Class 7 Hindi Chapter 1: माँ, कह एक कहानी
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माँ और राहुल का संवाद
यह कविता माँ और बेटे की बातचीत है। राहुल कहानी सुनने की ज़िद करता है। माँ उसे उसके पिता की एक घटना सुनाती हैं। उपवन, घायल हंस और आखेटक इसी कहानी के हिस्से हैं। हर बंद के अंत में राहुल की टेक लौट आती है।
What you will be able to do
- मैं बता सकता/सकती हूँ कि यह कविता किन दो पात्रों की बातचीत है।
- मैं कहानी की घटनाओं को सही क्रम में रख सकता/सकती हूँ।
- मैं संवाद शैली की पहचान कविता की पंक्तियों से कर सकता/सकती हूँ।
- मैं बता सकता/सकती हूँ कि टेक क्या है और वह कहाँ-कहाँ लौटती है।
- मैं कठिन शब्दों के अर्थ प्रसंग से समझकर अपने शब्दों में लिख सकता/सकती हूँ।
Key points
कविता पूरी की पूरी बातचीत के रूप में चलती है। बोलने वाले दो हैं, माँ और बेटा राहुल।
राहुल कहानी सुनना चाहता है। माँ पहले हँसी में टालती हैं, फिर सुनाने लगती हैं।
कहानी राहुल के पिता की है। वे सबेरे उपवन में घूम रहे थे।
एक हंस बाण लगने से घायल होकर गिरता है। पिता उसे उठाकर नया जीवन देते हैं।
आखेटक आकर पक्षी माँगता है। वह उसे अपना शिकार मानता है।
दोनों अपनी-अपनी बात पर अड़ जाते हैं। झगड़ा न्यायालय तक पहुँच जाता है।
माँ बीच में रुककर राहुल से ही निर्णय माँगती हैं। वे उसकी बानी सुनना चाहती हैं।
हर बंद के अंत में राहुल की पंक्ति लौटती है। इसी से कहानी आगे सरकती है।
Full explanation
कविता जो पूरी बातचीत है
यह कविता पढ़ते ही एक बात सबसे पहले दिखती है। इसमें कोई कवि बाहर से कुछ नहीं बता रहा। यहाँ दो लोग आपस में बोल रहे हैं। एक माँ है और दूसरा बेटा राहुल। उद्धरण चिह्न बताते हैं कि अभी कौन बोल रहा है। एक पंक्ति माँ की है, अगली राहुल की। इसी अदला-बदली से कविता आगे बढ़ती है।
राहुल की ज़िद
कविता की पहली ही पंक्ति राहुल की है। वह कहता है, माँ, कह एक कहानी। यह माँग है, प्रश्न नहीं। माँ हँसी में टालती हैं। वे पूछती हैं कि क्या बेटे ने उन्हें अपनी नानी समझ लिया है। कहानी सुनाना तो नानी का काम माना जाता है। इस छोटे-से उत्तर में माँ का स्नेह भी है और चुहल भी।
बेटे का तर्क
राहुल हार नहीं मानता। वह कहता है कि चेटी, यानी दासी, उसे बताती है कि माँ नानी की ही बेटी हैं। इसलिए कहानी सुनाने का हक़ माँ पर भी बनता है। वह यह भी कहता है कि लेटे-लेटे ही सुना दीजिए। बच्चा बातचीत में तर्क गढ़ रहा है। यही तर्क माँ को सुनाने पर राज़ी करता है।
माँ का मान जाना
माँ उसे हठी कहती हैं, पर मानधन भी कहती हैं। हठी यानी ज़िद करने वाला। मानधन यानी जिसका धन उसका मान हो। एक ही साँस में उलाहना भी है और प्यार भी। इसके बाद माँ कहानी शुरू करती हैं। कहानी राहुल के अपने पिता की है।
उपवन का सबेरा
कहानी का पहला दृश्य एक उपवन है। बड़े सबेरे का समय है। राहुल के तात, यानी पिता, वहाँ टहल रहे हैं। चारों ओर सुरभि मनमानी कर रही है। सुरभि का अर्थ है सुगंध। मनमानी करने का अर्थ है जहाँ चाहे फैल जाना। एक ही शब्द से पूरे बाग़ की महक खड़ी हो जाती है।
रंग, बूँदें और पानी
माँ दृश्य को और भर देती हैं। वर्ण वर्ण के फूल खिले हैं, यानी तरह-तरह के रंगों के। ओस की बूँदें झलमल कर रही हैं। हलके झोंके आपस में हिल-मिल रहे हैं। पास ही पानी लहरा रहा है। यह सब शांति का चित्र है। कहानी जान-बूझकर पहले शांति दिखाती है।
अचानक हंस गिरता है
पक्षी मीठे स्वर में गा रहे थे। तभी अचानक एक हंस ऊपर से गिरता है। वह खर-शर से बिद्ध हो चुका है। खर-शर का अर्थ है तेज़ बाण और बिद्ध का अर्थ है बिंधा हुआ। उसके पंख को चोट लगी है। सहसा शब्द बताता है कि यह बिना किसी चेतावनी के हुआ।
पिता ने उठा लिया
पिता चौंक पड़ते हैं। वे गिरे हुए पक्षी को उठा लेते हैं। माँ कहती हैं कि उसने नया जन्म-सा पाया। यह बहुत बड़ी बात कम शब्दों में कही गई है। पक्षी मरने से बच गया। उठाने वाले ने उसे जीवन लौटा दिया।
आखेटक का आना
इतने में आखेटक आ पहुँचता है। आखेटक यानी शिकारी। बाण उसी का था। वह अपने को लक्ष्य-सिद्धि का मानी कहता है। इसका अर्थ है, वह मानता है कि निशाना उसने साधा। उसकी दृष्टि में पक्षी उसका शिकार है, इसलिए पक्षी उसका हुआ।
दो माँगें आमने-सामने
आखेटक आहत पक्षी माँगता है। आहत का अर्थ है घायल। पर पिता रक्षी थे, यानी रक्षा करने वाले। वे देने से मना कर देते हैं। आखेटक खगभक्षी था, यानी पक्षियों को खाने वाला। वह भी अड़ जाता है। अब दो लोग हैं और दोनों की बात अपनी जगह ठोस लगती है।
विवाद और न्यायालय
माँ इसे सदय और निर्दय का विवाद कहती हैं। सदय यानी दया वाला, निर्दय यानी दया रहित। उभय आग्रही थे, यानी दोनों अपनी बात पर अड़े थे। बात आपस में तय नहीं हो सकी। तब मामला न्यायालय तक गया। वहाँ सबने सुना और यह कहानी सब जान गए।
माँ बीच में रुक जाती हैं
यहाँ माँ कहानी रोक देती हैं। वे राहुल को नाम लेकर पुकारती हैं। वे कहती हैं कि अब तू ही निर्णय कर। न्याय किसका पक्ष लेगा। वे यह भी जोड़ती हैं कि निर्भय होकर कह। माँ उत्तर नहीं देतीं, उत्तर माँगती हैं। कहानी यहाँ सुनने वाले के हाथ में आ जाती है।
राहुल का उत्तर
राहुल पहले हिचकता है। वह कहता है कि उसकी क्या बानी, वह तो सुन रहा है। पर फिर वह बोल पड़ता है। वह पूछता है कि कोई निरपराध को मारे, तो दूसरा उसे क्यों न बचाए। वह रक्षक को भक्षक पर भारी मानता है। उसका निर्णय साफ़ है और बिना डर के कहा गया है।
टेक की लय
हर बंद के अंत में राहुल की पंक्ति लौटती है। वह माँ की कही बात दोहराता है और आगे माँगता है। जैसे, लहराता था पानी, हाँ, हाँ, यही कहानी। इसी लौटने को टेक कहते हैं। टेक से कविता गाने जैसी लगती है। वह यह भी दिखाती है कि बच्चा लगातार जुड़ा हुआ है।
दो कहानियाँ एक साथ
अंत में पीछे मुड़कर देखिए। बाहर एक कहानी है, माँ और बेटे की। भीतर दूसरी कहानी है, पिता और हंस की। भीतर वाली कहानी माँ सुनाती हैं। बाहर वाली कहानी हमारे सामने चलती रहती है। दोनों एक-दूसरे को थामे रहती हैं, और इसी से कविता पूरी बनती है।
Concepts and terms
जब रचना में दो पात्र आमने-सामने बोलते हैं, तो उसे संवाद शैली कहते हैं। यहाँ उद्धरण चिह्नों से पता चलता है कि कौन बोल रहा है। माँ की बात अलग है और राहुल की अलग। पढ़ते समय आवाज़ बदलकर पढ़ने से यह शैली तुरंत पकड़ में आती है।
कविता में जो पंक्ति बार-बार लौटती है, उसे टेक कहते हैं। यहाँ राहुल की टेक लौटती है। वह माँ की कही बात दोहराता है और फिर कहानी माँगता है। टेक से कविता में गीत जैसी लय बनती है और सुनने वाला कहानी से जुड़ा रहता है।
ऊपर से यह माँ और बेटे की बातचीत है। उसी बातचीत के भीतर एक दूसरी कहानी चलती है, जो पिता और हंस की है। इस तरह एक रचना में दो कहानियाँ एक साथ चलती हैं। बाहर वाली कहानी भीतर वाली को थामे रहती है।
आखेटक का अर्थ है शिकारी, यानी जो पशु-पक्षियों का शिकार करता है। कविता में वही हंस पर बाण चलाता है। बाद में वह पक्षी को अपना मानकर माँगने आता है। उसका तर्क यह है कि जिसने मारा, पक्षी उसी का हुआ।
बानी का अर्थ है वाणी, यानी बोली हुई बात। माँ राहुल से कहती हैं कि वह निर्भय होकर अपना निर्णय कहे। वे उसकी बानी सुनना चाहती हैं। यह शब्द बताता है कि बच्चे की राय भी सुनने योग्य मानी गई है।
यहाँ ध्यान रखिए
आम भ्रम
एक छोटा प्रसंग
Scenario:
विद्यालय के बगीचे में खेलते समय मीरा और अनु को एक घायल कबूतर दिखाई देता है। उसके पंख पर चोट है और वह उड़ नहीं पा रहा। मीरा कहती है कि कबूतर उसका है, क्योंकि उसने उसे सबसे पहले देखा था। अनु कहती है कि कबूतर उसका है, क्योंकि उसने उसे गोद में उठाया और पानी पिलाया। दोनों में बहस बढ़ जाती है और कोई मानने को तैयार नहीं होता। अंत में वे अपनी शिक्षिका के पास पहुँचती हैं। शिक्षिका दोनों की बात ध्यान से सुनती हैं। फिर वे उत्तर देने के बजाय पूरी कक्षा से पूछती हैं कि इस पक्षी पर किसका हक़ बनता है।
Analysis:
यह प्रसंग कविता की घटना से दो जगह मिलता है। पहली बात यह कि एक घायल पक्षी पर दो लोग अपना दावा कर रहे हैं। दूसरी बात यह कि फ़ैसला करने वाला अपना उत्तर थोपने के बजाय दूसरों से पूछता है, ठीक वैसे ही जैसे माँ राहुल से पूछती हैं। अंतर केवल इतना है कि कविता में एक पक्ष मारने वाला है और दूसरा बचाने वाला, जबकि यहाँ दोनों ही बचाना चाहती हैं। इसी अंतर से पता चलता है कि राहुल का तर्क किस बात पर टिका था।
Activity:
कक्षा को दो दलों में बाँटिए। एक दल मीरा का पक्ष रखे और दूसरा अनु का। तीन-तीन मिनट बोलने के बाद मतदान कीजिए और कारण लिखिए।
दो आवाज़ों में पढ़िए
Title:
दो आवाज़ों में पढ़िए
Safety:
यह गतिविधि केवल पढ़ने और बोलने की है, इसलिए किसी सावधानी की आवश्यकता नहीं। केवल इतना ध्यान रखिए कि सब बारी-बारी बोलें और एक साथ न चिल्लाएँ।
What You Notice:
आवाज़ बदलते ही पता चलने लगता है कि यह कविता दो लोगों की बातचीत है। टेक साथ में दोहराने पर उसकी लय साफ़ सुनाई देती है, और कहानी आगे सरकती हुई महसूस होती है।
Did you know
यह कविता मैथिलीशरण गुप्त की लंबी काव्य-कृति यशोधरा से ली गई है। वहाँ माँ यशोधरा हैं और बेटा राहुल।
कविता में पिता का नाम एक बार भी नहीं आता। उन्हें केवल तात कहकर पुकारा गया है।
हंस को बचाने और माँगने की यह घटना बहुत पुरानी कथा-परंपरा में भी मिलती है।
Memory tricks
कहानी का क्रम याद रखने का सूत्र — उपवन → हंस → उठाया → आखेटक → विवाद → न्यायालय। छह पड़ाव, इसी क्रम में।
दो आवाज़ें — जहाँ प्रश्न है, वहाँ राहुल। जहाँ चित्र है, वहाँ माँ।
Practice MCQs with answers (25)
- A पिता और पुत्र की
- B माँ और पुत्र की
- C नानी और नातिन की
- D आखेटक और राजा की
Show answer
Why:
पूरी कविता माँ और उनके बेटे राहुल के बीच चलती है। दोनों बारी-बारी बोलते हैं।
- A माँ की
- B चेटी की
- C राहुल की
- D आखेटक की
Show answer
Why:
कविता राहुल की माँग से शुरू होती है, माँ, कह एक कहानी।
- A उन्हें उस समय कोई पुरानी कहानी याद नहीं आ रही थी
- B वे हँसी में पूछती हैं कि क्या वे नानी हैं
- C उन्हें बाहर जाना था
- D वे राहुल से किसी बात पर बहुत नाराज़ चल रही थीं
Show answer
Why:
माँ टालने के लिए पूछती हैं कि क्या बेटे ने उन्हें अपनी नानी समझ लिया है। यह चुहल है, नाराज़गी नहीं।
- A कि वह पढ़ाई पूरी कर चुका है
- B कि पिता भी कहानी सुनाते थे
- C कि रात बहुत हो चुकी है
- D कि माँ नानी की ही बेटी हैं
Show answer
Why:
चेटी के कहे अनुसार माँ नानी की बेटी हैं, इसलिए कहानी सुनाने का हक़ उन पर भी बनता है।
- A दासी
- B बहन
- C सखी
- D पड़ोसिन
Show answer
Why:
चेटी का अर्थ दासी है, यानी सेवा करने वाली स्त्री।
- A वे उसे धनी बनाना चाहती हैं
- B वे उसकी ज़िद से तंग आ चुकी हैं
- C उलाहने के साथ स्नेह भी है
- D वे उसे चुप कराना चाहती हैं
Show answer
Why:
माँ उसे हठी भी कहती हैं और मानधन भी। एक में उलाहना है, दूसरे में प्यार।
- A नदी के तट का
- B उपवन का
- C राजमहल का
- D न्यायालय का
Show answer
Why:
माँ कहानी उपवन से शुरू करती हैं, जहाँ पिता बड़े सबेरे टहल रहे थे।
- A नदियाँ
- B चिड़ियाँ
- C सुरभि
- D किरणें
Show answer
Why:
पंक्ति है, जहाँ, सुरभि मनमानी। सुरभि यानी सुगंध, जो जहाँ चाहे फैल रही है।
- A बर्फ़ के टुकड़ों से
- B ओस की बूँदों से
- C तारों की चमक से
- D पानी की लहरों से
Show answer
Why:
सबेरे फूलों पर जो बूँदें झलमल करती हैं, वही हिम-बिंदु हैं, यानी ओस।
- A अक्षर
- B सुगंध
- C आकार
- D रंग
Show answer
Why:
यहाँ वर्ण का अर्थ रंग है। तरह-तरह के रंगों के फूल खिले हुए थे।
- A बाद में लगने वाली चोट अचानक और गहरी लगे, इसलिए
- B कविता की लंबाई कुछ और बढ़ जाए, इसलिए ऐसा किया गया
- C पढ़ने वाले को उपवन का नाम याद रह जाए, इसलिए रखा गया
- D सुनते-सुनते राहुल को नींद आ जाए, इसलिए ऐसा रखा गया
Show answer
Why:
शांत दृश्य एक तुलना बना देता है। उसी शांति के बीच बाण लगता है, इसलिए चोट और अचानक लगती है।
- A फूल
- B बाण
- C पक्षी
- D झरना
Show answer
Why:
खग का अर्थ पक्षी है। कविता में खग कल कल स्वर से गा रहे थे।
- A आँधी के कारण
- B बहुत अधिक थक जाने के कारण
- C पास बहते पानी में फिसल जाने के कारण
- D तेज़ बाण से बिंध जाने से
Show answer
Why:
हंस खर-शर यानी तेज़ बाण से बिद्ध होकर गिरा। उसके पंख को चोट लगी थी।
- A दोनों सही हैं; कारण अभिकथन को समझाता है
- B दोनों सही हैं; कारण अभिकथन को नहीं समझाता
- C अभिकथन सही है; परंतु उसका कारण ग़लत है
- D अभिकथन ग़लत है; परंतु उसका कारण सही है
Show answer
Why:
दोनों सही हैं और कारण अभिकथन को समझाता है। शांत दृश्य के बाद अचानक लगी चोट ही सहसा शब्द को उसका अर्थ देती है।
- A आखेटक के बारे में
- B घायल हंस के बारे में
- C राहुल के बारे में
- D उपवन के बारे में
Show answer
Why:
पिता ने गिरे हुए हंस को उठाया। बचने के कारण उसे नया जीवन मिला।
- A केवल I और II
- B केवल II और III
- C केवल I और III
- D I, II और III
Show answer
Why:
I और II सही हैं। तीसरा कथन ग़लत है, क्योंकि उसका दावा राजा के आदेश पर नहीं, अपने साधे हुए निशाने पर टिका है।
- A वह उपवन का रखवाला था
- B पक्षी उसके घर का था
- C निशाना उसी ने साधा था
- D राजा का आदेश था
Show answer
Why:
वह अपने को लक्ष्य-सिद्धि का मानी कहता है। उसके तर्क से जिसने मारा, पक्षी उसी का।
- A आहत
- B सुंदर
- C श्वेत
- D विशाल
Show answer
Why:
पंक्ति है, माँगा उसने आहत पक्षी। आहत का अर्थ घायल है।
- A रास्ता दिखाने वाला
- B भोजन बनाने वाला
- C कहानी सुनाने वाला
- D रक्षा करने वाला
Show answer
Why:
रक्षी यानी रक्षा करने वाला। पिता पक्षी की रक्षा कर रहे थे, इसलिए उन्हें रक्षी कहा गया।
- A आखेटक के लिए
- B पिता के लिए
- C राहुल के लिए
- D हंस के लिए
Show answer
Why:
खगभक्षी यानी पक्षियों को खाने वाला। यह शब्द आखेटक के लिए आया है।
- A दोनों चुप हो गए
- B दोनों अपनी बात पर अड़े थे
- C दोनों ने हार मान ली
- D दोनों ने पक्षी छोड़ दिया
Show answer
Why:
उभय यानी दोनों और आग्रही यानी अड़े हुए। इसी कारण बात आपस में तय नहीं हो सकी।
- A राजा के शिविर में
- B उपवन के बीच
- C न्यायालय में
- D नगर के बाज़ार में
Show answer
Why:
जब दोनों में बात तय न हुई, तो मामला न्यायालय तक गया और सबने उसे सुना।
- A रंग-बिरंगे फूल और ओस की बूँदें
- B न्यायालय में जुटी हुई लोगों की भीड़
- C राहुल और उसकी माँ, दोनों पास बैठे हुए
- D कोने में जलता हुआ एक दीपक
Show answer
Why:
माँ का बनाया चित्र यही है। फूल, ओस, हलके झोंके और लहराता पानी।
- A उन्हें कहानी का अंत याद नहीं था
- B वे उसे सुलाना चाहती थीं
- C वे कहानी छोटी करना चाहती थीं
- D वे चाहती हैं कि वह स्वयं सोचे
Show answer
Why:
माँ उत्तर देने के बजाय उत्तर माँगती हैं। वे राहुल से निर्भय होकर अपनी बानी कहने को कहती हैं।
- A टेक
- B उपमा
- C छंद
- D भूमिका
Show answer
Why:
बार-बार लौटने वाली पंक्ति को टेक कहते हैं। इसी से कविता में गीत जैसी लय बनती है।
Important short questions (7)
माँ और उनके बेटे राहुल के बीच। राहुल कहानी माँगता है और माँ उसे सुनाती हैं।
वे हँसी में पूछती हैं कि क्या बेटे ने उन्हें अपनी नानी समझ लिया है। कहानी सुनाना नानी का काम माना जाता है।
उसने कहा कि चेटी के अनुसार माँ नानी की ही बेटी हैं। इसलिए कहानी सुनाने का हक़ उन पर भी बनता है।
रंग-रंग के खिले फूल, झलमल करती ओस की बूँदें, हलके हिलते-मिलते झोंके और पास लहराता हुआ पानी।
सहसा शब्द से। उससे पहले खग कल कल स्वर से गा रहे थे, इसलिए चोट और भी अचानक लगती है।
आखेटक कहता है कि निशाना उसने साधा, इसलिए पक्षी उसका है। पिता रक्षी थे, इसलिए वे बचाए हुए पक्षी को सौंपने से मना करते हैं।
बार-बार लौटने वाली पंक्ति को टेक कहते हैं। यहाँ हर बंद के अंत में राहुल माँ की बात दोहराकर आगे कहानी माँगता है।
Long answer questions (3)
कहानी एक उपवन से शुरू होती है। बड़े सबेरे का समय है और राहुल के पिता वहाँ टहल रहे हैं। चारों ओर सुगंध फैली है, रंग-रंग के फूल खिले हैं और ओस की बूँदें झलमल कर रही हैं। पक्षी मीठे स्वर में गा रहे हैं। तभी अचानक एक हंस ऊपर से गिरता है, क्योंकि वह तेज़ बाण से बिंध चुका है। पिता चौंककर उसे उठा लेते हैं और पक्षी को मानो नया जीवन मिल जाता है। इतने में आखेटक आ पहुँचता है और घायल पक्षी माँगता है। पिता देने से मना कर देते हैं। दोनों अपनी-अपनी बात पर अड़ जाते हैं और अंत में मामला न्यायालय तक पहुँच जाता है।
संवाद शैली का अर्थ है कि रचना में दो पात्र आमने-सामने बोलते हैं। इस कविता में कवि बाहर से कुछ नहीं बताता। यहाँ केवल माँ और राहुल की आवाज़ें सुनाई देती हैं। उद्धरण चिह्नों से पता चलता है कि कौन बोल रहा है। राहुल कहता है, माँ, कह एक कहानी। माँ उत्तर देती हैं, बेटा, क्या तू मुझे अपनी नानी समझ बैठा है। इसी तरह आगे भी एक पंक्ति माँ की आती है और अगली राहुल की। माँ चित्र बनाती हैं और राहुल प्रश्न करता है। इससे पढ़ते समय ऐसा लगता है, मानो हम दोनों की बातचीत पास बैठकर सुन रहे हों।
माँ चाहतीं तो कहानी का अंत स्वयं बता देतीं। पर वे ऐसा नहीं करतीं। वे राहुल को नाम लेकर पुकारती हैं और कहती हैं कि अब तू ही निर्णय कर। वे यह भी जोड़ती हैं कि निर्भय होकर कह। इससे दो बातें दिखती हैं। पहली यह कि माँ बेटे की राय को सुनने योग्य मानती हैं, तभी वे उसकी बानी सुनना चाहती हैं। दूसरी यह कि वे उसे अपने आप सोचना सिखाना चाहती हैं। सुनी हुई बात जल्दी भूल जाती है, पर अपने सोचे हुए निर्णय पर पकड़ बनी रहती है। इसी कारण कहानी अंत में सुनने वाले के हाथ में आ जाती है।
Flashcards (17)
Play this topic
- कहानी क्रम में लगाइए
- शब्द और अर्थ
- किसकी पंक्ति
- सही या भ्रम
- झटपट उत्तर
करुणा, न्याय और कवि का परिचय
कहानी के तीनों पात्र असल में यशोधरा, सिद्धार्थ और राहुल हैं। आखेटक और रक्षक के तर्क आमने-सामने हैं। राहुल दया के पक्ष में निर्णय देता है। कवि मैथिलीशरण गुप्त की भाषा और तुक इसी भाव को सँभालती है।
What you will be able to do
- मैं बता सकता/सकती हूँ कि कविता के तीनों पात्र असल में कौन हैं।
- मैं आखेटक और रक्षक के तर्कों को अलग-अलग करके लिख सकता/सकती हूँ।
- मैं राहुल के निर्णय को उसकी अपनी पंक्तियों से समझा सकता/सकती हूँ।
- मैं मैथिलीशरण गुप्त के बारे में चार बातें बता सकता/सकती हूँ।
- मैं कविता की तुक और लय को उदाहरण देकर पहचान सकता/सकती हूँ।
Key points
कविता की माँ यशोधरा हैं। वे एक राजकुमारी थीं और सिद्धार्थ की पत्नी।
कहानी के तात सिद्धार्थ हैं, जो आगे चलकर गौतम बुद्ध कहलाए।
सुनने वाला बेटा राहुल है, जो सिद्धार्थ और यशोधरा का पुत्र था।
आखेटक का तर्क है कि निशाना उसने साधा, इसलिए पक्षी उसका हुआ।
रक्षक का तर्क है कि जीवन उसने लौटाया, इसलिए पक्षी उसका हुआ।
राहुल कहता है कि निरपराध को मारने वाले से बचाने वाला बड़ा है।
उसके अनुसार न्याय वही है जो दया का साथ दे। वह न्याय को दया का दानी कहता है।
कवि मैथिलीशरण गुप्त राष्ट्रकवि कहलाए। यह अंश उनकी कृति यशोधरा से लिया गया है।
हर बंद की पंक्तियाँ कहानी, रानी, बानी जैसी तुक पर समाप्त होती हैं।
Full explanation
कहानी के पीछे के असली नाम
पहली बार पढ़ने पर यह किसी भी माँ और बेटे की बातचीत लगती है। पर पाठ के साथ दिया गया मिलान बताता है कि तीनों पात्र जाने-पहचाने हैं। माँ यशोधरा हैं, तात सिद्धार्थ हैं और बेटा राहुल है। नाम जानते ही कहानी का वज़न बदल जाता है। अब यह केवल एक घटना नहीं रह जाती।
यशोधरा कौन हैं
यशोधरा एक राजकुमारी थीं और सिद्धार्थ की पत्नी। वही इस कविता की माँ हैं। कवि ने उन्हें कहीं नाम से नहीं पुकारा। वे केवल माँ हैं, जो बेटे की ज़िद पर कहानी सुनाने बैठ जाती हैं। यही बात कविता को किसी भी घर के पास ले आती है।
तात कौन हैं
कहानी में जिन्हें तात कहा गया है, वे सिद्धार्थ हैं। आगे चलकर वही गौतम बुद्ध कहलाए। कविता में वे अभी राजकुमार हैं और उपवन में टहल रहे हैं। उनका नाम एक बार भी नहीं आता। फिर भी घायल पक्षी को उठाने वाला काम उनकी आगे की पहचान से जुड़ जाता है।
राहुल कौन है
सुनने वाला बेटा राहुल है, जो सिद्धार्थ और यशोधरा का पुत्र था। कविता में वही प्रश्न करता है और अंत में निर्णय भी देता है। माँ उसे नाम लेकर पुकारती हैं, इसलिए उसका नाम हमें सीधे पता चल जाता है। बाकी दोनों के नाम हमें बाहर से जोड़ने पड़ते हैं।
दो पक्ष आमने-सामने
कहानी का असली मोड़ वहाँ है जहाँ दो दावे टकराते हैं। एक ओर आखेटक है और दूसरी ओर पक्षी को बचाने वाले। दोनों पक्षी को अपना कहते हैं। खास बात यह है कि दोनों के पास अपना-अपना तर्क है। इसीलिए यह झगड़ा आसानी से नहीं सुलझता।
आखेटक का तर्क
आखेटक कहता है कि बाण उसका था और निशाना उसने साधा। कविता उसे लक्ष्य-सिद्धि का मानी कहती है। उसकी दृष्टि में शिकार करने वाले का हक़ पहले बनता है। यह तर्क अपनी जगह सीधा है। उसमें केवल एक बात नहीं है, और वह है पक्षी का अपना जीवन।
रक्षक का तर्क
दूसरी ओर पिता हैं, जिन्हें कविता रक्षी कहती है। उनका तर्क यह है कि पक्षी को जीवन उन्होंने लौटाया। माँ कहती हैं कि उसने नया जन्म-सा पाया। जिसने जीवन दिया, पक्षी उसका हुआ। इस तर्क में पक्षी एक वस्तु नहीं, एक जीव है।
राहुल का पहला संकोच
माँ जब निर्णय माँगती हैं, तो राहुल तुरंत नहीं बोलता। वह कहता है कि उसकी क्या बानी, वह तो सुन रहा है। यह संकोच स्वाभाविक है। वह अभी बच्चा है और सामने बड़ों का झगड़ा है। पर माँ ने उसे निर्भय होकर कहने को कहा था, इसलिए वह रुकता नहीं।
राहुल का निर्णय
फिर वह बोल पड़ता है और उसका उत्तर बहुत साफ़ है। वह पूछता है कि कोई निरपराध को मारे, तो दूसरा उसे क्यों न उबारे। उबारना यानी बचा लेना। इसके बाद वह कहता है कि रक्षक पर भक्षक को वारे। यानी दोनों में बचाने वाले का पक्ष भारी पड़ना चाहिए।
न्याय और दया एक साथ
राहुल अंत में कहता है, न्याय दया का दानी। इसका अर्थ है कि सच्चा न्याय दया देने वाला होता है। वह दोनों को अलग-अलग नहीं मानता। उसके लिए जिस फ़ैसले में दया न हो, वह न्याय ही नहीं। माँ इसे सुनकर कहती हैं कि तूने गुनी कहानी।
कवि मैथिलीशरण गुप्त
इस कविता के रचयिता मैथिलीशरण गुप्त हैं। उनका जन्म चिरगाँव, झाँसी में हुआ था, जो उत्तर प्रदेश में है। वे पंद्रह-सोलह वर्ष की आयु में ही कविता करने लगे थे। उन्होंने पहले ब्रज भाषा में लिखा और बाद में जीवन भर हिंदी में लिखते रहे।
यशोधरा से लिया गया अंश
यह कविता उनकी काव्य-कृति यशोधरा से ली गई है। वहाँ पूरी रचना यशोधरा के मन और जीवन के आसपास चलती है। यही कारण है कि यहाँ माँ और बेटे का संवाद इतना सहज लगता है। साकेत और भारत-भारती भी उन्हीं की कृतियाँ हैं।
राष्ट्रकवि की पहचान
स्वतंत्रता आंदोलन के समय उनकी रचनाओं ने लोगों के मन में देशप्रेम जगाया। इसी कारण उन्हें राष्ट्रकवि कहकर सम्मान दिया गया। उनकी अधिकांश कृतियों में भारत की धार्मिक, सांस्कृतिक और ऐतिहासिक चेतना के स्वर मिलते हैं।
तुक और लय
अब कविता की बनावट देखिए। हर बंद की पंक्तियाँ मिलती-जुलती ध्वनि पर समाप्त होती हैं। कहानी, नानी, रानी और बानी आपस में तुक बनाते हैं। बीच की तीन पंक्तियाँ भी आपस में मिलती हैं, जैसे सबेरे, तेरे, मेरे। इसी से पढ़ने में गति आती है।
शब्द जो अर्थ खोलते हैं
कविता के कई शब्द आज कम बोले जाते हैं। उभय यानी दोनों, सदय यानी दया वाला, निरपराध यानी जिसका कोई दोष न हो। ऐसे शब्दों का अर्थ प्रसंग से खुलता है। एक बार अर्थ पकड़ में आ जाए, तो पूरी पंक्ति साफ़ हो जाती है।
Concepts and terms
दूसरे का दुख देखकर मन में जो पिघलाव आता है, वही करुणा है। कविता में पिता घायल पक्षी को उठाते हैं, यह करुणा है। राहुल भी उसी भाव से बोलता है। करुणा केवल अनुभव नहीं है, वह काम में बदलती है, तभी पक्षी बचता है।
किसका पक्ष सही है, यह तय करना न्याय है। कविता में दो दावे आमने-सामने हैं और कोई अपने आप नहीं हटता। इसीलिए बात न्यायालय तक जाती है। राहुल के अनुसार सही न्याय वही है जिसमें दया भी शामिल हो।
रक्षक वह है जो बचाता है और भक्षक वह जो खा जाता है। कविता में पिता रक्षक हैं और आखेटक भक्षक। राहुल कहता है कि रक्षक पर भक्षक को वारे, यानी दोनों में रक्षक का पक्ष भारी पड़ना चाहिए।
पंक्तियों के अंत में जब मिलती-जुलती ध्वनि आती है, तो उसे तुक कहते हैं। इस कविता में कहानी, नानी, रानी और बानी तुक बनाते हैं। तुक से पढ़ने में गति आती है और पंक्ति अपने आप याद रह जाती है।
जिस कवि की रचनाएँ पूरे देश में देशप्रेम की भावना जगाएँ, उसे राष्ट्रकवि कहकर सम्मान दिया जाता है। मैथिलीशरण गुप्त को यही पहचान मिली। स्वतंत्रता आंदोलन के समय उनकी रचनाओं ने लोगों के मन में देश के लिए भाव जगाया।
यहाँ ध्यान रखिए
आम भ्रम
एक छोटा प्रसंग
Scenario:
गाँव के तालाब किनारे एक बगुला जाल में फँस जाता है। जाल रमेश का है, जो मछली पकड़ने के लिए उसे हर सुबह डालता है। उसी समय वहाँ से गुज़रती सुनीता जाल काटकर बगुले को निकाल लेती है और उसके पंख पर पट्टी बाँध देती है। रमेश कहता है कि जाल उसका था, इसलिए उसमें फँसा पक्षी भी उसी का हुआ। सुनीता कहती है कि पक्षी उसने बचाया, इसलिए अब वह उसे उड़ा देगी। दोनों में बहस बढ़ जाती है और गाँव के कुछ लोग इकट्ठा हो जाते हैं। कोई कहता है कि जाल का नुकसान हुआ है, तो कोई कहता है कि जान बची है। पंचायत बैठती है और सबसे उनकी राय पूछी जाती है।
Analysis:
यह प्रसंग कविता के विवाद को लगभग ज्यों का त्यों दोहराता है। रमेश का तर्क आखेटक जैसा है, क्योंकि वह पक्षी को अपने साधन से मिली वस्तु मानता है। सुनीता का तर्क रक्षक जैसा है, क्योंकि वह पक्षी के जीवन को पहले रखती है। अंतर केवल इतना है कि यहाँ रमेश ने पक्षी को मारने के लिए जाल नहीं डाला था, वह मछली चाहता था। फिर भी राहुल का सूत्र यहाँ भी काम करता है, क्योंकि वह पूछता है कि निरपराध को बचाने वाला आगे है या नहीं।
Activity:
कक्षा को तीन दलों में बाँटिए। पहला दल रमेश का पक्ष रखे, दूसरा सुनीता का और तीसरा पंचायत बने। सुनने के बाद तीसरा दल कारण सहित फ़ैसला लिखे।
तुक खोजिए
Title:
तुक खोजिए
Safety:
यह गतिविधि केवल पढ़ने और लिखने की है, इसलिए किसी विशेष सावधानी की आवश्यकता नहीं है।
What You Notice:
आप देखेंगे कि कहानी, नानी, रानी और बानी एक ही ध्वनि पर समाप्त होते हैं। बीच की पंक्तियों में भी सबेरे, तेरे और मेरे जैसी जोड़ियाँ मिलती हैं। इसी कारण कविता गाने जैसी लगती है और पंक्तियाँ जल्दी याद हो जाती हैं।
Did you know
सिद्धार्थ आगे चलकर गौतम बुद्ध कहलाए। उनका पूरा उपदेश करुणा पर टिका है, और कविता की कहानी भी वहीं पहुँचती है।
मैथिलीशरण गुप्त का जन्म चिरगाँव, झाँसी में हुआ था। वे पंद्रह-सोलह वर्ष की आयु में ही कविता करने लगे थे।
उन्होंने पहले ब्रज भाषा में लिखा और बाद में जीवन भर हिंदी में लिखते रहे।
Memory tricks
तीन नाम याद रखने का सूत्र — माँ यशोधरा, तात सिद्धार्थ, बेटा राहुल। माता, पिता, पुत्र — इसी क्रम में।
दो तर्क — मारने वाला कहे मेरा, बचाने वाला कहे मेरा। राहुल चुने बचाने वाला।
Practice MCQs with answers (25)
- A सीता
- B यशोधरा
- C मैत्रेयी
- D गार्गी
Show answer
Why:
पाठ के साथ दिया गया मिलान बताता है कि माँ यशोधरा हैं, जो सिद्धार्थ की पत्नी थीं।
- A महावीर स्वामी
- B कबीर
- C गौतम बुद्ध
- D आर्यभट
Show answer
Why:
तात सिद्धार्थ हैं, जो आगे चलकर गौतम बुद्ध कहलाए।
- A राहुल का
- B सिद्धार्थ का
- C यशोधरा का
- D आखेटक का
Show answer
Why:
माँ उसे नाम लेकर पुकारती हैं। बाकी नाम हमें पाठ के मिलान से जोड़ने पड़ते हैं।
- A निडर
- B निर्धन
- C निरुत्तर
- D बेकसूर
Show answer
Why:
निरपराध यानी जिसका कोई दोष न हो। राहुल कहता है कि निरपराध को कोई मारे तो उसे बचाना चाहिए।
- A उबारे
- B पुकारे
- C बिसारे
- D निहारे
Show answer
Why:
पंक्ति है, तो क्यों अन्य उसे न उबारे। उबारना यानी संकट से बचा लेना।
- A पक्षी उसके घर में पला था
- B निशाना उसने साधा था
- C उपवन उसकी भूमि थी
- D राजा ने उसे अधिकार दिया था
Show answer
Why:
वह लक्ष्य-सिद्धि का मानी है। उसकी दृष्टि में शिकार करने वाले का हक़ पहले बनता है।
- A उन्होंने वह पक्षी पहले से मोल लिया था
- B वे उस पूरे उपवन के स्वामी रहे थे
- C उन्होंने पक्षी को जीवन लौटाया
- D वे राजकुमार थे
Show answer
Why:
माँ कहती हैं कि उसने नया जन्म-सा पाया। जिसने जीवन दिया, पक्षी उसका हुआ।
- A एक पक्षी को वस्तु मानता है और दूसरा उसे जीव मानता है
- B एक तर्क लंबा है और दूसरा उससे बहुत छोटा पड़ जाता है
- C एक तर्क सच बोलता है और दूसरा सरासर झूठ बोलता है
- D एक राजा के पक्ष का है और दूसरा प्रजा के पक्ष का है
Show answer
Why:
आखेटक के लिए पक्षी उसका शिकार, यानी एक वस्तु है। पिता के लिए वह एक जीव है जिसका जीवन बचाया जा सकता है।
- A उसे कहानी समझ नहीं आई
- B वह सोना चाहता था
- C वह माँ से नाराज़ था
- D सामने बड़ों का झगड़ा था
Show answer
Why:
वह कहता है कि उसकी क्या बानी, वह तो सुन रहा है। यह संकोच स्वाभाविक है।
- A दोनों सही हैं; कारण अभिकथन को समझाता है
- B दोनों सही हैं; कारण अभिकथन को नहीं समझाता
- C अभिकथन सही है; परंतु उसका कारण ग़लत है
- D अभिकथन ग़लत है; परंतु उसका कारण सही है
Show answer
Why:
दोनों कथन सही हैं, परंतु कारण अभिकथन को नहीं समझाता। पंक्ति का अर्थ उसके शब्दों से निकलता है, कृति के नाम से नहीं।
- A न्याय में दान देना चाहिए
- B न्याय दया से अलग है
- C सच्चा न्याय दया देने वाला होता है
- D दया करने वाला न्याय नहीं कर सकता
Show answer
Why:
राहुल न्याय और दया को अलग नहीं मानता। जिस फ़ैसले में दया न हो, वह उसके लिए न्याय ही नहीं।
- A राहुल के लिए
- B पिता के लिए
- C हंस के लिए
- D आखेटक के लिए
Show answer
Why:
भक्षक यानी खा जाने वाला। कविता में यह शब्द आखेटक की ओर संकेत करता है।
- A तूने गुनी कहानी
- B अब सो जा
- C फिर कभी
- D तू अभी छोटा है
Show answer
Why:
गुनना यानी समझना। माँ मानती हैं कि बेटे ने कहानी का भाव पकड़ लिया।
- A सोहनलाल द्विवेदी
- B मैथिलीशरण गुप्त
- C सुमित्रानंदन पंत
- D रामधारी सिंह दिनकर
Show answer
Why:
यह अंश मैथिलीशरण गुप्त की रचना है, जिन्हें राष्ट्रकवि कहा गया।
- A भारत-भारती से
- B साकेत से
- C यशोधरा से
- D पंचवटी नाम से
Show answer
Why:
यह अंश यशोधरा से लिया गया है, जो उनकी काव्य-कृति है।
- A चिरगाँव, झाँसी में
- B कानपुर के पास किसी छोटे गाँव में
- C वाराणसी में
- D इलाहाबाद नगर के पास
Show answer
Why:
उनका जन्म चिरगाँव, झाँसी में हुआ था, जो उत्तर प्रदेश में है।
- A अवधी में
- B संस्कृत में
- C मैथिली में
- D ब्रज भाषा में
Show answer
Why:
पहले उन्होंने ब्रज भाषा में लिखा और बाद में जीवन भर हिंदी में लिखते रहे।
- A वे अपने समय में सबसे अधिक लंबी कविताएँ लिखते थे
- B उनकी रचनाओं ने देशप्रेम की भावना जगाई
- C वे राजदरबार के कवि थे
- D उन्होंने केवल ब्रज भाषा में ही लिखा है
Show answer
Why:
स्वतंत्रता आंदोलन के समय उनकी रचनाओं ने लोगों के मन में देशप्रेम जगाया।
- A एक नाटक
- B एक उपन्यास
- C एक काव्य-कृति
- D एक पत्रिका
Show answer
Why:
साकेत, भारत-भारती और यशोधरा, तीनों मैथिलीशरण गुप्त की काव्य-कृतियाँ हैं।
- A बानी
- B पानी
- C हानी
- D जानी
Show answer
Why:
माँ राहुल से कहती हैं, सुन लूँ तेरी बानी। यह शब्द उसी तुक में आता है।
- A कविता की हर पंक्ति में आने वाले शब्दों की गिनती को
- B कविता के शीर्षक को
- C पंक्तियों के अंत की मिलती-जुलती ध्वनि को
- D कविता के सब पात्रों को, एक-एक करके सभी को
Show answer
Why:
तुक से पढ़ने में गति आती है और पंक्ति अपने आप याद रह जाती है।
- A केवल I और II
- B केवल II और III
- C केवल I और III
- D I, II और III
Show answer
Why:
II और III सही हैं। पहला कथन ग़लत है, क्योंकि कविता में बुद्ध का नाम एक बार भी नहीं आता।
- A बाण चलाने वाले आखेटक के पक्ष में
- B किसी भी पक्ष के हक़ में नहीं
- C दोनों पक्षों के बराबर रूप में
- D पक्षी को बचाने वाले के पक्ष में
Show answer
Why:
राहुल कहता है कि रक्षक पर भक्षक को वारे। इसलिए फ़ैसला बचाने वाले के पक्ष में जाएगा।
- A उसके असली मालिक को खोजकर निकालना
- B उसे उठाकर बचाने का प्रयास करना
- C वहाँ से चले जाना
- D किसी बड़े के आने की प्रतीक्षा करना
Show answer
Why:
राहुल के अनुसार निरपराध को बचाना पहला काम है। दावे की बात उसके बाद आती है।
- A तीनों
- B दोनों
- C कोई एक
- D सभी
Show answer
Why:
उभय आग्रही थे स्वविषय में, यानी दोनों अपनी-अपनी बात पर अड़े हुए थे।
Important short questions (7)
माँ यशोधरा हैं, तात सिद्धार्थ हैं जो आगे गौतम बुद्ध कहलाए, और बेटा राहुल है।
वह कहता है कि बाण उसका था और निशाना उसने साधा। इसलिए वह पक्षी को अपना शिकार मानता है।
उन्होंने घायल पक्षी को उठाकर उसे जीवन लौटाया। जिसने जीवन दिया, उनके अनुसार पक्षी उसी का है।
वह कहता है कि निरपराध को कोई मारे तो दूसरे को उसे बचाना चाहिए। इसलिए बचाने वाले का पक्ष भारी पड़ना चाहिए।
इसका भाव यह है कि सच्चा न्याय दया देने वाला होता है। जिस फ़ैसले में दया न हो, वह न्याय नहीं कहा जा सकता।
उनका जन्म चिरगाँव, झाँसी में हुआ। वे पंद्रह-सोलह वर्ष की आयु में कविता करने लगे थे। उन्हें राष्ट्रकवि कहा गया।
कहानी, नानी, रानी और बानी आपस में तुक बनाते हैं। बीच की पंक्तियों में सबेरे, तेरे और मेरे मिलते हैं।
Long answer questions (3)
आखेटक का तर्क यह है कि बाण उसका था और निशाना उसने साधा। कविता उसे लक्ष्य-सिद्धि का मानी कहती है, इसलिए उसकी दृष्टि में शिकार करने वाले का हक़ पहले बनता है। पिता का तर्क इससे उलटा है। उन्होंने गिरे हुए पक्षी को उठाया और माँ के शब्दों में उसने नया जन्म-सा पाया। उनके अनुसार जिसने जीवन लौटाया, पक्षी उसी का है। दोनों तर्क अपनी-अपनी जगह सीधे लगते हैं, पर मूल अंतर एक है। आखेटक पक्षी को एक वस्तु मानता है, जिस पर पाने वाले का अधिकार बनता है। पिता उसे एक जीव मानते हैं, जिसका अपना जीवन सबसे पहले आता है। यही अंतर आगे चलकर राहुल के निर्णय का आधार बनता है।
मैथिलीशरण गुप्त हिंदी के प्रसिद्ध कवि थे। उनका जन्म चिरगाँव, झाँसी में हुआ था, जो उत्तर प्रदेश में है। वे पंद्रह-सोलह वर्ष की आयु में ही कविता करने लगे थे। आरंभ में उन्होंने ब्रज भाषा में लिखा और बाद में जीवन भर हिंदी में लिखते रहे। स्वतंत्रता आंदोलन के समय उनकी रचनाओं ने लोगों के मन में देशप्रेम की भावना जगाई, इसी कारण उन्हें राष्ट्रकवि कहकर सम्मान दिया गया। उनकी अधिकांश कृतियों में भारत की धार्मिक, सांस्कृतिक और ऐतिहासिक चेतना के स्वर मिलते हैं। साकेत, भारत-भारती और यशोधरा उनकी प्रमुख काव्य-कृतियाँ हैं।
इस कविता से मुझे सबसे बड़ी सीख यह मिलती है कि किसी जीव का जीवन सबसे पहले आता है। आखेटक का तर्क सुनने में ठीक लगता है, पर उसमें पक्षी का अपना जीवन कहीं नहीं गिना जाता। राहुल इसी कमी को पकड़ लेता है और कहता है कि निरपराध को बचाने वाला ही सही है। दूसरी सीख यह है कि न्याय और दया अलग-अलग चीज़ें नहीं हैं। राहुल कहता है, न्याय दया का दानी। तीसरी बात मुझे यह अच्छी लगी कि अपनी राय निर्भय होकर कहनी चाहिए। राहुल एक बच्चा है और सामने बड़ों का झगड़ा है, फिर भी वह अपनी बात साफ़ शब्दों में रखता है।
Flashcards (17)
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- पात्र और पहचान
- किसका तर्क
- निर्णय तक के कदम
- सही या भ्रम
- झटपट उत्तर
Class 7 Hindi Chapter 1 — frequently asked questions
माँ और उनके बेटे राहुल के बीच। राहुल कहानी माँगता है और माँ उसे सुनाती हैं।
वे हँसी में पूछती हैं कि क्या बेटे ने उन्हें अपनी नानी समझ लिया है। कहानी सुनाना नानी का काम माना जाता है।
उसने कहा कि चेटी के अनुसार माँ नानी की ही बेटी हैं। इसलिए कहानी सुनाने का हक़ उन पर भी बनता है।
माँ यशोधरा हैं, तात सिद्धार्थ हैं जो आगे गौतम बुद्ध कहलाए, और बेटा राहुल है।
वह कहता है कि बाण उसका था और निशाना उसने साधा। इसलिए वह पक्षी को अपना शिकार मानता है।
उन्होंने घायल पक्षी को उठाकर उसे जीवन लौटाया। जिसने जीवन दिया, उनके अनुसार पक्षी उसी का है।
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