Class 5 Hindi Chapter 2: न्याय की कुर्सी

न्याय की कुर्सी is Chapter 2 of NCERT / CBSE Class 5 Hindi (Hindi medium). This page has the complete chapter notes across 3 topics , 45 practice MCQs with answers and explanations , 21 important short and long questions and 36 flashcards — all written to the NCERT / CBSE syllabus and free to read.

कहानी 'न्याय की कुर्सी': ठोकर से सिंहासन तक

उज्जैन के मैदान में लड़के राजा-दरबार का खेल खेलते हैं। उनके सही फ़ैसलों की चर्चा फैलती है। राजा खुद जाँच करता है और मिट्टी से एक पुराना सिंहासन निकलता है।

What you will be able to do

  • मैं कहानी 'न्याय की कुर्सी' की घटनाएँ क्रम से सुना सकता/सकती हूँ।
  • मैं बता सकता/सकती हूँ कि लोग दरबार छोड़कर लड़के के पास क्यों जाने लगे।
  • मैं सच्चे न्याय की दो ज़रूरी बातें अपने शब्दों में समझा सकता/सकती हूँ।

Key points

  • कहानी 'न्याय की कुर्सी' लीलावती भागवत ने लिखी है।

  • उज्जैन के बाहर मैदान में लड़के शिला पर राजा-दरबार का खेल खेलते थे।

  • टीले पर बैठा लड़का सबकी बात सुनकर सही फ़ैसला सुनाता था।

  • नगर के लोग दरबार छोड़कर अपनी फरियाद उसी लड़के के पास ले जाने लगे।

  • खुदाई में पता चला कि वह पत्थर राजा विक्रमादित्य का सिंहासन था।

Full explanation

मैदान में एक ठोकर

उज्जैन शहर के बाहर एक बड़ा मैदान था। वहाँ जगह-जगह मिट्टी के टीले पड़े थे। रोज़ लड़कों का एक झुंड वहाँ खेलने आता। एक दिन एक लड़का दौड़ता हुआ टीले पर चढ़ गया। अचानक उसका पैर किसी चीज़ से टकराया। वह मुँह के बल गिर पड़ा। उसने झुककर देखा। वहाँ एक बड़ा चिकना पत्थर पड़ा था। सोचो, उस साधारण-से पत्थर में आख़िर ऐसा क्या था?

अब मैं राजा हूँ

लड़के ने अपने साथियों को आवाज़ दी। उसने सबको वह चिकनी शिला दिखाई। फिर वह शान से उस पर बैठ गया। उसने ऐलान किया कि आज से वही राजा है। बाकी सब उसके दरबारी बनेंगे। हर लड़का अपनी शिकायत लेकर आएगा। राजा बना लड़का उस झगड़े का फ़ैसला करेगा। बाकी लड़कों को यह खेल बहुत भाया।

खेल रोज़ जमने लगा

अब रोज़ वही खेल शुरू हो जाता। कोई लड़का मन से गढ़ी हुई शिकायत सुनाता। फिर गवाह बुलाए जाते और उनकी बात सुनी जाती। टीले पर बैठा लड़का दोनों से सवाल पूछता। सब सुनकर वह अपना फ़ैसला सुनाता। खेल में इतना मज़ा आता कि वे रोज़ यही खेलने लगे।

बात नगर भर में फैली

धीरे-धीरे यह बात पूरे नगर में फैल गई। लोग उस लड़के की समझ की तारीफ़ करने लगे। कुछ लोग तो उसे कोई दैवी शक्ति वाला मानने लगे। फिर एक दिन दो किसानों में ज़मीन का झगड़ा हो गया। मामला गंभीर था। दोनों राजा के दरबार नहीं गए। वे सीधे उसी लड़के के पास पहुँच गए।

दो किसान और एक फ़ैसला

लड़के ने बड़े ध्यान से दोनों किसानों की बात सुनी। उसने किसी को बीच में नहीं टोका। फिर उसने जो फ़ैसला सुनाया, उसे सुनकर दोनों दंग रह गए। दोनों को वह फ़ैसला सही लगा। उस दिन के बाद नगर के लोग अपनी शिकायत लेकर वहीं जाने लगे। राजा का दरबार ख़ाली रहने लगा।

राजा को क्रोध आया

यह ख़बर आख़िरकार राजा तक भी पहुँच गई। उसे बहुत क्रोध आया। उसे लगा कि एक बच्चा उससे बेहतर न्याय कैसे कर सकता है। राजा ने इन बातों पर भरोसा नहीं किया। उसने तय किया कि वह खुद जाकर देखेगा। तभी सच का पता चलेगा।

राजा ने खेल देखा

राजा अपने सिपाहियों को लेकर उसी मैदान तक जा पहुँचा। लड़के उस समय अपना मनपसंद खेल खेल रहे थे। राजा बहुत देर तक चुपचाप खड़ा देखता रहा। वह हैरान रह गया। उसने मंत्री से धीरे से कहा कि लड़का सचमुच बहुत समझदार है। इतनी छोटी उम्र और इतनी परख, यह कम ही दिखता है।

और भी बड़ी हैरानी

तभी किसी ने राजा को एक नई बात बताई। आज टीले पर रोज़ वाला लड़का बैठा ही नहीं था। वह लड़का बीमार पड़ गया था। आज तो कोई और ही लड़का वहाँ बैठा था। राजा और भी चकित हुआ। उसने सोचा कि समझ लड़के की नहीं, कुर्सी का कमाल है। उसने उसकी जाँच करने की ठानी।

पत्थर के नीचे का राज़

राजा के इशारे पर वह जगह खोदी गई। मिट्टी हटाकर पत्थर को बाहर निकाला गया। देखने वाले चौंक गए। वह कोई मामूली पत्थर था ही नहीं। वह तो एक बहुत सुंदर सिंहासन निकला। उस पर बहुत बारीक नक्काशी की गई थी। हर पाये पर एक देवदूत की मूर्ति बनी थी।

सिंहासन किसका था?

ख़बर फैलते ही वहाँ बड़ी भीड़ जुट गई। तब विद्वान पंडितों को बुलाया गया। उन्होंने बताया कि यह सिंहासन सदियों पुराना है। यह राजा विक्रमादित्य का आसन था। विक्रमादित्य सही न्याय करने के लिए मशहूर थे। राजा ने आदेश दिया कि सिंहासन दरबार में रखा जाए। वह उस पर बैठकर लोगों की फरियाद सुनना चाहता था।

यहाँ तक की सीख

कहानी का यह हिस्सा एक बात साफ़ कहता है। सच्चा न्याय उम्र नहीं देखता। एक बच्चा भी सही फ़ैसला कर सकता है। इसके लिए दो बातें ज़रूरी हैं। पहली, दोनों पक्षों की पूरी बात सुनना। दूसरी, मन में किसी की तरफ़दारी न रखना। लड़के ने यही किया, इसलिए लोगों को उस पर भरोसा हुआ।

तुम्हारे आस-पास का न्याय

तुम्हारी कक्षा में भी छोटे-छोटे झगड़े होते होंगे। कभी रबर को लेकर, कभी खेल की बारी को लेकर। तब तुम क्या करते हो? सबसे अच्छा तरीका यही है। पहले दोनों की बात शांति से सुनो। अपने पक्के दोस्त की तरफ़दारी मत करो। फिर सोचकर बताओ कि सही क्या है।

Concepts and terms

न्याय

न्याय का मतलब है सही फ़ैसला करना। इसके लिए दोनों पक्षों की पूरी बात सुननी पड़ती है। किसी एक की तरफ़दारी नहीं की जाती।

सिंहासन

सिंहासन राजा के बैठने की ख़ास कुर्सी होती है। उस पर बैठकर राजा दरबार लगाता था। वहीं लोगों के झगड़ों का फ़ैसला होता था।

गवाह

गवाह वह होता है जिसने घटना अपनी आँखों से देखी हो। उसकी बात सुनने से सच तक पहुँचना आसान हो जाता है।

सावधान!

सच या भ्रम?

Case Study

Scenario:

कक्षा में बहस छिड़ गई। रोहित ने कहा कि लड़कों के फ़ैसले सही इसलिए थे क्योंकि कुर्सी जादुई थी। सना ने असहमति जताई। उसने कहा कि कुर्सी ने कुछ नहीं किया। लड़के दोनों पक्षों की बात पूरी सुनते थे। अध्यापिका ने कक्षा में एक छोटा प्रयोग कराया। दो बच्चों के बीच एक झगड़ा रखा गया। पहले केवल एक पक्ष को सुना गया और फ़ैसला उलटा निकला। फिर दोनों को सुना गया और फ़ैसला बदल गया। सना की बात सिद्ध हो गई। सुनना ही न्याय का पहला काम है।

Analysis:

कुर्सी में कोई जादू नहीं था। जादू उस तरीक़े में था जिसमें दोनों पक्षों को पूरा सुना जाता था।

Activity:

अपनी कक्षा में दो समूह बनाओ। एक छोटा झगड़ा चुनो और दोनों पक्षों की बात सुनकर फ़ैसला लिखो।

घर पर करके देखो

Title:

घर का छोटा न्याय-दरबार

Safety:

खेल में किसी का मज़ाक मत बनाओ। कुर्सी मज़बूत हो, यह बड़ों से जँचवा लो।

What You Notice:

जब तुम दोनों की बात पूरी सुनते हो, तब फ़ैसला करना आसान हो जाता है। बीच में टोकने पर असली बात छूट जाती है।

Did you know

उज्जैन मध्य प्रदेश का एक बहुत पुराना शहर है। वह क्षिप्रा नदी के किनारे बसा हुआ है।

पुराने ज़माने में राजा का दरबार ही अदालत का काम करता था। लोग अपनी शिकायत वहीं ले जाते थे।

Memory tricks

न्याय के तीन कदम — सुनो, सोचो, फिर बोलो। — पहले दोनों की बात पूरी सुनो। फिर ठंडे मन से सोचो। तब जाकर अपना फ़ैसला बताओ।

कहानी का क्रम — ठोकर, खेल, चर्चा, राजा, खुदाई। — कहानी इसी क्रम में बढ़ती है। पहले ठोकर, फिर खेल, फिर चर्चा, फिर राजा का आना और आख़िर में खुदाई।

Practice MCQs with answers (15)

Q1 कहानी 'न्याय की कुर्सी' की लेखिका कौन हैं? beginner
  • A निरंकार देव सेवक
  • B रामधारी सिंह 'दिनकर'
  • C सुभद्रा कुमारी चौहान
  • D लीलावती भागवत
Show answer
Answer: लीलावती भागवत
Why:

कहानी के अंत में लेखिका का नाम लीलावती भागवत दिया गया है।

Q2 कहानी एक पुराने शहर के बाहर पड़े सूने मैदान से शुरू होती है। वह मैदान किस शहर के बाहर था? beginner
  • A जयपुर
  • B उज्जैन
  • C पटना
  • D नागपुर
Show answer
Answer: उज्जैन
Why:

कहानी उज्जैन नगरी के बाहर के मैदान से शुरू होती है।

Q3 मैदान में टीले पर चढ़े लड़के के साथ सबसे पहले क्या हुआ? advanced
  • A उसका पैर पत्थर से टकराया और वहीं शिला मिली
  • B उसे वहाँ ज़मीन में गड़ा हुआ पुराना सोना मिल गया
  • C उसे टीले पर एक बहुत बड़ा साँप दिख गया
  • D वह टीले के पास खड़े एक पेड़ पर चढ़ गया
Show answer
Answer: उसका पैर पत्थर से टकराया और वहीं शिला मिली
Why:

पत्थर से पैर टकराने पर ही शिला दिखी, और उसी शिला पर बैठकर लड़का फ़ैसले सुनाने लगा।

Q4 टीले पर पड़ी शिला पर बैठते ही लड़के के बोल बदल जाते थे। शिला पर बैठकर लड़का खुद को ____ कहता था। beginner
  • A मंत्री
  • B गवाह
  • C राजा
  • D किसान
Show answer
Answer: राजा
Why:

वह शिला पर बैठकर खुद को राजा और बाकी साथियों को दरबारी बताता था।

Q5 खेल में फ़ैसला सुनाने से ठीक पहले क्या होता था? intermediate
  • A सब मिलकर नाचते थे
  • B राजा बना लड़का दोनों से सवाल पूछता था
  • C खेल रोक दिया जाता था
  • D खेल देखने आने वाले सबसे पैसे लिए जाते थे
Show answer
Answer: राजा बना लड़का दोनों से सवाल पूछता था
Why:

शिकायत और गवाही के बाद वह सवाल पूछता, फिर फ़ैसला सुनाता।

Q6 अभिकथन: दो किसान अपना झगड़ा राजा के दरबार नहीं ले गए। कारण: टीले पर बैठे लड़के के सही फ़ैसलों की चर्चा दूर-दूर तक थी। advanced
  • A दोनों सही हैं; कारण अभिकथन को समझाता है
  • B दोनों सही हैं; कारण अभिकथन को नहीं समझाता
  • C अभिकथन सही है; परंतु उसका कारण ग़लत है
  • D अभिकथन ग़लत है; परंतु उसका कारण सही है
Show answer
Answer: दोनों सही हैं; कारण अभिकथन को समझाता है
Why:

दोनों सही हैं, और कारण ही कहानी को आगे बढ़ाता है। यही ख़बर आगे राजा तक पहुँची।

Q7 लड़के का फ़ैसला सुनकर दोनों किसानों को अपने कानों पर विश्वास नहीं हुआ। दोनों किसान फ़ैसला सुनकर ____ रह गए। beginner
  • A दंग
  • B नाराज़
  • C उदास
  • D डरे हुए
Show answer
Answer: दंग
Why:

फ़ैसला इतना सही था कि दोनों किसान हैरान रह गए।

Q8 टीले के खेल के बारे में इन कथनों को पढ़िए। I. लड़के के फ़ैसले से लोग संतुष्ट रहते थे। II. लड़का पैसे लेकर फ़ैसला करता था। III. फ़ैसला सुनाने से पहले वह दोनों पक्षों से सवाल पूछता था। कौन-से कथन सही हैं? advanced
  • A केवल I और II
  • B केवल II और III
  • C केवल I और III
  • D I, II और III
Show answer
Answer: केवल I और III
Why:

I और III सही हैं। II सही नहीं है: वह पैसे नहीं लेता था, और इसी से उसके फ़ैसले पर भरोसा बना।

Q9 टीले के फ़ैसलों की ख़बर जब राजा तक पहुँची, तो वह शांत नहीं रह सका। ख़बर सुनकर राजा की पहली प्रतिक्रिया क्या थी? intermediate
  • A उसे क्रोध आया और उसने खुद जाँचने की ठानी
  • B उसने लड़के को इनाम भेजा
  • C उसने दरबार बंद कर दिया
  • D उसने लड़के को बुलाकर अपना मंत्री बना दिया
Show answer
Answer: उसे क्रोध आया और उसने खुद जाँचने की ठानी
Why:

राजा को यह बात अच्छी नहीं लगी, इसलिए वह खुद देखने पहुँचा।

Q10 राजा स्वयं खेल देखने पहुँचा, पर उस दिन टीले पर कोई और बैठा था। उस दिन टीले पर कौन बैठा था? intermediate
  • A एक किसान
  • B रोज़ वाला वही लड़का
  • C राजा का मंत्री
  • D कोई दूसरा लड़का
Show answer
Answer: कोई दूसरा लड़का
Why:

रोज़ वाला लड़का बीमार था, इसलिए उस दिन कोई और बैठा था।

Q11 यह जानकर राजा ने क्या नतीजा निकाला? advanced
  • A सारे लड़के जादूगर हैं
  • B मैदान में कोई भूत रहता है
  • C कमाल लड़के का नहीं, उस कुर्सी का है
  • D मंत्री उससे शुरू से ही झूठ बोल रहा है
Show answer
Answer: कमाल लड़के का नहीं, उस कुर्सी का है
Why:

बैठने वाला बदल गया, पर फ़ैसले वैसे ही सही रहे। इसलिए राजा ने कुर्सी पर शक किया।

Q12 खोदने पर मिली चीज़ का सही वर्णन कौन-सा है? beginner
  • A सोने-चाँदी से भरा एक पुराना घड़ा
  • B बारीक मूर्तियों वाला सुंदर सिंहासन
  • C लोहे की एक पेटी
  • D पत्थर की एक सीढ़ी
Show answer
Answer: बारीक मूर्तियों वाला सुंदर सिंहासन
Why:

वह साधारण पत्थर नहीं, नक्काशी वाला सिंहासन निकला।

Q13 सिंहासन के हर पाये पर किसकी मूर्ति बनी थी? beginner
  • A हाथी की
  • B देवदूत की
  • C सिपाही की
  • D किसान की
Show answer
Answer: देवदूत की
Why:

हर पाये पर एक देवदूत की मूर्ति खुदी थी।

Q14 नीचे दी गई जोड़ियों में कौन-सी जोड़ी सही मिलती है? intermediate
  • A गवाह — दोनों पक्षों का फ़ैसला सुनाने वाला
  • B शिला — मिट्टी का ढेर
  • C विक्रमादित्य — न्याय के लिए प्रसिद्ध राजा
  • D दरबारी — खेत जोतने वाला
Show answer
Answer: विक्रमादित्य — न्याय के लिए प्रसिद्ध राजा
Why:

विक्रमादित्य सही न्याय करने के लिए जाने जाते थे।

Q15 कक्षा में दो बच्चे एक ही कुर्सी पर बैठने के लिए झगड़ रहे हैं। तुम क्या करोगे? advanced
  • A अपने पक्के दोस्त का साथ दूँगा
  • B जो सबसे ज़ोर से बोलेगा उसी को वह कुर्सी दे दूँगा
  • C वहाँ से चुपचाप चला जाऊँगा
  • D दोनों की बात सुनकर बिना तरफ़दारी के हल निकालूँगा
Show answer
Answer: दोनों की बात सुनकर बिना तरफ़दारी के हल निकालूँगा
Why:

कहानी यही सिखाती है: पूरी बात सुनो और किसी की तरफ़दारी मत करो।

Important short questions (5)

लड़कों को टीले वाला खेल इतना अच्छा क्यों लगता था?

उस खेल में हर लड़के को बोलने का मौका मिलता था। फ़ैसला करने में उन्हें बड़ा मज़ा आता था।

नगर के लोग राजा का दरबार छोड़कर टीले पर क्यों जाने लगे?

वहाँ उनकी पूरी बात सुनी जाती थी। लड़के का फ़ैसला सबको सही लगता था।

राजा खुद मैदान में देखने क्यों गया?

उसे इन बातों पर भरोसा नहीं था। वह अपनी आँखों से सच जानना चाहता था।

राजा को किस बात से सबसे बड़ी हैरानी हुई?

उस दिन टीले पर कोई नया लड़का बैठा था, फिर भी फ़ैसले उतने ही सही थे।

सोचो, अगर पत्थर न खोदा जाता तो कहानी कैसे बदल जाती?

तब सिंहासन का राज़ कभी खुलता ही नहीं। मूर्तियों के सवाल भी सुनने को नहीं मिलते।

Long answer questions (2)

कहानी 'न्याय की कुर्सी' की घटनाएँ शुरू से खुदाई तक क्रम में लिखो।

उज्जैन के बाहर मैदान में एक लड़का टीले पर चढ़ा। उसका पैर एक चिकने पत्थर से टकरा गया। उसने साथियों को बुलाकर उसी शिला पर राजा-दरबार का खेल शुरू किया। उसके फ़ैसले इतने सही थे कि दो किसान भी अपना झगड़ा वहीं ले आए। नगर के लोग दरबार छोड़कर वहीं जाने लगे। नाराज़ राजा खुद देखने पहुँचा और दंग रह गया। जाँच के लिए वह जगह खोदी गई और वहाँ से एक सुंदर सिंहासन निकला।

तुम्हारे हिसाब से लड़के में कौन-से गुण थे, जिनसे लोग उस पर भरोसा करने लगे? उदाहरण देकर लिखो।

पहला गुण था धीरज। वह दोनों पक्षों की पूरी बात बिना टोके सुनता था। दूसरा गुण था निष्पक्षता। वह किसी दोस्त की तरफ़दारी नहीं करता था। तीसरा गुण था समझ। वह सवाल पूछकर असली बात तक पहुँच जाता था। इसीलिए दो किसान भी अपना झगड़ा उसके पास ले आए और उसका फ़ैसला मान लिया। इन्हीं गुणों से लोगों को उस पर भरोसा हुआ।

Flashcards (12)

कहानी 'न्याय की कुर्सी' किसने लिखी है?
लीलावती भागवत ने।
कहानी किस शहर के बाहर के मैदान की है?
उज्जैन शहर के बाहर के मैदान की।
लड़के का पैर किस चीज़ से टकराया था?
मिट्टी में दबे एक बड़े चिकने पत्थर से।
लड़के शिला पर बैठकर कौन-सा खेल खेलते थे?
राजा और दरबार का खेल, जिसमें वे झगड़ों के फ़ैसले करते थे।
दो किसानों में किस बात पर झगड़ा हुआ था?
ज़मीन को लेकर झगड़ा हुआ था।
किसान अपना झगड़ा लेकर कहाँ गए?
वे दरबार के बजाय टीले वाले लड़के के पास गए।
यह सब सुनकर राजा को कैसा लगा?
उसे बहुत क्रोध आया और उसने खुद जाकर देखने की ठानी।
जिस दिन राजा खेल देखने आया, उस दिन कौन बैठा था?
कोई दूसरा लड़का, क्योंकि रोज़ वाला लड़का बीमार था।
खोदने पर वह पत्थर क्या निकला?
एक बहुत सुंदर सिंहासन, जिस पर बारीक मूर्तियाँ खुदी थीं।
सिंहासन के चारों पायों पर क्या बना था?
देवदूतों की चार मूर्तियाँ बनी हुई थीं।
पंडितों ने बताया कि सिंहासन किसका था?
राजा विक्रमादित्य का, जो सही न्याय के लिए मशहूर थे।
सच्चा न्याय करने के लिए कौन-सी दो बातें ज़रूरी हैं?
दोनों की पूरी बात सुनना और किसी की तरफ़दारी न करना।

Play this topic

  • कहानी क्रम से लगाओ
  • जोड़ी ढूँढो
  • सच्चा न्याय या नहीं?
  • सच या भ्रम?
  • झटपट सवाल

चार मूर्तियों के सवाल और न्याय की कसौटी

सिंहासन दरबार में आता है, पर चार मूर्तियाँ राजा से कड़े सवाल पूछती हैं। राजा हर बार पीछे हट जाता है और आख़िर में घमंड के कारण सिंहासन खो देता है।

What you will be able to do

  • मैं चारों मूर्तियों के सवाल क्रम से बता सकता/सकती हूँ।
  • मैं समझा सकता/सकती हूँ कि राजा सिंहासन पर क्यों नहीं बैठ पाया।
  • मैं अपनी गलती मानने और घमंड करने का फ़र्क़ बता सकता/सकती हूँ।

Key points

  • सिंहासन के चारों पायों पर बनी मूर्तियाँ बारी-बारी से राजा से सवाल करती हैं।

  • मूर्तियों ने चोरी, झूठ और किसी को चोट पहुँचाने के बारे में पूछा।

  • राजा ने दरबारी की ज़मीन छीनने की बात मानी और तीन दिन प्रायश्चित किया।

  • चौथी मूर्ति ने बताया कि बैठने वाले लड़कों का मन बिलकुल साफ़ था।

  • राजा ने घमंड दिखाया, इसलिए मूर्ति सिंहासन लेकर आकाश में उड़ गई।

Full explanation

दरबार में नया सिंहासन

सिंहासन दरबार में सजाकर रख दिया गया। राजा बहुत खुश था। अगले दिन वह दरबार में आया और सीधे उसकी ओर बढ़ा। तभी कहीं से एक आवाज़ आई। किसी ने उसे रुकने को कहा। राजा ठिठक गया और चारों ओर देखा। वहाँ कोई नहीं दिख रहा था। वह फिर आगे बढ़ा और वही आवाज़ दोबारा आई। इस बार उसने ध्यान से देखा। बोलने वाली तो पाये पर खुदी एक मूर्ति थी। सोचो, एक पत्थर की मूर्ति भला क्या पूछेगी?

पहला सवाल: क्या तुमने चोरी की है?

पहली मूर्ति ने राजा से पूछा कि क्या वह इस आसन के योग्य है। उसने यह भी पूछा कि क्या उसने कभी चोरी नहीं की। राजा ने शर्म से सिर झुका लिया। उसने मान लिया कि उसने हाल ही में गलती की थी। नाराज़ होकर उसने अपने एक दरबारी की ज़मीन छीन ली थी।

तीन दिन का प्रायश्चित

मूर्ति ने कहा कि तब वह इस आसन के लायक नहीं है। उसने राजा को तीन दिन प्रायश्चित करने को कहा। इतना कहकर मूर्ति ने अपने पंख फैलाए। वह ऊपर आसमान की ओर उड़ चली। इसके बाद राजा ने तीन दिन व्रत रखा। उसने सच्चे मन से पूजा भी की। चौथे दिन वह दोबारा दरबार पहुँचा।

दूसरा सवाल: क्या तुमने झूठ बोला है?

राजा सिंहासन पर बैठने ही वाला था। तभी दूसरी मूर्ति बोल उठी। उसने पूछा कि क्या राजा ने कभी झूठ नहीं बोला। राजा सकपका गया। मुसीबत से बचने के लिए वह कई बार झूठ बोल चुका था। वह चुपचाप पीछे हट गया। तब दूसरी मूर्ति ने भी पंख खोले और उड़ चली।

तीसरा सवाल: क्या तुमने किसी को दुख दिया है?

राजा ने फिर तीन दिन व्रत और पूजा की। तीसरी बार वह आगे बढ़ा। तीसरी मूर्ति ने उससे एक और सवाल किया। क्या उसने कभी किसी का दिल नहीं दुखाया? राजा के पास इसका भी जवाब नहीं था। वह चुप रहा और हट गया। तीसरी मूर्ति भी उड़ चली।

चौथी मूर्ति की बात

तीन दिन और बीते। राजा चौथी बार आगे बढ़ा। उसके कदम डगमगा रहे थे। चौथी मूर्ति ने उसे रोका। उसने बताया कि यहाँ बैठने वाले लड़के बिलकुल भोले थे। किसी के लिए उनके मन में मैल नहीं था। फिर उसने कहा कि अगर राजा खुद को लायक माने, तो बैठ सकता है।

राजा के मन में अहंकार

राजा बहुत देर तक सोचता रहा। फिर उसके मन में एक और ही बात आई। उसने सोचा कि जब एक लड़का बैठ सकता है, तो वह क्यों नहीं। आख़िर वह राजा है। उससे ज़्यादा धनी, बलवान और बुद्धिमान कौन होगा? यह सोचकर वह मज़बूत कदमों से आगे बढ़ा।

सिंहासन उड़ गया

पर तभी कुछ ऐसा हुआ, जिसकी उम्मीद किसी को नहीं थी। चौथी मूर्ति ने भी अपने पंख फैला दिए। वह सिंहासन को साथ लेकर ऊपर उड़ चली। राजा बस देखता रह गया। कहानी यहीं ख़त्म हो जाती है। पर यहीं से हमारे सोचने की बात शुरू होती है।

लड़के क्यों बैठ पाते थे?

अब यह सवाल सबसे ज़रूरी है। लड़के रोज़ उसी शिला पर बैठते थे और कुछ नहीं होता था। इसकी वजह उनका साफ़ मन था। उन्होंने किसी की ज़मीन नहीं छीनी थी। उन्होंने डर से झूठ नहीं बोला था। उन्हें अपने बड़े होने का घमंड भी नहीं था।

असली परीक्षा घमंड की थी

ध्यान दो, मूर्ति ने राजा को बैठने से रोका नहीं था। उसने तो बैठने की छूट दे दी थी। राजा चाहता तो ईमानदारी से अपनी कमी मान लेता। पर उसने अपनी दौलत और ताक़त गिनाई। यही घमंड उसकी असली हार बन गया। सिंहासन उसे नहीं मिला।

सिंहासन बत्तीसी

यह कहानी एक बहुत पुरानी किताब से जुड़ी है। उस किताब का नाम सिंहासन बत्तीसी है। उसमें राजा भोज को ज़मीन के नीचे दबा एक आसन मिलता है। उस पर बत्तीस मूर्तियाँ जड़ी होती हैं। हर मूर्ति उन्हें विक्रमादित्य से जुड़ा एक किस्सा सुनाती है। पुस्तकालय में यह किताब ज़रूर ढूँढ़ना।

हमारे लिए सीख

यह कहानी हमसे तीन बातें कहती है। पहली, दूसरों को परखने से पहले खुद को परखो। दूसरी, गलती मान लेना कमज़ोरी नहीं, बड़ी हिम्मत है। तीसरी, घमंड सबसे अच्छे मौके भी छीन लेता है। जो साफ़ मन से न्याय करता है, कुर्सी उसी की होती है।

Concepts and terms

प्रायश्चित

प्रायश्चित का मतलब है अपनी गलती मानकर उसका पछतावा करना। इसमें इंसान व्रत, सेवा या सुधार का कोई काम खुद चुनता है।

घमंड

घमंड यानी खुद को सबसे बड़ा समझना। घमंडी इंसान अपनी कमियाँ देखना ही बंद कर देता है। इसी से वह अच्छे मौके खो देता है।

साफ़ मन

साफ़ मन का मतलब है किसी के लिए जलन या मैल न रखना। ऐसा इंसान डर के बिना सच बोलता है और सही फ़ैसला कर पाता है।

सावधान!

सच या भ्रम?

असली दुनिया में

Scenario:

सोनपुर गाँव के स्कूल में एक बाल-संसद बनी है। पाँचवीं की मीरा उसकी न्याय-मंत्री चुनी गई। एक दिन दो बच्चे झगड़ते हुए उसके पास आए। रोहन ने कहा कि नया फुटबॉल उसका है। सलीम ने कहा कि वह उसे मैदान में पड़ा मिला था। मीरा ने दोनों की पूरी बात सुनी। उसने किसी को बीच में नहीं टोका। फिर उसने दो बच्चों से गवाही ली, जो उस दिन मैदान में थे। एक ने बताया कि गेंद पर रोहन का नाम लिखा है। मीरा ने गेंद उलटकर देखी। नाम सचमुच वहाँ लिखा था। उसने गेंद रोहन को दी। फिर उसने सलीम की भी तारीफ़ की, क्योंकि उसने गेंद छिपाई नहीं थी।

Analysis:

मीरा ने वही तरीका अपनाया जो कहानी का लड़का अपनाता है। पूरी बात सुनना, गवाही लेना, सबूत जाँचना और बिना तरफ़दारी के फ़ैसला देना।

Activity:

अपनी कक्षा में एक छोटी बाल-संसद बनाओ। हफ़्ते में एक दिन तय करो और उस दिन के छोटे झगड़े मिलकर सुलझाओ।

कक्षा में कसौटी लगाओ

Title:

चार सवालों वाली न्याय-चौकी

Safety:

किसी साथी के जवाब पर हँसना नहीं है। जो बताना न चाहे, उसे छोड़ देना।

What You Notice:

हर सवाल पर कुछ देर रुकना पड़ता है, और आगे बढ़ना उसी पर टिका होता है। इसीलिए कहानी में राजा चारों सवालों के बाद रुक गया — कसौटी सवाल थे, कुर्सी नहीं।

Did you know

सिंहासन बत्तीसी में राजा भोज को ज़मीन के नीचे दबा एक आसन मिलता है। उसकी बत्तीस मूर्तियाँ उन्हें किस्से सुनाती हैं।

राजा विक्रमादित्य की कहानियाँ बेताल पच्चीसी नाम की किताब में भी मिलती हैं।

Memory tricks

चार सवालों का क्रम — चोरी, झूठ, चोट, घमंड। — इसी क्रम में चारों मूर्तियों ने राजा को परखा। आख़िरी परीक्षा घमंड की थी, और वहीं वह हार गया।

कुर्सी की शर्त — कुर्सी बड़ी नहीं, मन बड़ा चाहिए। — सिंहासन पर बैठने के लिए पद या ताक़त नहीं चाहिए थी। वहाँ साफ़ मन और सच्चाई चाहिए थी।

Practice MCQs with answers (15)

Q1 सिंहासन दरबार में रखवाने के बाद राजा ने उसके लिए एक योजना बना ली थी। उसकी क्या योजना थी? beginner
  • A उसे अपने शयनकक्ष में रखना
  • B उसे किसी और राजा को भेंट करना
  • C उसे फिर से ज़मीन में गाड़ देना
  • D उस पर बैठकर लोगों के झगड़े सुलझाना
Show answer
Answer: उस पर बैठकर लोगों के झगड़े सुलझाना
Why:

राजा उसी आसन पर बैठकर फरियाद सुनना चाहता था।

Q2 राजा जब पहली बार आगे बढ़ा, तब उसे क्या सुनाई दिया? beginner
  • A तालियों की गड़गड़ाहट
  • B मंदिर की घंटी और शंख की तेज़ आवाज़
  • C रुक जाने के लिए कहती एक आवाज़
  • D घोड़ों की टापें
Show answer
Answer: रुक जाने के लिए कहती एक आवाज़
Why:

वह आवाज़ सिंहासन के पाये की मूर्ति की थी।

Q3 पहली मूर्ति ने राजा को रोककर उसके बीते कामों के बारे में पूछा। पहली मूर्ति ने पूछा कि क्या राजा ने कभी ____ नहीं की। beginner
  • A सवारी
  • B तैयारी
  • C चोरी
  • D पढ़ाई
Show answer
Answer: चोरी
Why:

पहली मूर्ति का सवाल चोरी के बारे में था।

Q4 राजा की जिस गलती की बात कहानी में आई है, वह क्या थी? intermediate
  • A उसने खज़ाने से सोना चुराया था
  • B उसने एक दरबारी की ज़मीन छीन ली थी
  • C उसने किसी का घोड़ा चुराया था
  • D उसने अनाज का गोदाम लूट लिया था
Show answer
Answer: उसने एक दरबारी की ज़मीन छीन ली थी
Why:

नाराज़ होकर उसने अपने दरबारी की ज़मीन पर कब्ज़ा कर लिया था।

Q5 अपना सवाल पूछ लेने के बाद हर मूर्ति वहाँ रुकती नहीं थी। हर सवाल के बाद मूर्ति के साथ क्या होता था? beginner
  • A वह टूटकर गिर जाती थी
  • B वह फिर पत्थर बन जाती थी
  • C वह पंख फैलाकर आकाश में उड़ जाती थी
  • D वह सिंहासन के नीचे छिप जाती थी
Show answer
Answer: वह पंख फैलाकर आकाश में उड़ जाती थी
Why:

हर मूर्ति सवाल पूछकर उड़ जाती थी।

Q6 दूसरी मूर्ति का सवाल सुनकर राजा ____ गया। intermediate
  • A सकपका
  • B हँस
  • C सो
  • D दौड़
Show answer
Answer: सकपका
Why:

वह कई बार झूठ बोल चुका था, इसलिए घबरा गया।

Q7 अभिकथन: राजा सिंहासन के पास से दो बार पीछे हट गया। कारण: मूर्तियों के सवालों का उसके पास कोई उत्तर नहीं था। advanced
  • A दोनों सही हैं; कारण अभिकथन को समझाता है
  • B दोनों सही हैं; कारण अभिकथन को नहीं समझाता
  • C अभिकथन सही है; परंतु उसका कारण ग़लत है
  • D अभिकथन ग़लत है; परंतु उसका कारण सही है
Show answer
Answer: दोनों सही हैं; कारण अभिकथन को समझाता है
Why:

दोनों सही हैं, और कारण ही उसकी झिझक है। सवाल उसकी ही गलतियों के बारे में थे।

Q8 दो सवालों के बीच राजा ने तीन दिन बिताए, और वे दिन खाली नहीं थे। उस बीच राजा ने क्या किया? beginner
  • A तीन दिन जंगल में शिकार करता रहा
  • B तीन दिन सोता रहा
  • C तीन दिन दरबार बंद रखा
  • D तीन दिन व्रत और प्रार्थना की
Show answer
Answer: तीन दिन व्रत और प्रार्थना की
Why:

हर बार वह तीन दिन प्रायश्चित करके लौटता था।

Q9 चौथी मूर्ति ने लड़कों के बारे में क्या कहा? intermediate
  • A वे बहुत डरपोक थे
  • B उनके मन में किसी के लिए मैल नहीं था
  • C वे बहुत धनी थे
  • D वे पढ़ना-लिखना कुछ भी नहीं जानते थे
Show answer
Answer: उनके मन में किसी के लिए मैल नहीं था
Why:

उसने बताया कि वे बिलकुल भोले थे और उनका मन साफ़ था।

Q10 चौथी मूर्ति ने आख़िर में राजा से क्या कहा? intermediate
  • A तुम कभी नहीं बैठ सकते
  • B खुद को लायक मानो तो बैठ जाओ
  • C पहले अपनी पूरी सेना यहाँ बुलवा लो
  • D सिंहासन तोड़ दो
Show answer
Answer: खुद को लायक मानो तो बैठ जाओ
Why:

मूर्ति ने फ़ैसला राजा पर ही छोड़ दिया था।

Q11 सिंहासन की ओर बढ़ते समय राजा के मन में कौन-सी बात आई? advanced
  • A कि उससे बड़ा धनी और बलवान कोई नहीं है
  • B कि उससे बड़ा गलती करने वाला कोई नहीं है
  • C कि उसे यह कुर्सी अब बिल्कुल नहीं चाहिए
  • D कि उसे पहले सबसे माफ़ी माँग लेनी चाहिए
Show answer
Answer: कि उससे बड़ा धनी और बलवान कोई नहीं है
Why:

वह अपने धन और बल के भरोसे आगे बढ़ा, अपने मन के भरोसे नहीं। इसी से सिंहासन उसे नहीं मिला।

Q12 कहानी के अंत में सिंहासन दरबार में नहीं रह जाता। कहानी का अंत किस घटना से होता है? beginner
  • A राजा सिंहासन पर बैठ जाता है
  • B मूर्ति सिंहासन लेकर आकाश में उड़ जाती है
  • C सिंहासन कई टुकड़ों में टूटकर बिखर जाता है
  • D लड़का राजा बन जाता है
Show answer
Answer: मूर्ति सिंहासन लेकर आकाश में उड़ जाती है
Why:

चौथी मूर्ति सिंहासन समेत उड़ जाती है।

Q13 सिंहासन और मूर्तियों के बारे में इन कथनों को पढ़िए। I. मन साफ़ हो तो उम्र छोटी होने से कोई फ़र्क नहीं पड़ता। II. मूर्तियों ने राजा को बैठने से साफ़ मना कर दिया। III. हर सवाल के बाद मूर्ति पंख फैलाकर आकाश में उड़ जाती थी। कौन-से कथन सही हैं? advanced
  • A केवल I और II
  • B केवल II और III
  • C केवल I और III
  • D I, II और III
Show answer
Answer: केवल I और III
Why:

I और III सही हैं। II सही नहीं है: चौथी मूर्ति ने कहा कि खुद को लायक मानो तो बैठ जाओ।

Q14 नीचे दी गई जोड़ियों में कौन-सी सही है? intermediate
  • A सिंहासन बत्तीसी — बत्तीस मूर्तियों वाली पुरानी किताब
  • B राजा भोज — हर रात एक नई कहानी सुनाने वाली मूर्ति का नाम
  • C प्रायश्चित — इनाम पाने की रस्म
  • D दरबारी — ज़मीन छीनने वाला राजा
Show answer
Answer: सिंहासन बत्तीसी — बत्तीस मूर्तियों वाली पुरानी किताब
Why:

सिंहासन बत्तीसी में बत्तीस मूर्तियाँ राजा भोज को कहानियाँ सुनाती हैं।

Q15 तुमसे गलती से किसी का सामान टूट गया। कहानी के हिसाब से सही कदम कौन-सा है? intermediate
  • A गुस्सा दिखाकर बात टाल देना
  • B चुपचाप छिपा देना
  • C किसी और पर इल्ज़ाम लगाना
  • D सच बताकर गलती मान लेना
Show answer
Answer: सच बताकर गलती मान लेना
Why:

कहानी सिखाती है कि गलती मानना कमज़ोरी नहीं, हिम्मत है।

Important short questions (5)

मूर्तियों ने राजा से कौन-कौन से तीन सवाल पूछे?

उन्होंने चोरी, झूठ और किसी का दिल दुखाने के बारे में पूछा था।

राजा ने अपनी कौन-सी गलती खुद मान ली?

उसने माना कि नाराज़ होकर उसने अपने एक दरबारी की ज़मीन छीन ली थी।

लड़के उसी आसन पर आराम से क्यों बैठ पाते थे?

उनका मन साफ़ था। उन्होंने किसी का हक़ नहीं छीना था और उन्हें घमंड भी नहीं था।

चौथी मूर्ति के जाने के लिए असल में कौन ज़िम्मेदार था?

राजा खुद। उसने अपनी कमी मानने के बजाय अपनी ताक़त और दौलत गिनाई।

इस कहानी से तुमने क्या सीखा? एक वाक्य में लिखो।

दूसरों को परखने से पहले हमें खुद को परखना चाहिए।

Long answer questions (2)

राजा चार बार कोशिश करके भी सिंहासन पर क्यों नहीं बैठ पाया? कारण सहित लिखो।

हर बार एक मूर्ति ने उससे एक सवाल पूछा। पहले सवाल पर उसने ज़मीन छीनने की बात मान ली। दूसरे और तीसरे सवाल पर वह चुपचाप पीछे हट गया, क्योंकि उसने झूठ भी बोला था और दूसरों को दुख भी दिया था। चौथी बार मूर्ति ने उसे छूट दे दी थी। पर तब उसने अपनी दौलत और ताक़त का घमंड दिखाया। इसी घमंड की वजह से सिंहासन उसके हाथ से निकल गया।

मान लो, वे चारों मूर्तियाँ तुमसे सवाल पूछें। तुम क्या जवाब दोगे? अपने शब्दों में लिखो।

पहली मूर्ति चोरी के बारे में पूछती, तो मैं सोचकर बताता। एक बार मैंने दोस्त की रबर बिना पूछे ले ली थी। दूसरी मूर्ति झूठ के बारे में पूछती। मैंने डर के मारे गृहकार्य को लेकर झूठ बोला था। तीसरी मूर्ति चोट के बारे में पूछती। मैंने छोटी बहन को चिढ़ाकर रुला दिया था। चौथी मूर्ति से मैं कहता कि मैं अपनी गलतियाँ सुधारने की पूरी कोशिश करूँगा।

Flashcards (12)

सिंहासन को दरबार में रखवाने के बाद राजा क्या करना चाहता था?
उस पर बैठकर लोगों की फरियाद सुनना और फ़ैसला करना।
राजा को रोकने वाली आवाज़ कहाँ से आ रही थी?
आसन के एक पाये पर खुदी मूर्ति से।
पहली मूर्ति ने राजा से क्या पूछा?
क्या उसने कभी चोरी नहीं की है।
राजा ने अपनी कौन-सी गलती मान ली?
उसने नाराज़ होकर एक दरबारी की ज़मीन छीन ली थी।
पहली मूर्ति ने राजा को क्या सज़ा सुझाई?
तीन दिन तक प्रायश्चित करने को कहा।
दूसरी मूर्ति का सवाल क्या था?
क्या राजा ने कभी झूठ नहीं बोला है।
तीसरी मूर्ति ने किस बारे में पूछा?
क्या राजा ने कभी किसी को दुख नहीं दिया है।
चौथी मूर्ति ने लड़कों के बारे में क्या बताया?
वे भोले-भाले थे और उनके मन में किसी के लिए मैल नहीं था।
चौथी मूर्ति के कहने के बाद राजा ने क्या सोचा?
कि वह सबसे धनी, बलवान और बुद्धिमान है, इसलिए लायक है।
कहानी का अंत कैसे होता है?
चौथी मूर्ति सिंहासन को लेकर आकाश में उड़ जाती है।
राजा सिंहासन पर क्यों नहीं बैठ पाया?
क्योंकि उसका मन साफ़ नहीं था और उसमें घमंड भी था।
यह कहानी किस पुरानी किताब पर आधारित है?
सिंहासन बत्तीसी पर, जिसमें बत्तीस मूर्तियों की कहानियाँ हैं।

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  • मूर्तियों की परीक्षा क्रम से
  • साफ़ मन या मैला मन?
  • सवाल और जवाब मिलाओ
  • सच या भ्रम?
  • झटपट सवाल

भाषा की बात: विराम चिह्न और विशेषण

यह पाठ सिखाता है कि छोटे चिह्न वाक्य का अर्थ बदल देते हैं। साथ में संज्ञा और विशेषण की पहचान तथा बैठने की चीज़ों के नाम भी सीखने को मिलते हैं।

What you will be able to do

  • मैं पाँच विराम चिह्नों को पहचानकर सही जगह लगा सकता/सकती हूँ।
  • मैं किसी वाक्य में संज्ञा और विशेषण छाँट सकता/सकती हूँ।
  • मैं बैठने की अलग-अलग चीज़ों के नाम बता सकता/सकती हूँ।

Key points

  • विराम चिह्न बताते हैं कि वाक्य कहाँ रुकेगा और उसका भाव क्या है।

  • पूर्ण विराम बात के अंत में, प्रश्नवाचक चिह्न सवाल के अंत में लगता है।

  • हैरानी या खुशी पर विस्मयादिबोधक चिह्न और बीच के ठहराव पर अल्प विराम आता है।

  • संज्ञा किसी का नाम बताती है और विशेषण उसकी ख़ासियत बताता है।

  • चटाई, दरी, मूढ़ा, चारपाई और पीढ़ा बैठने की अलग-अलग चीज़ें हैं।

Full explanation

बिना ठहराव वाली चिट्ठी

अनु को उसके भाई ने एक चिट्ठी भेजी। उसमें लिखा था कि रुको मत जाओ। अनु उलझ गई। भाई उसे रोक रहा है या भेज रहा है? उसने सोचकर दो जगह चिह्न लगाए। पहली बार उसने लिखा कि रुको, मत जाओ। दूसरी बार उसने लिखा कि रुको मत, जाओ। एक छोटा-सा चिह्न पूरा अर्थ बदल गया!

विराम चिह्न क्या हैं

लिखते समय हम कुछ ख़ास निशान लगाते हैं। इन्हें विराम चिह्न कहते हैं। ये बताते हैं कि वाक्य कहाँ रुकेगा। ये यह भी बताते हैं कि वाक्य का भाव क्या है। बिना इनके पढ़ना बहुत मुश्किल हो जाता है। पाठ में राजा की बात भी ऐसे ही चिह्नों से साफ़ होती है।

पूर्ण विराम

पूर्ण विराम एक खड़ी लकीर जैसा चिह्न है। यह हर पूरे वाक्य के अंत में लगता है। इसका मतलब है कि बात यहीं ख़त्म हुई। जैसे, लड़का शिला पर बैठ गया। यहाँ बात पूरी हो गई, इसलिए अंत में यही चिह्न लगा।

प्रश्नवाचक चिह्न

जब हम कुछ पूछते हैं, तब वाक्य के अंत में प्रश्नवाचक चिह्न लगता है। इसका आकार एक हुक जैसा होता है। जैसे, राजा ने पूछा कि सिंहासन किसका है? यहाँ सवाल पूछा गया है। इसीलिए अंत में पूर्ण विराम नहीं लगेगा।

विस्मयादिबोधक चिह्न

कभी हमें हैरानी होती है। कभी हम खुश या दुखी होते हैं। ऐसे वाक्य के अंत में विस्मयादिबोधक चिह्न लगता है। यह एक सीधी लकीर और नीचे बिंदी जैसा दिखता है। जैसे, कितना सुंदर सिंहासन है! यहाँ हैरानी का भाव है।

अल्प विराम

कभी वाक्य के बीच में थोड़ा-सा रुकना पड़ता है। वहाँ अल्प विराम लगता है। यह एक छोटी पूँछ जैसा निशान है। कई नाम गिनाते समय भी यही चिह्न काम आता है। जैसे, मैदान में राजा, मंत्री, सिपाही और लड़के खड़े थे।

उद्धरण चिह्न

जब कोई अपनी बात खुद कहता है, तो उसे ख़ास तरीके से लिखा जाता है। उसके दोनों ओर उद्धरण चिह्न लगाए जाते हैं। इससे पता चलता है कि ये ठीक वही शब्द हैं। पाठ में जब राजा या मूर्ति बोलते हैं, तब यही चिह्न दिखते हैं।

एक वाक्य, तीन भाव

अब एक मज़ेदार खेल करो। एक ही बात को तीन तरह से लिखो। सिंहासन मिल गया। सिंहासन मिल गया? सिंहासन मिल गया! पहली बार यह ख़बर है। दूसरी बार यह सवाल है। तीसरी बार यह हैरानी है। शब्द वही रहे, पर चिह्न ने भाव बदल दिया।

संज्ञा: नाम वाले शब्द

अब व्याकरण की दूसरी बात। किसी व्यक्ति, जगह, चीज़ या भाव के नाम को संज्ञा कहते हैं। जैसे, राजा, उज्जैन, सिंहासन और न्याय। पाठ के वाक्य में मूर्ति भी एक संज्ञा है। संज्ञा ढूँढ़ने के लिए पूछो कि यहाँ किसकी बात हो रही है।

विशेषण: विशेषता बताने वाले शब्द

जो शब्द संज्ञा की ख़ासियत बताए, उसे विशेषण कहते हैं। जैसे, सुंदर सिंहासन में सुंदर विशेषण है। लंबा-चौड़ा मैदान में लंबा-चौड़ा विशेषण है। विशेषण रंग, आकार, गुण या संख्या बता सकता है। इसे ढूँढ़ने के लिए पूछो कि यह चीज़ कैसी है।

पाठ के वाक्यों में विशेषण

अब पाठ से कुछ वाक्य लो। बड़े चिकने पत्थर में बड़ा और चिकना विशेषण हैं। इतनी छोटी उम्र में छोटी विशेषण है। अच्छी-खासी भीड़ में अच्छी-खासी विशेषण है। हर बार विशेषण अपनी संज्ञा के ठीक पहले खड़ा है। यही उसकी पहचान का आसान तरीका है।

बैठने की चीज़ों के नाम

पाठ में सिंहासन एक ख़ास कुर्सी थी। आज हम बैठने के लिए और भी चीज़ें काम में लेते हैं। चटाई घास या प्लास्टिक से बुनी जाती है। दरी मोटे धागों से बनती है। मूढ़ा बाँस या सरकंडे का होता है। चारपाई पर लेटा भी जा सकता है। पीढ़ा लकड़ी का छोटा आसन है।

Concepts and terms

विराम चिह्न

लिखते समय लगाए जाने वाले वे निशान, जो ठहराव और भाव बताते हैं। इनके बिना एक ही वाक्य के दो उलटे अर्थ निकल सकते हैं।

संज्ञा

किसी व्यक्ति, जगह, चीज़ या भाव के नाम को संज्ञा कहते हैं। जैसे राजा, उज्जैन, सिंहासन और न्याय।

विशेषण

जो शब्द संज्ञा की ख़ासियत बताए, उसे विशेषण कहते हैं। वह रंग, आकार, गुण या संख्या बता सकता है।

सावधान!

सच या भ्रम?

Case Study

Scenario:

विद्यालय की सूचना-पट्टी पर एक वाक्य लिखा गया। रोको मत जाने दो। दोपहर तक आधे बच्चे रुक गए और आधे चले गए। दोनों ने वही एक वाक्य पढ़ा था। अध्यापिका ने अल्पविराम लगाकर दिखाया। रोको, मत जाने दो। फिर उन्होंने चिह्न की जगह बदली। रोको मत, जाने दो। अब अर्थ बिलकुल उलटा हो गया। बच्चों ने गिनती की कि किसने कौन-सा अर्थ लिया। अठारह ने पहला अर्थ लिया और सत्रह ने दूसरा। एक छोटा चिह्न पूरे आदेश को पलट देता है।

Analysis:

वाक्य के शब्द दोनों बार एक ही थे। बदला केवल चिह्न की जगह, और उसी से आदेश उलट गया।

Activity:

ऐसे तीन वाक्य लिखो जिनमें अल्पविराम की जगह बदलने से अर्थ बदल जाए। कक्षा में पढ़कर सुनाओ।

घर पर करके देखो

Title:

चिह्नों के पत्ते और विशेषण की खोज

Safety:

कैंची हमेशा किसी बड़े के सामने ही चलाओ।

What You Notice:

एक ही वाक्य अलग चिह्न के साथ अलग सुनाई देता है। किताब के लगभग हर पन्ने पर कई विशेषण मिल जाते हैं।

Did you know

हिंदी का पूर्ण विराम एक खड़ी लकीर है। संस्कृत और मराठी में भी यही चिह्न चलता है।

बहुत पुरानी पांडुलिपियों में विराम चिह्न नहीं होते थे। पढ़ने वाले को ठहराव खुद समझना पड़ता था।

Memory tricks

संज्ञा और विशेषण की पहचान — कौन-क्या संज्ञा, कैसा-कितना विशेषण। — कौन या क्या पूछने पर जो जवाब मिले, वह संज्ञा है। कैसा या कितना पूछने पर जो मिले, वह विशेषण है।

चिह्न बदलो, भाव बदलो — बिंदी ख़बर, हुक सवाल, लकीर हैरानी। — पूर्ण विराम ख़बर देता है, प्रश्नवाचक चिह्न सवाल पूछता है और विस्मयादिबोधक चिह्न हैरानी दिखाता है।

Practice MCQs with answers (15)

Q1 लिखते समय कहीं ठहरना पड़ता है और कहीं कोई भाव दिखाना पड़ता है। ऐसे निशानों को क्या कहते हैं? beginner
  • A मात्राएँ
  • B गिनती के अंक
  • C विराम चिह्न
  • D शीर्षक
Show answer
Answer: विराम चिह्न
Why:

ये निशान बताते हैं कि वाक्य कहाँ रुकेगा और उसका भाव क्या है।

Q2 अनु को चिट्ठी में लिखा मिला कि रुको मत जाओ। भ्रम की असली वजह क्या थी? intermediate
  • A वहाँ कोई विराम चिह्न लगा ही नहीं था
  • B वहाँ के शब्द बहुत ही कठिन थे
  • C वहाँ के सारे अक्षर बहुत ही छोटे-छोटे लिखे थे
  • D वहाँ चिट्ठी बीच से फट गई थी
Show answer
Answer: वहाँ कोई विराम चिह्न लगा ही नहीं था
Why:

चिह्न की जगह तय न होने से दोनों अर्थ निकल सकते थे।

Q3 इनमें से कौन-सा वाक्य सही चिह्न के साथ लिखा है? intermediate
  • A सिंहासन किसका है!
  • B सिंहासन किसका है?
  • C कितना सुंदर सिंहासन है?
  • D लड़का बैठ गया?
Show answer
Answer: सिंहासन किसका है?
Why:

सवाल पूछा गया है, इसलिए अंत में प्रश्नवाचक चिह्न ही सही है।

Q4 हैरानी का भाव दिखाने वाले वाक्य के अंत में ____ चिह्न लगता है। beginner
  • A प्रश्नवाचक
  • B विस्मयादिबोधक
  • C अल्प विराम
  • D उद्धरण
Show answer
Answer: विस्मयादिबोधक
Why:

हैरानी, खुशी या दुख के वाक्य में यही चिह्न आता है।

Q5 एक वाक्य में आम, केला और अमरूद एक साथ गिनाए जा रहे हैं। उनके बीच में कौन-सा चिह्न लगेगा? intermediate
  • A पूर्ण विराम
  • B प्रश्नवाचक चिह्न
  • C विस्मयादिबोधक चिह्न
  • D अल्प विराम
Show answer
Answer: अल्प विराम
Why:

सूची के बीच छोटे ठहराव के लिए अल्प विराम लगता है।

Q6 मूर्ति के अपने बोले हुए शब्दों के दोनों ओर क्या लगाया जाएगा? intermediate
  • A प्रश्नवाचक चिह्न
  • B उद्धरण चिह्न
  • C अल्प विराम
  • D पूर्ण विराम
Show answer
Answer: उद्धरण चिह्न
Why:

संवाद हमेशा उद्धरण चिह्नों के बीच लिखा जाता है।

Q7 कक्षा में वाक्य के शब्दों को संज्ञा, क्रिया और विशेषण में बाँटा जा रहा है। ‘राजा ने पूरी बात ध्यान से सुनी’ में संज्ञा कौन-सी है? beginner
  • A ध्यान से
  • B सुनी
  • C पूरी
  • D राजा
Show answer
Answer: राजा
Why:

राजा एक व्यक्ति का नाम है, इसलिए वही संज्ञा है।

Q8 'सुंदर सिंहासन' में विशेषण कौन-सा है? beginner
  • A सिंहासन
  • B दोनों
  • C कोई नहीं
  • D सुंदर
Show answer
Answer: सुंदर
Why:

सुंदर बताता है कि सिंहासन कैसा है, इसलिए वही विशेषण है।

Q9 विराम चिह्नों और शब्द-भेदों के बारे में इन कथनों को पढ़िए। I. हैरानी दिखाने वाले वाक्य के अंत में विस्मयादिबोधक चिह्न लगता है। II. कई नाम एक साथ गिनाते समय बीच में पूर्ण विराम लगता है। III. विशेषण ढूँढ़ने के लिए पूछते हैं कि यह कैसा या कितना है। कौन-से कथन सही हैं? advanced
  • A केवल I और II
  • B केवल II और III
  • C केवल I और III
  • D I, II और III
Show answer
Answer: केवल I और III
Why:

I और III सही हैं। II सही नहीं है: गिनाते समय बीच में अल्प विराम लगता है।

Q10 'इतनी छोटी उम्र' में विशेषण कौन-सा है? intermediate
  • A छोटी
  • B उम्र
  • C इतनी उम्र
  • D कोई नहीं
Show answer
Answer: छोटी
Why:

छोटी बताता है कि उम्र कैसी है, इसलिए वही विशेषण है।

Q11 बैठने की चीज़ों के बारे में नीचे दी गई जोड़ियों में कौन-सी सही है? intermediate
  • A दरी — लकड़ी का छोटा और चौकोर आसन
  • B मूढ़ा — मोटे ऊनी धागों से हाथ से बुना जाता है
  • C चटाई — घास या प्लास्टिक से बुनी जाती है
  • D पीढ़ा — बाँस से बना बहुत ऊँचा स्टूल
Show answer
Answer: चटाई — घास या प्लास्टिक से बुनी जाती है
Why:

चटाई घास, बाँस या प्लास्टिक से बुनी जाती है और ज़मीन पर बिछाई जाती है।

Q12 रसोई में ज़मीन पर बैठने के लिए लकड़ी का एक छोटा आसन रखा रहता है। वह क्या कहलाता है? intermediate
  • A दरी
  • B चारपाई
  • C पीढ़ा
  • D मूढ़ा
Show answer
Answer: पीढ़ा
Why:

पीढ़ा लकड़ी का छोटा आसन होता है।

Q13 इनमें से कौन-सा वाक्य सही है? advanced
  • A विशेषण अकसर अपनी संज्ञा के ठीक पहले आता है
  • B विशेषण हमेशा पूरे वाक्य के अंत में ही आता है
  • C संज्ञा किसी चीज़ की ख़ासियत बताती है
  • D उद्धरण चिह्न सवाल के अंत में लगता है
Show answer
Answer: विशेषण अकसर अपनी संज्ञा के ठीक पहले आता है
Why:

सुंदर सिंहासन और लंबा-चौड़ा मैदान, दोनों में विशेषण पहले खड़ा है।

Q14 अभिकथन: वाक्य के अंत में अब विस्मयादिबोधक चिह्न लगाना पड़ेगा। कारण: वही चिह्न हैरानी का भाव दिखाता है। advanced
  • A दोनों सही हैं; कारण अभिकथन को समझाता है
  • B दोनों सही हैं; कारण अभिकथन को नहीं समझाता
  • C अभिकथन सही है; परंतु उसका कारण ग़लत है
  • D अभिकथन ग़लत है; परंतु उसका कारण सही है
Show answer
Answer: दोनों सही हैं; कारण अभिकथन को समझाता है
Why:

दोनों सही हैं, और कारण ही चुनाव तय करता है। शब्द वही रहते हैं; चिह्न भाव बदल देता है।

Q15 जिस वाक्य में बात पूरी हो चुकी हो, उसके अंत में ____ लगता है। beginner
  • A अल्प विराम
  • B पूर्ण विराम
  • C प्रश्नवाचक चिह्न
  • D उद्धरण चिह्न
Show answer
Answer: पूर्ण विराम
Why:

बात ख़त्म होने पर पूर्ण विराम ही लगाया जाता है।

Important short questions (5)

हमें लिखते समय विराम चिह्नों की ज़रूरत क्यों पड़ती है?

वे बताते हैं कि वाक्य कहाँ रुकेगा। उनसे वाक्य का भाव भी साफ़ हो जाता है।

पूर्ण विराम और प्रश्नवाचक चिह्न में क्या फ़र्क़ है?

पूर्ण विराम बताता है कि बात पूरी हुई। प्रश्नवाचक चिह्न बताता है कि कुछ पूछा गया है।

संज्ञा और विशेषण में अंतर उदाहरण देकर बताओ।

संज्ञा नाम बताती है, जैसे सिंहासन। विशेषण ख़ासियत बताता है, जैसे सुंदर सिंहासन में सुंदर।

'मैदान में एक लंबा-चौड़ा टीला था' में संज्ञा और विशेषण छाँटो।

मैदान और टीला संज्ञा हैं। लंबा-चौड़ा विशेषण है।

चटाई और दरी में क्या अंतर है?

चटाई घास, बाँस या प्लास्टिक से बुनी जाती है। दरी मोटे सूती धागों या कपड़े से बुनी जाती है।

Long answer questions (2)

चार विराम चिह्नों के नाम लिखो और हर एक का एक-एक वाक्य भी बनाओ।

पहला है पूर्ण विराम। लड़का शिला पर बैठ गया। दूसरा है प्रश्नवाचक चिह्न। यह सिंहासन किसका है? तीसरा है विस्मयादिबोधक चिह्न। कितनी सुंदर मूर्तियाँ हैं! चौथा है अल्प विराम। मैदान में राजा, मंत्री और सिपाही खड़े थे। इन चारों चिह्नों से पढ़ने वाले को ठहराव और भाव, दोनों का पता चल जाता है।

अपने घर या कक्षा के बारे में पाँच वाक्य लिखो। हर वाक्य में कम से कम एक विशेषण ज़रूर हो।

मेरी कक्षा बहुत बड़ी है। उसकी दीवारें हल्के नीले रंग की हैं। खिड़की के पास एक पुरानी अलमारी रखी है। उसमें रंगीन किताबें सजी हुई हैं। हमारे शिक्षक बहुत मीठी आवाज़ में पढ़ाते हैं। इन वाक्यों में बड़ी, नीले, पुरानी, रंगीन और मीठी विशेषण हैं। हर विशेषण अपनी संज्ञा के ठीक पहले आया है।

Flashcards (12)

विराम चिह्न किसे कहते हैं?
लिखते समय लगाए जाने वाले वे निशान, जो ठहराव और भाव बताते हैं।
पूरे वाक्य के अंत में कौन-सा चिह्न लगता है?
पूर्ण विराम, जो एक खड़ी लकीर जैसा दिखता है।
सवाल पूछने वाले वाक्य के अंत में क्या लगेगा?
प्रश्नवाचक चिह्न लगेगा।
हैरानी या खुशी वाले वाक्य के अंत में क्या लगता है?
विस्मयादिबोधक चिह्न लगता है।
वाक्य के बीच थोड़ा रुकने पर कौन-सा चिह्न लगता है?
अल्प विराम लगता है।
किसी पात्र के अपने शब्दों के दोनों ओर क्या लगाते हैं?
उद्धरण चिह्न लगाते हैं।
संज्ञा किसे कहते हैं?
किसी व्यक्ति, जगह, चीज़ या भाव के नाम को संज्ञा कहते हैं।
विशेषण किसे कहते हैं?
जो शब्द संज्ञा की ख़ासियत बताए, उसे विशेषण कहते हैं।
'बड़े चिकने पत्थर' में विशेषण कौन-से हैं?
बड़े और चिकने, दोनों विशेषण हैं।
'लंबा-चौड़ा मैदान' में संज्ञा कौन-सी है?
मैदान संज्ञा है।
चटाई किससे बनती है?
घास, बाँस या प्लास्टिक से बुनी जाती है।
पीढ़ा क्या होता है?
लकड़ी का छोटा आसन, जिस पर बैठा जाता है।

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  • चिह्न और उसका काम
  • संज्ञा या विशेषण?
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Class 5 Hindi Chapter 2 — frequently asked questions

लड़कों को टीले वाला खेल इतना अच्छा क्यों लगता था?

उस खेल में हर लड़के को बोलने का मौका मिलता था। फ़ैसला करने में उन्हें बड़ा मज़ा आता था।

नगर के लोग राजा का दरबार छोड़कर टीले पर क्यों जाने लगे?

वहाँ उनकी पूरी बात सुनी जाती थी। लड़के का फ़ैसला सबको सही लगता था।

राजा खुद मैदान में देखने क्यों गया?

उसे इन बातों पर भरोसा नहीं था। वह अपनी आँखों से सच जानना चाहता था।

मूर्तियों ने राजा से कौन-कौन से तीन सवाल पूछे?

उन्होंने चोरी, झूठ और किसी का दिल दुखाने के बारे में पूछा था।

राजा ने अपनी कौन-सी गलती खुद मान ली?

उसने माना कि नाराज़ होकर उसने अपने एक दरबारी की ज़मीन छीन ली थी।

लड़के उसी आसन पर आराम से क्यों बैठ पाते थे?

उनका मन साफ़ था। उन्होंने किसी का हक़ नहीं छीना था और उन्हें घमंड भी नहीं था।

हमें लिखते समय विराम चिह्नों की ज़रूरत क्यों पड़ती है?

वे बताते हैं कि वाक्य कहाँ रुकेगा। उनसे वाक्य का भाव भी साफ़ हो जाता है।

पूर्ण विराम और प्रश्नवाचक चिह्न में क्या फ़र्क़ है?

पूर्ण विराम बताता है कि बात पूरी हुई। प्रश्नवाचक चिह्न बताता है कि कुछ पूछा गया है।

संज्ञा और विशेषण में अंतर उदाहरण देकर बताओ।

संज्ञा नाम बताती है, जैसे सिंहासन। विशेषण ख़ासियत बताता है, जैसे सुंदर सिंहासन में सुंदर।

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