Class 5 Hindi Chapter 8: काजीरंगा राष्ट्रीय उद्यान की यात्रा
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चिट्ठी में काजीरंगा: पहला दिन
यह पाठ चाचा अरूप की चिट्ठी है। वे काजीरंगा से बच्चों को लिखते हैं। पहले दिन वे हाथी पर बैठकर उद्यान घूमते हैं और एक सींग वाला गैंडा देखते हैं।
What you will be able to do
- मैं बता सकता/सकती हूँ कि चिट्ठी के रूप में लिखा पाठ कैसा होता है।
- मैं काजीरंगा के पशुओं के बारे में अपने शब्दों में बता सकता/सकती हूँ।
- मैं समझा सकता/सकती हूँ कि एक सींग वाला गैंडा क्यों खास है।
Key points
काजीरंगा असम में है। यह ब्रह्मपुत्र नदी के किनारे फैला हुआ जंगल है।
यह पाठ एक चिट्ठी है। इसे चाचा अरूप ने बच्चों के नाम लिखा है।
पहले दिन की सैर हाथी की पीठ पर हुई। इसके लिए अँधेरे में उठना पड़ा।
एक सींग वाला गैंडा दुनिया में सिर्फ़ दो देशों में बचा है।
गैंडे की खाल मोटी और तहदार होती है। वह दूर से कवच जैसी दिखती है।
Full explanation
कक्षा में आई डाक
उस दिन कक्षा में डाक आई थी। शिक्षिका ने एक बड़ा लिफ़ाफ़ा खोला। उसमें से एक लंबी चिट्ठी निकली। सबसे ऊपर बच्चों के लिए संबोधन लिखा था। पूरी कक्षा चुप हो गई। सबको लगा कि कोई कहानी आने वाली है। चिट्ठी किसी दूर के जंगल से आई थी।
चिट्ठी किसने भेजी
चिट्ठी लिखने वाले का नाम अरूप था। बच्चे उन्हें चाचा कहते थे। वे उन दिनों असम घूमने गए थे। वहाँ ब्रह्मपुत्र नदी के किनारे एक बड़ा जंगल है। उसी जंगल का नाम काजीरंगा है। वह हमारे देश का एक राष्ट्रीय उद्यान है। चाचा ने वहीं बैठकर यह चिट्ठी लिखी।
अँधेरे में उठना पड़ा
चाचा लिखते हैं कि उस दिन नींद जल्दी टूटी। घड़ी में बहुत सवेरे का समय था। आसमान में अभी सूरज नहीं आया था। सब लोग कंबल छोड़कर तैयार हो गए। ठंडी हवा चल रही थी। दूर से पक्षियों की आवाज़ें आ रही थीं। जंगल धीरे-धीरे जाग रहा था।
हाथी की पीठ से सैर
पहली सैर हाथी पर हुई। हाथी की पीठ पर बैठने की जगह बनी थी। ऊपर चढ़ने के लिए सीढ़ी लगाई गई। हाथी चलाने वाला आगे बैठा था। उसे महावत कहते हैं। हाथी ऊँची घास के बीच से चलता रहा। ऊपर से दूर तक का मैदान दिखाई देता था।
घास चरते झुंड
मैदान में बहुत सारे पशु थे। हिरणों के झुंड चुपचाप घास चर रहे थे। पास ही जंगली भैंसे खड़े थे। उनके बीच कुछ गैंडे भी घूम रहे थे। हिरण और भैंसे हाथी को देखकर शक में पड़ गए। वे धीरे-धीरे दूर हट गए। पर गैंडे अपनी जगह से नहीं हिले।
पहली बार गैंडा
चाचा ने पहली बार एक सींग वाला गैंडा देखा। उसकी नाक पर एक ही सींग थी। उसका शरीर भारी और चौड़ा था। हाथी के बाद यही हमारे देश का सबसे बड़ा पशु है। इसे भारतीय गैंडा भी कहा जाता है। यह दुनिया में सिर्फ़ दो देशों में बचा है। वे देश हैं भारत और नेपाल।
कवच पहने पशु
गैंडे की खाल बहुत मोटी होती है। उस पर बड़ी-बड़ी तहें दिखाई देती हैं। दूर से लगता है कि उसने कवच पहन रखा है। यही तहें उसे काँटों और धूप से बचाती हैं। बच्चों को यह बात सबसे मज़ेदार लगी। कक्षा में सब हँस पड़े।
महावत की सुनाई कथा
महावत ने रास्ते में एक पुरानी कथा सुनाई। कथा कहती है कि कृष्ण ने गैंडे को लड़ाई के लिए चुना। उन्होंने गैंडे को कवच पहनाया और तैयारी कराई। पर गैंडे ने कोई बात नहीं मानी। तब उसे कवच सहित ही वन भेज दिया गया। इसीलिए उसकी खाल आज भी कवच जैसी दिखती है।
सींग के पीछे की मुसीबत
पहले ये गैंडे बहुत बड़े इलाके में रहते थे। फिर लोगों ने इनका शिकार शुरू कर दिया। उन्हें गैंडे की सींग चाहिए थी। लोग मानते थे कि सींग से दवा बनती है। बाद में वैज्ञानिकों ने जाँच की। उन्होंने बताया कि सींग में ऐसा कोई गुण नहीं है। तब तक गैंडों की गिनती बहुत घट चुकी थी।
माँ और उसका बच्चा
आगे चलकर एक मादा गैंडा दिखाई दी। उसके साथ उसका छोटा बच्चा था। महावत ने हाथी को पास नहीं जाने दिया। उसने बताया कि बच्चे के साथ माँ चौकन्नी रहती है। पास जाने पर वह हमला कर सकती है। सब लोग दूर से ही देखते रहे।
चार तरह के हिरण
काजीरंगा में हिरण एक ही तरह के नहीं हैं। वहाँ चार अलग-अलग तरह के हिरण रहते हैं। भौंकने वाला हिरण अपनी आवाज़ से पहचाना जाता है। दलदली हिरण गीली ज़मीन पर रहता है। साँभर सबसे बड़ा होता है और बौना सूअर हिरण सबसे छोटा। रास्ते में जंगली सूअर भी दिखे।
मन नहीं भरा
सुबह की यह सैर जल्दी पूरी हो गई। चाचा का मन अभी भरा नहीं था। उन्होंने सोचा कि कल फिर आएँगे। अगली बार वे जीप से घूमने का मन बना चुके थे। चिट्ठी यहीं आधी रुक जाती है। बच्चे आगे की बात सुनने के लिए बेचैन हो गए।
Concepts and terms
ऐसा पाठ जो किसी के नाम लिखी चिट्ठी जैसा हो। शुरू में संबोधन आता है, बीच में अपनी बात और अंत में लिखने वाले का नाम।
सरकार का बचाया हुआ जंगल। वहाँ पेड़, पशु और पक्षी अपने असली घर में सुरक्षित रहते हैं। वहाँ शिकार करना मना है।
भारी शरीर वाला पशु, जिसकी नाक पर एक ही सींग होती है। इसकी मोटी खाल पर बड़ी तहें दिखती हैं।
सावधान!
सच या भ्रम?
Case Study
Scenario:
चिट्ठी पढ़कर कक्षा में प्रश्न उठा। मीरा ने पूछा कि गैंडे का एक ही सींग क्यों होता है। अध्यापिका ने बताया कि यह उसकी अपनी जाति की पहचान है। फिर बच्चों ने एक बात और जानी। काजीरंगा में गैंडों की गिनती हर कुछ वर्ष में होती है। कभी यह संख्या बहुत घट गई थी, क्योंकि लोग सींग के लिए उनका शिकार करते थे। रखवाली बढ़ने पर संख्या फिर बढ़ने लगी। अमन ने कहा कि चिट्ठी में घूमने की बात है। पर उसके पीछे बचाने की एक लंबी कहानी छिपी है।
Analysis:
चिट्ठी एक सैर का ब्योरा है। उस सैर के पीछे गिनती, रखवाली और वर्षों की मेहनत खड़ी है।
Activity:
अपने राज्य के किसी अभयारण्य का नाम पता करो। वहाँ कौन-सा जानवर बचाया जा रहा है, यह तीन वाक्यों में लिखो।
घर पर करके देखो
Title:
कागज़ पर अपना छोटा राष्ट्रीय उद्यान
Safety:
कैंची चलाते समय किसी बड़े को पास बुलाओ।
What You Notice:
अलग-अलग पशुओं को अलग-अलग जगह चाहिए। किसी को पानी, किसी को घास और किसी को पेड़ों की छाया।
Did you know
काजीरंगा को दुनिया भर में सहेजने लायक जगह माना गया है। यह असम का सबसे प्रसिद्ध उद्यान है।
गैंडा देखने में भारी लगता है। फिर भी वह थोड़ी दूर तक बहुत तेज़ दौड़ लेता है।
Memory tricks
पहले दिन की सैर — सवेरा, हाथी, हिरण, गैंडा — पहले दिन की चार निशानी। — बहुत सवेरे उठना, हाथी की पीठ पर चढ़ना, हिरणों के झुंड देखना और फिर गैंडा दिखना। यही क्रम पहले दिन का है।
गैंडे की पहचान — एक सींग और मोटी तह — यही गैंडे की पहचान। — नाक पर एक ही सींग और शरीर पर कवच जैसी तहें। इन्हीं दो बातों से भारतीय गैंडा पहचाना जाता है।
Practice MCQs with answers (15)
- A असम में
- B केरल में
- C गुजरात में
- D पंजाब में
Show answer
Why:
पाठ में यह उद्यान असम का बताया गया है।
- A नाटक के दृश्यों के रूप में
- B तुक मिलाती कविता के रूप में
- C अख़बार की ख़बर के रूप में
- D चिट्ठी के रूप में
Show answer
Why:
पाठ की शुरुआत बच्चों के संबोधन से होती है और अंत में नाम आता है।
- A गंगा
- B कावेरी
- C ब्रह्मपुत्र
- D नर्मदा
Show answer
Why:
असम की यह सबसे बड़ी नदी उद्यान के साथ-साथ बहती है।
- A क्योंकि जंगल का द्वार दोपहर में बंद कर दिया जाता था
- B क्योंकि हाथी पर सैर सूरज निकलने से पहले शुरू होनी थी
- C क्योंकि उस दिन उन्हें वापस घर लौटना था
- D क्योंकि रात भर किसी को नींद ही नहीं आई थी
Show answer
Why:
चिट्ठी में लिखा है कि तब सूरज भी नहीं निकला था।
- A उनके पीछे-पीछे चलने लगे
- B शक करके अलग हट गए
- C पानी में कूदकर छिप गए
- D ज़ोर-ज़ोर से आवाज़ करने लगे
Show answer
Why:
वे संदेह में आकर दूर खिसक गए, पर गैंडे जमे रहे।
- A उसके सिर पर दो लंबी सींगें होती हैं।
- B उसकी नाक पर एक ही सींग होती है।
- C उसके शरीर पर घने बाल उगे होते हैं।
- D वह हाथी से भी बड़ा और भारी पशु है।
Show answer
Why:
इसी एक सींग के कारण उसे एक सींग वाला गैंडा कहते हैं।
- A दूर से ही चुपचाप देखना
- B पास जाकर बच्चे की तस्वीर लेना
- C ज़ोर से आवाज़ लगाकर उसे बुलाना
- D हाथी को सीधे उसकी ओर बढ़ाना
Show answer
Why:
बच्चे के साथ माँ चौकन्नी रहती है और हमला कर सकती है।
- A 1-ख, 2-घ, 3-क, 4-ग
- B 1-क, 2-ग, 3-ख, 4-घ
- C 1-ख, 2-क, 3-घ, 4-ग
- D 1-ग, 2-घ, 3-क, 4-ख
Show answer
Why:
महावत हाथी चलाता है, साँभर हिरण है और ब्रह्मपुत्र नदी है।
- A जंगल में हरी घास की बहुत कमी हो जाना
- B नदी का सारा पानी सूख जाना
- C दूसरे पशुओं से लड़ाई हो जाना
- D सींग पाने के लिए किया गया शिकार
Show answer
Why:
लोग सींग को दवा समझते थे, इसलिए शिकार बढ़ गया।
- A सींग से सचमुच बहुत अच्छी दवा बनती है
- B सींग हर साल अपने आप नया उग आता है
- C सींग में कोई दवा वाला गुण नहीं है
- D सींग गैंडे को देखने में मदद करता है
Show answer
Why:
जाँच के बाद यह पुरानी मान्यता गलत साबित हुई।
- A दोनों सही हैं; कारण अभिकथन को समझाता है
- B दोनों सही हैं; कारण अभिकथन को नहीं समझाता
- C अभिकथन सही है; परंतु उसका कारण ग़लत है
- D अभिकथन ग़लत है; परंतु उसका कारण सही है
Show answer
Why:
दोनों सही हैं, और कारण ही भ्रम का कारण है। वह तहदार खाल दूर से लोहे के कवच जैसी दिखती है।
- A वह लड़ाई जीतकर लौटा और उसे इनाम मिला
- B वह डरकर नदी में कूद गया और बह गया
- C वह हाथी का पक्का दोस्त बनकर हमेशा उसके साथ ही रहने लगा था
- D वह निर्देश नहीं मान सका, इसलिए कवच सहित वन लौटा दिया गया
Show answer
Why:
कथा के अनुसार गैंडा बात नहीं मान सका।
- A वहाँ केवल एक ही तरह का हिरण मिलता है।
- B वहाँ हिरण बिलकुल नहीं पाए जाते हैं।
- C वहाँ चार अलग-अलग तरह के हिरण रहते हैं।
- D वहाँ के सभी हिरण दलदल में ही रहते हैं।
Show answer
Why:
भौंकने वाला, दलदली, साँभर और बौना सूअर हिरण।
- A केवल I और II
- B केवल II और III
- C केवल I और III
- D I, II और III
Show answer
Why:
I और III सही हैं। II सही नहीं है: यह पाठ चिट्ठी के रूप में लिखा गया है।
- A उसी दिन घर लौट जाना
- B अगले दिन फिर उद्यान जाना
- C अब किसी और राज्य में जाना
- D बाकी दिन होटल में आराम करना
Show answer
Why:
उनका मन नहीं भरा था, इसलिए वे दोबारा गए।
Important short questions (5)
हाथी पर सैर सूरज निकलने से पहले शुरू होनी थी। इसलिए सब अँधेरे में ही तैयार हो गए।
हिरण और भैंसे शक करके दूर हट गए। गैंडे अपनी जगह पर जमे रहे।
लगता है उसने कवच पहन रखा है। उसकी मोटी खाल पर बड़ी तहें बनी होती हैं।
लोग सींग को दवा समझकर उनका शिकार करते रहे। इसी लालच से उनकी गिनती घटती चली गई।
मैं वहाँ के पेड़ और पशुओं के बारे में लिखूँगा। साथ में अपनी सैर की एक मज़ेदार बात भी बताऊँगा।
Long answer questions (2)
सुबह की हवा बहुत ठंडी थी। हाथी ऊँची घास के बीच धीरे-धीरे चल रहा था। दूर मैदान में हिरणों के झुंड घास चर रहे थे। कुछ भारी गैंडे बिना हिले खड़े थे। हाथी की चाल से मैं हल्का-हल्का झूल रहा था। मुझे डर नहीं लगा, बहुत मज़ा आया। मन कर रहा था कि सैर कभी खत्म न हो।
पहला कारण यह कि उसकी नाक पर एक ही सींग होती है। दूसरा कारण यह कि वह हाथी के बाद हमारे देश का सबसे बड़ा पशु है। तीसरा कारण यह कि वह दुनिया में सिर्फ़ भारत और नेपाल में बचा है। इसी पशु के कारण काजीरंगा को दूर-दूर तक लोग जानते हैं। इसीलिए उसे बचाना ज़रूरी है।
Flashcards (12)
Play this topic
- जोड़ी ढूँढो
- पहला दिन क्रम से लगाओ
- किसका है यह?
- सच या भ्रम?
- झटपट सवाल
दूसरा दिन: जीप, बील और उद्यान की सीख
दूसरे दिन चाचा जीप से उद्यान घूमते हैं। वे बील पर पक्षी और ऊदबिलाव देखते हैं। लौटते समय जंगली हाथियों का झुंड मिलता है।
What you will be able to do
- मैं दूसरे दिन की सैर की बातें क्रम से बता सकता/सकती हूँ।
- मैं समझा सकता/सकती हूँ कि राष्ट्रीय उद्यान क्यों बनाए जाते हैं।
- मैं देश के कुछ प्रसिद्ध उद्यानों के नाम और खासियत बता सकता/सकती हूँ।
Key points
दूसरे दिन की सैर जीप से हुई। साथ में एक वन संरक्षक भी गया था।
असम में झील को बील कहते हैं। बील पर सैकड़ों पक्षी जमा थे।
लौटते समय जंगली हाथियों का झुंड दिखा। उसमें पाँच-छह बच्चे भी थे।
बाघ नहीं दिखा, क्योंकि वह ज़्यादातर रात में ही बाहर निकलता है।
उद्यान में कई तरह के पशु शांति से साथ-साथ रहते हैं।
Full explanation
मन जो नहीं भरा था
पहली सैर के बाद चाचा का मन अधूरा रह गया था। रात भर वे जंगल के बारे में सोचते रहे। सुबह उठते ही उन्होंने जल्दी नाश्ता किया। फिर वे दोबारा उद्यान की ओर चल पड़े। इस बार सूरज निकल चुका था। घास पर ओस चमक रही थी।
इस बार जीप से
दूसरे दिन सवारी बदल गई थी। इस बार सब लोग एक खुली जीप में बैठे। जीप कच्चे रास्ते पर हिलती-डुलती चली। साथ में जंगल का एक कर्मचारी भी था। ऐसे कर्मचारी को वन संरक्षक कहते हैं। वही सबको रास्ता और नियम बताता जा रहा था।
बील यानी झील
जीप एक बड़ी झील के पास रुकी। असम में ऐसी झील को बील कहते हैं। पानी बिलकुल शांत था। किनारे पर लंबी घास उगी थी। चालक ने इंजन बंद कर दिया। सब लोग चुपचाप बैठ गए। अब सिर्फ़ पक्षियों की आवाज़ें सुनाई दे रही थीं।
पक्षियों की भीड़
बील पर सैकड़ों पक्षी जमा थे। वहाँ सारस अपनी लंबी टाँगों पर खड़े थे। बगुले पानी में मछली ताक रहे थे। पेलिकन अपनी बड़ी चोंच लिए तैर रहे थे। इतने सारे पक्षी चाचा ने पहले कभी एक जगह नहीं देखे थे। उनकी आँखें खुली की खुली रह गईं।
पानी में उछलते ऊदबिलाव
पानी के भीतर कुछ हलचल हुई। एक छोटा सिर बाहर आया और फिर डूब गया। वे ऊदबिलाव थे। वे बार-बार उछलकर पानी में गोता लगा रहे थे। उनका खेल देखकर सबको हँसी आ गई। वन संरक्षक ने बताया कि वे मछली पकड़ रहे हैं।
लौटते समय का तोहफ़ा
लौटते-लौटते सबसे बड़ी बात हुई। सामने रास्ते पर जंगली हाथियों का झुंड आ गया। झुंड में पाँच-छह छोटे बच्चे भी थे। जीप दूर ही रोक दी गई। सब लोग साँस रोककर देखते रहे। ऐसा मौका बहुत कम लोगों को मिलता है।
पहरा देता विशाल हाथी
झुंड धीरे-धीरे रास्ता पार करने लगा। एक बहुत बड़ा हाथी एक ओर खड़ा रहा। वह हिला तक नहीं। वह तब तक पहरा देता रहा, जब तक सब पार न हो गए। सबसे आखिर में वही आगे बढ़ा। वन संरक्षक ने कहा कि यही उनका नियम है।
बाघ क्यों नहीं दिखा
काजीरंगा में बाघ भी रहते हैं। चाचा उसे देखना चाहते थे, पर वह नहीं दिखा। मार्गदर्शक ने इसका कारण बताया। बाघ दिन में घनी घास में छिपा रहता है। वह ज़्यादातर रात के समय शिकार पर निकलता है। इसीलिए उसे देख पाना कठिन है।
सब साथ-साथ रहते हैं
पूरी सैर की सबसे सुंदर बात यही थी। उद्यान में कई तरह के जीव एक साथ रहते हैं। हिरण, भैंसा, गैंडा, हाथी और पक्षी — सब अपनी जगह बनाए रखते हैं। कोई बेमतलब झगड़ा नहीं करता। चाचा ने सोचा कि लोग भी ऐसे ही मिलकर रह सकें तो कितना अच्छा हो।
राष्ट्रीय उद्यान क्या है
राष्ट्रीय उद्यान कोई बगीचा नहीं है। यह सरकार का बचाया हुआ बड़ा जंगल है। वहाँ पेड़, पशु और पक्षी अपने असली घर में रहते हैं। वहाँ शिकार करना और पेड़ काटना मना है। लोग केवल देखने जा सकते हैं। आज हमारे देश में सौ से भी ज़्यादा ऐसे उद्यान हैं।
देश के कुछ और उद्यान
हर उद्यान अपनी किसी खास बात से जाना जाता है। उत्तराखंड का जिम कॉर्बेट सबसे पुराना है। पश्चिम बंगाल का सुंदरबन बाघों के लिए प्रसिद्ध है। केरल का पेरियार हाथियों के लिए जाना जाता है। मध्य प्रदेश का कान्हा बारहसिंगा के लिए मशहूर है। और काजीरंगा गैंडे के लिए।
चिट्ठी की आखिरी बात
अंत में चाचा ने बच्चों से एक बात कही। उन्होंने लिखा कि जंगल के जीव हमारे साथी हैं। उनसे मिल-जुलकर रहना सीखा जा सकता है। फिर उन्होंने अपना नाम लिखकर चिट्ठी पूरी की। कक्षा में देर तक चुप्पी छाई रही।
Concepts and terms
असम में झील के लिए बोला जाने वाला शब्द। नदी के पुराने मोड़ से बनी ऐसी झीलों पर बहुत पक्षी आते हैं।
जंगल की रखवाली करने वाला कर्मचारी। वह रास्ता दिखाता है, पशुओं का ध्यान रखता है और शिकार रोकता है।
दोनों बचाई हुई जगहें हैं। अभयारण्य किसी एक तरह के जीव के लिए, उद्यान पूरे जंगल के लिए बनाया जाता है।
सावधान!
सच या भ्रम?
असली दुनिया में
Scenario:
ओडिशा के एक गाँव का स्कूल जंगल के पास है। वहाँ हर शनिवार बच्चों की एक टोली निकलती है। वे तालाब के किनारे बैठकर पक्षी गिनते हैं। हर बच्चा अपनी कॉपी में नाम और गिनती लिखता है। सोमवार को शिक्षक सारी कॉपियाँ जोड़ते हैं। फिर दीवार पर एक बड़ा चार्ट बनता है। पिछले साल चार्ट में बगुले सबसे ज़्यादा थे। इस साल उनकी गिनती घट गई। बच्चों ने कारण खोजा। तालाब के किनारे कूड़ा फेंका जा रहा था। टोली ने गाँव में एक छोटा नाटक किया। उसके बाद लोगों ने कूड़ा फेंकना बंद कर दिया। अगले महीने बगुले फिर लौट आए।
Analysis:
गिनती लिखने से बदलाव दिखता है। भाषा और नाटक से वही बात गाँव तक पहुँचती है।
Activity:
एक सप्ताह तक रोज़ शाम को अपने आसपास दिखे पक्षियों के नाम और गिनती कॉपी में लिखो।
कक्षा का अभयारण्य
Title:
एक कोना, जहाँ कोई हाथ न लगाए
Safety:
कीड़ों को छूना नहीं। घेरा बनाते समय तीली की नोक ज़मीन की ओर रखो।
What You Notice:
घेरे के भीतर पौधे और कीड़े दोनों बाहर से ज़्यादा निकलते हैं। राष्ट्रीय उद्यान इसी एक नियम पर चलते हैं — जगह छोड़ दो, जीवन अपने आप बढ़ जाता है।
Did you know
ऊदबिलाव पानी में बहुत अच्छा तैरता है। वह मछली पकड़ने में बड़ा फुर्तीला होता है।
हाथियों का झुंड ज़्यादातर एक बड़ी हथिनी के पीछे चलता है। वही रास्ता तय करती है।
Memory tricks
दूसरे दिन का क्रम — जीप, बील, पक्षी, हाथी — दूसरे दिन के चारों साथी। — जीप से निकलना, बील तक पहुँचना, वहाँ पक्षी देखना और लौटते समय हाथियों का झुंड मिलना।
Practice MCQs with answers (15)
- A खुली जीप से
- B नाव में बैठकर नदी से
- C हाथी की पीठ पर बैठकर
- D पैदल चलते हुए
Show answer
Why:
पहले दिन हाथी था और दूसरे दिन जीप।
- A ताल
- B कुंड
- C बील
- D सर
Show answer
Why:
पाठ में इसी शब्द का प्रयोग हुआ है।
- A ज़ोर से ताली बजाकर पक्षियों को उड़ाया
- B पानी में उतरकर नहाना शुरू कर दिया
- C इंजन बंद करके चुपचाप बैठ गए
- D जीप को झील के बीच तक ले गए
Show answer
Why:
शोर से पक्षी उड़ जाते, इसलिए सब चुप हो गए।
- A ऊदबिलाव
- B मगरमच्छ
- C कछुए
- D साँप
Show answer
Why:
वे मछली पकड़ने के लिए गोता लगा रहे थे।
- A 1-ग, 2-क, 3-घ, 4-ख
- B 1-क, 2-ग, 3-ख, 4-घ
- C 1-ग, 2-घ, 3-क, 4-ख
- D 1-ख, 2-क, 3-ग, 4-घ
Show answer
Why:
सुंदरबन बाघों के लिए और काजीरंगा गैंडे के लिए जाना जाता है।
- A दोनों सही हैं; कारण अभिकथन को समझाता है
- B दोनों सही हैं; कारण अभिकथन को नहीं समझाता
- C अभिकथन सही है; परंतु उसका कारण ग़लत है
- D अभिकथन ग़लत है; परंतु उसका कारण सही है
Show answer
Why:
दोनों सही हैं, और कारण ही रोकने का उद्देश्य है। जंगल में जीव पहले हैं, देखने वाले बाद में।
- A झुंड में एक भी छोटा बच्चा नहीं था।
- B बड़ा हाथी सबसे पहले रास्ता पार कर गया।
- C बड़ा हाथी सबके पार होने तक खड़ा रहा।
- D हाथियों ने जीप पर हमला कर दिया था।
Show answer
Why:
वह पहरा देता रहा और आखिर में आगे बढ़ा।
- A उस उद्यान में बाघ रहते ही नहीं हैं
- B सभी बाघ उस दिन बीमार थे
- C बाघ नदी के उस पार चले गए थे
- D वह रात में ही बाहर निकलता है
Show answer
Why:
दिन में वह घनी घास में छिपा रहता है।
- A हॉर्न बजाकर उन्हें भगा दोगे
- B चुपचाप रुककर उन्हें जाने दोगे
- C उतरकर उनके पीछे दौड़ोगे
- D उन्हें बिस्किट खिलाने की कोशिश करोगे
Show answer
Why:
जंगल में जीवों को परेशान करना मना है।
- A उद्यान में केवल पक्षी ही रखे जाते हैं
- B उद्यान में जीव अपने असली जंगल में खुले रहते हैं
- C चिड़ियाघर में जीवों की गिनती बहुत ज़्यादा होती है
- D चिड़ियाघर सरकार नहीं, गाँव वाले चलाते हैं
Show answer
Why:
चिड़ियाघर में पशु घेरों में रहते हैं।
- A रणथंभौर उद्यान
- B जिम कॉर्बेट उद्यान
- C सिमलिपाल उद्यान
- D दुधवा उद्यान
Show answer
Why:
यह उत्तराखंड में है और सबसे पहले बना था।
- A झारखंड में
- B ओडिशा के समुद्र तट पर
- C बिहार में
- D पश्चिम बंगाल में
Show answer
Why:
वह बाघों के लिए प्रसिद्ध है।
- A केवल I और II
- B केवल II और III
- C केवल I और III
- D I, II और III
Show answer
Why:
I और III सही हैं। II सही नहीं है: राष्ट्रीय उद्यान में शिकार पूरी तरह मना है।
- A पहाड़
- B खेत
- C गाँव
- D बील
Show answer
Why:
बील पर ही सैकड़ों पक्षी दिखे थे।
- A जंगल जाने से हमेशा बचना चाहिए
- B जंगल के जीवों से मिलकर रहना सीखो
- C हर पशु को घर में पालना चाहिए
- D उद्यान में सबसे तेज़ दौड़ लगानी चाहिए
Show answer
Why:
उद्यान में कई जीव शांति से साथ रहते हैं।
Important short questions (5)
इस बार सवारी हाथी नहीं, जीप थी। साथ में जंगल का एक वन संरक्षक भी गया था।
शोर से पक्षी उड़ जाते। चुप रहने पर ही उन्हें पास से देखा जा सकता था।
वह एक ओर खड़ा होकर पहरा दे रहा था। सबके पार होने पर ही वह आगे बढ़ा।
वह दिन में घनी घास में छिपा रहता है। शिकार के लिए वह रात में निकलता है।
जीव अपने असली घर में सुरक्षित रहते हैं। शिकार और पेड़ कटने से जंगल बचा रहता है।
Long answer questions (2)
पहली बात बील की थी। वहाँ शांत पानी पर सैकड़ों पक्षी जमा थे। दूसरी बात ऊदबिलावों की थी, जो बार-बार पानी में गोता लगा रहे थे। तीसरी और सबसे बड़ी बात जंगली हाथियों का झुंड था। उसमें छोटे बच्चे भी चल रहे थे। एक बड़ा हाथी सबके पार होने तक पहरा देता रहा। यही दृश्य सबसे यादगार बना।
उद्यान में कई तरह के जीव एक साथ रहते हैं। हिरण, भैंसा, गैंडा और हाथी अपनी-अपनी जगह बनाए रखते हैं। कोई बेमतलब झगड़ा नहीं करता। हम भी अपने मोहल्ले और कक्षा में ऐसे ही रह सकते हैं। अलग भाषा या अलग रीति देखकर झगड़ने की ज़रूरत नहीं। मिल-जुलकर रहने से सबका जीवन आसान हो जाता है।
Flashcards (12)
Play this topic
- उद्यान और पहचान
- दूसरा दिन क्रम से लगाओ
- कहाँ रहते हैं?
- सच या भ्रम?
- झटपट सवाल
घूमो-देखो और शब्दों की सैर
इस भाग में मणिपुर की लोकतक झील और कर्नाटक का कूर्ग देखने मिलते हैं। साथ में समूह बताने वाले शब्द और वाक्यांश के लिए एक शब्द सीखे जाते हैं।
What you will be able to do
- मैं लोकतक झील और कूर्ग की खास बातें बता सकता/सकती हूँ।
- मैं समूह बताने वाले शब्द सही जगह पर लगा सकता/सकती हूँ।
- मैं लंबे वाक्यांश की जगह एक सही शब्द रख सकता/सकती हूँ।
Key points
लोकतक झील मणिपुर में है। उसमें घास के बड़े टुकड़े तैरते रहते हैं।
तैरती घास के इन टुकड़ों को फुमदी कहते हैं। उन पर मछुआरे झोंपड़ी बनाते हैं।
केईबुल लामजाओ तैरता हुआ उद्यान है। वहाँ मणिपुर का राज्य पशु संगई हिरण मिलता है।
कूर्ग कर्नाटक का एक ज़िला है। वहाँ हरे पहाड़ और चाय-कॉफ़ी के बागान हैं।
समूह के लिए अलग-अलग शब्द होते हैं, जैसे झुंड, रेवड़, गुच्छा, गट्ठर और छत्ता।
Full explanation
नक्शे के आगे बैठे दो बच्चे
पाठ पढ़ने के बाद दो बच्चे नक्शे के पास बैठ गए। एक ने पूछा कि और कहाँ-कहाँ घूमा जा सकता है। शिक्षिका ने नक्शे पर दो जगहें दिखाईं। पहली जगह पूर्वोत्तर में थी और दूसरी दक्षिण में। दोनों जगहें बिलकुल अलग तरह की हैं। चलो, दोनों देख आते हैं।
मणिपुर की लोकतक झील
पहली जगह मणिपुर में है। वहाँ एक बहुत बड़ी मीठे पानी की झील है। उसका नाम लोकतक है। दूर से देखने पर लगता है कि झील का कुछ हिस्सा हिल रहा है। पास जाने पर बात समझ आती है। पानी पर घास के मोटे टुकड़े तैर रहे होते हैं।
फुमदी क्या हैं
तैरते हुए इन टुकड़ों को फुमदी कहते हैं। ये घास, जड़ों और मिट्टी से बने होते हैं। ये इतने मज़बूत होते हैं कि इन पर खड़ा हुआ जा सकता है। मछुआरे इन्हीं पर झोंपड़ी बनाकर रहते हैं। उनका घर पानी के साथ धीरे-धीरे खिसकता रहता है।
तैरता हुआ उद्यान
सबसे बड़ा फुमदी बहुत चौड़ा है। उसी पर एक राष्ट्रीय उद्यान बसा है। उसका नाम केईबुल लामजाओ है। ऐसा तैरता उद्यान दुनिया में कहीं और नहीं है। वहाँ संगई हिरण घूमता दिख जाता है। वही मणिपुर का राज्य पशु है।
अब चलें दक्षिण की ओर
दूसरी जगह कर्नाटक में है। उसका नाम कूर्ग है। लोग उसे कोडागु भी कहते हैं। यह कोई राज्य नहीं, एक ज़िला है। वहाँ चारों ओर हरे-भरे पहाड़ दिखते हैं। घने जंगल और बागान पूरे इलाके में फैले हैं।
बागानों की महक
कूर्ग के बागानों में चाय और कॉफ़ी उगती है। वहाँ कई तरह के मसाले भी होते हैं। हवा में हल्की-सी महक घुली रहती है। गरमी में भी वहाँ का मौसम ठंडा बना रहता है। ऊँची मंडलपट्टी पहाड़ी से बादल पास से गुज़रते दिखते हैं।
नदी का जन्म
कूर्ग से एक बड़ी नदी निकलती है। उसका नाम कावेरी है। जहाँ से नदी निकलती है, उसे उद्गम कहते हैं। पास ही दो अभयारण्य हैं। वहाँ एशियाई हाथी, चित्तीदार हिरण और गौर रहते हैं। कई सुंदर पक्षी भी वहीं मिलते हैं।
अब शब्दों की सैर
पाठ में एक वाक्य आया था — हाथियों का झुंड दिखा। यहाँ झुंड शब्द समूह बता रहा है। हर समूह के लिए एक ही शब्द नहीं चलता। भेड़ों के समूह को रेवड़ कहते हैं। अंगूरों के समूह को गुच्छा कहते हैं। हर समूह का अपना शब्द है।
समूह के कुछ और शब्द
मधुमक्खियाँ मिलकर छत्ता बनाती हैं। लकड़ियों को बाँधकर गट्ठर बनता है। मेले में जुटे लोगों के लिए भीड़ शब्द आता है। चाबियों के लिए गुच्छा भी बोला जाता है। सही शब्द चुनने से वाक्य साफ़ और सुंदर बन जाता है।
लंबी बात, एक शब्द
कभी-कभी लंबी बात एक ही शब्द में कही जा सकती है। देखने लायक के लिए दर्शनीय शब्द है। तारीफ़ के लायक के लिए प्रशंसनीय आता है। मीठा बोलने वाले को मृदुभाषी कहते हैं। हफ़्ते में एक बार होने वाले काम को साप्ताहिक कहते हैं।
बड़ा भाई यानी अग्रज
अपने से बड़े भाई के लिए एक शब्द है — अग्रज। यह शब्द सुनने में कठिन लगता है। पर इसका अर्थ आसान है। ऐसे शब्दों से लिखना छोटा हो जाता है। अर्थ में कोई अंतर नहीं आता। इन्हें रोज़ के वाक्यों में लगाकर देखो।
घूमना भी सीखना है
दोनों जगहें अलग हैं, पर एक बात दोनों में है। दोनों जगह लोग अपने जंगल और पानी को बचाते हैं। घूमने जाना केवल मज़ा नहीं है। इससे नई जगह, नए शब्द और नई आदतें सीखने मिलती हैं। बच्चों ने नक्शे पर दोनों जगहें गोल घेर लीं।
Concepts and terms
पानी पर तैरते हुए घास और मिट्टी के मोटे टुकड़े। ये लोकतक झील में मिलते हैं और इन पर चला भी जा सकता है।
एक जैसी चीज़ों के झुंड के लिए बने खास शब्द। जैसे हाथियों का झुंड, भेड़ों का रेवड़ और अंगूरों का गुच्छा।
कई शब्दों की बात एक ही शब्द में कहना। जैसे देखने लायक के लिए दर्शनीय और मीठा बोलने वाला के लिए मृदुभाषी।
सावधान!
सच या भ्रम?
Case Study
Scenario:
कक्षा ने दो जगहों की तुलना की। मणिपुर की लोकतक झील और कर्नाटक का कूर्ग। बच्चों ने हर जगह के लिए पहचान के शब्द खोजे। लोकतक पर तैरते टापू हैं, जिन्हें फुमदी कहते हैं। कूर्ग में कहवे के बाग और घनी पहाड़ियाँ हैं। फिर बच्चों ने समूह बताने वाले शब्द जोड़े। पक्षियों का झुंड और पेड़ों का झुरमुट सूची में आए। सना ने कहा कि एक शब्द पूरी बात कह देता है। झुंड कहने पर गिनती अलग से बतानी नहीं पड़ती।
Analysis:
जगह की पहचान कुछ ही शब्दों में बँध जाती है। समूहवाचक शब्द भी यही करते हैं, कई को एक में समेट देते हैं।
Activity:
अपने राज्य की दो जगहें चुनो। हर एक के लिए तीन-तीन शब्द लिखो जो उसकी पहचान बताएँ।
घर पर करके देखो
Title:
समूह-शब्दों का जोड़ी-खेल
What You Notice:
कुछ जोड़ियाँ तुरंत याद आ जाती हैं और कुछ बार-बार गलत बैठती हैं। खेलते-खेलते वही कठिन जोड़ियाँ पक्की हो जाती हैं।
Did you know
सबसे बड़ा फुमदी इतना चौड़ा है कि उस पर पूरा एक उद्यान बसा हुआ है।
कूर्ग को कोडागु भी कहते हैं। यह नाम वहाँ के लोग ज़्यादा बोलते हैं।
Memory tricks
समूह के शब्द — भेड़ का रेवड़, अंगूर का गुच्छा, मधुमक्खी का छत्ता। — तीन जोड़े याद कर लो तो बाकी अपने आप जुड़ जाते हैं। हर समूह का अपना शब्द होता है।
तैरती झील — झील नहीं तैरती, फुमदी तैरते हैं। — लोकतक में पानी अपनी जगह रहता है। उस पर घास के मोटे टुकड़े इधर-उधर तैरते हैं।
Practice MCQs with answers (15)
- A मणिपुर में
- B असम में
- C मेघालय में
- D त्रिपुरा में
Show answer
Why:
यह मणिपुर की बड़ी मीठे पानी की झील है।
- A टापू
- B किनारा
- C नाव
- D फुमदी
Show answer
Why:
ये घास, जड़ों और मिट्टी से बनते हैं।
- A पूरी झील हवा में ऊपर उठी रहती है
- B झील बारिश में एक जगह से दूसरी जगह चली जाती है
- C झील के पानी पर घास के मोटे टुकड़े तैरते हैं
- D झील का पानी कभी एक जगह नहीं ठहरता
Show answer
Why:
तैरते फुमदी ही यह भ्रम पैदा करते हैं।
- A दोनों सही हैं; कारण अभिकथन को समझाता है
- B दोनों सही हैं; कारण अभिकथन को नहीं समझाता
- C अभिकथन सही है; परंतु उसका कारण ग़लत है
- D अभिकथन ग़लत है; परंतु उसका कारण सही है
Show answer
Why:
दोनों सही हैं, और कारण ही उसका अनोखापन है। ज़मीन की जगह वहाँ तैरती घास है।
- A चारों ओर ऊँचे पहाड़ खड़े मिलेंगे
- B आसपास रेत का मैदान फैला होगा
- C झोंपड़ी के नीचे पक्की सड़क बनी होगी
- D तुम्हारी झोंपड़ी थोड़ी खिसक चुकी होगी
Show answer
Why:
फुमदी पानी के साथ धीरे-धीरे खिसकते रहते हैं।
- A यह कर्नाटक का एक ज़िला है।
- B यह हमारे देश का एक अलग राज्य है।
- C यह समुद्र के बीच बना एक द्वीप है।
- D यह रेगिस्तान में बसा एक शहर है।
Show answer
Why:
इसे कोडागु नाम से भी पुकारा जाता है।
- A कूर्ग के पहाड़ों में
- B लोकतक झील में
- C ब्रह्मपुत्र के किनारे
- D सुंदरबन के जंगल में
Show answer
Why:
उद्गम यानी जहाँ से नदी निकलती है।
- A 1-क, 2-ग, 3-घ, 4-ख
- B 1-ग, 2-घ, 3-क, 4-ख
- C 1-ग, 2-क, 3-ख, 4-घ
- D 1-घ, 2-ग, 3-क, 4-ख
Show answer
Why:
भेड़ों का रेवड़, अंगूरों का गुच्छा और लकड़ियों का गट्ठर।
- A छत्ता
- B गट्ठर
- C रेवड़
- D गुच्छा
Show answer
Why:
भेड़ों के समूह के लिए यही शब्द आता है।
- A झुंड
- B रेवड़
- C भीड़
- D छत्ता
Show answer
Why:
लोगों के समूह के लिए भीड़ शब्द आता है।
- A प्रशंसनीय
- B दर्शनीय
- C साप्ताहिक
- D मृदुभाषी
Show answer
Why:
देखने लायक के लिए दर्शनीय शब्द बनता है।
- A अग्रज
- B मृदुभाषी
- C दर्शनीय
- D प्रशंसनीय
Show answer
Why:
मृदु यानी कोमल और भाषी यानी बोलने वाला।
- A वार्षिक
- B दैनिक
- C मासिक
- D साप्ताहिक
Show answer
Why:
सप्ताह में एक बार होने वाले काम को साप्ताहिक कहते हैं।
- A कूर्ग में चाय और कॉफ़ी के बहुत बड़े-बड़े बागान हैं।
- B अग्रज का अर्थ अपने से छोटा भाई होता है।
- C संगई हिरण मणिपुर राज्य का राज्य पशु है।
- D फुमदी पर मछुआरे अपनी झोंपड़ी बनाते हैं।
Show answer
Why:
अग्रज का अर्थ अपने से बड़ा भाई है।
- A केवल I और II
- B केवल II और III
- C केवल I और III
- D I, II और III
Show answer
Why:
I और III सही हैं। II सही नहीं है: लोकतक मणिपुर में है और कूर्ग कर्नाटक में।
Important short questions (5)
उसके पानी पर घास के मोटे टुकड़े तैरते रहते हैं। इन्हीं को फुमदी कहते हैं।
वह तैरते हुए फुमदी पर बसा है। ऐसा उद्यान और कहीं नहीं मिलता।
वहाँ हरे-भरे पहाड़ हैं। चाय और कॉफ़ी के बागान फैले हैं। कावेरी नदी वहीं से निकलती है।
भेड़ों का रेवड़, अंगूरों का गुच्छा और मधुमक्खियों का छत्ता।
तारीफ़ के लायक के लिए प्रशंसनीय। बड़े भाई के लिए अग्रज।
Long answer questions (2)
पहला अंतर जगह का है। लोकतक मणिपुर में है और कूर्ग कर्नाटक में। दूसरा अंतर रूप का है। एक बड़ी झील है और दूसरा हरे पहाड़ों वाला ज़िला। तीसरा अंतर वहाँ मिलने वाली चीज़ों का है। लोकतक में फुमदी तैरते हैं और कूर्ग में बागान फैले हैं। चौथा अंतर जीवों का है। वहाँ संगई हिरण है, यहाँ एशियाई हाथी।
सही शब्द से बात एक ही बार में साफ़ हो जाती है। बहुत सारी भेड़ें कहने से लंबा वाक्य बनता है। भेड़ों का रेवड़ कहने पर वही बात छोटी हो जाती है। इसी तरह लकड़ियों का गट्ठर और मधुमक्खियों का छत्ता सुनने में सुंदर लगते हैं। गलत शब्द लगाने पर वाक्य अटपटा हो जाता है। इसीलिए हर समूह का अपना शब्द याद रखना चाहिए।
Flashcards (12)
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- समूह के शब्द जोड़ो
- एक शब्द ढूँढो
- कौन कहाँ का?
- सच या भ्रम?
- झटपट सवाल
Class 5 Hindi Chapter 8 — frequently asked questions
हाथी पर सैर सूरज निकलने से पहले शुरू होनी थी। इसलिए सब अँधेरे में ही तैयार हो गए।
हिरण और भैंसे शक करके दूर हट गए। गैंडे अपनी जगह पर जमे रहे।
लगता है उसने कवच पहन रखा है। उसकी मोटी खाल पर बड़ी तहें बनी होती हैं।
इस बार सवारी हाथी नहीं, जीप थी। साथ में जंगल का एक वन संरक्षक भी गया था।
शोर से पक्षी उड़ जाते। चुप रहने पर ही उन्हें पास से देखा जा सकता था।
वह एक ओर खड़ा होकर पहरा दे रहा था। सबके पार होने पर ही वह आगे बढ़ा।
उसके पानी पर घास के मोटे टुकड़े तैरते रहते हैं। इन्हीं को फुमदी कहते हैं।
वह तैरते हुए फुमदी पर बसा है। ऐसा उद्यान और कहीं नहीं मिलता।
वहाँ हरे-भरे पहाड़ हैं। चाय और कॉफ़ी के बागान फैले हैं। कावेरी नदी वहीं से निकलती है।
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