Class 5 Hindi Chapter 1: किरन
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कविता 'किरन': भाव और कहानी
एक बच्ची सुबह-सुबह सूरज की किरन से बातें करती है। किरन बताती है कि वह कभी नहीं सोती। वह धरती के दूसरे हिस्से में बच्चों को जगाने जाती है।
What you will be able to do
- मैं कविता 'किरन' की कहानी अपने शब्दों में सुना सकता/सकती हूँ।
- मैं बता सकता/सकती हूँ कि कविता में कौन-कौन बात कर रहा है।
- मैं समझा सकता/सकती हूँ कि एक जगह दिन और दूसरी जगह रात क्यों होती है।
Key points
कविता 'किरन' निरंकार देव 'सेवक' ने लिखी है।
कविता में एक बच्ची और सूरज की किरन आपस में बातें करती हैं।
बच्ची शिकायत करती है कि किरन शाम को उसे अकेला छोड़कर चली गई।
किरन कहती है कि वह सोती नहीं, धरती के दूसरे हिस्से में बच्चों को जगाने जाती है।
धरती घूमती है, इसलिए धूप वाले हिस्से में दिन और बाकी हिस्से में रात होती है।
Full explanation
तारा का सवाल
तारा के कमरे में एक छोटी खिड़की है। रोज़ सुबह धूप उसी खिड़की से अंदर आती है। धूप तारा के गाल पर पड़ती है और वह जाग जाती है। एक दिन तारा ने सोचा, “यह किरन रात भर कहाँ रहती है? क्या यह भी मेरी तरह सोती है?” चलो, एक कविता में इसका जवाब ढूँढते हैं।
कविता और कवि
इस कविता का नाम है 'किरन'। इसे निरंकार देव 'सेवक' ने लिखा है। कविता में दो सहेलियाँ बात करती हैं। एक है छोटी बच्ची। दूसरी है सूरज की किरन। यहाँ किरन किसी इंसान की तरह बोलती है, खेलती है और आती-जाती है। कविता को ज़ोर से पढ़ो। फिर सोचो कि कौन क्या कह रहा है।
बच्ची की शिकायत
सुबह किरन बहुत जल्दी आ गई। बच्ची अभी बिस्तर से उठी भी नहीं थी। वह किरन से कहती है, “कल हम शाम तक साथ खेले थे। पर शाम होते ही तुम सोने चली गईं और मैं अकेली रह गई।” बच्ची को लगता है कि किरन रात भर आराम से सोई होगी।
बच्ची को नींद क्यों नहीं आई?
रात को बच्ची को जल्दी नींद नहीं आई। वह परियों की कहानियाँ पढ़ती रही। पढ़ते-पढ़ते बहुत देर हो गई। तब जाकर उसे नींद आई। इसीलिए सुबह वह समय पर नहीं उठ पाई। ध्यान दो, वह रात को खेल नहीं रही थी। वह कहानियाँ पढ़ रही थी।
किरन का जवाब
अब किरन की बारी है। वह हँसकर कहती है, “सोने का समय मुझे भी कहाँ मिलता है!” वह बताती है कि बच्ची के सोते ही वह दूसरी जगह चली जाती है। कवि के शब्दों में किरन कहती है, “एक दूसरी दुनिया में मैं जाती हूँ।” यानी किरन रात को सोती नहीं, काम पर जाती है।
दूसरी दुनिया में किरन का काम
उस दूसरी जगह भी बच्चे बिस्तर में सो रहे होते हैं। किरन वहाँ पहुँचकर उन्हें जगाती है। वहाँ दिन ढलने पर किरन फिर लौटकर बच्ची के पास आ जाती है। इस तरह किरन का आना-जाना रोज़ चलता रहता है। वह एक दिन की भी छुट्टी नहीं लेती।
यहाँ और वहाँ कौन-सी जगहें हैं?
कविता में 'यहाँ' का मतलब है बच्ची की अपनी जगह, उसका देश। 'वहाँ' का मतलब है धरती का दूसरा हिस्सा। 'दूसरी दुनिया' कोई परियों का देश नहीं है। वह हमारी ही धरती का वह हिस्सा है, जहाँ उस समय सुबह हो रही होती है।
धरती एक बड़ी गेंद जैसी है
अब विज्ञान की बात। हमारी धरती एक बड़ी गेंद जैसी गोल है। वह लट्टू की तरह अपनी जगह पर घूमती रहती है। सूरज हर समय चमकता रहता है। धरती का जो हिस्सा सूरज के सामने आता है, वहाँ दिन होता है। पीछे वाले हिस्से तक धूप नहीं पहुँचती। वहाँ रात होती है।
टॉर्च और गेंद से समझो
एक अँधेरे कमरे में टॉर्च जलाओ। टॉर्च को सूरज मान लो। एक गेंद को धरती मान लो। गेंद का जो हिस्सा टॉर्च की ओर है, वह चमकता है। वहाँ दिन है। दूसरा हिस्सा अँधेरे में है। वहाँ रात है। अब गेंद को धीरे-धीरे घुमाओ। अँधेरे वाला हिस्सा रोशनी में आ जाता है। वहाँ सुबह हो गई!
कविता की कल्पना, विज्ञान का सच
कविता में किरन चलकर दूसरी दुनिया जाती है। यह कवि की सुंदर कल्पना है। सच में सूरज की रोशनी हर समय धरती के आधे हिस्से पर पड़ती है। धरती घूमती है, इसलिए रोशनी वाला हिस्सा बदलता रहता है। कविता हमें मीठा सपना दिखाती है। विज्ञान हमें उसका कारण बताता है।
किरन जैसे मेहनती लोग
किरन रोज़ समय पर आती है और समय पर जाती है। वह कभी आलस नहीं करती। हमारे आस-पास भी ऐसे लोग हैं। घर में कोई बड़ा सबसे पहले उठकर सबको जगाता है। दूध वाले भैया सुबह-सुबह दूध लाते हैं। सफ़ाई करने वाले दीदी-भैया रोज़ काम पर आते हैं। सोचो, तुम इनके लिए क्या कर सकते हो?
Concepts and terms
इस कविता में दो बोलने वाले हैं। पहले बच्ची अपनी शिकायत कहती है। फिर किरन उसका जवाब देती है।
जब कवि किसी चीज़ को इंसान की तरह बोलता, खेलता या सोता दिखाता है, उसे मानवीकरण कहते हैं। यहाँ किरन एक सहेली जैसी बात करती है।
धरती गोल है और घूमती रहती है। जो हिस्सा सूरज के सामने होता है, वहाँ दिन होता है। पीछे वाले हिस्से में रात होती है।
सावधान!
सच या भ्रम?
असली दुनिया में
Scenario:
आरव लखनऊ में रहता है। उसकी बुआ अमेरिका में रहती हैं। एक शाम आरव ने बुआ को वीडियो कॉल किया। आरव के यहाँ अँधेरा हो चला था और आसमान में तारे दिखने लगे थे। पर बुआ के पीछे खिड़की से तेज़ धूप आ रही थी! बुआ सुबह की चाय पी रही थीं। आरव हैरान हो गया। उसने पूछा, “बुआ, आपके यहाँ अभी सुबह क्यों है?” बुआ हँसकर बोलीं, “क्योंकि हम धरती के दूसरी ओर हैं। धरती घूमती है, तो धूप बारी-बारी से सब जगह पहुँचती है।” आरव मुस्कुराया, “तो यही है किरन की दूसरी दुनिया!”
Analysis:
कविता की 'दूसरी दुनिया' असल में धरती का दूसरा हिस्सा है। धरती घूमती है, इसलिए एक जगह शाम होती है तब दूसरी जगह सुबह। कविता और विज्ञान यहाँ एक ही बात कहते हैं।
Activity:
घर के बड़ों से पूछो कि क्या कोई रिश्तेदार या जान-पहचान वाला दूसरे देश में रहता है। पता करो कि जब तुम्हारे यहाँ रात के आठ बजते हैं, तब वहाँ क्या समय होता है।
घर पर करके देखो
Title:
टॉर्च और गेंद से दिन-रात
Safety:
टॉर्च की रोशनी सीधे किसी की आँखों में मत डालो। अँधेरे कमरे में धीरे चलो।
What You Notice:
गेंद का आधा हिस्सा हमेशा रोशनी में रहता है। गेंद घूमती है, तो बिंदी पर बारी-बारी से दिन और रात आते हैं। धरती के साथ भी यही होता है।
Did you know
सूरज की रोशनी को धरती तक पहुँचने में लगभग आठ मिनट लगते हैं।
जब भारत में दोपहर होती है, तब अमेरिका के न्यूयॉर्क शहर में रात होती है।
Memory tricks
दिन और रात — सूरज के सामने दिन सुहाना, सूरज से पीछे रात का ठिकाना। — धरती का जो हिस्सा सूरज के सामने है, वहाँ दिन है। जो पीछे है, वहाँ रात है।
कविता में दो आवाज़ें — पहले शिकायत, फिर जवाब: पहले बच्ची, फिर किरन। — कविता के पहले हिस्से में बच्ची बोलती है और बाद वाले हिस्से में किरन।
Practice MCQs with answers (15)
- A निरंकार देव 'सेवक'
- B विनोद कुमार शुक्ल
- C सूर्यकांत त्रिपाठी 'निराला'
- D सुभद्रा कुमारी चौहान
Show answer
Why:
कविता के अंत में कवि का नाम निरंकार देव 'सेवक' लिखा है।
- A बच्चों को लोरी गाकर सुलाती है
- B बच्चों को परी-कथा सुनाती है
- C खुद आराम से सो जाती है
- D सोए हुए बच्चों को जगाती है
Show answer
Why:
किरन कहती है कि वह दूसरी जगह बिस्तर में सोए बच्चों को जगाती है।
- A किरन के साथ, जो रोज़ सुबह जल्दी आ जाती है
- B कवि के साथ
- C परियों के साथ, जो रात में खिड़की पर आती हैं
- D कविता की बच्ची के साथ
Show answer
Why:
कविता की बच्ची भी किरन के आने तक बिस्तर से नहीं निकली थी।
- A अख़बार
- B परी-कथाएँ
- C गणित की किताब
- D चिट्ठियाँ
Show answer
Why:
बच्ची परियों की कहानियाँ पढ़ते-पढ़ते देर से सोई।
- A सामने
- B पीछे
- C नीचे
- D अंदर
Show answer
Why:
सूरज के सामने वाले हिस्से पर धूप पड़ती है, इसलिए वहाँ दिन होता है।
- A वहाँ भी दोपहर होगी
- B वहाँ रात होगी
- C वहाँ दो सूरज चमक रहे होंगे
- D वहाँ कोई समय नहीं होगा
Show answer
Why:
धरती के दूसरी ओर का हिस्सा उस समय सूरज से पीछे होता है, इसलिए वहाँ रात होती है।
- A चाँद के साथ
- B तारों के साथ
- C कवि के साथ
- D किरन के साथ
Show answer
Why:
बच्ची किरन से कहती है कि कल वह उसके साथ शाम तक खेली थी।
- A किरन रोज़ तय समय पर आती और जाती है।
- B किरन हफ़्ते में एक दिन छुट्टी लेती है।
- C किरन केवल बच्ची के देश में रहती है।
- D किरन रात को बच्ची के पास सोती है।
Show answer
Why:
किरन रोज़ आती-जाती है और कभी छुट्टी नहीं लेती।
- A बच्ची
- B माँ
- C किरन
- D परी
Show answer
Why:
इस पंक्ति के बाद की बातें किरन कहती है।
- A दोनों सही हैं; कारण अभिकथन को समझाता है
- B दोनों सही हैं; कारण अभिकथन को नहीं समझाता
- C अभिकथन सही है; परंतु उसका कारण ग़लत है
- D अभिकथन ग़लत है; परंतु उसका कारण सही है
Show answer
Why:
दोनों सही हैं, और कारण ही कवि का ढंग है। किरन बोलने लगती है, तो बच्चा उसकी बात सुनने लगता है।
- A किरन शाम को सो जाती है
- B बच्चे रात को परी-कथाएँ पढ़ते हैं, इसलिए उन्हें नींद नहीं आती
- C एक जगह रात होती है, तब दूसरी जगह सुबह होती है
- D सुबह सब जगह एक साथ होती है
Show answer
Why:
जब मीरा के यहाँ रात है, तब नानी के यहाँ सुबह है, जैसे किरन की दूसरी दुनिया में।
- A 1-ग, 2-ख, 3-क, 4-घ
- B 1-ख, 2-ग, 3-घ, 4-क
- C 1-क, 2-ग, 3-घ, 4-ख
- D 1-ख, 2-घ, 3-ग, 4-क
Show answer
Why:
सुबह किरन आती है, शाम को जाती है, रात को दूसरी जगह होती है और दोपहर में सूरज सिर के ऊपर होता है।
- A डर
- B अकेलापन
- C गुस्सा
- D भूख
Show answer
Why:
बच्ची कहती है कि किरन के जाने पर वह अकेली रह गई।
- A हाँ, सूरज सुबह फिर से जल उठता है
- B सूरज रात को चाँद बन जाता है
- C सूरज बुझता नहीं, हमारा हिस्सा घूमकर सूरज से दूसरी ओर चला जाता है
- D सूरज रात को समुद्र के नीचे चला जाता है और वहीं सोकर सुबह फिर निकल आता है
Show answer
Why:
सूरज हमेशा चमकता है। रात इसलिए होती है क्योंकि हमारा हिस्सा सूरज से दूसरी ओर होता है।
- A केवल I और II
- B केवल II और III
- C केवल I और III
- D I, II और III
Show answer
Why:
I और III सही हैं। II सही नहीं है: जब एक तरफ़ दिन होता है, तब दूसरी तरफ़ रात होती है।
Important short questions (5)
बच्ची कहती है कि किरन शाम को उसे अकेला छोड़कर चली गई। अब सुबह वह बहुत जल्दी आ गई।
इसका मतलब है धरती का दूसरा हिस्सा। जब यहाँ रात होती है, तब वहाँ सुबह होती है।
चारों ओर अँधेरा रहेगा। पौधों को धूप नहीं मिलेगी और गीले कपड़े भी नहीं सूखेंगे।
धरती गोल है और घूमती रहती है। सूरज के सामने वाले हिस्से में दिन और पीछे वाले हिस्से में रात होती है।
मेरे दादाजी रोज़ सबसे पहले उठते हैं। वे पौधों को पानी देते हैं और हम सबको जगाते हैं।
Long answer questions (2)
रात को मैं किरन का हाथ पकड़कर धरती के दूसरी ओर पहुँचा। वहाँ अभी-अभी सुबह हो रही थी। बच्चे बिस्तर में सोए थे। किरन खिड़कियों से अंदर गई और उसने सबके गाल छुए। बच्चे आँखें मलते हुए उठ गए। चिड़ियाँ गाने लगीं। मैंने समझा कि हमारे यहाँ की रात उनके यहाँ की सुबह है।
कविता में किरन एक सहेली की तरह बोलती है, खेलती है और चलकर दूसरी दुनिया जाती है। यह कवि की कल्पना है। विज्ञान बताता है कि सूरज हमेशा चमकता है। धरती घूमती है, इसलिए धूप वाला हिस्सा बदलता रहता है। दोनों एक ही सच बताते हैं: जब यहाँ रात होती है, तब कहीं और सुबह होती है।
Flashcards (12)
Play this topic
- जोड़ी ढूँढो
- किरन का रोज़ का सफ़र
- कल्पना या विज्ञान?
- सच या भ्रम?
- झटपट सवाल
शब्दों का खेल: समानार्थी, विलोम और तुक
एक ही बात को कहने के कई शब्द होते हैं। कुछ शब्द एक-दूसरे के उलटे होते हैं। कविता की पंक्तियों के आखिरी शब्द मिलते-जुलते बजते हैं। 'किरन' से ये तीनों पहचानो।
What you will be able to do
- मैं किसी शब्द के दो-तीन समानार्थी शब्द बता सकता/सकती हूँ।
- मैं वाक्य की खाली जगह में सही विलोम शब्द भर सकता/सकती हूँ।
- मैं कविता में तुक मिलाने वाले शब्द ढूँढ सकता/सकती हूँ।
Key points
एक जैसे अर्थ वाले शब्द समानार्थी शब्द कहलाते हैं, जैसे शाम, संध्या और साँझ।
उलटे अर्थ वाले शब्द विलोम शब्द कहलाते हैं, जैसे आज-कल और सोना-जागना।
जिन शब्दों की आखिरी आवाज़ मिलती है, वे तुकांत शब्द कहलाते हैं, जैसे आई-पाई।
मिलता-जुलता दिखने वाला हर शब्द समानार्थी नहीं होता; नभ और नभचर का अर्थ अलग है।
सही शब्द चुनने से पहले पूरा वाक्य पढ़ो और उसका अर्थ समझो।
Full explanation
दादी की शब्दों वाली पोटली
गुड़िया की दादी के पास एक पुरानी पोटली है। उसमें कपड़े नहीं, शब्द भरे हैं! दादी कहती हैं, “एक बात को कहने के कई तरीके होते हैं।” गुड़िया ने पूछा, “जैसे?” दादी मुस्कुराईं, “जैसे शाम को साँझ भी कहते हैं।” चलो, दादी की पोटली खोलते हैं।
एक अर्थ, कई शब्द
कविता 'किरन' में बच्ची कहती है कि वह किरन के साथ शाम तक खेली। 'शाम' को हम संध्या, साँझ और सायं भी कहते हैं। ये चारों शब्द अलग दिखते हैं। पर इनका अर्थ एक ही है। ये समानार्थी शब्द कहलाते हैं।
समानार्थी शब्दों की टोली
- आकाश: नभ, अंबर, गगन
- हवा: पवन, वायु, समीर
- पेड़: वृक्ष, तरु
- फूल: सुमन, कुसुम, पुष्प
- दुनिया: संसार, विश्व, जग
- सूरज: सूर्य, रवि, दिनकर
कवि इनमें से वह शब्द चुनता है जो पंक्ति में सबसे सुंदर बैठे।
मिलते-जुलते, पर समानार्थी नहीं
कुछ शब्द पास-पास लगते हैं, पर उनका अर्थ अलग होता है। 'नभ' का अर्थ है आकाश। पर 'नभचर' का अर्थ है आकाश में उड़ने वाला पक्षी। 'सरिता' का अर्थ नदी है, फूल नहीं। 'विशाल' का अर्थ है बहुत बड़ा, पेड़ नहीं। 'व्योम' आकाश है, हवा नहीं। इसलिए पहले अर्थ सोचो, फिर शब्द चुनो।
उलटे अर्थ वाले शब्द
अब दूसरा खेल। कुछ शब्द एक-दूसरे के बिल्कुल उलटे होते हैं। दिन का उलटा रात है। सोने का उलटा जागना है। आने का उलटा जाना है। ऐसे जोड़ों को विलोम शब्द कहते हैं। कविता में किरन आती भी है और जाती भी है। बच्ची सोती भी है और जागती भी है।
कविता में छिपे विलोम जोड़े
| शब्द | विलोम |
|---|---|
| आज | कल |
| सुबह | शाम |
| सोना | जागना |
| आना | जाना |
| जल्दी | देर |
ये सारे जोड़े कविता 'किरन' में कहीं न कहीं छिपे हैं। कविता दोबारा पढ़कर इन्हें ढूँढो।
खाली जगह में विलोम
विलोम शब्द वाक्य को पूरा करते हैं। पढ़ो: रीना सुबह स्कूल गई और शाम को लौटी। यहाँ सुबह का उलटा शाम आया। एक और: आज बारिश है, शायद कल धूप निकले। यहाँ आज का उलटा कल आया। खाली जगह भरने से पहले उसके आगे-पीछे के शब्द ध्यान से पढ़ो।
क्रिया वाले विलोम का रूप
जब विलोम शब्द काम बताए, तो उसका रूप वाक्य के हिसाब से बदलता है। 'किरन आई' का उलटा है 'किरन गई'। 'बच्ची सोई' का उलटा है 'बच्ची जागी'। ध्यान दो, 'आई' के सामने 'जाई' नहीं लिखते। सही रूप 'गई' है।
तुक का जादू
कविता ज़ोर से पढ़ो और पंक्तियों के आखिरी शब्द सुनो। 'आई' और 'पाई' की आवाज़ मिलती है। 'खेली' और 'अकेली' भी मिलते हैं। 'जाती', 'जगाती' और 'आती' भी एक जैसे गूँजते हैं। ऐसे शब्द तुकांत शब्द कहलाते हैं। तुक से कविता गाने जैसी लगती है और जल्दी याद हो जाती है।
अपनी तुक खुद बनाओ
तुक बनाना आसान है। एक शब्द लो, जैसे 'धूप'। उसकी आखिरी आवाज़ सुनो। अब ऐसे शब्द सोचो जिनके आखिर में वही आवाज़ हो, जैसे रूप और सूप। अब छोटी पंक्ति बनाओ: सुनहरी धूप, खिला-खिला रूप। देखो, तुम भी छोटे कवि बन गए!
Concepts and terms
जो शब्द अलग-अलग हों पर उनका अर्थ एक जैसा हो, वे समानार्थी शब्द हैं। जैसे पेड़, वृक्ष और तरु।
जो शब्द एक-दूसरे का उलटा अर्थ बताएँ, वे विलोम शब्द हैं। जैसे सुबह-शाम और आना-जाना।
कविता की पंक्तियों के आखिर में जिन शब्दों की आवाज़ मिलती है, वे तुकांत शब्द हैं। जैसे आई-पाई।
सावधान!
सच या भ्रम?
Case Study
Scenario:
कक्षा पाँच ने एक शब्द-दीवार बनाई। एक ओर समानार्थी शब्द लगे और दूसरी ओर विलोम। सूरज के लिए बच्चों ने रवि, भानु और दिनकर लिखे। दिन के सामने रात लिखी गई। उजाले के सामने अँधेरा आया। तभी मीना ने एक प्रश्न पूछा। क्या हर शब्द का विलोम होता है? उसने पेड़ का उलटा शब्द खोजा और कुछ न मिला। अध्यापिका ने समझाया कि विलोम वहीं बनता है जहाँ कोई गुण या मात्रा हो। सप्ताह के अंत में बच्चों ने गिनती की। दीवार पर चौबीस समानार्थी थे और विलोम केवल ग्यारह।
Analysis:
समानार्थी शब्द आसानी से मिल जाते हैं। विलोम हर शब्द का नहीं होता। दीवार की गिनती ने यही अंतर सामने रख दिया।
Activity:
अपनी कक्षा में शब्द-दीवार बनाओ। एक सप्ताह तक समानार्थी और विलोम जोड़ते रहो। अंत में दोनों की गिनती करके अंतर लिखो।
शब्दों का खेल खेलो
Title:
तीन डिब्बों वाला शब्द-छँटाई खेल
Safety:
कैंची की ज़रूरत नहीं है, कागज़ हाथ से ही फाड़ो।
What You Notice:
समानार्थी वाले डिब्बे में शब्दों का अर्थ एक-सा निकलता है, विलोम वाले में उलटा, और तुक वाले में अर्थ अलग-अलग होते हैं पर अंत की आवाज़ मिलती है। इसी से पता चलता है कि तुक मिलना और अर्थ मिलना दो अलग बातें हैं।
Did you know
'सूरज' के कई समानार्थी शब्द हैं: सूर्य, रवि, दिनकर और भानु।
'किरन' को 'किरण' भी लिखा जाता है। दोनों का अर्थ है रोशनी की पतली रेखा।
Memory tricks
समानार्थी और विलोम — सम वाले साथी, विलोम वाले उलटे। — समानार्थी शब्द साथियों जैसे एक ही बात कहते हैं। विलोम शब्द एक-दूसरे से उलटी बात कहते हैं।
Practice MCQs with answers (15)
- A संध्या
- B सुबह
- C दोपहर
- D सवेरा
Show answer
Why:
शाम, संध्या, साँझ और सायं का अर्थ एक ही है।
- A केवल I और II
- B केवल II और III
- C केवल I और III
- D I, II और III
Show answer
Why:
I और III सही हैं। II सही नहीं है: ‘नभचर’ का अर्थ आकाश में चलने वाला, यानी पक्षी।
- A सोता
- B जागता
- C थकता
- D रोता
Show answer
Why:
सोने का उलटा जागना है।
- A अभी
- B कल
- C आज
- D यहीं
Show answer
Why:
आज का विलोम कल है। आने वाले दिन की बात है।
- A सुबह — सवेरा
- B शाम — संध्या
- C रात — अँधेरा
- D सुबह — शाम
Show answer
Why:
सूरज सुबह उगता है और शाम को डूबता है। सुबह और शाम उलटे हैं।
- A किरन जाई।
- B किरन आएगी।
- C किरन गई।
- D किरन आती।
Show answer
Why:
'आई' का उलटा 'गई' होता है। 'जाई' सही शब्द नहीं है।
- A सवेरा
- B भोर
- C प्रभात
- D शाम
Show answer
Why:
सवेरा, भोर और प्रभात सुबह के समानार्थी हैं। विलोम शाम है।
- A 1-क, 2-घ, 3-ग, 4-ख
- B 1-ग, 2-घ, 3-क, 4-ख
- C 1-ग, 2-ख, 3-क, 4-घ
- D 1-घ, 2-ग, 3-ख, 4-क
Show answer
Why:
आज-कल, सोना-जागना, आना-जाना और दिन-रात विलोम जोड़े हैं।
- A तुकांत शब्द
- B विलोम शब्द
- C समानार्थी शब्द
- D कठिन शब्द
Show answer
Why:
आखिरी आवाज़ मिलने वाले शब्द तुकांत शब्द कहलाते हैं, जैसे आई-पाई।
- A लेकर
- B खाना
- C लाई
- D उड़ी
Show answer
Why:
'आई' की तुक 'लाई' से मिलती है।
- A दोनों सही हैं; कारण अभिकथन को समझाता है
- B दोनों सही हैं; कारण अभिकथन को नहीं समझाता
- C अभिकथन सही है; परंतु उसका कारण ग़लत है
- D अभिकथन ग़लत है; परंतु उसका कारण सही है
Show answer
Why:
दोनों सही हैं, और कारण ही तुक का काम है। आई और लाई जैसी जोड़ी कविता को लय दे देती है।
- A आ
- B सो
- C जा
- D जाग
Show answer
Why:
आने का उलटा जाना है। दादाजी बाहर निकल चुके थे।
- A पानी चले, पत्ते खिलें।
- B हवा चले, फूल खिलें।
- C आग चले, पेड़ खिलें।
- D हवा रुके, फूल मुरझाएँ।
Show answer
Why:
पवन का अर्थ हवा और सुमन का अर्थ फूल है।
- A अर्थ वही रहेगा, दोनों एक ही चीज़ के नाम हैं
- B अर्थ उलटा हो जाएगा और वाक्य गलत बन जाएगा
- C वाक्य बेमतलब हो जाएगा, कुछ समझ नहीं आएगा
- D अर्थ बदलकर नदी से जुड़ जाएगा, पेड़ से नहीं
Show answer
Why:
समानार्थी शब्द एक ही चीज़ के दो नाम होते हैं। नाम बदलने से चीज़ नहीं बदलती।
- A जग, जल, जंगल
- B भूमि, पानी, हवा
- C संसार, सरिता, सुमन
- D संसार, विश्व, जग
Show answer
Why:
संसार, विश्व और जग तीनों का अर्थ दुनिया है।
Important short questions (5)
समानार्थी शब्दों का अर्थ एक जैसा होता है, जैसे पेड़-वृक्ष। विलोम शब्दों का अर्थ उलटा होता है, जैसे दिन-रात।
नभचर का अर्थ आकाश नहीं है। इसका अर्थ है आकाश में उड़ने वाला पक्षी।
सुबह का विलोम शाम, आना का विलोम जाना और सोना का विलोम जागना है।
तुक वाला शब्द है रूप। पंक्ति: सुनहरी धूप, खिला-खिला रूप।
दिनकर में 'दिन' और 'कर' है। दिन करने वाला सूरज है, इसलिए दिनकर का अर्थ सूरज है।
Long answer questions (2)
दुनिया के समानार्थी हैं संसार और विश्व। हवा के समानार्थी हैं पवन और वायु। पेड़ के समानार्थी हैं वृक्ष और तरु। पहला वाक्य: सुबह की ठंडी पवन मन को खुश कर देती है। दूसरा वाक्य: हमारे आँगन के वृक्ष पर एक गिलहरी रहती है।
पहला जोड़ा है सोना और जागना। बच्ची देर से सोई, और किरन सोए बच्चों को जगाती है। दूसरा जोड़ा है आना और जाना। किरन सुबह आती है और शाम को चली जाती है। तीसरा जोड़ा है जल्दी और देर। किरन जल्दी आई, पर बच्ची बड़ी देर में सोई।
Flashcards (12)
Play this topic
- समानार्थी जोड़ो
- कौन-सी जोड़ी?
- उलटे जोड़े ढूँढो
- सच या भ्रम?
- झटपट शब्द
पेड़ का जादू और बोलो-लिखो
बुआ के घर का पेड़ अपने आप गिलहरी, चिड़ियाँ और छाया ले आता है। इस कहानी को समझो। फिर प्रकृति से बातें करो और सीधी बात को कविता बनाओ।
What you will be able to do
- मैं 'पेड़ का जादू' की कहानी अपने शब्दों में सुना सकता/सकती हूँ।
- मैं पेड़, हवा या चाँद से एक छोटी बातचीत बोल और लिख सकता/सकती हूँ।
- मैं सीधी-सादी बात को दो छोटी कविता-पंक्तियों में बदल सकता/सकती हूँ।
Key points
'पेड़ का जादू' विनोद कुमार शुक्ल की लिखी छोटी कहानी है।
बच्चा सोचता है कि बुआ ने गिलहरी दुकान से खरीदी होगी।
बुआ समझाती हैं कि पेड़ होने से गिलहरी और चिड़ियाँ अपने आप आती हैं।
पेड़ तेज़ धूप में छाया भी देता है, जहाँ खेलना अच्छा लगता है।
सीधी बात को छोटी पंक्तियों, लय और तुक से कविता जैसा बना सकते हैं।
Full explanation
बुआ के आँगन में
एक दिन एक बच्चा अपनी बुआ के घर गया। बुआ के आँगन में एक बड़ा पेड़ था। उसकी डाल पर एक गिलहरी फुदक रही थी। बच्चे की आँखें चमक उठीं। उसने सोचा, “ऐसी गिलहरी तो मुझे भी चाहिए!” पर गिलहरी मिलेगी कैसे? यही इस छोटी कहानी का सवाल है। कहानी का नाम है 'पेड़ का जादू'। इसे विनोद कुमार शुक्ल ने लिखा है।
बच्चे का भोला सवाल
बच्चे ने बुआ से पूछा कि यह गिलहरी कहाँ से खरीदी। उसे लगा कि गिलहरी भी दुकान पर मिलती होगी। वह भी एक गिलहरी लेकर उसे पालना चाहता था। तुम्हें क्या लगता है, बुआ ने क्या जवाब दिया होगा?
बुआ का जवाब
बुआ ने समझाया कि गिलहरी खरीदी नहीं गई। आँगन में पेड़ है, इसलिए गिलहरी खुद चली आती है। उसकी डालों पर चिड़ियाँ भी बैठी थीं। बुआ ने उन्हें भी नहीं पाला था। पेड़ था, इसलिए वे भी आ गईं। यही है पेड़ का जादू।
पेड़ क्या-क्या देता है?
- गिलहरी को: फल, बीज और छिपने की जगह
- चिड़िया को: बैठने की डाल और घोंसले की जगह
- हम बच्चों को: धूप में ठंडी छाया
- सबको: ताज़ी हवा
इसीलिए जीव पेड़ की ओर अपने आप खिंचे चले आते हैं। उन्हें किसी को बुलाना नहीं पड़ता।
बुआ की सलाह
बुआ ने बच्चे को एक आसान उपाय बताया। अपने घर में भी एक पेड़ उगा लो। फिर गिलहरी और चिड़िया खुद आएँगी। जब बाहर तेज़ धूप होगी, तब पेड़ के नीचे छाया होगी। उस छाया में खेलने का मज़ा ही अलग होगा।
पकड़ना नहीं, घर देना
बच्चा गिलहरी को खरीदकर पालना चाहता था। बुआ ने उसे दूसरा रास्ता दिखाया। जंगली जीवों को पिंजरे में बंद करने की ज़रूरत नहीं है। उन्हें रहने की जगह दो, वे खुद आएँगे। गिलहरी और चिड़िया आज़ाद ही अच्छी लगती हैं। पेड़ उन्हें आज़ादी और घर, दोनों देता है।
किरन और पेड़ की दोस्ती
'किरन' कविता और 'पेड़ का जादू' आपस में जुड़े हैं। किरन यानी धूप की मदद से पेड़ की पत्तियाँ अपना खाना बनाती हैं। वही पेड़ तेज़ धूप में हमें छाया देता है। कविता में बच्ची किरन से बात करती है। तुम भी पेड़, हवा या चाँद से बात करने की कल्पना कर सकते हो।
प्रकृति से बातचीत
सोचो, तुम पेड़ से बात कर सको तो क्या पूछोगे? तुम: “पेड़ भैया, तुम्हें प्यास लगती है?” पेड़: “हाँ, मेरी जड़ें ज़मीन से पानी पीती हैं।” तुम: “तुम्हारे घर में कौन रहता है?” पेड़: “गिलहरी, तोते और चींटियाँ।” किसी दोस्त के साथ यह बातचीत बोलो। हाव-भाव भी दिखाओ। यही अभिनय है।
सीधी बात से कविता
सीधी बात है: बारिश हो रही है और बच्चे कागज़ की नाव चला रहे हैं। अब शब्द कम करो और पंक्ति छोटी करो: रिमझिम बरसे पानी, चली कागज़ की नाव सुहानी। देखो, बात वही है। पर अब वह गाने जैसी लगती है। कविता में शब्द कम और रंग ज़्यादा होते हैं।
कविता बनाने के तीन कदम
- बात में से ज़रूरी शब्द चुनो।
- छोटी-छोटी पंक्तियाँ बनाओ और लय से पढ़ो।
- आखिरी शब्दों की तुक मिलाने की कोशिश करो।
अब तुम्हारी बारी। इस बात को दो पंक्तियों की कविता बनाओ: पेड़ के नीचे ठंडी छाया है और हम वहाँ खेल रहे हैं।
Concepts and terms
पेड़ कोई सचमुच का जादू नहीं करता। वह जीवों को घर, खाना और छाया देता है। इसलिए जीव अपने आप उसके पास आते हैं।
दो लोग बारी-बारी से बोलें, तो बातचीत बनती है। उस बातचीत को बोलकर और हाव-भाव से दिखाएँ, तो वह अभिनय बनता है।
कविता में शब्द कम होते हैं और पंक्तियाँ छोटी होती हैं। उनमें लय होती है और कई बार तुक भी।
सावधान!
सच या भ्रम?
Case Study
Scenario:
निशा ने कहा कि पेड़ केवल छाया देता है। अमन ने इससे मना किया। उसने कहा कि पेड़ अपने साथ पूरा परिवार लाता है। दोनों विद्यालय के पीपल के नीचे जाकर बैठे। आधे घंटे तक उन्होंने ध्यान से देखा और गिना। सात चिड़ियाँ आईं और दो गिलहरियाँ उतरीं। तने पर तीन तरह के कीड़े चलते दिखे। छाया में बैठे बच्चों की संख्या ग्यारह थी। निशा ने माना कि पेड़ कभी अकेला नहीं होता। अमन ने जोड़ा कि पेड़ कटने पर यह सारा परिवार बेघर हो जाता है।
Analysis:
छाया पेड़ का एक ही काम है। आधे घंटे की गिनती ने दिखाया कि उस पर कितने जीव टिके हुए हैं।
Activity:
अपने आस-पास किसी पेड़ के नीचे आधा घंटा बैठो। जो जीव दिखें उनकी गिनती लिखो। फिर दो वाक्य लिखो कि वे वहाँ क्यों आते हैं।
घर पर करके देखो
Title:
मेरे पेड़-दोस्त की डायरी
Safety:
किसी बड़े के साथ जाओ। पेड़ पर मत चढ़ो। मधुमक्खी के छत्ते और चींटियों के झुंड से दूर रहो।
What You Notice:
एक ही पेड़ पर कई तरह के जीव आते-जाते हैं। पेड़ की छाया धूप से ठंडी होती है। यही है पेड़ का जादू!
Did you know
एक बड़ा पेड़ सैकड़ों जीवों का घर हो सकता है, जैसे पक्षी, गिलहरियाँ, कीड़े और चींटियाँ।
गिलहरी कई बार बीज ज़मीन में छिपाकर भूल जाती है। उन बीजों से नए पेड़ उग आते हैं।
Memory tricks
पेड़ का जादू — एक पेड़ लगाओ, तीन दोस्त पाओ: गिलहरी, चिड़िया और छाया। — पेड़ लगाने से ये तीनों अपने आप मिल जाते हैं।
Practice MCQs with answers (15)
- A निरंकार देव 'सेवक'
- B सुनीता विलियम्स
- C सुभद्रा कुमारी चौहान
- D विनोद कुमार शुक्ल
Show answer
Why:
कहानी के नीचे लेखक का नाम विनोद कुमार शुक्ल लिखा है।
- A तोते को
- B गिलहरी को
- C बंदर को
- D बिल्ली को
Show answer
Why:
पेड़ पर गिलहरी देखकर ही बच्चे ने बुआ से सवाल किया।
- A 1-ख, 2-ग, 3-क, 4-घ
- B 1-ग, 2-ख, 3-घ, 4-क
- C 1-ग, 2-ख, 3-क, 4-घ
- D 1-क, 2-घ, 3-ग, 4-ख
Show answer
Why:
गिलहरी फल-बीज खाती है, चिड़िया घोंसला बनाती है, बच्चे छाया में खेलते हैं और जड़ पानी लेती है।
- A धूप
- B बारिश
- C ठंड
- D अँधेरा
Show answer
Why:
तेज़ धूप में छाया ठंडक देती है।
- A क्योंकि बुआ के पास पैसे नहीं थे
- B क्योंकि बुआ को गिलहरी पसंद नहीं थी
- C क्योंकि गिलहरी केवल रात के समय आती है, दिन में कभी नहीं
- D पेड़ से गिलहरी, चिड़िया और छाया सब अपने आप मिलते हैं
Show answer
Why:
एक पेड़ से बहुत-सी अच्छी चीज़ें अपने आप मिल जाती हैं।
- A बादल भैया, तुम्हारी जड़ें कहाँ हैं?
- B बादल भैया, तुम्हारे पत्ते किस रंग के हैं?
- C बादल भैया, तुम बारिश कब लाओगे?
- D बादल भैया, तुम्हारे पंख कितने हैं?
Show answer
Why:
बादल बारिश लाते हैं। जड़, पत्ते और पंख बादल के नहीं होते।
- A कविता में पंक्तियाँ छोटी और लय वाली होती हैं।
- B कविता में जितने ज़्यादा शब्द, उतना अच्छा।
- C कविता बनाते समय बात का अर्थ बदलना ज़रूरी है।
- D कविता हमेशा बहुत लंबी होती है।
Show answer
Why:
कविता में कम शब्द, छोटी पंक्तियाँ और लय होती है।
- A सर-सर चलती पवन, झूमें पत्ते मगन।
- B हवा चल रही है और पत्ते हिल रहे हैं।
- C पत्ते गिर गए, पेड़ सो गया।
- D धूप निकली, छाता खोला।
Show answer
Why:
इसमें बात वही है, पंक्ति छोटी है और पवन-मगन की तुक मिलती है।
- A किताब
- B गाड़ी
- C पोशाक
- D जगह
Show answer
Why:
पेड़ गिलहरी का घर भी है।
- A दोनों सही हैं; कारण अभिकथन को समझाता है
- B दोनों सही हैं; कारण अभिकथन को नहीं समझाता
- C अभिकथन सही है; परंतु उसका कारण ग़लत है
- D अभिकथन ग़लत है; परंतु उसका कारण सही है
Show answer
Why:
दोनों सही हैं, और कारण ही बात पूरी करता है। पिंजरे में गिलहरी अकेली रहती है; पेड़ पर उसका घर होता है।
- A वहाँ ज़्यादा धूप है
- B वहाँ ठंडी छाया है
- C वहाँ बारिश हो रही है
- D पेड़ ने उन्हें आवाज़ देकर बुलाया
Show answer
Why:
पेड़ तेज़ धूप में छाया देता है।
- A 1-क, 2-ग, 3-घ, 4-ख
- B 1-ग, 2-क, 3-ख, 4-घ
- C 1-ग, 2-क, 3-घ, 4-ख
- D 1-घ, 2-ख, 3-ग, 4-क
Show answer
Why:
सीधी बात पूरी होती है, कविता छोटी और लय वाली, बातचीत बारी-बारी बोलना और अभिनय करके दिखाना।
- A चाँदनी
- B धूप
- C अँधेरे
- D शोर
Show answer
Why:
पत्तियाँ धूप की मदद से खाना बनाती हैं। इसीलिए किरन पेड़ की दोस्त है।
- A केवल I और II
- B केवल II और III
- C केवल I और III
- D I, II और III
Show answer
Why:
I और III सही हैं। II सही नहीं है: गिलहरी पेड़ पर ही रहती है और वहीं चढ़ती-उतरती है।
- A मैदान पर पक्की छत डाल दें
- B मैदान के किनारे पेड़ लगाएँ
- C बच्चे खेलना बंद कर दें
- D दुकान से गिलहरियाँ खरीद लाएँ
Show answer
Why:
पेड़ लगाने से छाया भी मिलेगी और चिड़ियाँ-गिलहरियाँ भी आएँगी।
Important short questions (5)
आँगन में पेड़ लगा हो, तो गिलहरी, चिड़ियाँ और छाया बिना कुछ किए मिल जाती हैं। बिना बुलाए सबका आ जाना ही पेड़ का जादू है।
मैं पूछूँगा कि तुम्हारे घर में कौन-कौन रहता है। दूसरा सवाल होगा कि तुम्हें पानी कहाँ से मिलता है।
सुबह हुई, चिड़ियाँ गाएँ, मीठे-मीठे गीत सुनाएँ।
जंगली जीव आज़ाद रहकर ही खुश रहते हैं। हमें उन्हें पकड़ने के बजाय रहने की जगह देनी चाहिए।
किरन की धूप से पेड़ की पत्तियाँ खाना बनाती हैं। वही पेड़ तेज़ धूप में हमें छाया देता है।
Long answer questions (2)
मेरे स्कूल के गेट के पास नीम का एक बड़ा पेड़ है। सुबह उस पर गौरैया और तोते चहचहाते हैं। दोपहर में एक गिलहरी तने पर ऊपर-नीचे दौड़ती है। उसकी डालों में चींटियों की लंबी कतार चलती है। छुट्टी के समय हम उसकी छाया में बैठकर खाना खाते हैं। गर्मी में वहाँ ठंडी हवा लगती है। मुझे यह पेड़ अपने दोस्त जैसा लगता है।
बच्चा: बुआ, मैंने आँगन में आम का पौधा लगाया था। अब वह मेरे कंधे तक आ गया है! बुआ: अरे वाह! कोई मेहमान आया? बच्चा: हाँ, कल एक गिलहरी उसकी डाल पर बैठी थी। बुआ: देखा, यही है पेड़ का जादू। बच्चा: अब मैं रोज़ उसे पानी देता हूँ। जल्दी ही उसकी छाया में खेलूँगा।
Flashcards (12)
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- कहानी सही क्रम में
- सीधी बात या कविता?
- पेड़ किसे क्या देता है
- सच या भ्रम?
- सही या गलत?
Class 5 Hindi Chapter 1 — frequently asked questions
बच्ची कहती है कि किरन शाम को उसे अकेला छोड़कर चली गई। अब सुबह वह बहुत जल्दी आ गई।
इसका मतलब है धरती का दूसरा हिस्सा। जब यहाँ रात होती है, तब वहाँ सुबह होती है।
चारों ओर अँधेरा रहेगा। पौधों को धूप नहीं मिलेगी और गीले कपड़े भी नहीं सूखेंगे।
समानार्थी शब्दों का अर्थ एक जैसा होता है, जैसे पेड़-वृक्ष। विलोम शब्दों का अर्थ उलटा होता है, जैसे दिन-रात।
नभचर का अर्थ आकाश नहीं है। इसका अर्थ है आकाश में उड़ने वाला पक्षी।
सुबह का विलोम शाम, आना का विलोम जाना और सोना का विलोम जागना है।
आँगन में पेड़ लगा हो, तो गिलहरी, चिड़ियाँ और छाया बिना कुछ किए मिल जाती हैं। बिना बुलाए सबका आ जाना ही पेड़ का जादू है।
मैं पूछूँगा कि तुम्हारे घर में कौन-कौन रहता है। दूसरा सवाल होगा कि तुम्हें पानी कहाँ से मिलता है।
सुबह हुई, चिड़ियाँ गाएँ, मीठे-मीठे गीत सुनाएँ।
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