Class 7 Hindi Chapter 9: चिड़िया

चिड़िया is Chapter 9 of NCERT / CBSE Class 7 Hindi (Hindi medium). This page has the complete chapter notes across 2 topics , 50 practice MCQs with answers and explanations , 20 important short and long questions and 34 flashcards — all written to the NCERT / CBSE syllabus and free to read.

चिड़िया का संदेश और पक्षियों का जीवन

कविता का पहला भाग कहता है कि चिड़िया हमें प्रेम-प्रीति की रीति सिखाती है और बंदी मनुष्य को मुक्ति-मंत्र बताती है। पक्षी मिल-जुलकर रहते और खाते हैं, आसमान को अपना घर मानते हैं, और उनके मन में लोभ, पाप या परवाह नहीं होती।

What you will be able to do

  • मैं बता सकता/सकती हूँ कि चिड़िया मनुष्य को कौन-सी दो बातें सिखाती है।
  • मैं पक्षियों के जीवन की चार विशेषताएँ गिना सकता/सकती हूँ।
  • मैं कविता में आए पक्षियों के नाम बता सकता/सकती हूँ।
  • मैं मुक्ति-मंत्र और बंदी मानव जैसे शब्दों का भाव समझा सकता/सकती हूँ।
  • मैं आरसी प्रसाद सिंह के बारे में तीन बातें बता सकता/सकती हूँ।

Key points

  • कवि कहते हैं कि चिड़िया हमें प्रेम-प्रीति की रीति सिखाती है।

  • वह जग के बंदी मनुष्य को मुक्ति-मंत्र बताती है।

  • पक्षी मिल-जुलकर रहते हैं और मिल-जुलकर खाते भी हैं।

  • आसमान ही उनका घर है और वे जहाँ चाहें, वहाँ जा सकते हैं।

  • पीपल की ऊँची डाली पर बैठी चिड़िया गाती रहती है।

  • कवि पूछते हैं कि क्या हमें उसकी बोली का संदेश पता है।

  • वन के खंजन, कपोत, चातक, कोकिल, काक, हंस और शुक, सब हिलमिल रहते हैं।

  • वे जहाँ रहते हैं, वहीं अपनी एक दुनिया बसा लेते हैं।

  • उनके मन में न लोभ है, न पाप और न किसी तरह की परवाह।

Full explanation

कविता की पहली बात

कविता एक ही पंक्ति में अपना विषय रख देती है। कवि कहते हैं कि डाली पर बैठी चिड़िया हमें प्रेम-प्रीति की रीति सिखाती है। रीति का अर्थ है किसी काम का ढंग या चलन। यानी चिड़िया कोई उपदेश नहीं देती, वह अपने रहने के ढंग से ही सिखा देती है।

बंदी मानव

अगली पंक्ति में एक भारी शब्द आता है, बंदी। कवि मनुष्य को जग का बंदी कहते हैं। यह बंदी किसी जेल में नहीं है। वह अपने लोभ, अपनी दीवारों और अपने ही बनाए नियमों में क़ैद है, और यही बात कविता को गहरा बना देती है।

मुक्ति-मंत्र

चिड़िया उसी बंदी मनुष्य को मुक्ति-मंत्र बताती है। मुक्ति-मंत्र यानी बंधन से छूटने का उपाय। कवि इसे मंत्र क्यों कहते हैं, यह सोचने की बात है। मंत्र थोड़े शब्दों में बड़ी बात कहता है, और चिड़िया का पूरा जीवन ही ऐसी एक छोटी-सी बात है।

मिल-जुलकर रहना

दूसरे पद में पक्षियों के जीवन की पहली विशेषता आती है। वे सब मिल-जुलकर रहते हैं और मिल-जुलकर खाते भी हैं। ध्यान दीजिए, रहना और खाना, दोनों अलग बातें हैं। साथ रह लेना आसान है, पर साथ बाँटकर खाना कठिन, और कविता दोनों कहती है।

आसमान ही घर

अगली विशेषता यह है कि आसमान ही उनका घर है। इसका अर्थ यह नहीं कि उनके पास घर नहीं है। इसका अर्थ है कि उनका घर किसी दीवार से नहीं बँधा। इसी कारण वे जहाँ चाहते हैं, वहाँ जाते हैं।

पीपल की डाली

तीसरे पद में कवि एक ठोस दृश्य देते हैं। पीपल की ऊँची डाली पर बैठी चिड़िया गा रही है। पीपल का नाम लेना ज़रूरी है, क्योंकि उससे दृश्य पास आ जाता है। यह कोई दूर की कल्पना नहीं, हमारे ही आसपास का पेड़ है।

बोली में संदेश

इसके बाद कवि सीधे पाठक से प्रश्न पूछ लेते हैं। वे पूछते हैं कि क्या हमें पता है, वह अपनी बोली में क्या संदेश सुनाती है। यह प्रश्न पूरी कविता को मोड़ देता है। अब पढ़ने वाला केवल दृश्य नहीं देखता, वह अर्थ भी ढूँढ़ने लगता है।

वन के पक्षी

चौथे पद में कवि नाम गिनाते हैं। वन में खंजन, कपोत, चातक, कोकिल, काक, हंस और शुक, सब रहते हैं। कपोत कबूतर है और शुक तोता। कोकिल कोयल है और काक कौआ। चातक वह पक्षी है, जिसके बारे में कहा जाता है कि वह बारिश की बूँदें पीता है।

नामों की सूची क्यों

इतने नाम गिनाने का एक कारण है। ये पक्षी एक जाति के नहीं हैं। इनकी बोली, रंग और आकार, सब अलग हैं। फिर भी वे आपस में हिलमिलकर वास करते हैं। कवि यह सूची देकर अपनी बात का प्रमाण रख देते हैं।

अपनी दुनिया

पाँचवें पद में कवि कहते हैं कि वे जहाँ रहते हैं, वहीं अपनी एक दुनिया बसा लेते हैं। यह बात बहुत सीधी लगती है, पर उसमें संतोष छिपा है। उन्हें किसी ख़ास जगह की ज़िद नहीं रहती।

दिन और रात

उसी पद की अगली बात उनके दिन का हिसाब देती है। वे दिन भर काम करते हैं और रात में पेड़ों पर सो जाते हैं। इसमें न आलस है और न अधिक काम की होड़। दिन काम का और रात आराम की, यह क्रम कभी नहीं टूटता।

मन में तीन चीज़ें नहीं

छठे पद में कविता सबसे सीधी बात कहती है। उनके मन में न लोभ रहता है, न पाप है और परवाह भी नहीं है। लोभ यानी अधिक पाने की चाह, पाप यानी बुरा काम, और परवाह यानी चिंता। तीनों का न होना आपस में जुड़ा है।

तीनों का संबंध

ये तीनों अलग-अलग बातें नहीं हैं। लोभ न हो, तो बुरा काम करने की ज़रूरत ही नहीं पड़ती। बुरा काम न किया हो, तो मन में चिंता भी नहीं रहती। कवि इस छोटे पद में एक पूरी कड़ी बना देते हैं।

हड़पने की चाह नहीं

उसी पद के अंत में कवि एक और बात जोड़ते हैं। पक्षियों में जग का सारा माल हड़पकर ले जाने की चाह नहीं है। हड़पना यानी किसी और का हिस्सा छीन लेना। यह पंक्ति मनुष्य की ओर इशारा करती है, पर कवि उसका नाम नहीं लेते।

कवि का परिचय

इस कविता के रचनाकार आरसी प्रसाद सिंह हैं। वे अपनी कविताओं में प्रकृति का रूप और जीवन की कठिनाइयाँ, दोनों उभारकर रखने वाले कवि माने जाते हैं। उनके जीवन-काल के वर्ष 1911 से 1996 बताए जाते हैं।

कवि की पहचान

उनकी रचनाओं में प्रेम, करुणा, त्याग-बलिदान और मुक्ति की बातें बार-बार आती हैं। वे मिलकर एक सुंदर संसार बनाने का सपना देखते रहे, और यही बात इस कविता में भी दिखती है। कलापी और आरसी, ये उनके चर्चित कविता संग्रह हैं।

Concepts and terms

रीति

किसी काम को करने का ढंग या चलन। कवि कहते हैं कि चिड़िया हमें प्रेम-प्रीति की रीति सिखाती है, यानी प्रेम से रहने का तरीक़ा।

बंदी मानव

वह मनुष्य, जो अपने ही बनाए बंधनों में क़ैद है। उसे कोई और नहीं बाँधता, वह अपने लोभ और दीवारों से स्वयं बँध जाता है।

मुक्ति-मंत्र

बंधन से छूटने का उपाय। पक्षियों का जीवन देखकर जो बात समझ आती है, कवि उसी को मंत्र कहते हैं, क्योंकि वह थोड़े में बहुत कह देती है।

हिलमिल रहना

आपस में घुल-मिलकर रहना। वन में इतनी अलग-अलग जाति के पक्षी एक साथ रहते हैं, और यही बात कवि मनुष्य को दिखाना चाहते हैं।

वास करना

रहना या बसना। कविता कहती है कि सब पक्षी आपस में हिलमिलकर वास करते हैं, यानी वे साथ रहकर अपनी जगह बना लेते हैं।

यहाँ ध्यान रखिए

आम भ्रम

एक छोटा प्रसंग

Scenario:

सातवीं कक्षा में मध्याह्न भोजन के समय एक दिन खीर बनी। बच्चों में दो तरह का व्यवहार दिखा। कुछ बच्चे सबसे पहले अपनी कटोरी भरकर एक कोने में बैठ गए और जल्दी-जल्दी खाने लगे, और एक बच्चे ने दूसरी बार भी कटोरी भरवा ली। उसी कक्षा के चार बच्चे पीछे खड़े रहे, और जब उन्होंने देखा कि दो बच्चों को खीर नहीं मिली, तो उन्होंने अपनी कटोरियों से थोड़ी-थोड़ी खीर उन दोनों को दे दी। शिक्षिका ने कुछ नहीं कहा। अगले दिन उन्होंने चुपचाप पाठ की वह पंक्ति श्यामपट पर लिख दी, जिसमें मिल-जुलकर रहने और खाने की बात है।

Analysis:

यह प्रसंग कविता की सबसे सीधी पंक्ति को कक्षा में रख देता है। चार बच्चों का व्यवहार मिल-जुलकर खाने वाली बात का उदाहरण है, और उसमें कोई उपदेश नहीं था। दूसरी बार कटोरी भरवाने वाला बच्चा उस पंक्ति की ओर जाता है, जिसमें जग का सारा माल हड़पने की चाह की बात है। ध्यान देने की बात यह भी है कि शिक्षिका ने किसी को डाँटा नहीं। उन्होंने केवल पंक्ति लिख दी, ठीक उसी तरह जैसे कविता में चिड़िया उपदेश नहीं देती, बस अपने ढंग से सिखा देती है। यहाँ यह भी दिखता है कि बाँटने से कमी किसी को खटकती नहीं।

Activity:

अपनी कॉपी में तीन काम लिखिए, जो आपने पिछले हफ़्ते किसी के साथ बाँटे। हर काम के सामने लिखिए कि बाँटने के बाद आपको कैसा लगा।

पक्षी गिनिए और सुनिए

Title:

पक्षी गिनिए और सुनिए

Safety:

पेड़ पर चढ़ने या घोंसले के पास जाने की कोशिश न कीजिए, दूर से ही देखिए।

What You Notice:

आप देखेंगे कि एक ही पेड़ पर कई तरह के पक्षी बैठे रहते हैं और अक्सर झगड़ते नहीं। यही बात कविता कहती है, कि अलग-अलग जाति के पक्षी आपस में हिलमिलकर वास करते हैं।

Did you know

कवि आरसी प्रसाद सिंह के जीवन-काल के वर्ष 1911 से 1996 बताए जाते हैं।

कलापी और आरसी, ये उनके चर्चित कविता संग्रह हैं।

शुक तोते का नाम है, और कपोत कबूतर का।

Memory tricks

सात पक्षी — खंजन, कपोत, चातक, कोकिल, काक, हंस, शुक।

मन में तीन नहीं — लोभ नहीं, पाप नहीं, परवाह नहीं।

Practice MCQs with answers (25)

Q1 कवि कहते हैं कि चिड़िया हमें कोई उपदेश नहीं देती, वह अपने रहने के ढंग से ही एक बात सिखा जाती है। वह सिखाती है रीति — beginner
  • A किसी काम को जल्दी पूरा करने की
  • B प्रेम-प्रीति से रहने की ही बात
  • C ऊँचा उड़ने और दूर जाने की
  • D अधिक संचय करने और जमा करने की
Show answer
Answer: प्रेम-प्रीति से रहने की ही बात
Why:

कविता की पहली ही पंक्ति यही कहती है।

Q2 कविता में किसी काम के चलन या ढंग के लिए एक शब्द आया है, जो प्रेम-प्रीति के साथ जुड़ा है। रीति शब्द का अर्थ है — intermediate
  • A किसी काम का ढंग या चलन
  • B किसी तरह की रीत या खाली जगह
  • C किसी गीत की लय और स्वर
  • D किसी नदी के बहने का रास्ता
Show answer
Answer: किसी काम का ढंग या चलन
Why:

चिड़िया उपदेश नहीं देती, अपने ढंग से सिखा देती है।

Q3 कवि मनुष्य को बंदी क्यों कहते हैं? advanced
  • A क्योंकि उसे किसी ने पकड़कर जेल में डाल दिया है
  • B क्योंकि वह उड़ नहीं सकता
  • C क्योंकि वह अपने ही लोभ और बंधनों में क़ैद है
  • D क्योंकि वह घर से बाहर नहीं निकलता
Show answer
Answer: क्योंकि वह अपने ही लोभ और बंधनों में क़ैद है
Why:

यही बात कविता को गहरा बना देती है।

Q4 कवि कहते हैं कि चिड़िया जग के बंदी मनुष्य को एक मंत्र बताती है, जिससे बंधन खुल सकते हैं। मुक्ति-मंत्र का अर्थ है — intermediate
  • A कोई पुराना गीत या धुन
  • B कोई लंबा-सा उपदेश
  • C कोई धार्मिक रस्म
  • D बंधन से छूटने का उपाय
Show answer
Answer: बंधन से छूटने का उपाय
Why:

मंत्र थोड़े शब्दों में बड़ी बात कह देता है।

Q5 चिड़िया के जीवन को मंत्र कहने का क्या कारण हो सकता है? advanced
  • A कि वह किसी बहुत पुराने ग्रंथ में लिखा है
  • B कि वह रोज़ सुबह बार-बार दोहराया जाता है
  • C कि वह किसी को भी ठीक से समझ में नहीं आता
  • D कि वह थोड़े में ही बहुत बड़ी बात कह देता है
Show answer
Answer: कि वह थोड़े में ही बहुत बड़ी बात कह देता है
Why:

उसका पूरा जीवन ही एक छोटी-सी बात है।

Q6 मिल-जुलकर रहने और मिल-जुलकर खाने, दोनों को अलग कहने से क्या बात निकलती है? advanced
  • A कि दोनों एक ही बात हैं, कहने का ढंग अलग है
  • B कि साथ रहना आसान है, पर बाँटकर खाना कठिन
  • C कि पक्षी सब अलग-अलग बैठकर अपना खाना खाते हैं
  • D कि कविता में दोहराव है
Show answer
Answer: कि साथ रहना आसान है, पर बाँटकर खाना कठिन
Why:

इसीलिए कविता दोनों बातें अलग-अलग गिनाती है।

Q7 सब मिल-जुलकर रहने वाली पंक्ति किन भावों की ओर इशारा करती है? intermediate
  • A असमानता और विभाजन
  • B प्रतिस्पर्धा और संघर्ष
  • C समानता और एकता
  • D स्वार्थ और ईर्ष्या
Show answer
Answer: समानता और एकता
Why:

यही कविता का सबसे बड़ा भाव है।

Q8 कविता में पक्षियों का घर किसी पेड़ या घोंसले को नहीं, बल्कि उस खुली जगह को बताया गया है जहाँ वे उड़ते हैं। उनका घर है — beginner
  • A पेड़ की डाली को
  • B घोंसले को
  • C तालाब को
  • D आसमान को
Show answer
Answer: आसमान को
Why:

इसी कारण वे जहाँ चाहते हैं, वहाँ जाते हैं।

Q9 आसमान ही उनका घर है, इसका सही अर्थ क्या है? advanced
  • A कि उनका घर किसी दीवार से नहीं बँधा
  • B कि उनके पास रहने के लिए कोई घर नहीं है
  • C कि वे आसमान में ही उड़ते-उड़ते सोते हैं
  • D कि वे पेड़ों की डाल पर कभी नहीं बैठते
Show answer
Answer: कि उनका घर किसी दीवार से नहीं बँधा
Why:

वे रात में पेड़ों पर सो जाते हैं, यह कविता आगे बताती है।

Q10 कविता में चिड़िया किसी ऊँची डाली पर बैठी गाती है, और वह पेड़ गाँवों में सबसे आम माना जाता है। वह पेड़ है — beginner
  • A आम के पेड़ की
  • B पीपल के पेड़ की
  • C नीम के पेड़ की
  • D बरगद के पेड़ की
Show answer
Answer: पीपल के पेड़ की
Why:

पेड़ का नाम लेने से दृश्य पास आ जाता है।

Q11 कवि पाठक से सीधे प्रश्न पूछकर क्या करते हैं? advanced
  • A कविता को बीच में ही छोटा कर देते हैं
  • B अपनी पूरी बात वहीं अधूरी छोड़ देते हैं
  • C पढ़ने वाले को अर्थ ढूँढ़ने में लगा देते हैं
  • D किसी और पक्षी की बात शुरू कर देते हैं, बीच में
Show answer
Answer: पढ़ने वाले को अर्थ ढूँढ़ने में लगा देते हैं
Why:

अब पढ़ने वाला केवल दृश्य नहीं देखता।

Q12 कपोत किस पक्षी का नाम है? intermediate
  • A कौआ
  • B तोता
  • C कोयल
  • D कबूतर
Show answer
Answer: कबूतर
Why:

कविता में उसका नाम खंजन के बाद आता है।

Q13 शुक किस पक्षी का नाम है? intermediate
  • A हंस
  • B तोता
  • C कोयल
  • D बगुला
Show answer
Answer: तोता
Why:

कविता की सूची में वह सबसे अंत में आता है।

Q14 कोकिल और काक, ये किन पक्षियों के नाम हैं? intermediate
  • A कबूतर और तोता
  • B कोयल और कौआ
  • C हंस और बगुला
  • D मोर और चातक
Show answer
Answer: कोयल और कौआ
Why:

दोनों के नाम कविता की उसी सूची में आते हैं।

Q15 चातक के बारे में क्या माना जाता है? advanced
  • A कि वह कभी नहीं उड़ता
  • B कि वह केवल रात के समय ही बोलता रहता है
  • C कि वह पानी के भीतर देर तक ही तैरता है
  • D कि वह केवल बारिश की बूँदें पीता है
Show answer
Answer: कि वह केवल बारिश की बूँदें पीता है
Why:

इसी से वह वर्षा से जुड़ा पक्षी माना जाता है।

Q16 इतने अलग-अलग पक्षियों के नाम गिनाने का कारण क्या है? advanced
  • A कि अलग होकर भी वे हिलमिलकर रहते हैं
  • B कि वन में बहुत ही तरह-तरह के पक्षी होते हैं
  • C कि उनके नाम सुनने में बड़े अच्छे-अच्छे लगते हैं
  • D कि कविता को कुछ और अधिक लंबी करनी थी
Show answer
Answer: कि अलग होकर भी वे हिलमिलकर रहते हैं
Why:

सूची कवि की बात का प्रमाण बन जाती है।

Q17 कविता कहती है कि पक्षी जहाँ रहते हैं, वहीं अपनी दुनिया बना लेते हैं, और उसके लिए वास करना आया है। उसका अर्थ है — intermediate
  • A किसी तरह की गंध फैलाना
  • B रहना या बसना
  • C कहीं से गुजर जाना
  • D किसी को बुलाना
Show answer
Answer: रहना या बसना
Why:

सब पक्षी आपस में हिलमिलकर वास करते हैं।

Q18 पक्षी अपनी दुनिया कहाँ बसा लेते हैं? intermediate
  • A किसी ख़ास चुनी हुई जगह पर
  • B केवल वन के भीतर
  • C जहाँ वे रहते हैं, वहीं
  • D किसी तालाब के पास
Show answer
Answer: जहाँ वे रहते हैं, वहीं
Why:

इससे पता चलता है कि उन्हें किसी जगह की ज़िद नहीं रहती।

Q19 अभिकथन: पक्षियों में न आलस है और न काम की होड़। कारण: कपोत कबूतर का नाम है और शुक तोते का। advanced
  • A दोनों सही हैं; कारण अभिकथन को समझाता है
  • B दोनों सही हैं; कारण अभिकथन को नहीं समझाता
  • C अभिकथन सही है; परंतु उसका कारण ग़लत है
  • D अभिकथन ग़लत है; परंतु उसका कारण सही है
Show answer
Answer: दोनों सही हैं; कारण अभिकथन को नहीं समझाता
Why:

दोनों सही हैं; परंतु कारण अभिकथन को नहीं समझाता। आलस और होड़ का न होना दिन भर काम और रात में नींद के क्रम से निकलता है।

Q20 पक्षियों के मन में कौन-सी तीन चीज़ें नहीं हैं? beginner
  • A भूख, नींद और थकान
  • B डर, क्रोध और दुख
  • C लोभ, पाप और परवाह
  • D प्रेम, करुणा और दया
Show answer
Answer: लोभ, पाप और परवाह
Why:

तीनों का न होना आपस में जुड़ा है।

Q21 इन तीनों के न होने में आपसी संबंध क्या है? advanced
  • A लोभ न हो तो बुरा काम नहीं, और बुरा काम न हो तो चिंता नहीं
  • B तीनों का आपस में कोई संबंध नहीं है, तीनों अलग-अलग बातें हैं
  • C तीनों एक ही शब्द के अर्थ हैं, और उनमें आपस में कोई अंतर नहीं है
  • D तीनों केवल तुक मिलाने के लिए ही रखे गए हैं, और किसी कारण से नहीं
Show answer
Answer: लोभ न हो तो बुरा काम नहीं, और बुरा काम न हो तो चिंता नहीं
Why:

कवि इस छोटे पद में एक पूरी कड़ी बना देते हैं।

Q22 पक्षियों के रहन-सहन से जुड़े तीन कथन नीचे दिए गए हैं। I. वे सब अलग-अलग बैठकर अपना खाना खाते हैं। II. आसमान ही उनका घर है और वे जहाँ चाहें, वहाँ जा सकते हैं। III. उनके मन में न लोभ है, न पाप और न किसी तरह की परवाह। कौन-से कथन सही हैं? advanced
  • A केवल I और II
  • B केवल II और III
  • C केवल I और III
  • D I, II और III
Show answer
Answer: केवल II और III
Why:

II और III सही हैं। पहला कथन ग़लत है, क्योंकि कविता कहती है कि पक्षी मिल-जुलकर रहते और मिल-जुलकर खाते हैं।

Q23 हड़पना शब्द का अर्थ क्या है? advanced
  • A किसी और का हिस्सा छीन लेना
  • B किसी को कुछ दे देना
  • C कहीं जल्दी पहुँच जाना
  • D किसी बात पर चुप रह जाना
Show answer
Answer: किसी और का हिस्सा छीन लेना
Why:

पक्षियों में जग का सारा माल ले जाने की चाह नहीं है।

Q24 रिक्त स्थान भरिए — उनके मन में लोभ नहीं है, ______ नहीं, परवाह नहीं। beginner
  • A पाप
  • B भय
  • C मोह
  • D क्रोध
Show answer
Answer: पाप
Why:

तीनों का न होना आपस में जुड़ी एक कड़ी बनाता है।

Q25 मान लीजिए कक्षा में बाँटने के लिए कुछ फल आए हैं। कविता की सीख के अनुसार आप क्या करेंगे? advanced
  • A सबसे पहले अपना हिस्सा उठा लेंगे
  • B अपने मित्रों को ही देंगे
  • C सबके साथ मिल-जुलकर बाँटकर खाएँगे
  • D किसी को नहीं देंगे
Show answer
Answer: सबके साथ मिल-जुलकर बाँटकर खाएँगे
Why:

कविता मिल-जुलकर खाने को ही सबसे बड़ी बात मानती है।

Important short questions (7)

चिड़िया मनुष्य को कौन-सी दो बातें देती है?

वह प्रेम-प्रीति की रीति सिखाती है, यानी प्रेम से रहने का ढंग। साथ ही वह जग के बंदी मनुष्य को मुक्ति-मंत्र, यानी बंधन से छूटने का उपाय बताती है।

कवि मनुष्य को बंदी क्यों कहते हैं?

क्योंकि वह किसी जेल में नहीं, अपने ही लोभ, अपनी दीवारों और अपने बनाए नियमों में क़ैद है। उसे किसी और ने नहीं बाँधा।

पक्षियों के जीवन की चार विशेषताएँ लिखिए।

वे मिल-जुलकर रहते और खाते हैं। आसमान उनका घर है, इसलिए वे जहाँ चाहें जाते हैं। वे जहाँ रहते हैं, वहीं अपनी दुनिया बसा लेते हैं। उनके मन में लोभ, पाप और परवाह नहीं होती।

पक्षियों के आपसी सहयोग की भावना हमारे लिए किस तरह उपयोगी है?

इससे हम सीखते हैं कि अलग-अलग होकर भी साथ रहा जा सकता है। बाँटकर खाने से कमी किसी को नहीं खटकती, और झगड़े का कारण ही नहीं बचता।

कविता में सात पक्षियों के नाम गिनाने का उद्देश्य क्या है?

उनकी बोली, रंग और आकार अलग-अलग हैं, फिर भी वे हिलमिलकर रहते हैं। यह सूची कवि की बात का प्रमाण बन जाती है।

पक्षियों के मन में तीन चीज़ों का न होना आपस में कैसे जुड़ा है?

लोभ न हो तो बुरा काम करने की ज़रूरत नहीं पड़ती। बुरा काम न किया हो तो मन में चिंता भी नहीं रहती। इस तरह तीनों एक कड़ी बनाते हैं।

कवि आरसी प्रसाद सिंह की रचनाओं की पहचान क्या है?

वे अपनी कविताओं में प्रकृति का रूप और जीवन की कठिनाइयाँ, दोनों उभारते हैं। प्रेम, करुणा, त्याग और मुक्ति की बातें उनकी रचनाओं में बार-बार आती हैं।

Long answer questions (3)

कविता के पहले भाग में पक्षियों का जीवन किस तरह दिखाया गया है?

कवि पहले बताते हैं कि वे सब मिल-जुलकर रहते हैं और मिल-जुलकर खाते भी हैं। इसके बाद वे कहते हैं कि आसमान ही उनका घर है, इसलिए वे जहाँ चाहते हैं वहाँ जाते हैं। आगे वन के पक्षियों की सूची आती है, जिसमें खंजन, कपोत, चातक, कोकिल, काक, हंस और शुक सब हिलमिलकर रहते हैं। वे जहाँ रहते हैं, वहीं अपनी एक दुनिया बसा लेते हैं। उनका दिन काम में और रात पेड़ों पर नींद में बीतती है। अंत में कवि कहते हैं कि उनके मन में लोभ, पाप और परवाह नहीं है, और जग का सारा माल हड़पने की चाह भी नहीं है।

मनुष्य को बंदी और पक्षियों को मुक्त कहने में कवि क्या बताना चाहते हैं?

कवि एक उलटी बात सामने रखते हैं। जिस मनुष्य के पास घर, सुविधा और शक्ति है, उसे वे बंदी कहते हैं। जिन पक्षियों के पास कुछ भी जमा नहीं है, उन्हें वे मुक्त बताते हैं। इसका कारण भी कविता में ही मिलता है। मनुष्य का बंधन बाहर से नहीं आया, वह उसके अपने लोभ से बना है। पक्षियों के मन में लोभ नहीं है, इसलिए उन्हें बाँधने वाली कोई चीज़ ही नहीं बनती। आसमान को अपना घर मान लेने का अर्थ भी यही है, कि वे किसी दीवार से नहीं बँधे। इस तरह कवि दिखाते हैं कि मुक्ति सुविधा से नहीं, मन की सादगी से आती है।

पक्षियों का जीवन देखकर आप अपने जीवन में कौन-से तीन बदलाव ला सकते हैं?

पहला बदलाव बाँटने का है। पक्षी मिल-जुलकर खाते हैं, और मैं भी अपना भोजन या सामान साथियों के साथ बाँट सकता हूँ। दूसरा बदलाव ज़रूरत भर लेने का है। पक्षी जग का सारा माल हड़पने की नहीं सोचते, और मैं भी अपनी ज़रूरत से अधिक जमा करने से बच सकता हूँ। तीसरा बदलाव समय के क्रम का है। वे दिन भर काम करते हैं और रात में सो जाते हैं, और मैं भी अपने पढ़ने और सोने का समय बाँध सकता हूँ। इन तीनों में एक ही बात है, कि सादा जीवन मन को हल्का रखता है।

Flashcards (17)

चिड़िया हमें किस चीज़ की रीति सिखाती है?
प्रेम-प्रीति की रीति।
रीति शब्द का अर्थ क्या है?
किसी काम को करने का ढंग या चलन।
कवि मनुष्य को क्या कहते हैं?
जग का बंदी, यानी अपने ही बनाए बंधनों में क़ैद।
मुक्ति-मंत्र का अर्थ क्या है?
बंधन से छूटने का उपाय।
पक्षी किस तरह रहते और खाते हैं?
मिल-जुलकर, और कविता दोनों बातें अलग-अलग कहती है।
पक्षियों का घर किसे बताया गया है?
आसमान को, इसलिए वे जहाँ चाहें वहाँ जाते हैं।
चिड़िया किस पेड़ की डाली पर बैठी है?
पीपल की ऊँची डाली पर।
कवि पाठक से कौन-सा प्रश्न पूछते हैं?
कि क्या हमें पता है, चिड़िया अपनी बोली में क्या संदेश सुनाती है।
कविता में कौन-कौन से पक्षियों के नाम आए हैं?
खंजन, कपोत, चातक, कोकिल, काक, हंस और शुक।
कपोत और शुक किन पक्षियों के नाम हैं?
कपोत कबूतर है और शुक तोता।
कोकिल और काक किन पक्षियों के नाम हैं?
कोकिल कोयल है और काक कौआ।
चातक के बारे में क्या कहा जाता है?
कि वह केवल बारिश की बूँदें पीता है।
इतने पक्षियों के नाम गिनाने का कारण क्या है?
कि अलग-अलग जाति के होकर भी वे हिलमिलकर रहते हैं, और यही कवि का प्रमाण है।
वास करना का अर्थ क्या है?
रहना या बसना।
पक्षियों का दिन और रात कैसे बँटा रहता है?
दिन भर काम और रात में पेड़ों पर नींद।
पक्षियों के मन में कौन-सी तीन चीज़ें नहीं हैं?
लोभ, पाप और परवाह।
इस कविता के कवि कौन हैं?
आरसी प्रसाद सिंह। कलापी तथा आरसी उनके चर्चित कविता संग्रह हैं।

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  • कविता क्रम में लगाइए
  • पक्षी और उसका नाम
  • किसमें है, किसमें नहीं
  • सही या भ्रम
  • झटपट उत्तर

श्रम, संतोष और मानव से आह्वान

कविता का दूसरा भाग कहता है कि पक्षी अपने श्रम से जितना मिले उतना ही लेते हैं और बचा हुआ दूसरों के लिए छोड़ देते हैं। वे सीमा-हीन गगन में निर्भय विचरण करते हैं, और अंत में मनुष्य से कहते हैं कि अपनी सोने की कड़ियाँ तोड़ दो।

What you will be able to do

  • मैं बता सकता/सकती हूँ कि पक्षी अपने श्रम और संचय के बारे में क्या सिखाते हैं।
  • मैं सोने की कड़ियाँ और बेड़ी जैसे प्रतीकों का भाव समझा सकता/सकती हूँ।
  • मैं बता सकता/सकती हूँ कि पक्षी मनुष्य से क्या-क्या कहते हैं।
  • मैं कविता में आए क्रिया शब्द पहचान सकता/सकती हूँ।
  • मैं एक शब्द के अनेक अर्थ उदाहरण देकर समझा सकता/सकती हूँ।

Key points

  • पक्षी अपने श्रम से जो मिलता है, उतना भर ले लेते हैं।

  • जो बच जाता है, वह दूसरों के हित के लिए छोड़ देते हैं।

  • वे सीमा-हीन गगन में उड़ते और निर्भय विचरण करते हैं।

  • वे दूसरों की कमाई से अपना घर नहीं भरते।

  • वे मनुष्य से कहते हैं कि वह उनसे जग में जीना सीखे।

  • वे पूछते हैं कि वे स्वच्छंद हैं, फिर मनुष्य ने अपने पैर में बेड़ी क्यों डाली है।

  • वे कहते हैं कि हमें देखकर अपनी सोने की कड़ियाँ तोड़ दो।

  • वे मनुष्य से मानवता के प्रति द्रोह-भावना छोड़ने को कहते हैं।

  • चिड़िया घड़ी भर बैठकर, चकित करके, गाकर फिर उड़ जाती है।

Full explanation

श्रम भर लेना

दूसरा भाग एक नियम से शुरू होता है। पक्षी अपने श्रम से जो मिलता है, उतना भर ले लेते हैं। श्रम का अर्थ है अपनी मेहनत। यानी उनका हिस्सा किसी के देने से नहीं, अपनी मेहनत से तय होता है।

बचा हुआ छोड़ देना

अगली पंक्ति उससे भी बड़ी है। जो बच जाता है, उसे वे दूसरों के हित के लिए छोड़ देते हैं। ध्यान दीजिए, वे उसे फेंकते नहीं और छिपाते भी नहीं। वे उसे किसी और के काम के लिए छोड़ जाते हैं, और यही संतोष का असली रूप है।

मनुष्य का उलटा स्वभाव

यहाँ मनुष्य का स्वभाव इससे अलग दिखता है। वह ज़रूरत भर नहीं लेता, वह आगे के लिए जमा करता चला जाता है। उसी जमा करने से कमी बनती है और कमी से झगड़ा। कविता यह बात सीधे नहीं कहती, पर उसका संकेत साफ़ रहता है।

सीमा-हीन गगन

अब कवि एक बड़ा दृश्य देते हैं। पक्षी सीमा-हीन गगन में उड़ते हैं। सीमा-हीन का अर्थ है जिसकी कोई हद न हो। आकाश पर किसी की लकीर नहीं खिंची है, इसलिए वहाँ कोई रोक-टोक भी नहीं है।

निर्भय विचरण

उसी पंक्ति में दूसरा शब्द है, निर्भय विचरण। विचरण का अर्थ घूमना-फिरना है और निर्भय का अर्थ बिना डरे। यही पक्षियों की सबसे बड़ी स्वतंत्रता है। जिसके पास छीनने का इरादा न हो, उसे किसी से डर भी नहीं रहता।

औरों की कमाई

कवि एक और बात जोड़ते हैं, कि वे दूसरों की कमाई से अपना घर नहीं भरते। यह पंक्ति पिछली बातों से जुड़ जाती है। श्रम भर लेना, बचा छोड़ देना और किसी की कमाई न लेना, तीनों एक ही स्वभाव के तीन रूप हैं।

अब पक्षी बोलते हैं

यहाँ कविता का ढंग बदल जाता है। अब तक कवि पक्षियों के बारे में बता रहे थे। अब पक्षी स्वयं बोलने लगते हैं। वे मनुष्य को पुकारकर कहते हैं कि तुम हमसे जग में जीना सीखो।

स्वच्छंद और बेड़ी

इसके बाद वे एक प्रश्न पूछते हैं। वे कहते हैं कि हम स्वच्छंद हैं, फिर तुमने अपने पैर में बेड़ी क्यों डाली है। स्वच्छंद का अर्थ है अपनी इच्छा से चलने वाला। बेड़ी पैर में पड़ी ज़ंजीर होती है, और ध्यान देने की बात यह है कि उसे डालने वाला मनुष्य स्वयं है।

सोने की कड़ियाँ

अगले पद में कवि सबसे सुंदर प्रतीक रखते हैं। वे कहते हैं कि हमें देखो और फिर अपनी सोने की कड़ियाँ तोड़ो। कड़ी सोने की है, इसलिए वह सुंदर और कीमती लगती है। पर कड़ी तो कड़ी ही है, और वह बाँधती ही है।

प्रतीक का अर्थ

सोने की कड़ियाँ मनुष्य के लोभ और सुविधा का प्रतीक हैं। हम जिन चीज़ों को पाकर ख़ुश होते हैं, कई बार वही हमें बाँध देती हैं। कवि यह नहीं कहते कि सोना बुरा है। वे यह कहते हैं कि उसे कड़ी बन जाने देना बुरा है।

द्रोह छोड़ने की बात

अंतिम माँग सबसे भारी है। पक्षी कहते हैं कि ओ मानव, तुम मानवता से द्रोह-भावना छोड़ो। द्रोह का अर्थ है बैर या विरोध। मानवता से द्रोह यानी अपने ही मनुष्य-धर्म के विरुद्ध चलना। यह बात व्यक्ति से नहीं, पूरे मनुष्य-समाज से कही गई है।

तीन माँगें

यदि इन्हें गिना जाए, तो पक्षियों की तीन माँगें बनती हैं। पहली, हमसे जीना सीखो। दूसरी, अपनी सोने की कड़ियाँ तोड़ो। तीसरी, मानवता से द्रोह छोड़ो। तीनों में क्रम है, क्योंकि पहले देखना होता है, फिर छोड़ना और अंत में बदलना।

कविता का अंत

अंतिम पद में कवि फिर उसी दृश्य पर लौटते हैं। चिड़िया पीपल की डाली पर यही सुनाने आती है। वह घड़ी भर बैठती है, हमें चकित करती है, गाकर फिर उड़ जाती है। चकित होना यानी आश्चर्य में पड़ जाना।

उड़ जाने का अर्थ

कविता का अंत उपदेश पर नहीं, उड़ जाने पर होता है, और यही उसकी सबसे सुंदर बात है। चिड़िया रुककर समझाती नहीं। वह अपनी बात कहकर चली जाती है, और समझने का काम हम पर छोड़ देती है।

क्रिया शब्द

कविता में क्रिया के कई उदाहरण हैं। वे शब्द, जिनसे कोई काम करने या होने का बोध होता है, क्रिया कहलाते हैं। गाती और सुनाती, दोनों क्रिया हैं। इसी तरह सिखलाती, बतलाती, रहते, खाते, जाते, उड़ते, करते और तोड़ो भी क्रिया शब्द हैं।

एक शब्द, अनेक अर्थ

कविता की एक पंक्ति में मन शब्द आया है, जहाँ उसका अर्थ चित्त है। पर उसी शब्द के और अर्थ भी हैं। मन करना का अर्थ इच्छा होना है, और दस मन अनाज में मन तोलने का माप बन जाता है। ऐसे ही कर, जल, अर्थ, फल और आम जैसे शब्द भी एक से अधिक अर्थ देते हैं।

Concepts and terms

श्रम

अपनी मेहनत। कविता कहती है कि पक्षी अपने श्रम से जो मिलता है, उतना ही लेते हैं, यानी उनका हिस्सा उनकी मेहनत से तय होता है।

विचरण

घूमना-फिरना या इधर-उधर आना-जाना। निर्भय विचरण का अर्थ है बिना डरे घूमना, और यही पक्षियों की सबसे बड़ी स्वतंत्रता है।

स्वच्छंद

अपनी इच्छा से चलने वाला, यानी स्वतंत्र। पक्षी स्वयं को स्वच्छंद कहते हैं और उसी के सामने मनुष्य की बेड़ी रख देते हैं।

सोने की कड़ियाँ

सोने से बनी ज़ंजीर। कवि इसे प्रतीक बनाते हैं। कड़ी चाहे सोने की हो, वह बाँधती ही है, और यही मनुष्य के लोभ का रूप है।

क्रिया

वे शब्द, जिनसे कोई काम करने या होने का बोध होता है। गाती और सुनाती, दोनों क्रिया हैं, क्योंकि वे चिड़िया के काम बताते हैं।

यहाँ ध्यान रखिए

आम भ्रम

एक छोटा प्रसंग

Scenario:

एक मोहल्ले में तीन बच्चों ने गर्मी की छुट्टियों में नीबू-पानी की एक छोटी दुकान लगाई। पहले दिन उन्होंने जितना बनाया था, वह दोपहर तक बिक गया और उनके पास अपनी मेहनत के पैसे आ गए। शाम को कुछ नीबू और बर्फ़ बच गई। उन्होंने तय किया कि बचा सामान सामने बैठे ठेले वाले चाचा को दे देंगे, क्योंकि उनके पास बर्फ़ नहीं थी। अगले दिन उनमें से एक बच्चा कहने लगा कि अब दाम बढ़ा देने चाहिए, क्योंकि गर्मी तेज़ है और लोग मजबूरी में भी ख़रीदेंगे। बाक़ी दोनों ने मना कर दिया। उन्होंने कहा कि हमारी मेहनत जितनी है, उतना ही लेना ठीक है।

Analysis:

यह प्रसंग कविता के दूसरे भाग के तीनों नियमों को एक छोटी दुकान में दिखा देता है। पहले दिन की कमाई श्रम भर लेने वाली बात है, क्योंकि वह उनकी ही मेहनत से आई। बचा सामान ठेले वाले को देना बचा हुआ दूसरों के हित छोड़ देने जैसा है। दाम बढ़ाने से मना करना सबसे ज़रूरी हिस्सा है, क्योंकि वह दूसरों की मजबूरी से अपना घर न भरने वाली बात है। ध्यान देने की बात यह भी है कि तीनों बच्चों के पास दाम बढ़ाने की स्वतंत्रता थी। उन्होंने उसका उपयोग नहीं किया, और यही स्वतंत्रता तथा मनमानी के बीच का अंतर है।

Activity:

अपनी कॉपी में दो खाने बनाइए। एक में वे काम लिखिए जिनकी आपको स्वतंत्रता है, और दूसरे में वे जिनकी नहीं, और हर काम के सामने उसका कारण भी लिखिए।

क्रिया शब्द छाँटिए

Title:

क्रिया शब्द छाँटिए

Safety:

कॉपी के पन्ने ज़ोर से न पलटिए, वरना वे फट सकते हैं।

What You Notice:

आप देखेंगे कि कविता में क्रिया शब्द बहुत हैं, जैसे सिखलाती, बतलाती, रहते, खाते और उड़ते। यही कारण है कि कविता में कुछ न कुछ होता हुआ लगता है, कोई दृश्य ठहरा नहीं रहता।

Did you know

कविता में सोना भी बंधन का प्रतीक बन जाता है, जबकि वह आमतौर पर धन का प्रतीक माना जाता है।

कविता का अंत उड़ जाने पर होता है, न कि किसी उपदेश पर।

मन शब्द के कई अर्थ हैं, और उनमें से एक अनाज तोलने का माप भी है।

Memory tricks

तीन माँगें — जीना सीखो, कड़ियाँ तोड़ो, द्रोह छोड़ो।

संचय का नियम — श्रम भर लो, बचा छोड़ दो।

Practice MCQs with answers (25)

Q1 पक्षी अपने लिए कितना लेते हैं? intermediate
  • A जितना कहीं से भी मिल जाए, उतना सारा
  • B जितना अपने श्रम से मिलता है, उतना भर
  • C जितना वे जमा कर सकें, उतना सब कुछ इकट्ठा
  • D जितना कोई उन्हें लाकर दे दे, उतना सारा
Show answer
Answer: जितना अपने श्रम से मिलता है, उतना भर
Why:

उनका हिस्सा किसी के देने से नहीं, अपनी मेहनत से तय होता है।

Q2 बचा हुआ हिस्सा वे क्या करते हैं? intermediate
  • A उसे किसी जगह जमा कर लेते हैं
  • B उसे फेंक देते हैं और वहीं छोड़ जाते हैं
  • C उसे दूसरों के हित के लिए छोड़ देते हैं
  • D उसे अगले दिन के लिए छिपा लेते हैं
Show answer
Answer: उसे दूसरों के हित के लिए छोड़ देते हैं
Why:

वे उसे फेंकते नहीं और छिपाते भी नहीं।

Q3 बचा हुआ छोड़ देने वाली बात को संतोष का रूप क्यों कहा जा सकता है? advanced
  • A क्योंकि वे अपनी ज़रूरत पूरी होने पर रुक जाते हैं
  • B क्योंकि उन्हें वह चीज़ खाना पसंद ही नहीं होता
  • C क्योंकि उनके पास जगह नहीं होती
  • D क्योंकि वे जल्दी में रहते हैं
Show answer
Answer: क्योंकि वे अपनी ज़रूरत पूरी होने पर रुक जाते हैं
Why:

ज़रूरत भर लेकर रुक जाना ही संतोष है।

Q4 कविता कहती है कि पक्षी अपनी मेहनत से जो मिलता है, उतना भर लेते हैं, और उसके लिए श्रम शब्द आया है। श्रम का अर्थ है — beginner
  • A किसी की थकान
  • B बीता हुआ समय
  • C दी गई मज़दूरी
  • D अपनी मेहनत
Show answer
Answer: अपनी मेहनत
Why:

कविता कहती है कि वे अपने श्रम से मिला हिस्सा ही लेते हैं।

Q5 मनुष्य का स्वभाव पक्षियों से किस तरह अलग है? advanced
  • A वह ज़रूरत भर नहीं लेता, आगे के लिए जमा करता जाता है
  • B वह कम मेहनत करके अधिक पाना चाहता है, और जमा करता जाता है
  • C वह दूसरों को कुछ नहीं देता, सब अपने ही पास रख लेता है
  • D वह उड़ नहीं सकता
Show answer
Answer: वह ज़रूरत भर नहीं लेता, आगे के लिए जमा करता जाता है
Why:

उसी जमा करने से कमी बनती है और कमी से झगड़ा।

Q6 पक्षी जिस आकाश में उड़ते हैं, उसकी कोई हद नहीं है, और कविता में उसके लिए सीमा-हीन आया है। उसका अर्थ है — intermediate
  • A जिसमें कोई रंग न हो
  • B जिसकी कोई हद न हो
  • C जो बहुत ऊँचा हो
  • D जो किसी का न हो
Show answer
Answer: जिसकी कोई हद न हो
Why:

आकाश पर किसी की लकीर नहीं खिंची है।

Q7 खुले आकाश में पक्षियों के घूमने-फिरने के लिए कविता में विचरण शब्द आया है, जो सोचने के अर्थ में नहीं है। विचरण का अर्थ है — intermediate
  • A विचार करना और सोचना
  • B किसी बात पर रुक जाना
  • C घूमना-फिरना
  • D कहीं बैठ जाना
Show answer
Answer: घूमना-फिरना
Why:

कविता में वह निर्भय शब्द के साथ आता है।

Q8 निर्भय विचरण का सबसे गहरा कारण क्या है? advanced
  • A कि वे बहुत ऊँचा और बहुत दूर तक उड़ सकते हैं
  • B कि वे हमेशा झुंड बनाकर साथ ही रहते हैं
  • C कि आकाश बहुत बड़ा है
  • D कि उनके पास छीनने का इरादा ही नहीं है
Show answer
Answer: कि उनके पास छीनने का इरादा ही नहीं है
Why:

जिसका कोई बैर नहीं, उसे किसी से डर भी नहीं रहता।

Q9 कविता कहती है कि पक्षी अपना घर भरते हैं, परंतु एक चीज़ से कभी नहीं भरते। वे अपना घर नहीं भरते — intermediate
  • A दूसरों की कमाई से
  • B अपनी मेहनत से
  • C पेड़ की टहनियों से
  • D वन की घास से
Show answer
Answer: दूसरों की कमाई से
Why:

यह बात श्रम और संतोष, दोनों से जुड़ जाती है।

Q10 श्रम भर लेना, बचा छोड़ देना और किसी की कमाई न लेना, इन तीनों में क्या समान है? advanced
  • A तीनों कविता के अंतिम पद में आ जाते हैं
  • B तीनों एक ही स्वभाव के तीन रूप हैं
  • C तीनों अलग-अलग पक्षियों की बात हैं
  • D तीनों केवल तुक मिलाने के लिए हैं
Show answer
Answer: तीनों एक ही स्वभाव के तीन रूप हैं
Why:

इसी स्वभाव को कवि मनुष्य के सामने रखते हैं।

Q11 कविता के दूसरे भाग में सबसे बड़ा बदलाव क्या आता है? advanced
  • A कविता का विषय बीच में ही बदल जाता है
  • B तुक मिलना बंद हो जाता है
  • C अब पक्षी स्वयं बोलने लगते हैं
  • D कवि अंत में अपना नाम लिख देते हैं
Show answer
Answer: अब पक्षी स्वयं बोलने लगते हैं
Why:

अब तक कवि उनके बारे में बता रहे थे।

Q12 कविता के दूसरे भाग में पक्षी स्वयं बोलने लगते हैं और मनुष्य से सबसे पहले एक बात कहते हैं। वे सबसे पहले कहते हैं — intermediate
  • A कि वह चुप रहे
  • B कि वह उनसे दूर कहीं और चला जाए
  • C कि वह उनसे जग में जीना सीखे
  • D कि वह उन्हें रोज़ दाना और पानी डाल दे
Show answer
Answer: कि वह उनसे जग में जीना सीखे
Why:

यही उनकी तीन माँगों में पहली माँग है।

Q13 पक्षी अपने लिए एक शब्द काम में लाते हैं, जो अपनी इच्छा से चलने वाले के अर्थ में है। स्वच्छंद का अर्थ है — intermediate
  • A अपनी इच्छा से चलने वाला
  • B बहुत साफ़-सुथरा और सँभला हुआ
  • C बहुत तेज़ उड़ने वाला
  • D किसी के साथ रहने वाला
Show answer
Answer: अपनी इच्छा से चलने वाला
Why:

पक्षी अपने लिए यही शब्द चुनते हैं।

Q14 बेड़ी के बारे में कविता की सबसे ध्यान देने योग्य बात क्या है? advanced
  • A कि वह लोहे की बनी है
  • B कि वह बहुत भारी है
  • C कि वह उसके अपने पैर में पड़ी है
  • D कि उसे मनुष्य ने स्वयं डाला है
Show answer
Answer: कि उसे मनुष्य ने स्वयं डाला है
Why:

पक्षी यही पूछते हैं कि तुमने अपने पग में बेड़ी क्यों डाली।

Q15 सोने की कड़ियाँ किसका प्रतीक हैं? advanced
  • A किसी गहने और सजावट का
  • B मनुष्य के लोभ और सुविधा का
  • C किसी पुराने रिवाज़ का
  • D किसी मंदिर की बड़ी-सी घंटी का
Show answer
Answer: मनुष्य के लोभ और सुविधा का
Why:

जिन चीज़ों को पाकर हम ख़ुश होते हैं, वही कई बार बाँध देती हैं।

Q16 कड़ी को सोने की बताने से बात और तेज़ कैसे हो जाती है? advanced
  • A क्योंकि सोना बहुत महँगा और दुर्लभ होता है, सबको नहीं मिलता
  • B क्योंकि सोना चमकता है
  • C क्योंकि सुंदर और कीमती होकर भी वह बाँधती ही है
  • D क्योंकि सोना कभी टूटता भी नहीं और गलता भी नहीं है
Show answer
Answer: क्योंकि सुंदर और कीमती होकर भी वह बाँधती ही है
Why:

कवि सोने को बुरा नहीं कहते, उसे कड़ी बन जाने देना बुरा कहते हैं।

Q17 पक्षी मनुष्य से मानवता के प्रति एक भाव छोड़ने को कहते हैं, और उसके लिए द्रोह शब्द आया है। द्रोह का अर्थ है — intermediate
  • A किसी से बैर या विरोध
  • B किसी के लिए गहरा प्रेम और लगाव
  • C किसी तरह का डर
  • D किसी तरह की दया या करुणा
Show answer
Answer: किसी से बैर या विरोध
Why:

पक्षी मानवता से द्रोह-भावना छोड़ने को कहते हैं।

Q18 मानवता से द्रोह छोड़ने की बात किससे कही गई है? advanced
  • A केवल किसी एक व्यक्ति से
  • B केवल खेती करने वाले किसान से
  • C केवल कवि से
  • D पूरे मनुष्य-समाज से
Show answer
Answer: पूरे मनुष्य-समाज से
Why:

इसीलिए यह माँग सबसे भारी पड़ती है।

Q19 पक्षियों की तीन माँगें नीचे क्रम से दी गई हैं। I. वे कहते हैं कि पहले हमें देखो। II. फिर अपनी सोने की कड़ियाँ और मज़बूत कर लो। III. और मानवता के प्रति द्रोह-भावना छोड़ दो। कौन-से कथन सही हैं? advanced
  • A केवल I और II
  • B केवल II और III
  • C केवल I और III
  • D I, II और III
Show answer
Answer: केवल I और III
Why:

I और III सही हैं। दूसरा कथन उलटा है; पक्षी सोने की कड़ियाँ तोड़ने को कहते हैं।

Q20 चिड़िया घड़ी भर बैठकर अपने गीत से सुनने वाले को आश्चर्य में डाल देती है, और उसके लिए चकित होना आया है। उसका अर्थ है — intermediate
  • A थक जाना और बैठ जाना
  • B आश्चर्य में पड़ जाना
  • C चुप हो जाना
  • D चल पड़ना
Show answer
Answer: आश्चर्य में पड़ जाना
Why:

चिड़िया घड़ी भर बैठकर हमें यही कर जाती है।

Q21 अभिकथन: कविता का अंत चिड़िया के उड़ जाने पर होता है। कारण: उड़ते-उड़ते वह थक जाती है और फिर लौट आती है। advanced
  • A दोनों सही हैं; कारण अभिकथन को समझाता है
  • B दोनों सही हैं; कारण अभिकथन को नहीं समझाता
  • C अभिकथन सही है; परंतु उसका कारण ग़लत है
  • D अभिकथन ग़लत है; परंतु उसका कारण सही है
Show answer
Answer: अभिकथन सही है; परंतु उसका कारण ग़लत है
Why:

अभिकथन सही है; परंतु उसका कारण ग़लत है। वह अपनी बात कहकर उड़ जाती है और समझने का काम हम पर छोड़ देती है।

Q22 क्रिया किसे कहते हैं? intermediate
  • A जिन शब्दों से किसी का नाम पता चलता है
  • B जिन शब्दों से कोई काम करने या होने का बोध होता है
  • C जिन शब्दों से किसी की विशेषता का पता चल ही जाता है
  • D जिन शब्दों से कोई संख्या पता चलती है
Show answer
Answer: जिन शब्दों से कोई काम करने या होने का बोध होता है
Why:

गाती और सुनाती, दोनों क्रिया हैं।

Q23 इनमें से कौन-सा शब्द क्रिया नहीं है? advanced
  • A सिखलाती
  • B बतलाती
  • C गगन
  • D उड़ते
Show answer
Answer: गगन
Why:

गगन आकाश का नाम है, कोई काम नहीं बताता।

Q24 रिक्त स्थान भरिए — तुम देखो हमको, फिर अपनी ______ की कड़ियाँ तोड़ो। beginner
  • A सोने
  • B चाँदी
  • C लोहे
  • D रस्सी
Show answer
Answer: सोने
Why:

कीमती होकर भी वह कड़ी ही रहती है।

Q25 व्यापारी ने किसान से दस मन अनाज ख़रीदा। इस वाक्य में मन का अर्थ क्या है? advanced
  • A चित्त या बुद्धि
  • B कोई इच्छा
  • C कोई जगह
  • D तोलने का माप
Show answer
Answer: तोलने का माप
Why:

एक ही शब्द दूसरे संदर्भ में अलग अर्थ दे देता है।

Important short questions (7)

पक्षी अपने संचय के बारे में क्या सिखाते हैं?

कि अपने श्रम से जितना मिले, उतना ही लेना चाहिए। जो बच जाए, उसे दूसरों के हित के लिए छोड़ देना चाहिए।

मनुष्य का स्वभाव इससे किस तरह भिन्न है?

वह ज़रूरत भर लेकर रुकता नहीं, बल्कि आगे के लिए जमा करता चला जाता है। उसी जमा करने से कमी बनती है और कमी से झगड़ा।

निर्भय विचरण कर पाने का कारण क्या है?

कि उनके मन में छीनने का इरादा ही नहीं है। जिसका किसी से बैर नहीं होता, उसे किसी से डर भी नहीं रहता।

पक्षी को स्वच्छंद और मनुष्य को बेड़ियों में क्यों बताया गया है?

क्योंकि पक्षी अपनी इच्छा से जहाँ चाहें जा सकते हैं। मनुष्य ने अपने ही लोभ और सुविधा की बेड़ी अपने पैर में डाल ली है।

सोने की कड़ियाँ वाला प्रतीक समझाइए।

कड़ी सोने की होने से सुंदर और कीमती लगती है, पर वह बाँधती ही है। कवि सोने को बुरा नहीं कहते, उसे कड़ी बन जाने देना बुरा कहते हैं।

कविता की तीन माँगें क्रम से लिखिए।

पहली, हमसे जग में जीना सीखो। दूसरी, अपनी सोने की कड़ियाँ तोड़ो। तीसरी, मानवता से द्रोह-भावना छोड़ो।

मन शब्द के तीन अर्थ उदाहरण देकर लिखिए।

कविता में मन का अर्थ चित्त है। मन करना में उसका अर्थ इच्छा होता है। दस मन अनाज में वह तोलने का माप बन जाता है।

Long answer questions (3)

कविता के दूसरे भाग में पक्षी मनुष्य से क्या-क्या कहते हैं?

पहले वे मनुष्य को पुकारकर कहते हैं कि तुम हमसे जग में जीना सीखो। इसके बाद वे एक प्रश्न पूछते हैं, कि हम स्वच्छंद हैं, फिर तुमने अपने पैर में बेड़ी क्यों डाली है। आगे वे कहते हैं कि हमें देखो और फिर अपनी सोने की कड़ियाँ तोड़ दो। अंत में वे सबसे भारी बात कहते हैं, कि मानवता से द्रोह-भावना छोड़ो। इन तीनों माँगों में एक क्रम है। पहले देखना है, फिर अपने बंधन तोड़ने हैं और अंत में अपना स्वभाव बदलना है।

इस भाग में श्रम और संतोष का संबंध किस तरह दिखाया गया है?

कवि पहले श्रम की बात रखते हैं, कि पक्षी अपनी मेहनत से मिला हिस्सा ही लेते हैं। इसके तुरंत बाद संतोष की बात आती है, कि जो बच जाता है वह दूसरों के हित के लिए छोड़ देते हैं। ये दोनों बातें आपस में जुड़ी हैं। जो अपनी मेहनत पर भरोसा करता है, उसे जमा करने की चिंता नहीं रहती। तीसरी बात इसी से निकलती है, कि वे दूसरों की कमाई से अपना घर नहीं भरते। इन तीनों के कारण ही वे निर्भय रह पाते हैं, क्योंकि जिसने किसी का हिस्सा नहीं लिया, उसे किसी से डर भी नहीं रहता। इस तरह श्रम, संतोष और निर्भयता की एक पूरी कड़ी बन जाती है।

मनुष्य के पास किन कामों की स्वतंत्रता है और किनकी नहीं? कविता के आधार पर लिखिए।

मनुष्य के पास बहुत कुछ चुनने की स्वतंत्रता है। वह तय कर सकता है कि क्या पढ़े, कौन-सा काम करे और किसके साथ मिलकर रहे। वह अपनी मेहनत से कमाने और दूसरों की सहायता करने के लिए भी स्वतंत्र है। कुछ कामों की स्वतंत्रता उसके पास नहीं है। वह किसी और का हिस्सा छीनने के लिए स्वतंत्र नहीं है, क्योंकि उससे किसी का नुक़सान होता है। वह दूसरों को दुख देने या प्रकृति को बिगाड़ने के लिए भी स्वतंत्र नहीं है। कविता इसी अंतर की ओर इशारा करती है। पक्षी स्वच्छंद हैं, पर वे किसी की कमाई से अपना घर नहीं भरते, यानी स्वतंत्रता और मनमानी एक चीज़ नहीं हैं।

Flashcards (17)

पक्षी अपने लिए कितना लेते हैं?
जितना अपने श्रम से मिलता है, उतना भर।
बचा हुआ हिस्सा वे क्या करते हैं?
दूसरों के हित के लिए छोड़ देते हैं।
श्रम शब्द का अर्थ क्या है?
अपनी मेहनत।
सीमा-हीन शब्द का अर्थ क्या है?
जिसकी कोई हद न हो।
विचरण शब्द का अर्थ क्या है?
घूमना-फिरना या इधर-उधर आना-जाना।
निर्भय विचरण क्यों संभव होता है?
क्योंकि जिसके पास छीनने का इरादा नहीं होता, उसे किसी से डर भी नहीं रहता।
पक्षी अपना घर किसकी कमाई से नहीं भरते?
दूसरों की कमाई से।
कविता में ढंग कहाँ बदल जाता है?
जहाँ कवि के बताने के बाद पक्षी स्वयं बोलने लगते हैं।
स्वच्छंद शब्द का अर्थ क्या है?
अपनी इच्छा से चलने वाला, यानी स्वतंत्र।
बेड़ी क्या होती है और उसे किसने डाला है?
पैर में पड़ी ज़ंजीर। उसे मनुष्य ने स्वयं अपने पैर में डाला है।
सोने की कड़ियाँ किसका प्रतीक हैं?
मनुष्य के लोभ और सुविधा का, जो सुंदर लगकर भी बाँध देती है।
द्रोह शब्द का अर्थ क्या है?
बैर या विरोध।
पक्षियों की तीन माँगें कौन-सी हैं?
हमसे जीना सीखो, सोने की कड़ियाँ तोड़ो, और मानवता से द्रोह छोड़ो।
कविता का अंत कैसे होता है?
चिड़िया घड़ी भर बैठकर, चकित करके, गाकर उड़ जाती है।
क्रिया किसे कहते हैं?
उन शब्दों को, जिनसे कोई काम करने या होने का बोध होता है।
कविता में से तीन क्रिया शब्द लिखिए।
सिखलाती, बतलाती और उड़ते। गाती तथा सुनाती भी क्रिया हैं।
मन शब्द के दो अर्थ लिखिए।
एक अर्थ चित्त है और दूसरा अनाज तोलने का माप। मन करना में उसका अर्थ इच्छा होता है।

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  • क्रिया या नहीं
  • सही या भ्रम
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Class 7 Hindi Chapter 9 — frequently asked questions

चिड़िया मनुष्य को कौन-सी दो बातें देती है?

वह प्रेम-प्रीति की रीति सिखाती है, यानी प्रेम से रहने का ढंग। साथ ही वह जग के बंदी मनुष्य को मुक्ति-मंत्र, यानी बंधन से छूटने का उपाय बताती है।

कवि मनुष्य को बंदी क्यों कहते हैं?

क्योंकि वह किसी जेल में नहीं, अपने ही लोभ, अपनी दीवारों और अपने बनाए नियमों में क़ैद है। उसे किसी और ने नहीं बाँधा।

पक्षियों के जीवन की चार विशेषताएँ लिखिए।

वे मिल-जुलकर रहते और खाते हैं। आसमान उनका घर है, इसलिए वे जहाँ चाहें जाते हैं। वे जहाँ रहते हैं, वहीं अपनी दुनिया बसा लेते हैं। उनके मन में लोभ, पाप और परवाह नहीं होती।

पक्षी अपने संचय के बारे में क्या सिखाते हैं?

कि अपने श्रम से जितना मिले, उतना ही लेना चाहिए। जो बच जाए, उसे दूसरों के हित के लिए छोड़ देना चाहिए।

मनुष्य का स्वभाव इससे किस तरह भिन्न है?

वह ज़रूरत भर लेकर रुकता नहीं, बल्कि आगे के लिए जमा करता चला जाता है। उसी जमा करने से कमी बनती है और कमी से झगड़ा।

निर्भय विचरण कर पाने का कारण क्या है?

कि उनके मन में छीनने का इरादा ही नहीं है। जिसका किसी से बैर नहीं होता, उसे किसी से डर भी नहीं रहता।

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