, काम से तय होती है।

दूसरे दोहे में प्रकृति से कौन-सा गुण सीखने को कहा गया है?

पेड़ अपने फल स्वयं नहीं खाता और तालाब अपना जल स्वयं नहीं पीता। दोनों जो जोड़ते हैं वह दूसरों के लिए होता है। यही परोपकार का गुण समझदार व्यक्ति में भी होना चाहिए।

‘तरुवर’, ‘सरवर’ और ‘सुजान’ के अर्थ लिखिए।

तरुवर का अर्थ पेड़ है और सरवर का अर्थ तालाब। सुजान का अर्थ समझदार और भला व्यक्ति है। तीनों शब्द दूसरे दोहे में आए हैं।

अनेकार्थी शब्द किसे कहते हैं? पाठ से एक उदाहरण दीजिए।

ऐसे शब्द को कहते हैं जो अलग-अलग जगह पर अलग अर्थ दे दे। पाठ में ‘पानी’ इसका उदाहरण है। वह मोती के साथ चमक, मनुष्य के साथ मान, और चूने के साथ जल का अर्थ देता है।

‘कल’ के तीन अर्थ लिखिए।

पहला अर्थ बीता हुआ दिन है और दूसरा आने वाला दिन। तीसरा अर्थ मशीन का पुर्ज़ा है, जैसे किसी यंत्र का कोई भाग। एक ही शब्द तीनों जगह चल जाता है।

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