Class 8 Hindi Chapter 9: आदमी का अनुपात

आदमी का अनुपात is Chapter 9 of NCERT / CBSE Class 8 Hindi (Hindi medium). This page has the complete chapter notes across 2 topics , 50 practice MCQs with answers and explanations , 20 important short and long questions and 34 flashcards — all written to the NCERT / CBSE syllabus and free to read.

कमरे से ब्रह्मांड तक

कविता एक कमरे से शुरू होकर घर, मुहल्ला, नगर, प्रदेश, देश, पृथ्वी, नक्षत्र, नभ गंगा और ब्रह्मांड तक जाती है, और फिर एक वाक्य में कहती है — यह है अनुपात, आदमी का विराट से।

What you will be able to do

  • मैं कविता की सीढ़ी को कमरे से ब्रह्मांड तक क्रम से बता सकता/सकती हूँ।
  • मैं अनुपात और विराट शब्दों का अर्थ समझा सकता/सकती हूँ।
  • मैं बता सकता/सकती हूँ कि कवि कोई संख्या क्यों नहीं देते।
  • मैं पहचान सकता/सकती हूँ कि छोटी पंक्तियाँ बड़े विषय के साथ क्यों रखी गई हैं।
  • मैं समझा सकता/सकती हूँ कि लघुता बताना अपमान करना नहीं है।

Key points

  • रचना एक कमरे से आरंभ होती है जिसमें दो लोग हैं, और कवि तुरंत जोड़ देते हैं कि वे कमरे से छोटे हैं।

  • हर अगली पंक्ति पिछली चीज़ को किसी बड़ी चीज़ के भीतर रख देती है — कमरा घर में, घर मुहल्ले में, मुहल्ला नगर में।

  • पृथ्वी अनगिनत नक्षत्रों में केवल एक है, और करोड़ों में एक ही।

  • परिधि यानी घेरा; नभ गंगा आकाश की वह चमकीली पट्टी है जो रात में दिखाई देती है।

  • हर ब्रह्मांड में अनगिनत पृथ्वियाँ, भूमियाँ और सृष्टियाँ हैं — इसलिए कवि केवल कितनी शब्द दोहराते हैं।

  • अनुपात का अर्थ है दो चीज़ों के बीच का सापेक्ष माप; यहाँ वह आदमी और विराट के बीच का है।

  • कवि कहीं कोई संख्या नहीं देते — एक के भीतर दूसरा रखने का क्रम ही आँकड़ों से अधिक असर करता है।

  • छोटा होना दोष नहीं है; कवि की आपत्ति उस छोटेपन को भूल जाने पर है, और वही आगे का विषय है।

Full explanation

कविता एक कमरे से शुरू होती है

रचना का पहला दृश्य बहुत छोटा है। एक कमरा है और उसमें दो लोग। कवि तुरंत एक बात जोड़ देते हैं — वे दोनों कमरे से छोटे हैं। यह बात इतनी सीधी है कि पहली बार में उसका वज़न पता नहीं चलता, पर पूरी रचना इसी एक वाक्य पर टिकी है।

फिर कैमरा पीछे हटता है

अगली पंक्तियों में कवि एक-एक क़दम पीछे हटते जाते हैं। कमरा घर के भीतर है, घर मुहल्ले के भीतर, मुहल्ला नगर के भीतर, नगर प्रदेश के भीतर। हर पंक्ति पिछली चीज़ को किसी बड़ी चीज़ के भीतर रख देती है, और यह क्रम कहीं रुकता नहीं।

सीढ़ी ऊपर चढ़ती जाती है

प्रदेश देश में है और देश पृथ्वी पर। फिर पृथ्वी अनगिनत नक्षत्रों में एक हो जाती है। कवि कहते हैं कि करोड़ों में वह केवल एक है। यहाँ तक आते-आते पाठक को यह दिखने लगता है कि वह जिस जगह को अपनी दुनिया कहता है, वह कितनी छोटी है।

नभ गंगा और ब्रह्मांड

इसके बाद और बड़े घेरे आते हैं। नभ गंगा की परिधि सबको समेटे हुए है, और ऐसे लाखों ब्रह्मांडों में हमारा अपना एक ब्रह्मांड है। परिधि का अर्थ है घेरा, और नभ गंगा आकाश की वह चमकीली पट्टी है जिसे हम रात में देखते हैं।

और हर ब्रह्मांड में फिर से

सीढ़ी यहाँ भी नहीं रुकती। कवि कहते हैं कि हर ब्रह्मांड में न जाने कितनी पृथ्वियाँ हैं, कितनी भूमियाँ हैं, कितनी सृष्टियाँ हैं। गिनती छोड़ दी जाती है और केवल कितनी शब्द बार-बार लौटता है। संख्या बताना यहाँ संभव ही नहीं।

एक शब्द जो सब कुछ बाँध देता है

इस पूरी सीढ़ी के बाद कवि एक छोटा-सा वाक्य रखते हैं — यह है अनुपात। अनुपात का अर्थ है दो चीज़ों के बीच का सापेक्ष माप, यानी एक दूसरे के सामने कितना है। कवि गिनती नहीं देते; वे केवल दो चीज़ें आमने-सामने रख देते हैं।

अनुपात किनके बीच का

अगली पंक्ति बता देती है कि यह अनुपात किनके बीच का है — आदमी का विराट से। विराट का अर्थ है अत्यंत विशाल। एक ओर एक आदमी है और दूसरी ओर वह सब कुछ जो अभी गिनाया गया। दोनों को एक तराज़ू पर रख देना ही कविता का पहला काम है।

कवि आँकड़े नहीं देते

ध्यान देने की बात यह है कि कवि कहीं कोई संख्या नहीं देते। वे यह नहीं बताते कि ब्रह्मांड कितने बड़े हैं या तारे कितने हैं। वे केवल एक के भीतर दूसरा रखते जाते हैं, और वही क्रम आँकड़ों से अधिक असर करता है।

छोटी पंक्तियाँ, बड़ा विस्तार

पंक्तियाँ देखिए — दो या तीन शब्द की। जिस रचना का विषय इतना विशाल है, उसकी पंक्तियाँ सबसे छोटी हैं। यह उलटा मेल जान-बूझकर रखा गया लगता है, क्योंकि छोटी पंक्ति पढ़ते हुए आँख जल्दी-जल्दी नीचे उतरती है और विस्तार और तेज़ लगता है।

शीर्षक में ही उत्तर है

शीर्षक है आदमी का अनुपात। यह न तो प्रश्न है और न वर्णन; यह एक माप है। शीर्षक पढ़ते ही पाठक जान जाता है कि उसे किसी चीज़ को किसी और के सामने रखकर देखना है। पूरी रचना उसी एक माप को खोलती चलती है।

कविता यहाँ रुकती नहीं

यदि कविता यहीं समाप्त हो जाती तो वह केवल आकार की बात रह जाती। पर अनुपात बताने के बाद कवि एक मोड़ लेते हैं, और वही मोड़ इस रचना को केवल खगोल की बात से बाहर ले आता है। उस मोड़ की बात अगले भाग में है।

लघुता का अर्थ अपमान नहीं

एक बात यहीं साफ़ कर लेनी चाहिए। कवि यह नहीं कह रहे कि आदमी तुच्छ है या बेकार है। वे केवल आकार की तुलना रख रहे हैं। छोटा होना अपने आप में दोष नहीं है; दोष उस छोटेपन को भूल जाने में है, और यही आगे की पंक्तियों का विषय बनता है।

पढ़ने का ढंग

इस भाग को पढ़ते समय एक काम कीजिए। हर पंक्ति पर रुककर अपने आप से पूछिए — अब मैं कहाँ हूँ? पहले कमरे में, फिर घर में, फिर नगर में। जब आप नभ गंगा तक पहुँचेंगे, तब वही कमरा जिससे शुरुआत हुई थी, दिखना भी बंद हो जाएगा।

सीढ़ी याद रखने का ढंग

पूरी सीढ़ी को एक क्रम में याद रखना कठिन नहीं है। कमरा, घर, मुहल्ला, नगर, प्रदेश, देश, पृथ्वी, नक्षत्र, नभ गंगा, ब्रह्मांड। दस पड़ाव, और हर पड़ाव पिछले को अपने भीतर समेट लेता है। यही क्रम कविता की रीढ़ है।

पहली और दूसरी छलाँग का अंतर

सीढ़ी को ध्यान से देखिए तो उसमें दो तरह के पड़ाव हैं। शुरू के पड़ाव — कमरा, घर, मुहल्ला, नगर — वे हैं जिन्हें आदमी ने स्वयं बनाया है और जिनकी सीमा वह जानता है। आगे के पड़ाव — नक्षत्र, नभ गंगा, ब्रह्मांड — वे हैं जो किसी ने नहीं बनाए और जिनकी सीमा कोई नहीं जानता। कविता चुपचाप इन दोनों को एक ही क्रम में रख देती है।

इसी से आगे की बात निकलती है

यह अंतर आगे काम आता है। जिन घेरों को आदमी ने बनाया है, उन्हीं के भीतर वह और दीवारें खड़ी करता है। जो घेरे उसने नहीं बनाए, उनमें कोई दीवार है ही नहीं। कवि यह कहीं कहते नहीं; वे केवल क्रम रखते हैं और पाठक को स्वयं देख लेने देते हैं।

Concepts and terms

अनुपात

अनुपात का अर्थ है दो चीज़ों के बीच का सापेक्ष माप, यानी एक दूसरे के सामने कितना है। इस कविता में वह आदमी और विराट के बीच का है। कवि कोई संख्या नहीं देते; वे दोनों को आमने-सामने रख देते हैं और माप अपने आप दिख जाता है।

विराट

विराट का अर्थ है अत्यंत विशाल। कविता में विराट वह सब कुछ है जो कमरे के बाद गिनाया गया — घर से लेकर लाखों ब्रह्मांडों तक। एक ओर आदमी है और दूसरी ओर यही सारा विस्तार।

परिधि

परिधि का अर्थ है घेरा, यानी किसी गोल आकार की बाहरी सीमा। कविता में नभ गंगा की परिधि सबको समेटे हुए बताई गई है, इसलिए वह घेरा अपने भीतर असंख्य तारे और लोक रखता है।

नभ गंगा

नभ का अर्थ आकाश है। नभ गंगा आकाश में दिखने वाली वह चमकीली पट्टी है जो रात में एक नदी जैसी लगती है। कविता में वह पृथ्वी और नक्षत्रों से भी बड़े घेरे का नाम है।

लघुता

लघुता का अर्थ है छोटापन। कविता आदमी की लघुता दिखाती है, पर उसे दोष नहीं कहती। दोष उस लघुता को भूल जाने में है, और यही आगे की पंक्तियों का विषय बनता है।

सावधान

भ्रम और सच

मिलाकर देखो

Scenario:

आठवीं कक्षा के बच्चे विज्ञान की कक्षा में सौर मंडल का चित्र बना रहे हैं। शिक्षक उन्हें एक पैमाना देते हैं, जिसमें पृथ्वी एक मटर के दाने जितनी है और सूरज कमरे के दरवाज़े जितना। बच्चे पूछते हैं कि फिर नभ गंगा कितनी बड़ी होगी। शिक्षक कहते हैं कि उस पैमाने पर वह पूरे नगर में भी नहीं समाएगी। उसी दिन हिंदी की कक्षा में वे यही कविता पढ़ते हैं। एक विद्यार्थी कहती है कि विज्ञान ने आँकड़े दिए और कविता ने वही बात बिना किसी आँकड़े के कह दी।

Analysis:

दोनों विषय एक ही सच्चाई तक पहुँचते हैं, पर रास्ता अलग है। विज्ञान माप और पैमाने से काम लेता है और संख्या देता है। कविता एक चीज़ को दूसरी के भीतर रखती चली जाती है और संख्या की आवश्यकता ही नहीं पड़ने देती। विज्ञान बताता है कि कितना बड़ा है; कविता महसूस कराती है कि हम कितने छोटे हैं।

Activity:

अपने घर से शुरू करके एक सीढ़ी बनाइए और उसमें आठ पड़ाव रखिए। हर पड़ाव के आगे एक पंक्ति लिखिए कि वहाँ आपकी अपनी जगह कितनी बड़ी या छोटी दिखती है।

करके देखो

Title:

अपनी सीढ़ी बनाइए

Safety:

किसी नुकीली वस्तु की आवश्यकता नहीं है।

What You Notice:

जैसे-जैसे ऊपर बढ़ते हैं, सबसे नीचे का चौकोर दिखना बंद हो जाता है। कविता पढ़ते समय भी ठीक यही होता है।

Did you know

पूरी कविता में कोई संख्या नहीं आती, जबकि उसका विषय ही गिनती से परे का विस्तार है।

कविता की अधिकांश पंक्तियाँ दो या तीन शब्दों की हैं, जबकि उनका विषय सबसे बड़ा है।

कितनी शब्द कविता में बार-बार लौटता है, क्योंकि जिस चीज़ की गिनती संभव न हो उसे यही शब्द सबसे ठीक कहता है।

Memory tricks

सीढ़ी याद रखने का सूत्र — कमरा → घर → मुहल्ला → नगर → प्रदेश → देश → पृथ्वी → नक्षत्र → नभ गंगा → ब्रह्मांड। दस पड़ाव, एक के भीतर दूसरा।

दो शब्द, दो पलड़े — एक पलड़े में आदमी, दूसरे में विराट। बीच में एक शब्द — अनुपात।

Practice MCQs with answers (25)

Q1 रचना का पहला दृश्य किस स्थान से आरंभ होता है? beginner
  • A एक छोटे कमरे से
  • B एक बड़े नगर से
  • C एक खुले मैदान से
  • D एक ऊँचे पर्वत से
Show answer
Answer: एक छोटे कमरे से
Why:

पहली पंक्तियों में एक कमरा है और उसमें दो लोग।

Q2 पहले ही दृश्य में कवि दोनों व्यक्तियों के बारे में क्या जोड़ देते हैं? intermediate
  • A कि वे आपस में मित्र हैं
  • B कि वे कमरे से छोटे हैं
  • C कि वे दोनों थक गए हैं
  • D कि वे बाहर जाना चाहते हैं
Show answer
Answer: कि वे कमरे से छोटे हैं
Why:

यह बात इतनी सीधी है कि पहली बार में उसका वज़न पता नहीं चलता, पर पूरी रचना इसी पर टिकी है।

Q3 कविता की सीढ़ी पर चढ़ते हुए आप कमरे से एक क़दम ऊपर आते हैं। उस अगले पड़ाव पर कौन-सा घेरा मिलेगा? beginner
  • A प्रदेश
  • B नगर
  • C घर
  • D पृथ्वी
Show answer
Answer: घर
Why:

क्रम है — कमरा, घर, मुहल्ला, नगर, प्रदेश।

Q4 सीढ़ी का सही क्रम कौन-सा है? intermediate
  • A मुहल्ला, नगर, घर, कमरा
  • B घर, कमरा, नगर, मुहल्ला
  • C नगर, घर, कमरा, मुहल्ला
  • D कमरा, घर, मुहल्ला, नगर
Show answer
Answer: कमरा, घर, मुहल्ला, नगर
Why:

हर पंक्ति पिछली चीज़ को किसी बड़ी चीज़ के भीतर रख देती है।

Q5 कविता के अनुसार अनगिनत नक्षत्रों के बीच पृथ्वी की स्थिति क्या है? beginner
  • A वह करोड़ों में केवल एक है
  • B वह सबसे बड़ी और चमकीली है
  • C वह सबके बीच में ठहरी है
  • D वह सबसे पुरानी मानी जाती है
Show answer
Answer: वह करोड़ों में केवल एक है
Why:

कवि कहते हैं कि अनगिन नक्षत्रों में पृथ्वी केवल एक छोटी है।

Q6 कवि कहते हैं कि नभ गंगा की परिधि सबको समेटे हुए है। यहाँ परिधि शब्द किस चीज़ के लिए आया है? beginner
  • A गहराई
  • B घेरा
  • C ऊँचाई
  • D दूरी
Show answer
Answer: घेरा
Why:

नभ गंगा की परिधि यानी उसका घेरा, जो सबको समेटे हुए है।

Q7 नभ गंगा से कवि का संकेत किस ओर है? intermediate
  • A वर्षा के बाद बने इंद्रधनुष की ओर
  • B धरती की किसी बड़ी नदी की ओर
  • C आकाश की चमकीली पट्टी की ओर
  • D सूरज के चारों ओर के घेरे की ओर
Show answer
Answer: आकाश की चमकीली पट्टी की ओर
Why:

नभ गंगा वह पट्टी है जो रात के आकाश में दिखाई देती है।

Q8 हर ब्रह्मांड के भीतर कवि किन-किन चीज़ों की अनगिनत संख्या बताते हैं? beginner
  • A नदियाँ, ऊँचे पर्वत और घने जंगल
  • B नगर, प्रदेश और देश
  • C कमरे, घर और मुहल्ले
  • D पृथ्वियाँ, भूमियाँ और सृष्टियाँ
Show answer
Answer: पृथ्वियाँ, भूमियाँ और सृष्टियाँ
Why:

गिनती छोड़ दी जाती है और केवल कितनी शब्द लौटता रहता है।

Q9 कवि बार-बार कितनी शब्द क्यों दोहराते हैं? advanced
  • A क्योंकि संख्या बताना संभव ही नहीं है
  • B क्योंकि उन्हें गिनती करना कठिन लगा
  • C क्योंकि पंक्तियाँ छोटी रखनी थीं
  • D क्योंकि तुक इसी से बैठती थी
Show answer
Answer: क्योंकि संख्या बताना संभव ही नहीं है
Why:

जहाँ गिनती हो ही नहीं सकती, वहाँ कितनी शब्द उसी बात को कह देता है।

Q10 अनुपात शब्द का अर्थ सबसे ठीक किस वाक्य में कहा गया है? advanced
  • A किसी एक चीज़ की लंबाई, चौड़ाई और ऊँचाई का कुल जोड़ ही अनुपात है
  • B दो चीज़ों के बीच का सापेक्ष माप, यानी एक दूसरे के सामने कितना है
  • C किसी वस्तु को गिनकर उसकी ठीक-ठीक संख्या बता देना अनुपात कहलाता है
  • D किसी चीज़ का भार तराज़ू पर तौलकर निकाल लेना ही अनुपात होता है
Show answer
Answer: दो चीज़ों के बीच का सापेक्ष माप, यानी एक दूसरे के सामने कितना है
Why:

कवि आँकड़े नहीं देते; वे दो चीज़ें आमने-सामने रख देते हैं।

Q11 कविता में अनुपात किन दो के बीच का दिखाया गया है? beginner
  • A नगर और प्रदेश के बीच
  • B पृथ्वी और सूरज के बीच
  • C आदमी और विराट के बीच
  • D घर और कमरे के बीच
Show answer
Answer: आदमी और विराट के बीच
Why:

एक ओर एक आदमी है और दूसरी ओर वह सब जो गिनाया गया।

Q12 कविता कहती है कि यह अनुपात आदमी का विराट से है। उस वाक्य में विराट शब्द किस ओर संकेत करता है? beginner
  • A अत्यंत कठिन
  • B अत्यंत पुराना
  • C अत्यंत दूर
  • D अत्यंत विशाल
Show answer
Answer: अत्यंत विशाल
Why:

विराट यानी जो बहुत बड़ा हो।

Q13 कवि कहीं कोई संख्या नहीं देते। इससे रचना पर क्या असर पड़ता है? advanced
  • A एक के भीतर दूसरा रखने का क्रम आँकड़ों से अधिक असर करता है
  • B पाठक को लगता है कि कवि को ठीक से गिनती ही नहीं आती थी
  • C रचना अधूरी और अस्पष्ट रह जाती है
  • D कविता का अर्थ समझना असंभव हो जाता है
Show answer
Answer: एक के भीतर दूसरा रखने का क्रम आँकड़ों से अधिक असर करता है
Why:

क्रम स्वयं विस्तार दिखा देता है, इसलिए आँकड़े की आवश्यकता नहीं रहती।

Q14 इतने बड़े विषय पर लिखते हुए भी कवि की पंक्तियाँ बहुत छोटी हैं। इसका सबसे उपयुक्त कारण क्या है? advanced
  • A कवि के पास तब यह सब लिखने के लिए पर्याप्त समय ही नहीं बचा था
  • B छोटी पंक्ति पढ़ते हुए आँख जल्दी उतरती है और विस्तार तेज़ लगता है
  • C पुस्तक में छापने के लिए स्थान बहुत कम पड़ रहा था
  • D लंबी पंक्तियाँ हिंदी कविता में लिखी ही नहीं जातीं
Show answer
Answer: छोटी पंक्ति पढ़ते हुए आँख जल्दी उतरती है और विस्तार तेज़ लगता है
Why:

यह उलटा मेल जान-बूझकर रखा गया लगता है।

Q15 शीर्षक आदमी का अनुपात किस प्रकार का है? intermediate
  • A एक वर्णन, जो दृश्य खींच देता है
  • B एक प्रश्न, जिसका उत्तर अंत में है
  • C एक माप, जो तुलना की ओर ले जाता है
  • D एक आदेश, जो पाठक से कुछ कराता है
Show answer
Answer: एक माप, जो तुलना की ओर ले जाता है
Why:

शीर्षक पढ़ते ही पाठक जान जाता है कि उसे तुलना करनी है।

Q16 रिक्त स्थान भरिए — अनगिन नक्षत्रों में पृथ्वी एक ______। beginner
  • A पुरानी
  • B बड़ी
  • C भारी
  • D छोटी
Show answer
Answer: छोटी
Why:

उसी के आगे आता है — करोड़ों में एक ही।

Q17 रिक्त स्थान भरिए — यह है अनुपात, आदमी का ______ से। beginner
  • A विराट
  • B विचार
  • C विनय
  • D विस्तार
Show answer
Answer: विराट
Why:

विराट यानी अत्यंत विशाल।

Q18 सही या ग़लत — कवि इस भाग में कहते हैं कि आदमी तुच्छ और बेकार है। advanced
  • A सही, वे आदमी को तुच्छ ही बताते हैं
  • B ग़लत, वे केवल आकार की तुलना रख रहे हैं
  • C ग़लत, वे आदमी को सबसे बड़ा बताते हैं
  • D सही, वे आदमी से नाराज़ दिखाई देते हैं
Show answer
Answer: ग़लत, वे केवल आकार की तुलना रख रहे हैं
Why:

छोटा होना अपने आप में दोष नहीं है; दोष उसे भूल जाने में है।

Q19 अभिकथन: कवि इस भाग में कहीं कोई संख्या नहीं देते। कारण: एक के भीतर दूसरा रखने का क्रम ही विस्तार दिखा देता है। advanced
  • A दोनों सही हैं; कारण अभिकथन को समझाता है
  • B दोनों सही हैं; कारण अभिकथन को नहीं समझाता
  • C अभिकथन सही है; परंतु उसका कारण ग़लत है
  • D अभिकथन ग़लत है; परंतु उसका कारण सही है
Show answer
Answer: दोनों सही हैं; कारण अभिकथन को समझाता है
Why:

दोनों सही हैं और कारण अभिकथन को समझाता है। क्रम स्वयं काम कर जाता है, इसलिए आँकड़े की आवश्यकता नहीं रहती।

Q20 अभिकथन: कविता की पंक्तियाँ बहुत छोटी हैं। कारण: कवि को हिंदी में लंबी पंक्ति लिखना नहीं आता था। advanced
  • A दोनों सही हैं; कारण अभिकथन को समझाता है
  • B दोनों सही हैं; कारण अभिकथन को नहीं समझाता
  • C अभिकथन सही है; परंतु उसका कारण ग़लत है
  • D अभिकथन ग़लत है; परंतु उसका कारण सही है
Show answer
Answer: अभिकथन सही है; परंतु उसका कारण ग़लत है
Why:

अभिकथन सही है और कारण ग़लत। छोटी पंक्तियाँ जान-बूझकर रखी गई हैं, ताकि पढ़ते हुए विस्तार और तेज़ लगे।

Q21 कविता की सीढ़ी के बारे में तीन कथन नीचे दिए गए हैं। I. वह एक कमरे से आरंभ होती है। II. उसमें नगर प्रदेश के भीतर आता है। III. वह पृथ्वी पर आकर रुक जाती है। इनमें से कौन-से कथन सही हैं? advanced
  • A केवल I और II
  • B केवल II और III
  • C केवल I और III
  • D I, II और III
Show answer
Answer: केवल I और II
Why:

I और II सही हैं। III ग़लत है — सीढ़ी पृथ्वी के बाद नक्षत्र, नभ गंगा और ब्रह्मांड तक जाती है।

Q22 कक्षा में एक विद्यार्थी कहता है कि यह केवल खगोल की जानकारी देने वाली कविता है। इस भाग के आधार पर उसे क्या उत्तर मिलेगा? advanced
  • A कविता केवल कमरे और घर की बात करती है
  • B वह ठीक कहता है, कविता में तारों की गिनती दी गई है
  • C कविता का खगोल से कोई संबंध ही नहीं है
  • D कवि आँकड़े नहीं देते; वे तुलना के लिए यह क्रम रखते हैं
Show answer
Answer: कवि आँकड़े नहीं देते; वे तुलना के लिए यह क्रम रखते हैं
Why:

उद्देश्य जानकारी देना नहीं, आदमी को विराट के सामने रखना है।

Q23 कल्पना कीजिए कि कोई इस सीढ़ी का चित्र बनाना चाहता है। उसे सबसे नीचे और सबसे ऊपर क्या रखना होगा? intermediate
  • A नीचे ब्रह्मांड और ऊपर कमरा
  • B नीचे कमरा और ऊपर ब्रह्मांड
  • C नीचे नगर और ऊपर पृथ्वी
  • D नीचे पृथ्वी और ऊपर नगर
Show answer
Answer: नीचे कमरा और ऊपर ब्रह्मांड
Why:

क्रम कमरे से शुरू होकर ब्रह्मांड तक जाता है।

Q24 मिलान कीजिए — नभ गंगा की परिधि का भाव है — beginner
  • A नगर की सीमा
  • B पृथ्वी की सुंदरता
  • C ब्रह्मांड की विशालता
  • D घर की चारदीवारी
Show answer
Answer: ब्रह्मांड की विशालता
Why:

परिधि सबको समेटे हुए है — यही विशालता का संकेत है।

Q25 मिलान कीजिए — दो व्यक्ति कमरे में, कमरे से छोटे का भाव है — beginner
  • A घर के भीतर का दृश्य
  • B कमरे की सुंदरता का वर्णन
  • C दो मित्रों की बातचीत
  • D आदमी के छोटेपन का संकेत
Show answer
Answer: आदमी के छोटेपन का संकेत
Why:

यह पंक्ति पूरी रचना की नींव है।

Important short questions (7)

कविता का पहला दृश्य क्या है और उसमें कवि क्या जोड़ देते हैं?

एक कमरा, जिसमें दो लोग हैं। कवि तुरंत जोड़ देते हैं कि वे दोनों कमरे से छोटे हैं।

कविता की सीढ़ी को क्रम से लिखिए।

कमरा, घर, मुहल्ला, नगर, प्रदेश, देश, पृथ्वी, नक्षत्र, नभ गंगा और ब्रह्मांड। हर पड़ाव पिछले को अपने भीतर समेट लेता है।

कवि बार-बार कितनी शब्द क्यों दोहराते हैं?

क्योंकि हर ब्रह्मांड में पृथ्वियों, भूमियों और सृष्टियों की गिनती संभव ही नहीं है। जहाँ संख्या न बताई जा सके, वहाँ यही शब्द सबसे ठीक बैठता है।

अनुपात शब्द का अर्थ बताइए और कहिए कि कविता में वह किनके बीच का है।

अनुपात यानी दो चीज़ों के बीच का सापेक्ष माप। कविता में वह आदमी और विराट के बीच का है।

कवि कोई संख्या न देकर भी विस्तार कैसे दिखा देते हैं?

वे एक चीज़ को दूसरी के भीतर रखते जाते हैं। यही क्रम किसी भी आँकड़े से अधिक असर करता है, क्योंकि पाठक स्वयं अपने को उसमें ढूँढ़ने लगता है।

इतने बड़े विषय पर पंक्तियाँ छोटी रखने का क्या कारण हो सकता है?

छोटी पंक्ति पढ़ते हुए आँख जल्दी-जल्दी नीचे उतरती है, जिससे विस्तार और तेज़ लगने लगता है। यह उलटा मेल जान-बूझकर रखा गया लगता है।

क्या कवि आदमी को तुच्छ बताना चाहते हैं? अपने शब्दों में लिखिए।

नहीं। वे केवल आकार की तुलना रख रहे हैं। छोटा होना अपने आप में दोष नहीं है; दोष उस छोटेपन को भूल जाने में है।

Long answer questions (3)

कविता की सीढ़ी को क्रम से लिखकर बताइए कि वह पाठक पर क्या असर करती है।

कविता एक कमरे से आरंभ होती है जिसमें दो लोग हैं। फिर वह कमरे को घर के भीतर रखती है, घर को मुहल्ले के भीतर, मुहल्ले को नगर के भीतर और नगर को प्रदेश के भीतर। आगे प्रदेश देश में आता है और देश पृथ्वी पर। फिर पृथ्वी अनगिनत नक्षत्रों में केवल एक रह जाती है। इसके बाद नभ गंगा की परिधि आती है और उसके बाद लाखों ब्रह्मांड। हर पड़ाव पिछले को अपने भीतर समेट लेता है। इसका असर यह होता है कि पाठक हर पंक्ति पर अपने को ढूँढ़ता है और धीरे-धीरे पाता है कि जिस जगह को वह अपनी दुनिया कहता था, वह दिखनी भी बंद हो गई।

कवि आँकड़े दिए बिना भी विशालता कैसे दिखा देते हैं?

कविता में कहीं कोई संख्या नहीं आती। कवि यह नहीं बताते कि तारे कितने हैं या ब्रह्मांड कितने बड़े हैं। उनका ढंग दूसरा है। वे एक चीज़ को दूसरी के भीतर रखते जाते हैं और यह क्रम कहीं रोकते नहीं। जहाँ गिनती असंभव हो जाती है, वहाँ वे केवल कितनी शब्द दोहरा देते हैं — कितनी पृथ्वियाँ, कितनी भूमियाँ, कितनी सृष्टियाँ। इससे पाठक के मन में संख्या नहीं, एक अनुभव बनता है, और वह अनुभव किसी भी आँकड़े से अधिक टिकता है।

इस भाग को पढ़कर क्या यह कहा जा सकता है कि कवि आदमी को तुच्छ मानते हैं? अपने विचार लिखिए।

नहीं, ऐसा कहना ठीक नहीं होगा। कवि आदमी की लघुता अवश्य दिखाते हैं, पर वे उसे दोष नहीं कहते। वे केवल दो चीज़ें एक तराज़ू पर रखते हैं — एक ओर आदमी और दूसरी ओर वह सारा विस्तार जो गिनाया गया। आकार में छोटा होना किसी के बस की बात नहीं है, इसलिए उसे दोष कहा भी नहीं जा सकता। कवि की असली बात आगे आती है, जहाँ वे दिखाते हैं कि इतना छोटा होकर भी आदमी क्या-क्या करता है। इसलिए यह भाग निंदा नहीं, केवल एक माप है, और उस माप के बिना आगे की बात समझ ही नहीं आती।

Flashcards (17)

कविता का पहला दृश्य क्या है?
एक कमरा, जिसमें दो लोग हैं और दोनों कमरे से छोटे हैं।
सीढ़ी का क्रम क्या है?
कमरा, घर, मुहल्ला, नगर, प्रदेश, देश, पृथ्वी, नक्षत्र, नभ गंगा, ब्रह्मांड।
अनगिनत नक्षत्रों के बीच पृथ्वी कैसी है?
छोटी — करोड़ों में केवल एक।
परिधि का अर्थ क्या है?
घेरा, यानी किसी गोल आकार की बाहरी सीमा।
नभ गंगा किसे कहते हैं?
आकाश की उस चमकीली पट्टी को, जो रात में नदी जैसी दिखती है।
हर ब्रह्मांड में कवि किनकी अनगिनत संख्या बताते हैं?
पृथ्वियों, भूमियों और सृष्टियों की।
कवि बार-बार कितनी शब्द क्यों दोहराते हैं?
क्योंकि वहाँ गिनती संभव ही नहीं है।
अनुपात का अर्थ क्या है?
दो चीज़ों के बीच का सापेक्ष माप — एक दूसरे के सामने कितना है।
कविता में अनुपात किनके बीच का है?
आदमी और विराट के बीच का।
विराट का अर्थ क्या है?
अत्यंत विशाल।
कवि कोई संख्या क्यों नहीं देते?
क्योंकि एक के भीतर दूसरा रखने का क्रम ही आँकड़ों से अधिक असर करता है।
पंक्तियाँ छोटी रखने का क्या लाभ है?
पढ़ते हुए आँख जल्दी नीचे उतरती है और विस्तार तेज़ लगने लगता है।
शीर्षक किस प्रकार का है?
एक माप, जो पाठक को तुलना की ओर ले जाता है।
क्या कवि आदमी को तुच्छ कहते हैं?
नहीं। वे केवल आकार की तुलना रखते हैं।
लघुता का अर्थ क्या है?
छोटापन।
कविता पढ़ते समय कौन-सा प्रश्न अपने आप से पूछें?
अब मैं कहाँ हूँ — कमरे में, नगर में, या नभ गंगा में?
कमरे के ठीक बाद कौन-सा घेरा आता है?
घर।

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  • सीढ़ी क्रम में लगाइए
  • शब्द और अर्थ
  • सही या भ्रम
  • घेरा छोटा या बड़ा
  • झटपट उत्तर

दीवारें, अहं और कवि

माप रखने के बाद कविता मुड़ती है — पाँच भाव, शंख जैसी अनगिनत दीवारें, और अंत में वही कमरा जहाँ दो लोग दो दुनियाएँ बना बैठे हैं। साथ में कवि गिरिजा कुमार माथुर का परिचय।

What you will be able to do

  • मैं बता सकता/सकती हूँ कि कविता किस मोड़ पर माप से व्यवहार की ओर मुड़ती है।
  • मैं उन पाँच भावों को गिना सकता/सकती हूँ जिनमें आदमी लीन बताया गया है।
  • मैं समझा सकता/सकती हूँ कि दीवारों की तुलना शंख से क्यों की गई।
  • मैं बता सकता/सकती हूँ कि कविता का अंत उसी कमरे में क्यों होता है।
  • मैं कवि गिरिजा कुमार माथुर का संक्षिप्त परिचय दे सकता/सकती हूँ।

Key points

  • इस पर भी आदमी — इन तीन शब्दों पर कविता माप की बात छोड़कर व्यवहार की बात पर आ जाती है।

  • आदमी पाँच भावों में लीन बताया गया है — ईर्ष्या, अहं, स्वार्थ, घृणा और अविश्वास। लीन यानी डूबा हुआ।

  • पाँचों भीतर के भाव हैं और पाँचों का परिणाम एक ही है — आदमी अकेला पड़ता जाता है।

  • संख्यातीत का अर्थ है जिनकी गिनती न हो सके; शंख में परत पर परत चढ़ती है और भीतर वाला बाहर नहीं निकल पाता।

  • पहले भाग के घेरे आदमी को बड़ी चीज़ से जोड़ते थे; ये दीवारें उसी आकार की हैं पर उसे सबसे काटती हैं।

  • दूजा यानी दूसरा और स्वामी यानी मालिक — जो करोड़ों में एक है, वही किसी का मालिक बनना चाहता है।

  • अंतिम पंक्ति उसी कमरे पर लौट आती है जहाँ से रचना शुरू हुई थी, और वहाँ दो लोग दो दुनियाएँ बना बैठे हैं।

  • कवि गिरिजा कुमार माथुर मध्य प्रदेश के अशोक नगर जनपद के थे और आकाशवाणी में उन्होंने कई बड़े पद सँभाले।

Full explanation

तीन शब्द, और कविता मुड़ जाती है

माप रख देने के बाद कवि तीन शब्द लिखते हैं — इस पर भी आदमी। इन तीन शब्दों में पूरी रचना का मोड़ है। इतना छोटा होकर भी, इतना जान लेने के बाद भी, आदमी कुछ ऐसा करता है जो कवि को कहना है। पहले भाग में माप था; यहाँ से व्यवहार की बात शुरू होती है।

पाँच भाव, एक पंक्ति

कवि पाँच चीज़ें गिनाते हैं जिनमें आदमी लीन रहता है — ईर्ष्या, अहं, स्वार्थ, घृणा और अविश्वास। लीन का अर्थ है डूबा हुआ। ध्यान दीजिए, पाँचों में कोई बाहरी शत्रु नहीं है। पाँचों भीतर के भाव हैं, और पाँचों दूसरों से दूरी बनाते हैं।

पाँचों एक ही काम करते हैं

ईर्ष्या दूसरे के सुख से जलना है, अहं अपने को बड़ा मानना, स्वार्थ केवल अपना सोचना, घृणा किसी को नीचा समझना और अविश्वास किसी पर भरोसा न करना। अलग-अलग दिखते हुए भी पाँचों का परिणाम एक है — आदमी अकेला पड़ता जाता है।

शंख जैसी दीवारें

अगली पंक्ति सबसे कठिन और सबसे सुंदर है — संख्यातीत शंख सी दीवारें उठाता है। संख्यातीत का अर्थ है जिनकी गिनती न हो सके। शंख वह सफ़ेद, घुमावदार सीप है जिसे बजाया जाता है। उसकी बनावट परत पर परत चढ़ती चली जाती है।

शंख की तुलना क्यों

शंख चुना जाना कोई साधारण बात नहीं है। शंख के भीतर चक्कर पर चक्कर होते हैं और हर चक्कर पिछले से छोटा। जो भीतर है वह बाहर नहीं निकल पाता। कवि कह रहे हैं कि आदमी अपने चारों ओर वैसी ही परतें चढ़ाता जाता है — एक के भीतर एक, और अनगिनत।

पहले भाग से जोड़िए

यहीं इस कविता की सबसे गहरी बात निकलती है। पहले भाग में घेरे थे — कमरा, घर, नगर। वे घेरे आदमी को किसी बड़ी चीज़ से जोड़ते थे। ये दीवारें भी घेरे हैं, पर ये उसे सबसे काटती हैं। एक ही आकृति, और उलटा काम।

अपने को दूजे का स्वामी

आगे कवि लिखते हैं कि आदमी अपने को दूजे का स्वामी बताता है। दूजा यानी दूसरा, और स्वामी यानी मालिक। जो अभी-अभी करोड़ों में एक दिखाया गया था, वही अब किसी और का मालिक बनना चाहता है। कवि यह विरोध बिना एक शब्द की टिप्पणी के सामने रख देते हैं।

देशों की कौन कहे

अंतिम भाग एक छोटे वाक्य से शुरू होता है — देशों की कौन कहे। यानी देशों के बीच की दीवारों की तो बात ही छोड़िए। कवि बड़े झगड़ों को एक वाक्य में किनारे रख देते हैं, क्योंकि उनका असली उदाहरण और छोटा है।

एक कमरे में दो दुनिया

आख़िरी पंक्ति है — एक कमरे में दो दुनिया रचाता है। वही कमरा, जिससे कविता शुरू हुई थी। उसमें दो लोग थे, और अब वे दो अलग दुनियाएँ बना बैठे हैं। जिस जगह से माप शुरू हुआ था, वहीं आकर कविता समाप्त होती है।

गोलाई का अर्थ

कविता का आरंभ और अंत एक ही कमरे में होना संयोग नहीं है। बीच में पाठक ब्रह्मांड तक जाकर लौटा है। लौटने पर वही कमरा अलग दिखता है, क्योंकि अब पता है कि वह कितना छोटा है — और उसी में दो दुनियाएँ बन गई हैं।

रचाता शब्द का चुनाव

रचाना शब्द ध्यान देने योग्य है। रचना कोई अच्छी चीज़ बनाने के लिए कहा जाता है — कविता रची जाती है, सृष्टि रची जाती है। कवि वही शब्द यहाँ दीवार के लिए काम में लाते हैं। जिस कौशल से कुछ सुंदर बन सकता था, उसी से यह बना है।

कवि कौन हैं

इस रचना के कवि गिरिजा कुमार माथुर हैं। वे मध्य प्रदेश के अशोक नगर जनपद के रहने वाले थे, और उनका जीवन-काल उन्नीस सौ उन्नीस से उन्नीस सौ चौरानबे तक रहा। उनके पिता का नाम देवीचरण माथुर था और वे भी कविता लिखा करते थे, इसलिए घर में ही कविता का वातावरण मिला।

आकाशवाणी और अन्य लेखन

आकाशवाणी में उन्होंने एक के बाद एक कई बड़े पद सँभाले। कविता के साथ-साथ उनकी लेखनी से नाटक, गीत, कहानी और निबंध भी निकले। यानी वे किसी एक विधा में बँधे नहीं रहे, और यह विविधता उनकी भाषा में भी दिखती है।

उनकी कृतियाँ

उनकी प्रमुख कृतियों में मंजीर गिनी जाती है, और उसके साथ नाश और निर्माण, शिलापंख चमकीले, धूप के धान तथा मैं वक्त के हूँ सामने भी। नामों पर ध्यान दीजिए — उनमें भी एक छोटी चीज़ के साथ कोई बड़ी चीज़ रखी हुई दिखती है, जैसे इस कविता में।

होंगे कामयाब

एक बात उन्हें सबके बीच पहचान दिलाती है। प्रसिद्ध भावांतर गीत होंगे कामयाब की रचना उन्होंने ही की थी। भावांतर का अर्थ है किसी रचना का भाव दूसरी भाषा में ले आना। वह गीत आज भी सभाओं में गाया जाता है, और उसका स्वर आशा का है — जो इस कविता की चिंता से ठीक दूसरी ओर जाता है।

एक चिह्न, जो ठहराव बनाता है

कविता की पहली ही पंक्ति के बाद एक लंबी रेखा आती है, और उसे निदेशक चिह्न कहा जाता है। यह विराम चिह्नों में से एक है। उसका काम आगे कही जाने वाली बात को खोलना या उसका उदाहरण देना होता है। यहाँ वह एक ठहराव भी बना देता है। पढ़ने वाला उस रेखा पर रुकता है, और उसके बाद जो आता है वह पहले से भारी लगता है।

बढ़ाकर कहना, और प्रश्न में छिपा व्यंग्य

इस रचना के दो और औज़ार गिनने लायक़ हैं। पहला अतिशयोक्ति है, यानी बात को नाप से बड़ा करके कहना। कितनी पृथ्वियाँ, कितनी भूमियाँ, कितनी सृष्टियाँ — गिनती छोड़कर केवल कितनी दोहराने से आकार और बढ़ जाता है। दूसरा औज़ार प्रश्न की शैली है। कवि सीधे यह नहीं कहते कि आदमी का अहंकार बेमानी है। वे ऐसी बात रख देते हैं जिसके बाद प्रश्न अपने आप उठता है। इसी ढंग को व्यंग्य कहते हैं, क्योंकि चोट सीधी नहीं की जाती और फिर भी लगती है।

Concepts and terms

संख्यातीत

संख्या से अतीत, यानी गिनती से परे। जिस चीज़ की संख्या बताई ही न जा सके, उसे संख्यातीत कहते हैं। कविता में दीवारें संख्यातीत हैं, इसलिए यह कहना असंभव है कि आदमी ने कितनी बना रखी हैं।

शंख जैसी बनावट

शंख वह सफ़ेद घुमावदार सीप है जिसे बजाया जाता है। उसके भीतर चक्कर पर चक्कर होते हैं और हर चक्कर पिछले से छोटा। जो भीतर है वह बाहर नहीं निकल पाता, और यही बनावट कवि को दीवारों के लिए सटीक लगी।

लीन होना

लीन का अर्थ है डूबा हुआ या खोया हुआ। कविता कहती है कि आदमी ईर्ष्या, अहं, स्वार्थ, घृणा और अविश्वास में लीन रहता है — यानी वह इनमें इतना डूबा है कि बाहर का माप उसे याद ही नहीं रहता।

भावांतर

भावांतर का अर्थ है किसी रचना का भाव दूसरी भाषा में ले आना। यह शब्दशः अनुवाद से अलग है, क्योंकि इसमें शब्द नहीं, भाव उतारा जाता है। होंगे कामयाब एक प्रसिद्ध भावांतर गीत है।

आकाशवाणी

आकाशवाणी भारत की सरकारी रेडियो सेवा है, जहाँ से समाचार, गीत और नाटक प्रसारित होते हैं। कवि वहाँ कई महत्वपूर्ण पदों पर रहे, और रेडियो के लिए लिखना उनकी भाषा को सहज रखने में सहायक रहा होगा।

सावधान

भ्रम और सच

मिलाकर देखो

Scenario:

आठवीं कक्षा के दो विद्यार्थी एक ही बेंच पर बैठते हैं। किसी छोटी बात पर उनमें अनबन हो जाती है और वे बेंच के बीच पेंसिल से एक रेखा खींच देते हैं। अगले दिन रेखा गहरी हो जाती है और वे अपनी किताबें भी अपनी-अपनी ओर रखने लगते हैं। धीरे-धीरे कक्षा के और बच्चे भी दो हिस्सों में बँटने लगते हैं। एक सप्ताह बाद शिक्षिका पूछती हैं कि झगड़ा किस बात पर हुआ था, तो दोनों को याद ही नहीं आता। रेखा अब भी बेंच पर बनी हुई है।

Analysis:

यह प्रसंग कविता की अंतिम पंक्ति का ठीक उदाहरण है। एक कमरे में, बल्कि एक बेंच पर, दो दुनियाएँ रच दी गईं। दीवार ईंट की नहीं थी, पर वह काम वही कर रही थी। ध्यान देने की बात यह है कि कारण भूल जाने पर भी रेखा बनी रही, और परतें बढ़ती गईं — ठीक शंख की तरह, जहाँ एक चक्कर के भीतर दूसरा बनता जाता है।

Activity:

अपनी कक्षा या मुहल्ले की ऐसी एक रेखा सोचिए जो दिखाई नहीं देती पर काम करती है। उस पर पाँच पंक्तियाँ लिखिए और अंत में एक पंक्ति में बताइए कि उसे मिटाने के लिए पहला क़दम क्या होगा।

करके देखो

Title:

शंख बनाकर देखिए

Safety:

गोंद का प्रयोग करते समय हाथ साफ़ रखिए।

What You Notice:

जैसे-जैसे परतें बढ़ती हैं, भीतर वाला हिस्सा दिखना बंद हो जाता है। कविता की दीवारें भी इसी तरह काम करती हैं।

Did you know

कवि ने प्रसिद्ध गीत होंगे कामयाब की रचना की थी, जो आज भी सभाओं में गाया जाता है।

उनके पिता का नाम देवीचरण माथुर था और वे भी कविता लिखा करते थे, इसलिए यह वातावरण उन्हें घर में ही मिला।

कविता में कवि कहीं क्रोध नहीं दिखाते, फिर भी उनकी बात सबसे कड़ी पड़ती है।

Memory tricks

पाँच भाव याद रखने का सूत्र — ईर्ष्या, अहं, स्वार्थ, घृणा, अविश्वास — पाँचों भीतर के, पाँचों अकेला करने वाले।

कविता की गोलाई — कमरा → ब्रह्मांड → कमरा। जहाँ से चले, वहीं लौटे।

Practice MCQs with answers (25)

Q1 माप रख देने के बाद कवि जिन तीन शब्दों से कविता को मोड़ देते हैं, वे हैं — beginner
  • A देशों की कौन कहे
  • B यह है अनुपात
  • C इस पर भी आदमी
  • D अपने को दूजे का
Show answer
Answer: इस पर भी आदमी
Why:

इन तीन शब्दों के बाद माप की बात छूटकर व्यवहार की बात शुरू होती है।

Q2 कवि लिखते हैं कि आदमी ईर्ष्या और अहं जैसे भावों में लीन रहता है। इस वाक्य में लीन शब्द क्या बताता है? beginner
  • A थका हुआ
  • B डूबा हुआ
  • C रुका हुआ
  • D भूला हुआ
Show answer
Answer: डूबा हुआ
Why:

आदमी उन पाँच भावों में लीन, यानी डूबा हुआ, रहता है।

Q3 कवि आदमी को जिन पाँच भावों में लीन बताते हैं, उनमें कौन-सा शामिल नहीं है? beginner
  • A अविश्वास
  • B ईर्ष्या
  • C घृणा
  • D उदारता
Show answer
Answer: उदारता
Why:

पाँच भाव हैं — ईर्ष्या, अहं, स्वार्थ, घृणा और अविश्वास।

Q4 उन पाँचों भावों में जो बात साझी है, वह सबसे ठीक किस वाक्य में कही गई है? advanced
  • A पाँचों भीतर के भाव हैं और पाँचों आदमी को दूसरों से काटते जाते हैं
  • B पाँचों किसी बाहरी शत्रु के कारण आदमी के भीतर पैदा हो जाते हैं
  • C पाँचों किसी एक दिन में आते हैं और अगले ही दिन चले भी जाते हैं
  • D पाँचों केवल बड़े लोगों में होते हैं, बच्चों में कभी नहीं दिखते
Show answer
Answer: पाँचों भीतर के भाव हैं और पाँचों आदमी को दूसरों से काटते जाते हैं
Why:

अलग-अलग दिखते हुए भी पाँचों का परिणाम एक ही है।

Q5 दीवारों के साथ कवि संख्यातीत विशेषण लगाते हैं। उस विशेषण से उन दीवारों के विषय में क्या पता चलता है? beginner
  • A जो बहुत ऊँचे हों
  • B जो बहुत पुराने पड़ चुके हों
  • C जिनकी गिनती न हो सके
  • D जो बहुत दूर हों
Show answer
Answer: जिनकी गिनती न हो सके
Why:

संख्या से अतीत, यानी गिनती से परे।

Q6 दीवारों की तुलना शंख से करने का सबसे उपयुक्त कारण कौन-सा है? advanced
  • A शंख समुद्र के किनारे बहुत आसानी से मिल जाता है और सस्ता होता है
  • B शंख में परत पर परत चढ़ती है और भीतर वाला बाहर नहीं निकल पाता
  • C शंख को बजाने पर उसकी आवाज़ बहुत दूर तक सुनाई दे जाती है
  • D शंख का रंग सफ़ेद होता है और सफ़ेद रंग दीवारों पर किया जाता है
Show answer
Answer: शंख में परत पर परत चढ़ती है और भीतर वाला बाहर नहीं निकल पाता
Why:

शंख के भीतर चक्कर पर चक्कर होते हैं, हर चक्कर पिछले से छोटा।

Q7 पहले भाग के घेरों और इन दीवारों में सबसे बड़ा अंतर क्या है? advanced
  • A घेरे गिने जा सकते हैं जबकि दीवारों की गिनती बहुत कठिन है
  • B घेरे दिखाई देते हैं जबकि दीवारें कभी किसी को दिखाई नहीं देतीं
  • C घेरे आदमी ने बनाए हैं और दीवारें प्रकृति ने स्वयं खड़ी की हैं
  • D घेरे आदमी को बड़ी चीज़ से जोड़ते हैं, दीवारें उसे सबसे काटती हैं
Show answer
Answer: घेरे आदमी को बड़ी चीज़ से जोड़ते हैं, दीवारें उसे सबसे काटती हैं
Why:

एक ही आकृति है, पर दोनों का काम उलटा है।

Q8 दूजा और स्वामी शब्दों का अर्थ क्रमशः क्या है? beginner
  • A दूसरा और मालिक
  • B दूर और सेवक
  • C दूना और साथी
  • D दुखी और राजा
Show answer
Answer: दूसरा और मालिक
Why:

आदमी अपने को दूजे का, यानी दूसरे का, स्वामी बताता है।

Q9 जो करोड़ों में एक दिखाया गया था, वही दूसरे का मालिक बनना चाहता है। कवि इस विरोध को किस तरह सामने रखते हैं? advanced
  • A ज़ोर से डाँटकर और आदमी को बुरा-भला कहकर
  • B बहुत लंबी व्याख्या देकर और पाठक को बार-बार समझा-बुझाकर
  • C बिना किसी टिप्पणी के, केवल दोनों बातें पास-पास रखकर
  • D कोई प्रश्न पूछकर और उसका उत्तर स्वयं देकर
Show answer
Answer: बिना किसी टिप्पणी के, केवल दोनों बातें पास-पास रखकर
Why:

कवि कहीं क्रोध नहीं दिखाते; वे दोनों बातें पास रख देते हैं।

Q10 देशों की कौन कहे — इस छोटे वाक्य से कवि क्या करते हैं? intermediate
  • A देशों के बीच के झगड़ों का विस्तार से वर्णन करने लगते हैं
  • B बड़े झगड़ों को किनारे रखकर और छोटे उदाहरण पर आते हैं
  • C यह बताते हैं कि देशों के बीच कभी कोई झगड़ा होता ही नहीं
  • D पाठक से पूछते हैं कि उसे कौन-सा देश सबसे अच्छा लगता है
Show answer
Answer: बड़े झगड़ों को किनारे रखकर और छोटे उदाहरण पर आते हैं
Why:

उनका असली उदाहरण देशों से भी छोटा है — एक कमरा।

Q11 कविता की अंतिम पंक्ति किस स्थान पर लौट आती है? intermediate
  • A नगर पर, जो प्रदेश में है
  • B पृथ्वी पर, जो छोटी बताई गई
  • C नभ गंगा पर, जो सबको अपने भीतर समेटे है
  • D उसी कमरे पर, जिससे रचना शुरू हुई थी
Show answer
Answer: उसी कमरे पर, जिससे रचना शुरू हुई थी
Why:

वही कमरा लौट आता है, और उसमें अब दो दुनिया हैं — वही दो लोग।

Q12 आरंभ और अंत एक ही कमरे में होने से पाठक पर क्या असर पड़ता है? advanced
  • A लौटने पर वही कमरा अलग दिखता है, क्योंकि अब उसका माप पता है
  • B पाठक को लगता है कि कविता बीच में कहीं अधूरी छूट गई है
  • C पाठक समझ ही नहीं पाता कि यह कविता किस विषय पर लिखी गई है
  • D कविता बहुत लंबी लगने लगती है और ध्यान भटक जाता है
Show answer
Answer: लौटने पर वही कमरा अलग दिखता है, क्योंकि अब उसका माप पता है
Why:

बीच में पाठक ब्रह्मांड तक जाकर लौटा है।

Q13 रचाता शब्द के चुनाव में क्या विशेष बात है? advanced
  • A यह शब्द केवल तुक मिलाने के लिए पंक्ति के अंत में रखा गया है
  • B रचाता शब्द दीवार बनाने के लिए ही सबसे अधिक प्रयोग किया जाता है
  • C रचना सुंदर चीज़ के लिए कही जाती है, पर यहाँ वह दीवार के लिए आई है
  • D यह शब्द कविता में और कहीं नहीं आता, इसलिए विशेष माना जाता है
Show answer
Answer: रचना सुंदर चीज़ के लिए कही जाती है, पर यहाँ वह दीवार के लिए आई है
Why:

जिस कौशल से कुछ सुंदर बन सकता था, उसी से यह बना है।

Q14 आदमी का अनुपात किस कवि की रचना है? beginner
  • A दुष्यंत कुमार
  • B गिरिजा कुमार माथुर
  • C गयाप्रसाद शुक्ल
  • D सोहनलाल द्विवेदी
Show answer
Answer: गिरिजा कुमार माथुर
Why:

यह रचना गिरिजा कुमार माथुर की है।

Q15 कवि का जन्म किस प्रदेश में हुआ था? beginner
  • A बिहार
  • B उत्तर प्रदेश
  • C राजस्थान
  • D मध्य प्रदेश
Show answer
Answer: मध्य प्रदेश
Why:

वे मध्य प्रदेश के अशोक नगर जनपद के थे।

Q16 कवि के पिता के विषय में कविता-परिचय क्या बताता है? beginner
  • A वे भी कविताएँ लिखते थे
  • B वे आकाशवाणी में काम करते थे
  • C वे एक विद्यालय चलाते थे
  • D वे नाटक खेला करते थे
Show answer
Answer: वे भी कविताएँ लिखते थे
Why:

देवीचरण माथुर भी कविताएँ लिखते थे, इसलिए घर में ही कविता का वातावरण था।

Q17 कवि किस संस्था में कई महत्वपूर्ण पदों पर रहे? beginner
  • A डाक विभाग में
  • B रेलवे में
  • C आकाशवाणी में
  • D विश्वविद्यालय में
Show answer
Answer: आकाशवाणी में
Why:

कविता के अलावा कहानी, निबंध, नाटक और गीत भी उन्होंने लिखे।

Q18 इनमें से कौन-सी कृति गिरिजा कुमार माथुर की है? beginner
  • A साये में धूप
  • B शिलापंख चमकीले
  • C कृषक क्रंदन
  • D त्रिशूल तरंग
Show answer
Answer: शिलापंख चमकीले
Why:

नाश और निर्माण, मंजीर, मैं वक्त के हूँ सामने तथा धूप के धान भी उन्हीं की हैं।

Q19 भावांतर शब्द का अर्थ क्या है? intermediate
  • A किसी रचना में कुछ और नए पात्र जोड़ ही देना
  • B किसी रचना का शीर्षक बदल देना
  • C किसी रचना को गद्य में लिख देना
  • D किसी रचना का भाव दूसरी भाषा में ले आना
Show answer
Answer: किसी रचना का भाव दूसरी भाषा में ले आना
Why:

होंगे कामयाब एक प्रसिद्ध भावांतर गीत है।

Q20 रिक्त स्थान भरिए — संख्यातीत ______ सी दीवारें उठाता है। beginner
  • A शंख
  • B शिला
  • C शाख
  • D शंकु
Show answer
Answer: शंख
Why:

शंख की बनावट में परत पर परत चढ़ती चली जाती है।

Q21 रिक्त स्थान भरिए — एक कमरे में दो ______ रचाता है। beginner
  • A दरवाज़े
  • B दीवार
  • C दुनिया
  • D दीपक
Show answer
Answer: दुनिया
Why:

वही कमरा, जिससे रचना शुरू हुई थी।

Q22 सही या ग़लत — कवि इस भाग में आदमी पर क्रोध करते हुए दिखाई देते हैं। advanced
  • A सही, वे तो पूरी कविता में आदमी को सदा ही डाँटते हुए चलते हैं
  • B ग़लत, वे कहीं क्रोध नहीं दिखाते, केवल बातें पास-पास रखते हैं
  • C ग़लत, वे आदमी की प्रशंसा करते हुए चलते हैं
  • D सही, वे अंत में आदमी को बुरा-भला कहते हैं
Show answer
Answer: ग़लत, वे कहीं क्रोध नहीं दिखाते, केवल बातें पास-पास रखते हैं
Why:

विरोध दिखाने के लिए उन्हें कोई टिप्पणी करनी ही नहीं पड़ती।

Q23 अभिकथन: कवि दीवारों की तुलना शंख से करते हैं। कारण: शंख में परत पर परत चढ़ती है और भीतर वाला बाहर नहीं निकल पाता। advanced
  • A दोनों सही हैं; कारण अभिकथन को समझाता है
  • B दोनों सही हैं; कारण अभिकथन को नहीं समझाता
  • C अभिकथन सही है; परंतु उसका कारण ग़लत है
  • D अभिकथन ग़लत है; परंतु उसका कारण सही है
Show answer
Answer: दोनों सही हैं; कारण अभिकथन को समझाता है
Why:

दोनों सही हैं और कारण अभिकथन को समझाता है। आदमी भी अपने चारों ओर वैसी ही अनगिनत परतें चढ़ाता जाता है।

Q24 अभिकथन: कविता का अंत उसी कमरे में होता है जहाँ से वह शुरू हुई थी। कारण: कवि को कोई नया स्थान सूझ नहीं रहा था। advanced
  • A दोनों सही हैं; कारण अभिकथन को समझाता है
  • B दोनों सही हैं; कारण अभिकथन को नहीं समझाता
  • C अभिकथन सही है; परंतु उसका कारण ग़लत है
  • D अभिकथन ग़लत है; परंतु उसका कारण सही है
Show answer
Answer: अभिकथन सही है; परंतु उसका कारण ग़लत है
Why:

अभिकथन सही है और कारण ग़लत। लौटना जान-बूझकर रखा गया है, ताकि वही कमरा अब अलग दिखे।

Q25 कवि गिरिजा कुमार माथुर के बारे में तीन कथन नीचे दिए गए हैं। I. आकाशवाणी में उन्होंने कई बड़े पद सँभाले। II. उन्होंने होंगे कामयाब गीत की रचना की। III. उन्होंने केवल कविताएँ ही लिखीं। इनमें से कौन-से कथन सही हैं? advanced
  • A केवल I और II
  • B केवल II और III
  • C केवल I और III
  • D I, II और III
Show answer
Answer: केवल I और II
Why:

I और II सही हैं। III ग़लत है — कहानी, निबंध, नाटक और गीत भी उन्होंने लिखे।

Important short questions (7)

कविता किस मोड़ पर माप से व्यवहार की ओर आ जाती है?

इस पर भी आदमी — इन तीन शब्दों पर। इनके बाद कवि यह बताने लगते हैं कि इतना छोटा होकर भी आदमी क्या करता है।

कवि किन पाँच भावों को गिनाते हैं और उनमें साझी बात क्या है?

ईर्ष्या, अहं, स्वार्थ, घृणा और अविश्वास। पाँचों भीतर के भाव हैं और पाँचों आदमी को दूसरों से काटते जाते हैं।

दीवारों की तुलना शंख से क्यों की गई है?

क्योंकि शंख के भीतर परत पर परत चढ़ती चली जाती है और जो भीतर है वह बाहर नहीं निकल पाता। आदमी भी अपने चारों ओर वैसी ही अनगिनत परतें चढ़ाता जाता है।

पहले भाग के घेरों और इन दीवारों में क्या अंतर है?

घेरे आदमी को किसी बड़ी चीज़ से जोड़ते थे; ये दीवारें उसी आकार की हैं पर उसे सबसे काट देती हैं। एक ही आकृति, और उलटा काम।

देशों की कौन कहे पंक्ति का क्या काम है?

कवि बड़े झगड़ों को एक वाक्य में किनारे रख देते हैं। कारण यह है कि उनका असली उदाहरण देशों से भी छोटा है — एक कमरा।

कविता का अंत उसी कमरे में क्यों होता है?

ताकि लौटने पर वही कमरा पाठक को अलग दिखे। बीच में वह ब्रह्मांड तक जाकर लौटा है, इसलिए अब उसे उस कमरे का माप पता है।

कवि गिरिजा कुमार माथुर का संक्षिप्त परिचय दीजिए।

वे मध्य प्रदेश के अशोक नगर जनपद के थे और आकाशवाणी में उन्होंने कई बड़े पद सँभाले। कविता के अलावा कहानी, निबंध, नाटक और गीत भी उन्होंने लिखे।

Long answer questions (3)

कविता के दूसरे भाग का क्रम लिखिए — मोड़ से लेकर अंतिम पंक्ति तक।

भाग इन तीन शब्दों से शुरू होता है — इस पर भी आदमी। इसके बाद पाँच भाव गिनाए जाते हैं जिनमें वह लीन रहता है: ईर्ष्या, अहं, स्वार्थ, घृणा और अविश्वास। फिर कहा जाता है कि वह संख्यातीत शंख जैसी दीवारें उठाता है, यानी अनगिनत परतें अपने चारों ओर चढ़ाता जाता है। आगे वह अपने को दूसरे का मालिक बताता है। इसके बाद कवि देशों के झगड़ों को एक वाक्य में किनारे रखते हैं और अंत में उसी कमरे पर लौट आते हैं, जहाँ दो लोग दो अलग दुनियाएँ बना बैठे हैं।

शंख की तुलना इस कविता में कितनी उपयुक्त है? अपने शब्दों में लिखिए।

यह तुलना बहुत सोच-समझकर चुनी गई लगती है। शंख देखने में सुंदर है, पर उसकी बनावट भीतर से बंद है। उसमें चक्कर पर चक्कर होते हैं और हर चक्कर पिछले से छोटा, इसलिए जो भीतर है वह बाहर नहीं निकल पाता। कवि कहते हैं कि आदमी अपने चारों ओर ठीक वैसी ही परतें चढ़ाता जाता है, और उनकी गिनती भी संभव नहीं। तुलना की सबसे बड़ी बात यह है कि शंख कोई भयानक वस्तु नहीं है; वह सुंदर है और पूजा में बजाया भी जाता है। इसी तरह दीवारें भी आदमी को अपनी जगह ठीक ही लगती हैं, और यही इस तुलना को इतना तीखा बनाता है।

यह कविता क्रोध दिखाए बिना भी अपनी बात कड़ाई से कैसे कह देती है?

कवि कहीं डाँटते नहीं और कहीं कोई कठोर शब्द नहीं रखते। उनका ढंग दूसरा है। पहले वे एक माप रखते हैं और दिखाते हैं कि आदमी ब्रह्मांड के सामने कितना छोटा है। फिर वे बिना कोई टिप्पणी किए यह रख देते हैं कि वही आदमी अपने को दूसरे का मालिक बताता है। दोनों बातें पास-पास रखते ही विरोध अपने आप दिखने लगता है और पाठक स्वयं निष्कर्ष निकाल लेता है। अंत में वे सबसे छोटा उदाहरण चुनते हैं — एक कमरा — जिससे बात और भी पास आ जाती है। जो निष्कर्ष पाठक स्वयं निकाले, वह किसी भी डाँट से अधिक टिकता है।

Flashcards (17)

कविता किन तीन शब्दों पर मुड़ती है?
इस पर भी आदमी।
लीन का अर्थ क्या है?
डूबा हुआ या खोया हुआ।
कवि किन पाँच भावों को गिनाते हैं?
ईर्ष्या, अहं, स्वार्थ, घृणा और अविश्वास।
उन पाँचों भावों में साझी बात क्या है?
पाँचों आदमी को दूसरों से काटते जाते हैं।
संख्यातीत का अर्थ क्या है?
जिनकी गिनती न हो सके।
दीवारों की तुलना किससे की गई है?
शंख से — उसमें परत पर परत चढ़ती चली जाती है।
शंख की बनावट में क्या विशेष है?
भीतर चक्कर पर चक्कर होते हैं और भीतर वाला बाहर नहीं निकल पाता।
पहले भाग के घेरों और इन दीवारों में क्या अंतर है?
घेरे जोड़ते थे; दीवारें काटती हैं।
दूजा और स्वामी का अर्थ क्या है?
दूसरा और मालिक।
देशों की कौन कहे से कवि क्या करते हैं?
बड़े झगड़ों को किनारे रखकर एक छोटे उदाहरण पर आते हैं।
अंतिम पंक्ति में उस एक कमरे का क्या हो जाता है?
उसी के भीतर दो अलग दुनिया बन जाती हैं।
आरंभ और अंत एक ही कमरे में क्यों हैं?
ताकि लौटने पर वही कमरा अलग दिखे, क्योंकि अब उसका माप पता है।
रचाता शब्द में क्या विशेष है?
रचना सुंदर चीज़ के लिए कही जाती है, पर यहाँ वह दीवार के लिए आई है।
इस कविता के रचनाकार का नाम क्या है?
गिरिजा कुमार माथुर।
पहली पंक्ति के बाद आई लंबी रेखा को क्या कहते हैं?
निदेशक चिह्न, जो आगे की बात खोलता है।
कवि की कोई तीन कृतियाँ बताइए।
मंजीर, धूप के धान और शिलापंख चमकीले।
भावांतर का अर्थ क्या है?
किसी रचना का भाव दूसरी भाषा में ले आना।

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  • दूसरे भाग का क्रम लगाइए
  • भाव और उसका अर्थ
  • सही या भ्रम
  • जोड़ता है या काटता है
  • झटपट उत्तर

Class 8 Hindi Chapter 9 — frequently asked questions

कविता का पहला दृश्य क्या है और उसमें कवि क्या जोड़ देते हैं?

एक कमरा, जिसमें दो लोग हैं। कवि तुरंत जोड़ देते हैं कि वे दोनों कमरे से छोटे हैं।

कविता की सीढ़ी को क्रम से लिखिए।

कमरा, घर, मुहल्ला, नगर, प्रदेश, देश, पृथ्वी, नक्षत्र, नभ गंगा और ब्रह्मांड। हर पड़ाव पिछले को अपने भीतर समेट लेता है।

कवि बार-बार कितनी शब्द क्यों दोहराते हैं?

क्योंकि हर ब्रह्मांड में पृथ्वियों, भूमियों और सृष्टियों की गिनती संभव ही नहीं है। जहाँ संख्या न बताई जा सके, वहाँ यही शब्द सबसे ठीक बैठता है।

कविता किस मोड़ पर माप से व्यवहार की ओर आ जाती है?

इस पर भी आदमी — इन तीन शब्दों पर। इनके बाद कवि यह बताने लगते हैं कि इतना छोटा होकर भी आदमी क्या करता है।

कवि किन पाँच भावों को गिनाते हैं और उनमें साझी बात क्या है?

ईर्ष्या, अहं, स्वार्थ, घृणा और अविश्वास। पाँचों भीतर के भाव हैं और पाँचों आदमी को दूसरों से काटते जाते हैं।

दीवारों की तुलना शंख से क्यों की गई है?

क्योंकि शंख के भीतर परत पर परत चढ़ती चली जाती है और जो भीतर है वह बाहर नहीं निकल पाता। आदमी भी अपने चारों ओर वैसी ही अनगिनत परतें चढ़ाता जाता है।

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