Class 6 Hindi Chapter 13: पेड़ की बात
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- Hindi
पाठ: पेड़ की बात
एक बीज मिट्टी के नीचे पड़ा रहता है, फिर उठता है, पेड़ बनता है, और अंत में अपनी संतान के लिए अपना सब कुछ देकर गिर जाता है।
What you will be able to do
- मैं बीज से पेड़ बनने का क्रम बता सकता हूँ
- मैं बता सकता हूँ कि जड़ और तना किधर बढ़ते हैं और क्यों
- मैं समझा सकता हूँ कि पेड़ अपना भोजन कैसे लेते हैं
- मैं बता सकता हूँ कि पेड़ का अंत कैसे होता है
Key points
बीज बहुत दिनों तक मिट्टी के नीचे पड़ा रहता है, और वर्षा की पहली बूँदों के बाद जागता है।
बीज का ढक्कन दरकता है और दो कोमल पत्तियों के बीच से अंकुर बाहर आता है।
अंकुर का एक अंश नीचे मिट्टी में गड़ जाता है, वह जड़ है, और दूसरा ऊपर उठता है, वह तना है।
गमले को औंधा लटकाने पर भी दो दिन में जड़ नीचे और डालियाँ ऊपर मुड़ जाती हैं।
पेड़ों के दाँत नहीं होते। उनका भोजन केवल तरल रूप में या वायु से ही लिया जा सकता है।
जड़ें मिट्टी में घुले द्रव्य सोखती हैं, और पत्ते हवा से अंगारक लेते हैं।
सूर्य के प्रकाश से पत्ते उस विषैली वायु को शुद्ध कर देते हैं, इसलिए प्रकाश ही जीवन का मूल मंत्र है।
पेड़ अपना सारा रस बीज को पिला देता है, सूख जाता है, और एक दिन जड़ सहित गिर पड़ता है।
Full explanation
मिट्टी के नीचे
बीज बहुत दिनों तक मिट्टी के नीचे पड़ा रहा। महीने बीतते गए और कुछ नहीं हुआ। ऊपर से देखने पर वहाँ कुछ भी नहीं था। सर्दियों के बाद वसंत आया। फिर वर्षा की शुरुआत में दो-एक दिन पानी बरसा।
पुकार
अब और छिपे रहने की ज़रूरत नहीं थी। मानो बाहर से कोई शिशु को पुकार रहा हो कि ऊपर उठो और सूरज की रोशनी देखो। लेखक यहाँ बीज को सोया हुआ बच्चा मानकर बात करता है।
अंकुर
धीरे-धीरे बीज का ढक्कन दरका। दो कोमल पत्तियों के बीच से अंकुर बाहर आया। लेखक उसकी तुलना ऐसे शिशु से करता है जो अपना नन्हा सिर उठाकर नई दुनिया को आश्चर्य से देख रहा हो।
दो दिशाएँ
अंकुर का एक अंश नीचे मिट्टी में मज़बूती से गड़ गया। दूसरा अंश मिट्टी भेदकर ऊपर की ओर उठा। जो भीतर गया उसका नाम जड़ है। जो ऊपर बढ़ा उसे तना कहते हैं। ये दो भाग सभी पेड़-पौधों में मिलेंगे।
उल्टा गमला
लेखक ने एक गमले को कुछ दिन औंधा लटकाए रखा। पौधे का सिर नीचे लटका रहा और जड़ ऊपर। लेखक यह देखना चाहता था कि पौधा क्या करेगा।
पौधे ने भेद पा लिया
दो-एक दिन बाद सब पत्तियाँ और डालियाँ टेढ़ी होकर ऊपर उठ आईं। जड़ घूमकर नीचे लटक गई। लेखक लिखता है कि मानो पौधे को भी सब भेद मालूम हो गया हो। सर्दियों में कटी मूली बोने पर भी यही होता है।
दाँत नहीं हैं
हमारे दाँत हैं, इसलिए हम कठोर चीज़ खा सकते हैं। पेड़-पौधों के दाँत नहीं होते। नन्हे बच्चों के भी दाँत नहीं होते और वे केवल दूध पी सकते हैं।
इसलिए तरल
वे केवल तरल द्रव्य या वायु से भोजन लेते हैं। जड़ मिट्टी से रस पीती है, जैसे पानी में चीनी घुल जाती है। मिट्टी पर पानी पड़ते ही उसके भीतर कई द्रव्य घुल जाते हैं। पेड़ वही सब सोख लेते हैं। जड़ों को पानी न मिले तो भोजन बंद हो जाता है और पेड़ मर जाता है।
हज़ारों नल
सूक्ष्मदर्शी से डाल या जड़ देखने पर पता चलता है कि पेड़ में हज़ारों-हज़ार नल हैं। इन्हीं से रस ऊपर पहुँचता है। यह यंत्र अत्यंत सूक्ष्म पदार्थ भी स्पष्ट दिखा देता है।
पत्तों के मुँह
पत्तों में अनगिनत छोटे मुँह होते हैं और हर मुँह पर होंठ। भोजन की ज़रूरत न हो तो होंठ बंद हो जाते हैं। ये सब भी सूक्ष्मदर्शी के बिना दिखाई नहीं देते।
विष से भोजन
साँस छोड़ने पर जो वायु निकलती है उसे अंगारक कहते हैं। वह जीवों के लिए विष है, और पेड़ उसी को खाकर शुद्ध कर देते हैं। यदि यह हवा पृथ्वी पर इकट्ठी होती रहे तो सब जीव-जंतु कुछ ही दिनों में नष्ट हो सकते हैं। लेखक इसी को विधाता की करुणा का चमत्कार कहता है।
प्रकाश की होड़
खिड़की के पास रखे पौधे की डालियाँ प्रकाश की ओर बढ़ती हैं। वन में हर पेड़ पहले सिर उठाकर प्रकाश झपटना चाहता है। बेल-लताएँ छाया में पड़ी रहें तो मर जाएँगी, इसलिए वे पेड़ों से लिपटकर ऊपर चढ़ती रहती हैं।
मूल मंत्र
प्रकाश ही जीवन का मूल मंत्र है। ईंधन जलाने पर जो ताप निकलता है, वह भी सूर्य की ही ऊर्जा है। अनाज और सब्ज़ी में भी वही प्रकाश बँधा हुआ है, इसलिए हम भी प्रकाश की खुराक पाकर ही जीवित हैं।
फूल एक घर है
बीज की सुरक्षा के लिए पेड़ पंखुड़ियों से घिरा छोटा-सा घर बनाता है। फूलों से ढका पेड़ ऐसा लगता है मानो वह स्वयं हँस रहा हो। लेखक पूछता है कि फूल से सुंदर चीज़ और क्या है।
बुलावा
रंग-बिरंगी पंखुड़ियाँ दूर से दिखती हैं और मधुमक्खी तथा तितली को बुलाती हैं। मधुमक्खी पराग-कण एक फूल से दूसरे पर ले जाती है। पराग-कण के बिना बीज पक ही नहीं सकता। कुछ पतंगे दिन में पक्षियों के डर से नहीं निकलते, इसलिए शाम होते ही फूल सुगंध फैला देते हैं।
अंतिम भेंट
पेड़ अपना रस पिलाकर बीज को पालता है और स्वयं सूख जाता है। एक दिन वह जड़ सहित भूमि पर गिर पड़ता है। पहले उसकी डालियाँ एक-एक करके टूटती हैं, सूखे पेड़ में अब हवा का आघात झेलने की शक्ति नहीं बची।
Concepts and terms
बीज से निकलने वाला पहला कोमल अंश। उसका एक भाग नीचे जाकर जड़ बनता है और दूसरा ऊपर उठकर तना।
साँस छोड़ने पर निकलने वाली वायु, जो जीव-जंतुओं के लिए विष है। पेड़ उसी को लेकर शुद्ध कर देते हैं।
फूल के भीतर के छोटे कण। मधुमक्खी इन्हें एक फूल से दूसरे फूल तक ले जाती है, और इनके बिना बीज पक नहीं सकता।
किसी के लिए अपना सब कुछ दे देना। पाठ के अंत में पेड़ अपनी संतान के लिए यही करता है।
सावधान!
Common Misconceptions
दो गमले, दो नतीजे
Scenario:
दो बच्चों ने पाठ पढ़कर घर पर एक बात जाँचनी चाही। रोहन ने अपना गमला कमरे के बीचोंबीच एक मेज़ पर रखा, जहाँ चारों ओर से बराबर रोशनी आती थी। सीमा ने अपना गमला खिड़की के पास रख दिया, जहाँ रोशनी केवल एक तरफ़ से आती थी। दोनों ने दस दिन तक बराबर पानी दिया। दसवें दिन रोहन का पौधा सीधा ऊपर बढ़ा हुआ था। सीमा का पौधा साफ़ तौर पर खिड़की की ओर झुक गया था। सीमा को लगा कि उससे कोई गलती हो गई है और उसका पौधा टेढ़ा हो गया है।
Analysis:
एक ही पाठ, एक जैसा पानी, और दो अलग नतीजे। अंतर पानी में नहीं था।
Activity:
सीमा का गमला दस दिन बाद घुमाकर उल्टा रख दीजिए और हर दिन लिखिए कि क्या बदलता है।
घर पर करके देखो
Title:
अंकुरण
Safety:
बीज मुँह में मत डालिए, और मिट्टी छूने के बाद हाथ धो लीजिए।
What You Notice:
पहले दो दिन ऊपर कुछ नहीं दिखता, और यही सबसे ज़रूरी हिस्सा है। पाठ में भी बीज महीनों मिट्टी के नीचे पड़ा रहता है। जब अंकुर निकलता है तब वह सीधा नहीं, बल्कि झुका हुआ निकलता है और फिर धीरे-धीरे सीधा होता है। लंबाई हर दिन बराबर नहीं बढ़ती, इसलिए हर दिन का अंक लिखना ही असली काम है।
Did you know
लेखक जगदीशचंद्र बसु संसार के पहले व्यक्ति थे जिन्होंने सिद्ध किया कि पौधे भी अपने आस-पास के प्रति जागरूक होते हैं।
यह पाठ मूल रूप से बांग्ला में लिखा गया था। शंकर सेन ने इसका हिंदी में अनुवाद किया।
Memory tricks
जड़ और तना — जड़ नीचे, तना ऊपर — पेड़ को उल्टा लटका दो तब भी यही होगा। दो दिन में वह स्वयं मुड़ जाता है।
पेड़ का भोजन — जड़ पीती है, पत्ता खाता है — जड़ मिट्टी से घुला हुआ रस लेती है और पत्ता हवा से अंगारक।
Practice MCQs with answers (20)
- A वर्षा की शुरुआत में बरसा पानी
- B सर्दियों की पहली ठंडी रात
- C किसी के मिट्टी खोदकर देख लेने की घटना
- D पास के पेड़ की घनी छाया
Show answer
Why:
वसंत के बाद दो-एक दिन पानी बरसा।
- A जो सबसे पहले बाहर निकलकर दिखाई देता है
- B जो मिट्टी में प्रवेश करता है
- C जो ऊपर की ओर बढ़ता है
- D जिस पर पत्तियाँ लगती हैं
Show answer
Why:
ऊपर बढ़ने वाला अंश तना कहलाता है।
- A पौधे को तेज़ धूप और गरमी से बचाने के लिए
- B गमले में जगह बनाने के लिए
- C यह परीक्षण करने के लिए कि पौधा क्या करेगा
- D पानी बाहर निकालने के लिए
Show answer
Why:
यह पाठ का अपना प्रयोग है।
- A पौधा सूखकर गिर गया
- B देखने लायक कोई परिवर्तन नहीं हुआ
- C जड़ें और लंबी हो गईं
- D डालियाँ ऊपर और जड़ नीचे मुड़ गईं
Show answer
Why:
मानो पौधे को सब भेद मालूम हो गया हो।
- A केवल I और II
- B केवल II और III
- C केवल I और III
- D I, II और III
Show answer
Why:
I और III सही हैं। II सही नहीं है: उनके दाँत नहीं होते, इसलिए वे भोजन केवल तरल या वायु के रूप में ले पाते हैं।
- A उन्हें कठोर भोजन अच्छा नहीं लगता
- B उनके दाँत नहीं होते
- C वे बहुत छोटे होते हैं
- D मिट्टी में कुछ कठोर मिलता ही नहीं
Show answer
Why:
जैसे नन्हे बच्चे केवल दूध पी सकते हैं।
- A क्योंकि उसकी पत्तियाँ सूरज में जल जाती हैं
- B क्योंकि जड़ ही उसका भोजन ऊपर भेजती है
- C क्योंकि उसकी डालियाँ भारी हो जाती हैं
- D क्योंकि वह हवा से कुछ नहीं ले पाता
Show answer
Why:
पानी बिना मिट्टी का रस बनता ही नहीं।
- A हज़ारों-हज़ार नल
- B बहुत छोटे-छोटे बीज और कण
- C एक मोटी नली
- D रंगीन पराग-कण
Show answer
Why:
इन्हीं से रस का संचार होता है।
- A ताकि धूल भीतर न जाए
- B ताकि पत्ता हरा बना रहे
- C क्योंकि आहार की ज़रूरत हर समय नहीं होती
- D क्योंकि रात में हवा नहीं चलती
Show answer
Why:
ज़रूरत पड़ने पर वे फिर खुल जाते हैं।
- A कि वह आँखों से बिल्कुल भी दिखाई नहीं देती है, अदृश्य है
- B कि वह हवा से भारी होती है
- C कि वह केवल दिन में निकलती है
- D कि जो जीवों के लिए विष है, पेड़ उसी से बढ़ते हैं
Show answer
Why:
इसी को वह विधाता की करुणा कहता है।
- A वर्षा पूरी तरह बंद हो जाती और सूखा पड़ जाता
- B वह इकट्ठी होकर जीव-जंतुओं को नष्ट कर देती
- C मिट्टी कठोर हो जाती
- D सूर्य का प्रकाश कम पड़ जाता
Show answer
Why:
पाठ यही आशंका बताता है।
- A पत्तियाँ मुरझाकर नीचे की ओर ही झुक जाएँगी
- B जड़ें गमले से बाहर निकल आएँगी
- C पत्तियाँ और डालियाँ प्रकाश की ओर बढ़ेंगी
- D पौधा सीधा ऊपर ही बढ़ता रहेगा
Show answer
Why:
वे अंधकार से बचकर चलती हैं।
- A दोनों सही हैं; कारण अभिकथन को समझाता है
- B दोनों सही हैं; कारण अभिकथन को नहीं समझाता
- C अभिकथन सही है; परंतु उसका कारण ग़लत है
- D अभिकथन ग़लत है; परंतु उसका कारण सही है
Show answer
Why:
दोनों सही हैं, और कारण ही उनका चढ़ना समझाता है। पौधा प्रकाश की ओर बढ़ता है, और लता के लिए ऊपर जाना ही एक रास्ता है।
- A प्रकाश में काम करना आसान होता है
- B प्रकाश केवल पेड़ों के लिए ज़रूरी है
- C प्रकाश से ही रंग दिखाई देते हैं
- D प्रकाश के बिना जीवन संभव नहीं है
Show answer
Why:
अनाज और सब्ज़ी में भी वही ऊर्जा है।
- A क्योंकि बीज उसके बाद भी बचा रहता है
- B क्योंकि बीज सबसे छोटा होता है
- C क्योंकि बीज फूल के भीतर रहता है
- D क्योंकि बीज मिट्टी में गिर जाता है
Show answer
Why:
मरने से पहले वह संतान छोड़ जाने को व्यग्र रहता है।
- A अपनी शोभा बढ़ाने के लिए
- B बीज की सुरक्षा के लिए एक घर बनाने को
- C मधुमक्खी को भोजन देने के लिए ही, और किसी कारण नहीं
- D वर्षा से बचने के लिए
Show answer
Why:
पंखुड़ियों से घिरा छोटा-सा घर।
- A क्योंकि दिन में सुगंध सूख जाती है
- B क्योंकि रात में हवा तेज़ चलती है
- C छिपे हुए पतंगों को बुलाने के लिए
- D क्योंकि मधुमक्खियाँ रात में आती हैं
Show answer
Why:
वे पक्षियों के डर से दिन में नहीं निकलते।
- A वह पेड़ की रक्षा करती है
- B वह फूलों को खिलने में बड़ी मदद किया करती है
- C वह पेड़ का शहद बढ़ा देती है
- D वह पराग-कण दूसरे फूल पर पहुँचा देती है
Show answer
Why:
उनके बिना कोई बीज पक ही नहीं पाता।
- A क्योंकि उसने अपना सारा रस अपने बीजों को दे दिया है
- B क्योंकि उसकी जड़ें मिट्टी से बाहर ही आ गई होती हैं, सूखकर
- C क्योंकि उस समय उस पर बहुत-से फूल लदे रहते हैं
- D क्योंकि उसे जीवन भर पानी बिल्कुल नहीं मिला
Show answer
Why:
पेड़ का सारा संचय बीज में चला जाता है। लेखक इसी त्याग पर लेख समाप्त करते हैं।
- A शंकर सेन और जगदीशचंद्र बसु
- B जगदीशचंद्र बसु और कवि प्रदीप
- C कवि प्रदीप और शंकर सेन
- D जगदीशचंद्र बसु और शंकर सेन
Show answer
Why:
मूल बांग्ला से हिंदी में अनुवाद हुआ।
Important short questions (6)
मिट्टी, वर्षा का पानी और ऋतु का बदलना। सर्दियों के बाद वसंत आया और फिर पानी बरसा, तब बीज का ढक्कन दरका।
अंकुर का जो अंश मिट्टी के भीतर प्रवेश करता है उसे जड़ कहते हैं। जो अंश ऊपर की ओर बढ़ता है उसे तना कहते हैं।
पौधे को जैसे भी रखो, जड़ नीचे जाएगी और तना ऊपर उठेगा। दो-एक दिन में डालियाँ मुड़कर ऊपर आ गईं और जड़ नीचे लटक गई।
जड़ों से वे मिट्टी में घुला हुआ रस सोखते हैं। पत्तों के अनगिनत मुँह हवा से अंगारक लेते हैं, जिसे सूर्य के प्रकाश की सहायता से वे शुद्ध कर देते हैं।
जो वायु हमारे लिए विष है, वे उसी को ग्रहण करके हवा को शुद्ध कर देते हैं। यदि वह वायु इकट्ठी होती रहती तो जीव-जंतु नष्ट हो जाते।
पेड़ अपना सारा रस बीजों को पिला देता है और स्वयं सूख जाता है। डालियाँ एक-एक करके टूटती हैं और एक दिन वह जड़ सहित भूमि पर गिर पड़ता है।
Long answer questions (3)
बीज बहुत दिनों तक मिट्टी के नीचे पड़ा रहा। सर्दियों के बाद वसंत आया और वर्षा की शुरुआत में पानी बरसा। तब उसका ढक्कन आहिस्ता-आहिस्ता दरक गया। दो कोमल पत्तियों के बीच से अंकुर बाहर निकला। उसका एक अंश मिट्टी में गड़ गया और जड़ बना। दूसरा अंश ऊपर उठा और तना बना। जड़ मिट्टी से रस पीती रही और पत्ते हवा से आहार लेते रहे। इस तरह छोटा-सा अंकुर धीरे-धीरे बड़ा पेड़ बन गया।
पहला तरीका जड़ों का है। मिट्टी में पानी डालने पर बहुत-से द्रव्य उसमें घुल जाते हैं, ठीक वैसे ही जैसे पानी में चीनी घुलती है। जड़ें वही घुला हुआ रस सोख लेती हैं। सूक्ष्मदर्शी से देखने पर पेड़ में हज़ारों नल दिखाई देते हैं, जिनसे यह रस ऊपर तक पहुँचता है। दूसरा तरीका पत्तों का है। पत्तों में अनगिनत छोटे मुँह होते हैं, जो हवा से अंगारक लेते हैं। सूर्य का प्रकाश पड़ने पर पत्ते उसी से अपना भोजन बना लेते हैं।
क्योंकि वह अंत हार का नहीं, देने का है। पेड़ मरने से पहले संतान छोड़ जाने के लिए व्यग्र रहता है। वह अपने ही शरीर का रस पिलाकर बीजों को पालता है। जो शरीर कुछ दिन पहले हरा-भरा था, वह बिल्कुल सूख जाता है। अब उसमें अपना भार उठाने की शक्ति भी नहीं बचती। हवा का एक थपेड़ा लगते ही वह काँपने लगता है और डालियाँ टूट पड़ती हैं। अंत में वह जड़ सहित गिर पड़ता है, पर उसका बीज रह जाता है।
Flashcards (15)
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- बीज से बीज तक
- शब्द और अर्थ
- जड़ का काम या पत्ते का?
- सच या भ्रम?
- झटपट दौर
शब्दों की बात: विशेषण और पाठ के वाक्यांश
एक शब्द जो किसी की विशेषता बताए, पाठ के छह वाक्यांश जिनका अर्थ पूरे वाक्य में छिपा है, और कुछ नए शब्द जो इसी पाठ से आए हैं।
What you will be able to do
- मैं बता सकता हूँ कि विशेषण क्या होता है
- मैं किसी शब्द के लिए विशेषता बताने वाले शब्द लिख सकता हूँ
- मैं पाठ के वाक्यांशों का अर्थ जोड़ सकता हूँ
- मैं पाठ के नए शब्दों का अर्थ बता सकता हूँ
Key points
जो शब्द किसी वस्तु या व्यक्ति की विशेषता बताए, उसे विशेषण कहते हैं।
पुस्तक में मिट्टी के लिए छह विशेषण दिए गए हैं: चिकनी, उपजाऊ, नम, रेतीली, भुरभुरी और काली।
एक ही वस्तु के लिए कई विशेषण हो सकते हैं, और हर एक अलग बात बताता है।
विशेषण चुनते समय देखिए कि वह उस वस्तु पर ठीक बैठता है या नहीं।
पाठ का वाक्यांश अपने आप में पूरा अर्थ नहीं देता, उसका अर्थ पाठ के प्रसंग से मिलता है।
‘ढक्कन दरक गया’ का अर्थ है कि बीज के दोनों दल फट गए।
‘अंगारक वायु’ वही है जिसे हम कार्बन डाइऑक्साइड कहते हैं।
शब्दकोश में हर शब्द के साथ कोष्ठक में उसकी भाषा और व्याकरण का संकेत दिया रहता है।
Full explanation
एक सीधा सवाल
मिट्टी कैसी है? उत्तर में जो शब्द आएगा, वही विशेषण है। यही सबसे छोटी पहचान है और हर बार काम करती है। पेड़ कैसा है? ऊँचा। सर्दी कैसी है? कड़ाके की। जो उत्तर आता है वही विशेषण होता है। सूर्य कैसा है? तेज़। यही पहचान हर वस्तु पर लगाई जा सकती है।
पुस्तक का डिब्बा
पुस्तक में मिट्टी के चारों ओर छह शब्द लिखे हैं। चिकनी, उपजाऊ, नम, रेतीली, भुरभुरी और काली। काली रंग बताती है। नम नमी बताती है। उपजाऊ बताती है कि उसमें फ़सल होगी। रेतीली उसकी बनावट बताती है। कोई शब्द दूसरे की जगह नहीं ले सकता।
विशेषण क्या करता है
वह बताता है कि कोई वस्तु कैसी है। वह नाम नहीं बदलता, केवल उसके बारे में कुछ जोड़ता है। मिट्टी, मिट्टी ही रहती है, चाहे उसके आगे कोई भी शब्द लगा दीजिए। विशेषण केवल उसके बारे में जानकारी बढ़ाता है।
अब आपकी बारी
पुस्तक कहती है कि पेड़, सर्दी और सूर्य के लिए ऐसे ही डिब्बे बनाइए। हर डिब्बे में चार से छह शब्द रखिए।
पेड़ के लिए
हरा-भरा, ऊँचा, घना, पुराना, छायादार। हर शब्द पेड़ की एक अलग बात कहता है। ऊँचा उसकी लंबाई बताता है और घना उसकी पत्तियों की भीड़। छायादार बताता है कि उसके नीचे बैठा जा सकता है। पुराना बताता है कि वह कितने बरसों से खड़ा है। एक ही पेड़ इन सब बातों में एक साथ खरा उतर सकता है।
सर्दी के लिए
कड़ाके की, हल्की, सुहानी, लंबी। ध्यान दीजिए कि सुहानी और कड़ाके की एक साथ नहीं चलेंगी। दोनों सर्दी के लिए ठीक हैं, पर एक ही सर्दी दोनों नहीं हो सकती।
एक चेतावनी
विशेषण वही चुनिए जो उस वस्तु पर बैठता हो। सूर्य को नम कहना गलत नहीं, असंभव है। यही कसौटी हर बार लगाइए, और संदेह हो तो शब्द को वस्तु के आगे रखकर बोल दीजिए।
अब दूसरा काम
पाठ में से छह वाक्यांश निकालकर दिए गए हैं। उनका अर्थ या संदर्भ मिलाना है। ये सब वाक्यांश पाठ में कहीं-न-कहीं आए हैं।
अकेला टुकड़ा अधूरा है
‘ढक्कन दरक गया’ सुनकर लगता है कोई बर्तन खुला। पाठ में वह बीज के दलों का फटना है। दोनों शब्द जाने-पहचाने हैं और फिर भी अर्थ अलग निकलता है।
इसलिए पाठ में ढूँढ़िए
वाक्यांश को पाठ में खोजिए और उसके आगे-पीछे की पंक्तियाँ पढ़िए। अर्थ वहीं मिलेगा। यही एक तरीका है, और यही हर बार चलता है। अकेले शब्दों को जोड़ने से काम नहीं बनेगा। हर शब्द जाना-पहचाना हो सकता है और अर्थ फिर भी दूसरा निकलेगा।
छहों के अर्थ
अंगारक वायु वही है जो साँस छोड़ने पर निकलती है। पत्ते सूर्य-ऊर्जा से उसका प्रभाव नष्ट कर देते हैं। शब्दकोश उसका अर्थ कार्बन देता है।
और शेष तीन
प्रकाश जीवन की आधारशक्ति है। फूलों से ढका पेड़ अपनी संपन्नता से प्रसन्न है। मटमैली मिट्टी सुंदर फूलों में बदल जाती है। तीनों अर्थ पाठ की अलग-अलग पंक्तियों से आते हैं।
पाठ के नए शब्द
आहिस्ता का अर्थ धीरे-से है। आच्छादित का अर्थ ढका हुआ। आबद्ध का अर्थ बँधा हुआ।
कुछ और
क्षीण का अर्थ दुर्बल या घटा हुआ है। आघात का अर्थ चोट या प्रहार। अकस्मात का अर्थ अचानक। ये सब शब्द पाठ के अंतिम हिस्से में आते हैं, जहाँ पेड़ गिरता है।
शब्दकोश पढ़ना
हर शब्द के बाद कोष्ठक में संकेत होता है। पु. पुलिंग, स्त्री. स्त्रीलिंग, वि. विशेषण, सं. संस्कृत। इन्हीं से शब्द की भाषा और व्याकरण दोनों पता चल जाते हैं।
एक शब्द, कई अर्थ
शब्दकोश कई अर्थ देता है। पाठ का प्रसंग ही तय करता है कि यहाँ कौन-सा अर्थ ठीक बैठता है। इसलिए पहला अर्थ उठाकर लिख देना ठीक नहीं होता। शब्दकोश में शब्द देखने के बाद उसे अपने एक वाक्य में बरतिए। बरता हुआ शब्द ही याद रहता है। कोष्ठक का संकेत भी साथ ही देख लीजिए।
Concepts and terms
वह शब्द जो किसी की विशेषता बताए। मिट्टी काली है, तो काली यहाँ विशेषण है।
मिट्टी एक साथ काली, नम और उपजाऊ हो सकती है। हर विशेषण उसकी अलग बात बताता है, इसलिए कोई दूसरे की जगह नहीं ले सकता।
पाठ में से निकाला हुआ टुकड़ा अकेले अधूरा लगता है। उसका अर्थ वही है जो पाठ में उस जगह बन रहा था।
पु. का अर्थ पुलिंग, स्त्री. का स्त्रीलिंग, वि. का विशेषण और सं. का संस्कृत है। इन्हीं से शब्द की भाषा और व्याकरण पता चलता है।
सावधान!
Common Misconceptions
छह शब्द, दो सूचियाँ
Scenario:
शिक्षिका ने कक्षा से कहा कि पेड़ के लिए विशेषण लिखिए। अमन ने जल्दी-जल्दी छह शब्द लिखे: काली, नम, उपजाऊ, ऊँचा, हरा-भरा और भुरभुरा। उसे लगा कि जितने ज़्यादा शब्द उतना अच्छा, और उसने गिनती पर ध्यान दिया अर्थ पर नहीं। नेहा ने केवल तीन लिखे: ऊँचा, घना और छायादार। शिक्षिका ने अमन से कहा कि वह अपनी सूची का हर शब्द पेड़ के आगे रखकर बोले। ऊँचा पेड़ ठीक लगा। हरा-भरा पेड़ भी ठीक लगा। बाकी चार पर वह स्वयं रुक गया, क्योंकि बोलते ही वे कान को खटकने लगे।
Analysis:
एक बच्चे ने छह शब्द दिए और तीन ही चले। दूसरे ने तीन दिए और तीनों चले।
Activity:
अपनी बनाई सूची का हर शब्द वस्तु के आगे रखकर ज़ोर से बोलिए, फिर जो खटके उसे काट दीजिए।
घर पर करके देखो
Title:
रसोई के विशेषण
Safety:
गरम बर्तन या चाकू को हाथ मत लगाइए, और बड़ों से पूछकर ही रसोई में जाइए।
What You Notice:
कुछ शब्द कई चीज़ों पर बैठ जाते हैं, जैसे बड़ा या नया। ऐसे शब्द सुरक्षित तो हैं पर बताते कम हैं। जो शब्द केवल एक ही चीज़ पर बैठता है, वही सबसे अधिक बताता है। भुरभुरी केवल मिट्टी या आटे जैसी चीज़ों पर बैठेगी, और इसीलिए वह बड़ा से अच्छा विशेषण है।
Did you know
शब्दकोश में एक ही शब्द के कई अर्थ दिए होते हैं। पाठ के प्रसंग से ही तय होता है कि कौन-सा अर्थ यहाँ ठीक है।
‘अंगारक’ का शब्दकोश में अर्थ कार्बन दिया गया है, और पाठ उसी को विषैली वायु कहता है।
Memory tricks
विशेषण पहचानना — कैसा है, यह पूछो — मिट्टी कैसी है? काली, नम, उपजाऊ। जो उत्तर आए वही विशेषण है।
वाक्यांश का अर्थ — टुकड़ा नहीं, आस-पास पढ़ो — वाक्यांश को पाठ में ढूँढ़िए और उसके आगे-पीछे की पंक्तियाँ पढ़िए।
Practice MCQs with answers (20)
- A संज्ञा
- B विशेषण
- C क्रिया
- D सर्वनाम
Show answer
Why:
जैसे काली मिट्टी में काली।
- A उपजाऊ
- B भुरभुरी
- C रेतीली
- D छायादार
Show answer
Why:
वह पेड़ का शब्द है।
- A उसमें नमी है
- B उसका रंग काला है
- C उसमें रेत मिली है
- D वह फ़सल देती है
Show answer
Why:
हर विशेषण अलग बात कहता है।
- A केवल I और II
- B केवल II और III
- C केवल I और III
- D I, II और III
Show answer
Why:
I और III सही हैं। II सही नहीं है: छायादार पेड़ के लिए चलता है; मिट्टी उपजाऊ, भुरभुरी या रेतीली होती है।
- A भुरभुरा
- B छायादार
- C रेतीला
- D उपजाऊ
Show answer
Why:
शेष तीनों मिट्टी के शब्द हैं।
- A नम शब्द सूर्य पर बैठता ही नहीं
- B नम शब्द बहुत छोटा है
- C सूर्य के लिए कोई विशेषण नहीं होता
- D वाक्य में क्रिया नहीं है
Show answer
Why:
विशेषण वस्तु पर बैठना चाहिए।
- A लंबी और कड़ाके की
- B हल्की और सुहानी
- C लंबी और हल्की
- D कड़ाके की और सुहानी
Show answer
Why:
दोनों एक-दूसरे के उलट हैं।
- A वह बहुत छोटा होता है
- B उसमें बहुत ही कठिन शब्द भरे होते हैं
- C उसका अर्थ पाठ के प्रसंग में बना था
- D उसमें क्रिया नहीं होती
Show answer
Why:
इसलिए उसे पाठ में ढूँढ़िए।
- A बीज के दोनों दलों के बारे में
- B किसी घड़े के ढक्कन के बारे में
- C गमले की मिट्टी के बारे में
- D पत्ते के मुँह के बारे में
Show answer
Why:
उसी से अंकुर बाहर आया।
- A आग की लपट
- B कार्बन
- C गरम हवा
- D सूर्य की किरण
Show answer
Why:
पाठ उसी को विषैली वायु कहता है।
- A पत्ते सूरज में जल जाते हैं
- B पत्ते रात में काम नहीं करते
- C पत्ते विषैली वायु का प्रभाव नष्ट कर देते हैं
- D पत्ते अंगार को अपने ही भीतर इकट्ठा कर लेते हैं
Show answer
Why:
इसी से हवा शुद्ध होती है।
- A पेड़ के डर को
- B पेड़ की थकान को
- C पेड़ के भीतर भरे हुए गहरे क्रोध को
- D पेड़ की प्रसन्नता और संपन्नता को
Show answer
Why:
भावी पीढ़ी की उत्पत्ति से संतुष्ट।
- A अचानक
- B धीरे-से
- C ढका हुआ
- D बँधा हुआ
Show answer
Why:
बीज का ढक्कन इसी तरह दरका।
- A ढका हुआ
- B टूटा हुआ
- C सूखा हुआ
- D खुला हुआ
Show answer
Why:
फूलों से ढका हुआ पेड़।
- A क्योंकि उस पेड़ पर नए फूल आ गए हैं
- B क्योंकि वह पेड़ अब बहुत ऊँचा हो गया है
- C क्योंकि वह दुर्बल भी है और घट भी चुका है
- D क्योंकि उसकी जड़ें चारों ओर फैल गई हैं
Show answer
Why:
क्षीण का अर्थ दुबला और घटा हुआ, दोनों है। अंत का पेड़ ठीक वैसा ही है, इसलिए शब्द पूरा बैठता है।
- A ढका हुआ
- B धीमी आवाज़
- C चोट या प्रहार
- D अचानक
Show answer
Why:
हवा का एक थपेड़ा भी आघात है।
- A विभक्ति
- B विदेशी
- C विशेष नाम
- D विशेषण
Show answer
Why:
पु. पुलिंग और स्त्री. स्त्रीलिंग।
- A जगह भरने के लिए
- B क्योंकि एक शब्द अलग-अलग जगह अलग अर्थ रखता है
- C क्योंकि किसी भी शब्द के सब अर्थ एक ही होते हैं
- D ताकि शब्द याद रहे
Show answer
Why:
प्रसंग ही सही अर्थ चुनता है।
- A दोनों सही हैं; कारण अभिकथन को समझाता है
- B दोनों सही हैं; कारण अभिकथन को नहीं समझाता
- C अभिकथन सही है; परंतु उसका कारण ग़लत है
- D अभिकथन ग़लत है; परंतु उसका कारण सही है
Show answer
Why:
दोनों सही हैं, और कारण ही जाँच का तरीका देता है। विशेषण रखने से पहले पूछिए कि वह गुण उस वस्तु में हो सकता है या नहीं।
- A किसी को दिया गया कोई बड़ा उपहार
- B कोई उपाय
- C कोई उपकार
- D वह द्रव्य जिससे कोई वस्तु बने
Show answer
Why:
मिट्टी और वायु से फूल बनते हैं।
Important short questions (6)
जो शब्द किसी वस्तु या व्यक्ति की विशेषता बताए उसे विशेषण कहते हैं। जैसे काली मिट्टी में काली शब्द विशेषण है।
चिकनी, उपजाऊ, नम, रेतीली, भुरभुरी और काली। छहों मिट्टी की अलग-अलग विशेषता बताते हैं।
पेड़ के लिए हरा-भरा, ऊँचा और छायादार। सूर्य के लिए तेज़, प्रखर और सुनहरा।
उसे पाठ में ढूँढ़कर उसके आगे-पीछे की पंक्तियाँ पढ़िए। अर्थ उसी प्रसंग में बना था, इसलिए अकेला टुकड़ा अधूरा लगता है।
पहले का अर्थ है कि बीज के दोनों दलों में दरार आ गई। दूसरे का अर्थ है साँस छोड़ने पर निकलने वाली वायु, यानी कार्बन डाइऑक्साइड।
वे शब्द की भाषा और व्याकरण बताते हैं। पु. का अर्थ पुलिंग, स्त्री. का स्त्रीलिंग, वि. का विशेषण और सं. का संस्कृत है।
Long answer questions (3)
विशेषण वह शब्द है जो किसी की विशेषता बताता है। पुस्तक में मिट्टी के लिए छह शब्द दिए गए हैं। चिकनी, उपजाऊ, नम, रेतीली, भुरभुरी और काली। इनमें से हर एक मिट्टी की अलग बात कहता है, इसलिए कोई दूसरे की जगह नहीं ले सकता। चुनते समय यह देखना चाहिए कि शब्द उस वस्तु पर बैठता है या नहीं। पेड़ के लिए छायादार ठीक है और भुरभुरा नहीं। सूर्य को नम कहना गलत नहीं, असंभव है।
ढक्कन दरक गया का अर्थ है कि बीज के दोनों दल फट गए। अंगारक वायु वही है जो साँस छोड़ने पर निकलती है। पत्तों वाली पंक्ति कहती है कि सूर्य के प्रकाश से वे विषैली वायु का प्रभाव नष्ट कर देते हैं। प्रकाश जीवन का मूल मंत्र है, यानी वह जीवन की आधारशक्ति है। फूल-फूल के बहाने हँसने का अर्थ है अपनी संपन्नता से प्रसन्न होना। अंतिम वाक्यांश कहता है कि मटमैली मिट्टी और विषैली वायु सुंदर फूलों में बदल जाती है।
सबसे पहले मूल शब्द ढूँढ़ूँगा। उसके बाद कोष्ठक में दिया संकेत देखूँगा, क्योंकि वही बताता है कि शब्द किस भाषा का है और किस प्रकार का है। पु. पुलिंग है, स्त्री. स्त्रीलिंग, वि. विशेषण और सं. संस्कृत। फिर अर्थ पढ़ूँगा। कई शब्दों के एक से अधिक अर्थ दिए होते हैं, इसलिए मैं पाठ का प्रसंग देखूँगा। जो अर्थ उस जगह ठीक बैठता है, वही यहाँ उपयुक्त होगा।
Flashcards (15)
Play this topic
- यह किसका विशेषण है?
- वाक्यांश और अर्थ
- सच या भ्रम?
- शब्दकोश कैसे देखें
- झटपट दौर
लेख की रचना: अपनी भी एक बात लिखिए
यह लेख किस ढंग से बना है, उसमें उदाहरण किस काम आते हैं, और उसी ढंग पर अपने आस-पास की किसी चीज़ पर लेख कैसे लिखा जाए।
What you will be able to do
- मैं बता सकता हूँ कि इस लेख के विचार किस क्रम में रखे गए हैं
- मैं बता सकता हूँ कि उदाहरण लेख में क्या काम करता है
- मैं बीज से बीज तक का चक्र पूरा कर सकता हूँ
- मैं अपने आस-पास की किसी चीज़ पर लेख लिख सकता हूँ
Key points
लेखक ने एक के बाद एक विचार सुसंगत रूप से रखा है, इसलिए हर बात पिछली बात पर टिकी है।
क्रम यही है: बीज, अंकुर, जड़ और तना, भोजन, प्रकाश, फूल, बीज और अंत।
उदाहरण देकर बात कहना इस लेख का अपना तरीका है।
औंधा लटका गमला और कटी हुई मूली, दोनों एक ही बात के उदाहरण हैं।
उदाहरण वह होता है जिसे पढ़ने वाला स्वयं जाँच सके, इसलिए वह तथ्य को व्यावहारिकता से जोड़ता है।
चक्र इस तरह चलता है: बीज से पौधा, पौधा से पत्ता, पत्ता से फूल, फूल से फिर बीज।
अपना लेख लिखते समय भी एक क्रम चुनिए और हर बात का एक उदाहरण दीजिए।
लेखक जगदीशचंद्र बसु का बचपन प्रकृति को देखते हुए बीता, इसीलिए उनका लेख देखी हुई बातों से भरा है।
Full explanation
लेख किस तरह बना है
इसमें एक के बाद एक विचार रखा गया है। हर बात पिछली बात पर टिकी है। पुस्तक स्वयं इसे सुसंगत रूप से प्रस्तुत करना कहती है। इसी से पूरा लेख एक धागे में बँधा रहता है। कोई बात बीच में से हटाई नहीं जा सकती।
क्रम देखिए
पहले बीज आता है, फिर अंकुर। फिर जड़ और तना, फिर भोजन, फिर प्रकाश, फिर फूल, और अंत में बीज। सात पड़ाव, और अंतिम पड़ाव पहले जैसा ही है। यही इस लेख की बनावट है।
क्रम क्यों ज़रूरी है
भोजन की बात जड़ और तने के बाद ही समझ में आती है। क्रम बदल दीजिए तो बात अटक जाएगी। जड़ क्या है यह जाने बिना यह नहीं समझा जा सकता कि वह रस कैसे खींचती है।
दूसरा तरीका
लेखक उदाहरण देकर बात कहता है। यह इस लेख की अपनी विशेषता है। पुस्तक इसे ही लेख का एक तरीका बताती है।
पहला उदाहरण
गमले को कुछ दिन औंधा लटकाए रखना। इससे यह सिद्ध हुआ कि जड़ नीचे ही जाएगी। पौधे का सिर नीचे लटका रहा और जड़ ऊपर। दूसरा उदाहरण सर्दियों में कटी हुई मूली बोना है। पहले पत्ते और फूल नीचे रहते हैं, और कुछ दिन बाद वे ऊपर उठ आते हैं। सर्दियों में कटी हुई मूली बोना। कुछ दिन बाद पत्ते और फूल ऊपर उठ आते हैं।
दोनों एक ही बात कहते हैं
एक ही तथ्य के दो प्रमाण। एक लेखक ने किया, और दूसरा पाठक स्वयं कर सकता है। इसीलिए दूसरा उदाहरण पहले से अधिक काम का है।
यही असली बात है
अच्छा उदाहरण वही है जिसे पढ़ने वाला जाँच सके। इसी को तथ्य को व्यावहारिकता से जोड़ना कहते हैं। पुस्तक इसे भी इस लेख की विशेषता कहती है।
बिना उदाहरण के क्या होता
लेखक केवल लिख देता कि जड़ नीचे जाती है। पाठक मान लेता, पर जानता नहीं। मानना और जानना दो अलग बातें हैं, और यही अंतर उदाहरण मिटाता है।
अब चक्र
पुस्तक एक प्रवाह चार्ट पूरा करने को कहती है। वह बीज से शुरू होकर बीज पर लौटता है। चार खाने भरने हैं। उन्हें भरते समय पाठ को फिर से देखना पड़ता है। यही इस काम की असली सीख है।
चक्र के पड़ाव
बीज से पौधा। पौधा से पत्ता। पत्ता से फूल। और फूल से फिर बीज।
लौटना ही खूबी है
अंतिम पड़ाव पहले जैसा ही है। इसीलिए यह रेखा नहीं, चक्र है, और कभी रुकता नहीं। एक पेड़ गिरता है और उसका बीज बचा रहता है, इसलिए कहानी वहीं से फिर शुरू हो जाती है।
अब आपका लेख
अपने आस-पास की कोई एक चीज़ चुनिए। पुस्तक ने ‘गेहूँ की बात’ का सुझाव दिया है। दूध, चाय या कागज़ पर भी लिखा जा सकता है। जो चीज़ आप रोज़ देखते हैं, उस पर लिखना सबसे आसान रहता है।
पहले क्रम तय कीजिए
चीज़ कहाँ से शुरू होती है और कहाँ पहुँचती है। वही क्रम आपके लेख की रीढ़ बनेगा। उस रास्ते को चार या पाँच पड़ावों में बाँट लीजिए।
फिर उदाहरण जोड़िए
हर बड़ी बात के साथ एक ऐसी बात रखिए जो पढ़ने वाला स्वयं देख सके। जिस पड़ाव के लिए कोई उदाहरण न मिले, उस पर फिर से सोचिए।
अनुमान भी कीजिए
पुस्तक पूछती है कि वृक्ष के समाप्त होने के बाद क्या होता है। यह उत्तर पाठ में नहीं, आपके सोचने में है। एक और प्रश्न यह है कि लेखक की रुचि पेड़-पौधों में कैसे जागी होगी। उनका परिचय पढ़िए, उत्तर वहीं संकेत में है।
अंत में
अपना लेख कक्षा में सबके साथ साझा कीजिए। सुनने वाले बताएँगे कि कौन-सी बात बिना उदाहरण के रह गई। लेख पूरा करके एक बार और पढ़िए। हर पड़ाव के साथ उसका उदाहरण जुड़ा है या नहीं, यही देखिए। जहाँ उदाहरण न हो, वहाँ एक पंक्ति और जोड़ दीजिए।
Concepts and terms
हर विचार उसी के आगे रखा जाए जिस पर वह टिका है। इस लेख में बीज पहले आता है और अंत सबसे बाद में।
कोई देखी या की जा सकने वाली बात, जो तथ्य को सिद्ध कर दे। औंधा गमला इसी काम आता है।
पाठक जिसे स्वयं कर सके वही उदाहरण सबसे अच्छा है। कटी मूली हर घर में बोई जा सकती है।
वह क्रम जो घूमकर अपनी शुरुआत पर लौट आए। यहाँ बीज से चलकर बात फिर बीज पर आती है।
सावधान!
Common Misconceptions
दो लेख, एक विषय
Scenario:
कक्षा को ‘गेहूँ की बात’ लिखने को कहा गया। आयुष ने आठ पंक्तियाँ लिखीं। उसने बताया कि गेहूँ बोया जाता है, उगता है, काटा जाता है और उससे आटा बनता है। हर वाक्य सही था। मीरा ने भी यही क्रम लिखा, पर हर बात के साथ एक छोटा उदाहरण जोड़ा। उसने लिखा कि कुछ दाने रुई पर भिगोकर रखो, दो दिन में सफ़ेद अंकुर दिखेगा। शिक्षिका ने दोनों लेख पढ़कर कहा कि दोनों में एक ही अंतर है। आयुष को लगा कि उसका लेख छोटा होने के कारण कम अच्छा है।
Analysis:
दोनों का क्रम एक जैसा था और दोनों के तथ्य सही थे। अंतर लंबाई का नहीं था।
Activity:
आयुष के लेख की हर पंक्ति के आगे एक ऐसा उदाहरण लिखिए जिसे कक्षा में करके दिखाया जा सके।
घर पर करके देखो
Title:
अपनी एक बात लिखिए
Safety:
आग, गरम बर्तन या चाकू का प्रयोग बड़ों के बिना मत कीजिए।
What You Notice:
पड़ाव लिखना आसान लगता है और उदाहरण ढूँढ़ना कठिन। यही इस पाठ की असली सीख है। जिस पड़ाव के लिए कोई उदाहरण नहीं मिलता, अकसर वही पड़ाव आपको स्वयं ठीक से पता नहीं होता। सुनने वाला भी ठीक वहीं रुककर प्रश्न पूछेगा, इसलिए उसका प्रश्न आपकी गलती नहीं बल्कि आपकी मदद है।
Did you know
जगदीशचंद्र बसु ने रेडियो तरंगों से संचार स्थापित करने की खोज भी की थी, और वे विज्ञान कथा भी लिखते थे।
वे संसार के पहले व्यक्ति थे जिन्होंने यह स्थापित किया कि पौधा भी बाकी जीवों जैसा ही एक जीव है।
Memory tricks
लेख का क्रम — बीज, जड़, भोजन, प्रकाश, फूल, बीज — छह पड़ाव, और अंतिम पड़ाव पहले जैसा ही है।
अच्छा उदाहरण — जो पाठक स्वयं कर सके — गमला और मूली, दोनों घर पर आज़माए जा सकते हैं।
Practice MCQs with answers (20)
- A जहाँ मन किया वहाँ
- B सबसे कठिन बात पहले
- C एक के बाद एक, सुसंगत रूप से
- D केवल प्रश्नों और उत्तरों के रूप में
Show answer
Why:
हर बात पिछली पर टिकी है।
- A बीज से
- B फूल से
- C पेड़ के अंत से
- D प्रकाश से
Show answer
Why:
और अंत भी बीज पर आता है।
- A क्योंकि वह पूरे लेख की सबसे कम ज़रूरी बात ही है, और कुछ नहीं
- B क्योंकि वह लंबी है
- C क्योंकि लेखक भूल गया था
- D क्योंकि वह जड़ और तने को जाने बिना समझ नहीं आती
Show answer
Why:
क्रम बदलने पर बात अटकती है।
- A कठिन शब्दों का प्रयोग
- B उदाहरण देकर बात कहना
- C प्रश्न पूछते रहना
- D बहुत छोटे वाक्य लिखना
Show answer
Why:
और तथ्य को व्यावहारिकता से जोड़ना।
- A कि जड़ नीचे और तना ऊपर ही जाएगा
- B कि गमला हलका होना चाहिए, भारी नहीं
- C कि पौधे को पानी चाहिए
- D कि पौधा छाया में मर जाता है
Show answer
Why:
मूली वाला उदाहरण भी यही कहता है।
- A केवल लेख को लंबा और भारी करने के लिए
- B क्योंकि पहला उदाहरण गलत था
- C ताकि पाठक उनमें से एक स्वयं कर सके
- D क्योंकि दोनों अलग बातें कहते हैं
Show answer
Why:
कटी मूली हर घर में बोई जा सकती है।
- A याद कर
- B सुन
- C लिख
- D स्वयं जाँच
Show answer
Why:
यही व्यावहारिकता से जोड़ना है।
- A दोनों सही हैं; कारण अभिकथन को समझाता है
- B दोनों सही हैं; कारण अभिकथन को नहीं समझाता
- C अभिकथन सही है; परंतु उसका कारण ग़लत है
- D अभिकथन ग़लत है; परंतु उसका कारण सही है
Show answer
Why:
दोनों सही हैं, और कारण ही इस लेख की विशेषता है। अच्छा उदाहरण वह है जिसे पढ़ने वाला स्वयं जाँच सके।
- A फूल
- B फल
- C पौधा
- D नया बीज
Show answer
Why:
पत्ता और फूल उसके बाद आते हैं।
- A फिर से बीज
- B सूखा हुआ पेड़
- C गिरी हुई डालियाँ
- D खिला हुआ फूल
Show answer
Why:
इसीलिए यह चक्र कहलाता है।
- A केवल I और II
- B केवल II और III
- C केवल I और III
- D I, II और III
Show answer
Why:
I और III सही हैं। II सही नहीं है: अंतिम पड़ाव फिर से बीज है, और इसी लौटने के कारण इसे चक्र कहा जाता है।
- A शीर्षक सोचना चाहिए
- B कठिन शब्द चुनने चाहिए
- C चित्र बनाना चाहिए
- D क्रम तय करना चाहिए
Show answer
Why:
वही लेख की रीढ़ बनेगा।
- A गेहूँ की बात
- B वर्षा और बादलों की बात
- C नदी की बात
- D पक्षी की बात
Show answer
Why:
अपने आस-पास की कोई चीज़।
- A और अधिक कठिन, भारी और नए-नए शब्द डालना
- B ऐसी बात जो पढ़ने वाला स्वयं देख सके
- C एक लंबा शीर्षक
- D लेखक का परिचय
Show answer
Why:
जैसे पत्ती को गरम पानी में डालकर देखना।
- A उन्हें किसी ने आदेश दिया था
- B उन्हें विद्यालय में यही विषय मिला
- C उनका बचपन प्रकृति को देखते हुए बीता
- D उन्हें खेती करनी थी
Show answer
Why:
उनका परिचय यही बताता है।
- A कि वे केवल पानी और हवा के सहारे ही जीते रहते हैं
- B कि वे रात में नहीं बढ़ते
- C कि वे मिट्टी खाते हैं
- D कि वे अपने परिवेश के प्रति जागरूक होते हैं
Show answer
Why:
और उनका एक निश्चित जीवनचक्र होता है।
- A सीधा पाठ में से निकालने का
- B अनुमान या कल्पना का
- C शब्दकोश देखने का
- D गिनती करने का
Show answer
Why:
उत्तर पाठ में नहीं, सोचने में है।
- A वह याद हो जाता है
- B सुनने वाले बताते हैं कि कहाँ उदाहरण छूटा
- C वह अपने आप ही लंबा और भारी होता चला जाता है
- D उसका शीर्षक मिल जाता है
Show answer
Why:
वे ठीक वहीं रुककर प्रश्न पूछते हैं।
- A यह गढ़ी हुई एक कहानी है, जिसमें सच नहीं है
- B यह किसी विषय पर क्रम से लिखा गया गद्य है
- C यह एक कविता है
- D यह एक पत्र है
Show answer
Why:
पुस्तक हर शीर्षक के आगे विधा लिखती है।
- A दोनों के बीच कोई संबंध नहीं होता है
- B उदाहरण तथ्य की जगह ही ले लेता है
- C तथ्य उदाहरण को गलत सिद्ध कर देता है
- D उदाहरण तथ्य को जाँचने योग्य बना देता है
Show answer
Why:
तथ्य कहा जाता है, उदाहरण करके देखा जा सकता है। औंधा गमला पाठक स्वयं लटकाकर देख सकता है।
Important short questions (6)
पहले बीज और अंकुर, फिर जड़ और तना, फिर भोजन, फिर प्रकाश, फिर फूल, और अंत में फिर से बीज।
औंधा लटकाया गमला और सर्दियों में बोई गई कटी मूली। दोनों यह सिद्ध करते हैं कि जड़ नीचे जाएगी और तना ऊपर उठेगा।
उसे, जिसे पढ़ने वाला स्वयं जाँच सके। गमला और मूली दोनों घर पर आज़माए जा सकते हैं, इसीलिए वे अच्छे उदाहरण हैं।
बीज से पौधा बनता है। पौधे पर पत्ता आता है। पत्ते के बाद फूल आता है। फूल में फिर से बीज पकता है।
क्योंकि अंतिम पड़ाव पहले जैसा ही है। क्रम घूमकर अपनी शुरुआत पर लौट आता है, इसलिए वह कभी रुकता नहीं।
उनका बचपन प्रकृति का अवलोकन करते हुए बीता। उनकी शिक्षा ही पेड़-पौधों और जीव-जंतुओं से प्रेम करते हुए आरंभ हुई थी।
Long answer questions (3)
लेखक ने एक के बाद एक विचार सुसंगत रूप से रखा है। पहले बीज आता है, फिर अंकुर, फिर जड़ और तना। उसके बाद भोजन, प्रकाश, फूल और अंत में फिर बीज। यह क्रम बदला नहीं जा सकता, क्योंकि हर बात पिछली बात पर टिकी है। दूसरी विशेषता उदाहरण देकर कहना है। औंधा गमला और कटी मूली, दोनों ऐसे उदाहरण हैं जिन्हें पढ़ने वाला स्वयं कर सकता है। इसी तरह लेखक अपने तथ्य को व्यावहारिकता से जोड़ देता है।
सबसे पहले मैं क्रम तय करूँगा। गेहूँ का दाना खेत में बोया जाता है, फिर अंकुर निकलता है, फिर बाली आती है, फिर कटाई होती है, और अंत में आटा तथा रोटी बनती है। उसके बाद हर बड़ी बात के साथ एक उदाहरण जोड़ूँगा, जिसे पढ़ने वाला स्वयं देख सके। जैसे कुछ दाने रुई पर भिगोकर रखना और उन्हें अंकुरित होते देखना। अंत में अपना लेख कक्षा में साझा करूँगा, ताकि पता चले कि कौन-सी बात बिना उदाहरण के रह गई।
पेड़ गिर जाता है, पर उसका बीज बचा रहता है। वही बीज मिट्टी में पड़ा रहता है और समय आने पर फिर अंकुरित होता है। गिरा हुआ पेड़ भी व्यर्थ नहीं जाता। उसकी डालियाँ और पत्ते धीरे-धीरे मिट्टी में मिल जाते हैं और मिट्टी को उपजाऊ बनाते हैं। जो जगह उसके गिरने से खाली होती है, वहाँ नीचे दबे छोटे पौधों को प्रकाश मिलने लगता है। इस तरह एक पेड़ का अंत कई नए पौधों की शुरुआत बन जाता है।
Flashcards (15)
Play this topic
- लेख का क्रम
- यह तथ्य है या उदाहरण?
- सच या भ्रम?
- शब्द और अर्थ
- झटपट दौर
Class 6 Hindi Chapter 13 — frequently asked questions
मिट्टी, वर्षा का पानी और ऋतु का बदलना। सर्दियों के बाद वसंत आया और फिर पानी बरसा, तब बीज का ढक्कन दरका।
अंकुर का जो अंश मिट्टी के भीतर प्रवेश करता है उसे जड़ कहते हैं। जो अंश ऊपर की ओर बढ़ता है उसे तना कहते हैं।
पौधे को जैसे भी रखो, जड़ नीचे जाएगी और तना ऊपर उठेगा। दो-एक दिन में डालियाँ मुड़कर ऊपर आ गईं और जड़ नीचे लटक गई।
जो शब्द किसी वस्तु या व्यक्ति की विशेषता बताए उसे विशेषण कहते हैं। जैसे काली मिट्टी में काली शब्द विशेषण है।
चिकनी, उपजाऊ, नम, रेतीली, भुरभुरी और काली। छहों मिट्टी की अलग-अलग विशेषता बताते हैं।
पेड़ के लिए हरा-भरा, ऊँचा और छायादार। सूर्य के लिए तेज़, प्रखर और सुनहरा।
पहले बीज और अंकुर, फिर जड़ और तना, फिर भोजन, फिर प्रकाश, फिर फूल, और अंत में फिर से बीज।
औंधा लटकाया गमला और सर्दियों में बोई गई कटी मूली। दोनों यह सिद्ध करते हैं कि जड़ नीचे जाएगी और तना ऊपर उठेगा।
उसे, जिसे पढ़ने वाला स्वयं जाँच सके। गमला और मूली दोनों घर पर आज़माए जा सकते हैं, इसीलिए वे अच्छे उदाहरण हैं।
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