Class 5 Hindi Chapter 7: मेरा बचपन

मेरा बचपन is Chapter 7 of NCERT / CBSE Class 5 Hindi (Hindi medium). This page has the complete chapter notes across 3 topics , 45 practice MCQs with answers and explanations , 21 important short and long questions and 36 flashcards — all written to the NCERT / CBSE syllabus and free to read.

'मेरा बचपन': प्रेमचंद की यादें

प्रेमचंद अपने गाँव के बचपन को याद करते हैं। कच्चा घर, खेत, दूसरे गाँव की पढ़ाई, सुबह का चबेना और रामलीला की तैयारी, सब उनकी यादों में बसे हैं।

What you will be able to do

  • मैं 'मेरा बचपन' पाठ की मुख्य यादें अपने शब्दों में बता सकता/सकती हूँ।
  • मैं समझा सकता/सकती हूँ कि संस्मरण किसे कहते हैं।
  • मैं लेखक के बचपन की तुलना अपने बचपन से कर सकता/सकती हूँ।

Key points

  • यह पाठ प्रेमचंद का लिखा एक संस्मरण है।

  • लेखक का बचपन का घर कच्चा था और वहाँ पयाल का बिछौना बिछता था।

  • वे चचेरे भाई हलधर के साथ दूसरे गाँव पढ़ने जाते थे।

  • सुबह दोनों भाई मटर और जौ का चबेना साथ ले जाते थे।

  • रामलीला की तैयारी देखना लेखक को सबसे अच्छा लगता था।

Full explanation

दादाजी का पुराना संदूक

आरुषि के दादाजी ने एक दिन अपना पुराना संदूक खोला। उसमें एक टूटी लट्टू, एक कंचा और एक पुरानी तस्वीर थी। दादाजी की आँखें चमक उठीं। वे बोले कि इन चीज़ों में उनका पूरा बचपन बंद है। इस पाठ में एक बड़े लेखक भी अपना ऐसा ही संदूक खोलते हैं।

लेखक कौन हैं

इस पाठ को प्रेमचंद ने लिखा है। वे हिंदी के बहुत बड़े कहानीकार और उपन्यासकार माने जाते हैं। यहाँ वे कोई गढ़ी हुई कहानी नहीं सुना रहे। वे अपनी सच में बीती बातें याद कर रहे हैं। ऐसी रचना को संस्मरण कहते हैं।

वह कच्चा घर

लेखक को अपना बचपन का घर याद आता है। वह घर कच्चा था और कहीं-कहीं से टूटा हुआ भी। सोने के लिए पयाल यानी पुआल का बिछौना बिछता था। घर साधारण था, पर यादें बहुत मीठी हैं। लेखक कहते हैं कि वह याद भूलती ही नहीं।

खेत, पेड़ और नंगे पाँव

गाँव के खेत बच्चों का मैदान थे। लेखक नंगे बदन और नंगे पाँव उन खेतों में घूमा करते थे। आम के पेड़ों पर चढ़ना उनका मनपसंद काम था। न जूते की चिंता, न कपड़े की। यही आज़ादी उनके बचपन की सबसे बड़ी पूँजी थी।

पढ़ने दूसरे गाँव जाना

लेखक पढ़ने के लिए दूसरे गाँव जाते थे। वहाँ एक मौलवी साहब बच्चों को पढ़ाते थे। साथ में उनके चचेरे भाई हलधर भी जाते थे। चचेरा भाई यानी चाचा का बेटा। उस समय लेखक आठ बरस के थे और हलधर दस के।

सुबह का चबेना

दोनों भाई सुबह-सुबह घर से निकलते थे। साथ में वे मटर और जौ का चबेना ले लेते थे। चबेना उस भुने हुए अनाज को कहते हैं, जिसे चबाकर खाया जाता है। न टिफ़िन, न डिब्बा। मुट्ठी भर दाने और लंबा रास्ता।

रामलीला का मैदान

लेखक के घर से थोड़ी ही दूर रामलीला का मैदान था। पास ही वह घर भी था जहाँ पात्रों का रूप-रंग भरा जाता था। दिन में दो बजे से सजावट शुरू हो जाती थी। पर लेखक दोपहर से ही वहाँ जा बैठते थे।

छोटे-मोटे कामों का आनंद

वहाँ लेखक को कोई बड़ा काम नहीं मिलता था। वे दौड़कर छोटे-मोटे काम कर देते थे। कभी कुछ उठाकर लाना, कभी कुछ पकड़कर रखना। इन छोटे कामों में भी उन्हें बड़ा मज़ा आता था। मन लगे तो हर काम खेल बन जाता है।

वह उत्साह अब कहाँ

बड़े होकर लेखक को यह बात हँसी भरी लगती है। वे कहते हैं कि उस समय जितना उत्साह था, उतना अब नहीं है। आज तो वे अपनी पेंशन लेने भी उतने उत्साह से नहीं जाते। इस एक वाक्य में बचपन और बुढ़ापे का पूरा अंतर छिप जाता है।

संस्मरण क्या होता है

संस्मरण वह लेख है जिसमें लेखक अपनी बीती बातें सुनाता है। इसमें सब कुछ सच होता है, गढ़ा हुआ नहीं। इसमें जगहों के नाम, लोगों के नाम और छोटी-छोटी बातें आती हैं। इन्हीं छोटी बातों से पुराना समय आँखों के सामने खड़ा हो जाता है।

तुम्हारा अपना संदूक

अब अपनी बारी है। सोचो, तुम्हें अपने बचपन की कौन-सी बात सबसे ज़्यादा याद आती है। शायद पहली बारिश, शायद नानी का आँगन। उसे एक कागज पर लिख डालो। बड़े होकर वही कागज तुम्हारा संदूक बन जाएगा।

Concepts and terms

संस्मरण

वह लेख जिसमें लेखक अपनी सच में बीती बातें सुनाता है। इसमें कल्पना नहीं होती, केवल यादें होती हैं।

चबेना

भुना हुआ अनाज, जिसे चबाकर खाया जाता है। मटर, जौ, चना और मक्का, सबका चबेना बनता है।

उत्साह

किसी काम को मन लगाकर और खुशी-खुशी करने का भाव। लेखक को छोटे कामों में भी यही भाव मिलता था।

सावधान!

सच या भ्रम?

Case Study

Scenario:

कक्षा ने प्रेमचंद के बचपन और अपने बचपन की तुलना की। अध्यापिका ने चार बातें बोर्ड पर लिखीं। घर, पढ़ाई का रास्ता, सुबह का खाना और खेल। बच्चों ने अपने उत्तर उनके सामने लिखे। प्रेमचंद का घर कच्चा था और पढ़ाई दूसरे गाँव में होती थी। वे पैदल जाते थे और सुबह चबेना खाते थे। कक्षा के अठारह बच्चों में से बारह अब बस या साइकिल से आते हैं। छह बच्चे अब भी पैदल आते हैं। बदलाव साफ़ दिखा, पर सब कुछ नहीं बदला था।

Analysis:

सारणी बनाकर देखने से पता चलता है कि क्या बदला और क्या वैसा ही रहा। छह बच्चे आज भी उसी तरह आते हैं।

Activity:

घर के बड़ों से उनके बचपन के बारे में चार प्रश्न पूछो। अपने उत्तर उनके सामने लिखकर अंतर बताओ।

अपना संस्मरण लिखो

Title:

तीन याद, तीन पर्चियाँ

Safety:

धागा गले के पास नहीं, कमर की ऊँचाई पर बाँधो।

What You Notice:

जिस पर्ची में जगह और लोगों के नाम आए, वही साथी को सबसे सच्ची लगती है। प्रेमचंद ने भी ऐसे ही लिखा — बीती बात, अपने शब्दों में, नाम और जगह के साथ।

Did you know

प्रेमचंद ने पहले उर्दू में लिखना शुरू किया और बाद में हिंदी में भी लिखने लगे।

रामलीला का मंचन भारत के बाहर भी कई देशों में होता है।

Memory tricks

पाठ की चार यादें — कच्चा घर, नंगे पाँव, चबेना, रामलीला। — इन चार शब्दों से पूरे पाठ की मुख्य बातें याद रह जाती हैं।

दोनों भाइयों की उम्र — लेखक आठ, हलधर दस। — हलधर लेखक से ठीक दो बरस बड़े थे।

Practice MCQs with answers (15)

Q1 'मेरा बचपन' पाठ के लेखक कौन हैं? beginner
  • A रामनरेश त्रिपाठी
  • B निरंकार देव 'सेवक'
  • C प्रेमचंद
  • D सुभद्रा कुमारी चौहान
Show answer
Answer: प्रेमचंद
Why:

यह प्रेमचंद का लिखा संस्मरण है।

Q2 इस पाठ के बारे में इन कथनों को पढ़िए। I. लेखक अपनी सच में बीती बातें सुनाते हैं, इसलिए यह संस्मरण है। II. यह एक गढ़ी हुई कहानी है। III. लेखक का बचपन का घर कच्चा था। कौन-से कथन सही हैं? advanced
  • A केवल I और II
  • B केवल II और III
  • C केवल I और III
  • D I, II और III
Show answer
Answer: केवल I और III
Why:

I और III सही हैं। II सही नहीं है: संस्मरण में कल्पना नहीं होती, बीती हुई बात होती है।

Q3 लेखक का बचपन का घर ____ था और कहीं-कहीं से टूटा भी। beginner
  • A पक्का
  • B दुमंज़िला
  • C किराए का
  • D कच्चा
Show answer
Answer: कच्चा
Why:

उनका घर साधारण और कच्चा था।

Q4 सोने के लिए घर में क्या बिछाया जाता था? beginner
  • A पयाल का बिछौना
  • B रुई का गद्दा
  • C ऊन का कंबल
  • D बाँस की चटाई
Show answer
Answer: पयाल का बिछौना
Why:

पयाल यानी पुआल का बिछौना बिछता था।

Q5 गर्मी की छुट्टी में एक बच्चा बिना जूतों के खेत-खेत घूमता है। यह किसके बचपन से मिलता है? intermediate
  • A कविता के चित्रकार के
  • B इस पाठ के लेखक के
  • C जापानी कहानी के मेंढकों के
  • D रामलीला के किसी पात्र के
Show answer
Answer: इस पाठ के लेखक के
Why:

लेखक भी नंगे पाँव खेतों में घूमा करते थे।

Q6 लेखक पढ़ने के लिए कहाँ जाते थे? beginner
  • A दूसरे गाँव
  • B अपने ही गाँव की पाठशाला
  • C शहर के एक बड़े विद्यालय
  • D अपने घर की बैठक
Show answer
Answer: दूसरे गाँव
Why:

दूसरे गाँव में मौलवी साहब पढ़ाते थे।

Q7 सही जोड़ी पहचानो — (क) लेखक की उम्र (ख) हलधर की उम्र intermediate
  • A (क) दस बरस, (ख) आठ बरस
  • B (क) आठ बरस, (ख) दस बरस
  • C (क) आठ बरस, (ख) बारह बरस
  • D (क) छह बरस, (ख) आठ बरस
Show answer
Answer: (क) आठ बरस, (ख) दस बरस
Why:

हलधर लेखक से दो बरस बड़े थे।

Q8 हलधर लेखक के क्या लगते थे? beginner
  • A चचेरे भाई
  • B सगे बड़े भाई
  • C मौलवी साहब के बेटे
  • D पड़ोस के मित्र
Show answer
Answer: चचेरे भाई
Why:

चचेरा भाई यानी चाचा का बेटा।

Q9 'चबेना' शब्द का ठीक अर्थ कौन-सा है? intermediate
  • A दूध में रातभर भिगोकर रखा हुआ नरम चावल
  • B गुड़ से बनी एक मिठाई
  • C भुना हुआ अनाज, जिसे चबाकर खाते हैं
  • D मिट्टी का एक छोटा बरतन
Show answer
Answer: भुना हुआ अनाज, जिसे चबाकर खाते हैं
Why:

चबाकर खाने से ही इस शब्द का नाम बना है।

Q10 रामलीला के बारे में पाठ के अनुसार कौन-सी बात सही है? intermediate
  • A रामलीला का मैदान लेखक के गाँव से बहुत दूर था
  • B सजावट का काम देर रात से शुरू होता था
  • C पात्रों का रूप-रंग पास के घर में भरा जाता था
  • D लेखक को वहाँ जाने की मनाही कर दी गई थी
Show answer
Answer: पात्रों का रूप-रंग पास के घर में भरा जाता था
Why:

वह घर लेखक के घर से बिलकुल सटा हुआ था।

Q11 सजावट दो बजे शुरू होती थी, पर लेखक दोपहर से ही वहाँ क्यों जा बैठते थे? intermediate
  • A उन्हें वहाँ रोज़ खाने को कुछ मिल जाता था
  • B उन्हें घर पर काम करना पड़ता था
  • C उन्हें कोई बड़ा पात्र बनना था
  • D उन्हें तैयारी देखने में बहुत मज़ा आता था
Show answer
Answer: उन्हें तैयारी देखने में बहुत मज़ा आता था
Why:

उत्साह इतना था कि वे तैयारी से पहले ही पहुँच जाते थे।

Q12 छोटे-मोटे काम करके भी लेखक इतने खुश क्यों रहते थे? intermediate
  • A उन्हें इनाम में रोज़ मिठाई मिलती थी
  • B उनका मन उस काम में लगा हुआ था
  • C उन्हें घर के कामों से छुट्टी मिल जाती थी
  • D उन्हें मंच पर पात्र बनने का मौका मिलता था
Show answer
Answer: उनका मन उस काम में लगा हुआ था
Why:

मन लगे तो छोटा काम भी खेल बन जाता है।

Q13 अभिकथन: लेखक कहते हैं कि आज वे पेंशन लेने भी उतने उत्साह से नहीं जाते। कारण: बचपन में चबेना और खेल का उत्साह उससे कहीं बड़ा था। advanced
  • A दोनों सही हैं; कारण अभिकथन को समझाता है
  • B दोनों सही हैं; कारण अभिकथन को नहीं समझाता
  • C अभिकथन सही है; परंतु उसका कारण ग़लत है
  • D अभिकथन ग़लत है; परंतु उसका कारण सही है
Show answer
Answer: दोनों सही हैं; कारण अभिकथन को समझाता है
Why:

दोनों सही हैं, और कारण ही तुलना का अर्थ है। बचपन की छोटी-सी बात में जो आनंद था, वह बाद में नहीं मिला।

Q14 नीचे दी गई कौन-सी बात इस पाठ के अनुसार सही है? intermediate
  • A लेखक का बचपन एक बड़े शहर में बीता
  • B लेखक का बचपन एक साधारण गाँव में बीता
  • C लेखक ने कभी किसी पेड़ पर नहीं चढ़ा
  • D लेखक को रामलीला में कोई रुचि नहीं थी
Show answer
Answer: लेखक का बचपन एक साधारण गाँव में बीता
Why:

कच्चा घर, खेत और रामलीला, सब गाँव की बातें हैं।

Q15 इस पाठ को पढ़कर उत्साह के बारे में क्या समझ आता है? advanced
  • A उत्साह से काम हमेशा ही बिगड़ जाता है
  • B उत्साह केवल बहुत बड़े-बड़े कामों में ही आता है
  • C उत्साह केवल बड़े लोगों में पाया जाता है
  • D मन लगे तो छोटा काम भी खेल बन जाता है
Show answer
Answer: मन लगे तो छोटा काम भी खेल बन जाता है
Why:

लेखक को छोटे-मोटे कामों में भी बड़ा आनंद मिलता था।

Important short questions (5)

संस्मरण किसे कहते हैं?

जिस लेख में लेखक अपनी सच में बीती बातें सुनाए, उसे संस्मरण कहते हैं।

लेखक को अपने बचपन का घर किस रूप में याद आता है?

वह घर कच्चा और कहीं-कहीं से टूटा हुआ था। वहाँ पयाल का बिछौना बिछाया जाता था।

दोनों भाई सुबह अपने साथ क्या ले जाते थे और क्यों?

वे मटर और जौ का चबेना ले जाते थे। रास्ता लंबा था और भूख भी लगती थी।

रामलीला की तैयारी लेखक को इतनी प्यारी क्यों लगती थी?

पात्रों का रूप-रंग उनके घर के पास ही भरा जाता था। यह सब देखना उन्हें बहुत भाता था।

पेंशन वाली बात से लेखक क्या कहना चाहते हैं?

कि बचपन जैसा उत्साह बड़े होकर नहीं बचता। तब छोटे काम में भी बड़ा आनंद मिलता था।

Long answer questions (2)

लेखक के बचपन की चार बातें चुनकर अपने शब्दों में लिखो।

पहली बात उनका कच्चा और टूटा घर है। वहाँ पयाल का बिछौना बिछता था। दूसरी बात खेतों में नंगे पाँव घूमना और आम के पेड़ों पर चढ़ना है। तीसरी बात चचेरे भाई हलधर के साथ दूसरे गाँव पढ़ने जाना है। चौथी बात रामलीला की तैयारी देखना है। इन्हीं छोटी बातों से उनका पूरा बचपन बना है।

लेखक का बचपन तुम्हारे बचपन से किन बातों में अलग है? तीन अंतर लिखो।

लेखक कच्चे घर में रहते थे, जबकि मेरा घर पक्का है। वे नंगे पाँव खेतों में घूमते थे, मैं जूते पहनकर मैदान में खेलता हूँ। वे चबेना ले जाते थे, मैं टिफ़िन ले जाता हूँ। एक बात एक जैसी भी है। उन्हें भी खेल और मेले अच्छे लगते थे और मुझे भी।

Flashcards (12)

'मेरा बचपन' पाठ किसने लिखा है?
प्रेमचंद ने।
जिसमें लेखक अपनी बीती बातें सुनाए, उसे क्या कहते हैं?
संस्मरण।
लेखक का बचपन का घर कैसा था?
कच्चा और कहीं-कहीं से टूटा हुआ।
सोने के लिए किस चीज़ का बिछौना बिछता था?
पयाल यानी पुआल का।
लेखक खेतों में किस तरह घूमते थे?
नंगे बदन और नंगे पाँव।
लेखक के साथ पढ़ने कौन जाता था?
उनके चचेरे भाई हलधर।
पढ़ते समय लेखक की उम्र कितनी थी?
आठ बरस।
दोनों भाई सुबह क्या साथ ले जाते थे?
मटर और जौ का चबेना।
'चबेना' का अर्थ क्या है?
भुना हुआ अनाज, जिसे चबाकर खाया जाता है।
पात्रों का रूप-रंग वाला घर लेखक के घर से कैसा था?
बिलकुल सटा हुआ।
रामलीला की सजावट कितने बजे से शुरू होती थी?
दिन में दो बजे से।
लेखक अपने उस समय के उत्साह की तुलना किससे करते हैं?
पेंशन लेने जाने के उत्साह से।

Play this topic

  • जोड़ी ढूँढो
  • लेखक का दिन क्रम में लगाओ
  • किस समय की बात?
  • सच या भ्रम?
  • झटपट सवाल

गुल्ली-डंडा: खेलों का राजा

लेखक गुल्ली-डंडा को सबसे अच्छा खेल मानते हैं। इसका सामान एक टहनी से बन जाता है। वे विदेशी खेलों के महँगे सामान और खेल की फ़ीस पर सवाल उठाते हैं।

What you will be able to do

  • मैं बता सकता/सकती हूँ कि लेखक गुल्ली-डंडा को सबसे अच्छा क्यों मानते हैं।
  • मैं देसी और विदेशी खेलों का अंतर अपने शब्दों में समझा सकता/सकती हूँ।
  • मैं खेलते समय बरती जाने वाली सावधानियाँ गिना सकता/सकती हूँ।

Key points

  • लेखक गुल्ली-डंडा को सब खेलों का राजा मानते हैं।

  • एक टहनी काटकर गुल्ली और डंडा घर पर ही बन जाते हैं।

  • विदेशी खेलों का सामान महँगा है, इसलिए हर बच्चा नहीं खेल पाता।

  • लेखक के समय स्कूल में साल भर की खेल फ़ीस ली जाती थी।

  • चोट का डर हर खेल में रहता है, इसलिए सावधानी ज़रूरी है।

Full explanation

एक टहनी से बना खिलौना

शाम को मैदान में कुछ बच्चे जमा थे। किसी के पास बल्ला नहीं था। एक बच्चे ने पेड़ से एक सूखी टहनी काटी। उसने उसके दो टुकड़े किए। एक लंबा डंडा बना और एक छोटी गुल्ली। बस, खेल शुरू हो गया। हमारे पाठ के लेखक को यही खेल सबसे प्यारा था।

खेलों का राजा

लेखक गुल्ली-डंडा को सब खेलों का राजा मानते हैं। बड़े होकर भी वे बच्चों को यह खेल खेलते देखते हैं। देखकर उनका मन लोट-पोट हो जाता है। जी करता है कि वे भी जाकर खेलने लगें। बचपन का खेल उम्र भर पीछा नहीं छोड़ता।

न बड़ा मैदान, न महँगा सामान

इस खेल के लिए हरी घास वाला मैदान नहीं चाहिए। कोई पक्का कोर्ट भी नहीं चाहिए। कपड़े धोने वाली थापी तक ज़रूरी नहीं। थापी काठ का वह डंडा है, जिसका सिरा चपटा और चौड़ा होता है। गाँव में बच्चे उसे कभी-कभी बल्ला बना लेते हैं।

दो खिलाड़ी और खेल शुरू

खेल की तैयारी बहुत आसान है। किसी पेड़ से एक टहनी काट लो। उससे गुल्ली और डंडा बना लो। दो खिलाड़ी जुट जाएँ तो खेल चालू। न मैदान बुक करना, न सामान खरीदना। शायद इसीलिए लेखक इसे राजा कहते हैं।

विदेशी खेलों की एक कमी

लेखक विदेशी खेलों की एक बड़ी कमी गिनाते हैं। उनका सामान बहुत महँगा पड़ता है। हर बच्चा उसे नहीं खरीद सकता। इसलिए बहुत-से बच्चे खेल से ही बाहर रह जाते हैं। लेखक को यही बात खटकती है।

अपनी चीज़ों से दूरी

लेखक एक और शिकायत करते हैं। वे कहते हैं कि हम बाहर की चीज़ों के पीछे दीवाने हैं। इसी में अपनी चीज़ों से मन हट गया है। अपने देसी खेल भी छूटते जा रहे हैं। यह बात आज भी सोचने लायक है।

खेल की फ़ीस

लेखक के समय स्कूलों में खेल की फ़ीस ली जाती थी। हर लड़के से साल भर के तीन-चार रुपये लिए जाते थे। लेखक कहते हैं कि यह पैसा बचाया जा सकता था। भारतीय खेल बिना दाम और बिना कौड़ी के खेले जाते हैं।

चोट का सवाल

कोई कह सकता है कि गुल्ली से आँख फूट सकती है। लेखक इस बात को मानते हैं। पर वे एक सवाल भी करते हैं। क्या क्रिकेट में सिर टूटने का डर नहीं रहता? चोट का डर तो हर खेल में होता है।

माथे का दाग और बैसाखी

लेखक के माथे पर गुल्ली का एक दाग आज तक बना है। उनके कुछ दोस्तों को तो बैसाखी लेनी पड़ी। बैसाखी वह लकड़ी है, जिसके सहारे चोट लगने पर चला जाता है। इसीलिए खेलते समय सावधानी बहुत ज़रूरी है।

सबका बराबर खेल

इस खेल में अमीर और गरीब का भेद नहीं था। किसी के पास कोई महँगा सामान नहीं था। इसलिए घमंड की कोई जगह ही नहीं बचती थी। सब बच्चे बराबर थे। लड़ाई-झगड़े भी होते थे, पर मन साफ़ रहता था।

छोटी गुल्ली, बड़ा आनंद

खेल में डूबकर लेखक नहाना-खाना भूल जाते थे। घर में सब नाराज़ हो जाते थे। पिताजी चौके पर बैठे अपना गुस्सा रोटियों पर उतारते थे। फिर भी खेल नहीं छूटता था। लेखक कहते हैं कि छोटी-सी गुल्ली में दुनिया भर की मिठास भरी है।

Concepts and terms

देसी खेल

वे खेल जो अपने ही आस-पास की चीज़ों से खेले जाते हैं। इनमें खर्च नहीं होता और सब बच्चे साथ खेल सकते हैं।

थापी

काठ का वह डंडा, जिसका सिरा चपटा और चौड़ा होता है। गाँव में इससे कपड़े धोए जाते हैं।

बैसाखी

चलने में सहारा देने वाली लकड़ी। चोट लगने या पैर कमज़ोर होने पर इसका सहारा लिया जाता है।

सावधान!

सच या भ्रम?

Case Study

Scenario:

लेखक कहते हैं कि गुल्ली-डंडा सबसे अच्छा खेल है। कक्षा ने इस बात को जाँचने का तय किया। बच्चों ने चार खेलों के सामान की क़ीमत पता की। गुल्ली-डंडा एक टहनी से बन जाता है और उस पर कुछ नहीं लगता। बाक़ी तीन खेलों में गेंद, बल्ला या जाल चाहिए। उनमें सबसे सस्ता सामान भी दो सौ रुपये का निकला। रोहित ने कहा कि मुफ़्त होना ही अच्छा होने का सबूत नहीं है। सना ने कहा कि जो खेल सबके लिए खुला हो, वही सबसे ज़्यादा खेला जाता है।

Analysis:

क़ीमत की सूची बनाने से लेखक की बात जाँची जा सकी। सस्ता होना अच्छा होना नहीं है, पर वह खेल को सबके लिए खोल देता है।

Activity:

अपने चार पसंदीदा खेलों के सामान की क़ीमत पता करो। सूची बनाकर सबसे सस्ते और सबसे महँगे खेल का नाम लिखो।

घर पर करके देखो

Title:

अपना खेल खुद बनाओ

Safety:

सड़क या गाड़ी वाली जगह पर मत खेलो। खेलने से पहले ज़मीन से काँच और कंकड़ हटा लो।

What You Notice:

इस खेल में कोई पैसा नहीं लगता। कुछ ही देर में पैर और साँस, दोनों मज़बूत लगने लगते हैं।

Did you know

गुल्ली-डंडा भारत के अलग-अलग राज्यों में अलग-अलग नामों से खेला जाता है।

कौड़ी समुद्री जीव का खोल है, जिसे पुराने समय में पैसे की तरह चलाया जाता था।

Memory tricks

खेल की तैयारी — टहनी काटो, गुल्ली बनाओ, दो जुटें, खेल शुरू। — चार कदमों में पूरा खेल तैयार हो जाता है।

लेखक की शिकायत — खेल से नहीं, दाम से। — उनकी शिकायत विदेशी खेलों से नहीं, उनके महँगे सामान से है।

Practice MCQs with answers (15)

Q1 लेखक अपने बचपन के खेलों में एक खेल को सबसे ऊपर रखते हैं। उन्होंने किस खेल को सब खेलों का राजा कहा है? beginner
  • A पतंग उड़ाने के खेल को
  • B लट्टू घुमाने के खेल को
  • C गुल्ली-डंडा को
  • D क्रिकेट को
Show answer
Answer: गुल्ली-डंडा को
Why:

उन्हें यही खेल सबसे अच्छा लगता था।

Q2 यह खेल शुरू करने के लिए कम से कम कितने खिलाड़ी चाहिए? beginner
  • A दो
  • B चार
  • C छह
  • D ग्यारह
Show answer
Answer: दो
Why:

दो खिलाड़ी जुट जाएँ तो खेल चालू हो जाता है।

Q3 गुल्ली और डंडा बनाने के लिए बच्चे किसी पेड़ से ____ काट लेते थे। beginner
  • A एक बड़ी जड़
  • B कुछ हरे पत्ते
  • C एक मोटा तना
  • D एक टहनी
Show answer
Answer: एक टहनी
Why:

एक ही टहनी से दोनों चीज़ें बन जाती थीं।

Q4 अभिकथन: लेखक विदेशी खेलों से शिकायत करते हैं। कारण: उनका सामान बहुत महँगा होता है, जो हर बच्चे के पास नहीं होता। advanced
  • A दोनों सही हैं; कारण अभिकथन को समझाता है
  • B दोनों सही हैं; कारण अभिकथन को नहीं समझाता
  • C अभिकथन सही है; परंतु उसका कारण ग़लत है
  • D अभिकथन ग़लत है; परंतु उसका कारण सही है
Show answer
Answer: दोनों सही हैं; कारण अभिकथन को समझाता है
Why:

दोनों सही हैं, और कारण ही उनकी बात है। गुल्ली-डंडा के लिए एक टहनी भर चाहिए।

Q5 दो बच्चों के पास कोई बल्ला नहीं है, पर खेलने का मन है। पाठ के अनुसार वे क्या करेंगे? intermediate
  • A खेलने का इरादा छोड़ देंगे
  • B टहनी से गुल्ली और डंडा बना लेंगे
  • C बाज़ार से नया सामान मँगवाएँगे
  • D किसी बड़े मैदान की तलाश में निकल जाएँगे
Show answer
Answer: टहनी से गुल्ली और डंडा बना लेंगे
Why:

लेखक का पूरा ज़ोर इसी बात पर है कि सामान खुद बन जाता है।

Q6 कपड़े धोने के लिए काठ का एक चपटा औज़ार काम में आता था। ‘थापी’ का ठीक अर्थ कौन-सा है? intermediate
  • A मिट्टी से बना चौड़े मुँह वाला बरतन
  • B कपड़े का एक बड़ा टुकड़ा
  • C बाँस की बनी एक टोकरी
  • D काठ का चपटे चौड़े सिरे वाला डंडा
Show answer
Answer: काठ का चपटे चौड़े सिरे वाला डंडा
Why:

गाँव में इससे कपड़े धोए जाते हैं।

Q7 लेखक के समय स्कूलों में हर लड़के से किस बात के पैसे लिए जाते थे? intermediate
  • A किताबों और कॉपियों की खरीद के
  • B केवल खेलने की फ़ीस के
  • C खाने और पानी के
  • D मैदान की सफ़ाई के
Show answer
Answer: केवल खेलने की फ़ीस के
Why:

साल भर के तीन-चार रुपये खेल की फ़ीस के रूप में लिए जाते थे।

Q8 सही जोड़ी पहचानो — (क) गुल्ली से डर (ख) क्रिकेट से डर intermediate
  • A (क) आँख फूटना, (ख) सिर टूटना
  • B (क) सिर टूटना, (ख) आँख फूटना
  • C (क) पैर टूटना, (ख) आँख फूटना
  • D (क) आँख फूटना, (ख) हाथ जलना
Show answer
Answer: (क) आँख फूटना, (ख) सिर टूटना
Why:

लेखक दोनों खेलों में चोट का डर बताते हैं।

Q9 चोट के सवाल पर लेखक क्या कहना चाहते हैं? intermediate
  • A चोट का डर हर खेल में रहता है
  • B देसी खेलों में कभी किसी को चोट नहीं लगती
  • C विदेशी खेल पूरी तरह सुरक्षित हैं
  • D बच्चों को खेलना ही नहीं चाहिए
Show answer
Answer: चोट का डर हर खेल में रहता है
Why:

वे गुल्ली और क्रिकेट, दोनों के खतरे गिनाते हैं।

Q10 इस खेल में अमीर-गरीब का भेद क्यों नहीं दिखता था? advanced
  • A सब बच्चे एक ही घर के थे
  • B खेल केवल छुट्टी वाले दिन ही होता था
  • C किसी के पास कोई महँगा सामान नहीं था
  • D हर बच्चे को इनाम दिया जाता था
Show answer
Answer: किसी के पास कोई महँगा सामान नहीं था
Why:

बराबरी होने से घमंड की जगह ही नहीं बचती थी।

Q11 शाम ढल गई पर लेखक खेल में ही लगे रहे। पाठ के अनुसार वे क्या-क्या भूल जाते थे? beginner
  • A पढ़ना और सोना
  • B कपड़े और जूते
  • C नहाना और खाना
  • D रास्ता और घर
Show answer
Answer: नहाना और खाना
Why:

इसी से घर के लोग नाराज़ हो जाते थे।

Q12 पिताजी अपना गुस्सा किस पर उतारा करते थे? intermediate
  • A खेल के सारे साथियों पर
  • B चौके पर बैठकर रोटियों पर
  • C मैदान के मालिक पर
  • D स्कूल के शिक्षक पर
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Answer: चौके पर बैठकर रोटियों पर
Why:

पाठ में यह चित्र बहुत मज़ेदार ढंग से खींचा गया है।

Q13 गुल्ली-डंडा के बारे में इन कथनों को पढ़िए। I. लेखक ने गुल्ली-डंडा को सब खेलों का राजा कहा है। II. लेखक को यह खेल बिलकुल पसंद नहीं था। III. लेखक के माथे पर गुल्ली का दाग़ था। कौन-से कथन सही हैं? advanced
  • A केवल I और II
  • B केवल II और III
  • C केवल I और III
  • D I, II और III
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Answer: केवल I और III
Why:

I और III सही हैं। II उल्टा है: यह खेल उन्हें सबसे प्रिय था, और दाग़ उसी की निशानी है।

Q14 'बैसाखी' शब्द का यहाँ क्या अर्थ है? advanced
  • A बसंत में मनाया जाने वाला त्योहार
  • B चलने में सहारा देने वाली लकड़ी
  • C खेत काटने का एक औज़ार
  • D कपड़े सुखाने की एक रस्सी
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Answer: चलने में सहारा देने वाली लकड़ी
Why:

चोट लगने पर उसी के सहारे चला जाता है।

Q15 गुल्ली बहुत छोटी होती है, फिर भी उसका खेल घंटों चलता रहता था। ‘गुल्ली है जरा-सी’ वाली बात से लेखक क्या समझाते हैं? advanced
  • A छोटी चीज़ का कोई मोल नहीं होता है
  • B बड़ा सामान ही अच्छा खेल बनाता है
  • C खेल हमेशा महँगा ही होता है
  • D छोटी चीज़ भी बड़ा आनंद दे सकती है
Show answer
Answer: छोटी चीज़ भी बड़ा आनंद दे सकती है
Why:

उनके अनुसार छोटी गुल्ली में दुनिया भर की मिठास है।

Important short questions (5)

गुल्ली-डंडा खेलने की तैयारी कितनी आसान थी?

पेड़ से एक टहनी काटकर गुल्ली और डंडा बन जाते थे। दो खिलाड़ी जुटते ही खेल शुरू।

लेखक विदेशी खेलों से खुश क्यों नहीं हैं?

उनका सामान बहुत महँगा पड़ता है। इस वजह से बहुत-से बच्चे खेल से बाहर रह जाते हैं।

चोट के बारे में लेखक का तर्क क्या है?

वे कहते हैं कि चोट का डर हर खेल में है। गुल्ली से आँख और क्रिकेट से सिर को खतरा है।

इस खेल में सब बच्चे बराबर क्यों लगते थे?

किसी के पास कोई महँगा सामान नहीं था। इसलिए घमंड करने की जगह ही नहीं बचती थी।

खेल के समय घर में नाराज़गी क्यों होती थी?

लेखक खेल में डूबकर नहाना और खाना भूल जाते थे। इसी से घर के लोग खीझ उठते थे।

Long answer questions (2)

लेखक गुल्ली-डंडा को सबसे अच्छा खेल क्यों मानते हैं? तीन कारण देकर लिखो।

पहला कारण यह है कि इसका सामान मुफ़्त में बन जाता है। एक टहनी से गुल्ली और डंडा तैयार हो जाते हैं। दूसरा कारण यह है कि इसके लिए कोई बड़ा मैदान नहीं चाहिए। दो खिलाड़ी और थोड़ी खुली जगह काफ़ी है। तीसरा कारण यह है कि इसमें अमीर-गरीब का भेद नहीं रहता। इसीलिए वे इसे खेलों का राजा कहते हैं।

तुम्हारे आस-पास खेले जाने वाले किसी देसी खेल के बारे में लिखो।

हमारे मोहल्ले में इकड़ी-दुकड़ी खूब खेली जाती है। इसके लिए ज़मीन पर चॉक से कुछ खाने बनाए जाते हैं। फिर एक चपटा पत्थर उछालकर एक पैर से कूदना होता है। इसमें कोई पैसा नहीं लगता। लड़के और लड़कियाँ, दोनों साथ खेलते हैं। इससे पैर मज़बूत होते हैं और मन भी खुश रहता है।

Flashcards (12)

लेखक किस खेल को सब खेलों का राजा मानते हैं?
गुल्ली-डंडा को।
गुल्ली और डंडा किस चीज़ से बनाए जाते थे?
पेड़ से काटी गई एक टहनी से।
यह खेल शुरू करने के लिए कम से कम कितने खिलाड़ी चाहिए?
केवल दो।
'थापी' किसे कहते हैं?
काठ का वह डंडा, जिसका सिरा चपटा और चौड़ा हो।
विदेशी खेलों की कौन-सी कमी लेखक गिनाते हैं?
उनका सामान बहुत महँगा पड़ता है।
लेखक के समय स्कूल में किस बात की फ़ीस ली जाती थी?
केवल खेलने की।
गुल्ली-डंडा में किस चोट का डर बताया गया है?
गुल्ली से आँख फूटने का।
लेखक क्रिकेट में किस चोट का डर बताते हैं?
सिर टूट जाने का।
'बैसाखी' का अर्थ क्या है?
वह लकड़ी, जिसके सहारे चोट लगने पर चला जाता है।
लेखक के माथे पर किस चीज़ का दाग है?
गुल्ली से लगी चोट का।
इस खेल में घमंड की जगह क्यों नहीं थी?
क्योंकि किसी के पास कोई महँगा सामान नहीं था।
खेल में डूबकर लेखक क्या-क्या भूल जाते थे?
नहाना और खाना, दोनों।

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  • जोड़ी ढूँढो
  • खेल की तैयारी क्रम में लगाओ
  • किस खेल की बात?
  • सच या भ्रम?
  • झटपट सवाल

शब्दों का खज़ाना और विशेषण

पहर का पुराना हिसाब समझो और पाठ के नए शब्दों के अर्थ जानो। साथ ही सीखो कि संज्ञा की विशेषता बताने वाले शब्द विशेषण कहलाते हैं।

What you will be able to do

  • मैं बता सकता/सकती हूँ कि एक पहर कितने घंटे का होता है।
  • मैं पाठ के नए शब्दों के अर्थ अपने शब्दों में लिख सकता/सकती हूँ।
  • मैं किसी वाक्य में संज्ञा और विशेषण अलग-अलग पहचान सकता/सकती हूँ।

Key points

  • एक पहर तीन घंटे का होता है, यानी दिन का चौथा भाग।

  • दिन के चार और रात के चार, कुल आठ पहर होते हैं।

  • 'दोपहर' शब्द 'दो' और 'पहर' से मिलकर बना है।

  • चबेना, थापी, कौड़ी और तमाशा पाठ के नए शब्द हैं।

  • संज्ञा की विशेषता बताने वाले शब्द को विशेषण कहते हैं।

Full explanation

दादी का अजीब जवाब

समर ने दादी से पूछा कि वे कब लौटेंगी। दादी बोलीं कि वे तीसरे पहर तक आ जाएँगी। समर चकराकर रह गया। पहर भला कौन-सा समय होता है? दादी हँसीं और बोलीं कि यह घड़ी से भी पुराना हिसाब है। आओ, इस पुराने हिसाब को हम भी समझ लें।

पहर क्या होता है

पहर समय नापने का एक पुराना ढंग है। एक पहर तीन घंटे के बराबर होता है। दूसरे शब्दों में, यह दिन का चौथा भाग है। पुराने समय में घड़ियाँ नहीं थीं। तब लोग सूरज की जगह देखकर पहर बता देते थे।

आठ पहर का चक्र

दिन में चार पहर होते हैं और रात में भी चार। दोनों मिलाकर पूरे आठ पहर बनते हैं। आठ को तीन से गुणा करो तो चौबीस घंटे मिलते हैं। यही हमारा पूरा दिन-रात है। इसीलिए कोई काम लगातार करने वाले को आठों पहर लगा रहने वाला कहते हैं।

दोपहर शब्द का जन्म

अब एक मज़ेदार बात। दोपहर शब्द 'दो' और 'पहर' से मिलकर बना है। सुबह से गिनो तो दो पहर बीतने पर दोपहर आती है। हमारे पाठ के लेखक दोपहर से ही रामलीला वाले घर जा बैठते थे। शब्द का अर्थ जानते ही वाक्य और साफ़ हो जाता है।

पाठ के दो नए शब्द

पाठ में दो शब्द नए लगते हैं। पहला है चबेना। चबेना वह भुना अनाज है, जिसे चबाकर खाया जाता है। दूसरा है थापी। थापी काठ का डंडा है, जिसका सिरा चपटा और चौड़ा होता है। उससे कपड़े धोए जाते हैं।

कौड़ी और तमाशा

कौड़ी एक समुद्री जीव का खोल है। पुराने समय में लोग उसे पैसे की तरह चलाते थे। इसीलिए बिना दाम की चीज़ को कौड़ी वाली कहावतों से जोड़ा जाता है। तमाशा का अर्थ है मनोरंजन वाला दृश्य, जैसे मेला या नौटंकी।

विशेषण किसे कहते हैं

अब भाषा की बात। जो शब्द किसी संज्ञा की विशेषता बताए, उसे विशेषण कहते हैं। जैसे, मीठा आम। यहाँ आम संज्ञा है और मीठा विशेषण है। विशेषण बताता है कि संज्ञा कैसी है। इससे बात की तस्वीर साफ़ बन जाती है।

विशेषण कैसे पहचानें

पहचानने का एक आसान तरीका है। संज्ञा ढूँढ़ो और उससे पूछो — कैसा, कैसी, कितना या कौन-सा। जो शब्द इसका उत्तर दे, वही विशेषण है। जैसे, लंबा रास्ता, ठंडा पानी, तीन कलम, नीली कमीज़।

एक संज्ञा, कई विशेषण

एक ही संज्ञा के साथ कई विशेषण लग सकते हैं। जैसे, पुराना डंडा और मज़बूत डंडा। दोनों बार संज्ञा एक ही है, पर विशेषता अलग है। लिखते समय ऐसा विशेषण चुनो, जो सचमुच काम का हो।

विशेषण से बात साफ़ होती है

देखो: मुझे एक कमीज़ चाहिए। अब देखो: मुझे एक सफ़ेद सूती कमीज़ चाहिए। दूसरे वाक्य से दुकानदार तुरंत समझ जाता है। यही विशेषण की ताकत है। पर इतने विशेषण भी मत ठूँसो कि वाक्य भारी लगने लगे।

शब्दों का खज़ाना बढ़ाओ

एक कॉपी को अपना शब्द-खज़ाना बना लो। हर नया शब्द उसमें अर्थ के साथ लिखो। साथ में अपना बनाया एक वाक्य भी लिखो। हफ़्ते में एक बार उसे पढ़ लिया करो। कुछ ही महीनों में तुम्हारी भाषा चमकने लगेगी।

Concepts and terms

पहर

समय नापने का पुराना ढंग। एक पहर तीन घंटे का होता है और दिन-रात में कुल आठ पहर होते हैं।

विशेषण

वह शब्द जो किसी संज्ञा की विशेषता बताए। जैसे मीठा आम में आम संज्ञा है और मीठा विशेषण।

शब्द-भंडार

हमें जितने शब्द आते हैं, उन सबका जोड़। नए शब्द अर्थ और वाक्य के साथ लिखने से यह बढ़ता जाता है।

सावधान!

सच या भ्रम?

असली दुनिया में

Scenario:

गुवाहाटी की ईरा कक्षा पाँच में पढ़ती है। उसकी नानी हमेशा पहर में समय बताती हैं। ईरा को यह हिसाब बहुत उलझा हुआ लगता था। एक दिन उसने एक कागज पर पूरे दिन की पट्टी बनाई। उसने उसे चार बराबर हिस्सों में बाँट दिया। हर हिस्से पर उसने तीन घंटे का समय लिखा। फिर उसने हर पहर के सामने अपना एक काम लिखा। पहले पहर में तैयार होना, दूसरे में पढ़ाई, तीसरे में आराम और चौथे में खेल। शाम को उसने वही पट्टी नानी को दिखाई। नानी बहुत खुश हुईं। अब ईरा को नानी की भाषा भी समझ आने लगी है।

Analysis:

पुराने शब्द तब आसान लगते हैं, जब उन्हें गिनती से जोड़ दिया जाए। चार हिस्से और तीन-तीन घंटे ने ईरा की पूरी उलझन खोल दी।

Activity:

कागज पर अपने दिन की एक पट्टी बनाओ। उसे चार बराबर हिस्सों में बाँटकर हर हिस्से में तीन घंटे का समय और अपना एक काम लिखो।

पहर की घड़ी

Title:

एक दिन, आठ खाने

Safety:

थाली धातु की हो तो किनारा तेज़ हो सकता है, दबाकर मत पकड़ो।

What You Notice:

आठ खाने मिलकर चौबीस घंटे बनते हैं और दोपहर ठीक दो खाने बीतने पर आता है। नाम में छिपा हिसाब कागज़ पर दिख जाता है।

Did you know

भारत के पुराने संगीत में भी हर पहर के लिए अलग राग गाए जाते हैं।

कौड़ियों का लेन-देन भारत में सैकड़ों साल तक चलता रहा था।

Memory tricks

पहर का हिसाब — आठ पहर, तीन-तीन घंटे, पूरा एक दिन। — आठ को तीन से गुणा करने पर चौबीस घंटे मिलते हैं।

विशेषण की पहचान — संज्ञा से पूछो: कैसा, कितना, कौन-सा। — इन सवालों का उत्तर देने वाला शब्द ही विशेषण होता है।

Practice MCQs with answers (15)

Q1 एक पहर कितने घंटे के बराबर होता है? beginner
  • A तीन घंटे
  • B एक घंटा
  • C छह घंटे
  • D बारह घंटे
Show answer
Answer: तीन घंटे
Why:

पहर दिन का चौथा भाग है, यानी तीन घंटे।

Q2 दिन के चार पहर और रात के चार पहर, यानी कुल ____ पहर। beginner
  • A आठ
  • B चार
  • C छह
  • D बारह
Show answer
Answer: आठ
Why:

चार और चार को जोड़ने पर आठ पहर बनते हैं।

Q3 पहर की गिनती के बारे में इन कथनों को पढ़िए। I. एक पहर तीन घंटे के बराबर होता है। II. दिन और रात मिलाकर कुल चार पहर होते हैं। III. आठ पहर को घंटों में बदलें तो चौबीस घंटे बनते हैं। कौन-से कथन सही हैं? advanced
  • A केवल I और II
  • B केवल II और III
  • C केवल I और III
  • D I, II और III
Show answer
Answer: केवल I और III
Why:

I और III सही हैं। II सही नहीं है: दिन के चार और रात के चार, यानी कुल आठ पहर।

Q4 'दोपहर' शब्द बनने का सही कारण कौन-सा है? intermediate
  • A उस समय सूरज दो बार दिखता है
  • B सुबह से दो पहर बीत चुके होते हैं
  • C उस समय दो बार भोजन किया जाता है
  • D उस समय घड़ी में दो बजते हैं
Show answer
Answer: सुबह से दो पहर बीत चुके होते हैं
Why:

दो और पहर मिलकर ही यह शब्द बना है।

Q5 दादी घर से निकलते समय कहती हैं कि वे तीसरे पहर तक लौट आएँगी। इसका क्या अर्थ है? intermediate
  • A दिन के तीसरे हिस्से तक
  • B तीन दिन के बाद
  • C तीन घंटे और तीन मिनट में
  • D रात के तीसरे घंटे में
Show answer
Answer: दिन के तीसरे हिस्से तक
Why:

तीसरा पहर दिन का तीसरा तीन-घंटे वाला हिस्सा है।

Q6 लेखक बचपन में पाठशाला जाते समय साथ कुछ ले जाते थे। ‘चबेना’ शब्द का ठीक अर्थ कौन-सा है? beginner
  • A मिट्टी का एक बरतन
  • B कपड़े धोने का डंडा
  • C भुना हुआ अनाज
  • D एक पुराना सिक्का
Show answer
Answer: भुना हुआ अनाज
Why:

इसे चबाकर खाया जाता है, इसीलिए यह नाम पड़ा।

Q7 सही जोड़ी पहचानो — (क) थापी (ख) कौड़ी intermediate
  • A (क) समुद्री जीव का खोल, (ख) कपड़े धोने का डंडा
  • B (क) भुना हुआ अनाज, (ख) मनोरंजन का दृश्य
  • C (क) कपड़े धोने का डंडा, (ख) समुद्री जीव का खोल
  • D (क) मनोरंजन का दृश्य, (ख) भुना हुआ अनाज
Show answer
Answer: (क) कपड़े धोने का डंडा, (ख) समुद्री जीव का खोल
Why:

थापी काठ का चपटा डंडा है और कौड़ी पुराने समय की मुद्रा।

Q8 'तमाशा' शब्द किस बात के लिए आता है? intermediate
  • A किसी बड़ी भूल के लिए
  • B किसी पुराने बरतन के लिए
  • C किसी लंबी यात्रा के लिए
  • D मनोरंजन वाले दृश्य के लिए
Show answer
Answer: मनोरंजन वाले दृश्य के लिए
Why:

मेला और नौटंकी, दोनों तमाशे में गिने जाते हैं।

Q9 विशेषण किसे कहते हैं? beginner
  • A दो वाक्यों को जोड़ने वाले शब्द को
  • B किसी काम को बताने वाले शब्द को
  • C नाम की जगह पर आने वाले शब्द को
  • D संज्ञा की विशेषता बताने वाले शब्द को
Show answer
Answer: संज्ञा की विशेषता बताने वाले शब्द को
Why:

विशेषण बताता है कि संज्ञा कैसी, कितनी या कौन-सी है।

Q10 'मज़बूत डंडा' में विशेषण कौन-सा शब्द है? beginner
  • A डंडा
  • B दोनों शब्द
  • C मज़बूत
  • D कोई नहीं
Show answer
Answer: मज़बूत
Why:

डंडा संज्ञा है और मज़बूत उसकी विशेषता बताता है।

Q11 नीले आसमान में ____ बादल तैर रहे थे। खाली जगह में कौन-सा विशेषण ठीक बैठेगा? intermediate
  • A आसमान
  • B सफ़ेद
  • C तैरना
  • D बादल
Show answer
Answer: सफ़ेद
Why:

सफ़ेद बादलों की विशेषता बता रहा है।

Q12 विशेषण पहचानने के लिए संज्ञा से कौन-से सवाल पूछे जाते हैं? intermediate
  • A कब, कहाँ, क्यों और किसलिए
  • B कैसा, कितना या कौन-सा
  • C कौन, किसने, किसे या किसका
  • D और, तथा, किंतु या परंतु
Show answer
Answer: कैसा, कितना या कौन-सा
Why:

इन सवालों का उत्तर देने वाला शब्द ही विशेषण होता है।

Q13 'मुझे एक सफ़ेद सूती कमीज़ चाहिए।' यह वाक्य सादे वाक्य से बेहतर क्यों है? advanced
  • A इससे वाक्य में शब्द बढ़ जाते हैं
  • B इससे सुनने वाले को चीज़ साफ़ समझ आ जाती है
  • C इससे वाक्य पढ़ने और समझने में कठिन हो जाता है
  • D इससे संज्ञा अपने आप बदल जाती है
Show answer
Answer: इससे सुनने वाले को चीज़ साफ़ समझ आ जाती है
Why:

सही विशेषण बात की तस्वीर साफ़ कर देते हैं।

Q14 नीचे दिए गए वाक्यों में से कौन-सा सही है? intermediate
  • A विशेषण हमेशा वाक्य के आखिर में आता है
  • B गिनती बताने वाले शब्द विशेषण नहीं होते
  • C एक संज्ञा के साथ हमेशा केवल एक ही विशेषण चल सकता है
  • D एक संज्ञा के साथ एक से ज़्यादा विशेषण लग सकते हैं
Show answer
Answer: एक संज्ञा के साथ एक से ज़्यादा विशेषण लग सकते हैं
Why:

सफ़ेद सूती कमीज़ में दो विशेषण एक साथ आए हैं।

Q15 अभिकथन: नया शब्द अर्थ और वाक्य के साथ लिखकर रखना चाहिए। कारण: केवल सुनकर छोड़ देने से शब्द याद नहीं रहता। advanced
  • A दोनों सही हैं; कारण अभिकथन को समझाता है
  • B दोनों सही हैं; कारण अभिकथन को नहीं समझाता
  • C अभिकथन सही है; परंतु उसका कारण ग़लत है
  • D अभिकथन ग़लत है; परंतु उसका कारण सही है
Show answer
Answer: दोनों सही हैं; कारण अभिकथन को समझाता है
Why:

दोनों सही हैं, और कारण ही शब्द-खज़ाने का ढंग है। अर्थ और वाक्य मिलकर शब्द को पकड़ में ले आते हैं।

Important short questions (5)

पहर किसे कहते हैं?

पहर समय नापने का पुराना ढंग है। एक पहर तीन घंटे यानी दिन के चौथे भाग के बराबर होता है।

आठ पहर मिलकर पूरा दिन-रात कैसे बनाते हैं?

हर पहर तीन घंटे का होता है। आठ पहर को तीन से गुणा करने पर चौबीस घंटे बनते हैं।

'कौड़ी' के बारे में दो बातें लिखो।

यह एक समुद्री जीव का खोल है। पुराने समय में लोग इसे पैसे की तरह चलाते थे।

विशेषण किसे कहते हैं? एक उदाहरण भी दो।

जो शब्द संज्ञा की विशेषता बताए, वह विशेषण है। जैसे, ठंडा पानी में ठंडा विशेषण है।

वाक्य में विशेषण लगाने से क्या फ़ायदा होता है?

बात की तस्वीर साफ़ बन जाती है। सुनने वाला तुरंत समझ जाता है कि किस चीज़ की बात है।

Long answer questions (2)

पहर का हिसाब अपने शब्दों में समझाओ और दिन के चारों पहर के काम लिखो।

पहर समय नापने का पुराना ढंग है। एक पहर तीन घंटे का होता है। पहले पहर में मैं उठकर तैयार होता हूँ। दूसरे पहर में स्कूल की पढ़ाई चलती है। तीसरे पहर में मैं खाना खाकर थोड़ा आराम करता हूँ। चौथे पहर में मैं मैदान में खेलने जाता हूँ। इस तरह दिन के चार पहर पूरे हो जाते हैं।

अपने घर की किसी एक चीज़ के बारे में पाँच वाक्य लिखो, जिनमें विशेषण आएँ।

हमारे आँगन में एक पुरानी चारपाई रखी है। उसकी लकड़ी भूरी और मज़बूत है। उस पर मोटी सूती रस्सी बुनी हुई है। गरमी की शाम में वह बहुत ठंडी लगती है। दादी उसी पर बैठकर हमें लंबी कहानियाँ सुनाती हैं।

Flashcards (12)

एक पहर कितने घंटे का होता है?
तीन घंटे का।
दिन और रात, दोनों मिलाकर कितने पहर बनते हैं?
आठ पहर।
'दोपहर' शब्द किन दो शब्दों से मिलकर बना है?
'दो' और 'पहर' से।
'कौड़ी' क्या होती है?
एक समुद्री जीव का खोल, जो पहले पैसे की तरह चलता था।
'तमाशा' का अर्थ क्या है?
मनोरंजन वाला दृश्य, जैसे मेला या नौटंकी।
'भ्रमण' शब्द का अर्थ बताओ।
घूमना या इधर-उधर चलना।
विशेषण किसे कहते हैं?
उस शब्द को, जो किसी संज्ञा की विशेषता बताए।
'ठंडा पानी' में विशेषण कौन-सा है?
ठंडा।
'तीन कलम' में विशेषण कौन-सा है?
तीन।
विशेषण पहचानने के लिए संज्ञा से क्या पूछते हैं?
कैसा, कैसी, कितना या कौन-सा।
एक संज्ञा के साथ कितने विशेषण लग सकते हैं?
एक से ज़्यादा भी लग सकते हैं।
अपना शब्द-खज़ाना कैसे बनाओगे?
एक कॉपी में नया शब्द, उसका अर्थ और अपना वाक्य लिखकर।

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  • अर्थ से जोड़ो
  • संज्ञा या विशेषण?
  • दिन के पहर क्रम में लगाओ
  • सच या भ्रम?
  • झटपट सवाल

Class 5 Hindi Chapter 7 — frequently asked questions

संस्मरण किसे कहते हैं?

जिस लेख में लेखक अपनी सच में बीती बातें सुनाए, उसे संस्मरण कहते हैं।

लेखक को अपने बचपन का घर किस रूप में याद आता है?

वह घर कच्चा और कहीं-कहीं से टूटा हुआ था। वहाँ पयाल का बिछौना बिछाया जाता था।

दोनों भाई सुबह अपने साथ क्या ले जाते थे और क्यों?

वे मटर और जौ का चबेना ले जाते थे। रास्ता लंबा था और भूख भी लगती थी।

गुल्ली-डंडा खेलने की तैयारी कितनी आसान थी?

पेड़ से एक टहनी काटकर गुल्ली और डंडा बन जाते थे। दो खिलाड़ी जुटते ही खेल शुरू।

लेखक विदेशी खेलों से खुश क्यों नहीं हैं?

उनका सामान बहुत महँगा पड़ता है। इस वजह से बहुत-से बच्चे खेल से बाहर रह जाते हैं।

चोट के बारे में लेखक का तर्क क्या है?

वे कहते हैं कि चोट का डर हर खेल में है। गुल्ली से आँख और क्रिकेट से सिर को खतरा है।

पहर किसे कहते हैं?

पहर समय नापने का पुराना ढंग है। एक पहर तीन घंटे यानी दिन के चौथे भाग के बराबर होता है।

आठ पहर मिलकर पूरा दिन-रात कैसे बनाते हैं?

हर पहर तीन घंटे का होता है। आठ पहर को तीन से गुणा करने पर चौबीस घंटे बनते हैं।

'कौड़ी' के बारे में दो बातें लिखो।

यह एक समुद्री जीव का खोल है। पुराने समय में लोग इसे पैसे की तरह चलाते थे।

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