Class 6 Hindi Chapter 7: जलाते चलो

जलाते चलो is Chapter 7 of NCERT / CBSE Class 6 Hindi (Hindi medium). This page has the complete chapter notes across 3 topics , 60 practice MCQs with answers and explanations , 27 important short and long questions and 45 flashcards — all written to the NCERT / CBSE syllabus and free to read.

कविता के पाँच बंद

एक दीया, एक तूफ़ान और एक भरोसा — पाँच बंदों में कवि जो कहते हैं, और हर बंद के अंत में जो आशा रखते हैं।

What you will be able to do

  • पाँचों बंदों का भाव क्रम से अपने शब्दों में बताना
  • यह समझाना कि कवि किन दीयों को जलाने और किन्हें बुझाने को कहते हैं
  • बुझ चुके दीयों के बारे में कवि की सोच बताना
  • हर बंद के अंत में रखी गई आशा को पहचानना

Key points

  • पहला बंद कहता है कि अपनेपन से भरे दीये जलाते चलो, तो एक दिन धरती का अँधेरा मिटेगा।

  • दूसरा बंद मानता है कि विज्ञान में अमावस को पूर्णिमा जैसा बना देने की शक्ति है।

  • फिर भी कवि दुखी हैं कि दिन के उजाले में ही दुनिया पर अँधेरा-सा घिरता जा रहा है।

  • जो दीये बिना स्नेह के जल रहे हैं, उन्हें कवि बुझा देने को कहते हैं, क्योंकि उनसे रास्ता नहीं मिलता।

  • तीसरा बंद याद दिलाता है कि पहला दीप मनुष्य ने ही जलाया और अँधेरे की चुनौती पहली बार उसी ने स्वीकार की।

  • तिमिर की नदी पार करने के लिए उसने दीये की नाव बनाई, जिसे बहाते रहने को कहा गया है।

  • चौथा बंद कहता है कि तूफ़ान ने युगों से अनगिनत दीये बुझाए, पर जो बुझते हुए ज्योति दे गए, उन्हीं से उजाला मिलेगा।

  • पाँचवाँ बंद कहता है कि धरती पर एक दिया भी बचा रहे, तो कभी न कभी रात को सवेरा मिलेगा।

Full explanation

कविता की बनावट

यह कविता पाँच बंदों में चलती है। हर बंद की पंक्तियाँ एक ही लय में आती हैं। हर बंद के अंत में एक ऐसी पंक्ति है जो कोई न कोई भरोसा दे जाती है। इसी दोहराव से कविता का ढाँचा बन जाता है, और पढ़ने वाला हर बार उसी भरोसे पर आकर रुकता है।

पहला बंद

“जलाते चलो ये दिये स्नेह भर-भर। कभी तो धरा का अँधेरा मिटेगा।”

उसका भाव

कवि कहते हैं कि दीये जलाते रहो, पर स्नेह भरकर। ‘स्नेह’ का अर्थ तेल भी है और प्रेम भी, इसलिए बात दोनों की है। भरोसा यह है कि धरती का अँधेरा एक दिन मिटेगा ही। ध्यान दीजिए कि कवि समय नहीं बताते; वे केवल इतना कहते हैं कि कभी न कभी ऐसा होगा।

दूसरा बंद

“भले शक्ति विज्ञान में है निहित वह कि जिससे अमावस बने पूर्णिमा-सी, मगर विश्व पर आज क्यों दिवस ही में घिरी आ रही है अमावस निशा-सी।”

विज्ञान के बाद भी अँधेरा

कवि विज्ञान की शक्ति मानते हैं। उसमें इतना बल है कि वह बिना चाँद वाली रात को पूरे चाँद जैसी बना दे। फिर भी उनका प्रश्न यह है कि इतनी रोशनी के बाद दिन में ही अँधेरा-सा क्यों घिरता जा रहा है।

कौन-से दीये बुझाएँ

इसी बंद में वे कहते हैं कि जो विद्युत-दिये बिना स्नेह के जल रहे हैं, उन्हें बुझा दो, क्योंकि उनसे रास्ता नहीं मिलेगा। भाव यह है कि जो रोशनी अपनेपन से नहीं आती, वह किसी का पथ नहीं बनाती। चमक और उजाला दो अलग बातें हैं, और कवि दूसरी वाली माँग रहे हैं।

तीसरा बंद

“जला दीप पहला तुम्हीं ने तिमिर की चुनौती प्रथम बार स्वीकार की थी, तिमिर की सरित पार करने तुम्हीं ने बना दीप की नाव तैयार की थी।”

यह किससे कहा गया है

यह मनुष्य से कहा गया है। कवि उसे उसकी पुरानी जीत याद दिलाते हैं। अँधेरे को चुनौती देने वाला पहला दीप उसी ने जलाया था। अँधेरे की नदी पार करने के लिए नाव भी उसी ने बनाई थी।

नाव बहाते चलो

इसीलिए वे कहते हैं कि उस नाव को निरंतर बहाते चलो, तो कभी न कभी अँधेरे का किनारा भी मिलेगा। यानी कोशिश रुकनी नहीं चाहिए। कवि नाव किनारे लगने का समय नहीं बताते, वे केवल चलते रहने को कहते हैं।

चौथा बंद

“युगों से तुम्हीं ने तिमिर की शिला पर दिये अनगिनत हैं निरंतर जलाए, समय साक्षी है कि जलते हुए दीप अनगिन तुम्हारे पवन ने बुझाए।”

हार भी और जीत भी

कवि यहाँ एक कड़वी बात मान लेते हैं। तूफ़ान ने युगों से अनगिनत दीये बुझाए हैं, और इतिहास इसका गवाह है। पर वे तुरंत जोड़ देते हैं कि जो दीये बुझते हुए भी अपनी ज्योति दे गए, उन्हीं से अँधेरे को उजाला मिलेगा। यानी हार और जीत, दोनों एक ही बंद में रख दी गई हैं।

पाँचवाँ बंद

“दिये और तूफ़ान की यह कहानी चली आ रही और चलती रहेगी, जली जो प्रथम बार लौ दीप की स्वर्ण-सी जल रही और जलती रहेगी।”

अंतिम शर्त

कवि मानते हैं कि यह लड़ाई कभी खत्म नहीं होगी। पर जो पहली लौ जली थी, वह सोने की तरह आज भी जल रही है। अंत में वे केवल एक शर्त रखते हैं — धरती पर एक दिया भी बचा रहे, तो कभी न कभी रात को सवेरा मिल जाएगा।

पूरी कविता एक नज़र में

कविता किसी चमत्कार का वादा नहीं करती। वह मानती है कि अँधेरा कठोर है, तूफ़ान बलवान है, और बहुत दीये बुझ चुके हैं। फिर भी उसका पूरा भरोसा एक बचे हुए दीये पर टिका है, और यही इसे आशा की कविता बनाता है। जब तक एक भी भला प्रयास बाकी है, तब तक हार मान लेने का कोई कारण नहीं बनता।

Concepts and terms

स्नेह

इस कविता में इस शब्द के दो अर्थ एक साथ चलते हैं। दीये में पड़ने वाला तेल भी स्नेह कहलाता है, और मन का प्रेम भी। इसी दोहरे अर्थ से पहली पंक्ति गहरी हो जाती है।

तिमिर

गहरा अँधेरा। कविता में यह केवल रात का अँधेरा नहीं, बल्कि दुनिया की समस्याओं, दुख और अज्ञान का नाम है, इसलिए उससे लड़ने की बात बार-बार आती है।

विद्युत-दिये

बिजली से जलने वाले उपकरण, जैसे बल्ब। कवि उनके विरोधी नहीं हैं, पर वे उन्हें बुझाने को कहते हैं जो बिना अपनेपन के, केवल दिखावे के लिए जल रहे हों।

सरित

नदी। कवि अँधेरे को नदी कहते हैं, जिसे पार करना पड़ता है, और दीये को उस नदी में चलने वाली नाव, जिसे रुकने नहीं देना है।

सावधान!

सच या भ्रम?

Case Study

Scenario:

कक्षा ने पाँचों बंद पढ़े और एक बात देखी। हर बंद के अंत में वही पंक्ति लौटकर आती है। रोहित ने पूछा कि एक ही बात पाँच बार क्यों कही गई। सना ने कहा कि हर बार उससे पहले की बात बदल जाती है। कभी तूफ़ान आता है और कभी अँधेरा गहरा जाता है। लौटती पंक्ति हर बार नई कठिनाई का उत्तर बनती है। अध्यापिका ने कक्षा से पाँचों बंद बारी-बारी बुलवाए। एक बच्चा कठिनाई बोलता और पूरी कक्षा लौटती पंक्ति बोलती। तब बच्चों को समझ आया कि दोहराव कमज़ोरी नहीं, ज़िद है।

Analysis:

लौटती पंक्ति हर बार वही रहती है, पर उसके सामने खड़ी कठिनाई बदलती जाती है। इसी से वह हर बार नई सुनाई देती है।

Activity:

अपनी कोई एक पंक्ति चुनो। उसके पहले तीन अलग कठिनाइयाँ लिखकर तीन बंद बनाओ।

घर पर करके देखो

Title:

एक दीये जितना काम

Safety:

यह काम केवल लिखने का है; कोई ऐसा काम मत चुनो जिसमें आग या बिजली हो।

What You Notice:

छोटे-छोटे काम जुड़कर एक सप्ताह में अच्छी-खासी सूची बन जाते हैं। कविता का दीया इसी छोटे काम का दूसरा नाम है।

Did you know

‘स्नेह’ शब्द का अर्थ तेल भी होता है और प्रेम भी, इसलिए ‘स्नेह भर-भर’ में दोनों बातें एक साथ कही जा रही हैं।

कवि विज्ञान को नकारते नहीं; वे मानते हैं कि उसमें अमावस को पूर्णिमा जैसा बनाने की शक्ति है।

कविता में अँधेरे को कभी पत्थर कहा गया है और कभी नदी, यानी वह कठोर भी है और गहरा भी।

Memory tricks

पाँचों बंदों का क्रम — जलाओ-बुझाओ-बहाओ-ज्योति-एक दिया — जलाते चलो, बिना स्नेह वाले बुझाओ, नाव बहाओ, बुझकर भी ज्योति, और अंत में एक दिया।

हर बंद का अंत — मिटेगा-सकेगा-मिलेगा-मिलेगा-मिलेगा — हर बंद किसी न किसी भरोसे पर जाकर रुकता है।

Practice MCQs with answers (20)

Q1 कविता कितने बंदों में चलती है? beginner
  • A तीन
  • B पाँच
  • C सात
  • D नौ
Show answer
Answer: पाँच
Why:

हर बंद के अंत में एक आशा वाली पंक्ति है।

Q2 कविता के पहले बंद में एक शब्द आता है जिसके दो अर्थ एक साथ चलते हैं। ‘स्नेह’ शब्द के यहाँ कौन-से दो अर्थ हैं? intermediate
  • A पानी और आग
  • B मिट्टी और तेल
  • C आग और प्रेम
  • D तेल और प्रेम
Show answer
Answer: तेल और प्रेम
Why:

दीये में तेल पड़ता है और मन में प्रेम।

Q3 पहले बंद में कवि क्या करने को कहते हैं? advanced
  • A स्नेह भरकर दीये जलाते चलने को
  • B चुपचाप अँधेरे में बैठे रह जाने को
  • C तूफ़ान से बचने को
  • D नई बत्तियाँ लगाने को
Show answer
Answer: स्नेह भरकर दीये जलाते चलने को
Why:

भरोसा यह है कि अँधेरा एक दिन मिटेगा।

Q4 ‘धरा’ का अर्थ क्या है? beginner
  • A आकाश
  • B समुद्र
  • C धरती
  • D पर्वत
Show answer
Answer: धरती
Why:

उसी का अँधेरा मिटाने की बात है।

Q5 कवि बिजली और यंत्रों की शक्ति से इनकार नहीं करते। कवि विज्ञान के बारे में क्या मानते हैं? intermediate
  • A वह बिलकुल व्यर्थ है
  • B वह केवल हानि करता है
  • C उसमें बड़ी शक्ति है
  • D वह अँधेरा बढ़ाता है
Show answer
Answer: उसमें बड़ी शक्ति है
Why:

वह अमावस को पूर्णिमा जैसा बना सकता है।

Q6 कवि के मन में एक चिंता है, जो रात की नहीं दिन की है। कवि की चिंता क्या है? advanced
  • A बिजली बहुत महँगी है
  • B दिन में ही अँधेरा घिर रहा है
  • C दीपक बनने बंद हो गए
  • D लोग अब रात को जागते ही नहीं हैं
Show answer
Answer: दिन में ही अँधेरा घिर रहा है
Why:

इतनी रोशनी के बाद भी यह हो रहा है।

Q7 कविता में बिजली से जलने वाले उपकरणों के लिए एक नया शब्द गढ़ा गया है। ‘विद्युत-दिये’ क्या हैं? beginner
  • A मिट्टी के दीपक
  • B मोम से बनी हुई लंबी बत्तियाँ
  • C आकाश के तारे
  • D बिजली से जलने वाले उपकरण
Show answer
Answer: बिजली से जलने वाले उपकरण
Why:

बल्ब जैसे उपकरण इसी में आते हैं।

Q8 कवि कौन-से दीये बुझाने को कहते हैं? intermediate
  • A जो बिना स्नेह के जल रहे हैं
  • B जो बहुत पुराने हो गए हैं
  • C जो हवा में काँप रहे हैं
  • D जो बहुत छोटे हैं
Show answer
Answer: जो बिना स्नेह के जल रहे हैं
Why:

उनसे रास्ता नहीं मिल सकेगा।

Q9 अभिकथन: कवि बिना स्नेह के जल रहे दीये बुझा देने को कहते हैं। कारण: ऐसे दीयों से राह दिखाई नहीं देती। advanced
  • A दोनों सही हैं; कारण अभिकथन को समझाता है
  • B दोनों सही हैं; कारण अभिकथन को नहीं समझाता
  • C अभिकथन सही है; परंतु उसका कारण ग़लत है
  • D अभिकथन ग़लत है; परंतु उसका कारण सही है
Show answer
Answer: दोनों सही हैं; कारण अभिकथन को समझाता है
Why:

दोनों सही हैं, और कारण ही कवि की कसौटी है। दीये का काम चमकना नहीं, पथ दिखाना है।

Q10 ‘जला दीप पहला तुम्हीं ने’ — यह किससे कहा गया है? beginner
  • A तूफ़ान से
  • B दीपकों से
  • C मनुष्य से
  • D तिमिर से
Show answer
Answer: मनुष्य से
Why:

कवि मनुष्य को उसकी पहली जीत याद दिला रहे हैं।

Q11 ‘सरित’ का अर्थ क्या है? intermediate
  • A पर्वत
  • B नदी
  • C जंगल
  • D रास्ता
Show answer
Answer: नदी
Why:

अँधेरे को यहाँ नदी कहा गया है।

Q12 कवि दीये को नदी में तैरती एक छोटी नाव के रूप में देखते हैं। दीये की नाव किसलिए बनाई गई थी? advanced
  • A मछली पकड़ने के लिए
  • B किसी दूर की यात्रा पर जाने के लिए
  • C सामान ढोने के लिए
  • D अँधेरे की नदी पार करने के लिए
Show answer
Answer: अँधेरे की नदी पार करने के लिए
Why:

उसे निरंतर बहाते रहने को कहा गया है।

Q13 नाव को बहाते रहने पर अंत में कुछ मिलने की आशा कवि देते हैं। नाव बहाते रहने पर क्या मिलेगा? beginner
  • A नई नाव
  • B और दीये
  • C बहुत-सा धन और सोना
  • D तिमिर का किनारा
Show answer
Answer: तिमिर का किनारा
Why:

यानी कठिनाइयों से एक दिन छुटकारा मिलेगा।

Q14 ‘तिमिर की शिला’ से क्या भाव बनता है? advanced
  • A कि अँधेरा पत्थर की तरह कठोर और भारी है
  • B कि अँधेरा बहुत ही हल्का और पतला-सा ही है
  • C कि अँधेरा देखने में बड़ा सुंदर लगता है
  • D कि अँधेरा अपने आप जल्दी हट जाता है
Show answer
Answer: कि अँधेरा पत्थर की तरह कठोर और भारी है
Why:

शिला का अर्थ चट्टान है। कवि अँधेरे को ऐसी चट्टान कहते हैं जिसे तोड़े बिना रास्ता नहीं बनता।

Q15 तूफ़ान ने क्या किया? advanced
  • A बहुत सारी नई नावें बनाईं
  • B अँधेरा बढ़ाया
  • C अनगिनत दीये बुझाए
  • D नदी सुखा दी
Show answer
Answer: अनगिनत दीये बुझाए
Why:

कवि कहते हैं कि समय इसका गवाह है।

Q16 कवि अपनी बात के समर्थन में इतिहास को गवाह बनाते हैं। ‘समय साक्षी है’ का अर्थ क्या है? beginner
  • A समय बहुत तेज़ है
  • B यह बात इतिहास से सिद्ध है
  • C समय रुक गया है
  • D समय का पता नहीं चलता
Show answer
Answer: यह बात इतिहास से सिद्ध है
Why:

‘साक्षी’ का अर्थ गवाह होता है।

Q17 कविता के भाव पर इन कथनों पर विचार कीजिए। I. कवि बुझ चुके दीयों को भी व्यर्थ नहीं मानते। II. कवि विज्ञान को बिलकुल व्यर्थ बताते हैं। III. कविता की शर्त है कि धरती पर एक दिया भी बचा रहे। कौन-से कथन सही हैं? advanced
  • A केवल I और II
  • B केवल II और III
  • C केवल I और III
  • D I, II और III
Show answer
Answer: केवल I और III
Why:

I और III सही हैं। II सही नहीं है: कवि विज्ञान में बड़ी शक्ति मानते हैं; उनकी चिंता उसके बिना स्नेह जलने पर है।

Q18 मनुष्य ने जो पहली लौ जलाई, कवि उसे किसी बहुमूल्य धातु जैसा कहते हैं। पहली लौ की तुलना किससे की गई है? advanced
  • A चाँद से
  • B सोने से
  • C सूरज से
  • D तारे से
Show answer
Answer: सोने से
Why:

वह आज भी जल रही है और जलती रहेगी।

Q19 दीये और तूफ़ान की कहानी के बारे में कवि क्या कहते हैं? beginner
  • A वह खत्म हो चुकी है
  • B वह कभी थी ही नहीं
  • C वह अभी शुरू हुई है
  • D वह चलती रहेगी
Show answer
Answer: वह चलती रहेगी
Why:

यह लड़ाई सदा से चली आ रही है।

Q20 कविता के अंत में कवि एक ही शर्त रखकर आशा बनाए रखते हैं। कविता की अंतिम शर्त क्या है? intermediate
  • A धरती पर एक दिया भी बचा रहे
  • B तूफ़ान रुक जाए
  • C सब लोग मिलकर एक साथ खड़े हो जाएँ
  • D आकाश साफ़ हो जाए
Show answer
Answer: धरती पर एक दिया भी बचा रहे
Why:

तभी निशा को सवेरा मिलेगा।

Important short questions (6)

पहले बंद का भाव अपने शब्दों में लिखिए।

कवि कहते हैं कि दीये जलाते चलो, पर उनमें स्नेह भरकर। स्नेह का अर्थ तेल भी है और प्रेम भी। उनका भरोसा है कि ऐसा करते रहने से धरती का अँधेरा एक दिन मिटेगा ही।

विज्ञान की शक्ति मानते हुए भी कवि दुखी क्यों हैं?

वे मानते हैं कि विज्ञान बिना चाँद वाली रात को पूरे चाँद जैसी बना सकता है। पर उनका दुख दूसरा है। इतनी रोशनी के बाद भी दुनिया पर दिन में ही अँधेरा-सा घिरता जा रहा है।

कवि किन दीयों को बुझाने के लिए कहते हैं और क्यों?

वे उन विद्युत-दीयों को बुझाने के लिए कहते हैं जो बिना स्नेह के जल रहे हैं। उनका भाव यह है कि जो रोशनी अपनेपन से नहीं आती, वह किसी का रास्ता नहीं बनाती। वह कितनी ही तेज़ क्यों न हो।

तीसरे बंद में कवि मनुष्य को क्या याद दिलाते हैं?

वे याद दिलाते हैं कि पहला दीप मनुष्य ने ही जलाया था। अँधेरे को चुनौती भी पहली बार उसी ने दी थी। नदी पार करने के लिए नाव भी उसी ने बनाई थी, इसलिए अब रुकना ठीक नहीं।

बुझ चुके दीयों के बारे में कवि की सोच क्या है?

वे मानते हैं कि तूफ़ान ने युगों से अनगिनत दीये बुझाए हैं। पर जो दीये बुझते हुए भी अपनी ज्योति दे गए, उन्हीं से अँधेरे को उजाला मिलेगा। इसलिए उनका बुझना व्यर्थ नहीं गया।

कविता की अंतिम पंक्तियाँ क्या भरोसा देती हैं?

कवि कहते हैं कि धरती पर एक दिया भी बचा रहे, तो कभी न कभी रात को सवेरा मिल ही जाएगा। इसका भाव यह है कि एक भला व्यक्ति भी बचा रहे तो आशा नहीं टूटती।

Long answer questions (3)

पहले तीन बंदों का भाव क्रम से लिखिए।

पहला बंद कहता है कि स्नेह भरकर दीये जलाते चलो। स्नेह का अर्थ तेल भी है और प्रेम भी। भरोसा यह है कि धरती का अँधेरा एक दिन मिटेगा। दूसरा बंद विज्ञान की शक्ति मानता है, जो बिना चाँद वाली रात को पूरे चाँद जैसी बना सकती है। पर कवि पूछते हैं कि फिर दिन में ही अँधेरा क्यों घिर रहा है। इसी बंद में वे कहते हैं कि बिना स्नेह जलते दीये बुझा दो, क्योंकि उनसे पथ नहीं मिलता। तीसरा बंद मनुष्य को याद दिलाता है कि पहला दीप उसी ने जलाया था और नाव भी उसी ने बनाई थी। इसलिए उस नाव को बहाते रहो, किनारा मिलेगा।

अंतिम दो बंदों का भाव लिखिए।

चौथा बंद एक कड़वी बात से शुरू होता है। कवि मानते हैं कि मनुष्य ने युगों से अँधेरे की कठोर शिला पर अनगिनत दीये जलाए। पर तूफ़ान ने उन्हें बुझा भी दिया, और समय इसका गवाह है। फिर वे तुरंत जोड़ते हैं कि जो दीये बुझते हुए भी ज्योति दे गए, उन्हीं से उजाला मिलेगा। पाँचवाँ बंद कहता है कि यह लड़ाई सदा से चली आ रही है। वह आगे भी चलती रहेगी। पर जो पहली लौ जली थी, वह सोने की तरह आज भी जल रही है। अंत में कवि केवल एक शर्त रखते हैं। धरती पर एक दिया भी बचा रहे, तो रात को सवेरा मिलेगा।

यह कविता निराशा की नहीं, आशा की कविता है — सिद्ध कीजिए।

कविता कठिनाइयों को छिपाती नहीं। वह मानती है कि अँधेरा पत्थर जैसा कठोर है और नदी जैसा गहरा भी। वह यह भी मान लेती है कि तूफ़ान ने अनगिनत दीये बुझाए हैं। फिर भी हर बंद के अंत में एक भरोसा रखा गया है। पहले बंद में अँधेरा मिटने का, तीसरे में किनारा मिलने का। चौथे में उजाला मिलने का, और पाँचवें में सवेरा मिलने का। सबसे बड़ी बात अंतिम शर्त है। वहाँ कवि पूरी आशा एक बचे हुए दीये पर टिका देते हैं। यानी जब तक एक भी भला प्रयास बाकी है, हार मानने का कारण नहीं। इसीलिए यह आशा जगाने वाली कविता कहलाती है।

Flashcards (15)

कविता में कितने बंद हैं?
पाँच।
‘स्नेह’ के दो अर्थ?
तेल और प्रेम।
पहले बंद का भरोसा क्या है?
कि धरती का अँधेरा एक दिन मिटेगा।
विज्ञान में कौन-सी शक्ति बताई गई है?
अमावस को पूर्णिमा जैसा बना देने की।
कवि का बड़ा प्रश्न क्या है?
कि दिन में ही अँधेरा क्यों घिर रहा है।
कौन-से दीये बुझाने को कहा गया?
जो बिना स्नेह के जल रहे हैं।
उन्हें बुझाने का कारण?
कि उनसे रास्ता नहीं मिल सकेगा।
‘जला दीप पहला तुम्हीं ने’ किससे कहा गया?
मनुष्य से।
‘सरित’ का अर्थ?
नदी।
दीये की नाव किसलिए बनी?
अँधेरे की नदी पार करने के लिए।
‘शिला’ का अर्थ?
पत्थर।
तूफ़ान ने क्या किया?
युगों से अनगिनत दीये बुझाए।
बुझे दीयों के बारे में कवि क्या कहते हैं?
कि वे बुझकर भी ज्योति दे गए।
पहली लौ की तुलना किससे की गई?
सोने से।
कविता की अंतिम शर्त?
कि धरती पर एक दिया भी बचा रहे।

Play this topic

  • बंदों का क्रम जमाओ
  • शब्द और अर्थ
  • जलाने वाला या बुझाने वाला?
  • सच या भ्रम
  • झटपट उत्तर

प्रतीक, शब्द और कविता की रचना

निशा और सवेरा किसके नाम हैं, एक ही शब्द के दो-दो रूप, सा/सी/से का काम, और वह लय जिससे यह कविता चलती है।

What you will be able to do

  • कविता के शब्दों को अँधेरे और उजाले के दो समूहों में बाँटना
  • निशा और सवेरा का प्रतीकार्थ समझाना
  • एक ही शब्द के दो-दो रूप पहचानना और उनका कारण बताना
  • सा, सी और से के प्रयोग तथा कविता की लय की विशेषता बताना

Key points

  • कविता में निशा का सीधा अर्थ रात है, पर यहाँ वह दुख, कठिनाई और अज्ञान की प्रतीक है।

  • सवेरे का सीधा अर्थ सुबह है, पर यहाँ वह सुख, उजाले और भलाई का प्रतीक है।

  • अँधेरे की ओर के शब्द हैं तिमिर, अमावस, निशा, तूफ़ान, शिला और बुझना।

  • उजाले की ओर के शब्द हैं दिये, ज्योति, लौ, पूर्णिमा, स्वर्ण, सवेरा और जलना।

  • एक ही शब्द के दो रूप कविता में मिलते हैं — दिया और दीप, उजेला और उजाला, अनगिन और अनगिनत, अमावस और अमावस्या।

  • ‘सा’, ‘सी’ और ‘से’ समानता दिखाने के लिए आते हैं, और उनसे पहले योजक चिह्न लगता है।

  • कविता की हर पंक्ति को बोलने या गाने में लगभग समान समय लगता है, जिससे वह अधिक प्रभावशाली बनती है।

  • कविता की पंक्तियाँ 2–4, 2–4 के क्रम में बाँटी गई हैं।

Full explanation

प्रतीक क्या होता है

कुछ शब्द अपने सीधे अर्थ पर नहीं रुकते, वे कोई बड़ी बात भी कह जाते हैं। ऐसे शब्दों को प्रतीक कहते हैं। इस कविता का अर्थ केवल शब्दकोश से नहीं खुलता, क्योंकि उसके मुख्य शब्द प्रतीक ही हैं।

निशा और सवेरा

निशा का सीधा अर्थ रात है और सवेरे का सुबह। पर यहाँ कवि दिन-रात की बात नहीं कर रहे। निशा दुख, कठिनाई और अज्ञान की प्रतीक है, और सवेरा सुख, उजाले और भलाई का।

दो समूह

इसी कारण कविता के शब्दों को दो समूहों में बाँटा जा सकता है। एक ओर हैं तिमिर, अमावस, निशा, तूफ़ान, शिला और बुझना। दूसरी ओर हैं दिये, ज्योति, लौ, पूर्णिमा, स्वर्ण, सवेरा और जलना।

समूह बनाने का लाभ

यह बँटवारा करते ही कविता खुल जाती है। पहला समूह हर उस चीज़ का नाम है जो रास्ता रोकती है, और दूसरा हर उस चीज़ का जो रास्ता दिखाती है। पूरी कविता इन्हीं दो पक्षों की लड़ाई है। इसीलिए कविता पढ़ते समय यह देखते चलना चाहिए कि कौन-सा शब्द किस पक्ष का है।

एक शब्द, दो रूप

कविता में कुछ शब्द दो-दो रूपों में मिलते हैं। ‘दिया’ के साथ ‘दीप’ आता है, ‘उजाला’ के साथ ‘उजेला’, ‘अनगिनत’ के साथ ‘अनगिन’, और ‘अमावस्या’ के साथ ‘अमावस’।

ऐसा होता क्यों है

इन दोनों रूपों का अर्थ एक ही रहता है, बस लिखने-बोलने में थोड़ा अंतर आ जाता है। कविता बोलकर भी चलती है, और बोलने में शब्द थोड़े छोटे या सरल हो जाते हैं। कवि वही रूप चुनते हैं जो लय में ठीक बैठे। इससे यह भी पता चलता है कि कविता में शब्द केवल अर्थ के लिए नहीं, चाल के लिए भी चुने जाते हैं।

शब्द बदलने से अर्थ बदलता है

पाठ एक सुंदर प्रयोग कराता है। ‘जलाते चलो’ में ‘चलो’ की जगह ‘रहो’ रखकर पढ़िए। पंक्ति गलत नहीं होती, पर उसमें से आगे बढ़ते रहने का भाव निकल जाता है। ‘चलो’ में गति है, ‘रहो’ में केवल ठहराव।

ठीक शब्द चुनना

इसी तरह नाव के लिए नैया, नाव और नौका, तीनों चल सकते थे। किनारे के लिए तट, तीर और किनारा। कवि ने वही चुना जो लय में भी बैठे और भाव में भी। यही शब्द-चयन कहलाता है। एक ही अर्थ वाले कई शब्दों में से ठीक शब्द छाँट लेना कविता लिखने का सबसे कठिन हिस्सा माना जाता है।

सा, सी और से

कविता में ‘अमावस निशा-सी’ और ‘स्वर्ण-सी’ आया है। यहाँ ‘सी’ समानता दिखाने के लिए है — अँधेरा अमावस की रात जैसा, और लौ सोने जैसी।

योजक चिह्न का नियम

जब ‘सा’, ‘सी’ या ‘से’ इस तरह समानता के लिए आएँ, तब उनसे पहले योजक चिह्न लगाया जाता है। इसीलिए कविता में ‘निशा-सी’ और ‘स्वर्ण-सी’ लिखा मिलता है।

कविता की लय

अब रचना की सबसे बड़ी विशेषता। कविता की किसी भी दो पंक्तियों को गाकर देखिए, दोनों में लगभग बराबर समय लगेगा। हाथ से ताल देकर पढ़ने पर यह और साफ़ हो जाता है।

लय का लाभ

इसी समानता के कारण कविता अधिक प्रभावशाली बनती है। वह गाई जा सकती है, जल्दी याद हो जाती है, और उसका भाव सुनने वाले तक सीधा पहुँचता है।

पंक्तियों की बनावट

कविता की पंक्तियाँ 2–4, 2–4 के क्रम में बाँटी गई हैं। हर बंद के अंत में दो पंक्तियाँ ऐसी आती हैं जो कोई भरोसा दे जाती हैं, और वहीं बंद रुक जाता है।

पंक्ति को वाक्य बनाना

कविता में शब्दों का क्रम बदला हुआ होता है, क्योंकि लय सँभालनी होती है। उसी क्रम को सीधा कर देने पर सरल वाक्य बन जाता है। जैसे ‘बहाते चलो नाव तुम वह निरंतर’ को सीधा करके लिखें तो बनता है — तुम वह नाव निरंतर बहाते चलो। इससे पंक्ति का अर्थ पकड़ना आसान हो जाता है।

Concepts and terms

प्रतीक

वह शब्द जो अपने सीधे अर्थ के अलावा कोई बड़ी बात भी कहे। इस कविता में दीया, तूफ़ान, निशा और सवेरा — चारों प्रतीक हैं, इसलिए कविता का अर्थ शब्दकोश से नहीं खुलता।

लय

पंक्तियों की वह चाल जिससे उन्हें गाया जा सके। यहाँ हर पंक्ति को बोलने में लगभग समान समय लगता है, इसलिए कविता पढ़ते ही मन में बैठ जाती है।

योजक चिह्न

दो शब्दों को जोड़ने वाली छोटी रेखा। जब ‘सा’, ‘सी’ या ‘से’ समानता दिखाने के लिए आते हैं, तब उनसे पहले यही चिह्न लगता है, जैसे निशा-सी।

शब्द-चयन

कविता में हर शब्द सोच-समझकर चुना जाता है। एक ही अर्थ वाले कई शब्दों में से कवि वही चुनते हैं जो लय और भाव, दोनों में ठीक बैठे।

सावधान!

सच या भ्रम?

असल जीवन: एक शब्द बदलने पर

Scenario:

कक्षा छह के बच्चों को विद्यालय की दीवार पत्रिका के लिए एक पंक्ति लिखनी थी। सबने मिलकर तय किया कि पंक्ति सफ़ाई पर होगी। पहले उन्होंने लिखा — विद्यालय को साफ़ रखो। शिक्षिका ने कहा कि पंक्ति ठीक है, पर एक बार ‘रखो’ की जगह ‘रखते चलो’ लिखकर देखो। बच्चों ने दोनों पंक्तियाँ बोर्ड पर लिखीं और ज़ोर से पढ़ीं। फिर उन्होंने ‘साफ़’ की जगह ‘सुंदर’ रखकर भी पढ़ा। कक्षा में इस पर देर तक बहस चली कि किस पंक्ति को दीवार पर लगाया जाए।

Analysis:

पढ़ते ही अंतर दिखने लगा। ‘रखो’ में एक आदेश था, जो एक बार का काम लगता है। ‘रखते चलो’ में रोज़ करते रहने का भाव आ गया। इसी तरह ‘साफ़’ में केवल गंदगी न होना था, जबकि ‘सुंदर’ में उससे कुछ अधिक जुड़ गया। शिक्षिका ने तब पाठ की पंक्ति याद दिलाई, जहाँ ‘जलाते चलो’ में ‘चलो’ की जगह ‘रहो’ रखने पर आगे बढ़ते रहने का भाव निकल जाता है। अंत में बच्चों ने वही पंक्ति चुनी जिसमें चलते रहने का भाव था, और यह भी लिखा कि उन्होंने वह क्यों चुनी।

Activity:

अपनी लेखन-पुस्तिका में कोई एक सीख वाली पंक्ति लिखिए। फिर उसमें केवल एक शब्द बदलकर दूसरी पंक्ति बनाइए। दोनों को समूह में पढ़कर सुनाइए और पूछिए कि भाव में क्या अंतर आया।

घर पर करके देखो

Title:

ताल देकर पढ़ो

Safety:

ताल हल्की देना; मेज़ पर ज़ोर से हाथ मत मारना।

What You Notice:

इस कविता की हर पंक्ति पर लगभग बराबर ताल पड़ती है। यही समान लय उसे गाने लायक और याद रहने लायक बनाती है।

Did you know

‘चलो’ की जगह ‘रहो’ रख देने पर पंक्ति गलत नहीं होती, पर उसमें से आगे बढ़ते रहने का भाव निकल जाता है।

कविता की पंक्तियों को हाथ से ताल देकर पढ़ा जाए, तो हर पंक्ति पर लगभग बराबर ताल पड़ती है।

पुराने शब्दों के दो-दो रूप इसलिए बन जाते हैं कि कविता बोलकर भी चलती रही है, केवल लिखकर नहीं।

Memory tricks

दो समूह — निशा-पक्ष और सवेरा-पक्ष — तिमिर, अमावस, तूफ़ान एक ओर; दिये, ज्योति, लौ दूसरी ओर।

दो-दो रूप — दिया-दीप, उजेला-उजाला, अनगिन-अनगिनत — अर्थ एक, लिखने-बोलने में थोड़ा अंतर।

Practice MCQs with answers (20)

Q1 कविता में दीया और अँधेरा अपने सीधे अर्थ से बड़ी बात कहते हैं। प्रतीक किसे कहते हैं? beginner
  • A जिसका अपना कोई सीधा-सादा अर्थ ही न हो
  • B जो बहुत पुराना हो
  • C जो सीधे अर्थ के साथ बड़ी बात भी कहे
  • D जो बहुत लंबा हो
Show answer
Answer: जो सीधे अर्थ के साथ बड़ी बात भी कहे
Why:

इस कविता के मुख्य शब्द प्रतीक ही हैं।

Q2 ‘निशा’ का सीधा अर्थ क्या है? intermediate
  • A रात
  • B सुबह
  • C शाम
  • D दोपहर
Show answer
Answer: रात
Why:

पर कविता में वह प्रतीक बन जाती है।

Q3 कविता में रात का नाम लेकर कवि किसी और बात की ओर संकेत करते हैं। कविता में ‘निशा’ किसकी प्रतीक है? advanced
  • A ठंड की
  • B नींद की
  • C किसी लंबी यात्रा की
  • D दुख और अज्ञान की
Show answer
Answer: दुख और अज्ञान की
Why:

इसीलिए उससे लड़ने की बात है।

Q4 कविता में ‘सवेरा’ किसका प्रतीक है? beginner
  • A गर्मी का
  • B सुख और भलाई का
  • C काम की शुरुआत का
  • D भूख का
Show answer
Answer: सुख और भलाई का
Why:

वह निशा के उलटे भाव में आता है।

Q5 कक्षा में कविता के शब्दों को अँधेरे और उजाले के दो समूहों में बाँटा जा रहा है। इनमें कौन-सा शब्द अँधेरे वाले समूह का है? intermediate
  • A ज्योति
  • B लौ
  • C पूर्णिमा
  • D शिला
Show answer
Answer: शिला
Why:

‘तिमिर की शिला’ अँधेरे की कठोरता बताती है।

Q6 इनमें कौन-सा शब्द उजाले वाले समूह का है? advanced
  • A तूफ़ान
  • B अमावस
  • C स्वर्ण
  • D तिमिर
Show answer
Answer: स्वर्ण
Why:

‘स्वर्ण-सी’ लौ की चमक बताता है।

Q7 कविता के प्रतीकों पर इन कथनों पर विचार कीजिए। I. कविता में ‘निशा’ दुख और अज्ञान की प्रतीक है। II. ‘शिला’ शब्द उजाले वाले समूह का है। III. कविता में ‘सवेरा’ सुख और भलाई का प्रतीक है। कौन-से कथन सही हैं? advanced
  • A केवल I और II
  • B केवल II और III
  • C केवल I और III
  • D I, II और III
Show answer
Answer: केवल I और III
Why:

I और III सही हैं। II सही नहीं है: शिला, तिमिर और अमावस अँधेरे वाले समूह में आते हैं; स्वर्ण, ज्योति और लौ उजाले वाले में।

Q8 कविता के कुछ शब्द आज की बोलचाल में थोड़े बदले रूप में चलते हैं। ‘उजेला’ का प्रचलित रूप कौन-सा है? intermediate
  • A उजड़ा
  • B उजाला
  • C उछला
  • D उबला
Show answer
Answer: उजाला
Why:

दोनों का अर्थ एक ही है।

Q9 ‘अनगिन’ का पूरा रूप क्या है? advanced
  • A अनमोल
  • B अनोखा
  • C अनगिनत
  • D अनजान
Show answer
Answer: अनगिनत
Why:

कविता में दोनों रूप चलते हैं।

Q10 कविता में एक ही वस्तु के लिए दो रूप आए हैं, जो लय के अनुसार बदलते हैं। ‘दिया’ का कविता में आया दूसरा रूप कौन-सा है? beginner
  • A दीवा
  • B दीया
  • C दीपक
  • D दीप
Show answer
Answer: दीप
Why:

‘जला दीप पहला’ में यही आया है।

Q11 अभिकथन: एक ही शब्द के दो-दो रूप कविता में मिलते हैं, जैसे दीप और दीया। कारण: यह कविता लिखी कम और बोली अधिक गई है। advanced
  • A दोनों सही हैं; कारण अभिकथन को समझाता है
  • B दोनों सही हैं; कारण अभिकथन को नहीं समझाता
  • C अभिकथन सही है; परंतु उसका कारण ग़लत है
  • D अभिकथन ग़लत है; परंतु उसका कारण सही है
Show answer
Answer: दोनों सही हैं; कारण अभिकथन को समझाता है
Why:

दोनों सही हैं, और कारण ही दोनों रूपों की जड़ है। लय सँभालने के लिए कवि वही रूप चुनता है जो पंक्ति में बैठ जाए।

Q12 ‘जलाते चलो’ में ‘चलो’ की जगह ‘रहो’ रखने से क्या होगा? advanced
  • A आगे बढ़ते रहने का भाव कम हो जाएगा
  • B पूरी पंक्ति व्याकरण की दृष्टि से गलत हो जाएगी
  • C पंक्ति का अर्थ पहले जैसा ही बना रहेगा
  • D पंक्ति पहले की तुलना में छोटी हो जाएगी
Show answer
Answer: आगे बढ़ते रहने का भाव कम हो जाएगा
Why:

‘रहो’ एक जगह टिके रहने का भाव देता है और ‘चलो’ आगे बढ़ने का। कविता यात्रा की बात कर रही है, ठहरने की नहीं।

Q13 कवि नाव के लिए कौन-सा शब्द चुन सकते थे? beginner
  • A नैया, नाव या नौका
  • B तट, तीर या किनारा
  • C धरा, धरती या भूमि
  • D प्रात:, सुबह या सवेरा
Show answer
Answer: नैया, नाव या नौका
Why:

तीनों का अर्थ एक ही है, पर लय अलग बैठती है।

Q14 कविता में पहली लौ की तुलना सोने से की गई है, और उसमें एक छोटा शब्द जुड़ा है। ‘स्वर्ण-सी’ में ‘सी’ का क्या काम है? intermediate
  • A गिनती बताना
  • B समानता दिखाना
  • C प्रश्न पूछना
  • D समय बताना
Show answer
Answer: समानता दिखाना
Why:

लौ को सोने जैसा बताया गया है।

Q15 ‘सा/सी/से’ से पहले कौन-सा चिह्न लगता है? advanced
  • A प्रश्न चिह्न
  • B विस्मय चिह्न
  • C पूर्ण विराम
  • D योजक चिह्न
Show answer
Answer: योजक चिह्न
Why:

इसीलिए निशा-सी लिखा जाता है।

Q16 कविता को ऊँचे स्वर में पढ़ने पर हर पंक्ति लगभग उतना ही समय लेती है। कविता की लय की सबसे बड़ी विशेषता क्या है? beginner
  • A हर एक बंद अपने अलग ही ढंग से चलता चला जाता है
  • B हर पंक्ति को बोलने में लगभग समान समय लगता है
  • C इसमें कोई लय नहीं है
  • D हर पंक्ति की लंबाई अलग है
Show answer
Answer: हर पंक्ति को बोलने में लगभग समान समय लगता है
Why:

ताल देकर पढ़ने पर यह साफ़ दिखता है।

Q17 इस समान लय से कविता को क्या मिलता है? intermediate
  • A वह अधिक प्रभावशाली बनती है
  • B वह लंबी हो जाती है
  • C वह कठिन हो जाती है
  • D उसका पूरा अर्थ ही बदल जाता है
Show answer
Answer: वह अधिक प्रभावशाली बनती है
Why:

वह गाई जा सकती है और जल्दी याद होती है।

Q18 कविता की पंक्तियाँ किस क्रम में बाँटी गई हैं? advanced
  • A 1 और 5 के क्रम में, बारी-बारी
  • B 3–3 के क्रम में
  • C 2–4, 2–4 के क्रम में
  • D सब बराबर
Show answer
Answer: 2–4, 2–4 के क्रम में
Why:

यह पाठ में दी गई जानकारी है।

Q19 कविता की कई पंक्तियों में शब्द उस क्रम में नहीं हैं जिस क्रम में हम बोलते हैं। ऐसा क्यों होता है? beginner
  • A लिखने में आसानी के लिए
  • B लय सँभालने के लिए
  • C पंक्ति छोटी करने के लिए
  • D अर्थ छिपाने के लिए
Show answer
Answer: लय सँभालने के लिए
Why:

क्रम सीधा करने पर सरल वाक्य बन जाता है।

Q20 कविता की एक पंक्ति को बोलचाल के क्रम में रखकर लिखना है। ‘बहाते चलो नाव तुम वह निरंतर’ का सीधा वाक्य क्या बनेगा? intermediate
  • A निरंतर नाव कहाँ है
  • B वह नाव निरंतर बहती चली जाएगी
  • C नाव बहाना कठिन है
  • D तुम वह नाव निरंतर बहाते चलो
Show answer
Answer: तुम वह नाव निरंतर बहाते चलो
Why:

केवल शब्दों का क्रम सीधा किया गया है।

Important short questions (6)

प्रतीक किसे कहते हैं? कविता से एक उदाहरण दीजिए।

जो शब्द अपने सीधे अर्थ के साथ कोई बड़ी बात भी कह जाए, उसे प्रतीक कहते हैं। इस कविता में दीया इसका उदाहरण है। वह मिट्टी का दीपक भी है और भलाई के काम का प्रतीक भी।

कविता के शब्दों को किन दो समूहों में बाँटा जा सकता है?

एक समूह अँधेरे की ओर का है, जिसमें तिमिर, अमावस, निशा, तूफ़ान और शिला आते हैं। दूसरा उजाले की ओर का है, जिसमें दिये, ज्योति, लौ, पूर्णिमा और सवेरा आते हैं।

एक ही शब्द के दो-दो रूप कविता में क्यों मिलते हैं?

दोनों रूपों का अर्थ एक ही रहता है। बस लिखने-बोलने में थोड़ा अंतर आ जाता है। कविता बोलकर भी चलती है, इसलिए कवि वही रूप चुनते हैं जो लय में ठीक बैठे, जैसे उजाला की जगह उजेला।

‘चलो’ के स्थान पर ‘रहो’ रखने से क्या अंतर आता है?

पंक्ति गलत नहीं होती, पर उसका भाव बदल जाता है। ‘चलो’ में आगे बढ़ते रहने की गति है, जबकि ‘रहो’ में केवल वहीं बने रहने का ठहराव है।

‘सा/सी/से’ का प्रयोग कब होता है और उनसे पहले क्या लगता है?

इनका प्रयोग समानता दिखाने के लिए होता है। कविता में ‘निशा-सी’ और ‘स्वर्ण-सी’ इसके उदाहरण हैं। ऐसे प्रयोग में इनसे पहले योजक चिह्न लगाया जाता है।

इस कविता की लय की क्या विशेषता है?

इसकी हर पंक्ति को बोलने या गाने में लगभग समान समय लगता है। हाथ से ताल देकर पढ़ने पर यह और साफ़ दिखता है, और इसी समानता के कारण कविता अधिक प्रभावशाली बन जाती है।

Long answer questions (3)

इस कविता के प्रतीकों को समझाइए।

प्रतीक वह शब्द होता है जो सीधे अर्थ के साथ कोई बड़ी बात भी कहे। इस कविता के चारों मुख्य शब्द प्रतीक ही हैं। दीया मिट्टी का दीपक भी है और उस भले काम का नाम भी, जो कोई व्यक्ति अपने आसपास करता है। तूफ़ान हवा भी है और वे कठिनाइयाँ भी जो हर भले प्रयास को रोकने आती हैं। निशा का सीधा अर्थ रात है, पर यहाँ वह दुख, कठिनाई और अज्ञान की प्रतीक है। सवेरे का सीधा अर्थ सुबह है, पर यहाँ वह सुख, उजाले और भलाई का प्रतीक है। इन्हीं प्रतीकों के कारण कविता का अर्थ शब्दकोश से नहीं, सोचने से खुलता है।

कविता में शब्दों के चुनाव का महत्व उदाहरण देकर बताइए।

कविता में हर शब्द सोच-समझकर रखा जाता है, क्योंकि उसे बदल देने पर अर्थ और सुंदरता, दोनों बदल सकते हैं। सबसे अच्छा उदाहरण ‘जलाते चलो’ है। यहाँ ‘चलो’ की जगह ‘रहो’ रख दें तो पंक्ति गलत नहीं होगी, पर आगे बढ़ते रहने का भाव निकल जाएगा। इसी तरह नाव के लिए नैया, नाव और नौका, तीनों शब्द चल सकते थे, और किनारे के लिए तट, तीर और किनारा। कवि ने हर बार वही चुना जो लय में भी बैठे और भाव में भी। एक और उदाहरण दो-दो रूपों का है, जैसे उजाला के साथ उजेला और अनगिनत के साथ अनगिन। अर्थ वही रहता है, पर लय के लिए छोटा रूप अधिक ठीक बैठता है।

इस कविता की रचना संबंधी विशेषताएँ लिखिए।

पहली विशेषता इसकी लय है। कविता की हर पंक्ति को बोलने या गाने में लगभग समान समय लगता है, जो हाथ से ताल देकर पढ़ने पर साफ़ दिख जाता है। इसी कारण कविता गाई जा सकती है और जल्दी याद हो जाती है। दूसरी विशेषता इसकी बनावट है, क्योंकि पंक्तियाँ 2–4, 2–4 के क्रम में बाँटी गई हैं। तीसरी विशेषता हर बंद का अंत है, जहाँ दो पंक्तियाँ कोई न कोई भरोसा देकर बंद को रोक देती हैं। चौथी विशेषता शब्दों का उलटा क्रम है, जो लय सँभालने के लिए रखा जाता है; उसे सीधा कर देने पर सरल वाक्य बन जाता है। इन सबके साथ ‘सी’ जैसे छोटे शब्द समानता दिखाकर चित्र बना देते हैं।

Flashcards (15)

प्रतीक किसे कहते हैं?
जो शब्द सीधे अर्थ के साथ कोई बड़ी बात भी कहे।
‘निशा’ का सीधा अर्थ?
रात।
कविता में ‘निशा’ किसकी प्रतीक है?
दुख, कठिनाई और अज्ञान की।
कविता में ‘सवेरा’ किसका प्रतीक है?
सुख, उजाले और भलाई का।
अँधेरे वाले समूह के तीन शब्द?
तिमिर, अमावस और तूफ़ान।
उजाले वाले समूह के तीन शब्द?
दिये, ज्योति और लौ।
‘उजेला’ का प्रचलित रूप?
उजाला।
‘अनगिन’ का पूरा रूप?
अनगिनत।
‘अमावस’ का दूसरा रूप?
अमावस्या।
दो-दो रूप बनने का कारण?
कविता बोलकर भी चलती है, इसलिए शब्द छोटे हो जाते हैं।
‘चलो’ की जगह ‘रहो’ रखने से क्या जाता है?
आगे बढ़ते रहने का भाव।
‘सा/सी/से’ किसलिए आते हैं?
समानता दिखाने के लिए।
उनसे पहले कौन-सा चिह्न लगता है?
योजक चिह्न।
कविता की लय की विशेषता?
हर पंक्ति को बोलने में लगभग समान समय लगता है।
पंक्तियाँ किस क्रम में बँटी हैं?
2–4, 2–4 के क्रम में।

Play this topic

  • अँधेरे का या उजाले का?
  • शब्द और उसका दूसरा रूप
  • सच या भ्रम
  • पंक्ति को वाक्य बनाओ
  • झटपट उत्तर

चाँद की कलाएँ, तिथिपत्र और कवि

अमावस्या और पूर्णिमा होती क्यों हैं, कृष्ण पक्ष और शुक्ल पक्ष क्या हैं, तिथिपत्र कैसे पढ़ा जाता है, और यह कविता किसने लिखी।

What you will be able to do

  • अमावस्या और पूर्णिमा होने का कारण समझाना
  • कृष्ण पक्ष और शुक्ल पक्ष में अंतर बताना
  • तिथिपत्र के एक पृष्ठ से तिथि और पक्ष पढ़ना
  • कवि का परिचय देना और ‘पवन’ के पर्यायवाची शब्द बताना

Key points

  • चाँद अपनी रोशनी नहीं बनाता; जो चमक हमें दिखती है, वह सूरज से आती है।

  • चंद्रमा पृथ्वी की परिक्रमा करता है, जबकि पृथ्वी सूर्य की परिक्रमा करती है।

  • इसी कारण चंद्रमा हमें घटता-बढ़ता दिखाई देता है और रोज़ एक-सा नहीं लगता।

  • जिन दिनों चंद्रमा की कलाएँ घटती हैं, उन्हें कृष्ण पक्ष कहते हैं; ‘कृष्ण’ का एक अर्थ काला है।

  • जिन दिनों कलाएँ बढ़ती हैं, उन्हें शुक्ल पक्ष कहते हैं; ‘शुक्ल’ का एक अर्थ उजला है।

  • कृष्ण पक्ष का अंत अमावस्या पर होता है और शुक्ल पक्ष का अंत पूर्णिमा पर।

  • तिथिपत्र में हर दिन के आगे तिथि और पक्ष दोनों लिखे रहते हैं, इसलिए उससे यह सब पढ़ा जा सकता है।

  • कवि द्वारिका प्रसाद माहेश्वरी बाल साहित्य के चर्चित रचनाकार हैं, जिनका जीवनकाल 1916 से 1998 तक रहा।

Full explanation

कविता से विज्ञान तक

कविता में एक पंक्ति आती है कि विज्ञान अमावस को पूर्णिमा जैसा बना सकता है। इसी बहाने पाठ हमें चाँद की ओर ले जाता है और पूछता है कि ये दोनों होती क्यों हैं।

चाँद रोज़ एक-सा नहीं दिखता

आकाश में रात को चाँद देखिए। वह कभी पूरा गोल दिखता है, कभी आधा, कभी पतली-सी रेखा, और कभी बिलकुल नहीं। यह बदलाव हर महीने दोहराया जाता है। यही कारण है कि पुराने समय से लोग चाँद देखकर ही दिन गिनते आए हैं।

सबसे ज़रूरी बात

चाँद के पास अपनी रोशनी है ही नहीं। जो चाँदनी दिखती है, वह सूरज की रोशनी है, जो चाँद पर पड़कर हमारी ओर लौटती है।

घूमना किसके चारों ओर

चंद्रमा पृथ्वी की परिक्रमा करता है, और पृथ्वी सूर्य की। इन्हीं दोनों चक्करों के कारण चाँद का वह भाग बदलता रहता है जो हमें चमकता हुआ दिखता है।

कला का अर्थ

चाँद का जो भाग हमें चमकता दिखता है, उसे कला कहते हैं। यही कला धीरे-धीरे बढ़ती है और धीरे-धीरे घटती भी है।

बढ़ते-बढ़ते पूर्णिमा

कला धीरे-धीरे बढ़ती रहती है और एक रात ऐसी आती है जब चाँद पूरा दिखने लगता है। उसी रात को पूर्णिमा कहते हैं, और उसका दूसरा नाम पूर्णमासी है। उस रात आकाश में सबसे अधिक चाँदनी होती है।

घटते-घटते अमावस्या

इसके बाद कला घटने लगती है। घटते-घटते एक रात ऐसी आती है जब आकाश में चाँद दिखाई ही नहीं देता। उसी रात को अमावस्या कहते हैं, जिसका छोटा रूप अमावस है। उस रात चाँद आकाश में रहता तो है, पर उसका चमकता भाग हमारी ओर नहीं होता।

दोनों पक्ष

जिन दिनों कलाएँ घटती जाती हैं, उन्हें कृष्ण पक्ष कहा जाता है। ‘कृष्ण’ का एक मतलब काला होता है, इसलिए नाम अपने आप ठीक बैठ जाता है।

उजला वाला पक्ष

जिन दिनों कलाएँ बढ़ती जाती हैं, उन्हें शुक्ल पक्ष कहा जाता है। ‘शुक्ल’ शब्द का एक अर्थ उजला है। इस तरह कृष्ण पक्ष अमावस्या पर जाकर रुकता है और शुक्ल पक्ष पूर्णिमा पर।

तिथिपत्र क्या है

तिथिपत्र वही है जिसे हम कैलेंडर कहते हैं। उसमें साल के सब महीनों की तिथियों की जानकारी दी जाती है, इसलिए वह केवल तारीख नहीं बताता।

तिथिपत्र कैसे पढ़ें

उसमें हर दिन की तारीख के नीचे तिथि लिखी होती है और साथ में कोष्ठक में पक्ष भी — कृष्ण या शुक्ल। इसी से पता चल जाता है कि उस दिन चाँद बढ़ रहा है या घट रहा है।

उससे क्या-क्या निकाला जा सकता है

तिथिपत्र देखकर बताया जा सकता है कि पूर्णिमा और अमावस्या किस तारीख को पड़ रही हैं, दोनों में कितने दिन का अंतर है, और कोई त्योहार किस तिथि पर है। यह सब बिना आकाश देखे पता चल जाता है। इसी कारण घरों में आज भी तिथिपत्र देखकर कई काम तय किए जाते हैं।

कवि का परिचय

अब कविता के रचयिता की बात। उनका नाम द्वारिका प्रसाद माहेश्वरी है और उनका जीवनकाल 1916 से 1998 तक रहा। वे बाल साहित्य के चर्चित रचनाकारों में गिने जाते हैं और उन्होंने बच्चों के लिए बहुत लिखा। उनका गीत ‘हम सब सुमन एक उपवन के’ आज भी बहुत लोकप्रिय है।

हवा के कई नाम

कविता में एक पंक्ति है कि अनगिनत दीये पवन ने बुझाए। ‘पवन’ का अर्थ हवा है, और हिंदी में उसके कई नाम चलते हैं — समीर, अनिल, मारुत और वायु। पाठ के अक्षर-जाल में यही नाम छिपे हुए हैं, और उन्हें खोजना एक अच्छा खेल बन जाता है। एक ही चीज़ के कई नाम होना हिंदी की पुरानी आदत है, और कविता में यही आदत बहुत काम आती है, क्योंकि कवि लय के अनुसार नाम चुन लेते हैं। इसी कारण एक ही चीज़ कई नामों से कविता में आ जाती है।

Concepts and terms

कला

चंद्रमा का वह भाग जो हमें चमकता हुआ दिखाई देता है। यह हर दिन थोड़ा घटता या बढ़ता है, इसलिए चाँद कभी पूरा और कभी बिलकुल गायब लगता है।

परिक्रमा

किसी के चारों ओर घूमना। चंद्रमा पृथ्वी की परिक्रमा करता है और पृथ्वी सूर्य की; इसी घूमने से चाँद का चमकता भाग बदलता दिखता है।

पक्ष

महीने का आधा भाग, लगभग पंद्रह दिन का। घटती कलाओं वाला भाग कृष्ण पक्ष है और बढ़ती कलाओं वाला शुक्ल पक्ष।

तिथिपत्र

वह पत्र जिसे कैलेंडर भी कहते हैं। उसमें साल के हर महीने की तिथियाँ दी जाती हैं, और हर दिन के आगे तिथि तथा पक्ष लिखा रहता है।

सावधान!

सच या भ्रम?

Case Study

Scenario:

कक्षा ने एक महीने तक चाँद देखा और उसे तिथिपत्र से मिलाया। अमावस्या के दिन आकाश में चाँद नहीं दिखा। उसके बाद हर रात वह थोड़ा-थोड़ा बढ़ता गया। पंद्रहवीं रात को पूरा गोल चाँद निकला। बच्चों ने गिना कि बढ़ने और घटने में पंद्रह-पंद्रह दिन लगे। अध्यापिका ने दोनों पक्षों के नाम बताए। बढ़ने वाला शुक्ल पक्ष है और घटने वाला कृष्ण पक्ष। सना ने कहा कि कविता का दीया भी ऐसा ही है। अँधेरा सबसे गहरा होने पर ही उसकी ज़रूरत सबसे अधिक होती है।

Analysis:

तिथिपत्र और आकाश एक ही गिनती बताते हैं। पंद्रह दिन घटने के बाद भी चाँद लौट आता है, और कविता की ज़िद भी यही है।

Activity:

एक महीने तक हर रात चाँद देखो और तिथिपत्र से मिलाओ। कौन-से दिन कौन-सा पक्ष चला, यह लिखो।

घर पर करके देखो

Title:

पंद्रह रातों का चाँद

Safety:

छत पर अकेले मत जाओ; चाँद खिड़की या आँगन से भी देखा जा सकता है।

What You Notice:

चित्र और तिथिपत्र दोनों एक ही बात कहते हैं। इससे समझ आता है कि पक्ष किसी कल्पना का नाम नहीं, आकाश में दिखने वाली सच्ची बात है।

Did you know

चंद्रमा स्वयं नहीं चमकता — जो चाँदनी हमें दिखती है, वह असल में सूरज की ही रोशनी है।

‘कृष्ण’ और ‘शुक्ल’ केवल नाम नहीं हैं; उनके अर्थ ही काला और उजला हैं, इसलिए नाम अपने आप याद रह जाते हैं।

हवा के लिए हिंदी में कई नाम चलते हैं — पवन, समीर, अनिल, मारुत और वायु।

Memory tricks

दोनों पक्ष — कृष्ण यानी काला, शुक्ल यानी उजला — काले वाले में कलाएँ घटती हैं, उजले वाले में बढ़ती हैं।

पक्ष का अंत — कृष्ण से अमावस्या, शुक्ल से पूर्णिमा — घटते-घटते चाँद गायब, बढ़ते-बढ़ते चाँद पूरा।

Practice MCQs with answers (20)

Q1 चंद्रमा को प्रकाश कहाँ से मिलता है? advanced
  • A सूर्य से, जिसका प्रकाश वह हम तक लौटाता है
  • B आकाश के तारों से, जो रात भर जलते रहते हैं
  • C पृथ्वी से, जो उसे अपना प्रकाश देती है
  • D बादलों से, जो रात में चमकने लगते हैं
Show answer
Answer: सूर्य से, जिसका प्रकाश वह हम तक लौटाता है
Why:

चंद्रमा का अपना प्रकाश नहीं है। हम उसका वही भाग देख पाते हैं जिस पर सूर्य का प्रकाश पड़ रहा होता है।

Q2 चंद्रमा किसके चारों ओर घूमता है? intermediate
  • A सूर्य के
  • B तारों के
  • C पृथ्वी के
  • D बादलों के
Show answer
Answer: पृथ्वी के
Why:

पृथ्वी सूर्य की परिक्रमा करती है।

Q3 चंद्रमा पृथ्वी के चारों ओर घूमता रहता है, और इस घूमने का एक नाम है। ‘परिक्रमा’ का अर्थ क्या है? advanced
  • A सीधे आगे की ओर चलते जाना
  • B किसी के चारों ओर घूमना
  • C ऊपर उठना
  • D रुक जाना
Show answer
Answer: किसी के चारों ओर घूमना
Why:

चाँद और पृथ्वी दोनों यही करते हैं।

Q4 हर रात चाँद का चमकता भाग घटता-बढ़ता दिखाई देता है। उस भाग को क्या कहते हैं? beginner
  • A किरण
  • B छाया
  • C पक्ष
  • D कला
Show answer
Answer: कला
Why:

यही घटती और बढ़ती रहती है।

Q5 महीने में एक रात चाँद पूरा गोल दिखाई देता है। पूर्णिमा की रात क्या होता है? intermediate
  • A चाँद बिलकुल नहीं दिखता
  • B चाँद पूरा दिखाई देता है
  • C चाँद आधा दिखता है
  • D चाँद लाल दिखता है
Show answer
Answer: चाँद पूरा दिखाई देता है
Why:

उसे पूर्णमासी भी कहा जाता है।

Q6 अमावस्या की रात क्या होता है? advanced
  • A चाँद दिखाई नहीं देता
  • B चाँद पूरा दिखता है
  • C बहुत तारे दिखते हैं
  • D वर्षा होती है
Show answer
Answer: चाँद दिखाई नहीं देता
Why:

उसका छोटा रूप अमावस है।

Q7 चाँद की कलाओं पर इन कथनों पर विचार कीजिए। I. कृष्ण पक्ष उन दिनों को कहते हैं जब कलाएँ घटती हैं। II. कृष्ण पक्ष का अंत पूर्णिमा पर होता है। III. एक पक्ष लगभग पंद्रह दिन का होता है। कौन-से कथन सही हैं? advanced
  • A केवल I और II
  • B केवल II और III
  • C केवल I और III
  • D I, II और III
Show answer
Answer: केवल I और III
Why:

I और III सही हैं। II सही नहीं है: कृष्ण पक्ष अमावस्या पर समाप्त होता है और शुक्ल पक्ष पूर्णिमा पर।

Q8 महीने के पंद्रह दिन चाँद बड़ा होता जाता है और आकाश उजला रहता है। शुक्ल पक्ष किन दिनों को कहते हैं? intermediate
  • A जब आकाश साफ़ रहता है
  • B जब हवा तेज़ चलती है
  • C जब कलाएँ घटती हैं
  • D जब कलाएँ बढ़ती हैं
Show answer
Answer: जब कलाएँ बढ़ती हैं
Why:

‘शुक्ल’ का एक अर्थ उजला है।

Q9 कृष्ण पक्ष का अंत किस तिथि पर होता है? advanced
  • A पूर्णिमा पर
  • B अमावस्या पर
  • C सप्तमी पर
  • D प्रतिपदा पर
Show answer
Answer: अमावस्या पर
Why:

घटते-घटते चाँद गायब हो जाता है।

Q10 शुक्ल पक्ष का अंत किस तिथि पर होता है? beginner
  • A अमावस्या पर
  • B चतुर्थी पर
  • C किसी भी दिन
  • D पूर्णिमा पर
Show answer
Answer: पूर्णिमा पर
Why:

बढ़ते-बढ़ते चाँद पूरा हो जाता है।

Q11 ‘पक्ष’ लगभग कितने दिन का होता है? intermediate
  • A पंद्रह दिन
  • B सात दिन
  • C तीस दिन
  • D दो दिन
Show answer
Answer: पंद्रह दिन
Why:

महीने के दो पक्ष होते हैं।

Q12 दीवार पर टँगे उस पत्र में दिन, तारीख और त्योहार सब लिखे रहते हैं। तिथिपत्र को और किस नाम से जानते हैं? advanced
  • A कैलेंडर
  • B शब्दकोश
  • C पंजिका-लेख
  • D मानचित्र
Show answer
Answer: कैलेंडर
Why:

उसमें साल के सब महीनों की तिथियाँ होती हैं।

Q13 तिथिपत्र में तारीख के साथ और क्या लिखा रहता है? beginner
  • A केवल त्योहार
  • B केवल वार
  • C तिथि और पक्ष
  • D केवल महीना
Show answer
Answer: तिथि और पक्ष
Why:

पक्ष कोष्ठक में लिखा मिलता है।

Q14 अभिकथन: तिथिपत्र देखकर पता चल जाता है कि चाँद बढ़ रहा है या घट रहा है। कारण: तिथिपत्र में तारीख के साथ तिथि और पक्ष भी लिखे रहते हैं। advanced
  • A दोनों सही हैं; कारण अभिकथन को समझाता है
  • B दोनों सही हैं; कारण अभिकथन को नहीं समझाता
  • C अभिकथन सही है; परंतु उसका कारण ग़लत है
  • D अभिकथन ग़लत है; परंतु उसका कारण सही है
Show answer
Answer: दोनों सही हैं; कारण अभिकथन को समझाता है
Why:

दोनों सही हैं, और कारण ही तिथिपत्र को उपयोगी बनाता है। पक्ष का नाम पढ़कर आकाश देखने से पहले ही उत्तर मिल जाता है।

Q15 शुक्ल पक्ष में आकाश उजला रहता है, और इसी से उसका नाम बना है। ‘शुक्ल’ शब्द का एक अर्थ क्या है? advanced
  • A गहरा
  • B काला
  • C उजला
  • D ठंडा
Show answer
Answer: उजला
Why:

इसीलिए बढ़ती कलाओं के दिनों का यह नाम है।

Q16 पाठ के अंत में इस कविता के रचयिता का परिचय दिया गया है। इस कविता के रचयिता कौन हैं? beginner
  • A सुदर्शन
  • B द्वारिका प्रसाद माहेश्वरी
  • C क्रांतिकारी रामप्रसाद बिस्मिल
  • D रहीम
Show answer
Answer: द्वारिका प्रसाद माहेश्वरी
Why:

वे बाल साहित्य के चर्चित रचनाकार हैं।

Q17 कवि का जीवनकाल कौन-सा है? intermediate
  • A 1897 से 1927
  • B 1906 से 1988
  • C 1926 से 2008
  • D 1916 से 1998
Show answer
Answer: 1916 से 1998
Why:

यह पाठ के कवि-परिचय में दिया गया है।

Q18 कवि ने बच्चों के लिए बहुत लिखा और इसी से उनकी पहचान बनी। कवि किस तरह के साहित्य के लिए जाने जाते हैं? advanced
  • A यात्रा वृतांत के लिए
  • B इतिहास लेखन के लिए
  • C नाटकों के लिए
  • D बाल साहित्य के लिए
Show answer
Answer: बाल साहित्य के लिए
Why:

उन्होंने बच्चों के लिए बहुत लिखा।

Q19 कवि का एक गीत आज भी विद्यालयों में सबके साथ गाया जाता है। उनका कौन-सा गीत आज भी लोकप्रिय है? beginner
  • A बढ़े चलो
  • B हम सब सुमन एक उपवन के
  • C जलाते चलो
  • D रोज़-रोज़ बदलता हुआ चाँद
Show answer
Answer: हम सब सुमन एक उपवन के
Why:

यह उनकी सबसे जानी-पहचानी रचना है।

Q20 इनमें कौन-सा शब्द ‘पवन’ का पर्याय है? intermediate
  • A बादल
  • B नदी
  • C समीर
  • D मिट्टी
Show answer
Answer: समीर
Why:

अनिल और मारुत भी हवा के ही नाम हैं।

Important short questions (6)

चंद्रमा कैसे चमकता है?

चाँद के पास अपनी कोई रोशनी नहीं है। रात में जो चाँदनी हमें दिखती है, वह सूरज से निकली हुई रोशनी है, जो चाँद पर पड़कर हमारी ओर लौट आती है।

चाँद घटता-बढ़ता क्यों दिखाई देता है?

चंद्रमा पृथ्वी की परिक्रमा करता है और पृथ्वी सूर्य की। इन्हीं चक्करों के कारण चाँद का वह भाग बदलता रहता है जो हमें चमकता हुआ दिखता है, इसलिए वह कभी पूरा और कभी बिलकुल नहीं दिखता।

‘कृष्ण पक्ष’ और ‘शुक्ल पक्ष’ में क्या अंतर है?

कृष्ण पक्ष वे दिन हैं जिनमें चाँद की कलाएँ घटती जाती हैं। वह अमावस्या पर जाकर रुकता है। शुक्ल पक्ष वे दिन हैं जिनमें कलाएँ बढ़ती जाती हैं। वह पूर्णिमा पर जाकर पूरा होता है।

‘कृष्ण’ और ‘शुक्ल’ नाम ठीक क्यों बैठते हैं?

‘कृष्ण’ शब्द का एक अर्थ काला है, और उसी पक्ष में चाँद घटते-घटते गायब हो जाता है। ‘शुक्ल’ का एक अर्थ उजला है, और उसी पक्ष में चाँद बढ़ते-बढ़ते पूरा हो जाता है।

तिथिपत्र से क्या-क्या पता चलता है?

उसमें हर दिन की तारीख के साथ तिथि लिखी होती है। कोष्ठक में पक्ष भी लिखा रहता है। इससे पता चल जाता है कि पूर्णिमा और अमावस्या किस दिन पड़ रही हैं, और चाँद बढ़ रहा है या घट रहा है।

कवि का परिचय दीजिए।

इस कविता के रचयिता द्वारिका प्रसाद माहेश्वरी हैं। उनका जीवनकाल 1916 से 1998 तक रहा। वे बाल साहित्य के चर्चित रचनाकार माने जाते हैं, और उनका गीत ‘हम सब सुमन एक उपवन के’ आज भी लोकप्रिय है।

Long answer questions (3)

अमावस्या और पूर्णिमा होने का कारण विस्तार से समझाइए।

सबसे पहले यह जानना ज़रूरी है कि चाँद अपनी रोशनी नहीं बनाता। उसकी सारी चमक सूरज से आती है। दूसरी बात यह कि चंद्रमा पृथ्वी की परिक्रमा करता है, जबकि पृथ्वी सूर्य की परिक्रमा करती है। इन्हीं दोनों चक्करों के कारण चाँद का वह भाग बदलता रहता है जो हमें चमकता हुआ दिखाई देता है, और उसी भाग को कला कहते हैं। कला धीरे-धीरे बढ़ती है, और एक रात चाँद पूरा दिखने लगता है; उसी को पूर्णिमा कहते हैं। इसके बाद कला घटने लगती है, और घटते-घटते एक रात चाँद दिखाई ही नहीं देता; उसी को अमावस्या कहते हैं। इस तरह दोनों तिथियाँ हर महीने लौटकर आती हैं।

दोनों पक्षों को उनके नामों के अर्थ सहित समझाइए।

महीने के दो पक्ष होते हैं और हर पक्ष लगभग पंद्रह दिन का होता है। जिन दिनों चाँद की कलाएँ घटती जाती हैं, उन्हें कृष्ण पक्ष कहते हैं। इस नाम का कारण यह है कि ‘कृष्ण’ शब्द का एक अर्थ काला भी होता है, और इसी पक्ष में चाँद घटते-घटते गायब हो जाता है। यह पक्ष अमावस्या पर जाकर रुकता है। जिन दिनों कलाएँ बढ़ती जाती हैं, उन्हें शुक्ल पक्ष कहते हैं। ‘शुक्ल’ शब्द का एक अर्थ उजला होता है, और इसी पक्ष में चाँद बढ़ते-बढ़ते पूरा हो जाता है। यह पक्ष पूर्णिमा पर जाकर पूरा होता है। इसीलिए दोनों नाम याद रखने में आसान हैं।

तिथिपत्र क्या है और उसे पढ़ना क्यों उपयोगी है?

तिथिपत्र वही है जिसे हम कैलेंडर कहते हैं। उसमें साल के सब महीनों की तिथियों की जानकारी दी जाती है। इसलिए वह केवल तारीख बताने वाला कागज़ नहीं है। उसके हर दिन के आगे तिथि लिखी होती है, और कोष्ठक में पक्ष भी। इसी से पता चल जाता है कि उस दिन चाँद बढ़ रहा है या घट रहा है। यह सब बिना आकाश देखे जाना जा सकता है। तिथिपत्र से यह भी निकलता है कि पूर्णिमा और अमावस्या किस दिन पड़ रही हैं। दोनों के बीच कितने दिन का अंतर है, यह भी गिना जा सकता है। इसी कारण घरों में आज भी उसे देखकर काम तय किए जाते हैं।

Flashcards (15)

चंद्रमा चमकता कैसे है?
सूर्य के प्रकाश से।
चंद्रमा किसकी परिक्रमा करता है?
पृथ्वी की।
‘कला’ किसे कहते हैं?
चाँद का वह भाग जो चमकता दिखाई देता है।
पूर्णिमा किस रात को कहते हैं?
जिस रात चाँद पूरा दिखता है।
अमावस्या किस रात को कहते हैं?
जिस रात चाँद दिखाई नहीं देता।
कृष्ण पक्ष क्या है?
वे दिन जिनमें कलाएँ घटती जाती हैं।
शुक्ल पक्ष क्या है?
वे दिन जिनमें कलाएँ बढ़ती जाती हैं।
कृष्ण पक्ष का अंत किस तिथि पर?
अमावस्या पर।
शुक्ल पक्ष का अंत किस तिथि पर?
पूर्णिमा पर।
तिथिपत्र का दूसरा नाम?
कैलेंडर।
तिथिपत्र में तारीख के साथ और क्या लिखा होता है?
तिथि और कोष्ठक में पक्ष।
कविता के कवि कौन हैं?
द्वारिका प्रसाद माहेश्वरी।
कवि का जीवनकाल?
1916 से 1998 तक।
उनका प्रसिद्ध गीत कौन-सा है?
‘हम सब सुमन एक उपवन के’।
‘पवन’ के तीन पर्यायवाची?
समीर, अनिल और मारुत।

Play this topic

  • चाँद की कलाओं का क्रम
  • नाम और अर्थ
  • कृष्ण पक्ष का या शुक्ल पक्ष का?
  • सच या भ्रम
  • झटपट उत्तर

Class 6 Hindi Chapter 7 — frequently asked questions

पहले बंद का भाव अपने शब्दों में लिखिए।

कवि कहते हैं कि दीये जलाते चलो, पर उनमें स्नेह भरकर। स्नेह का अर्थ तेल भी है और प्रेम भी। उनका भरोसा है कि ऐसा करते रहने से धरती का अँधेरा एक दिन मिटेगा ही।

विज्ञान की शक्ति मानते हुए भी कवि दुखी क्यों हैं?

वे मानते हैं कि विज्ञान बिना चाँद वाली रात को पूरे चाँद जैसी बना सकता है। पर उनका दुख दूसरा है। इतनी रोशनी के बाद भी दुनिया पर दिन में ही अँधेरा-सा घिरता जा रहा है।

कवि किन दीयों को बुझाने के लिए कहते हैं और क्यों?

वे उन विद्युत-दीयों को बुझाने के लिए कहते हैं जो बिना स्नेह के जल रहे हैं। उनका भाव यह है कि जो रोशनी अपनेपन से नहीं आती, वह किसी का रास्ता नहीं बनाती। वह कितनी ही तेज़ क्यों न हो।

प्रतीक किसे कहते हैं? कविता से एक उदाहरण दीजिए।

जो शब्द अपने सीधे अर्थ के साथ कोई बड़ी बात भी कह जाए, उसे प्रतीक कहते हैं। इस कविता में दीया इसका उदाहरण है। वह मिट्टी का दीपक भी है और भलाई के काम का प्रतीक भी।

कविता के शब्दों को किन दो समूहों में बाँटा जा सकता है?

एक समूह अँधेरे की ओर का है, जिसमें तिमिर, अमावस, निशा, तूफ़ान और शिला आते हैं। दूसरा उजाले की ओर का है, जिसमें दिये, ज्योति, लौ, पूर्णिमा और सवेरा आते हैं।

एक ही शब्द के दो-दो रूप कविता में क्यों मिलते हैं?

दोनों रूपों का अर्थ एक ही रहता है। बस लिखने-बोलने में थोड़ा अंतर आ जाता है। कविता बोलकर भी चलती है, इसलिए कवि वही रूप चुनते हैं जो लय में ठीक बैठे, जैसे उजाला की जगह उजेला।

चंद्रमा कैसे चमकता है?

चाँद के पास अपनी कोई रोशनी नहीं है। रात में जो चाँदनी हमें दिखती है, वह सूरज से निकली हुई रोशनी है, जो चाँद पर पड़कर हमारी ओर लौट आती है।

चाँद घटता-बढ़ता क्यों दिखाई देता है?

चंद्रमा पृथ्वी की परिक्रमा करता है और पृथ्वी सूर्य की। इन्हीं चक्करों के कारण चाँद का वह भाग बदलता रहता है जो हमें चमकता हुआ दिखता है, इसलिए वह कभी पूरा और कभी बिलकुल नहीं दिखता।

‘कृष्ण पक्ष’ और ‘शुक्ल पक्ष’ में क्या अंतर है?

कृष्ण पक्ष वे दिन हैं जिनमें चाँद की कलाएँ घटती जाती हैं। वह अमावस्या पर जाकर रुकता है। शुक्ल पक्ष वे दिन हैं जिनमें कलाएँ बढ़ती जाती हैं। वह पूर्णिमा पर जाकर पूरा होता है।

All Class 6 Hindi chapters

All Hindi chapters · Every Class 6 subject · The whole NCERT library

Study this chapter properly, free

Everything above is on this page to read. In the Veda app the same chapter becomes spaced-repetition flashcards, timed tests that mark themselves, Veda Bites you can swipe, and games — with your progress tracked topic by topic.

Get Veda free