Class 7 Hindi Chapter 2: तीन बुद्धिमान
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- Hindi
पिता की सीख और ऊँट का अनुमान
एक निर्धन पिता अपने तीन बेटों को पैनी दृष्टि और तीव्र बुद्धि का धन संचित करने को कहते हैं। पिता के बाद तीनों यात्रा पर निकलते हैं। रास्ते में वे बिना ऊँट देखे उसके बारे में तीन बातें बता देते हैं, और इसी से संकट खड़ा हो जाता है।
What you will be able to do
- मैं बता सकता/सकती हूँ कि पिता ने किस प्रकार के धन की बात की थी।
- मैं तीनों भाइयों के तीन अनुमानों को अलग-अलग करके लिख सकता/सकती हूँ।
- मैं बता सकता/सकती हूँ कि अनुमान और अंदाज़े में क्या अंतर है।
- मैं घुड़सवार के संदेह का कारण अपने शब्दों में समझा सकता/सकती हूँ।
- मैं लोककथा की भाषा के कठिन शब्दों का अर्थ प्रसंग से बता सकता/सकती हूँ।
Key points
यह एक लोककथा है। इसमें एक निर्धन पिता और उनके तीन बेटे हैं।
पिता कहते हैं कि उनके पास रुपया-पैसा और सोना-चाँदी नहीं है।
वे बेटों से दूसरे प्रकार का धन संचित करने को कहते हैं, यानी पैनी दृष्टि और तीव्र बुद्धि।
पिता के बाद तीनों भाई काम की खोज में यात्रा पर निकल पड़ते हैं।
वे चालीस दिन चलते हैं, घाटियाँ लाँघते हैं और पहाड़ पार करते हैं।
नगर के पास बड़ा भाई धरती देखकर बताता है कि यहाँ से एक बड़ा ऊँट गया है।
मझला भाई बताता है कि वह ऊँट एक आँख से कुछ देख नहीं पाता।
छोटा भाई बताता है कि उस ऊँट पर कोई स्त्री बैठी थी और उसके साथ एक बच्चा।
घुड़सवार यह सुनकर उन्हें चोर समझ लेता है और तलवार निकाल लेता है।
Full explanation
एक लोककथा की शुरुआत
यह पाठ एक लोककथा है। लोककथा वह कहानी होती है जो लोगों के बीच पीढ़ी दर पीढ़ी कही-सुनी जाती है। उसका कोई एक लेखक नहीं होता। इसी कारण यहाँ किसी पात्र का नाम नहीं है। सब बड़ा भाई, मझला भाई और छोटा भाई कहकर ही पुकारे गए हैं।
निर्धन पिता की चिंता
कहानी एक निर्धन व्यक्ति से शुरू होती है, जिसके तीन बेटे हैं। वह प्राय: उनसे एक ही बात कहता है। उसके पास न रुपया-पैसा है और न सोना-चाँदी। वह जानता है कि वह बेटों को कुछ दे नहीं पाएगा। इसी चिंता से उसकी सीख निकलती है।
एक दूसरे प्रकार का धन
पिता कहते हैं कि बेटों को दूसरे प्रकार का धन संचित करना चाहिए। संचित करना यानी थोड़ा-थोड़ा जमा करना। यह शब्द आमतौर पर रुपये के लिए आता है। पिता इसे बुद्धि के लिए काम में लेते हैं, जिससे बेटे समझ जाएँ कि यह भी जमा की जाने वाली चीज़ है।
पैनी दृष्टि और तीव्र बुद्धि
वे साफ़ कहते हैं कि हर वस्तु और स्थिति को पूरी तरह समझने का प्रयास करो। कुछ भी दृष्टि से बच न पाए। जहाँ दूसरों के पास रुपया-पैसा होगा, वहाँ उनके पास देखने की पैनी आँख होगी, और सोने-चाँदी की जगह तेज़ सोच। इस धन के रहते किसी बात की कमी नहीं रहेगी।
उन्नीस नहीं रहोगे
पिता कहते हैं कि तुम किसी के मुक़ाबले उन्नीस नहीं पड़ोगे। उन्नीस होना एक मुहावरा है। इसका अर्थ है किसी से कम रह जाना। बीस की तुलना में उन्नीस थोड़ा कम होता है, और यहीं से यह कहावत बनी है।
यात्रा पर निकलना
कुछ समय बाद पिता चल बसे। तीनों भाई बैठकर स्थिति पर विचार करते हैं। उन्हें लगता है कि वहाँ करने को कुछ नहीं है। वे तय करते हैं कि घूम-फिरकर जगत देखेंगे। आवश्यकता पड़ी तो चरवाहे या खेत में श्रमिक का काम कर लेंगे।
चालीस दिन का रास्ता
वे सुनसान और वीरान घाटियाँ लाँघते हैं और ऊँचे पहाड़ पार करते हैं। इसी तरह चालीस दिन बीत जाते हैं। खाने-पीने का सामान समाप्त हो चुका है। वे बुरी तरह थक चुके हैं और पैरों में छाले उभर आए हैं। फिर भी सड़क समाप्त होने का नाम नहीं लेती।
नगर दिखाई देता है
अंत में उन्हें सामने वृक्ष और मकान दिखाई देते हैं। वे एक बड़े नगर के पास पहुँच चुके हैं। तीनों प्रसन्न होकर तेज़ी से पग बढ़ाने लगते हैं। यहीं से कहानी का असली मोड़ शुरू होता है।
बड़े भाई का अनुमान
नगर के बिलकुल निकट पहुँचकर सबसे बड़ा भाई अचानक रुक जाता है। वह धरती पर दृष्टि डालता है और कहता है कि थोड़ी देर पहले यहाँ से एक बहुत बड़ा ऊँट गया है। उसने ऊँट नहीं देखा। उसने केवल ज़मीन देखी है।
मझले भाई का अनुमान
वे थोड़ा आगे बढ़ते हैं तो मझला भाई रुकता है। वह सड़क के दोनों ओर देखता है और कहता है कि हो सकता है कि उस ऊँट की एक आँख काम न करती हो। ध्यान दीजिए कि उसने संभवत: कहा है। वह अपनी बात को निश्चित नहीं, संभव बताता है।
छोटे भाई का अनुमान
कुछ और आगे जाकर सबसे छोटा भाई कहता है कि ऊँट पर एक स्त्री और उसका छोटा बच्चा बैठे थे। दोनों बड़े भाई तुरंत कहते हैं, बिलकुल सही। तीनों अनुमान अलग-अलग चिह्नों पर टिके हैं, इसलिए तीनों एक-दूसरे को काटते नहीं।
घुड़सवार से भेंट
कुछ देर बाद एक घुड़सवार उनके पास से निकलता है। बड़ा भाई पूछता है कि क्या वह कोई खोई वस्तु ढूँढ़ रहा है। घुड़सवार घोड़ा रोक लेता है और हाँ कहता है। इसके बाद तीनों भाई बारी-बारी अपने अनुमान प्रश्न के रूप में रखते हैं।
हर उत्तर हाँ में
ऊँट खो गया है न, हाँ। बहुत बड़ा-सा, हाँ। एक आँख से नहीं देख पाता, हाँ। महिला और बच्चा सवार थे, हाँ। चार बार हाँ सुनकर घुड़सवार चौंक जाता है। उसके लिए यह जानकारी किसी चमत्कार जैसी नहीं, बल्कि सबूत जैसी लगती है।
शंका और आरोप
वह भाइयों को शंका की दृष्टि से देखता है और कहता है कि ऊँट उन्हीं के पास है। भाई कहते हैं कि उन्होंने ऊँट का मुँह तक नहीं देखा। वे यह भी कहते हैं कि अपनी आँख और अपनी सोच से काम लेना उन्हें आता है। पर घुड़सवार एक भी बात सुनने को तैयार नहीं।
तलवार और आदेश
वह तलवार निकाल लेता है और उसे ज़ोर से घुमाते हुए तीनों को आगे-आगे चलने का आदेश देता है। इस तरह वह उन्हें सीधे राजा के भवन तक ले जाता है। जो बुद्धि उनका धन थी, वही अब उनके लिए संकट बन गई है।
कहानी यहाँ रुकती क्यों है
इस भाग का अंत जान-बूझकर संकट पर होता है। तीनों भाई निर्दोष हैं और पाठक यह जानता है। राजा अभी तक सामने नहीं आया है। इसी कारण आगे का भाग पढ़ने की उत्सुकता बनी रहती है। लोककथा प्राय: इसी तरह अपने सुनने वाले को बाँधकर रखती है।
Concepts and terms
जो कहानी किसी एक लेखक की न होकर लोगों के बीच पीढ़ी दर पीढ़ी कही-सुनी जाती है, उसे लोककथा कहते हैं। उसमें पात्रों के नाम प्राय: नहीं होते, जैसे यहाँ तीनों भाइयों का कोई नाम नहीं है। उसका अंत कोई सीख देकर होता है।
छोटी से छोटी बात को भी देख लेने वाली नज़र को पैनी दृष्टि कहते हैं। पिता इसी को धन कहते हैं। तीनों भाई धरती पर पड़े निशान, सड़क के दोनों किनारे और पेड़ों की दशा तक देख लेते हैं, जिसे साधारण राहगीर अनदेखा कर देता है।
देखी हुई बात से किसी अनदेखी बात तक पहुँचना अनुमान है। भाई ऊँट को देखते नहीं, पर उसके चिह्न देखते हैं। उन्हीं चिह्नों से वे उसका आकार, उसकी आँख और उसके सवारों तक पहुँच जाते हैं। अनुमान तर्क पर टिका होता है, तुक्के पर नहीं।
थोड़ा-थोड़ा करके जमा करना संचित करना कहलाता है। आमतौर पर धन संचित किया जाता है। पिता इसी शब्द को बुद्धि और दृष्टि के लिए काम में लेते हैं, जिससे बेटे समझें कि ये भी जमा की जाने वाली चीज़ें हैं।
किसी पर अविश्वास होना शंका है। घुड़सवार भाइयों को शंका की दृष्टि से देखता है। उसके पास कारण भी है, क्योंकि उसने ऊँट के बारे में कुछ बताया नहीं और फिर भी भाइयों ने सब कह दिया। शंका तब बनती है जब बात का कारण समझ न आए।
यहाँ ध्यान रखिए
आम भ्रम
एक छोटा प्रसंग
Scenario:
विद्यालय की कक्षा में सुबह आकर रमा देखती है कि खिड़की के पास फ़र्श पर थोड़ी गीली मिट्टी पड़ी है। बाहर रखे गमले का पौधा एक ओर झुका हुआ है और खिड़की की चिटकनी खुली है। वह कक्षा के सामने कहती है कि रात में तेज़ हवा चली होगी और खिड़की खुल जाने से मिट्टी अंदर आ गई। तभी एक साथी कहता है कि रमा को यह सब पहले से पता था, इसलिए ज़रूर उसी ने गमला गिराया होगा। बात बढ़ जाती है और दोनों शिक्षक के पास पहुँचते हैं। शिक्षक दोनों की बात सुनते हैं और कक्षा से पूछते हैं कि इस स्थिति में सही तरीक़ा क्या होना चाहिए।
Analysis:
यह प्रसंग लोककथा से दो जगह मिलता है। पहली बात यह कि रमा ने घटना देखी नहीं, केवल चिह्न देखे और उनसे अनुमान लगाया, ठीक जैसे तीनों भाइयों ने किया। दूसरी बात यह कि सुनने वाले ने उसकी जानकारी को समझदारी नहीं, बल्कि अपराध का सबूत मान लिया, जैसे घुड़सवार ने माना था। दोनों जगह असली भूल एक ही है, कि किसी ने जाँच किए बिना निर्णय कर लिया।
Activity:
कक्षा में कोई एक दृश्य चुनिए, जैसे खाली मैदान या बरामदा। पाँच मिनट उसे ध्यान से देखिए और तीन ऐसी बातें लिखिए जो वहाँ पहले घटी होंगी, और हर बात के साथ उसका चिह्न भी लिखिए।
चिह्न से कहानी बनाइए
Title:
चिह्न से कहानी बनाइए
Safety:
केवल विद्यालय के भीतर सुरक्षित स्थान चुनिए और शिक्षक को बताकर जाइए। किसी ऊँची या बंद जगह पर अकेले मत जाइए।
What You Notice:
आप देखेंगे कि एक ही स्थान पर अलग-अलग समूह अलग-अलग चिह्न पकड़ते हैं। यह भी दिखेगा कि जिस अनुमान के साथ कोई चिह्न जुड़ा होता है, वह दूसरों को जल्दी समझ आता है, और बिना चिह्न वाला अनुमान केवल तुक्का लगता है।
Did you know
इस प्रकार की कहानियाँ दुनिया के कई देशों में मिलती हैं। उनमें ऊँट की जगह कभी घोड़ा या खच्चर होता है।
कहानी में किसी पात्र का नाम नहीं है। सब केवल बड़ा, मझला, छोटा, घुड़सवार और राजा कहकर पुकारे गए हैं।
ऊँट के पैरों के निशान उसके भार और आकार का अंदाज़ा देते हैं, इसलिए रेगिस्तान में चलने वाले उन्हें पढ़ना सीखते हैं।
Memory tricks
तीन अनुमान, तीन भाई — बड़ा देखे आकार, मझला देखे आँख, छोटा देखे सवार।
पिता का धन — रुपया नहीं, दृष्टि। सोना नहीं, बुद्धि।
Practice MCQs with answers (25)
- A लोककथा
- B किसी की जीवनी
- C यात्रा-वृत्तांत
- D पत्र
Show answer
Why:
यह एक लोककथा है, जो लोगों के बीच पीढ़ी दर पीढ़ी कही-सुनी जाती रही है।
- A तीन समझदार और सीखने वाले बेटे
- B रहने के लिए एक पक्का और बड़ा घर
- C कोई रुपया-पैसा और सोना-चाँदी
- D बोलने और समझाने की अपनी शक्ति
Show answer
Why:
वे निर्धन थे। इसी कारण उन्होंने दूसरे प्रकार के धन की बात की।
- A खेत और पशुओं को इकट्ठा करने की
- B पैनी दृष्टि और तीव्र बुद्धि को
- C अनाज को भंडार में भरने की
- D नगर में घर बनाने की
Show answer
Why:
उन्होंने कहा कि दूसरों के रुपये-पैसे की जगह उनके पास पैनी आँख होगी, और सोने-चाँदी की जगह तेज़ सोच।
- A फेंक देना
- B बाँट देना
- C छिपा देना
- D जमा करना
Show answer
Why:
संचित करना यानी थोड़ा-थोड़ा करके जमा करना। पिता यही शब्द बुद्धि के लिए काम में लेते हैं।
- A तुम्हारी आयु उन्नीस नहीं होगी
- B तुम्हें उन्नीस वस्तुएँ मिलेंगी
- C तुम किसी से कम नहीं रहोगे
- D तुम उन्नीस दिन में लौट आओगे
Show answer
Why:
उन्नीस होना एक मुहावरा है। बीस से एक कम होने के भाव से यह किसी से कम रह जाने के अर्थ में आता है।
- A कि वे घूम-फिरकर जगत देखेंगे
- B कि वे खेत बेच देंगे
- C कि वे राजा से सहायता माँगेंगे
- D कि वे अलग-अलग रहने लगेंगे
Show answer
Why:
उन्हें लगा कि वहाँ करने को कुछ नहीं है, इसलिए उन्होंने यात्रा का निर्णय लिया।
- A बड़े नगरों में व्यापार और लेन-देन का काम
- B चरवाहे का या खेत में श्रमिक का काम
- C राजा के दरबार में मंत्री बनने का काम
- D नगर की ऊँची दीवार पर पहरा देने का काम
Show answer
Why:
उन्होंने कहा था कि वे कहीं भी हों, भूखे नहीं मरेंगे, क्योंकि वे यह काम कर लेंगे।
- A बीस
- B तीस
- C पचास
- D चालीस
Show answer
Why:
पाठ में चालीस दिन लगातार चलने की बात कही गई है।
- A वे पहले से अधिक प्रसन्न थे
- B उन्हें रास्ते में बहुत धन मिल गया था
- C वे थक चुके थे और पैरों में छाले थे
- D उन्होंने यात्रा बीच में छोड़ दी थी
Show answer
Why:
खाने-पीने का सामान समाप्त हो चुका था और वे थककर चूर हो गए थे।
- A सामने वृक्ष और मकान दिखाई देना
- B सड़क का अचानक बीच में समाप्त हो जाना
- C दूर से मंदिर की घंटियों की आवाज़ आना
- D रास्ते में बहुत भीड़ और शोर मिलना
Show answer
Why:
अंत में उन्हें सामने वृक्ष और मकान दिखाई दिए, और वे समझ गए कि नगर निकट है।
- A आकाश में उड़ते हुए पक्षियों को देखकर
- B धरती पर पड़े निशानों को देखकर
- C बहुत दूर से आती हुई किसी आवाज़ को सुनकर
- D किसी राहगीर से पूछकर
Show answer
Why:
वह रुका, उसने धरती पर दृष्टि डाली और तभी ऊँट के बड़े होने की बात कही।
- A वह बहुत तेज़ दौड़ता है
- B वह बहुत बूढ़ा हो चुका है
- C वह एक आँख से नहीं देख पाता
- D वह बहुत भारी बोझ ढो रहा था
Show answer
Why:
उसने सड़क के दोनों ओर देखकर यह अनुमान लगाया था।
- A दोनों सही हैं; कारण अभिकथन को समझाता है
- B दोनों सही हैं; कारण अभिकथन को नहीं समझाता
- C अभिकथन सही है; परंतु उसका कारण ग़लत है
- D अभिकथन ग़लत है; परंतु उसका कारण सही है
Show answer
Why:
अभिकथन सही है; परंतु उसका कारण ग़लत है। वह शब्द इसलिए आता है कि उसका अनुमान निश्चित नहीं है, छिपाने के लिए नहीं।
- A ऊँट पर सवार लोगों के बारे में
- B ऊँट के रंग के बारे में
- C ऊँट की आयु के बारे में
- D ऊँट के मालिक के नाम के बारे में
Show answer
Why:
उसने कहा कि ऊँट पर एक स्त्री और उसका छोटा बच्चा बैठे थे।
- A क्योंकि तीनों ने आपस में एक ही बात कही थी
- B क्योंकि तीनों अलग-अलग चिह्नों पर टिके हैं
- C क्योंकि तीनों ने ऊँट को पहले ही देख लिया था
- D क्योंकि तीनों ने पहले ही घुड़सवार से पूछ लिया था
Show answer
Why:
आकार, आँख और सवार, तीनों अलग बातें हैं और अलग निशानों से निकली हैं।
- A कि वह इस रास्ते से कहाँ जाने वाला है क्या
- B कि उसका नाम क्या है और वह कहाँ का रहने वाला है
- C कि वह कोई खोई वस्तु ढूँढ़ रहा है क्या
- D कि नगर कितनी दूर है
Show answer
Why:
बड़े भाई ने यही प्रश्न किया और घुड़सवार ने घोड़ा रोककर हाँ कहा।
- A भाइयों के प्रति कृतज्ञता
- B भाइयों के प्रति शंका
- C भाइयों के प्रति आदर
- D भाइयों के प्रति उदासीनता
Show answer
Why:
उसने कुछ बताया नहीं था, फिर भी सब सही निकला, इसलिए उसे संदेह हुआ।
- A प्रसन्नता
- B कृतज्ञता
- C उत्सुकता
- D संदेह
Show answer
Why:
शंका यानी अविश्वास या संदेह। घुड़सवार ने उन्हें इसी दृष्टि से देखा।
- A वे अपनी आँखों और अपनी बुद्धि से काम लेते हैं, यही कारण है
- B उन्हें रास्ते में किसी राहगीर ने यह सब बता दिया था
- C उन्होंने उस ऊँट को बहुत दूर से अपनी आँखों से देख लिया था
- D उन्हें रात में इसी विषय का एक सपना दिखाई दिया था
Show answer
Why:
भाइयों के पास कोई गुप्त सूचना नहीं थी। उनके पास देखने की आदत और उस पर सोचने की बुद्धि थी, जो पिता की सीख थी।
- A पहनने और ओढ़ने के वस्त्र
- B यात्रा में साथ लिया गया सारा सामान
- C आसपास का वातावरण
- D घर का आँगन
Show answer
Why:
भाई कहते हैं कि उन्होंने अपने परिवेश को पैनी दृष्टि से देखने में समय लगाया है।
- A वह चुपचाप आगे चला गया
- B उसने अपनी तलवार निकाल ली
- C उसने राजा को अपना संदेश भेजा
- D उसने उन्हें धन देने का वादा किया
Show answer
Why:
उसने तलवार घुमाते हुए तीनों को आगे-आगे चलने का आदेश दिया।
- A भाइयों ने ऊँट को दूर से ही देख लिया था
- B भाइयों ने ऊँट को नगर में बेच दिया था
- C भाइयों ने ऊँट को अपने पास पकड़ रखा था
- D भाइयों ने ऊँट का मुँह तक नहीं देखा था
Show answer
Why:
उन्होंने स्वयं कहा कि उन्होंने ऊँट का मुँह तक नहीं देखा।
- A रास्ते में किसी राहगीर को रोककर पूछ लेना
- B रास्ते पर बहुत दूर तक दौड़कर देख आना
- C ज़ोर से आवाज़ लगाना
- D रुककर ज़मीन के निशान ध्यान से देखना
Show answer
Why:
बड़े भाई ने यही किया। वह रुका और उसने धरती पर दृष्टि डाली।
- A केवल I और II
- B केवल II और III
- C केवल I और III
- D I, II और III
Show answer
Why:
I और III सही हैं। दूसरा कथन ग़लत है, क्योंकि उन्होंने किसी से पूछा नहीं, निशान देखकर स्वयं सोचा।
- A वे राजा के भवन तक पहुँचा दिए जाते हैं
- B वे अपने गाँव लौट जाते हैं
- C वे उस खोए हुए ऊँट को ढूँढ़ निकालते हैं
- D वे आगे चलकर घुड़सवार के मित्र बन जाते हैं
Show answer
Why:
घुड़सवार तलवार दिखाकर उन्हें सीधे राजा के भवन में ले जाता है।
Important short questions (7)
पैनी दृष्टि और तीव्र बुद्धि का। उनके पास रुपया-पैसा और सोना-चाँदी नहीं था, इसलिए उन्होंने यही धन बताया।
इसका अर्थ है कि तुम किसी से कम नहीं रहोगे। बीस से एक कम होने के भाव से यह मुहावरा बना है।
उन्हें लगा कि वहाँ उनके लिए करने को कुछ नहीं है। इसलिए उन्होंने घूम-फिरकर जगत देखने का निश्चय किया।
खाने-पीने का सामान समाप्त हो गया था और उनके पैरों में छाले पड़ गए थे। वे चालीस दिन लगातार चलते रहे थे।
वह बहुत बड़ा था। वह एक आँख से नहीं देख पाता था। और उस पर एक महिला तथा एक बच्चा सवार थे।
उसने ऊँट के बारे में उन्हें कुछ बताया नहीं था, फिर भी उन्होंने सब सही कह दिया। इसी से उसे लगा कि ऊँट उन्हीं के पास है।
अनुमान देखे हुए चिह्नों और तर्क पर टिका होता है। तुक्का बिना किसी आधार के लगाया जाता है, इसलिए वह प्राय: ग़लत निकलता है।
Long answer questions (3)
पिता निर्धन थे और वे जानते थे कि वे अपने बेटों को कोई संपत्ति नहीं दे पाएँगे। इसलिए वे प्राय: उनसे कहते थे कि उनके पास न रुपया-पैसा है और न सोना-चाँदी। उन्होंने बेटों से कहा कि वे एक दूसरे प्रकार का धन संचित करें। उनके अनुसार हर वस्तु और हर स्थिति को पूरी तरह समझने और जानने का प्रयास करना चाहिए, और कोई भी बात दृष्टि से बचनी नहीं चाहिए। ऐसा करने पर रुपये-पैसे के स्थान पर पैनी दृष्टि आ जाएगी और सोने-चाँदी की जगह पर तीव्र बुद्धि। उनका कहना था कि यह धन जमा कर लेने के बाद किसी प्रकार की कमी नहीं रहेगी और वे दूसरों से कम नहीं रहेंगे।
सबसे पहले बड़ा भाई रुकता है। वह धरती पर दृष्टि डालता है और उसी के आधार पर कहता है कि थोड़ी देर पहले वहाँ से एक बहुत बड़ा ऊँट गुज़रा है। उसका आधार ज़मीन पर पड़े निशान हैं। इसके बाद मझला भाई रुकता है। वह सड़क के दोनों ओर देखता है और कहता है कि संभवत: वह ऊँट एक आँख से कुछ देख नहीं पाता। उसका आधार सड़क के दोनों किनारों की दशा है। अंत में छोटा भाई कहता है कि ऊँट पर एक स्त्री और उसका छोटा बच्चा बैठे थे। तीनों अनुमान अलग-अलग चिह्नों से निकले हैं, इसलिए वे आपस में टकराते नहीं और तीनों सही निकलते हैं।
पिता ने उन्हें सिखाया था कि पैनी दृष्टि और तीव्र बुद्धि ही उनका धन है। रास्ते में उन्होंने इसी धन का उपयोग किया और बिना ऊँट देखे उसके बारे में तीन बातें सही बता दीं। परेशानी तब शुरू हुई जब उन्होंने ये बातें घुड़सवार के सामने रख दीं। घुड़सवार ने उन्हें कुछ बताया नहीं था, फिर भी सब सही निकला। उसके लिए यह बुद्धि का प्रमाण नहीं, बल्कि चोरी का सबूत बन गया। उसने तलवार निकाल ली और तीनों को राजा के भवन तक ले गया। इस तरह जिस गुण को पिता ने सबसे बड़ी पूँजी कहा था, वही गुण उन्हें बंदी बनवा बैठा।
Flashcards (17)
Play this topic
- घटनाएँ क्रम में लगाइए
- शब्द और अर्थ
- किसका अनुमान
- सही या भ्रम
- झटपट उत्तर
राजा की परीक्षा और बुद्धि का कोष
राजा पहले भाइयों को चोर मान लेता है। फिर वह उनकी परीक्षा लेता है और एक ढकी हुई पेटी मँगवाता है। भाई उसके भीतर रखा कच्चा अनार बता देते हैं और अपने हर अनुमान का आधार भी बताते हैं। राजा उन्हें अपने दरबार में रख लेता है।
What you will be able to do
- मैं बता सकता/सकती हूँ कि राजा ने पहले क्या निर्णय किया और वह क्यों ग़लत था।
- मैं तीनों भाइयों के अनुमानों के पीछे का आधार अलग-अलग लिख सकता/सकती हूँ।
- मैं पेटी वाली परीक्षा के तीनों चरण क्रम से बता सकता/सकती हूँ।
- मैं बता सकता/सकती हूँ कि बुद्धि का कोष कहने से राजा का क्या आशय था।
- मैं इस लोककथा से मिलने वाली सीख अपने शब्दों में लिख सकता/सकती हूँ।
Key points
घुड़सवार राजा से कहता है कि तीनों ने उसका ऊँट चुराया और उसके परिवार को मार डाला।
राजा बिना जाँच के मान लेता है कि इतनी सही बातें चोर ही बता सकता है।
भाई कहते हैं कि बचपन से उनकी आदत है कि कोई बात दृष्टि से न चूके।
राजा उनकी सच्चाई जाँचने का निश्चय करता है और मंत्री के कान में कुछ कहता है।
दो सेवक एक बड़ी पेटी लाकर द्वार के पास रख देते हैं।
बड़ा भाई उठाने के ढंग से समझता है कि पेटी हलकी है और भीतर कोई गोल वस्तु लुढ़की।
मझला भाई जोड़ता है कि पेटी उद्यान से आई है, इसलिए वह गोल वस्तु अनार होगी।
छोटा भाई खिड़की की ओर संकेत करके बताता है कि इस समय सभी अनार कच्चे हैं।
राजा चकित रह जाता है और कहता है कि उनके पास बुद्धि का बहुत बड़ा कोष है।
Full explanation
घुड़सवार की शिकायत
घुड़सवार राजा के सामने अपनी बात रखता है। वह बताता है कि वह अपने पशुओं का रेवड़ पहाड़ की ओर हाँक रहा था, और उसकी पत्नी बेटे को लेकर ऊँट पर पीछे-पीछे चल रही थी। उनका ऊँट पीछे रह गया और वे रास्ता भटक गए। ढूँढ़ने निकला तो तीन लोग पैदल मिले।
आरोप का आधार
उसका तर्क यह है कि उसने इन तीनों से कुछ पूछा ही नहीं था, और फिर भी इन्होंने ऊँट का पूरा हाल बता दिया। इसी से उसे पूरा विश्वास है कि उन्होंने ऊँट चुराया और उसके परिवार को मार डाला। जानकारी ही उसके लिए अपराध का प्रमाण बन गई है।
राजा का पहला निर्णय
राजा थोड़ी देर सोचता है और फिर वही निष्कर्ष निकालता है। वह कहता है कि बिना बताए इतनी अच्छी तरह सब कुछ बता देने का अर्थ है कि उन्होंने ऊँट अवश्य चुराया होगा। वह आदेश देता है कि उन चोरों को लाया जाए। यह निर्णय बिना किसी जाँच के लिया गया है।
भाइयों का उत्तर
राजा उन्हें धमकाता है और पूछता है कि ऊँट कहाँ छिपाया है। भाई कहते हैं कि वे चोर नहीं हैं और उन्होंने ऊँट कभी नहीं देखा। वे यह भी कहते हैं कि इसमें आश्चर्य की कोई बात नहीं। बचपन से उनकी आदत है कि कोई बात दृष्टि से न चूके।
अभ्यास से बनी दृष्टि
वे जोड़ते हैं कि उन्होंने बरसों लगाकर यह अभ्यास किया है कि आसपास की हर चीज़ ध्यान से देखें और उस पर सोचें। यह वाक्य पूरी कहानी की कुंजी है। उनकी क्षमता कोई जादू नहीं, लंबे अभ्यास का फल है। पिता की सीख यहीं काम करती दिखती है।
राजा हँस देता है
राजा हँसकर पूछता है कि क्या किसी को देखे बिना उसके बारे में इतना जानना संभव है। भाई कहते हैं, हाँ, संभव है। राजा तब कहता है कि अभी उनकी सच्चाई की जाँच कर ली जाएगी। यहीं से कहानी का सबसे महत्वपूर्ण मोड़ आता है।
एक चुपचाप रची गई परीक्षा
राजा मंत्री को बुलाकर उसके कान में कुछ फुसफुसाता है। कान में कहने का कारण साफ़ है। यदि भाई सुन लेते तो परीक्षा बेकार हो जाती। मंत्री बाहर जाता है और थोड़ी देर में दो सेवकों के साथ लौटता है, जिनके हाथ में एक बड़ी पेटी है।
पेटी द्वार के पास
दोनों सेवक उस पेटी को सँभालकर द्वार के पास रखते हैं, और इस ढंग से कि राजा उसे देख सके। फिर वे एक ओर हट जाते हैं। भाइयों को पेटी खोलने नहीं दी जाती। उन्हें केवल देखना और सुनना है, और उसी से भीतर की वस्तु बतानी है।
बड़े भाई की दो कुंजियाँ
बड़ा भाई कहता है कि जिस तरह दोनों व्यक्ति पेटी उठाकर लाए, उससे स्पष्ट था कि वह थोड़ी भी भारी नहीं है। दूसरी बात यह कि रखते समय उसे भीतर किसी छोटी गोल वस्तु के लुढ़कने की ध्वनि सुनाई दी। एक बात आँख से आई, दूसरी कान से।
मझले भाई का जोड़
मझला भाई आगे बढ़ाता है। पेटी उद्यान की ओर से लाई गई थी और उसमें कोई छोटी गोल वस्तु है। महल के आसपास अनार के बहुत पेड़ लगे हैं। इन तीनों बातों को जोड़ने पर वह निष्कर्ष निकालता है कि वह वस्तु अवश्य अनार ही होगी।
छोटे भाई की ऋतु
राजा पूछता है कि अनार के कच्चे होने का पता कैसे चला। छोटा भाई कहता है कि इस समय उद्यान में सभी अनार कच्चे हैं, और यह राजा स्वयं देख सकते हैं। वह खुली खिड़की की ओर संकेत करता है। राजा बाहर देखता है और पाता है कि सचमुच सभी अनार कच्चे हैं।
पहले के अनुमानों की व्याख्या
राजा ऊँट वाले अनुमानों का आधार भी पूछता है। मझला भाई बताता है कि सड़क के दायीं ओर की घास चरी हुई थी और बायीं ओर की ज्यों की त्यों। छोटा भाई बताता है कि साथ छोटे-छोटे पैरों के निशान भी थे, उनके पास रेत पर एक महिला के जूतों के निशान थे, और वहीं ऊँट के घुटने टेकने के चिह्न भी।
हर अनुमान का अपना प्रमाण
ध्यान देने की बात यह है कि हर उत्तर में कोई न कोई दिखाई देने वाला चिह्न है। घास, जूते के निशान, घुटनों के निशान, पेटी का भार, लुढ़कने की ध्वनि, पेड़ों की दशा। कोई भी बात केवल कल्पना से नहीं कही गई। यही अनुमान को तुक्के से अलग करता है।
बुद्धि का कोष
राजा उनकी असाधारण पैनी दृष्टि और तीक्ष्ण बुद्धि से चकित रह जाता है। वह प्रशंसा करते हुए कहता है कि धन-संपत्ति की दृष्टि से वे धनवान नहीं हैं, पर उनके पास बुद्धि का बहुत बड़ा कोष है। कोष यानी ख़ज़ाना, और यह शब्द सामान्यत: धन के लिए आता है।
पिता की बात पूरी होती है
कहानी का अंत दंड से नहीं होता। राजा तीनों को अपने दरबार में रख लेता है। यहीं पिता की पहली सीख पूरी होती दिखाई देती है, जिसमें उन्होंने कहा था कि यह धन संचित कर लेने पर किसी प्रकार की कमी नहीं रहेगी।
Concepts and terms
कई छोटी-छोटी देखी हुई बातों को जोड़कर जो अंतिम बात निकलती है, वह निष्कर्ष है। पेटी वाले प्रसंग में हलकापन, लुढ़कने की ध्वनि, उद्यान की दिशा और ऋतु, चारों को जोड़ने पर कच्चा अनार निकलता है। कोई एक बात अकेले यह नहीं बता सकती थी।
किसी के कहे को जाँचने के लिए रखी गई स्थिति को परीक्षा कहते हैं। राजा भाइयों की बात पर केवल भरोसा नहीं करता और न ही उसे सीधे ठुकराता है। वह एक ऐसी स्थिति बनाता है जिसमें उनका दावा स्वयं सिद्ध या असिद्ध हो जाए।
कोष का अर्थ है भंडार या ख़ज़ाना। राजा कहता है कि भाइयों के पास बुद्धि का बहुत बड़ा कोष है। यह शब्द सामान्यत: धन के लिए आता है, और उसी से पिता की पहली सीख यहाँ पूरी होती दिखाई देती है।
जो साधारण न हो, यानी जो आम लोगों जैसा न होकर उससे कहीं आगे हो। राजा भाइयों की दृष्टि को असाधारण कहता है। यह शब्द बताता है कि देखने की यह क्षमता जन्म से नहीं, अभ्यास से बनी है।
जब किसी को जाँच किए बिना दोषी मान लिया जाए, तो वह अन्याय बन जाता है। घुड़सवार और राजा दोनों पहले यही करते हैं। अंतर इतना है कि राजा बाद में रुककर जाँच करता है, और इसी से कहानी का अंत बदल जाता है।
यहाँ ध्यान रखिए
आम भ्रम
एक छोटा प्रसंग
Scenario:
विद्यालय के पुस्तकालय से एक नई पुस्तक गुम हो जाती है। पुस्तकालय अध्यापिका देखती हैं कि जिस अलमारी में वह रखी थी, उसके सामने फ़र्श पर थोड़ी धूल हटी हुई है और पास की कुर्सी खिसकी हुई है। वे यह भी देखती हैं कि रजिस्टर में उस दिन केवल दो कक्षाएँ पुस्तकालय आई थीं। एक छात्र कहता है कि यह तो साफ़ है, जिसने भी कुर्सी खिसकाई उसी ने पुस्तक ली होगी, और वह एक नाम भी ले देता है। अध्यापिका रुककर पूछती हैं कि कुर्सी खिसकाने और पुस्तक लेने के बीच सीधा संबंध किस आधार पर जोड़ा गया। फिर वे दोनों कक्षाओं के रजिस्टर और अलमारी की ऊँचाई दोनों देखने का निश्चय करती हैं।
Analysis:
यह प्रसंग कहानी के दोनों पक्षों को एक साथ दिखाता है। छात्र वही भूल करता है जो राजा ने पहले की थी, यानी एक चिह्न देखकर सीधे किसी व्यक्ति तक पहुँच जाना। अध्यापिका वही करती हैं जो राजा ने बाद में किया, यानी जाँच का रास्ता चुनना। भाइयों का तरीक़ा भी यही था, क्योंकि उन्होंने एक नहीं बल्कि कई चिह्न जोड़कर निष्कर्ष निकाला था। एक चिह्न से निकला निष्कर्ष प्राय: आरोप बन जाता है, और कई चिह्नों से निकला निष्कर्ष प्रमाण बनता है।
Activity:
कक्षा को दो दलों में बाँटिए। एक दल केवल एक चिह्न के आधार पर निष्कर्ष निकाले और दूसरा कम से कम तीन चिह्न जोड़कर। फिर दोनों निष्कर्षों की तुलना कीजिए और लिखिए कि कौन-सा अधिक भरोसेमंद लगा।
बंद डिब्बे की परीक्षा
Title:
बंद डिब्बे की परीक्षा
Safety:
डिब्बे में कोई नुकीली, काँच की या खाने की वस्तु मत रखिए। डिब्बा हिलाते समय उसे किसी के पास या सिर के ऊपर मत ले जाइए।
What You Notice:
आप देखेंगे कि जिन बच्चों ने केवल एक बात पर अनुमान लगाया, उनका उत्तर प्राय: चूक गया। जिन्होंने भार, ध्वनि और डिब्बे के हिलने, तीनों को जोड़ा, उनका अनुमान अधिक सही निकला। यही तीनों भाइयों का तरीक़ा था।
Did you know
राजा ने मंत्री के कान में बात कही, जिससे भाई सुन न सकें। परीक्षा तभी सच्ची होती है जब उत्तर पहले से मालूम न हो।
छोटे भाई ने उत्तर देने के लिए खिड़की की ओर संकेत किया, और राजा ने बाहर देखकर स्वयं उसे सही पाया।
अनार के पेड़ महल के आसपास लगे थे, इसी भूगोल ने मझले भाई का अनुमान संभव बनाया।
Memory tricks
पेटी की तीन कुंजियाँ — हलकी और गोल, उद्यान से आई, ऋतु कच्ची। तीनों मिलें तो कच्चा अनार।
राजा का बदलाव — पहले आरोप, फिर परीक्षा, अंत में प्रशंसा।
Practice MCQs with answers (25)
- A एक, जो केवल ऊँट चुरा लेने का आरोप था
- B दो, ऊँट चुराने और परिवार को मारने का
- C तीन, यानी चोरी, मारपीट और झूठ बोलने का
- D कोई आरोप नहीं, उसने केवल सहायता माँगी थी
Show answer
Why:
उसने कहा कि उन्होंने ऊँट चुराया है और उसकी पत्नी तथा बेटे को मार डाला है।
- A उसने स्वयं उस ऊँट को देख लिया था, रास्ते में
- B मंत्री ने उसे सलाह दी थी
- C भाइयों ने अपना अपराध स्वयं मान लिया था, डर के मारे
- D भाइयों ने बिना बताए सब सही बता दिया था
Show answer
Why:
उसका तर्क वही था जो घुड़सवार का था, कि इतनी सही बातें चोर ही बता सकता है।
- A वह बिना किसी जाँच के लिया गया था
- B वह अपने मंत्री की सलाह के विरुद्ध था
- C वह बहुत देर लगाकर लिया गया था
- D वह केवल एक ही भाई पर लागू होता था
Show answer
Why:
जाँच के बिना किसी को दोषी ठहराना अन्याय है, और यही कहानी का एक मूल्य भी है।
- A किसी जादू या देवता के वरदान से
- B बचपन से बनी आदत और अभ्यास से
- C किसी पुरानी पुस्तक के अध्ययन से
- D रास्ते में मिले किसी साधु के वरदान से
Show answer
Why:
उन्होंने कहा कि उन्होंने परिवेश को पैनी दृष्टि से देखने में बहुत समय लगाया है।
- A वह बहुत धीमा बोलता था
- B मंत्री ऊँचा सुनता था
- C जिससे भाई उसे सुन न सकें
- D वह दरबारियों से नाराज़ था
Show answer
Why:
यदि भाई परीक्षा का विषय पहले जान लेते तो परीक्षा का कोई अर्थ नहीं रहता।
- A एक
- B तीन
- C चार
- D दो
Show answer
Why:
थोड़ी देर में वह दो सेवकों को साथ लेकर लौटा, और वे एक बड़ी पेटी उठाकर लाए।
- A द्वार के पास
- B राजा के सिंहासन पर
- C उद्यान के बीच में
- D भाइयों के हाथ में
Show answer
Why:
सेवकों ने उसे द्वार के पास ऐसे रखा कि वह राजा को दिखाई देती रहे।
- A पेटी के बाहरी रंग और उसकी बनावट से
- B सेवकों के उसे उठाने के ढंग से
- C पेटी के आकार और उसकी पूरी बनावट से
- D राजा के कहने से
Show answer
Why:
जिस तरह दोनों व्यक्ति उसे उठाकर लाए, उससे स्पष्ट था कि वह भारी नहीं है।
- A भारी
- B गोल
- C नुकीली
- D चमकीली
Show answer
Why:
गोल वस्तु ही लुढ़क सकती है, और यही आगे अनार तक पहुँचने की कुंजी बनी।
- A केवल एक
- B दो
- C तीन
- D पाँच या उससे भी अधिक
Show answer
Why:
उद्यान की दिशा, गोल वस्तु और महल के पास अनार के पेड़, तीनों को जोड़कर वह अनार तक पहुँचा।
- A उसने पेटी का ढक्कन खोलकर दिखा दिया
- B उसने मंत्री से अपनी बात की पुष्टि करवाई
- C उसने अपनी कॉपी में लिखकर राजा को दिखाया
- D उसने खुली खिड़की की ओर संकेत किया
Show answer
Why:
राजा ने बाहर देखा तो सभी पेड़ कच्चे अनारों से लदे हुए थे।
- A घास केवल एक ओर से चरी हुई थी
- B ऊँट के पैरों के निशान टेढ़े बने हुए थे
- C ऊँट बहुत धीरे-धीरे चल रहा था
- D रास्ते में जगह-जगह बाल गिरे हुए थे
Show answer
Why:
दायीं ओर की घास चरी हुई थी और बायीं ओर की ज्यों की त्यों।
- A केवल ऊँट के पैरों के निशानों से
- B जूतों और छोटे पैरों के निशानों से
- C गिरे हुए कपड़ों से
- D पास पड़े खिलौनों से
Show answer
Why:
ऊँट के घुटने टेकने के पास रेत पर महिला के जूतों और छोटे पैरों के निशान थे।
- A कोना
- B ख़ज़ाना
- C कपड़ा
- D किनारा
Show answer
Why:
राजा ने कहा कि भाइयों के पास बुद्धि का बहुत बड़ा कोष है।
- A बहुत ही साधारण और आम
- B आधा-अधूरा और अपूर्ण
- C जो साधारण न हो
- D बहुत पुराना और घिसा हुआ
Show answer
Why:
राजा ने भाइयों की दृष्टि को असाधारण कहा, यानी आम लोगों से कहीं आगे।
- A बगीचे को
- B तालाब को
- C पहाड़ को
- D रास्ते को
Show answer
Why:
पेटी उद्यान की ओर से लाई गई थी, जहाँ अनार के पेड़ लगे थे।
- A कि वे पहले से बहुत धनवान व्यक्ति हैं
- B कि उन्हें इसका कड़ा दंड मिलना चाहिए
- C कि उनके पास बुद्धि का बड़ा कोष है
- D कि उन्हें यह नगर छोड़ देना चाहिए
Show answer
Why:
उसने कहा कि सांसारिक वस्तुओं की दृष्टि से वे धनवान नहीं, पर बुद्धि का कोष उनके पास है।
- A भाइयों को दंड मिलता है
- B भाई अपने गाँव लौट जाते हैं, कुछ लिए बिना
- C घुड़सवार को राजा के दरबार से दंड मिलता है
- D राजा तीनों को दरबार में रख लेता है
Show answer
Why:
अंत दंड से नहीं होता। राजा प्रशंसा करते हुए तीनों को अपने दरबार में रख लेता है।
- A केवल I और II
- B केवल II और III
- C केवल I और III
- D I, II और III
Show answer
Why:
तीनों कथन सही हैं। परीक्षा का कारण, पेटी का रखा जाना और भाइयों का उत्तर तीनों कहानी में इसी क्रम से आते हैं।
- A आरोप, फिर परीक्षा, फिर प्रशंसा
- B प्रशंसा, फिर आरोप, फिर दंड
- C पहले परीक्षा, फिर आरोप, और अंत में क्षमा
- D पहले दंड, फिर परीक्षा, और अंत में आरोप
Show answer
Why:
वह पहले चोर मानता है, फिर जाँच करता है, और अंत में प्रशंसा करता है।
- A दोनों सही हैं; कारण अभिकथन को समझाता है
- B दोनों सही हैं; कारण अभिकथन को नहीं समझाता
- C अभिकथन सही है; परंतु उसका कारण ग़लत है
- D अभिकथन ग़लत है; परंतु उसका कारण सही है
Show answer
Why:
अभिकथन ग़लत है; परंतु उसका कारण सही है। वही चिह्न अनुमान को तुक्के से अलग कर देता है।
- A लुढ़कने की ध्वनि वाला
- B पेटी के भार वाला
- C उद्यान की दिशा वाला
- D पेड़ों की दशा वाला
Show answer
Why:
लुढ़कना केवल गोल वस्तु कर सकती है, इसलिए यही सुराग़ सबसे पहले टूटता।
- A दावे को तुरंत मान लेना
- B दावे को तुरंत ठुकरा देना
- C दावा करने वाले व्यक्ति को तुरंत कड़ा दंड देना
- D ऐसी स्थिति बनाना जिसमें दावा स्वयं जाँचा जाए
Show answer
Why:
राजा ने यही किया। उसने न माना, न ठुकराया, बल्कि एक परीक्षा रच दी।
- A चुप ही रहना, और बड़ों की हर आज्ञा बिना कुछ पूछे मानना
- B बहुत सारा धन कमाना, और उसे सबको दिखाए बिना छिपाकर रखना
- C निरीक्षण की आदत, और जाँच के बिना दोषी न ठहराना
- D हर काम में शीघ्रता करना, और सोचने से पहले अधिक बोलते जाना
Show answer
Why:
पहली सीख भाइयों से मिलती है और दूसरी राजा की पहली भूल से।
- A भाइयों को बहुत सारा सोना मिल जाता है
- B भाई अपना खोया घर वापस पा लेते हैं
- C भाइयों को दरबार में स्थान मिल जाता है
- D भाइयों को ऊँट उपहार में मिल जाता है
Show answer
Why:
पिता ने कहा था कि यह धन रहते किसी प्रकार की कमी नहीं रहेगी, और वही होता है।
Important short questions (7)
कि तीनों ने उसका ऊँट चुरा लिया है और उसकी पत्नी तथा बेटे को मार डाला है। उसका आधार यह था कि उसने कुछ बताए बिना ही उन्होंने सब कह दिया।
उसने कोई जाँच किए बिना ही तीनों को चोर मान लिया। बिना जाँच किसी को दोषी ठहराना अन्याय होता है।
उन्होंने कहा कि बचपन से उनकी यह आदत है कि कोई बात दृष्टि से न चूके। उन्होंने परिवेश को ध्यान से देखने में बहुत समय लगाया है।
यदि भाई पहले से जान लेते कि पेटी में क्या है, तो परीक्षा का कोई अर्थ नहीं रहता। इसीलिए राजा ने मंत्री के कान में बात कही।
पहली यह कि पेटी भारी नहीं थी, जो सेवकों के उठाने के ढंग से पता चली। दूसरी यह कि भीतर कोई छोटी गोल वस्तु लुढ़की थी।
उसने बताया कि उस समय उद्यान के सभी अनार कच्चे थे। इसी से उसने कहा कि पेटी में रखा अनार भी कच्चा ही होगा।
क्योंकि धन-संपत्ति की दृष्टि से वे धनवान नहीं थे, पर उनके पास सोचने और देखने की असाधारण क्षमता थी।
Long answer questions (3)
राजा ने भाइयों की बात जाँचने के लिए मंत्री को बुलाकर उसके कान में कुछ कहा, जिससे भाई सुन न सकें। मंत्री शीघ्र ही दो सेवकों के साथ लौटा, जो एक बड़ी पेटी लाए थे। उन्होंने उसे सावधानी से द्वार के पास रख दिया और हट गए। बड़े भाई ने दो बातें पकड़ीं। पहली यह कि सेवकों के उठाने के ढंग से पेटी भारी नहीं लग रही थी, और दूसरी यह कि रखते समय भीतर किसी छोटी गोल वस्तु के लुढ़कने की ध्वनि आई। मझले भाई ने इसमें जोड़ा कि पेटी उद्यान की ओर से आई है और महल के आसपास अनार के बहुत पेड़ हैं, इसलिए वह वस्तु अनार ही होगी। छोटे भाई ने बताया कि उस समय उद्यान के सभी अनार कच्चे हैं, और प्रमाण के लिए उसने खुली खिड़की की ओर संकेत कर दिया।
इस कहानी से एक से अधिक सीखें मिलती हैं। सबसे बड़ी सीख यह है कि ध्यान से देखने और सोचने की आदत सबसे बड़ा धन है। पिता के पास कुछ भी नहीं था, फिर भी उनकी दी हुई यही आदत तीनों बेटों को दरबार तक पहुँचा देती है। दूसरी सीख राजा की पहली भूल से मिलती है। उसने जाँच किए बिना तीनों को चोर मान लिया, जो अन्याय था। बाद में उसने परीक्षा ली और तभी सच सामने आया, इसलिए किसी पर आरोप लगाने से पहले जाँच करनी चाहिए। तीसरी बात यह कि जानकारी अपने आप अपराध का प्रमाण नहीं होती, क्योंकि वह अभ्यास और समझ से भी आ सकती है।
यदि भाई अपने अनुमानों का आधार न बता पाते तो उनकी बात केवल एक दावा रह जाती। राजा पहले ही उन्हें चोर मान चुका था और घुड़सवार का आरोप भी उसके सामने था। ऐसी स्थिति में उन्हें दंड मिलना लगभग निश्चित था। उनकी रक्षा इस बात ने की कि हर उत्तर के पीछे कोई न कोई दिखाई देने वाला चिह्न था, जैसे एक ओर से चरी हुई घास या रेत पर बने जूतों के निशान। राजा उन चिह्नों को स्वयं जाँच सकता था, इसलिए उनकी बात मानी गई। इससे यह भी पता चलता है कि केवल सही होना पर्याप्त नहीं है, अपनी बात का आधार दिखा पाना भी उतना ही आवश्यक है।
Flashcards (17)
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- दरबार की घटनाएँ क्रम में
- सुराग़ और भाई
- प्रमाण या निष्कर्ष
- सही या भ्रम
- झटपट उत्तर
Class 7 Hindi Chapter 2 — frequently asked questions
पैनी दृष्टि और तीव्र बुद्धि का। उनके पास रुपया-पैसा और सोना-चाँदी नहीं था, इसलिए उन्होंने यही धन बताया।
इसका अर्थ है कि तुम किसी से कम नहीं रहोगे। बीस से एक कम होने के भाव से यह मुहावरा बना है।
उन्हें लगा कि वहाँ उनके लिए करने को कुछ नहीं है। इसलिए उन्होंने घूम-फिरकर जगत देखने का निश्चय किया।
कि तीनों ने उसका ऊँट चुरा लिया है और उसकी पत्नी तथा बेटे को मार डाला है। उसका आधार यह था कि उसने कुछ बताए बिना ही उन्होंने सब कह दिया।
उसने कोई जाँच किए बिना ही तीनों को चोर मान लिया। बिना जाँच किसी को दोषी ठहराना अन्याय होता है।
उन्होंने कहा कि बचपन से उनकी यह आदत है कि कोई बात दृष्टि से न चूके। उन्होंने परिवेश को ध्यान से देखने में बहुत समय लगाया है।
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