Class 6 Hindi Chapter 12: हिंद महासागर में छोटा-सा हिंदुस्तान
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- Hindi
पाठ: हिंद महासागर में छोटा-सा हिंदुस्तान
एक यात्रा जो दिल्ली से चलकर नैरोबी के जंगल में रुकती है और मॉरिशस पहुँचकर लेखक को वहाँ अपना ही देश दिखाई देने लगता है।
What you will be able to do
- मैं लेखक की यात्रा का क्रम बता सकता हूँ
- मैं बता सकता हूँ कि हिरन झुंड में क्यों खड़े रहे
- मैं मॉरिशस की भारतीय पहचान के प्रमाण गिना सकता हूँ
- मैं शिवरात्रि के मेले का वर्णन कर सकता हूँ
Key points
लेखक 15 जुलाई को दिल्ली से, 16 जुलाई को बंबई से और 17 जुलाई को नैरोबी से चलकर मॉरिशस पहुँचा।
नैरोबी का नेशनल पार्क चिड़ियाघर नहीं है। वह शहर के बाहर फैला बड़ा जंगल है।
सात-आठ सिंह आराम कर रहे थे और उन्हें घेरकर आठ-दस मोटरें खड़ी थीं।
सिंहों ने मोटरों में बैठे लोगों की ओर एक बार भी नज़र नहीं उठाई।
हिरन इसलिए ठिठके खड़े रहे, क्योंकि झुंड से पिछड़ने वाला ही शिकार बनता है।
मॉरिशस की 67 प्रतिशत जनसंख्या भारतीय खानदान की है और 53 प्रतिशत लोग हिंदू हैं।
पोर्टलुई की गलियों के नाम कलकत्ता, मद्रास, हैदराबाद और बंबई हैं, और एक मोहल्ले का नाम काशी है।
शिवरात्रि पर सब श्वेत वस्त्र पहनकर काँवर लिए परी-तालाब जाते हैं और वहाँ का जल शिवालय में चढ़ाते हैं।
Full explanation
तीन दिन, तीन शहर
लेखक दिल्ली से 15 जुलाई को चला। बंबई से 16 जुलाई को और नैरोबी से 17 जुलाई को। तीनों तारीखें क्रम से हैं। नैरोबी में उसे एक रात और दो दिन मिल गए, क्योंकि आगे का जहाज़ दूसरे दिन शाम को था। मन में लोभ जगा कि पहले अफ़्रीका के शेरों से मिल लिया जाए।
पार्क, चिड़ियाघर नहीं
नैरोबी का नेशनल पार्क शहर के बाहर एक बड़ा जंगल है। वहाँ घास अधिक है और पेड़ बहुत कम। जंगल में हर ओर अच्छी सड़कें बिछी हैं और पर्यटकों की गाड़ियाँ उन पर दौड़ती रहती हैं। घास अधिक होने से दूर तक का दृश्य साफ़ दिखाई देता है। जंगल में हर ओर अच्छी सड़कें बिछी हैं। पर्यटकों की गाड़ियाँ उन पर दौड़ती रहती हैं।
पहले बंदर मिले
एक जगह दो मोटरें खड़ी थीं और उन पर बंदर तथा लंगूर चढ़े थे। पर्यटक उन्हें फल या बिस्कुट दे देते हैं। इसी से उन्हें यह आदत पड़ गई है, और मोटर रुकते ही वे उसे घेर लेते हैं।
फिर सिंह मिले
बहुत घूमने के बाद वह जगह मिली। सात-आठ सिंह लेटे या सोए थे और उन्हें घेरकर आठ-दस मोटरें खड़ी थीं। उससे पहले गाड़ी को बहुत देर दौड़ना पड़ा था और सिंह कहीं नहीं मिले थे।
सबसे अनोखी बात
सिंहों ने एक बार भी उधर नज़र नहीं उठाई। एक ने जम्हाई ली, दूसरे ने देह तानी, और बस। लेखक लिखता है कि उन्हें पेड़-पौधों तथा खरपात से भी गया-बीता समझा गया। आधा घंटा बीत गया और किसी सिंह ने ध्यान नहीं दिया।
फिर हिरन दिखे
मील-भर दूर हिरनों का झुंड था। उनके बीच एक जिराफ खड़ा था। तभी दो जवान सिंह उठ खड़े हुए और अलग-अलग दिशा में चल दिए। एक थोड़ा आगे बढ़कर बैठ गया। दूसरा घास में छिपता हुआ आगे बढ़ने लगा।
हिरन चौकन्ने हो गए
उन्होंने ताड़ लिया कि उन पर नज़र है। कुछ हिरन भाग निकले और बाकी जहाँ-के-तहाँ ठिठके खड़े रहे। वे चरना भूलकर सावधान हो उठे थे।
रुकना ही समझदारी थी
सिंह सूर्यास्त के बाद शिकार करते हैं। वे झुंड का शिकार नहीं करते, बल्कि उसी का जो भागते हुए पीछे रह जाए। यह समझ हिरनों को किसी ने सिखाई नहीं थी। पाठ इसे सहज प्रवृत्ति कहता है।
लेखक घबरा गया
उसे लगा कि उसका रक्तचाप बढ़ रहा है। इसलिए उसने लौट चलने का निश्चय किया।
रात में मॉरिशस
जहाज़ शाम चार बजे उड़ा और पाँच घंटे बाद पहुँचा। रात थी, अँधेरा था, पानी बरस रहा था। फिर भी स्वागत में बहुत लोग खड़े थे। उसी समय लेखक को लगा कि वह छोटे पैमाने पर भारत में ही आया है।
द्वीप का नाप
लंबाई उनतालीस मील और चौड़ाई तीस मील। पूरा रकबा सात सौ बीस वर्गमील आँका जाता है। लेखक उसे हिंद महासागर का मोती कहता है।
गिनती बोलती है
सड़सठ प्रतिशत लोग भारतीय खानदान के हैं और तिरपन प्रतिशत हिंदू। कोई हिस्सा समुद्र से पंद्रह मील से दूर नहीं।
नाम भी वही हैं
पोर्टलुई की गलियाँ कलकत्ता, मद्रास, हैदराबाद और बंबई हैं। एक पूरे मोहल्ले का नाम काशी है। वहाँ बनारस भी है, गोकुल भी और ब्रह्मस्थान भी। हर प्रमुख गाँव में शिवालय मिलता है।
चार भाषाएँ
राजभाषा अंग्रेज़ी है और संस्कृति की भाषा फ़्रेंच। जनता क्रेयोल बोलती है और दूसरी जनभाषा भोजपुरी है। वहाँ की भोजपुरी में फ़्रेंच के इतने शब्द घुस गए हैं कि बार-बार अर्थ पूछने पड़ते हैं।
असली ताकत
वहाँ ऊख की खेती और चीनी का उद्योग भारतीयों के कारण चला। वे न गए होते तो यह खेती ही असंभव थी। चीनी वहाँ का प्रमुख और लगभग एकमात्र उद्योग है।
और अंत में
मालिक चाहते थे कि वे धर्म बदल लें। उन्होंने अत्याचार सहे, प्रलोभन ठुकराए, और उस द्वीप को छोटा-सा हिंदुस्तान बना डाला। वर्ष का सबसे बड़ा पर्व शिवरात्रि है, जब सब श्वेत वस्त्र पहनकर काँवर लिए परी-तालाब जाते हैं।
Concepts and terms
जानवरों का अपना खुला जंगल, जहाँ सड़कें बनी हैं और लोग गाड़ी में घूमते हैं। चिड़ियाघर में जानवर पिंजरे में रहते हैं।
बिना सिखाए आने वाली समझ। हिरनों को किसी ने नहीं बताया कि भागना खतरनाक है, फिर भी वे रुक गए।
दो भाषाएँ मिलकर जो नई भाषा गढ़ देती हैं, वही। मॉरिशस की जनता यही बोलती है।
जीवन-शक्ति, टिके रहने का बल। लेखक कहता है कि यह बात मॉरिशस जाकर आसानी से समझ में आ जाती है।
सावधान!
Common Misconceptions
दो बच्चों का जवाब
Scenario:
कक्षा में शिक्षिका ने पूछा कि कुछ हिरन भागने के बजाय खड़े क्यों रह गए। अंकित ने तुरंत हाथ उठाया। उसने कहा कि वे डर के मारे जड़ हो गए थे, क्योंकि सामने सिंह थे और डर में पैर नहीं उठते। नेहा ने दूसरा उत्तर दिया। उसने कहा कि वे डरे तो थे, पर जड़ नहीं हुए थे, और उनका रुकना सोच-समझकर उठाया गया कदम था। अंकित ने पूछा कि हिरन भला क्या सोचेगा। शिक्षिका ने कक्षा से कहा कि पाठ में सिंहों के शिकार करने का ढंग ढूँढ़िए और तब दोनों उत्तर फिर से तौलिए।
Analysis:
दोनों बच्चों ने एक ही दृश्य देखा। एक ने हिरनों को बेबस माना और दूसरे ने समझदार।
Activity:
पाठ से वह पंक्ति ढूँढ़कर लिखिए जिसमें सहज प्रवृत्ति का ज़िक्र है।
घर पर करके देखो
Title:
अपने आस-पास का नक्शा
Safety:
किसी अनजान व्यक्ति से जानकारी न माँगिए, केवल अपने परिजनों या शिक्षक से पूछिए।
What You Notice:
नाम अकसर किसी की याद होते हैं। कोई नाम किसी पुराने पेड़ का होता है, कोई किसी मंदिर या तालाब का, और कोई किसी ऐसे व्यक्ति का जिसे अब कम लोग जानते हैं। इसीलिए मॉरिशस की गलियों के नाम इतने महत्व के हैं। वहाँ जो लोग बहुत दूर जाकर बसे, उन्होंने अपने पीछे छूटे शहरों के नाम नई गलियों को दे दिए, और इस तरह नाम ही उनकी याद बन गए।
Did you know
लेखक रामधारी सिंह ‘दिनकर’ ने बच्चों के लिए भी पुस्तकें लिखी हैं, जैसे मिर्च का मज़ा और सूरज का ब्याह।
मॉरिशस में माध्यमिक स्कूलों को कॉलेज कहने का रिवाज़ है।
Memory tricks
यात्रा का क्रम — दिल्ली, बंबई, नैरोबी, मॉरिशस — तीन तारीखें भी क्रम से हैं — 15, 16 और 17 जुलाई।
हिरनों का रुकना — जो पिछड़ा, वही पकड़ा — सिंह झुंड का शिकार नहीं करते। वे उसी को पकड़ते हैं जो भागते हुए पीछे रह जाता है।
Practice MCQs with answers (20)
- A 16 जुलाई
- B 15 जुलाई
- C 17 जुलाई
- D 14 जुलाई
Show answer
Why:
आगे की दोनों तारीखें क्रम से हैं।
- A वहाँ उसका कोई काम निकल आया था
- B उसे वहाँ का जंगल देखना ही था
- C मौसम खराब होने से उड़ान रुक गई
- D आगे का जहाज़ दूसरे दिन शाम को था
Show answer
Why:
इसी से एक रात और दो दिन मिल गए।
- A शहर के बाहर फैला एक बड़ा जंगल
- B शहर के भीतर बना एक चिड़ियाघर
- C पर्यटकों के लिए बना एक बगीचा
- D पहाड़ों के बीच बसा एक गाँव
Show answer
Why:
वहाँ घास अधिक है और पेड़ कम।
- A गाड़ियाँ तेज़ दौड़ पाती हैं
- B वहाँ वर्षा अधिक होती है
- C दूर तक का दृश्य साफ़ दिखाई देता है
- D जानवरों को भोजन सरलता से मिलता है
Show answer
Why:
इसीलिए मील-भर दूर का झुंड भी दिखा।
- A उन्हें मोटर की आवाज़ अच्छी लगती है
- B पर्यटक उन्हें खाने को कुछ दे देते हैं
- C वे मोटर को अपना घर समझते हैं
- D वे लोगों से डरकर पास आ जाते हैं
Show answer
Why:
इसी से उन्हें यह आदत पड़ गई है।
- A आठ-दस
- B दो-तीन
- C चार-पाँच
- D बीस-पच्चीस
Show answer
Why:
और सिंह सात-आठ थे।
- A वे उठकर दूर चले गए
- B उन्होंने सारी गाड़ियों को घेर लिया था
- C वे लगातार गरजते रहे
- D एक ने जम्हाई ली, दूसरे ने देह तानी
Show answer
Why:
उधर किसी ने नज़र नहीं उठाई।
- A क्योंकि वह जंगल के भीतर गंदगी फैला रहा था, कागज़ फेंककर
- B क्योंकि उसे वहाँ कोई पहचान नहीं रहा था
- C क्योंकि सिंहों ने उन्हें देखने लायक भी नहीं समझा
- D क्योंकि उसकी गाड़ी सबसे पीछे खड़ी थी
Show answer
Why:
यह उनकी पूरी उदासीनता दिखाता है।
- A एक जिराफ
- B एक हाथी
- C एक जेब्रा
- D एक भैंसा
Show answer
Why:
लेखक उसे बेवकूफ़ की तरह खड़ा बताता है।
- A दोनों एक साथ दौड़ पड़े
- B एक बैठ गया, दूसरा घास में छिपकर बढ़ा
- C एक सो गया, दूसरा पानी पीने के लिए चला गया
- D दोनों विपरीत दिशा में लौट गए
Show answer
Why:
यह घेरकर शिकार करने का ढंग है।
- A दोपहर की तेज़ धूप में
- B सुबह होते ही
- C सूर्यास्त के बाद
- D वर्षा के समय
Show answer
Why:
इसीलिए दिन में वे आराम कर रहे थे।
- A वे थककर चल नहीं पा रहे थे
- B वे जिराफ की रक्षा कर रहे थे
- C उन्हें सिंहों से कोई डर नहीं था
- D भागने में पिछड़ जाने का खतरा था
Show answer
Why:
सिंह झुंड का नहीं, पिछड़े का शिकार करते हैं।
- A केवल I और II
- B केवल II और III
- C केवल I और III
- D I, II और III
Show answer
Why:
I और III सही हैं। II सही नहीं है: हिरनों को यह समझ उनकी सहज प्रवृत्ति ने दी, किसी के बताने से नहीं।
- A उसके जहाज़ का समय हो गया था
- B उसे लगा कि रक्तचाप बढ़ रहा है
- C जंगल में अँधेरा घिर आया था
- D उसकी गाड़ी में तेल कम पड़ गया
Show answer
Why:
वह दृश्य देखकर वह घबरा गया।
- A दोपहर थी और तेज़ धूप थी
- B सुबह थी, धूप थी और ठंडी हवा चल रही थी
- C रात थी, अँधेरा था, पानी बरस रहा था
- D शाम थी और आकाश साफ़ था
Show answer
Why:
फिर भी स्वागत में भीड़ खड़ी थी।
- A कि वह छोटे पैमाने पर भारत में ही पहुँच गया है
- B कि उस द्वीप पर वर्षा रोज़ ही होती रहती है
- C कि वहाँ के लोग रात भर जागते रहते हैं
- D कि वह हवाई अड्डा बहुत ही छोटा-सा है
Show answer
Why:
ऐसे मौसम में भी स्वागत के लिए आना अपनेपन का काम है। लेखक को वहाँ भारत जैसा ही लगा।
- A नब्बे
- B तिरपन
- C तीस
- D सड़सठ
Show answer
Why:
और तिरपन प्रतिशत लोग हिंदू हैं।
- A कि वहाँ सड़कें बहुत चौड़ी हैं
- B कि वहाँ भारत की छाप गहरी है
- C कि वहाँ के लोग नाम बदलते रहते हैं
- D कि वहाँ भारत से व्यापार होता है
Show answer
Why:
एक मोहल्ले का नाम तो काशी है।
- A वहाँ के बड़े-बड़े कारखाने
- B वहाँ का समुद्र
- C वहाँ की ऊख
- D वहाँ के भारतीय लोग
Show answer
Why:
वे न गए होते तो खेती असंभव थी।
- A दोनों सही हैं; कारण अभिकथन को समझाता है
- B दोनों सही हैं; कारण अभिकथन को नहीं समझाता
- C अभिकथन सही है; परंतु उसका कारण ग़लत है
- D अभिकथन ग़लत है; परंतु उसका कारण सही है
Show answer
Why:
दोनों सही हैं, और कारण ही पाठ का भाव है। लेखक इसी दृढ़ता के कारण उन्हें द्वीप की असली ताकत कहते हैं।
Important short questions (6)
वह दिल्ली से पंद्रह जुलाई को चला। बंबई से सोलह जुलाई को और नैरोबी से सत्रह जुलाई को मॉरिशस के लिए रवाना हुआ।
चिड़ियाघर में जानवर पिंजरों में रखे जाते हैं। नेशनल पार्क शहर के बाहर खुला जंगल है, जहाँ जानवर अपनी जगह रहते हैं और लोग गाड़ी में घूमते हैं।
उन्होंने उन्हें बिल्कुल तुच्छ समझा और नज़र तक नहीं उठाई। रोज़ गाड़ियाँ आने से उन्हें इनकी आदत पड़ चुकी है, इसलिए वे इन्हें खतरा ही नहीं मानते।
क्योंकि सिंह पूरे झुंड का शिकार नहीं करते। वे उसी जानवर को पकड़ते हैं जो भागते हुए झुंड से पिछड़ जाता है, इसलिए भागना ही अधिक खतरनाक था।
काशी नाम का एक पूरा मोहल्ला वहाँ बसा है, और पोर्टलुई की गलियाँ कलकत्ता तथा बंबई के नाम से पुकारी जाती हैं। आबादी का सड़सठ प्रतिशत भारतीय खानदानों से आता है।
क्योंकि वहाँ ऊख की खेती और चीनी का उद्योग उन्हीं के कारण चला। वे उस टापू में न गए होते तो यह खेती असंभव हो जाती।
Long answer questions (3)
पहले उसकी गाड़ी बहुत देर तक घूमती रही और सिंह कहीं नहीं मिले। रास्ते में दो मोटरें मिलीं, जिन पर बंदर और लंगूर चढ़े हुए थे। बहुत घूमने के बाद वह जगह मिली जहाँ सात-आठ सिंह आराम कर रहे थे। उन्हें घेरकर आठ-दस मोटरें खड़ी थीं। आधे घंटे में एक सिंह ने जम्हाई ली और दूसरे ने देह तानी। किसी ने भी मोटरों की ओर नज़र नहीं उठाई। लेखक कहता है कि वह दृश्य वह जन्मभर नहीं भूलेगा।
मील-भर दूर हिरनों का झुंड था और उनके बीच एक जिराफ खड़ा था। दो जवान सिंह उठे और दो ओर चल दिए। एक थोड़ा आगे बढ़कर बैठ गया और दूसरा घास में छिपता हुआ बढ़ने लगा। हिरनों ने ताड़ लिया कि उन पर नज़र पड़ रही है। कुछ हिरन भाग निकले, पर बाकी जहाँ-के-तहाँ खड़े रह गए। यह ठीक था, क्योंकि सिंह झुंड का शिकार नहीं करते। वे उसी को पकड़ते हैं जो भागते हुए पिछड़ जाए, इसलिए भागने में ही अधिक खतरा था।
उन्होंने अपनी पहचान वहाँ की मिट्टी में बो दी। पोर्टलुई की गलियों के नाम कलकत्ता, मद्रास, हैदराबाद और बंबई रखे गए और एक पूरे मोहल्ले का नाम काशी है। वहाँ बनारस भी है, गोकुल भी और ब्रह्मस्थान भी। हर प्रमुख गाँव में शिवालय है और लोग रामचरितमानस का पाठ या गायन करते हैं। भारत के पर्व-त्योहार वहाँ भी मनाए जाते हैं। मालिक चाहते थे कि वे धर्म बदल लें, पर उन्होंने अत्याचार सहे और प्रलोभन ठुकरा दिए।
Flashcards (15)
Play this topic
- यात्रा का क्रम
- नैरोबी की बात या मॉरिशस की?
- शब्द और अर्थ
- सच या भ्रम?
- झटपट दौर
शब्दों की बात: सर्वनाम और सराहना के शब्द
वे शब्द जो संज्ञा की जगह खड़े हो जाते हैं, और वे शब्द जिनसे लेखक किसी चीज़ की तारीफ़ अनोखे ढंग से करता है।
What you will be able to do
- मैं सर्वनाम पहचान सकता हूँ
- मैं सर्वनाम की जगह संज्ञा रखकर वाक्य लिख सकता हूँ
- मैं बता सकता हूँ कि सर्वनाम के बिना भाषा कैसी हो जाती
- मैं सराहना के अनोखे शब्द-प्रयोग समझ सकता हूँ
Key points
जो शब्द संज्ञा के स्थान पर उपयोग में लाए जाते हैं, उन्हें सर्वनाम कहते हैं।
पाठ की पंक्ति में उन और वे दोनों शब्द हिरनों के लिए आए हैं।
सर्वनाम हर बार नाम दोहराने से बचाता है, इसलिए वाक्य हल्का हो जाता है।
सर्वनाम तभी समझ आता है जब उससे पहले संज्ञा आ चुकी हो।
उन्हें, उन्होंने, वे और उन पर, सब एक ही समूह के शब्द हैं।
लेखक मॉरिशस को हिंद महासागर का मोती और सबसे खूबसूरत सितारा कहता है।
मोती और सितारा असली नहीं हैं, वे सराहना के लिए चुनी गई उपमाएँ हैं।
मुलाकात का अर्थ मिलना है, पर यहाँ उसका भाव है शेरों को पास से देखना।
Full explanation
एक पंक्ति से शुरू
पाठ कहता है कि हिरनों ने ताड़ लिया कि उन पर सिंहों की नज़र पड़ रही है। फिर कहता है कि वे चरना भूलकर चौकन्ने हो उठे। इन्हीं दो वाक्यों से पूरी बात निकलेगी। दोनों को धीरे-धीरे पढ़िए और रेखांकित शब्दों पर रुकिए।
दो शब्दों पर ध्यान
उन और वे। ये दोनों शब्द किसके लिए आए हैं? उत्तर सीधा है। दोनों हिरनों के लिए आए हैं। हिरन यहाँ एक संज्ञा शब्द है।
नाम मिलता है
जो शब्द संज्ञा के स्थान पर उपयोग में लाए जाते हैं, उन्हें सर्वनाम कहते हैं। यही इस पूरे पाठ की सबसे काम की परिभाषा है। इसे याद कर लेने से आगे का सारा काम सरल हो जाता है।
बिना सर्वनाम के पढ़िए
हिरनों ने ताड़ लिया कि हिरनों पर सिंहों की नज़र पड़ रही है। हिरन चरना भूलकर चौकन्ने हो उठे। फ़र्क तुरंत सुनाई देता है। वाक्य भारी हो गया और एक ही नाम बार-बार टकराने लगा। सर्वनाम इसी दोहराव से बचाता है।
पर एक शर्त है
सर्वनाम अपने आप कुछ नहीं बताता। वे सुनकर कोई नहीं जानता कि किसकी बात हो रही है। वह शब्द खाली है, और उसे भरने वाला नाम पहले आ चुका होना चाहिए।
इसलिए क्रम ज़रूरी है
पहले संज्ञा आनी चाहिए, उसके बाद सर्वनाम। तभी पाठक जोड़ पाता है कि वह किसकी जगह खड़ा है। यह क्रम बदल दीजिए तो पढ़ने वाला अटक जाएगा। वह बार-बार लौटकर देखेगा कि बात किसकी हो रही थी।
और उदाहरण
पाठ की एक पंक्ति है कि बच्चे हाफ पैंट पहन सकते हैं, लेकिन गाँधी टोपी उस दिन उन्हें भी पहननी पड़ती है। यह शिवरात्रि के दिन की बात है। उस दिन सभी वयस्क उजली धोती और उजली टोपी पहनते हैं।
यहाँ सर्वनाम कौन है
उन्हें। वह बच्चों की जगह खड़ा है, और बच्चे इसी वाक्य में पहले आ चुके हैं। इसीलिए पढ़ते समय कहीं अटकना नहीं पड़ता।
एक और पंक्ति
भारतीयों ने अत्याचार सहे। वे अपने धर्म पर डटे रहे और उन्होंने उस द्वीप को छोटा-सा हिंदुस्तान बना डाला। यहाँ नाम एक बार आया और उसके बाद तीन बार सर्वनाम चला।
तीन सर्वनाम एक साथ
वे, उन्हें और उन्होंने। तीनों भारतीयों के लिए हैं और तीनों का रूप अलग है। रूप इसलिए बदलता है क्योंकि वाक्य में उनका काम बदल जाता है। कहीं वे करने वाले हैं और कहीं वे जिन पर कुछ किया गया।
अब दूसरी बात
लेखक मॉरिशस को हिंद महासागर का मोती कहता है। उसे भारत-समुद्र का सबसे खूबसूरत सितारा भी कहता है। दोनों बातें एक ही वाक्य में आती हैं।
यह सच नहीं है
द्वीप न मोती है और न सितारा। ये शब्द सराहना के लिए चुने गए हैं। कोई भी द्वीप अक्षरशः इनमें से कुछ नहीं हो सकता। फिर भी ये शब्द गलत नहीं लगते, और यही इनकी खूबी है।
क्यों चुने गए
मोती से कीमत का भाव आता है और सितारे से चमक का। सुंदर है कहने से ये दोनों बातें नहीं आतीं। इसीलिए एक अच्छी उपमा कई वाक्यों का काम अकेले कर देती है।
एक और अनोखा प्रयोग
लेखक लिखता है कि हमें अफ़्रीका के शेरों से मुलाकात कर लेनी चाहिए। यह वाक्य पाठ के आरंभ में ही आता है।
मुलाकात का अर्थ
मुलाकात का अर्थ मिलना है। यहाँ भाव है शेरों को पास से देखना, अपनी आँखों से सजीव देखना। शेरों से बातचीत तो हो ही नहीं सकती।
इससे क्या मिलता है
बात रोचक हो जाती है। शेर देखने जाना सुनने में साधारण है, और शेरों से मुलाकात करना एक अनोखा वाक्य है। पुस्तक कहती है कि अपनी बात को सुंदर और अनोखा रूप देने के लिए ऐसे प्रयोग किए जाते हैं। ऐसा प्रयोग कहीं भी नहीं चलता। जहाँ बात सीधी कहनी हो, वहाँ सीधा शब्द ही ठीक रहता है। अनोखापन तब अच्छा लगता है जब वह कभी-कभी आए।
Concepts and terms
संज्ञा के स्थान पर आने वाला शब्द। हिरनों के लिए वे कहना ही सर्वनाम का प्रयोग है।
सर्वनाम अपने आप कुछ नहीं बताता। वह किसकी जगह खड़ा है, यह पिछले वाक्य से ही पता चलता है।
किसी चीज़ को किसी सुंदर वस्तु जैसा कह देना। द्वीप को मोती कहना यही है।
जाने-पहचाने शब्द को नई जगह रख देना। शेरों से मुलाकात कहना इसी का उदाहरण है।
सावधान!
Common Misconceptions
जिसमें नाम ही नहीं था
Scenario:
कक्षा में सबसे अपनी छुट्टियों पर चार पंक्तियाँ लिखने को कहा गया। रवि ने लिखा कि वे सुबह जल्दी निकल पड़े, उन्होंने रास्ते में नाश्ता किया, और वे शाम तक लौट आए। शिक्षिका ने पढ़कर पूछा कि यह सब किसने किया। रवि ने कहा कि उसने और उसके चाचा ने। शिक्षिका ने कहा कि यह बात उसके लिखे में कहीं नहीं है। रवि को लगा कि यह तो साफ़ ही है, क्योंकि लिखते समय उसके मन में चाचा का चेहरा था। पास बैठी सना ने कहा कि पढ़ने वाले के मन में तो वह चेहरा नहीं है।
Analysis:
लिखने वाले को सब पता था। पढ़ने वाले को कुछ भी पता नहीं चला।
Activity:
अपनी लिखी किसी चार पंक्तियों में हर सर्वनाम पर गोला लगाइए और देखिए कि उससे पहले नाम आया है या नहीं।
घर पर करके देखो
Title:
सराहना के अपने शब्द
What You Notice:
सुनने वाले को दूसरा वाला वाक्य ही याद रहता है। कारण यह है कि सादा वाक्य केवल आपकी राय बताता है, जबकि उपमा एक चित्र बना देती है। मोती सुनते ही कीमत का भाव आता है और सितारा सुनते ही चमक का, और ये दोनों बातें सुंदर है कहने से नहीं आतीं। इसीलिए एक अच्छी उपमा कई वाक्यों का काम अकेले कर देती है।
Did you know
पाठ के लेखक दिनकर की रचनाओं की विशेषता भारत और भारत की संस्कृति है, और उनमें वीरता तथा देशप्रेम का भाव अधिक मिलता है।
मॉरिशस की भोजपुरी शाहाबाद या सारन की भोजपुरी जैसी नहीं है, क्योंकि उसमें फ़्रेंच के बहुत-से शब्द घुस गए हैं।
Memory tricks
सर्वनाम पहचानना — किसकी जगह खड़ा है? — यदि शब्द किसी नाम की जगह खड़ा है, तो वह सर्वनाम है।
सराहना के शब्द — सचमुच नहीं, वैसा — द्वीप सचमुच मोती नहीं है। वह मोती जैसा कीमती और सुंदर है।
Practice MCQs with answers (20)
- A विशेषण
- B क्रिया
- C सर्वनाम
- D अव्यय
Show answer
Why:
जैसे हिरनों के लिए वे।
- A हिरनों के लिए
- B सिंहों के लिए
- C पर्यटकों के लिए
- D बंदरों के लिए
Show answer
Why:
पिछला वाक्य उन्हीं की बात करता है।
- A वाक्य का पूरा अर्थ ही उलट जाता है, बदल जाता है
- B वाक्य छोटा हो जाता है
- C वाक्य भारी और दोहराव वाला हो जाता है
- D वाक्य में कोई अंतर नहीं आता
Show answer
Why:
एक ही नाम बार-बार टकराता है।
- A दोनों सही हैं; कारण अभिकथन को समझाता है
- B दोनों सही हैं; कारण अभिकथन को नहीं समझाता
- C अभिकथन सही है; परंतु उसका कारण ग़लत है
- D अभिकथन ग़लत है; परंतु उसका कारण सही है
Show answer
Why:
दोनों सही हैं, और कारण ही सर्वनाम का नियम है। सर्वनाम किसी नाम की जगह खड़ा होता है, अपने बल पर नहीं।
- A बच्चों के लिए
- B बड़ों के लिए
- C पुजारियों के लिए
- D यात्रियों के लिए
Show answer
Why:
इसी वाक्य में बच्चे पहले आ चुके हैं।
- A मालिक
- B भारतीय
- C पड़ोसी
- D मज़दूर
Show answer
Why:
सर्वनाम उसी नाम की जगह खड़ा है।
- A केवल I और II
- B केवल II और III
- C केवल I और III
- D I, II और III
Show answer
Why:
I और III सही हैं। II सही नहीं है: ‘हिरन’ प्राणी का नाम है, यानी संज्ञा; वे, उन्हें और उन्होंने सर्वनाम हैं।
- A उन्होंने
- B उन्हें
- C हिरन
- D वे
Show answer
Why:
वह तो संज्ञा है।
- A मोती
- B दीपक
- C किनारा
- D दर्पण
Show answer
Why:
और सबसे खूबसूरत सितारा भी।
- A वहाँ समुद्र से मोती निकाले जाते हैं
- B वह मोती जैसा कीमती और सुंदर है
- C वह गोल आकार का है
- D वह समुद्र के नीचे है
Show answer
Why:
यह सराहना के लिए चुना गया शब्द है।
- A क्योंकि एक कीमत बताता है और दूसरा चमक
- B क्योंकि दोनों शब्दों का अर्थ एक ही है
- C क्योंकि दोनों ही समुद्र से जुड़े हुए हैं
- D क्योंकि वाक्य को लंबा करना आवश्यक था
Show answer
Why:
मोती मूल्य का चित्र देता है और सितारा चमक का। दोनों मिलकर द्वीप का पूरा चित्र बनाते हैं।
- A दौड़ना
- B बोलना
- C सुनना
- D मिलना
Show answer
Why:
आम तौर पर लोगों से होती है।
- A शेरों को अपने हाथ से खाना देना
- B शेरों से बात करना
- C शेरों को पकड़ना
- D शेरों को पास से सजीव देखना
Show answer
Why:
यही इस प्रयोग की खूबी है।
- A वाक्य को छोटा और सरल कर देने के लिए ही
- B बात को सुंदर और अनोखा रूप देने के लिए
- C कठिन शब्द सिखाने के लिए
- D अर्थ छिपाने के लिए
Show answer
Why:
पुस्तक स्वयं यही कारण बताती है।
- A अपनी आँखों से देखना
- B सजीव देखना
- C पीछा करना
- D भेंट करना
Show answer
Why:
उसका भाव बिल्कुल दूसरा है।
- A केवल मंदिरों में ही बोली जाने वाली पुरानी भाषा
- B केवल लिखने की एक पुरानी भाषा
- C एक देश की राजभाषा
- D दो भाषाएँ मिलकर जो नई भाषा गढ़ देती हैं, वही
Show answer
Why:
मॉरिशस की जनता यही बोलती है।
- A किसी बहुत बड़े समुद्री जहाज़ का नाम
- B एक पुरानी विदेशी विमान कंपनी
- C एक हवाई अड्डे का नाम
- D मॉरिशस का एक शहर
Show answer
Why:
पूरा नाम ब्रिटिश ओवरसीज एयरवेज कॉरपोरेशन।
- A वाक्य बहुत लंबा लगेगा
- B वाक्य का काल गलत लगेगा
- C उस वाक्य में कोई भी क्रिया नहीं दिखेगी
- D यह पता नहीं चलेगा कि किसकी बात है
Show answer
Why:
सर्वनाम से पहले संज्ञा चाहिए।
- A रक्त के बहने की आवाज़
- B रक्त का रंग बदल जाना
- C शरीर में रक्त की कुल मात्रा का माप
- D नसों की दीवारों पर रक्त का दबाव
Show answer
Why:
इसी से वह लौट चलने को कह उठा।
- A एक प्रकार का सफ़ेद वस्त्र
- B दो टोकरियाँ बाँधा हुआ मज़बूत डंडा
- C पूजा में जलाया जाने वाला दीप
- D तालाब के किनारे बनी सीढ़ी
Show answer
Why:
इसी में जल भरकर लाया जाता है।
Important short questions (6)
जो शब्द संज्ञा के स्थान पर उपयोग में लाए जाते हैं उन्हें सर्वनाम कहते हैं। पाठ में वे शब्द हिरनों के लिए आया है।
भारी और दोहराव वाली। हर बार पूरा नाम लिखना पड़ता, इसलिए एक ही शब्द बार-बार टकराता और पढ़ना कठिन हो जाता।
क्योंकि सर्वनाम अपने आप कुछ नहीं बताता। अकेला वे सुनकर कोई नहीं जान सकता कि किसकी बात हो रही है।
वे, उन्हें और उन्होंने। तीनों भारतीयों के लिए आए हैं, और वाक्य में काम बदलने से उनका रूप बदल जाता है।
उसे हिंद महासागर का मोती और भारत-समुद्र का सबसे खूबसूरत सितारा कहा है। मोती से कीमत का भाव आता है और सितारे से चमक का।
मुलाकात का अर्थ मिलना है और वह आम तौर पर लोगों के लिए आता है। यहाँ उसका भाव शेरों को पास से सजीव देखना है, जिससे बात रोचक बन जाती है।
Long answer questions (3)
जो शब्द संज्ञा के स्थान पर उपयोग में लाए जाते हैं उन्हें सर्वनाम कहते हैं। पाठ में उन और वे दोनों हिरनों के लिए आए हैं। इनका काम दोहराव से बचाना है। यदि इन्हें हटा दिया जाए तो वाक्य बनेगा कि हिरनों ने ताड़ लिया कि हिरनों पर नज़र पड़ रही है। यह पढ़ने में भारी लगता है। पर एक शर्त भी है। सर्वनाम अपने आप कुछ नहीं बताता, इसलिए उससे पहले संज्ञा का आना ज़रूरी है।
उसने मॉरिशस को हिंद महासागर का मोती कहा और भारत-समुद्र का सबसे खूबसूरत सितारा भी। ये दोनों बातें सच नहीं हैं, क्योंकि द्वीप न मोती है और न सितारा। ये शब्द केवल सराहना के लिए चुने गए हैं। इनका असर यह है कि मोती से कीमत का भाव आता है और सितारे से चमक का। यदि लेखक केवल इतना लिखता कि द्वीप सुंदर है, तो ये दोनों बातें पाठक तक नहीं पहुँचतीं।
बात रोचक और अनोखी हो जाती है। पाठ में लेखक लिखता है कि हमें अफ़्रीका के शेरों से मुलाकात कर लेनी चाहिए। मुलाकात का सीधा अर्थ मिलना है और वह शब्द आम तौर पर लोगों के लिए आता है। यहाँ उसका भाव है शेरों को पास से, अपनी आँखों से सजीव देखना। शेर देखने जाना सुनने में साधारण वाक्य है। शेरों से मुलाकात करना कहने से वही बात नई लगने लगती है, और यही ऐसे प्रयोग का उद्देश्य है।
Flashcards (15)
Play this topic
- संज्ञा या सर्वनाम?
- शब्द और उसका अर्थ
- सच या भ्रम?
- वाक्य ठीक करने का क्रम
- झटपट दौर
यात्रा-वृत्तांत की रचना और अनुमान
यह लेख किन तरीकों से लिखा गया है कि पढ़ने वाला स्वयं वहाँ पहुँच जाता है, और वे प्रश्न जिनके उत्तर पाठ में नहीं, सोचने में मिलते हैं।
What you will be able to do
- मैं यात्रा-वृत्तांत की विशेषताएँ गिना सकता हूँ
- मैं बता सकता हूँ कि तारीख और समय लिखने से क्या मिलता है
- मैं पहचान सकता हूँ कि कौन-सा प्रश्न अनुमान का है
- मैं अपनी किसी यात्रा का वृत्तांत लिख सकता हूँ
Key points
यात्रा-वृत्तांत वह लेख है जिसमें लेखक अपनी की हुई यात्रा का वर्णन करता है।
रास्ता क्रम से आता है — कौन-सी जगह पहले और कौन-सी उसके बाद।
तारीख और समय लिखने से पढ़ने वाले के मन में यात्रा का क्रम बन जाता है।
दृश्य इस तरह लिखा गया है मानो हम लेखक की आँखों से उसे देख रहे हों।
लेखक अपने मन की बात भी लिखता है, जैसे रक्तचाप बढ़ने का डर।
वह जो देखता है उसकी तुलना अपने जाने-पहचाने से करता है, इसी से मॉरिशस छोटा भारत लगता है।
गिनती और आँकड़े देने से बात केवल राय नहीं रह जाती।
अनुमान वाले प्रश्नों के उत्तर पाठ में नहीं होते, वे पढ़ने वाले को स्वयं सोचने होते हैं।
Full explanation
पहले नाम समझिए
यात्रा-वृत्तांत वह लेख है जिसमें लेखक अपनी की हुई यात्रा का वर्णन करता है। यह कहानी नहीं है, क्योंकि यह सब सचमुच हुआ। इसीलिए इसमें तारीख, समय और आँकड़े चल जाते हैं, जो किसी कहानी में अटपटे लगते। पढ़ने वाला जानता है कि यह सब किसी ने सचमुच देखा है, और इसी से उसका भरोसा बनता है।
पहली विशेषता
लेखक बताता है कि वह कब और कैसे एक जगह से दूसरी जगह पहुँचा। पुस्तक स्वयं इसी को पहला उदाहरण बताती है। यह बात इतनी साधारण लगती है कि उस पर ध्यान ही नहीं जाता।
तारीखें देखिए
दिल्ली से पंद्रह जुलाई, बंबई से सोलह और नैरोबी से सत्रह। तीनों क्रम से हैं। इन तीन तारीखों से पूरी यात्रा की रूपरेखा बन जाती है। समय भी दिया गया है।
समय भी है
जहाज़ शाम चार बजे उड़ा और पाँच घंटे बाद पहुँचा। तब वहाँ रात के लगभग दस बजे थे। पढ़ने वाले के मन में पूरा क्रम बन जाता है। वह जान लेता है कि कौन-सी बात कब हुई। बिना इनके सब घटनाएँ एक ढेर की तरह पड़ी रहतीं।
दूसरी विशेषता
दृश्य ऐसे लिखा गया है मानो हम लेखक की आँखों से देख रहे हों। पुस्तक इसे इस वृत्तांत की एक महत्वपूर्ण विशेषता कहती है। इसका एक नमूना देखिए। दो जवान सिंह उठे और दो ओर चल दिए। एक आगे बढ़कर बैठ गया और दूसरा घास में छिपता हुआ बढ़ने लगा।
यह क्यों काम करता है
हर वाक्य में कुछ हो रहा है। लेखक अपनी राय नहीं देता, केवल एक के बाद एक हरकत दिखाता है। वह यह कहीं नहीं लिखता कि दृश्य डरावना था, और डर फिर भी पहुँच जाता है।
तीसरी विशेषता
वह अपने मन की बात भी लिखता है। जैसे यह कि उसे लगा कि उसका रक्तचाप बढ़ रहा है। यह एक पंक्ति पूरे दृश्य का भार बता देती है।
इससे क्या बदलता है
लेख एक सूखी रिपोर्ट नहीं रह जाता। पढ़ने वाला जान लेता है कि वहाँ खड़ा होना कैसा लगा होगा।
चौथी विशेषता
वह नई जगह को अपनी जानी हुई जगह से मिलाकर बताता है।
जैसे मॉरिशस
गलियों के नाम कलकत्ता और बंबई हैं। एक मोहल्ला काशी है। इसी से वह छोटे पैमाने का भारत बन जाता है। पढ़ने वाला उस दूर के द्वीप को अपने जाने-पहचाने शहरों के सहारे देख पाता है।
पाँचवीं विशेषता
वह गिनती और आँकड़े देता है। सड़सठ प्रतिशत, तिरपन प्रतिशत, सात सौ बीस वर्गमील। द्वीप की लंबाई उनतालीस मील है और चौड़ाई तीस मील।
आँकड़े का काम
बात केवल राय नहीं रह जाती। वह जाँची जा सकने वाली सूचना बन जाती है। कोई चाहे तो इन आँकड़ों को कहीं और से मिलाकर देख सकता है।
अब दूसरी तरह के प्रश्न
पुस्तक कुछ प्रश्न अनुमान या कल्पना के शीर्षक के नीचे रखती है। ये बाकी प्रश्नों से अलग ढंग के होते हैं।
इनकी पहचान
इनमें अकसर होगा या होंगे आता है। जैसे यह कि लोगों ने गली-मोहल्लों के नाम ऐसे क्यों रखे होंगे। यही शब्द बता देता है कि उत्तर पाठ में नहीं मिलेगा।
उत्तर कहाँ है
पाठ में कहीं नहीं। उसे पाठ के आधार पर स्वयं सोचना पड़ता है। ढूँढ़ते रहने पर समय ही बीतेगा और उत्तर नहीं मिलेगा।
पर मनमाना नहीं
उत्तर पाठ से टकराना नहीं चाहिए। जो उत्तर कारण सहित दिया जाए और पाठ से मेल खाए, वही ठीक माना जाएगा। इसलिए अनुमान भी पाठ पढ़े बिना नहीं लगाया जा सकता। पहले पाठ से वह बात चुनिए जिस पर आपका अनुमान खड़ा है। फिर अपनी बात एक वाक्य में लिखिए। अंत में कारण जोड़िए कि पाठ की किस पंक्ति से यह निकलता है। इसी पाठ से कोई एक ऐसा प्रश्न स्वयं बनाइए जिसका उत्तर सीधे न मिले। बनाकर अपने साथी से पूछिए और उसका कारण भी सुनिए।
Concepts and terms
अपनी की हुई यात्रा का लिखा हुआ वर्णन। इसमें कब, कहाँ और कैसे, तीनों बताए जाते हैं।
ऐसा वर्णन जिसमें पढ़ने वाला स्वयं को वहाँ खड़ा पाता है। सिंहों वाला हिस्सा इसी तरह लिखा गया है।
नई जगह को अपनी जानी हुई जगह से मिलाकर बताना। इसी से मॉरिशस छोटे पैमाने का भारत बन जाता है।
वह प्रश्न जिसका उत्तर पाठ में लिखा ही नहीं है। उसे पाठ के आधार पर स्वयं सोचना पड़ता है।
सावधान!
Common Misconceptions
दो यात्रा-वृत्तांत
Scenario:
कक्षा को अपनी किसी यात्रा पर दस पंक्तियाँ लिखने को कहा गया। इमरान ने लिखा कि वह नानी के गाँव गया, वहाँ बहुत अच्छा लगा, खाना स्वादिष्ट था और सब बहुत सुंदर था। हर वाक्य सच्चा था। रितु ने भी वही यात्रा जैसी बात लिखी, पर उसने अलग ढंग चुना। उसने लिखा कि वे सुबह छह बजे की बस से चले, रास्ते में दो बार रुके, और गाँव पहुँचते-पहुँचते ग्यारह बज गए। फिर उसने लिखा कि आँगन में एक नीम था, जिसकी छाया दोपहर में पूरे चबूतरे को ढक लेती थी। शिक्षिका ने कक्षा से पूछा कि किसे पढ़कर गाँव दिखाई दिया।
Analysis:
दोनों की यात्रा सच्ची थी और दोनों के वाक्य सही थे। फिर भी एक ही लेख में गाँव दिखाई दिया।
Activity:
अपने लिखे किसी वर्णन में हर राय वाले शब्द पर गोला लगाइए और उसकी जगह एक दिखाई देने वाली बात रखिए।
घर पर करके देखो
Title:
अपनी एक यात्रा
Safety:
यात्रा की बात लिखिए, पर अकेले कहीं जाने की योजना मत बनाइए।
What You Notice:
पहली बार लिखने पर राय वाले शब्द सबसे अधिक निकलते हैं, जैसे अच्छा, सुंदर और मज़ेदार। ये शब्द लिखने में सबसे पहले आते हैं और पढ़ने वाले को सबसे कम देते हैं। जिन तीन बातों को आपने आँखों से देखा, वही पढ़ने वाले के मन में चित्र बनाती हैं। यही कारण है कि दिनकर पूरे लेख में एक बार भी यह नहीं कहते कि मॉरिशस सुंदर है।
Did you know
लगभग पचास साल पहले परी-तालाब का नाम बदलकर गंगा-तालाब कर दिया गया।
आज़ादी मिल जाने पर भी दिनकर की रचनाओं का विषय भारत का गौरव-गान ही बना रहा।
Memory tricks
यात्रा-वृत्तांत की पहचान — कब, कहाँ, कैसे — तीनों मिल जाएँ तो पढ़ने वाला आपके साथ चलने लगता है।
अनुमान का प्रश्न पहचानना — होगा, होंगे — जिस प्रश्न में यह शब्द आए, उसका उत्तर पाठ में ढूँढ़ना व्यर्थ है।
Practice MCQs with answers (20)
- A किसी कल्पित कथा
- B अपनी की हुई यात्रा
- C किसी दूसरे की कहानी
- D किसी पुस्तक की समीक्षा
Show answer
Why:
यह सब सचमुच हुआ था।
- A कि इसमें कोई भी कठिन शब्द नहीं है
- B कि इसमें कोई पात्र नहीं है
- C कि लेखक कब और कैसे पहुँचा यह बताता है
- D कि यह बहुत छोटा लेख है
Show answer
Why:
पुस्तक स्वयं यही उदाहरण देती है।
- A लेख अपने आप लंबा और भारी हो जाता है
- B पढ़ने वाला गिनती सीख जाता है
- C लेखक की याददाश्त पता चलती है
- D पढ़ने वाले के मन में क्रम बन जाता है
Show answer
Why:
वह जान लेता है कि क्या कब हुआ।
- A शाम चार बजे
- B सुबह चार बजे
- C रात दस बजे
- D दोपहर बारह बजे
Show answer
Why:
पाँच घंटे बाद वह पहुँचा।
- A उसमें बहुत-से कठिन और भारी शब्द हैं
- B वह सबसे लंबा हिस्सा है
- C हर वाक्य में कुछ होता हुआ दिखता है
- D उसमें बहुत-सी तारीखें हैं
Show answer
Why:
लेखक राय नहीं, हरकत दिखाता है।
- A दोनों सही हैं; कारण अभिकथन को समझाता है
- B दोनों सही हैं; कारण अभिकथन को नहीं समझाता
- C अभिकथन सही है; परंतु उसका कारण ग़लत है
- D अभिकथन ग़लत है; परंतु उसका कारण सही है
Show answer
Why:
दोनों सही हैं, और कारण ही अच्छे वर्णन का ढंग है। बताना कम और दिखाना अधिक, यही दृश्य को जीवंत करता है।
- A कि उसे उस समय ज़ोर की भूख लग रही थी
- B कि उसे नींद आ रही थी
- C कि उसे ठंड लग रही थी
- D कि उसे लगा कि रक्तचाप बढ़ रहा है
Show answer
Why:
इसी से उसने लौटने का निश्चय किया।
- A वह एक सूखी रिपोर्ट नहीं रह जाता है
- B उसकी सारी सूचना बेकार हो जाती है
- C वह पढ़ने में बहुत कठिन हो जाता है
- D वह गढ़ी हुई कहानी बन जाता है
Show answer
Why:
रक्तचाप बढ़ने की बात सूचना नहीं, अनुभव है। उससे पाठक लेखक के साथ खड़ा हो जाता है।
- A उसका नक्शा बनाकर दिखाया
- B वहाँ की कहानियाँ सुनाईं
- C उसे भारत से मिलाकर बताया
- D वहाँ के लोगों से बात कराई
Show answer
Why:
गलियों के नाम इसी का प्रमाण हैं।
- A सड़सठ प्रतिशत लोग
- B तिरपन प्रतिशत
- C पंद्रह मील
- D सात सौ बीस वर्गमील
Show answer
Why:
लंबाई उनतालीस और चौड़ाई तीस मील।
- A केवल I और II
- B केवल II और III
- C केवल I और III
- D I, II और III
Show answer
Why:
I और III सही हैं। II सही नहीं है: अनुमान वाले प्रश्न का उत्तर पाठ में नहीं होता, उसे स्वयं सोचना पड़ता है।
- A गिनती करने का
- B अनुमान या कल्पना का
- C शब्दकोश देखने का
- D सीधा पाठ से निकालने का
Show answer
Why:
‘होंगे’ शब्द इसकी पहचान है।
- A पाठ की सबसे पहली पंक्ति में ही मिल जाएगा
- B शब्दकोश में
- C लेखक के परिचय में
- D कहीं नहीं, उसे स्वयं सोचना पड़ता है
Show answer
Why:
पर वह पाठ पर टिका होना चाहिए।
- A नहीं, वह पाठ से टकराना नहीं चाहिए
- B हाँ, कोई भी उत्तर चल जाएगा
- C हाँ, यदि वह लंबा हो
- D नहीं, वह पाठ में ही लिखा होता है
Show answer
Why:
कारण सहित उत्तर ही ठीक माना जाएगा।
- A वह प्रश्न छोड़ देना ही ठीक रहेगा
- B शब्दकोश खोलना चाहिए
- C पाठ के आधार पर स्वयं सोचना चाहिए
- D शिक्षक से उत्तर लिखवा लेना चाहिए
Show answer
Why:
प्रश्न का शीर्षक यही बताता है।
- A कि वह नाम कभी नहीं बदला
- B कि वह हाल ही में रखा गया
- C कि वह नाम किसी बहुत पुराने राजा ने ही रखवाया था
- D कि लगभग पचास साल पहले वह गंगा-तालाब हो गया
Show answer
Why:
यह जानकर आश्चर्य होता है।
- A उनका व्यवहार बदल गया है
- B वे जंगल छोड़कर चले गए हैं
- C वे अधिक डरने लगे हैं
- D उन पर कोई असर नहीं पड़ा
Show answer
Why:
बंदर मोटर घेरते हैं, सिंह बेपरवाह हैं।
- A कितने कठिन शब्द उसमें डाले जाने हैं
- B कहाँ से कहाँ तक की यात्रा लिखनी है
- C कितने पन्ने भरने हैं
- D शीर्षक क्या रखना है
Show answer
Why:
वही पूरे लेख का क्रम बनेगा।
- A कहानी छोटी होती है
- B वृत्तांत में जो लिखा है वह सचमुच हुआ
- C कहानी में तारीख नहीं होती
- D वृत्तांत में कोई पात्र ही नहीं होते हैं
Show answer
Why:
इसीलिए उसमें तारीख और आँकड़े चलते हैं।
- A वैज्ञानिक जगदीशचंद्र बसु
- B रामधारी सिंह ‘दिनकर’
- C तुलसीदास
- D शंकर सेन
Show answer
Why:
उनकी रचनाओं का विषय भारत और उसकी संस्कृति है।
Important short questions (6)
वह लेख जिसमें लेखक अपनी की हुई यात्रा का वर्णन करता है। उसमें जो लिखा होता है वह सचमुच हुआ होता है।
ताकि पढ़ने वाले के मन में पूरी यात्रा का क्रम बन जाए। इससे वह जान लेता है कि कौन-सी बात कब हुई।
क्योंकि हर वाक्य में कुछ होता हुआ दिखता है। लेखक अपनी राय नहीं देता, केवल एक के बाद एक हरकत दिखाता है।
वह एक सूखी रिपोर्ट नहीं रह जाता। रक्तचाप वाली पंक्ति से पढ़ने वाला जान लेता है कि वहाँ खड़ा होना कैसा लगा होगा।
बात केवल लेखक की राय नहीं रह जाती। सड़सठ प्रतिशत या सात सौ बीस वर्गमील जैसी सूचना जाँची जा सकती है।
उसमें अकसर होगा या होंगे आता है। उसका उत्तर पाठ में नहीं होता, इसलिए पाठ के आधार पर कारण सहित स्वयं सोचना पड़ता है।
Long answer questions (3)
पहली विशेषता यह है कि लेखक बताता है कि वह कब और कैसे एक जगह से दूसरी जगह पहुँचा। तीनों तारीखें और जहाज़ का समय इसी का प्रमाण हैं। दूसरी यह कि दृश्य ऐसे लिखे गए हैं मानो हम उसकी आँखों से देख रहे हों, जैसे दोनों सिंहों का अलग-अलग दिशा में बढ़ना। तीसरी यह कि वह अपने मन की बात भी लिखता है, जैसे रक्तचाप बढ़ने का डर। चौथी यह कि वह नई जगह को भारत से मिलाकर समझाता है। और पाँचवीं यह कि वह आँकड़े देता है।
वे लोग अपना देश छोड़कर बहुत दूर जा बसे थे और शायद लौटने की आशा भी नहीं थी। जिन शहरों से वे चले थे, उनके नाम ही उनके पास बची हुई सबसे अपनी चीज़ थी। नई गलियों को वही नाम देकर उन्होंने अपने पीछे छूटे घर को अपने साथ रख लिया। इससे अगली पीढ़ी को भी पता चलता रहा कि उनके बड़े कहाँ से आए थे। यही कारण है कि वहाँ एक पूरे मोहल्ले का नाम काशी है और गलियाँ कलकत्ता तथा बंबई कहलाती हैं।
उनका सहज व्यवहार बदल जाता है। पाठ में बंदर मोटर रुकते ही उसे घेर लेते हैं, क्योंकि उन्हें फल और बिस्कुट मिलने की आदत पड़ गई है। इससे वे अपना भोजन ढूँढ़ना कम कर देते होंगे। सिंहों पर दूसरा असर दिखता है। वे गाड़ियों से इतने अभ्यस्त हो गए हैं कि नज़र तक नहीं उठाते। इससे वे खतरे को पहचानना भूल सकते हैं। दोनों बदलाव जानवरों के अपने ढंग से दूर ले जाते हैं, इसलिए भीड़ का असर अच्छा नहीं कहा जा सकता।
Flashcards (15)
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- यह राय है या दिखाई देने वाली बात?
- अपना वृत्तांत लिखने का क्रम
- सच या भ्रम?
- विशेषता और उसका उदाहरण
- झटपट दौर
Class 6 Hindi Chapter 12 — frequently asked questions
वह दिल्ली से पंद्रह जुलाई को चला। बंबई से सोलह जुलाई को और नैरोबी से सत्रह जुलाई को मॉरिशस के लिए रवाना हुआ।
चिड़ियाघर में जानवर पिंजरों में रखे जाते हैं। नेशनल पार्क शहर के बाहर खुला जंगल है, जहाँ जानवर अपनी जगह रहते हैं और लोग गाड़ी में घूमते हैं।
उन्होंने उन्हें बिल्कुल तुच्छ समझा और नज़र तक नहीं उठाई। रोज़ गाड़ियाँ आने से उन्हें इनकी आदत पड़ चुकी है, इसलिए वे इन्हें खतरा ही नहीं मानते।
जो शब्द संज्ञा के स्थान पर उपयोग में लाए जाते हैं उन्हें सर्वनाम कहते हैं। पाठ में वे शब्द हिरनों के लिए आया है।
भारी और दोहराव वाली। हर बार पूरा नाम लिखना पड़ता, इसलिए एक ही शब्द बार-बार टकराता और पढ़ना कठिन हो जाता।
क्योंकि सर्वनाम अपने आप कुछ नहीं बताता। अकेला वे सुनकर कोई नहीं जान सकता कि किसकी बात हो रही है।
वह लेख जिसमें लेखक अपनी की हुई यात्रा का वर्णन करता है। उसमें जो लिखा होता है वह सचमुच हुआ होता है।
ताकि पढ़ने वाले के मन में पूरी यात्रा का क्रम बन जाए। इससे वह जान लेता है कि कौन-सी बात कब हुई।
क्योंकि हर वाक्य में कुछ होता हुआ दिखता है। लेखक अपनी राय नहीं देता, केवल एक के बाद एक हरकत दिखाता है।
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