Class 8 Hindi Chapter 2: दो गौरैया

दो गौरैया is Chapter 2 of NCERT / CBSE Class 8 Hindi (Hindi medium). This page has the complete chapter notes across 4 topics , 100 practice MCQs with answers and explanations , 40 important short and long questions and 68 flashcards — all written to the NCERT / CBSE syllabus and free to read.

सराय बना घर

कहानी के पहले भाग में घर के तीन लोग और उनके अनगिनत किरायेदार मिलते हैं — पक्षी, चूहे, बिल्ली, चमगादड़, कबूतर, छिपकलियाँ, बर्रे और चींटियाँ। पिताजी इसी पर घर को सराय कहते हैं और असली मालिक इन जीवों को बताते हैं।

What you will be able to do

  • सराय वाली तुलना का अर्थ उदाहरण देकर बता सकूँगा।
  • घर में रहने वाले जीवों की सूची बनाकर गिना सकूँगा।
  • मानवीकरण और अतिशयोक्ति को पाठ के उदाहरणों से पहचान सकूँगा।
  • व्यवहार देखकर अनुमान लगाने का ढंग समझा सकूँगा।
  • प्रथम पुरुष में कही गई कहानी को पहचान सकूँगा।

Key points

  • घर में तीन लोग रहते हैं — माँ, पिताजी और कहने वाला लड़का।

  • पिताजी की शिकायत है कि घर सराय हो गया है और उसके सच्चे मालिक वे तीन नहीं हैं।

  • आँगन के आम के पेड़ पर तोते, कौवे और कई तरह की गौरैयाँ जमी रहती हैं।

  • एक ही शोर लड़के को कान फाड़ देने वाला और बाहर के लोगों को गाना लगता है।

  • चूहे बीसियों हैं; उनकी रात-भर की दौड़ से बर्तन लुढ़कते और प्याले चटकते हैं।

  • एक चूहे को अँगीठी की ओट और दूसरे को टंकी का ऊपर भाता है; अनुमान आदत से लगाया गया है।

  • बिल्ली, चमगादड़, कबूतर, छिपकलियाँ, बर्रे और चींटियाँ भी इसी घर में हैं।

  • चींटियों के लिए सेना और छावनी जैसे बड़े शब्द चुने गए हैं, और इसी से हँसी आती है।

  • कहानी घर का लड़का प्रथम पुरुष में सुना रहा है।

Full explanation

पहला वाक्य, और एक शिकायत

कहानी बहुत सीधे ढंग से खुलती है। घर में तीन ही लोग हैं — माँ, पिताजी और वह लड़का जो हमें यह सब सुना रहा है। पर पिताजी की शिकायत यह है कि उनका घर अब घर नहीं, सराय हो गया है। और वे आगे यह भी जोड़ देते हैं कि इस घर के सच्चे मालिक वे तीन नहीं, कोई और हैं।

सराय किसे कहते हैं

सराय वह जगह होती थी जहाँ रास्ता चलने वाले एक रात ठहरते और सवेरे आगे बढ़ जाते। वहाँ कोई किसी को रोकता नहीं, और कोई टिकता भी नहीं। अपने घर को सराय कह देने का अर्थ यही है कि उसमें आने-जाने वालों की गिनती ही नहीं रहती।

आँगन का पेड़

आँगन में आम का एक पेड़ है और उस पर पक्षियों का डेरा जमा रहता है। पिताजी इसी पर एक मज़ाक़ करते हैं। वे कहते हैं कि पहाड़ियों और घाटियों के ऊपर से उड़कर जो भी पक्षी दिल्ली तक पहुँचता है, वह सीधा इसी घर पर उतरता है। लगता है जैसे उसे यहाँ का पता पहले से रटा दिया गया हो। तोते आते हैं, कौवे आते हैं, और कई तरह की गौरैयाँ आती हैं।

एक आवाज़, दो सुनने वाले

अब एक बात पर ध्यान दीजिए, क्योंकि पूरी कहानी का ढंग इसी में है। लड़के को वह आवाज़ इतनी तेज़ लगती है कि कान फट जाने का डर हो; पर जो लोग बाहर खड़े होकर सुनते हैं, उन्हें वही आवाज़ पक्षियों का गाना लगती है। एक ही शोर, और उसे सुनने के दो ढंग।

भीतर की दुनिया — चूहे

घर के अंदर का हाल भी ऐसा ही है। वहाँ चूहे बीसियों की गिनती में बसे हुए हैं। सारी रात वे एक कमरे से दूसरे कमरे की दौड़ लगाते रहते हैं। उनकी उछल-कूद से बर्तन लुढ़कते हैं, डिब्बों के ढक्कन खुल जाते हैं और प्याले चटक जाते हैं, और घर के लोगों की नींद पूरी नहीं हो पाती।

दो चूहे, और दो अलग स्वभाव

यहाँ लेखक एक छोटा-सा कमाल करता है। वह दो चूहों को अलग-अलग पहचान देता है। एक को अँगीठी की ओट पसंद है, और लड़का इससे यह अनुमान लगाता है कि वह बूढ़ा होगा और उसे ठंड सताती होगी। दूसरे को नहाने के कमरे की टंकी के ऊपर चढ़कर बैठना अच्छा लगता है, तो उसे गरमी लगती होगी। ध्यान दीजिए कि अनुमान किस चीज़ से लगाया गया है — रंग-रूप से नहीं, आदत से।

मानवीकरण

जब किसी पशु, पक्षी या वस्तु के बारे में ऐसे लिखा जाए जैसे वह आदमी की तरह सोचता, बोलता या पसंद-नापसंद रखता हो, तो उसे मानवीकरण कहते हैं। इस कहानी में यह एक-दो जगह नहीं, हर जगह है। बिल्ली घर में रहती नहीं, पर घर उसे भाता है, इसलिए वह बीच-बीच में झाँक जाती है। मन हुआ तो भीतर आकर दूध पी गई, मन नहीं हुआ तो बाहर से ही इतना कहकर लौट गई कि अब फिर आएगी।

शाम और दिन के किरायेदार

शाम ढलते ही कुछ चमगादड़ कमरे के एक सिरे से दूसरे सिरे तक पंख खोलकर उड़ने लगते हैं, जैसे कोई कसरत कर रहे हों। कबूतर भी घर में हैं, और उनकी गुटर-गूँ दिन-भर बजती रहती है। लेखक उसे भी संगीत ही कहता है।

और भी रहने वाले

गिनती यहाँ पूरी नहीं होती। घर में छिपकलियाँ हैं, बर्रे हैं, और चींटियाँ इतनी हैं कि लगता है किसी सेना ने आकर छावनी डाल दी हो। सेना और छावनी — ये दो शब्द चींटियों के लिए काम में लाए गए हैं, और इसी से हँसी आती है।

घर के असली मालिक

अब पिताजी की उस शिकायत का अर्थ खुलता है। उनके कहने पर घर के सच्चे मालिक वे नहीं, ये जीव-जंतु हैं, और घर के तीन लोग यहाँ मेहमान की तरह पड़े हुए हैं। यह बात आगे की पूरी कहानी की जड़ है।

यह कहानी कौन सुना रहा है

कहानी किसी बाहरी व्यक्ति ने नहीं सुनाई है। उसे घर का लड़का सुना रहा है। यह बात किसी एक वाक्य से नहीं, कई वाक्यों के ढंग से मालूम होती है। वह हमारे घर कहता है और मैंने देखा कहता है। माँ-पिताजी के लिए भी वही नाम काम में लाता है जो घर का बच्चा लाएगा। इसे प्रथम पुरुष में कहना कहते हैं।

लेखक गिनाता है, निर्णय नहीं देता

पूरे भाग में लेखक एक बार भी नहीं लिखता कि इस परिवार को जीव-जंतु प्यारे हैं, या यह घर गंदा है, या ये लोग परेशान हैं। वह केवल चीज़ें गिनाता जाता है और निर्णय पढ़ने वाले पर छोड़ देता है। कहानी का असर इसी छोड़ देने से बनता है।

बात को बढ़ाकर कहना

हँसी लाने का एक ढंग यह भी है कि बात को नाप से बड़ा कर दिया जाए। चूहे बीसियों हैं, चींटियों की सेना है, और शोर से कान फटने की बात है। कोई भी वाक्य झूठ नहीं लगता, पर हर वाक्य नाप से ज़रा बड़ा है। इसे अतिशयोक्ति कहते हैं।

यह भाग आगे के लिए क्यों रखा गया है

यह पूरा वर्णन एक तैयारी है। जब आगे दो गौरैयाँ भीतर घुसकर घोंसला बना लेंगी, तब पढ़ने वाले को पहले से मालूम रहेगा कि इस घर में हर जीव का आना पहले से चलता आया है। इसी कारण पिताजी का उन दो चिड़ियों पर इतना बिगड़ जाना अपने आप एक मज़ाक़ बन जाता है — चूहे, बर्रे और चींटियाँ तो कभी निकाली ही नहीं गईं।

आज पढ़ते समय तीन शब्द

इस भाग के तीन शब्द आज कम सुनाई देते हैं। सराय वह पुरानी मुसाफ़िरख़ाना जैसी जगह थी। अँगीठी लोहे या मिट्टी का वह छोटा चूल्हा है जिसमें कोयले जलाकर सर्दी में कमरा गरम किया जाता था। बर्रे बड़े डंक वाले उड़ने वाले कीड़े होते हैं। तीनों का अर्थ जान लेने पर यह भाग आज भी वैसा ही खुलता है।

Concepts and terms

सराय

वह पुरानी जगह जहाँ रास्ता चलने वाले एक रात ठहरकर सवेरे आगे बढ़ जाते थे। अपने घर को सराय कहने का अर्थ है कि उसमें आने-जाने वालों की गिनती ही नहीं रहती।

मानवीकरण

किसी पशु, पक्षी या वस्तु के बारे में ऐसे लिखना जैसे वह आदमी की तरह सोचता, बोलता और पसंद-नापसंद रखता हो। बिल्ली का फिर आने की बात कह जाना इसका उदाहरण है।

अतिशयोक्ति

बात को नाप से बड़ा करके कहना। बीसियों चूहे, चींटियों की सेना, और शोर से कान फटने की बात — तीनों इसी ढंग से लिखी गई हैं।

प्रथम पुरुष

जब कहने वाला अपने बारे में मैं कहकर कहानी सुनाता है। यहाँ घर का लड़का हमारे घर और मैंने देखा जैसे शब्द काम में लाता है।

अँगीठी

लोहे या मिट्टी का वह छोटा चूल्हा जिसमें कोयले जलाकर सर्दी में कमरा गरम किया जाता था। एक चूहे को उसी की ओट पसंद थी।

सावधान

भ्रम और सच

मिलाकर देखो

Scenario:

आठवीं कक्षा के दो समूहों को एक ही काम दिया जाता है — अपने विद्यालय के बरामदे में एक सप्ताह तक आने वाले जीवों पर एक पन्ना लिखना। पहला समूह लिखता है कि बरामदा गंदा रहता है और वहाँ जानवरों का आना बुरा है। दूसरा समूह केवल गिनाता है। सवेरे दो कौवे मुँडेर पर बैठते हैं और दोपहर में एक बिल्ली सीढ़ी के नीचे सोती है। शाम को गौरैयाँ पंखे के पीछे जाती हैं, और एक छिपकली रोशनी के पास आ जाती है। वह यह भी लिखता है कि बिल्ली ठीक उसी सीढ़ी के नीचे सोती है जहाँ दोपहर में छाया रहती है। कक्षा में सब कहते हैं कि दूसरे समूह का पन्ना पढ़ने में अधिक अच्छा लगा।

Analysis:

ध्यान देने की बात यह है कि दूसरे समूह ने कोई कठिन शब्द नहीं लिखा। उसने केवल समय, जगह और आदत — ये तीन चीज़ें जोड़कर लिख दीं। यही इस पाठ का ढंग है, और विज्ञान में जीवों का ब्योरा रखने का ढंग भी यही है, जहाँ पहले जो देखा वह लिखा जाता है और राय बाद में बनाई जाती है।

Activity:

अपने घर या आसपास आने वाले किसी एक जीव को तीन दिन देखिए और हर दिन दो पंक्तियाँ लिखिए — वह कब आया, कहाँ बैठा, और क्या किया। तीनों दिन के बाद एक पंक्ति का अनुमान लिखिए।

करके देखो

Title:

अपने घर के किरायेदारों की सूची

Safety:

किसी जीव को छूना या पकड़ना नहीं है, केवल दूर से देखना है।

What You Notice:

सूची अक्सर सोच से लंबी निकलती है, और सबसे कठिन काम आदत लिखना पड़ता है। इसी कठिन काम से कहानी के लेखक का ढंग समझ आता है।

Did you know

पुराने समय में बड़े रास्तों पर थोड़ी-थोड़ी दूर पर सरायें बनाई जाती थीं, जहाँ मुसाफ़िर और उनके पशु एक रात ठहर सकते थे। कई पुराने नगरों के मुहल्लों के नाम आज भी सराय शब्द से बने मिलते हैं।

गौरैया मनुष्य की बस्ती के साथ-साथ रहने वाली चिड़िया है। वह जंगल में कम और घरों के रोशनदानों, छज्जों और पंखों के पीछे अधिक घोंसला बनाती है, और इसी कारण इस कहानी की घटना सच के बहुत पास है।

Memory tricks

घर के किरायेदार याद रखने का सूत्र — प–चू–बि–च–क–छ–ब–चीं — पक्षी, चूहे, बिल्ली, चमगादड़, कबूतर, छिपकली, बर्रे, चींटियाँ। आठ नाम याद रहें तो सराय वाली बात अपने आप खुल जाती है।

दो ढंग, दो नाम — जानवर आदमी जैसा हो तो मानवीकरण, और बात नाप से बड़ी हो तो अतिशयोक्ति। बिल्ली बोली — मानवीकरण। चींटियों की सेना — अतिशयोक्ति।

Practice MCQs with answers (25)

Q1 कहानी के पहले भाग में घर के तीन रहने वालों के नाम गिनाए गए हैं और उसके तुरंत बाद पिताजी की एक शिकायत आती है। वह शिकायत क्या है? beginner
  • A कि उनका घर अब घर नहीं, सराय हो गया है
  • B कि उनका घर अब बहुत छोटा पड़ने लगा है
  • C कि उनका घर बाज़ार से बहुत दूर पड़ता है
  • D कि उनके घर का किराया हर बरस बढ़ जाता है
Show answer
Answer: कि उनका घर अब घर नहीं, सराय हो गया है
Why:

और वे यह भी जोड़ देते हैं कि घर के सच्चे मालिक कोई और हैं।

Q2 सराय वह पुरानी जगह थी जहाँ रास्ता चलने वाले एक रात ठहरकर सवेरे आगे बढ़ जाते थे। अपने घर को सराय कह देने से पिताजी क्या बताना चाहते हैं? beginner
  • A कि उसमें ठहरने के लिए पैसे लिए जाते हैं
  • B कि उसमें आने-जाने वालों की गिनती ही नहीं रहती
  • C कि वह किसी बड़े रास्ते के ठीक किनारे बना है
  • D कि उसमें रात को ही रहने की अनुमति मिलती है
Show answer
Answer: कि उसमें आने-जाने वालों की गिनती ही नहीं रहती
Why:

सराय में कोई किसी को रोकता नहीं, और कोई टिकता भी नहीं।

Q3 आँगन के आम के पेड़ पर पक्षियों के जमे रहने पर पिताजी एक मज़ाक़ करते हैं। उस मज़ाक़ के अनुसार दिल्ली पहुँचा हुआ पक्षी क्या करता है? beginner
  • A केवल जाड़े के दिनों में इस घर की ओर आता है
  • B पहले किसी बड़े बाग़ में उतरता है, और फिर इस घर आता है
  • C सीधा इसी घर उतरता है, जैसे पता रटा दिया गया हो
  • D आम का पेड़ देखकर आगे किसी और घर चला जाता है
Show answer
Answer: सीधा इसी घर उतरता है, जैसे पता रटा दिया गया हो
Why:

यह बात बढ़ाकर कही गई है, और इसी से हँसी आती है।

Q4 पक्षियों की आवाज़ के बारे में कहानी में दो अलग बातें मिलती हैं। लड़के को वह आवाज़ कैसी लगती है और बाहर के लोगों को कैसी? beginner
  • A दोनों को ही मीठी और सुनने में बहुत अच्छी
  • B लड़के को पक्षियों का गाना, और लोगों को कान फाड़ देने वाली
  • C दोनों को ही कान फाड़ देने वाली और बहुत बुरी
  • D लड़के को कान फाड़ देने वाली, और लोगों को पक्षियों का गाना
Show answer
Answer: लड़के को कान फाड़ देने वाली, और लोगों को पक्षियों का गाना
Why:

एक ही शोर, और उसे सुनने के दो ढंग।

Q5 घर के भीतर रहने वाले चूहों के बारे में कहानी तीन बातें बताती है — उनकी गिनती, उनका समय, और उनके कारण होने वाला नुक़सान। वे क्या हैं? beginner
  • A बीसियों, सारी रात, और बर्तन-डिब्बे-प्याले
  • B दो-तीन, केवल दोपहर में, और केवल अनाज
  • C बीसियों, केवल सवेरे, और केवल कपड़े
  • D दो-तीन, सारी रात, और घर की दीवारें
Show answer
Answer: बीसियों, सारी रात, और बर्तन-डिब्बे-प्याले
Why:

उनकी दौड़ से घर के लोगों की नींद पूरी नहीं होती।

Q6 एक चूहे को अँगीठी की ओट में बैठना अच्छा लगता है और दूसरे को नहाने के कमरे की टंकी पर। लड़का इनसे क्या-क्या अनुमान लगाता है? beginner
  • A पहले को गरमी लगती होगी, दूसरे को ठंड
  • B पहले को ठंड लगती होगी, दूसरे को गरमी
  • C दोनों को ही ठंड बहुत सताती होगी
  • D दोनों को ही अँधेरी जगह अच्छी लगती होगी
Show answer
Answer: पहले को ठंड लगती होगी, दूसरे को गरमी
Why:

और पहले के बारे में वह यह भी सोचता है कि वह बूढ़ा होगा।

Q7 लड़का चूहों के बारे में अनुमान किस चीज़ को देखकर लगाता है, और यह बात पढ़ने वाले के लिए क्यों काम की है? beginner
  • A उनकी गिनती से, क्योंकि गिनती से उनकी उमर पता चलती है
  • B उनके रंग-रूप से, क्योंकि रंग से स्वभाव पता चल जाता है
  • C उनकी आदत देखकर, क्योंकि रंग-रूप से स्वभाव नहीं खुलता
  • D उनकी आवाज़ से, क्योंकि आवाज़ से बीमारी पता चल जाती है
Show answer
Answer: उनकी आदत देखकर, क्योंकि रंग-रूप से स्वभाव नहीं खुलता
Why:

पाठ के अंत की गतिविधि भी व्यवहार देखकर अनुमान लगाने को कहती है।

Q8 किसी पशु, पक्षी या वस्तु के बारे में ऐसे लिखना जैसे वह आदमी की तरह सोचता, बोलता और पसंद-नापसंद रखता हो — इस ढंग को क्या कहा जाता है? beginner
  • A अनुप्रास
  • B अतिशयोक्ति
  • C पुनरुक्ति
  • D मानवीकरण
Show answer
Answer: मानवीकरण
Why:

इस कहानी में यह एक-दो जगह नहीं, लगभग हर जगह मिलता है।

Q9 बिल्ली इस घर में रहती नहीं, पर उसे यह घर भाता है। कहानी के अनुसार उसका आना-जाना किस ढंग से चलता है? beginner
  • A मन हुआ तो दूध पी गई, मन नहीं हुआ तो बाहर से लौट गई
  • B वह हर दिन ठीक एक ही समय पर भीतर आ जाती है
  • C वह केवल रात के समय चुपचाप भीतर घुसती है
  • D वह भीतर आकर चूहों को डराती है, और फिर चुपचाप जाती है
Show answer
Answer: मन हुआ तो दूध पी गई, मन नहीं हुआ तो बाहर से लौट गई
Why:

लौटते समय वह इतना कह जाती है कि अब फिर आएगी।

Q10 शाम ढलने और दिन-भर चलने वाली दो आवाज़ों के बारे में कहानी क्या बताती है? नीचे दिए गए जोड़ों में से सही जोड़ा चुनिए। beginner
  • A शाम को कबूतरों की गुटर-गूँ, दिन-भर चमगादड़ों की कसरत
  • B शाम को चमगादड़ों की कसरत, दिन-भर कबूतरों की गुटर-गूँ
  • C शाम को तोतों का शोर, दिन-भर बिल्ली की आवाज़
  • D शाम को चूहों की दौड़, दिन-भर बर्रों की भनभन
Show answer
Answer: शाम को चमगादड़ों की कसरत, दिन-भर कबूतरों की गुटर-गूँ
Why:

चमगादड़ कमरे के एक सिरे से दूसरे सिरे तक पंख खोलकर उड़ते हैं।

Q11 चींटियों के लिए कहानी में सेना और छावनी जैसे बड़े शब्द काम में लाए गए हैं। इस चुनाव का असर क्या होता है? beginner
  • A घर किसी लड़ाई के मैदान जैसा डरावना लगता है
  • B पढ़ने वाले को चींटियों से डर लगने लगता है
  • C छोटी चीज़ पर बड़ा शब्द लगने से हँसी आ जाती है
  • D चींटियों की ठीक गिनती पढ़ने वाले को मालूम हो जाती है
Show answer
Answer: छोटी चीज़ पर बड़ा शब्द लगने से हँसी आ जाती है
Why:

नाप से बड़ा शब्द चुनना इस कहानी का एक ढंग है।

Q12 कहानी में घर के असली मालिक किन्हें कहा गया है, और यह बात किसके कहने पर आई है? beginner
  • A कहानी लिखने वाले को, और यह पड़ोसियों के कहने पर आई है
  • B माँ और पिताजी को, और यह लड़के के कहने पर आई है
  • C उस घर के मेहमानों को, और यह माँ के कहने पर आई है
  • D उस घर के जीव-जंतुओं को, और यह पिताजी के कहने पर आई है
Show answer
Answer: उस घर के जीव-जंतुओं को, और यह पिताजी के कहने पर आई है
Why:

और घर के तीन लोग यहाँ मेहमान की तरह पड़े हुए हैं।

Q13 यह कहानी किसकी ज़ुबान से कही गई है, और पढ़ने वाले को यह बात कैसे मालूम होती है? beginner
  • A घर के लड़के की, क्योंकि वह हमारे घर और मैंने देखा कहता है
  • B किसी पड़ोसी की, क्योंकि वह घर के बाहर की बातें बताता है
  • C पिताजी की, क्योंकि उनकी शिकायत से कहानी शुरू होती है
  • D माँ की, क्योंकि कहानी में उनकी बातें सबसे अधिक हैं
Show answer
Answer: घर के लड़के की, क्योंकि वह हमारे घर और मैंने देखा कहता है
Why:

अपने बारे में मैं कहकर कही गई कहानी प्रथम पुरुष में होती है।

Q14 पूरे पहले भाग में लेखक एक बार भी नहीं लिखता कि इस परिवार को जीव-जंतु प्यारे हैं या यह घर गंदा है। इसके बदले वह क्या करता है? beginner
  • A हर चीज़ के साथ अपना मत भी लिखता जाता है
  • B चीज़ें गिनाता जाता है और निर्णय पढ़ने वाले पर छोड़ देता है
  • C केवल माँ और पिताजी की बातें लिखता जाता है
  • D अंत में एक ही पंक्ति में पूरी कहानी का सारा अर्थ लिख देता है
Show answer
Answer: चीज़ें गिनाता जाता है और निर्णय पढ़ने वाले पर छोड़ देता है
Why:

कहानी का असर इसी छोड़ देने से बनता है।

Q15 बीसियों चूहे, चींटियों की सेना, और शोर से कान फट जाने की बात — ये तीनों वाक्य एक ही ढंग से लिखे गए हैं। उस ढंग का नाम क्या है? beginner
  • A उपसर्ग
  • B मानवीकरण
  • C अतिशयोक्ति
  • D विलोम
Show answer
Answer: अतिशयोक्ति
Why:

कोई वाक्य झूठ नहीं लगता, पर हर वाक्य नाप से कुछ बड़ा है।

Q16 पहला भाग लगभग पूरा वर्णन है और उसमें कोई बड़ी घटना नहीं होती। फिर भी वह आगे की कहानी के लिए क्यों रखा गया है? beginner
  • A इससे पढ़ने वाले को दिल्ली के उस पूरे मौसम का हाल मालूम हो जाता है
  • B इससे पढ़ने वाले को गौरैयों के नाम पहले ही मालूम हो जाते हैं
  • C इससे घर का नक्शा और कमरों की गिनती साफ़ हो जाती है
  • D इससे पहले ही पता चल जाता है कि इस घर में हर जीव आता-जाता है
Show answer
Answer: इससे पहले ही पता चल जाता है कि इस घर में हर जीव आता-जाता है
Why:

इसी कारण आगे पिताजी का दो चिड़ियों पर बिगड़ना अपने आप मज़ाक़ बन जाता है।

Q17 चूहे, बर्रे और चींटियाँ इस घर से कभी नहीं निकाले गए, पर आगे पिताजी दो गौरैयों के पीछे पड़ जाते हैं। पहले भाग को पढ़ चुका पाठक इसे कैसे पढ़ता है? beginner
  • A एक मज़ाक़ की तरह, क्योंकि बड़े किरायेदार पहले से टिके हुए हैं
  • B एक डर की तरह, क्योंकि गौरैयाँ घर को नुक़सान पहुँचाएँगी
  • C एक नियम की तरह, क्योंकि पक्षी घर में नहीं रहने चाहिए
  • D एक भूल की तरह, क्योंकि पिताजी को चूहे दिखाई नहीं दिए
Show answer
Answer: एक मज़ाक़ की तरह, क्योंकि बड़े किरायेदार पहले से टिके हुए हैं
Why:

तैयारी पहले कर दी गई है, इसलिए घटना अपने आप असर करती है।

Q18 इस भाग के बारे में तीन बातें नीचे पढ़िए। I. घर में माँ, पिताजी और लड़का — कुल तीन लोग रहते हैं। II. उस घर में पक्षियों के सिवा और कोई जीव नहीं रहता। III. पिताजी अपने घर को सराय कह देते हैं। ठीक बातें कौन-सी हैं? intermediate
  • A केवल I और II
  • B केवल II और III
  • C केवल I और III
  • D I, II और III
Show answer
Answer: केवल I और III
Why:

चूहे, बिल्ली, चमगादड़, कबूतर, छिपकली, बर्रे और चींटियाँ भी हैं, इसलिए दूसरी बात ठीक नहीं है।

Q19 अभिकथन: पिताजी के कहने पर घर के असली मालिक वे तीन लोग नहीं हैं। कारण: उस घर में पक्षियों से लेकर चींटियों तक अनेक जीव पहले से बसे हुए हैं और बेरोक आते-जाते हैं। advanced
  • A दोनों सही हैं; कारण अभिकथन को समझाता है
  • B दोनों सही हैं; कारण अभिकथन को नहीं समझाता
  • C अभिकथन सही है; परंतु उसका कारण ग़लत है
  • D अभिकथन ग़लत है; परंतु उसका कारण सही है
Show answer
Answer: दोनों सही हैं; कारण अभिकथन को समझाता है
Why:

कारण ठीक वही बात खोलता है जिसके कारण पिताजी ऐसा कहते हैं।

Q20 किसी कक्षा में एक लड़की अपनी कॉपी में लिखती है कि उनके आँगन का पिल्ला सवेरे की धूप में बैठना पसंद करता है, इसलिए उसे ठंड लगती होगी। उसका यह लिखना इस पाठ की किस बात जैसा है? intermediate
  • A चींटियों के लिए सेना वाला शब्द चुनने जैसा
  • B चूहों की आदत देखकर अनुमान लगाने जैसा
  • C पक्षियों के शोर को संगीत कहने जैसा
  • D घर को सराय कह देने जैसा
Show answer
Answer: चूहों की आदत देखकर अनुमान लगाने जैसा
Why:

दोनों जगह अनुमान आदत से लगाया गया है, रंग-रूप से नहीं।

Q21 अँगीठी शब्द आज कम सुनाई देता है। कहानी में वह किस काम की चीज़ के लिए आया है? beginner
  • A कपड़े टाँगने वाली दीवार में लगी खूँटी
  • B पानी भरकर रखने वाला मिट्टी का बड़ा घड़ा
  • C अनाज रखने वाला लोहे का ऊँचा डिब्बा
  • D कोयले जलाकर कमरा गरम करने वाला छोटा चूल्हा
Show answer
Answer: कोयले जलाकर कमरा गरम करने वाला छोटा चूल्हा
Why:

इसी कारण एक चूहे को उसकी ओट अच्छी लगती थी।

Q22 बर्रे शब्द का अर्थ जान लेना इस भाग में क्यों काम आता है? beginner
  • A क्योंकि वे आँगन के आम के पेड़ पर घोंसला बनाते हैं
  • B क्योंकि वे डंक वाले उड़ने वाले कीड़े घर में रहते बताए गए हैं
  • C क्योंकि उनका नाम गौरैयों के साथ आता है
  • D क्योंकि पिताजी उन्हें रोज़ ही लाठी से बाहर निकाल देते थे
Show answer
Answer: क्योंकि वे डंक वाले उड़ने वाले कीड़े घर में रहते बताए गए हैं
Why:

छिपकलियों और चींटियों के साथ उनका नाम भी गिनाया गया है।

Q23 कहानी में कबूतरों की गुटर-गूँ और पक्षियों के शोर — दोनों के लिए लेखक का चुना हुआ शब्द एक ही है। वह क्या है? beginner
  • A छावनी
  • B कसरत
  • C संगीत
  • D डेरा
Show answer
Answer: संगीत
Why:

और यही शब्द बाद में गौरैयों के गाने के लिए भी लौटता है।

Q24 कहानी का पहला भाग पढ़कर इस घर के बारे में सबसे ठीक बात कौन-सी निकलती है? beginner
  • A वहाँ साल में एक बार ही कोई जीव आता है
  • B वहाँ किसी भी जीव-जंतु को घर के भीतर आने ही नहीं दिया जाता है
  • C वहाँ केवल पालतू जानवर ही रखे जाते हैं
  • D वहाँ आदमी और जीव-जंतु एक साथ, बिना किसी रोक-टोक के रहते हैं
Show answer
Answer: वहाँ आदमी और जीव-जंतु एक साथ, बिना किसी रोक-टोक के रहते हैं
Why:

यही बात पिताजी की सराय वाली शिकायत का आधार है।

Q25 पहले भाग में मानवीकरण का सबसे साफ़ उदाहरण कौन-सा है? beginner
  • A बिल्ली का लौटते समय फिर आने की बात कह जाना
  • B आँगन में आम का एक पेड़ होना
  • C घर में तीन लोगों का रहना
  • D उस घर में रहने वाले चूहों की गिनती बीसियों में होना
Show answer
Answer: बिल्ली का लौटते समय फिर आने की बात कह जाना
Why:

वहाँ बिल्ली आदमी की तरह बोलती दिखाई गई है।

Important short questions (7)

पिताजी अपने घर को सराय क्यों कहते हैं?

सराय वह जगह थी जहाँ मुसाफ़िर एक रात ठहरकर आगे बढ़ जाते थे। इस घर में भी पक्षियों से लेकर चींटियों तक अनेक जीव बेरोक आते-जाते रहते हैं। इसी कारण पिताजी को अपना घर ठहरने की जगह जैसा लगता है।

इस घर में रहने वाले जीवों की सूची बनाइए।

आँगन के पेड़ पर तोते, कौवे और गौरैयाँ रहते हैं। घर के भीतर बीसियों चूहे हैं। बिल्ली आती-जाती रहती है। शाम को चमगादड़ उड़ते हैं और दिन-भर कबूतर बोलते हैं। छिपकलियाँ, बर्रे और चींटियाँ भी वहीं हैं।

एक ही शोर के बारे में कहानी दो अलग बातें कैसे कह देती है?

घर के लड़के को पक्षियों की आवाज़ इतनी तेज़ लगती है कि कान फट जाने का डर हो। पर बाहर खड़े लोगों को वही आवाज़ गाना लगती है। लेखक दोनों बातें साथ रखकर दिखाता है कि एक ही चीज़ सुनने के दो ढंग होते हैं।

दो चूहों के अलग-अलग स्वभाव से लेखक का ढंग कैसे खुलता है?

एक चूहे को अँगीठी की ओट भाती है और दूसरे को टंकी का ऊपर। लड़का इनसे अनुमान लगाता है कि पहले को ठंड और दूसरे को गरमी लगती होगी। ध्यान देने की बात यह है कि अनुमान आदत से लगाया गया है, रंग-रूप से नहीं।

जीवों को आदमी जैसा दिखाने वाले ढंग का नाम और एक नमूना बताइए।

किसी पशु, पक्षी या वस्तु के बारे में ऐसे लिखना जैसे वह आदमी की तरह सोचता और बोलता हो, मानवीकरण कहलाता है। यहाँ बिल्ली लौटते समय इतना कह जाती है कि अब फिर आएगी, जो आदमी का ही ढंग है।

चींटियों के लिए सेना और छावनी जैसे शब्द चुनने से क्या लाभ होता है?

ये शब्द लड़ाई के हैं और चींटियाँ बहुत छोटी हैं। छोटी चीज़ पर इतना बड़ा शब्द लगते ही बात नाप से बड़ी हो जाती है और हँसी आ जाती है। बात बढ़ाकर कहने के इस ढंग को अतिशयोक्ति कहते हैं।

यह कहानी कौन सुना रहा है, और यह बात कैसे पता चलती है?

कहानी घर का लड़का सुना रहा है। वह अपने घर के लिए हमारा घर कहता है और अपने देखे के लिए मैंने देखा कहता है। माँ-पिताजी के लिए भी वही नाम काम में लाता है जो घर का बच्चा लाएगा। इसे प्रथम पुरुष में कहना कहते हैं।

Long answer questions (3)

आरंभ का हिस्सा उस घर की तस्वीर कैसे बनाता है? उदाहरण देकर उसके ढंग गिनाइए।

पहला ढंग गिनाने का है। लेखक आँगन के पेड़ से शुरू करता है और तोते, कौवे, गौरैयाँ, चूहे, बिल्ली, चमगादड़, कबूतर, छिपकलियाँ, बर्रे और चींटियाँ — सब एक के बाद एक गिना देता है। दूसरा ढंग आवाज़ का है। रात-भर चूहों की दौड़ है, दिन-भर कबूतरों की गुटर-गूँ है, और पेड़ पर पक्षियों का शोर है। तीसरा ढंग जीवों को आदमी जैसा दिखाने का है। बिल्ली फिर आने की बात कह जाती है, चमगादड़ कसरत करते हैं, और एक चूहे को ठंड लगती है। चौथा ढंग बात को बढ़ाकर कहने का है, जैसे चींटियों के लिए सेना और छावनी वाले शब्द। चारों ढंग मिलकर यह चित्र बनाते हैं कि इस घर में आदमी और जीव-जंतु बिना किसी रोक-टोक के साथ रहते हैं।

पहले भाग में कोई बड़ी घटना नहीं होती, फिर भी वह आगे की कहानी के लिए ज़रूरी क्यों है?

यह भाग एक तैयारी है। उसे पढ़ चुका पाठक जानता है कि इस घर में हर जीव बेरोक आता-जाता रहा है और कभी किसी को बाहर नहीं किया गया। चूहे बीसियों हैं, बर्रे हैं, चींटियों की सेना है, और इनमें से किसी पर कोई लाठी नहीं उठी। इसके बाद जब दो छोटी गौरैयाँ भीतर आकर घोंसला बनाती हैं और पिताजी उनके पीछे पड़ जाते हैं, तो पढ़ने वाले को यह अपने आप एक मज़ाक़ लगता है। दूसरी बात यह है कि सराय वाली शिकायत और असली मालिक वाली बात यहीं रखी जाती है। कहानी के अंत में वही बात सच निकलती है, क्योंकि घर गौरैयों का ही बना रहता है। इसलिए यह वर्णन कहानी से अलग कोई हिस्सा नहीं है, वही उसकी जड़ है।

व्यवहार देखकर अनुमान लगाने का ढंग इस भाग में कहाँ-कहाँ मिलता है, और वह अच्छा ढंग क्यों है?

पहला उदाहरण अँगीठी वाले चूहे का है। वह ओट में बैठता है, और इससे लड़का सोचता है कि वह बूढ़ा होगा और उसे ठंड लगती होगी। दूसरा उदाहरण टंकी पर चढ़ने वाले चूहे का है, जिससे वह गरमी लगने का अनुमान लगाता है। तीसरा उदाहरण बिल्ली का है, जिसके आने-जाने के ढंग से उसका मनमौजी स्वभाव खुलता है। यह ढंग अच्छा इसलिए है कि इसमें किसी के रंग-रूप या कपड़ों से राय नहीं बनाई जाती, केवल उसके किए हुए काम से बनाई जाती है। रंग-रूप से बनाई राय अक्सर ग़लत निकलती है, पर आदत बहुत कुछ सच बता देती है। पाठ के अंत की गतिविधि भी इसी कारण किसी अपरिचित के व्यवहार को देखकर अनुमान लगाने को कहती है। वह साथ में यह भी कह देती है कि रंग-रूप पर ध्यान नहीं देना है।

Flashcards (17)

इस घर में कुल कितने लोग रहते हैं और कौन-कौन?
तीन — माँ, पिताजी और कहने वाला लड़का।
पिताजी अपने घर को क्या कह देते हैं?
सराय, क्योंकि उसमें आने-जाने वालों की गिनती नहीं रहती।
सराय किसे कहते थे?
वह जगह जहाँ रास्ता चलने वाले एक रात ठहरकर सवेरे आगे बढ़ जाते थे।
आँगन में कौन-सा पेड़ है और उस पर कौन जमे रहते हैं?
आम का पेड़, और उस पर तोते, कौवे और कई तरह की गौरैयाँ।
पक्षियों के शोर के बारे में दो अलग बातें क्या हैं?
लड़के को वह कान फाड़ देने वाला लगता है, और बाहर के लोगों को पक्षियों का गाना।
घर के चूहे कितने हैं और वे कब दौड़ते हैं?
बीसियों, और वे सारी रात एक कमरे से दूसरे कमरे दौड़ते रहते हैं।
चूहों की दौड़ से घर में क्या-क्या होता है?
बर्तन लुढ़कते हैं, डिब्बों के ढक्कन खुलते हैं और प्याले चटक जाते हैं।
अँगीठी की ओट वाले चूहे के बारे में लड़का क्या अनुमान लगाता है?
कि वह बूढ़ा होगा और उसे ठंड सताती होगी।
टंकी पर चढ़ने वाले चूहे के बारे में क्या अनुमान है?
कि उसे गरमी बहुत लगती होगी।
मानवीकरण किसे कहते हैं?
किसी पशु या वस्तु के बारे में ऐसे लिखना जैसे वह आदमी की तरह सोचता और बोलता हो।
बिल्ली का आना-जाना किस ढंग से चलता है?
मन हुआ तो भीतर आकर दूध पी गई, मन नहीं हुआ तो बाहर से ही फिर आने की बात कहकर लौट गई।
शाम ढलते ही घर में कौन कसरत करने लगते हैं?
कुछ चमगादड़, जो कमरे के एक सिरे से दूसरे सिरे तक पंख खोलकर उड़ते हैं।
दिन-भर कौन-सी आवाज़ बजती रहती है?
कबूतरों की गुटर-गूँ, जिसे लेखक संगीत कहता है।
चींटियों के लिए कौन-से दो बड़े शब्द काम में लाए गए हैं?
सेना और छावनी।
अतिशयोक्ति किसे कहते हैं?
बात को नाप से बड़ा करके कहना, जैसे शोर से कान फट जाने की बात।
घर के असली मालिक किन्हें कहा गया है?
उस घर के जीव-जंतुओं को, और यह पिताजी के कहने पर आया है।
यह कहानी किसकी ज़ुबान से कही गई है?
घर के लड़के की, यानी प्रथम पुरुष में।

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  • पहला भाग, क्रम से
  • शब्द और अर्थ
  • कौन कहाँ का
  • सही या भ्रम
  • झटपट उत्तर

पिताजी का अभियान

दो गौरैयाँ भीतर आकर पंखे के गोले में घोंसला बना लेती हैं। पिताजी उन्हें निकालने के लिए ताली, लाठी, बंद दरवाज़े और ठूँसे हुए कपड़े — सब आज़माते हैं, और चिड़ियाँ हर बार नया रास्ता खोजकर लौट आती हैं। माँ साथ-साथ व्यंग्य करती रहती हैं।

What you will be able to do

  • गौरैयों के आने से घोंसला बनने तक का क्रम बता सकूँगा।
  • पिताजी के पाँच उपाय क्रम से गिना सकूँगा।
  • माँ के व्यंग्य और उनकी काम की सलाह में अंतर कर सकूँगा।
  • चिड़ियों के भीतर आने के तीनों रास्ते बता सकूँगा।
  • माँ के बदले हुए ढंग का कारण समझा सकूँगा।

Key points

  • दो गौरैयाँ बिना पूछे भीतर आकर उड़ती-फिरती मकान का जायज़ा लेती हैं; पिताजी इसे मकान की जाँच कहते हैं।

  • दो दिन बाद वे बैठक की छत पर लटके पंखे के गोले के भीतर बिछावन बिछाकर बैठ जाती हैं।

  • माँ कहती हैं कि अब ये नहीं उड़ेंगी, क्योंकि घोंसला बन गया है।

  • माँ का व्यंग्य यह है कि चूहे तो निकाले न जा सके, अब चिड़ियाँ निकाली जाएँगी।

  • पहला उपाय ताली, शू-शू, बाँहें झुलाना और कूदना है।

  • माँ का सबसे आसान सुझाव — पंखा चला देना — एक बार भी काम में नहीं आता।

  • माँ की काम की सलाह यह है कि एक दरवाज़ा खुला छोड़कर बाक़ी बंद कर दिए जाएँ।

  • चिड़ियाँ तीन रास्तों से लौटती हैं — खुला दरवाज़ा, दरवाज़े के नीचे की जगह, और टूटे शीशे वाला रोशनदान।

  • अंत में माँ हँसना छोड़कर गंभीरता से अंडों का कारण बताती हैं।

Full explanation

दो गौरैयों का आना

एक दिन दो गौरैयाँ किसी से पूछे बिना सीधी भीतर चली आती हैं और उड़ती-फिरती मकान का जायज़ा लेने लगती हैं। पिताजी इस पर एक और मज़ाक़ करते हैं। वे कहते हैं कि ये दोनों मकान की जाँच कर रही हैं कि यह उनके रहने लायक़ है या नहीं। थोड़ी देर वे किसी रोशनदान पर बैठती हैं, कभी खिड़की पर, और फिर जिस तरह आई थीं, उसी तरह उड़कर चली जाती हैं।

दो दिन बाद का दृश्य

दो दिन बाद घर के लोग देखते हैं कि बैठक की छत पर लटके पंखे के गोले के भीतर दोनों ने अपना बिछावन बिछा लिया है। सामान भी ले आई हैं, और आराम से बैठी गाना गा रही हैं। यानी मकान उन्हें जँच गया है। ध्यान दीजिए कि लेखक ने घोंसले के लिए बिछावन और सामान जैसे घर-गिरस्ती के शब्द चुने हैं।

माँ की पहली बात

माँ और पिताजी दोनों सोफ़े पर बैठे यही देखते रह जाते हैं। कुछ देर बाद माँ सिर हिलाकर कहती हैं कि अब ये नहीं उड़ेंगी। उनका कहना है कि पहले उड़ा दिया जाता तो चली जातीं, पर अब तो यहाँ घोंसला बन गया है। पूरी कहानी में माँ की यह बात एक से अधिक बार लौटती है, और हर बार सच निकलती है।

पिताजी का गुस्सा, और माँ का व्यंग्य

यह सुनकर पिताजी उठ खड़े होते हैं और कहते हैं कि वे अभी देखते हैं कि ये यहाँ कैसे रहती हैं। माँ इस पर व्यंग्य करती हैं कि चूहे तो निकाले न जा सके, अब चिड़ियाँ निकाली जाएँगी। व्यंग्य का अर्थ है किसी बात को सीधे न कहकर उलटे ढंग से कह देना, जिससे चोट भी पहुँचे और हँसी भी आए। माँ का कोई वाक्य व्यंग्य में निकल जाए, तो पिताजी को लगता है कि उनका मज़ाक़ बन रहा है, और वे उबल पड़ते हैं।

पहला उपाय — ताली और शू-शू

पिताजी पंखे के नीचे जाकर ज़ोर से ताली बजाते हैं, मुँह से शू-शू करते हैं, बाँहें झुलाते हैं, और खड़े-खड़े कूदने लगते हैं। गौरैयाँ घोंसले से सिर निकालकर नीचे झाँकती हैं और दोनों साथ चीं-चीं करने लगती हैं। माँ खिलखिलाकर हँस देती हैं और कहती हैं कि चिड़ियाँ आपस में यही जानना चाह रही हैं कि नीचे खड़ा यह व्यक्ति उछल क्यों रहा है। इस पर पिताजी पहले से भी ऊँचा कूदने लगते हैं।

दूसरा उपाय — लाठी

अब पिताजी बाहर से लाठी उठा लाते हैं और उसे ऊँची करके पंखे के गोले पर ठकोरते हैं। गौरैयाँ उड़कर परदे के डंडे पर जा बैठती हैं। माँ हँसकर कहती हैं कि इतनी तकलीफ़ उठाने की ज़रूरत ही नहीं थी, पंखा चला देने से ही वे उड़ जातीं। पिताजी यह सुझाव काम में नहीं लाते।

तीसरा उपाय — एक दरवाज़ा खुला

पिताजी लाठी लिए परदे के डंडे की ओर लपकते हैं। एक गौरैया रसोई के दरवाज़े पर जा बैठती है और दूसरी सीढ़ियों वाले दरवाज़े पर। अब माँ एक काम की बात कहती हैं — सब दरवाज़े खुले रहने से चिड़ियाँ बाहर नहीं जाएँगी; एक को खुला छोड़कर बाक़ी बंद कर देने चाहिए। पिताजी लड़के को झिड़ककर भेजते हैं, और वह दौड़कर दो दरवाज़े बंद कर देता है, केवल रसोई वाला खुला रहता है।

लाठी, और एक ख़तरा

इसके बाद पिताजी लाठी उठाकर चिड़ियों पर हमला बोल देते हैं। एक बार घूमती हुई लाठी माँ के सिर से छूते-छूते बचती है। चिड़ियाँ कभी इस जगह तो कभी उस जगह बैठती हैं, और आख़िर दोनों रसोई की ओर खुलने वाले दरवाज़े से बाहर निकल जाती हैं। माँ तालियाँ बजाने लगती हैं। पिताजी लाठी दीवार के सहारे टिकाकर छाती फैलाए कुर्सी पर आ बैठते हैं।

पहला हुक्म, और पहली हार

पिताजी हुक्म देते हैं कि आज दरवाज़े बंद रखे जाएँ, क्योंकि एक दिन भीतर न आ पाने पर चिड़ियाँ घर छोड़ देंगी। इतना कहते ही ऊपर पंखे की ओर से चीं-चीं सुनाई पड़ती है। माँ खिलखिलाकर हँस देती हैं, और लड़का सिर उठाकर देखता है कि दोनों फिर अपने घोंसले में मौजूद हैं। माँ बताती हैं कि वे दरवाज़े के नीचे बची जगह से भीतर आ गई हैं, और लड़का झुककर देखता है कि सचमुच वहाँ थोड़ी जगह खाली है।

चौथा उपाय — कपड़े ठूँसना

अब पिताजी चिड़ियों पर पिल पड़ते हैं। वे दरवाज़ों के नीचे कपड़े ठूँस देते हैं ताकि कहीं कोई छेद बचा न रहे, और उसके बाद लाठी घुमाते हुए चिड़ियों पर जा पड़ते हैं। चिड़ियाँ बाहर निकल जाती हैं, पर थोड़ी ही देर में फिर कमरे में आ जाती हैं। इस बार वे रोशनदान से आई हैं, जिसके एक शीशे की जगह खाली थी।

माँ की गंभीर बात

अब माँ का ढंग बदल जाता है। इस बार वे हँसकर नहीं, गंभीरता से कहती हैं कि चिड़ियों को मत निकालो, क्योंकि अब तक अंडे दे दिए गए होंगे और अब ये यहाँ से हटेंगी नहीं। यह बदलाव महत्व रखता है। अब तक वे पिताजी की कोशिश पर हँसती रही थीं; अब वे चिड़ियों के पक्ष में एक कारण रख रही हैं।

पिताजी का उत्तर, और पाँचवाँ उपाय

पिताजी इस पर कालीन के बरबाद होने की बात कहते हैं। फिर वे कुर्सी पर खड़े होकर रोशनदान का टूटा हिस्सा कपड़े से भर देते हैं, और लाठी घुमाकर चिड़ियों को एक बार फिर खदेड़ देते हैं। दोनों उड़कर पिछवाड़े के आँगन की दीवार पर बैठती हैं। ध्यान दीजिए कि पिताजी ने माँ के कारण का कोई उत्तर नहीं दिया; उन्होंने अपना नुक़सान गिना दिया।

रात, और एक ग़लत अनुमान

रात हो जाती है। सब खाना खाकर ऊपर सोने चले जाते हैं। जाने से पहले लड़का आँगन में झाँककर देखता है और चिड़ियाँ वहाँ नहीं मिलतीं। वह समझ लेता है कि अब उन्हें समझ आ गई होगी और वे हार मानकर कहीं और चली गई होंगी। अगले दिन इतवार था, और नीचे उतरने पर वे फिर मौजूद थीं और मज़े से बैठी गा रही थीं। लड़के का अनुमान ग़लत निकला, और माँ की बात फिर सच निकली।

रोज़ का नियम बन जाना

अब यही रोज़ होने लगता है। दिन में चिड़ियाँ बाहर निकाल दी जाती हैं, पर रात को, जब घर के लोग सो रहे होते हैं, वे किसी न किसी रास्ते से भीतर आ जाती हैं। पिताजी परेशान हो उठते हैं, क्योंकि कोई आदमी कितने दिन लाठी घुमाएगा। वे बार-बार कहते हैं कि वे हार मानने वाले आदमी नहीं हैं, पर सच यह है कि वे तंग आ चुके हैं।

दो ज़िदें, और एक तुलना

इस पूरे भाग को एक वाक्य में कहा जा सकता है — दो ज़िदें आपस में भिड़ रही हैं। एक ओर पिताजी हैं, जो हार मानने को तैयार नहीं; दूसरी ओर दो छोटी चिड़ियाँ हैं, जो हर बार लौट आती हैं। मज़े की बात यह है कि दोनों का वाक्य एक ही है, पर एक ओर वह कहा जाता है और दूसरी ओर कर दिखाया जाता है।

भीतर आने के तीन रास्ते

इस भाग में चिड़ियों के भीतर आने के रास्ते एक-एक करके खुलते हैं, और यही कहानी को आगे बढ़ाते हैं। पहले वे खुले दरवाज़ों से आती हैं। दरवाज़े बंद होने पर उनके नीचे बची जगह से आती हैं। वह जगह भरने पर टूटे शीशे वाले रोशनदान से आती हैं। हर उपाय के बाद एक नया रास्ता निकल आता है, और पाठक को हर बार यह देखने में मज़ा आता है।

Concepts and terms

व्यंग्य

किसी बात को सीधे न कहकर उलटे ढंग से कह देना, जिससे चोट भी पहुँचे और हँसी भी आए। माँ का चूहों वाला वाक्य इसका उदाहरण है।

रोशनदान

दीवार में छत के पास बना वह छोटा जालीदार या शीशेदार झरोखा जिससे हवा और रोशनी आती है। इस कहानी में उसके एक शीशे की जगह खाली थी।

पिल पड़ना

पूरे ज़ोर से किसी पर टूट पड़ना। पिताजी एक जगह चिड़ियों पर पिल पड़ते हैं, यानी वे अब केवल डराते नहीं, हमला करते हैं।

तंग आना

किसी बात से ऊब जाना और उसे और न सह पाना। पिताजी कहते तो यही रहते हैं कि वे हार नहीं मानते, पर सच यह है कि वे तंग आ चुके हैं।

छाती फैलाना

जीत के भाव में अकड़कर बैठना या चलना। चिड़ियों के निकल जाने पर पिताजी लाठी टिकाकर इसी भाव से कुर्सी पर आ बैठते हैं।

सावधान

भ्रम और सच

मिलाकर देखो

Scenario:

एक विद्यालय की रसोई में चींटियाँ आने लगती हैं। पहला कर्मचारी हर दिन वहीं फ़र्श धो देता है जहाँ चींटियाँ दिखती हैं, और अगले दिन वे किसी दूसरी दरार से आ जाती हैं। एक सप्ताह बाद दूसरा कर्मचारी आता है। वह पहले यह देखता है कि चींटियाँ किस चीज़ की ओर जा रही हैं, और पाता है कि एक अलमारी में चीनी का खुला डिब्बा रखा है। वह डिब्बा ढककर ऊपर रख देता है, और तीन दिन में चींटियाँ आना बंद कर देती हैं। प्रधानाचार्य कहते हैं कि दूसरे कर्मचारी ने कम मेहनत में अधिक काम किया।

Analysis:

ध्यान देने की बात यह है कि पिताजी की मेहनत कम नहीं थी। वे लाठी उठाते हैं, कुर्सी पर चढ़ते हैं, कपड़े ठूँसते हैं और रोज़ यही दोहराते हैं। कमी मेहनत में नहीं, निशाने में है। जहाँ कारण नहीं देखा जाता, वहाँ मेहनत हर दिन नई लगती है और नतीजा वही पुराना रहता है।

Activity:

अपने घर की कोई एक बार-बार होने वाली परेशानी चुनिए। पहले तीन पंक्तियों में लिखिए कि अब तक उसका क्या उपाय किया जाता है, और फिर एक पंक्ति में लिखिए कि उसका कारण क्या हो सकता है।

करके देखो

Title:

उपाय और रास्ता — दो ख़ाने

Safety:

किसी सामग्री की आवश्यकता नहीं; केवल लिखना है।

What You Notice:

दाएँ ख़ाने की अंतिम पंक्ति पर प्रश्नचिह्न लगाना पड़ता है, क्योंकि कहानी स्वयं कहती है कि वे किस रास्ते से आती थीं, यह मालूम नहीं था। यही अनजान रास्ता पिताजी को तंग कर देता है।

Did you know

छत के पंखे के बीच वाले गोल ढक्कन को गोला या कैनोपी कहते हैं। उसके भीतर तारों के लिए थोड़ी जगह रहती है, और गौरैयाँ ऐसी ही ढकी, गरम और ऊँची जगह में घोंसला बनाना पसंद करती हैं।

गौरैया एक बार में लगभग चार से छह अंडे देती है और उन्हें सेने में करीब दो सप्ताह लगते हैं। इसी कारण माँ का यह अनुमान बहुत ठीक बैठता है कि इतने दिनों में अंडे दे दिए गए होंगे।

Memory tricks

पिताजी के पाँच उपाय — ता–ला–द–क–रो — ताली और शू-शू, लाठी, दरवाज़े बंद, कपड़े ठूँसना, रोशनदान में कपड़ा। क्रम याद रहे तो पूरा भाग क्रम से याद रहता है।

तीन रास्ते — खु–नी–टू — खुला दरवाज़ा, दरवाज़े के नीचे की जगह, टूटा शीशा। हर उपाय के बाद अगला रास्ता।

Practice MCQs with answers (25)

Q1 दो गौरैयाँ पहली बार घर में आकर क्या करती हैं, और पिताजी उनके इस काम को किस नाम से पुकारते हैं? beginner
  • A घोंसला बनाने लगती हैं, और पिताजी इसे मकान की मरम्मत करने का ही काम कहते हैं
  • B उड़ती-फिरती मकान का जायज़ा लेती हैं, और पिताजी इसे मकान की जाँच कहते हैं
  • C दाना चुगने लगती हैं, और पिताजी इसे मकान की सफ़ाई कहते हैं
  • D चुपचाप एक कोने में बैठ जाती हैं, और पिताजी इसे आराम कहते हैं
Show answer
Answer: उड़ती-फिरती मकान का जायज़ा लेती हैं, और पिताजी इसे मकान की जाँच कहते हैं
Why:

उनका कहना था कि ये देख रही हैं कि मकान रहने लायक़ है या नहीं।

Q2 पहली बार आकर गौरैयाँ घर में कहाँ-कहाँ बैठती हैं, और फिर क्या करती हैं? beginner
  • A रोशनदान और खिड़की पर, और फिर उड़ जाती हैं
  • B पंखे और मेज़ पर, और फिर घोंसला बना लेती हैं
  • C परदे और सोफ़े पर, और फिर सो जाती हैं
  • D दरवाज़े और दीवार पर, और फिर गाना गाती हैं
Show answer
Answer: रोशनदान और खिड़की पर, और फिर उड़ जाती हैं
Why:

घोंसला उन्होंने दो दिन बाद बनाया।

Q3 दो दिन बाद घर के लोग जो दृश्य देखते हैं, उसमें गौरैयों ने घोंसला ठीक किस जगह बना लिया था? beginner
  • A आँगन के आम के पेड़ की सबसे ऊँची डाल पर
  • B रसोई के दरवाज़े के ऊपर वाले ताक में
  • C बैठक की छत पर लटके पंखे के गोले के भीतर
  • D सीढ़ियों वाले दरवाज़े के पीछे की खूँटी पर
Show answer
Answer: बैठक की छत पर लटके पंखे के गोले के भीतर
Why:

और वहीं उन्होंने बिछावन बिछाकर सामान भी जमा लिया था।

Q4 घोंसले के बारे में लेखक बिछावन और सामान जैसे शब्द काम में लाता है। इस चुनाव से क्या असर पैदा होता है? beginner
  • A घोंसला बनाने का तरीक़ा पढ़ने वाले को मालूम हो जाता है
  • B घोंसला किसी पुराने खंडहर जैसा लगने लगता है
  • C घोंसले का ठीक नाप पढ़ने वाले को मालूम हो जाता है
  • D घोंसला किसी घर-गिरस्ती जैसा लगने लगता है
Show answer
Answer: घोंसला किसी घर-गिरस्ती जैसा लगने लगता है
Why:

जीवों को आदमी जैसा दिखाने का यही ढंग मानवीकरण है।

Q5 घोंसला बन जाने पर माँ सिर हिलाकर जो बात कहती हैं, उसका सार क्या है? beginner
  • A अब ये अपने आप ही उड़ जाएँगी, क्योंकि घोंसला कच्चा-सा पड़ा है
  • B अब ये नहीं उड़ेंगी, क्योंकि पहले उड़ा देने का समय निकल गया
  • C अब इन्हें लाठी से ही निकाला जा सकता है
  • D अब इन्हें रसोई के दरवाज़े से निकालना चाहिए
Show answer
Answer: अब ये नहीं उड़ेंगी, क्योंकि पहले उड़ा देने का समय निकल गया
Why:

यह बात कहानी में एक से अधिक बार लौटती है और हर बार सच निकलती है।

Q6 किसी बात को सीधे न कहकर उलटे ढंग से कह देना, जिससे चोट भी पहुँचे और हँसी भी आए — इसे क्या कहा जाता है? beginner
  • A व्यंग्य
  • B वर्णन
  • C संवाद
  • D सारांश
Show answer
Answer: व्यंग्य
Why:

चूहे तो निकाले न जा सके — माँ की यह बात इसका उदाहरण है।

Q7 माँ चूहों का नाम लेकर पिताजी से जो बात कहती हैं, उससे पिताजी पर क्या असर होता है? beginner
  • A वे हँसकर माँ की बात मान लेते हैं और बैठ जाते हैं
  • B उन्हें अपनी भूल मालूम हो जाती है, और वे चुप होकर बैठ जाते हैं
  • C उन्हें लगता है कि उनका मज़ाक़ बन रहा है और वे उबल पड़ते हैं
  • D वे चूहों को पकड़ने का काम पहले शुरू कर देते हैं
Show answer
Answer: उन्हें लगता है कि उनका मज़ाक़ बन रहा है और वे उबल पड़ते हैं
Why:

माँ का व्यंग्य उन्हें अपने मज़ाक़ जैसा लगता है।

Q8 पिताजी का पहला उपाय चार कामों से मिलकर बना है। वे चार काम कौन-से हैं? beginner
  • A सीढ़ी चढ़ना, घोंसला छूना, लाठी घुमाना, बैठना
  • B लाठी उठाना, दरवाज़े बंद करना, कपड़े ठूँसना और हुक्म देना
  • C पंखा चलाना, परदा हटाना, कुर्सी खींचना और ताली बजाना
  • D ताली बजाना, शू-शू करना, बाँहें झुलाना और कूदना
Show answer
Answer: ताली बजाना, शू-शू करना, बाँहें झुलाना और कूदना
Why:

इन चारों पर गौरैयाँ केवल नीचे झाँककर चीं-चीं करती हैं।

Q9 पिताजी के पहले उपाय पर गौरैयों की प्रतिक्रिया क्या रहती है, और माँ उस पर क्या कहती हैं? beginner
  • A वे डरकर उड़ जाती हैं, और माँ कहती हैं कि उपाय काम कर गया
  • B वे झाँककर चीं-चीं करती हैं, और माँ कहती हैं कि चिड़ियाँ नाच का कारण पूछ रही हैं
  • C वे घोंसले में छिपकर बैठ जाती हैं, और माँ कहती हैं कि अब वे सचमुच बहुत ही डर गई हैं
  • D वे बाहर निकल जाती हैं, और माँ तालियाँ बजाने लगती हैं
Show answer
Answer: वे झाँककर चीं-चीं करती हैं, और माँ कहती हैं कि चिड़ियाँ नाच का कारण पूछ रही हैं
Why:

और इस बात पर पिताजी पहले से भी ऊँचा कूदने लगते हैं।

Q10 लाठी से पंखे का गोला ठकोरे जाने पर गौरैयाँ कहाँ जा बैठती हैं? beginner
  • A परदे के डंडे पर
  • B रसोई की मेज़ पर
  • C आँगन की दीवार पर
  • D सीढ़ियों की मुँडेर पर
Show answer
Answer: परदे के डंडे पर
Why:

आँगन की दीवार पर वे बहुत बाद में जाकर बैठती हैं।

Q11 माँ पिताजी को जो सबसे आसान उपाय बताती हैं, वह क्या है, और उसका क्या हुआ? beginner
  • A घोंसला उठा देना, और पिताजी ने उसे बाद में किया
  • B पंखा बंद कर देना, और पिताजी ने उसे तुरंत कर दिया
  • C पंखा चला देना, और पिताजी ने उसे काम में ही नहीं लाया
  • D रोशनदान बंद करना, और पिताजी ने उसे पहले ही कर दिया
Show answer
Answer: पंखा चला देना, और पिताजी ने उसे काम में ही नहीं लाया
Why:

सबसे आसान उपाय पूरी कहानी में एक बार भी काम में नहीं आता।

Q12 सब दरवाज़े खुले रहने पर चिड़ियाँ बाहर नहीं जा रही थीं। माँ ने इसका कौन-सा उपाय बताया? beginner
  • A रसोई का दरवाज़ा बंद कर देने का
  • B सब दरवाज़े एक साथ बंद कर देने का
  • C घर के सब दरवाज़े और सब खिड़कियाँ खोल देने का
  • D एक दरवाज़ा खुला छोड़कर बाक़ी बंद कर देने का
Show answer
Answer: एक दरवाज़ा खुला छोड़कर बाक़ी बंद कर देने का
Why:

और यही उपाय आख़िर में काम करता है।

Q13 माँ की सलाह पर लड़का क्या करता है, और उसके बाद कौन-सा रास्ता खुला बचता है? beginner
  • A वह सब दरवाज़े बंद कर देता है, और कोई रास्ता नहीं बचता
  • B वह दो दरवाज़े बंद कर देता है, और रसोई वाला खुला बचता है
  • C वह एक दरवाज़ा बंद करता है, और दो खुले बचते हैं
  • D वह खिड़कियाँ बंद करता है, और सब दरवाज़े खुले बचते हैं
Show answer
Answer: वह दो दरवाज़े बंद कर देता है, और रसोई वाला खुला बचता है
Why:

पिताजी उसे झिड़ककर यह काम कहते हैं।

Q14 लाठी वाले हमले के दौरान एक ख़तरा पैदा हो जाता है। वह क्या है? beginner
  • A घूमती हुई लाठी माँ के सिर से छूते-छूते बचती है
  • B पंखे का गोला टूटकर नीचे गिर जाता है
  • C कुर्सी उलटकर लड़के पर गिरने लगती है
  • D रोशनदान का शीशा टूटकर नीचे बिखर जाता है
Show answer
Answer: घूमती हुई लाठी माँ के सिर से छूते-छूते बचती है
Why:

रोशनदान का शीशा पहले से ही टूटा हुआ था।

Q15 चिड़ियों के बाहर निकल जाने पर माँ और पिताजी दोनों की प्रतिक्रिया क्या रहती है? beginner
  • A माँ दरवाज़े बंद करती हैं, और पिताजी ऊपर सोने चले जाते हैं
  • B माँ चुप रह जाती हैं, और पिताजी घोंसला उठाकर पिछले आँगन में फेंक देते हैं
  • C माँ तालियाँ बजाती हैं, और पिताजी छाती फैलाए कुर्सी पर बैठ जाते हैं
  • D दोनों मिलकर रोशनदान में कपड़ा ठूँस देते हैं
Show answer
Answer: माँ तालियाँ बजाती हैं, और पिताजी छाती फैलाए कुर्सी पर बैठ जाते हैं
Why:

छाती फैलाकर बैठना यहाँ जीत के भाव में बैठना है।

Q16 दरवाज़े बंद रखने का हुक्म देते समय पिताजी का अनुमान क्या था, और वह कितनी देर टिका? beginner
  • A कि चिड़ियाँ लौटेंगी ही नहीं, और वह पूरे सप्ताह टिका
  • B कि एक दिन भीतर न आने पर घर छूट जाएगा, और वह अगले दिन तक टिका
  • C कि चिड़ियाँ रोशनदान से आएँगी, और वह ठीक निकला
  • D कि एक दिन भीतर न आने पर घर छूट जाएगा, और वह उसी क्षण टूट गया
Show answer
Answer: कि एक दिन भीतर न आने पर घर छूट जाएगा, और वह उसी क्षण टूट गया
Why:

हुक्म देते ही ऊपर पंखे की ओर से चीं-चीं सुनाई पड़ जाती है।

Q17 पहली बार लौटने पर चिड़ियाँ भीतर किस रास्ते से आईं, और यह बात किसने बताई? beginner
  • A टूटे शीशे वाले रोशनदान से, और यह लड़के ने बताया
  • B दरवाज़े के नीचे बची जगह से, और यह माँ ने बताया
  • C खुली खिड़की से, और यह पिताजी ने बताया
  • D रसोई के दरवाज़े से, और यह माँ ने बताया
Show answer
Answer: दरवाज़े के नीचे बची जगह से, और यह माँ ने बताया
Why:

लड़का झुककर देखता है कि वहाँ सचमुच थोड़ी जगह खाली थी।

Q18 दरवाज़ों के नीचे कपड़े ठूँस दिए जाने के बाद चिड़ियाँ किस नए रास्ते से भीतर आ जाती हैं? beginner
  • A रोशनदान से, जिसके एक शीशे की जगह खाली थी
  • B रसोई की उस खिड़की से, जो उस दिन खुली ही थी
  • C आँगन की दीवार की दरार से
  • D सीढ़ियों वाले दरवाज़े के नीचे से
Show answer
Answer: रोशनदान से, जिसके एक शीशे की जगह खाली थी
Why:

हर उपाय के बाद एक नया रास्ता निकल आता है।

Q19 रोशनदान वाली घटना के बाद माँ का ढंग बदल जाता है। वह बदलाव क्या है, और वे क्या कारण बताती हैं? beginner
  • A वे चुप हो जाती हैं, और कोई कारण नहीं बतातीं
  • B वे गंभीर होने के बदले हँसकर कहती हैं, और घोंसले का कारण बताती हैं
  • C वे हँसने के बदले गंभीरता से कहती हैं, और अंडों का कारण बताती हैं
  • D वे पिताजी की मदद करने लगती हैं, और कालीन का कारण बताती हैं
Show answer
Answer: वे हँसने के बदले गंभीरता से कहती हैं, और अंडों का कारण बताती हैं
Why:

अब तक वे कोशिश पर हँसती रही थीं; अब वे चिड़ियों के पक्ष में हैं।

Q20 माँ के अंडों वाले कारण पर पिताजी क्या करते हैं? beginner
  • A चुपचाप कुर्सी पर बैठ जाते हैं और देर तक उनकी ओर चुपचाप देखते रहते हैं
  • B माँ की बात मान लेते हैं और लाठी रख देते हैं
  • C घोंसले को उठाकर आँगन में रख देते हैं
  • D कालीन के बरबाद होने की बात कहकर रोशनदान में कपड़ा ठूँस देते हैं
Show answer
Answer: कालीन के बरबाद होने की बात कहकर रोशनदान में कपड़ा ठूँस देते हैं
Why:

उन्होंने माँ के कारण का उत्तर नहीं दिया, अपना नुक़सान गिना दिया।

Q21 रात को आँगन में चिड़ियाँ न दिखने पर लड़का क्या अनुमान लगाता है, और अगले दिन क्या निकलता है? beginner
  • A कि वे सो गई होंगी, और अगले दिन वे वहीं सोई मिलीं
  • B कि वे हार मानकर चली गईं, पर अगले दिन वे फिर मौजूद थीं
  • C कि वे अंडे देने गई होंगी, और अगले दिन वे अंडे लेकर लौटीं
  • D कि वे लौट आएँगी, और अगले दिन वे लौट भी आईं
Show answer
Answer: कि वे हार मानकर चली गईं, पर अगले दिन वे फिर मौजूद थीं
Why:

अगला दिन इतवार था, और नीचे उतरने पर वे गा रही थीं।

Q22 इस भाग के अंत तक घर में एक नियम बन जाता है। वह क्या है? beginner
  • A दिन में चिड़ियाँ बाहर कर दी जाती हैं और रात को लौट आती हैं
  • B रात में चिड़ियाँ बाहर कर दी जाती हैं और दिन में लौट आती हैं
  • C चिड़ियाँ एक दिन छोड़कर एक दिन आती हैं
  • D चिड़ियाँ केवल इतवार के दिन ही भीतर आती हैं
Show answer
Answer: दिन में चिड़ियाँ बाहर कर दी जाती हैं और रात को लौट आती हैं
Why:

और पिताजी परेशान हो उठते हैं, क्योंकि लाठी कितने दिन घुमाई जाएगी।

Q23 इस भाग के बारे में तीन बातें नीचे पढ़िए। I. माँ पिताजी को सबसे आसान उपाय बताती हैं, पर वह काम में नहीं आता। II. चिड़ियाँ हर बार एक ही रास्ते से भीतर आती हैं। III. पिताजी कहते हैं कि वे हार मानने वाले आदमी नहीं हैं। ठीक बातें कौन-सी हैं? intermediate
  • A केवल I और II
  • B केवल II और III
  • C केवल I और III
  • D I, II और III
Show answer
Answer: केवल I और III
Why:

रास्ते बदलते जाते हैं — खुला दरवाज़ा, दरवाज़े के नीचे की जगह, और टूटे शीशे वाला रोशनदान।

Q24 अभिकथन: पिताजी का हर उपाय थोड़ी देर काम करके बेकार हो जाता है। कारण: वे हर बार केवल उसी रास्ते को बंद करते हैं जिससे चिड़ियाँ पिछली बार आई थीं। advanced
  • A दोनों सही हैं; कारण अभिकथन को समझाता है
  • B दोनों सही हैं; कारण अभिकथन को नहीं समझाता
  • C अभिकथन सही है; परंतु उसका कारण ग़लत है
  • D अभिकथन ग़लत है; परंतु उसका कारण सही है
Show answer
Answer: दोनों सही हैं; कारण अभिकथन को समझाता है
Why:

कारण ठीक वही बात खोलता है जिससे हर उपाय थोड़े समय का रह जाता है।

Q25 किसी घर में दीमक लग जाने पर एक आदमी हर बार केवल उस तख़्ते को बदल देता है जिस पर दीमक दिखाई देती है, और जड़ तक नहीं जाता। उसका यह ढंग इस भाग के किस पात्र जैसा है? advanced
  • A चिड़ियों जैसा, जो हर बार नया रास्ता खोज लेती हैं
  • B माँ जैसी, जो पहले ही एक काम की सलाह दे देती हैं
  • C लड़के जैसा, जो दौड़कर दरवाज़े बंद कर देता है
  • D पिताजी जैसा, जो हर बार पिछला रास्ता भर देते हैं
Show answer
Answer: पिताजी जैसा, जो हर बार पिछला रास्ता भर देते हैं
Why:

दोनों जगह उपाय लक्षण पर किया जाता है, कारण पर नहीं।

Important short questions (7)

गौरैयाँ पहली बार आईं और चली गईं। दो दिन बाद क्या बदला हुआ मिला?

पहली बार वे केवल उड़ती-फिरती मकान देखकर चली गई थीं। दो दिन बाद उन्होंने बैठक की छत पर लटके पंखे के गोले के भीतर बिछावन बिछा लिया था, सामान भी ले आई थीं, और वहीं बैठकर गा रही थीं। इससे साफ़ था कि मकान उन्हें जँच गया है।

व्यंग्य किसे कहते हैं? माँ का एक व्यंग्य लिखिए।

किसी बात को सीधे न कहकर उलटे ढंग से कह देना व्यंग्य है, जिससे चोट भी पहुँचती है और हँसी भी आती है। माँ कहती हैं कि चूहे तो निकाले न जा सके, अब चिड़ियाँ निकाली जाएँगी। इसी से पिताजी उबल पड़ते हैं।

पिताजी के उपाय क्रम से लिखिए।

पहले उन्होंने ताली बजाई, शू-शू किया, बाँहें झुलाईं और कूदे। फिर लाठी से पंखे का गोला ठकोरा। फिर माँ की सलाह पर एक दरवाज़ा खुला छोड़कर बाक़ी बंद कराए। फिर दरवाज़ों के नीचे कपड़े ठूँसे। अंत में कुर्सी पर खड़े होकर रोशनदान का टूटा हिस्सा कपड़े से भर दिया।

चिड़ियाँ भीतर आने के कौन-से रास्ते काम में लाती हैं?

पहले वे खुले दरवाज़ों से आती हैं। दरवाज़े बंद होने पर उनके नीचे बची थोड़ी जगह से आती हैं। वह जगह कपड़ों से भर देने पर रोशनदान से आती हैं, जिसके एक शीशे की जगह खाली थी। हर उपाय के बाद एक नया रास्ता निकल आता है।

माँ का सबसे आसान सुझाव क्या था, और उसका क्या हुआ?

उन्होंने कहा था कि पंखा चला देने से ही चिड़ियाँ उड़ जातीं। पिताजी ने यह सुझाव एक बार भी काम में नहीं लाया। वे लाठी, बंद दरवाज़े और ठूँसे हुए कपड़ों में लगे रहे, और सबसे सीधा उपाय धरा रह गया।

अंत में माँ का ढंग क्यों बदल जाता है?

अब तक वे पिताजी की भाग-दौड़ पर हँसती रही थीं। पर रोशनदान वाली घटना के बाद उन्हें लगता है कि इतने दिनों में अंडे दे दिए गए होंगे। अंडों के बाद चिड़ियों का हटना केवल परेशानी नहीं, नुक़सान हो जाएगा, इसलिए वे गंभीर होकर मना करती हैं।

पिताजी के स्वभाव की दो बातें इस भाग से लिखिए।

पहली बात ज़िद है। वे बार-बार कहते हैं कि वे हार मानने वाले आदमी नहीं हैं, और एक उपाय के बाद दूसरा उपाय करते रहते हैं। दूसरी बात जल्दी गुस्सा आ जाना है। माँ के व्यंग्य पर वे तुरंत उबल पड़ते हैं और पहले से ऊँचा कूदने लगते हैं।

Long answer questions (3)

पिताजी के उपायों और चिड़ियों के रास्तों को साथ रखकर बताइए कि यह भाग हँसी कैसे पैदा करता है।

कहानी हर उपाय के सामने एक रास्ता रख देती है, और यही जोड़ा हँसी बनाता है। पहले पिताजी ताली बजाते, शू-शू करते और कूदते हैं, पर चिड़ियाँ उड़ने के बदले झाँककर चीं-चीं करती हैं। फिर वे लाठी से गोला ठकोरते हैं और चिड़ियाँ परदे के डंडे पर जा बैठती हैं। फिर दरवाज़े बंद कराए जाते हैं और चिड़ियाँ उनके नीचे बची जगह से आ जाती हैं। फिर वह जगह भरी जाती है और टूटे शीशे वाला रोशनदान काम आ जाता है। दूसरी बात यह है कि सबसे आसान उपाय, यानी पंखा चला देना, एक बार भी काम में नहीं लाया जाता। तीसरी बात माँ की हँसी और उनके व्यंग्य हैं, जो हर उपाय के साथ चलते रहते हैं। इन तीनों के मिलने से पढ़ने वाले को यह लगता है कि दो छोटी चिड़ियाँ एक बड़े आदमी को थका रही हैं।

इस भाग में माँ का चरित्र किन-किन बातों से खुलता है?

पहली बात उनका मज़ाक़ करना है। वे चूहों का नाम लेकर व्यंग्य करती हैं, पिताजी के कूदने पर खिलखिलाकर हँसती हैं, और कहती हैं कि चिड़ियाँ नाच का कारण पूछ रही हैं। दूसरी बात उनकी सूझ है। वही बताती हैं कि पंखा चला देने से काम हो जाएगा, और वही बताती हैं कि एक दरवाज़ा खुला छोड़कर बाक़ी बंद करने चाहिए। यही दूसरा सुझाव आख़िर में काम आता है। तीसरी बात उनका ध्यान है। वे ही सबसे पहले समझ जाती हैं कि घोंसला बन चुका है, वे ही बताती हैं कि चिड़ियाँ दरवाज़े के नीचे से आई हैं, और वे ही अंडों का अनुमान लगाती हैं। चौथी बात उनका पक्ष है। अंत में वे हँसना छोड़कर गंभीरता से चिड़ियों के लिए मना करती हैं, और आगे कहानी में वही सब दरवाज़े खोल देती हैं।

पिताजी कहते हैं कि वे हार मानने वाले आदमी नहीं हैं। इस कथन को उनके कामों के साथ मिलाकर लिखिए।

यह कथन उनके स्वभाव की जड़ है। वे एक उपाय के बेकार जाने पर रुकते नहीं, अगला उपाय करते हैं — ताली से लाठी तक, लाठी से बंद दरवाज़ों तक, और वहाँ से ठूँसे हुए कपड़ों तक। इतनी लगन किसी बड़े काम में लगती तो सराही जाती। पर यहाँ दो बातें इसे मज़ाक़ बना देती हैं। पहली यह कि उनका निशाना दो छोटी चिड़ियाँ हैं, जबकि चूहे, बर्रे और चींटियाँ वर्षों से उसी घर में बसी हैं और उन पर कभी लाठी नहीं उठी। दूसरी यह कि वही ज़िद चिड़ियों में भी है, और वे उसे कहती नहीं, कर दिखाती हैं — हर रात किसी नए रास्ते से लौट आती हैं। इसी कारण अंत में पिताजी तंग आ जाते हैं, और कहानी बताती है कि कोई आदमी कितने दिन लाठी घुमाएगा।

Flashcards (17)

पहली बार भीतर आकर गौरैयाँ क्या करती हैं?
उड़ती-फिरती मकान का जायज़ा लेती हैं, जिसे पिताजी मकान की जाँच कहते हैं।
पहली बार आकर वे कहाँ-कहाँ बैठती हैं?
कभी किसी रोशनदान पर और कभी खिड़की पर, और फिर उड़ जाती हैं।
गौरैयों ने घोंसला ठीक कहाँ बनाया?
बैठक की छत पर लटके पंखे के गोले के भीतर।
घोंसले के लिए लेखक कौन-से दो शब्द काम में लाता है?
बिछावन और सामान, जिससे वह घर-गिरस्ती जैसा लगने लगता है।
घोंसला बन जाने पर माँ क्या कहती हैं?
कि अब ये नहीं उड़ेंगी, क्योंकि पहले उड़ा देने का समय निकल गया।
व्यंग्य किसे कहते हैं?
किसी बात को सीधे न कहकर उलटे ढंग से कहना, जिससे चोट भी पहुँचे और हँसी भी आए।
माँ का चूहों वाला व्यंग्य क्या है?
कि चूहे तो निकाले न जा सके, अब चिड़ियाँ निकाली जाएँगी।
पिताजी का पहला उपाय किन चार कामों से बना है?
ताली बजाना, शू-शू करना, बाँहें झुलाना और कूदना।
पहले उपाय पर माँ क्या मज़ाक़ करती हैं?
कि चिड़ियाँ आपस में यही जानना चाह रही हैं कि नीचे खड़ा यह व्यक्ति उछल क्यों रहा है।
माँ का बताया सबसे आसान उपाय क्या था?
पंखा चला देना, जो पूरी कहानी में एक बार भी काम में नहीं आया।
माँ की काम की सलाह क्या थी?
एक दरवाज़ा खुला छोड़कर बाक़ी बंद कर देने की।
लड़के ने कितने दरवाज़े बंद किए और कौन-सा खुला रहा?
उसने दो बंद किए और रसोई वाला खुला रहा।
लाठी वाले हमले में क्या ख़तरा हो गया था?
घूमती हुई लाठी माँ के सिर से छूते-छूते बची।
चिड़ियों के निकल जाने पर दोनों क्या करते हैं?
माँ तालियाँ बजाती हैं और पिताजी छाती फैलाए कुर्सी पर बैठ जाते हैं।
चिड़ियाँ भीतर आने के कौन-से तीन रास्ते काम में लाती हैं?
खुला दरवाज़ा, दरवाज़े के नीचे बची जगह, और टूटे शीशे वाला रोशनदान।
अंत में माँ का ढंग कैसे बदलता है?
वे हँसना छोड़कर गंभीरता से कहती हैं कि अंडे दे दिए गए होंगे, इसलिए इन्हें मत निकालो।
इस भाग के अंत तक घर में कौन-सा नियम बन जाता है?
दिन में चिड़ियाँ बाहर कर दी जाती हैं और रात को लौट आती हैं।

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  • घटनाएँ क्रम से
  • शब्द और अर्थ
  • किसका काम
  • सही या भ्रम
  • झटपट उत्तर

बदला हुआ मन

पिताजी घोंसला ही नोचने लगते हैं, और तभी उसमें से दो नन्हीं गौरैयाँ अपने माँ-बाप को पुकारती हुई सिर निकालती हैं। पिताजी लाठी एक ओर रख देते हैं, माँ सारे दरवाज़े खोल देती हैं, और अंत में वही शोर पिताजी को मुसकराने पर मजबूर कर देता है।

What you will be able to do

  • घोंसला तोड़ने से मुसकान तक की घटनाएँ क्रम से बता सकूँगा।
  • गौरैयों में आए तीनों बदलाव और उनका अर्थ समझा सकूँगा।
  • पिताजी का मन बदलने का क्षण और उसका ढंग पहचान सकूँगा।
  • माँ के दरवाज़े खोलने की उलटबाँसी समझा सकूँगा।
  • विशेष वाक्य किसी कहानी को क्यों प्रभावशाली बनाता है, बता सकूँगा।

Key points

  • धीरज ख़त्म होने पर पिताजी घोंसला ही नोचने का इरादा करते हैं और स्टूल ले आते हैं।

  • वे कहते हैं कि जिसे सचमुच बाहर करना हो, उसका घर ही तोड़ देना चाहिए।

  • घोंसले से लटके तिनकों को लेखक सजावट की झालर कहता है।

  • दो तिनके गिरने पर माँ कहती हैं कि बाक़ी दो हज़ार भी निकल जाएँगे।

  • बड़ी गौरैयाँ उस समय बाहर दीवार पर चुप बैठी थीं — दुबली, काली और चहकना छोड़े हुए।

  • लाठी घुमाने पर घास, रुई, धागे और थिगलियाँ सिरे पर लिपट जाती हैं।

  • पंखे के उसी गोले की ओट से दो नन्हीं गौरैयाँ अपने माँ-बाप को पुकारती हैं।

  • पिताजी स्टूल से उतरकर लाठी एक ओर रख देते हैं और चुपचाप बैठ जाते हैं।

  • माँ सारे दरवाज़े खोल देती हैं, और अंत में शोर पर पिताजी केवल मुसकराते रहते हैं।

Full explanation

सहनशीलता चुक जाना

रोज़ निकालने और रोज़ लौट आने का सिलसिला पिताजी को थका देता है। आख़िर उनका धीरज ख़त्म हो जाता है और वे कहने लगते हैं कि अब वे घोंसला ही नोचकर बाहर कर देंगे। वे तुरंत बाहर से एक स्टूल उठा लाते हैं।

एक वाक्य, जो आगे उलटकर लौटेगा

स्टूल पंखे के नीचे रखकर और लाठी लेकर ऊपर चढ़ते हुए पिताजी गुस्से में एक बात कहते हैं — जिसे सचमुच बाहर करना हो, उसका घर ही तोड़ देना चाहिए। इस वाक्य को याद रख लीजिए। कुछ ही क्षणों बाद यही वाक्य उनके ऊपर लौटकर आएगा, क्योंकि उस घर में बच्चे निकलेंगे।

घोंसले की झालर

घोंसले से बहुत-से तिनके बाहर लटके हुए थे। लेखक उनके लिए एक सुंदर तुलना चुनता है — जैसे गौरैयों ने सजावट के लिए कोई झालर टाँग रखी हो। यह तुलना छोटी है, पर काम बड़ा करती है, क्योंकि इससे घोंसला किसी के सजाए हुए घर जैसा लगने लगता है।

दो तिनके, और माँ का हिसाब

पिताजी लाठी का सिरा सूखी घास पर जमाकर दाईं ओर खींचते हैं। दो तिनके अलग होकर फरफराते हुए नीचे उतरने लगते हैं। माँ हँसकर हिसाब लगाती हैं कि दो निकल गए, अब बाक़ी दो हज़ार भी निकल जाएँगे। यह उनका फिर वही व्यंग्य है, पर अब पढ़ने वाले को हँसी के साथ कुछ और भी महसूस होने लगता है।

बाहर दीवार पर दो चुप चिड़ियाँ

इसी बीच लड़का बाहर आँगन की ओर देखता है और उसे दोनों गौरैयाँ दिखाई देती हैं। वे चुपचाप दीवार पर बैठी हैं। लेखक यहाँ तीन बातें गिनाता है — वे कुछ दुबली पड़ गई थीं, कुछ काली पड़ गई थीं, और और अब उनकी चहक भी बंद थी।

तीनों बदलाव का अर्थ

इन तीन बातों का अर्थ कहानी नहीं समझाती, पढ़ने वाले को निकालना पड़ता है। दुबला और काला पड़ना रोज़ की भाग-दौड़ और भूख का चिह्न है। चहकना बंद होना सबसे भारी बात है, क्योंकि आने के दिन वे गाती ही मिलती थीं। गाना बंद होना यही बताता है कि अब उनके लिए यह खेल नहीं रह गया था। अंडों के बाद यह केवल ठिकाने की लड़ाई थी।

घोंसला लाठी पर लिपटने लगता है

अब पिताजी लाठी का सिरा तिनकों के ऊपर रखकर उसे वहीं घुमाने लगते हैं। इससे लंबे तिनके सिरे के साथ लिपटने लगते हैं, और घोंसला खिंचता हुआ लाठी के चारों ओर लपेटा जाने लगता है। सूखी घास, रुई के फाहे, धागे और कपड़े की थिगलियाँ — सब सिरे पर चढ़ जाती हैं। इस गिनती पर ध्यान दीजिए। जो चीज़ें गिनाई गई हैं, वे सब किसी के जोड़े हुए सामान जैसी हैं।

अचानक एक आवाज़

तभी एकदम ज़ोर की आवाज़ आती है — चीं-चीं। पिताजी के हाथ वहीं रुक जाते हैं। पहला ख़याल यही आता है कि गौरैयाँ लौट आई होंगी। लड़का झट से बाहर देखता है, पर दोनों वहीं दीवार पर गुमसुम बैठी हैं। आवाज़ फिर आती है, और इस बार वह ऊपर उठकर देखता है।

नन्हीं चोंचें

पंखे के उसी गोले की ओट से दो नन्हीं गौरैयाँ झाँकती हुई नीचे की ओर ताक रही थीं, और लगातार चीं-चीं कर रही थीं। पिताजी के हाथ में अब भी लाठी थी, और उस पर घोंसले का बहुत-सा हिस्सा लिपटा हुआ था। लेखक लिखता है कि वे दोनों मानो अपना पता बता रही थीं — कि हम आ गई हैं, और हमारे माँ-बाप कहाँ हैं।

लड़का अवाक् रह जाता है

लड़का कुछ कह नहीं पाता, बस देखता रह जाता है। अवाक् का अर्थ है इतना चकित कि मुँह से बोल ही न निकले। इस एक शब्द से लेखक पूरे कमरे की चुप्पी पढ़ने वाले तक पहुँचा देता है।

पिताजी का उतरना

अब वह होता है जिसके लिए पूरी कहानी लिखी गई है। पिताजी स्टूल से नीचे उतर आते हैं, तिनकों में से लाठी निकालकर उसे एक ओर रख देते हैं, और चुपचाप कुर्सी पर आ बैठते हैं। ध्यान दीजिए कि वे कुछ कहते नहीं। कहानी में उनका बदलना शब्दों से नहीं, कामों से दिखाया गया है — लाठी उठाना और लाठी रख देना।

माँ सब दरवाज़े खोल देती हैं

इसी बीच माँ कुर्सी से उठती हैं और सारे दरवाज़े खोल देती हैं। यह काम पूरी कहानी का उलटा है। अब तक दरवाज़े बंद किए जा रहे थे, उनके नीचे और रोशनदान में कपड़े ठूँसे जा रहे थे। अब वही घर अपने आप खुल जाता है, और यह बात भी किसी भाषण से नहीं, एक काम से कही जाती है।

माँ-बाप का लौटना

नन्हीं चिड़ियाँ हाँफ-हाँफकर अपने माँ-बाप को बुलाती रहती हैं। दोनों झट से उड़कर भीतर आ जाती हैं, चीं-चीं करते हुए बच्चों से जा मिलती हैं, और उनकी छोटी-छोटी चोंचों में चुग्गा डालने लगती हैं। घर के तीनों लोग यह दृश्य देखते रह जाते हैं।

अंतिम वाक्य, और एक मुसकान

कहानी का अंतिम वाक्य कमरे के शोर पर लौटता है। शोर फिर शुरू हो गया था, पर इस बार पिताजी उस ओर देखते और केवल मुसकरा देते थे। पहले यही शोर उन्हें लाठी उठवाता था। अब वही शोर उन्हें मुसकराने पर मजबूर करता है। एक ही आवाज़, और उसे सुनने के दो ढंग — यही बात कहानी के पहले पन्ने पर भी थी, और अब वह पूरी होकर लौट आई है।

कहानी की रचना — विशेष वाक्य

ऐसा वाक्य, जो किसी पात्र के बदले हुए मन को एक झटके में दिखा दे, कहानी को प्रभावशाली बना देता है। अंतिम वाक्य ऐसा ही है। उसमें न कोई उपदेश है, न कोई समझाने वाली पंक्ति। उसमें केवल एक काम है — देखना और मुसकराना — और उससे पूरा बदलाव समझ आ जाता है।

इस भाग की सीख

सीख कहानी कहीं लिखकर नहीं देती, इसलिए उसे अपने शब्दों में कहना पड़ता है। पशु-पक्षी भी घर और परिवार का अर्थ जानते हैं, और यही बात पिताजी को उस क्षण रोक देती है। दूसरी सीख यह है कि किसी का ठिकाना उजाड़ने से पहले यह देख लेना चाहिए कि उसमें कौन है। तीसरी सीख चिड़ियों की ओर से है — वे हर रात लौटती रहीं, और आख़िर में घर उन्हीं का बना रहा।

Concepts and terms

अवाक्

इतना चकित कि मुँह से बोल ही न निकले। नन्हीं चिड़ियों को देखकर कहने वाला लड़का इसी हाल में रह जाता है।

झालर

सजावट के लिए टाँगी जाने वाली लटकती पट्टी। घोंसले से बाहर निकले तिनकों के लिए लेखक यही तुलना चुनता है।

थिगली

फटे कपड़े पर लगाया जाने वाला पैबंद या कपड़े का टुकड़ा। घोंसले में से ऐसे टुकड़े भी निकलते हैं।

चुग्गा

पक्षी का दाना, जो बड़े पक्षी अपने बच्चों की चोंच में डालते हैं। अंत में माँ-बाप यही काम करते हैं।

विशेष वाक्य

ऐसा वाक्य जो किसी पात्र के बदले हुए मन को एक झटके में दिखा दे। इस कहानी का अंतिम वाक्य ऐसा ही है।

सावधान

भ्रम और सच

मिलाकर देखो

Scenario:

एक मुहल्ले में सड़क चौड़ी करने का काम शुरू होता है। रास्ते में एक पुराना बरगद पड़ता है और उसे काटने का आदेश आ जाता है। मज़दूर आरी लेकर पहुँचते हैं। तभी मुहल्ले के बच्चे बताते हैं कि उस पेड़ पर इस समय कई घोंसले हैं और उनमें बच्चे हैं। काम रोक दिया जाता है और इंजीनियर नया नक्शा बनाकर सड़क को दो फुट बाईं ओर कर देते हैं। बाद में वही इंजीनियर कहते हैं कि नक्शे में पेड़ दिखता था, घोंसले नहीं दिखते थे।

Analysis:

ध्यान देने की बात यह है कि दोनों जगह किसी ने कोई उपदेश नहीं दिया। फ़ैसला एक नई जानकारी से बदला — उस जगह में कौन रहता है, यह मालूम हो जाने से। कहानी भी यही करती है, और इसी कारण उसका अंत भाषण जैसा नहीं लगता।

Activity:

अपने आसपास कोई एक ऐसी जगह चुनिए जहाँ पक्षी या कोई और जीव रहता है। तीन पंक्तियों में लिखिए कि वहाँ कौन रहता है, और एक पंक्ति में लिखिए कि उस जगह को बचाने के लिए क्या किया जा सकता है।

करके देखो

Title:

पहले और बाद वाला पन्ना

Safety:

किसी सामग्री की आवश्यकता नहीं; केवल लिखना है।

What You Notice:

दोनों ख़ानों में केवल काम लिखने पड़ते हैं, और बदलाव अपने आप दिख जाता है। कहानी भी ठीक यही करती है।

Did you know

गौरैया के बच्चे अंडे से निकलने पर बिना पंख और बंद आँखों के होते हैं, और पहले दो सप्ताह पूरी तरह माँ-बाप के लाए दाने पर जीते हैं। इसी कारण उनकी लगातार पुकार कहानी में इतनी असर करती है।

गौरैया अपने बच्चों के लिए दाने के साथ छोटे कीड़े भी लाती है, क्योंकि बढ़ते बच्चों को केवल अनाज से काम नहीं चलता।

Memory tricks

मोड़ तक की चार घटनाएँ — स्टू–झा–दो–चीं — स्टूल आना, झालर जैसे तिनके, दो तिनके गिरना, और अचानक चीं-चीं। चौथी घटना पर कहानी पलट जाती है।

अंत के तीन काम — ला–द–मु — लाठी रख देना, दरवाज़े खुलना, और मुसकराना। तीनों काम हैं, कोई भाषण नहीं।

Practice MCQs with answers (25)

Q1 रोज़ निकालने और रोज़ लौट आने का सिलसिला चलते रहने पर पिताजी आख़िर कौन-सा नया इरादा करते हैं, और उसके लिए क्या लाते हैं? beginner
  • A रोशनदान चिनवा देने का, और उसके लिए ईंटें लाते हैं
  • B पंखा बदलवा देने का, और उसके लिए घर पर ही एक मिस्त्री बुलाते हैं
  • C घोंसला ही नोचकर बाहर करने का, और उसके लिए एक स्टूल लाते हैं
  • D घर बदल लेने का, और उसके लिए एक गाड़ी बुलाते हैं
Show answer
Answer: घोंसला ही नोचकर बाहर करने का, और उसके लिए एक स्टूल लाते हैं
Why:

उनका धीरज ख़त्म हो चुका था।

Q2 स्टूल पर चढ़ते हुए पिताजी गुस्से में जो बात कहते हैं, उसका सार क्या है? beginner
  • A कि जिसे बाहर करना हो, उसे पहले डरा देना चाहिए
  • B कि जिसे सचमुच बाहर करना हो, उसका घर ही तोड़ देना चाहिए
  • C कि जिसे बाहर करना हो, उसका सारा सामान छिपा देना चाहिए
  • D कि जिसे बाहर करना हो, उसे खाना नहीं देना चाहिए
Show answer
Answer: कि जिसे सचमुच बाहर करना हो, उसका घर ही तोड़ देना चाहिए
Why:

कुछ ही क्षणों बाद यही वाक्य उनके ऊपर लौट आता है।

Q3 पिताजी का घर तोड़ने वाला वाक्य कहानी में थोड़ी ही देर बाद उलटकर क्यों लौट आता है? beginner
  • A क्योंकि गौरैयाँ पिताजी का सामान गिरा देती हैं
  • B क्योंकि माँ वही वाक्य पिताजी को दोहरा देती हैं
  • C क्योंकि पिताजी का अपना घर भी छोटा और किराये का है
  • D क्योंकि उस घर में दो नन्हीं चिड़ियाँ निकल आती हैं
Show answer
Answer: क्योंकि उस घर में दो नन्हीं चिड़ियाँ निकल आती हैं
Why:

जिस घर को वे तोड़ रहे थे, उसमें बच्चे थे।

Q4 घोंसले से बाहर लटके तिनकों के लिए लेखक कौन-सी तुलना चुनता है, और उसका असर क्या होता है? beginner
  • A सजावट की झालर की, और घोंसला सजाए हुए घर जैसा लगने लगता है
  • B किसी टूटी हुई रस्सी की, और घोंसला किसी खंडहर जैसा लगने लगता है
  • C सूखी झाड़ी की, और घोंसला किसी जंगल जैसा लगने लगता है
  • D फटे कपड़े की, और घोंसला किसी गठरी जैसा लगने लगता है
Show answer
Answer: सजावट की झालर की, और घोंसला सजाए हुए घर जैसा लगने लगता है
Why:

छोटी तुलना यहाँ बड़ा काम करती है।

Q5 लाठी का सिरा सूखी घास पर जमाकर खींचे जाने पर पहले क्या होता है? beginner
  • A पंखे का गोला खुलकर नीचे लटक जाता है
  • B पूरा घोंसला एक ही बार में नीचे आकर बिखर जाता है
  • C दो तिनके अलग होकर फरफराते हुए नीचे उतरने लगते हैं
  • D घोंसले में से एक अंडा नीचे गिर पड़ता है
Show answer
Answer: दो तिनके अलग होकर फरफराते हुए नीचे उतरने लगते हैं
Why:

माँ इसी पर अपना हिसाब लगाती हैं।

Q6 दो तिनके गिरने पर माँ जो हिसाब लगाती हैं, उसमें क्या कहा जाता है? beginner
  • A कि दो निकल गए, अब पूरा घोंसला अपने आप नीचे गिर जाएगा
  • B कि दो निकल गए, अब बाक़ी दो हज़ार भी निकल जाएँगे
  • C कि दो निकल गए, अब चिड़ियाँ लौटकर नहीं आएँगी
  • D कि दो निकल गए, अब काम आधा पूरा हो गया
Show answer
Answer: कि दो निकल गए, अब बाक़ी दो हज़ार भी निकल जाएँगे
Why:

यह उनका फिर वही व्यंग्य है, जो पूरी कहानी में चलता आया है।

Q7 घोंसला तोड़े जाने के समय दोनों बड़ी गौरैयाँ कहाँ थीं और किस हाल में थीं? beginner
  • A रसोई के दरवाज़े पर खड़ी देख रही थीं
  • B पंखे के गोले के भीतर अंडों पर बैठी थीं
  • C आँगन के आम के पेड़ पर गा रही थीं
  • D बाहर दीवार पर चुपचाप बैठी थीं
Show answer
Answer: बाहर दीवार पर चुपचाप बैठी थीं
Why:

लड़का बाहर देखकर ही यह बात जान पाता है।

Q8 इन दिनों गौरैयों में आए बदलाव के बारे में लेखक तीन बातें गिनाता है। वे कौन-सी हैं? beginner
  • A वे कुछ दुबली पड़ गई थीं, कुछ काली पड़ गई थीं, और चहक नहीं रही थीं
  • B वे कुछ मोटी हो गई थीं, कुछ सफ़ेद पड़ गई थीं, और ज़ोर से चहक रही थीं
  • C वे बहुत तेज़ उड़ने लगी थीं, ऊँचे बैठने लगी थीं, और चुप थीं
  • D वे बहुत डरने लगी थीं, कम उड़ने लगी थीं, और लगातार गा रही थीं
Show answer
Answer: वे कुछ दुबली पड़ गई थीं, कुछ काली पड़ गई थीं, और चहक नहीं रही थीं
Why:

इनमें से तीसरी बात सबसे भारी है।

Q9 गौरैयों का चहकना बंद हो जाना इस कहानी में सबसे भारी बात क्यों मानी जाती है? beginner
  • A क्योंकि गाना बंद होने पर पिताजी का गुस्सा बढ़ जाता है
  • B क्योंकि चहकना उनके स्वस्थ होने का एकमात्र चिह्न है
  • C क्योंकि आने के दिनों में वे गाती ही मिलती थीं
  • D क्योंकि गाने से ही घर के लोग उन्हें पहचानते थे
Show answer
Answer: क्योंकि आने के दिनों में वे गाती ही मिलती थीं
Why:

पाठ के अंत की गतिविधि भी यही पूछती है कि गाना कब बंद हुआ।

Q10 दुबला पड़ना, काला पड़ना और चुप हो जाना — इन तीनों के पीछे का कारण कहानी से क्या निकलता है? beginner
  • A मौसम का बदल जाना और सर्दी का आ जाना
  • B रोज़ की भाग-दौड़, भूख और अंडों की चिंता
  • C आम के पेड़ पर दाने कम हो जाना
  • D घर के लोगों का उन्हें छू लेना
Show answer
Answer: रोज़ की भाग-दौड़, भूख और अंडों की चिंता
Why:

कहानी यह अर्थ कहीं लिखती नहीं, पढ़ने वाले को निकालना पड़ता है।

Q11 लाठी का सिरा तिनकों पर घुमाए जाने पर घोंसले के साथ क्या होता है? beginner
  • A घोंसले के सब तिनके हवा में उड़ जाते हैं
  • B घोंसला एक ही बार में नीचे गिरकर बिखर जाता है
  • C घोंसला पंखे के उस गोले के भीतर और भी भीतर खिसकता हुआ चला जाता है
  • D लंबे तिनके सिरे के साथ लिपटते हैं और घोंसला लाठी पर लपेटा जाता है
Show answer
Answer: लंबे तिनके सिरे के साथ लिपटते हैं और घोंसला लाठी पर लपेटा जाता है
Why:

सूखी घास, रुई, धागे और थिगलियाँ — सब सिरे पर चढ़ जाती हैं।

Q12 घोंसले में से निकली चीज़ों की गिनती — सूखी घास, रुई के फाहे, धागे और कपड़े की थिगलियाँ — पढ़ने वाले पर क्या असर करती है? beginner
  • A घोंसला किसी के जोड़े हुए सामान जैसा लगने लगता है
  • B घोंसला किसी कारख़ाने के कचरे जैसा लगने लगता है
  • C घोंसले का ठीक वज़न पढ़ने वाले को मालूम हो जाता है
  • D घोंसले का बनना बहुत आसान काम लगने लगता है
Show answer
Answer: घोंसला किसी के जोड़े हुए सामान जैसा लगने लगता है
Why:

जोड़ा हुआ सामान किसी घर की ही पहचान होता है।

Q13 अचानक सुनाई पड़ी चीं-चीं के बारे में पिताजी और लड़के का पहला ख़याल क्या था, और सच क्या निकला? beginner
  • A ख़याल था कि कोई बच्चा रो रहा है, पर वह बिल्ली थी
  • B ख़याल था कि आवाज़ बाहर से आई, पर वह रसोई से आ रही थी
  • C ख़याल था कि बड़ी गौरैयाँ लौट आईं, पर वे बाहर गुमसुम बैठी थीं
  • D ख़याल था कि पंखा बोल रहा है, पर वह बंद पड़ा था
Show answer
Answer: ख़याल था कि बड़ी गौरैयाँ लौट आईं, पर वे बाहर गुमसुम बैठी थीं
Why:

आवाज़ ऊपर पंखे के गोले से आ रही थी।

Q14 ऊपर देखने पर क्या दिखाई देता है, और उसी समय पिताजी के हाथ में क्या था? beginner
  • A दो बड़ी गौरैयाँ अपने अंडों पर बैठी हुई थीं, और उनके हाथ में उस समय स्टूल था
  • B दो नन्हीं गौरैयाँ सिर निकाले देख रही थीं, और लाठी पर घोंसला लिपटा था
  • C घोंसला पूरा ख़ाली पड़ा था, और हाथ में कपड़ा था
  • D पंखे का गोला टूटा हुआ था, और हाथ में कुछ नहीं था
Show answer
Answer: दो नन्हीं गौरैयाँ सिर निकाले देख रही थीं, और लाठी पर घोंसला लिपटा था
Why:

यही कहानी का मोड़ है।

Q15 नन्हीं गौरैयों की चीं-चीं के बारे में लेखक लिखता है कि वे मानो कुछ कह रही थीं। वे क्या कह रही थीं? beginner
  • A कि वे उड़ना चाहती हैं, और आकाश कहाँ है
  • B कि उन्हें भूख लगी है, और खाना कहाँ है
  • C कि उन्हें बहुत डर लग रहा है, और उनका घोंसला कहाँ है
  • D कि वे आ गई हैं, और उनके माँ-बाप कहाँ हैं
Show answer
Answer: कि वे आ गई हैं, और उनके माँ-बाप कहाँ हैं
Why:

यह अपना परिचय देने जैसा था।

Q16 अवाक् शब्द का अर्थ क्या है, और कहानी में वह किसके लिए आया है? beginner
  • A इतना चकित कि बोल न निकले, और यह कहने वाले लड़के के लिए आया है
  • B इतना थका कि चल न सके, और यह पिताजी के लिए आया है
  • C इतना दुखी कि रो पड़े, और यह माँ के लिए आया है
  • D इतना ख़ुश कि हँस पड़े, और यह उन नन्हीं चिड़ियों के लिए ही कहा गया है
Show answer
Answer: इतना चकित कि बोल न निकले, और यह कहने वाले लड़के के लिए आया है
Why:

इस एक शब्द से पूरे कमरे की चुप्पी पढ़ने वाले तक पहुँच जाती है।

Q17 नन्हीं चिड़ियों को देखने के बाद पिताजी क्रम से कौन-कौन से तीन काम करते हैं? beginner
  • A स्टूल पर बैठ जाते हैं, माँ को बुलाते हैं, और हँसने लगते हैं
  • B लाठी फेंक देते हैं, घोंसला फिर से ठीक करते हैं, और बाहर चले जाते हैं
  • C स्टूल से उतरते हैं, लाठी एक ओर रख देते हैं, और चुपचाप बैठ जाते हैं
  • D दरवाज़े खोल देते हैं, कपड़े निकालते हैं, और ऊपर चले जाते हैं
Show answer
Answer: स्टूल से उतरते हैं, लाठी एक ओर रख देते हैं, और चुपचाप बैठ जाते हैं
Why:

दरवाज़े माँ ने खोले थे, पिताजी ने नहीं।

Q18 पिताजी के बदले हुए मन को कहानी किस ढंग से दिखाती है? beginner
  • A उनके एक लंबे भाषण से, जिसमें वे अपनी भूल मानते हैं
  • B किसी कथन से नहीं, उनके कामों से — लाठी उठाना और लाठी रख देना
  • C माँ के कहे गए एक ही वाक्य से, जो उनका पूरा मन खोलकर बता देता है
  • D लड़के के लिखे गए एक पत्र से, जो अंत में आता है
Show answer
Answer: किसी कथन से नहीं, उनके कामों से — लाठी उठाना और लाठी रख देना
Why:

वे इस पूरे हिस्से में कुछ कहते ही नहीं।

Q19 माँ का सारे दरवाज़े खोल देना पूरी कहानी का उलटा काम क्यों कहा जा सकता है? beginner
  • A क्योंकि अब तक दरवाज़े केवल रात को बंद होते थे
  • B क्योंकि अब तक दरवाज़े खोले ही जा रहे थे
  • C क्योंकि अब तक घर के किसी काम में माँ ने हाथ ही नहीं लगाया था
  • D क्योंकि अब तक दरवाज़े बंद किए और कपड़ों से भरे जा रहे थे
Show answer
Answer: क्योंकि अब तक दरवाज़े बंद किए और कपड़ों से भरे जा रहे थे
Why:

यह बात भी किसी भाषण से नहीं, एक काम से कही जाती है।

Q20 नन्हीं चिड़ियों के पुकारने पर उनके माँ-बाप क्या करते हैं? beginner
  • A झट से भीतर आकर उनसे मिलते हैं और उनकी चोंचों में चुग्गा डालते हैं
  • B दीवार पर बैठे-बैठे दूर से ही कुछ देर उनका इंतज़ार करते रहते हैं, पास नहीं आते
  • C घोंसला फिर से बनाने के लिए तिनके लाने लगते हैं
  • D उन्हें उड़ाकर अपने साथ बाहर ले जाते हैं
Show answer
Answer: झट से भीतर आकर उनसे मिलते हैं और उनकी चोंचों में चुग्गा डालते हैं
Why:

इसके बाद कमरे में फिर शोर होने लगता है।

Q21 कहानी का अंतिम वाक्य शोर पर लौटता है। उस शोर पर इस बार पिताजी की प्रतिक्रिया क्या है? beginner
  • A वे दरवाज़े बंद करने का हुक्म दे देते हैं
  • B वे फिर लाठी उठा लेते हैं और खड़े हो जाते हैं
  • C वे उस ओर देख-देखकर केवल मुसकराते रहते हैं
  • D वे कमरे से बाहर निकल जाते हैं
Show answer
Answer: वे उस ओर देख-देखकर केवल मुसकराते रहते हैं
Why:

पहले यही शोर उन्हें लाठी उठवाता था।

Q22 कहानी के पहले पन्ने की कौन-सी बात अंतिम वाक्य में पूरी होकर लौट आती है? beginner
  • A घर के लोगों की गिनती तीन होना
  • B एक ही आवाज़ को सुनने के दो ढंग
  • C आँगन में आम के पेड़ का होना
  • D चूहों की गिनती बीसियों में होना
Show answer
Answer: एक ही आवाज़ को सुनने के दो ढंग
Why:

पहले वह शोर था; अंत में वही मुसकान का कारण बन जाता है।

Q23 ऐसा वाक्य जो किसी पात्र के बदले हुए मन को एक झटके में दिखा दे, कहानी के लिए क्यों काम का होता है? beginner
  • A वह कहानी का अंत पहले से बता देता है
  • B वह कहानी की लंबाई बहुत बढ़ा देता है
  • C वह पाठक को पात्रों के नाम याद करा देता है
  • D वह बिना उपदेश दिए पूरा बदलाव समझा देता है
Show answer
Answer: वह बिना उपदेश दिए पूरा बदलाव समझा देता है
Why:

अंतिम वाक्य में केवल देखना और मुसकराना है, कोई उपदेश नहीं।

Q24 इस भाग के बारे में तीन बातें नीचे पढ़िए। I. पिताजी नन्हीं चिड़ियों को देखकर लाठी एक ओर रख देते हैं। II. सारे दरवाज़े पिताजी ने खोले थे। III. बड़ी गौरैयाँ उस समय बाहर दीवार पर चुपचाप बैठी थीं। ठीक बातें कौन-सी हैं? intermediate
  • A केवल I और II
  • B केवल II और III
  • C केवल I और III
  • D I, II और III
Show answer
Answer: केवल I और III
Why:

दरवाज़े माँ ने खोले थे, और यही काम पूरी कहानी का उलटा है।

Q25 अभिकथन: कहानी के अंत में पिताजी का मन बदल जाता है। कारण: घोंसले में से दो नन्हीं चिड़ियाँ सिर निकालकर अपने माँ-बाप को पुकारने लगती हैं। advanced
  • A दोनों सही हैं; कारण अभिकथन को समझाता है
  • B दोनों सही हैं; कारण अभिकथन को नहीं समझाता
  • C अभिकथन सही है; परंतु उसका कारण ग़लत है
  • D अभिकथन ग़लत है; परंतु उसका कारण सही है
Show answer
Answer: दोनों सही हैं; कारण अभिकथन को समझाता है
Why:

कारण ठीक वही क्षण बताता है जिसके बाद लाठी एक ओर रख दी जाती है।

Important short questions (7)

पिताजी घोंसला तोड़ने पर क्यों उतर आए?

रोज़ चिड़ियाँ बाहर की जाती थीं और रोज़ लौट आती थीं। पिताजी के लिए हर दिन लाठी झुलाना मुश्किल हो गया और उनका धीरज ख़त्म हो गया। तब उन्होंने सोचा कि ठिकाना ही न रहे तो चिड़ियाँ अपने आप चली जाएँगी।

गौरैयों में कौन-से तीन बदलाव आए थे, और उनका कारण क्या था?

वे कुछ दुबली पड़ गई थीं, कुछ काली पड़ गई थीं, और चहकना छोड़ चुकी थीं। कारण यह था कि रोज़ उन्हें बाहर किया जा रहा था, और भीतर अंडों की चिंता थी। इसी भाग-दौड़ और भूख ने उनका गाना बंद करा दिया।

घोंसले से लटके तिनकों वाली तुलना क्यों सुंदर मानी जाती है?

लेखक कहता है कि जैसे गौरैयों ने सजावट के लिए कोई झालर टाँग रखी हो। इस एक तुलना से घोंसला घास का ढेर नहीं, किसी के सजाए हुए घर जैसा लगने लगता है। इसी कारण उसे तोड़ना आगे और भारी पड़ता है।

पिताजी का मन बदलने का क्षण कौन-सा है?

वह क्षण तब आता है जब ऊपर से दो नन्हीं गौरैयाँ सिर निकालती हैं। वे अपने माँ-बाप को पुकारने लगती हैं। उसी समय पिताजी के हाथ रुक जाते हैं। वे स्टूल से उतरकर लाठी एक किनारे रख देते हैं।

कहानी पिताजी के बदलाव को किस ढंग से दिखाती है?

वह कोई भाषण नहीं देती। पिताजी इस पूरे हिस्से में कुछ कहते ही नहीं। उनका बदलना केवल कामों से दिखाया जाता है — पहले लाठी उठाना, फिर उसे चुपचाप एक ओर रख देना, और अंत में शोर की ओर देखकर मुसकराना।

माँ का सारे दरवाज़े खोल देना क्यों महत्व रखता है?

अब तक घर में दरवाज़े बंद किए जा रहे थे, उनके नीचे कपड़े ठूँसे जा रहे थे और रोशनदान भरा जा रहा था। माँ का यह काम उन सबका उलटा है। इससे वही घर अपने आप खुल जाता है, और यह बात भी किसी वाक्य से नहीं, एक काम से कही जाती है।

कहानी का अंतिम वाक्य पहले पन्ने से कैसे जुड़ता है?

पहले पन्ने पर एक ही शोर के दो अर्थ थे — लड़के को कान फट जाने का डर और बाहर के लोगों को पक्षियों का गाना। अंत में वही शोर फिर है, पर इस बार पिताजी उसे देख-देखकर मुसकराते हैं। एक ही आवाज़, और सुनने का ढंग बदल गया।

Long answer questions (3)

घोंसला तोड़े जाने से कहानी के अंत तक की घटनाएँ क्रम से लिखिए।

पहले पिताजी का धीरज चुक जाता है। वे घोंसला नोचने के लिए स्टूल ले आते हैं। ऊपर चढ़ते हुए वे कहते हैं कि जिसे बाहर करना हो, उसका घर तोड़ देना चाहिए। लाठी का सिरा घास पर जमाकर खींचने से दो तिनके गिरते हैं। माँ हँसकर कहती हैं कि बाक़ी दो हज़ार भी निकल जाएँगे। इसी बीच लड़का बाहर देखता है। दोनों गौरैयाँ दीवार पर चुप बैठी मिलती हैं। लाठी घुमाने पर घोंसला उस पर लिपटने लगता है। घास, रुई, धागे और थिगलियाँ सिरे पर चढ़ जाती हैं। तभी ज़ोर की चीं-चीं सुनाई पड़ती है। ऊपर से दो नन्हीं गौरैयाँ झाँकती दिखती हैं। पिताजी उतरकर लाठी एक किनारे रख देते हैं। माँ सारे दरवाज़े खोल देती हैं। लौटे हुए माँ-बाप बच्चों को चुग्गा खिलाते हैं। अंत में शोर पर पिताजी केवल मुसकराते रहते हैं।

पिताजी के घर तोड़ने वाले वाक्य को कहानी किस तरह उनके ऊपर लौटा देती है?

वह वाक्य गुस्से में कहा गया था और उसका अर्थ साफ़ था — किसी को हटाना हो तो उसका ठिकाना ही मिटा दो। कहानी इसका कोई उत्तर नहीं देती, वह केवल कुछ क्षण बाद उस घर के भीतर से दो नन्हीं चोंचें निकाल देती है। उसी समय पिताजी के हाथ में लाठी है और उस पर उसी घर का बहुत-सा हिस्सा लिपटा हुआ है। अब वह वाक्य उन्हीं पर लागू हो जाता है, क्योंकि वे एक ऐसा घर तोड़ रहे थे जिसमें बच्चे थे। यही कारण है कि वे कुछ कहते नहीं, चुपचाप उतर आते हैं और लाठी रख देते हैं। कहानी इस तरह उपदेश दिए बिना अपनी बात कह देती है, और यही उसकी सबसे बड़ी ख़ूबी है।

इस कहानी से क्या-क्या सीख निकलती है? अपने शब्दों में लिखिए।

पहली सीख यह है कि पशु-पक्षी भी घर और परिवार का अर्थ जानते हैं। गौरैयाँ केवल बैठने की जगह नहीं खोज रही थीं; वे बिछावन बिछाती हैं, सामान जोड़ती हैं, अंडे देती हैं और बच्चों को दाना खिलाती हैं। दूसरी सीख यह है कि किसी का ठिकाना उजाड़ने से पहले यह देख लेना चाहिए कि उसमें कौन है। पिताजी को यह बात उसी क्षण समझ आती है जब नन्हीं चोंचें दिखाई देती हैं। तीसरी सीख चिड़ियों की ओर से है। उन्हें रोज़ बाहर किया गया, वे दुबली और काली पड़ गईं, उनका गाना बंद हो गया, पर उन्होंने लौटना बंद नहीं किया, और आख़िर में घर उन्हीं का बना रहा। चौथी सीख माँ के ढंग से मिलती है, जो न झगड़ती हैं और न लाठी उठाती हैं, पर अंत में सारे दरवाज़े खोल देती हैं।

Flashcards (17)

धीरज ख़त्म होने पर पिताजी का नया इरादा क्या था?
घोंसला ही नोचकर बाहर कर देने का, और इसके लिए वे स्टूल ले आए।
स्टूल पर चढ़ते हुए पिताजी ने क्या कहा?
कि जिसे सचमुच बाहर करना हो, उसका घर ही तोड़ देना चाहिए।
घोंसले से लटके तिनकों को लेखक किस चीज़ जैसा बताता है?
सजावट के लिए टाँगी गई झालर जैसा।
दो तिनके गिरने पर माँ ने क्या हिसाब लगाया?
कि दो निकल गए, अब बाक़ी दो हज़ार भी निकल जाएँगे।
घोंसला तोड़े जाने के समय बड़ी गौरैयाँ कहाँ थीं?
बाहर दीवार पर चुपचाप बैठी थीं।
गौरैयों में आए तीन बदलाव कौन-से थे?
वे कुछ दुबली पड़ गई थीं, कुछ काली पड़ गई थीं, और चहक नहीं रही थीं।
चहकना बंद होना सबसे भारी बात क्यों है?
क्योंकि आने के दिनों में वे गाती ही मिलती थीं।
लाठी का सिरा घुमाने पर घोंसले के साथ क्या हुआ?
लंबे तिनके सिरे से लिपटने लगे और घोंसला लाठी पर लपेटा जाने लगा।
घोंसले में से कौन-कौन सी चीज़ें निकलीं?
सूखी घास, रुई के फाहे, धागे और कपड़े की थिगलियाँ।
अचानक आई चीं-चीं के बारे में पहला ख़याल क्या था?
कि बड़ी गौरैयाँ लौट आई हैं, पर वे बाहर गुमसुम बैठी थीं।
ऊपर देखने पर क्या दिखाई दिया?
पंखे के उसी गोले की ओट से दो नन्हीं गौरैयाँ झाँकती हुई नीचे देख रही थीं।
नन्हीं चिड़ियाँ मानो क्या कह रही थीं?
कि वे आ गई हैं, और उनके माँ-बाप कहाँ हैं।
अवाक् का अर्थ क्या है?
इतना चकित कि मुँह से बोल ही न निकले।
नन्हीं चिड़ियों को देखकर पिताजी ने क्या किया?
स्टूल से उतरकर लाठी एक किनारे रख दी, और चुपचाप कुर्सी पर बैठ गए।
माँ ने उस समय कौन-सा काम किया?
उठकर सारे दरवाज़े खोल दिए।
माँ-बाप लौटकर क्या करते हैं?
भीतर आकर बच्चों से मिलते हैं और उनकी चोंचों में चुग्गा डालने लगते हैं।
कहानी के अंतिम वाक्य में पिताजी क्या करते हैं?
शोर की ओर देख-देखकर केवल मुसकराते रहते हैं।

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कहने के ढंग और मात्रा

यह भाग पाठ की भाषा देखता है — काम का ढंग बताने वाले क्रिया विशेषण, एक मात्रा के अंतर वाले शब्द-जोड़े, सीधे अर्थ न रखने वाले वाक्य, कहानी की रचना के औज़ार, और लेखक भीष्म साहनी का परिचय।

What you will be able to do

  • क्रिया विशेषण पहचानकर अपने वाक्य बना सकूँगा।
  • एक मात्रा के अंतर वाले शब्द-जोड़ों के अर्थ अलग कर सकूँगा।
  • लाक्षणिक अर्थ वाले वाक्यों का असली अर्थ बता सकूँगा।
  • कहानी की रचना के चार औज़ार उदाहरण देकर गिना सकूँगा।
  • भीष्म साहनी का संक्षिप्त परिचय लिख सकूँगा।

Key points

  • कोई काम किस ढंग से हुआ, यह बताने वाले शब्द क्रिया विशेषण कहलाते हैं।

  • पाठ के उदाहरण — खिलखिलाकर, झिड़ककर, गंभीरता से, गुस्से से, हाँफ-हाँफकर, झट से, फरफराते हुए, चुपचाप।

  • उड़ा देना और उड़ जाना एक काम नहीं हैं; एक में कोई और उड़ाता है।

  • नाच एक नाम है, नाचा स्वयं किया हुआ है, और नचा किसी और से कराया हुआ।

  • हार पराजय या माला है, हरा रंग या हराने का काम है, हारा वह है जो हार गया।

  • चूक भूल है और चुकना ख़त्म होना; कहानी में पिताजी का धीरज चुक जाता है।

  • सहसा का अर्थ अचानक है और साहस का अर्थ हिम्मत।

  • डेरा डालना, धमा-चौकड़ी, छाती फैलाना, रात पड़ना और मल्हार गाना — ये सीधे अर्थ में नहीं पढ़े जाते।

  • भीष्म साहनी के उपन्यास तमस को साहित्य अकादमी पुरस्कार मिला और उन्हें पद्म भूषण से सम्मानित किया गया।

Full explanation

काम कैसे हुआ — यही बताने वाले शब्द

कहानी में एक जगह लिखा है कि माँ खिलखिलाकर हँस दीं। यहाँ हँसना क्रिया है, और खिलखिलाकर यह बताता है कि वह हँसना किस ढंग का था। कोई काम किस तरह किया गया, यह बताने वाले शब्दों को क्रिया विशेषण कहते हैं।

पाठ के चार क्रिया विशेषण

इस पाठ में ऐसे शब्द चार-पाँच जगह मिलते हैं। माँ खिलखिलाकर हँसती हैं। पिताजी लड़के से झिड़ककर कहते हैं। एक जगह माँ गंभीरता से कहती हैं, और एक जगह पिताजी गुस्से से कहते हैं। चारों में क्रिया एक ही है — कहना या हँसना — पर ढंग अलग है, और अर्थ भी उसी ढंग से बदल जाता है।

एक ही वाक्य, चार ढंग

इसे परखने का सरल तरीक़ा यह है कि एक वाक्य लेकर उसमें ढंग बदलते जाइए। उसने धीरे से कहा, उसने चिल्लाकर कहा, उसने सहमकर कहा, उसने फुसफुसाते हुए कहा। कहने वाला और कही गई बात एक ही रह सकती है, पर इन चार वाक्यों का अर्थ एक नहीं रहता।

और भी ऐसे शब्द

ढंग बताने वाले शब्द इसी पाठ में और भी हैं। नन्हीं चिड़ियाँ हाँफ-हाँफकर पुकारती रहीं। उनके माँ-बाप झट से भीतर आ गए। तिनके फरफराते हुए नीचे उतरने लगे। पिताजी चुपचाप कुर्सी पर बैठ गए। हर शब्द अपने साथ एक चित्र लेकर आता है।

एक मात्रा का अंतर

अब भाषा की दूसरी बात। कई बार शब्द में केवल एक मात्रा का अंतर होता है, और अर्थ पूरा बदल जाता है। इस पाठ में ही दो उदाहरण हैं — एक जगह माँ-पिताजी चिड़ियों की ओर देखे जा रहे थे, और एक जगह माँ कहती हैं कि पहले उड़ा देते तो उड़ जातीं। उड़ा देना और उड़ जाना एक काम नहीं हैं।

नाच, नाचा, नचा

पहला जोड़ा लीजिए। नाच एक नाम है, जैसे गाँव में नाच हो रहा है। नाचा का अर्थ है किसी ने स्वयं नाचा। नचा का अर्थ है किसी और को नचाया। तीनों में एक ही मूल है, पर करने वाला बदल जाता है।

हार, हरा, हारा

दूसरा जोड़ा और भी ध्यान माँगता है। हार का अर्थ है पराजय, और गले में पहनने वाली माला भी हार कहलाती है। हरा का अर्थ है हरे रंग का, और यह किसी को हरा देना भी हो सकता है। हारा का अर्थ है जो हार गया। कहानी में पिताजी कहते हैं कि वे हार मानने वाले आदमी नहीं हैं, और यहाँ पहला ही अर्थ काम कर रहा है।

पिता और पीता

तीसरा जोड़ा सबसे छोटा है और सबसे अधिक भूल कराता है। पिता का अर्थ है जन्म देने वाला, और पीता का अर्थ है जो पीता है। बड़ी इ और छोटी इ का यही अंतर पूरे वाक्य का अर्थ पलट देता है।

चूक और चुक

चौथा जोड़ा लीजिए। चूक का अर्थ है भूल या छूट जाना, जैसे गिनती में एक चूक रह गई। चुक जाना का अर्थ है ख़त्म हो जाना। कहानी में पिताजी का धीरज चुक जाता है, और तब वे घोंसला तोड़ने पर उतरते हैं।

नीचा और नीचे

पाँचवाँ जोड़ा लीजिए। नीचा एक विशेषण है और किसी चीज़ की ऊँचाई कम होना बताता है, जैसे यह दीवार बहुत नीची है। नीचे एक ढंग बताता है और जगह की ओर इशारा करता है, जैसे चिड़ियाँ नीचे की ओर ताक रही थीं।

सहसा और साहस

छठा जोड़ा उलटे अक्षरों वाला लगता है, पर दोनों का कोई रिश्ता नहीं है। सहसा का अर्थ है अचानक, और इस कहानी के मोड़ पर आवाज़ ठीक इसी तरह आती है। साहस का अर्थ है हिम्मत। एक शब्द समय बताता है और दूसरा गुण।

वाक्य जो सीधा अर्थ नहीं रखते

अब तीसरी बात। कहानी में कुछ वाक्य शब्द-शब्द पढ़ने पर कुछ और लगते हैं और अर्थ कुछ और होता है। पक्षी पेड़ पर डेरा डाले रहते हैं, इसका अर्थ तंबू गाड़ना नहीं, वहीं जमे रहना है। शोर से कान के पर्दे फटने की बात सचमुच फटने की नहीं, बहुत तेज़ आवाज़ की है।

और ऐसे चार वाक्य

चूहों की धमा-चौकड़ी का अर्थ उनकी उछल-कूद और उससे होने वाला हड़कंप है। पिताजी का छाती फैलाकर बैठना गर्व और जीत के भाव में बैठना है। रात पड़ जाने का अर्थ किसी चीज़ का गिरना नहीं, धीरे-धीरे अँधेरा हो जाना है। और गौरैयों का मल्हार गाना किसी राग का अभ्यास नहीं, मज़े में चहचहाना है।

कहानी की रचना के चार औज़ार

इस कहानी में चार औज़ार बार-बार दिखते हैं, और चारों के नाम याद रखने लायक़ हैं। मानवीकरण, जिसमें जीव आदमी की तरह बरतते हैं। अतिशयोक्ति, जिसमें बात नाप से बड़ी कर दी जाती है। व्यंग्य, जिसमें चोट उलटे ढंग से की जाती है। और प्रथम पुरुष, जिसमें कहने वाला अपने बारे में मैं कहता है।

विशेष वाक्य

पाँचवाँ औज़ार सबसे बारीक है। ऐसा वाक्य, जो किसी पात्र के बदले हुए मन को एक झटके में दिखा दे, कहानी को प्रभावशाली बना देता है। इस पाठ का अंतिम वाक्य ऐसा ही है, जिसमें शोर पर पिताजी केवल मुसकरा देते हैं। उसमें न कोई उपदेश है, न कोई समझाने वाली पंक्ति।

लेखक — भीष्म साहनी

इस कहानी के लेखक भीष्म साहनी थे, जिनका जीवन-काल 1915 से 2003 तक रहा। वे कई विधाओं में लिखने वाले लेखक थे। उनकी कहानियों में देश के बँटवारे का दर्द और आदमी के मोल की बात बार-बार आती है। उनके उपन्यास तमस को साहित्य अकादमी पुरस्कार मिला, और भारत सरकार ने उन्हें पद्म भूषण से सम्मानित किया। बच्चों के लिए लिखी उनकी कहानियों में गुलेल का खेल भी भी लिखीं।

Concepts and terms

क्रिया विशेषण

वह शब्द जो बताता है कि कोई काम किस ढंग से किया गया। खिलखिलाकर, झिड़ककर, गंभीरता से और गुस्से से — चारों इसी तरह के शब्द हैं।

लाक्षणिक अर्थ

वाक्य का वह अर्थ जो शब्द-शब्द पढ़ने से नहीं निकलता। पेड़ पर डेरा डालने का अर्थ तंबू गाड़ना नहीं, वहीं जमे रहना है।

मात्रा का हेर-फेर

एक ही मात्रा के अंतर से शब्द का अर्थ बदल जाना। पिता और पीता, चूक और चुक, नीचा और नीचे — तीनों जोड़े इसी तरह के हैं।

विशेष वाक्य

ऐसा वाक्य जो किसी पात्र के बदले हुए मन को एक झटके में दिखा दे। इस पाठ का अंतिम वाक्य ऐसा ही है।

भीष्म साहनी

इस कहानी के लेखक, जिनका जीवन-काल 1915 से 2003 तक रहा। उनके उपन्यास तमस को साहित्य अकादमी पुरस्कार मिला और उन्हें पद्म भूषण से सम्मानित किया गया।

सावधान

भ्रम और सच

मिलाकर देखो

Scenario:

कक्षा में एक ही वाक्य लिखकर चार समूहों को दिया जाता है — उसने कहा कि अब चलो। पहले समूह को कहने के आगे धीरे से जोड़ना है, दूसरे को चिल्लाकर, तीसरे को शरमाकर और चौथे को सहमकर। चारों समूह अपना वाक्य अभिनय के साथ बोलते हैं। कक्षा देखती है कि शब्द लगभग वही हैं, पर चार दृश्य बिलकुल अलग बन गए। एक विद्यार्थी कहता है कि उसने चौथे समूह का वाक्य सुनते ही समझ लिया था कि वहाँ कोई डर है।

Analysis:

ध्यान देने की बात यह है कि किसी समूह ने नया वाक्य नहीं बनाया। सबके पास वही शब्द थे। बदला केवल ढंग, और उसी से भाव बदल गया। इसी कारण अच्छे लेखक ढंग बताने वाले शब्द बहुत सोचकर चुनते हैं, और इसी कारण इस पाठ में खिलखिलाकर और झिड़ककर जैसे शब्द इतना काम करते हैं।

Activity:

अपनी कॉपी में एक छोटा वाक्य लिखिए और उसके आगे चार अलग-अलग ढंग वाले शब्द जोड़कर चार वाक्य बनाइए। हर वाक्य के सामने एक शब्द में वह भाव लिखिए जो उससे बनता है।

करके देखो

Title:

मात्रा बदलो, अर्थ देखो

Safety:

किसी सामग्री की आवश्यकता नहीं; केवल लिखना है।

What You Notice:

वाक्य बनाते समय सबसे अधिक कठिनाई नचा और हरा पर आती है, क्योंकि दोनों में काम किसी और से कराया जाता है।

Did you know

मल्हार वर्षा ऋतु का एक राग है, और इस कक्षा की हिंदी पुस्तक का नाम भी मल्हार है। कहानी में गौरैयों के मल्हार गाने की बात राग के अभ्यास की नहीं, मज़े में चहचहाने की है।

भीष्म साहनी के उपन्यास तमस पर एक चर्चित धारावाहिक भी बना, और वह देश के बँटवारे के दिनों की कथा कहता है।

Memory tricks

छह जोड़े याद रखने का सूत्र — ना–हा–पि–चू–नी–स — नाच, हार, पिता, चूक, नीचा, सहसा। हर जोड़े में एक मात्रा का अंतर है और अर्थ पूरा अलग है।

रचना के चार औज़ार — मा–अ–व्य–प्र — मानवीकरण, अतिशयोक्ति, व्यंग्य, प्रथम पुरुष। चारों इस कहानी में एक से अधिक जगह मिलते हैं।

Practice MCQs with answers (25)

Q1 कहानी में एक जगह लिखा है कि माँ खिलखिलाकर हँस पड़ीं। उस वाक्य में खिलखिलाकर शब्द क्या काम कर रहा है, और ऐसे शब्दों को क्या कहा जाता है? beginner
  • A हँसने की गिनती बता रहा है, और ऐसे शब्द विशेषण कहलाते हैं
  • B हँसने वाले का नाम बता रहा है, और ऐसे शब्द संज्ञा कहलाते हैं
  • C हँसने का समय बता रहा है, और ऐसे शब्द सर्वनाम कहलाते हैं
  • D हँसने का ढंग बता रहा है, और ऐसे शब्द क्रिया विशेषण कहलाते हैं
Show answer
Answer: हँसने का ढंग बता रहा है, और ऐसे शब्द क्रिया विशेषण कहलाते हैं
Why:

कोई काम किस तरह किया गया, यही बताने वाले शब्द क्रिया विशेषण हैं।

Q2 नीचे दिए गए शब्दों में से कौन-सा जोड़ा पाठ में आए क्रिया विशेषणों का है? beginner
  • A माँ और पिताजी
  • B घोंसला और रोशनदान
  • C झिड़ककर और गंभीरता से
  • D दुबली और काली
Show answer
Answer: झिड़ककर और गंभीरता से
Why:

दोनों शब्द बताते हैं कि कहना किस ढंग से हुआ।

Q3 उसने धीरे से कहा, उसने चिल्लाकर कहा, उसने सहमकर कहा — इन तीन वाक्यों में कहने वाला और कही गई बात एक ही हो सकती है। फिर भी तीनों का अर्थ एक नहीं रहता। इसका कारण क्या है? beginner
  • A क्योंकि हर वाक्य में कहने वाला बदल गया है
  • B क्योंकि हर वाक्य में कहने का ढंग बदल गया है
  • C क्योंकि हर वाक्य में कहने का समय बदल गया है
  • D क्योंकि हर वाक्य में सुनने वाला बदल गया है
Show answer
Answer: क्योंकि हर वाक्य में कहने का ढंग बदल गया है
Why:

ढंग बदलते ही पूरे वाक्य का भाव बदल जाता है।

Q4 पाठ में नन्हीं चिड़ियों के पुकारने और उनके माँ-बाप के लौटने के ढंग के लिए कौन-से दो शब्द आए हैं? beginner
  • A हाँफ-हाँफकर और झट से
  • B चुपचाप और गंभीरता से
  • C खिलखिलाकर और झिड़ककर
  • D फरफराते हुए और गुस्से से
Show answer
Answer: हाँफ-हाँफकर और झट से
Why:

दोनों शब्द बताते हैं कि काम किस तरह हुआ।

Q5 तिनकों के घोंसले से अलग होकर नीचे उतरने के ढंग के लिए पाठ में कौन-सा शब्द आया है? beginner
  • A गंभीरता से
  • B खिलखिलाकर
  • C झिड़ककर
  • D फरफराते हुए
Show answer
Answer: फरफराते हुए
Why:

यह शब्द अपने साथ हवा में फड़फड़ाने का चित्र लेकर आता है।

Q6 कहानी में माँ कहती हैं कि पहले उड़ा देते तो उड़ जातीं। उड़ा देना और उड़ जाना में क्या अंतर है? beginner
  • A दोनों का अर्थ एक ही है, केवल कहने का ढंग अलग है
  • B एक में चिड़िया स्वयं उड़ती है, दूसरे में कोई और उड़ाता है
  • C एक में कोई और उड़ाता है, दूसरे में चिड़िया स्वयं उड़ती है
  • D एक में उड़ना ऊपर की ओर है, दूसरे में नीचे की ओर
Show answer
Answer: एक में कोई और उड़ाता है, दूसरे में चिड़िया स्वयं उड़ती है
Why:

एक मात्रा के अंतर से करने वाला बदल जाता है।

Q7 नाच, नाचा और नचा — इन तीन शब्दों में अंतर किस बात का है? beginner
  • A समय का — नाच आज का है, नाचा कल का है, और नचा उससे पहले किसी दिन का है
  • B करने वाले का — नाच एक नाम है, नाचा स्वयं किया, नचा किसी और से कराया
  • C गिनती का — नाच एक है, नाचा दो हैं, नचा तीन हैं
  • D जगह का — नाच घर में, नाचा गाँव में, नचा शहर में
Show answer
Answer: करने वाले का — नाच एक नाम है, नाचा स्वयं किया, नचा किसी और से कराया
Why:

तीनों का मूल एक ही है, पर करने वाला बदल जाता है।

Q8 हार शब्द के दो अर्थ कहानी और सामान्य भाषा में मिलते हैं। वे कौन-से हैं? beginner
  • A पराजय, और गले में पहनने वाली माला
  • B हरे रंग का, और कोई हारा हुआ व्यक्ति
  • C कोई हथियार, और कोई बरतन
  • D कोई त्योहार, और कोई महीना
Show answer
Answer: पराजय, और गले में पहनने वाली माला
Why:

पिताजी के वाक्य में पहला ही अर्थ काम कर रहा है।

Q9 हरा और हारा में क्या अंतर है? beginner
  • A हरा किसी फल का नाम है, और हारा किसी पुराने फूल का नाम रहा है
  • B हरा वह है जो हार गया, और हारा रंग बताता है
  • C दोनों का अर्थ एक ही है, केवल मात्रा अलग है
  • D हरा रंग बताता है या हराने का काम, और हारा वह है जो हार गया
Show answer
Answer: हरा रंग बताता है या हराने का काम, और हारा वह है जो हार गया
Why:

एक मात्रा का अंतर यहाँ भी अर्थ बदल देता है।

Q10 पिता और पीता में एक ही मात्रा का अंतर है, फिर भी यह जोड़ा सबसे अधिक भूल कराता है। इन दोनों के अर्थ क्या हैं? beginner
  • A दोनों का अर्थ जन्म देने वाला ही है
  • B पिता वह है जो पीता है, और पीता जन्म देने वाला है
  • C पिता जन्म देने वाला है, और पीता वह है जो पीता है
  • D पिता कोई रिश्ता है, और पीता कोई रंग है
Show answer
Answer: पिता जन्म देने वाला है, और पीता वह है जो पीता है
Why:

बड़ी इ और छोटी इ का यही अंतर वाक्य का अर्थ पलट देता है।

Q11 चूक और चुक में क्या अंतर है, और इनमें से कौन-सा शब्द इस कहानी में काम आया है? beginner
  • A चूक ख़त्म होना है और चुकना भूल है; कहानी में धीरज चूक जाता है
  • B चूक भूल है और चुकना ख़त्म होना है; कहानी में धीरज चुक जाता है
  • C दोनों का अर्थ भूल ही है; कहानी में दोनों आए हैं
  • D दोनों का अर्थ ख़त्म होना है; कहानी में कोई नहीं आया
Show answer
Answer: चूक भूल है और चुकना ख़त्म होना है; कहानी में धीरज चुक जाता है
Why:

धीरज चुकने के बाद ही पिताजी घोंसला तोड़ने पर उतरते हैं।

Q12 नीचा और नीचे में क्या अंतर है? beginner
  • A नीचा ऊँचाई कम होना बताता है, और नीचे जगह की ओर इशारा करता है
  • B नीचा जगह की ओर इशारा करता है, और नीचे किसी की ऊँचाई ही बताता है
  • C दोनों एक ही अर्थ रखते हैं और कहीं भी काम आ सकते हैं
  • D नीचा किसी रंग का नाम है, और नीचे किसी दिशा का
Show answer
Answer: नीचा ऊँचाई कम होना बताता है, और नीचे जगह की ओर इशारा करता है
Why:

जैसे यह दीवार नीची है, और चिड़ियाँ नीचे की ओर ताक रही थीं।

Q13 सहसा और साहस के अक्षर मिलते-जुलते हैं, पर अर्थ का कोई रिश्ता नहीं है। इनके अर्थ क्या हैं? beginner
  • A दोनों का अर्थ हिम्मत ही है
  • B सहसा का अर्थ हिम्मत है, और साहस का अर्थ अचानक
  • C दोनों का अर्थ अचानक ही है
  • D सहसा का अर्थ अचानक है, और साहस का अर्थ हिम्मत
Show answer
Answer: सहसा का अर्थ अचानक है, और साहस का अर्थ हिम्मत
Why:

एक शब्द समय बताता है और दूसरा गुण।

Q14 कहानी के मोड़ पर चीं-चीं की आवाज़ किस ढंग से आती है, और उसके लिए कौन-सा शब्द ठीक बैठता है? beginner
  • A बहुत देर रुककर, और उसके लिए नीचा शब्द ठीक बैठता है
  • B धीरे-धीरे बढ़ते हुए, और उसके लिए साहस शब्द ठीक बैठता है
  • C बिना किसी सूचना के, और उसके लिए सहसा शब्द ठीक बैठता है
  • D बार-बार रुकते हुए, और उसके लिए चूक शब्द ठीक बैठता है
Show answer
Answer: बिना किसी सूचना के, और उसके लिए सहसा शब्द ठीक बैठता है
Why:

सहसा का अर्थ अचानक होता है।

Q15 पक्षियों के पेड़ पर डेरा डाले रहने का अर्थ क्या है? beginner
  • A तंबू गाड़ना
  • B वहीं जमे रहना
  • C घोंसला तोड़ना
  • D दाना चुगना
Show answer
Answer: वहीं जमे रहना
Why:

यह वाक्य शब्द-शब्द नहीं, लाक्षणिक अर्थ में पढ़ा जाता है।

Q16 शोर से कान के पर्दे फट जाने वाली बात का असली अर्थ क्या है? beginner
  • A कि आवाज़ बहुत तेज़ है
  • B कि किसी के कान में चोट लगी है
  • C कि परदे फाड़ दिए गए हैं
  • D कि आवाज़ बहुत धीमी है
Show answer
Answer: कि आवाज़ बहुत तेज़ है
Why:

ऐसे वाक्य बात को बढ़ाकर कहते हैं और हँसी लाते हैं।

Q17 चूहों की धमा-चौकड़ी मचने का अर्थ कहानी में क्या है? beginner
  • A उनका चार-चार की गिनती में ही चलते रहना
  • B उनका किसी कोने में चुपचाप बैठना
  • C उनका घर से बाहर निकल जाना
  • D उनकी उछल-कूद और उससे होने वाला हड़कंप
Show answer
Answer: उनकी उछल-कूद और उससे होने वाला हड़कंप
Why:

इसी से घर के लोगों की नींद पूरी नहीं होती।

Q18 चिड़ियों के बाहर निकल जाने पर पिताजी छाती फैलाकर कुर्सी पर बैठ जाते हैं। इस वाक्य का अर्थ क्या है? beginner
  • A वे बहुत डर जाते हैं और चुप हो जाते हैं
  • B उनकी साँस फूल जाती है और वे थक जाते हैं
  • C वे गर्व और जीत के भाव में बैठ जाते हैं
  • D वे कुर्सी को आगे खींचकर बैठ जाते हैं
Show answer
Answer: वे गर्व और जीत के भाव में बैठ जाते हैं
Why:

उन्हें लगता है कि काम पूरा हो गया, जबकि वह पूरा नहीं हुआ था।

Q19 कहानी में एक जगह लिखा है कि इतने में रात पड़ गई। इसका अर्थ क्या है? beginner
  • A कि रात कोई भारी चीज़ बनकर ऊपर से टपक पड़ी
  • B कि घटनाओं के बीच धीरे-धीरे अँधेरा हो गया
  • C कि घर के लोग रात को नीचे गिर पड़े
  • D कि रात का समय बहुत छोटा हो गया
Show answer
Answer: कि घटनाओं के बीच धीरे-धीरे अँधेरा हो गया
Why:

यह वाक्य भी सीधे अर्थ में नहीं पढ़ा जाता।

Q20 गौरैयों के मज़े से बैठकर मल्हार गाने का अर्थ क्या है? beginner
  • A कि वे मज़े में चहचहा रही थीं
  • B कि वे कोई शास्त्रीय राग साध रही थीं
  • C कि वे किसी मेले में गाने गई थीं
  • D कि वे अपने बच्चों को गाना सिखा रही थीं
Show answer
Answer: कि वे मज़े में चहचहा रही थीं
Why:

यहाँ राग का नाम मज़े में गाने के अर्थ में आया है।

Q21 इस कहानी में बार-बार दिखने वाले चार औज़ार कौन-से हैं? beginner
  • A पत्र, निबंध, संवाद और एकांकी
  • B छंद, तुक, अलंकार और लय
  • C उपसर्ग, प्रत्यय, संधि और समास जैसे व्याकरण के भेद
  • D मानवीकरण, अतिशयोक्ति, व्यंग्य और प्रथम पुरुष
Show answer
Answer: मानवीकरण, अतिशयोक्ति, व्यंग्य और प्रथम पुरुष
Why:

चारों के उदाहरण पाठ में एक से अधिक जगह मिलते हैं।

Q22 ऐसा वाक्य जो किसी पात्र के बदले हुए मन को एक झटके में दिखा दे, उसे इस पाठ में क्या कहा गया है, और उसका उदाहरण क्या है? beginner
  • A क्रिया विशेषण, और उदाहरण खिलखिलाकर शब्द है
  • B मुहावरा, और उदाहरण डेरा डालने वाला वाक्य है
  • C विशेष वाक्य, और उदाहरण कहानी का अंतिम वाक्य है
  • D व्यंग्य, और उदाहरण माँ का चूहों वाला वाक्य है
Show answer
Answer: विशेष वाक्य, और उदाहरण कहानी का अंतिम वाक्य है
Why:

उसमें न कोई उपदेश है, न कोई समझाने वाली पंक्ति।

Q23 नीची दीवार और धीरे से बोलना — इन दोनों में रेखांकित शब्द अलग-अलग काम करते हैं। वह अंतर क्या है? intermediate
  • A पहला काम का ढंग बताता है, दूसरा किसी नाम की विशेषता
  • B पहला किसी नाम की विशेषता बताता है, दूसरा काम का ढंग
  • C दोनों ही किसी नाम की विशेषता बताते हैं
  • D दोनों ही काम का समय बताते हैं
Show answer
Answer: पहला किसी नाम की विशेषता बताता है, दूसरा काम का ढंग
Why:

पहला विशेषण है और दूसरा क्रिया विशेषण।

Q24 इस कहानी के लेखक और उनके बारे में तीन बातें नीचे पढ़िए। I. इस कहानी के लेखक भीष्म साहनी हैं। II. उनके उपन्यास तमस को साहित्य अकादमी पुरस्कार मिला। III. उन्होंने बच्चों के लिए कभी कुछ नहीं लिखा। ठीक बातें कौन-सी हैं? intermediate
  • A केवल I और II
  • B केवल II और III
  • C केवल I और III
  • D I, II और III
Show answer
Answer: केवल I और II
Why:

बच्चों के लिए लिखी उनकी कहानियों में गुलेल का खेल भी लिखी हैं।

Q25 अभिकथन: एक मात्रा का अंतर भी शब्द का अर्थ पूरा बदल देता है। कारण: पिता और पीता में केवल एक मात्रा का अंतर है, पर एक रिश्ता बताता है और दूसरा कोई काम। advanced
  • A दोनों सही हैं; कारण अभिकथन को समझाता है
  • B दोनों सही हैं; कारण अभिकथन को नहीं समझाता
  • C अभिकथन सही है; परंतु उसका कारण ग़लत है
  • D अभिकथन ग़लत है; परंतु उसका कारण सही है
Show answer
Answer: दोनों सही हैं; कारण अभिकथन को समझाता है
Why:

कारण ठीक वही उदाहरण देता है जिससे अभिकथन सिद्ध होता है।

Important short questions (7)

क्रिया विशेषण किसे कहते हैं? पाठ से दो उदाहरण दीजिए।

वह शब्द जो बताता है कि कोई काम किस ढंग से किया गया, क्रिया विशेषण कहलाता है। पाठ में माँ खिलखिलाकर हँसती हैं, और पिताजी लड़के से झिड़ककर कहते हैं। दोनों शब्द काम का ढंग बताते हैं।

उड़ा देना और उड़ जाना में अंतर समझाइए।

उड़ा देने में काम कोई और करता है, यानी कोई चिड़िया को उड़ाता है। उड़ जाने में चिड़िया स्वयं उड़ती है। माँ का कहना यही था कि पहले उड़ा दिया जाता तो वे स्वयं उड़ जातीं, पर अब घोंसला बन चुका है।

हार, हरा और हारा के अर्थ लिखिए।

हार का अर्थ पराजय है, और गले में पहनने वाली माला भी हार कहलाती है। हरा का अर्थ हरे रंग का है, और किसी को हरा देना भी। हारा वह है जो हार गया। तीनों में केवल मात्रा का अंतर है।

चूक और चुक में अंतर बताइए और कहानी से जोड़िए।

चूक का अर्थ भूल या छूट जाना है, जैसे गिनती में एक चूक रह गई। चुक जाना का अर्थ ख़त्म हो जाना है। कहानी में पिताजी का धीरज चुक जाता है, और उसके बाद ही वे घोंसला तोड़ने पर उतर आते हैं।

कहानी के कोई तीन लाक्षणिक वाक्य और उनके अर्थ लिखिए।

पक्षियों का पेड़ पर डेरा डालना वहीं जमे रहना है। चूहों की धमा-चौकड़ी उनकी उछल-कूद और हड़कंप है। पिताजी का छाती फैलाकर बैठना गर्व और जीत के भाव में बैठना है। तीनों वाक्य शब्द-शब्द नहीं पढ़े जाते।

इस कहानी में रचना के कौन-से औज़ार काम में आए हैं?

मानवीकरण, जिसमें बिल्ली और चिड़ियाँ आदमी की तरह बरतती हैं। अतिशयोक्ति, जिसमें चींटियों की सेना जैसी बात आती है। व्यंग्य, जिसमें माँ चूहों का नाम लेकर चोट करती हैं। और प्रथम पुरुष, क्योंकि कहानी घर का लड़का सुना रहा है।

भीष्म साहनी का संक्षिप्त परिचय लिखिए।

भीष्म साहनी का जीवन-काल 1915 से 2003 तक रहा। वे कई विधाओं में लिखते थे। उनकी कहानियों में देश के बँटवारे का दर्द और आदमी के मोल की बात आती है। उनके उपन्यास तमस को साहित्य अकादमी पुरस्कार मिला और उन्हें पद्म भूषण से सम्मानित किया गया। बच्चों के लिए लिखी उनकी कहानियों में गुलेल का खेल भी है।

Long answer questions (3)

क्रिया विशेषण किसे कहते हैं? पाठ के उदाहरण देकर समझाइए कि ढंग बदलने से अर्थ कैसे बदल जाता है।

वह शब्द जो बताता है कि कोई काम किस ढंग से किया गया, क्रिया विशेषण कहलाता है। पाठ में ऐसे कई शब्द हैं। माँ खिलखिलाकर हँसती हैं, और इससे उनकी हँसी खुली और खुश दिखती है। पिताजी लड़के से झिड़ककर कहते हैं, और इससे उनकी खीज सुनाई देती है। एक जगह माँ गंभीरता से कहती हैं, और वहीं पहली बार वे मज़ाक़ छोड़ देती हैं। एक जगह पिताजी गुस्से से कहते हैं, और वही उनका सबसे कड़ा वाक्य है। अब इन चारों में क्रिया लगभग एक ही है — कहना या हँसना। बदला केवल ढंग है, और उसी से पढ़ने वाले को पात्र का मन मालूम हो जाता है। इसी कारण ये शब्द कहानी में इतना काम करते हैं।

एक मात्रा के अंतर वाले छह जोड़े लिखिए और हर जोड़े का अर्थ-भेद बताइए।

पहला जोड़ा नाच, नाचा और नचा है। नाच एक नाम है, नाचा स्वयं किया हुआ काम है, और नचा किसी और से कराया हुआ। दूसरा जोड़ा हार, हरा और हारा है। हार पराजय या माला है, हरा रंग या हराने का काम है, और हारा वह है जो हार गया। तीसरा जोड़ा पिता और पीता है, जिनमें एक रिश्ता बताता है और दूसरा कोई काम। चौथा जोड़ा चूक और चुक है, जिनमें एक भूल है और दूसरा ख़त्म होना। पाँचवाँ जोड़ा नीचा और नीचे है, जिनमें एक ऊँचाई बताता है और दूसरा जगह। छठा जोड़ा सहसा और साहस है, जिनमें एक का अर्थ अचानक है और दूसरे का हिम्मत। हर जोड़े में अंतर एक मात्रा का है, पर अर्थ पूरा अलग हो जाता है।

इस कहानी की भाषा की कौन-कौन सी विशेषताएँ आपको दिखाई देती हैं? उदाहरण देकर लिखिए।

पहली विशेषता यह है कि इसमें जीव आदमी की तरह बरतते हैं। बिल्ली लौटते समय फिर आने की बात कह जाती है और गौरैयाँ बिछावन बिछाती हैं। दूसरी विशेषता बात को नाप से बड़ा करके कहना है, जैसे चींटियों की सेना और कान फट जाने वाला शोर। तीसरी विशेषता व्यंग्य है, जो माँ के वाक्यों में मिलता है और पूरी कहानी में हँसी बनाए रखता है। चौथी विशेषता यह है कि कहानी घर का लड़का अपने मुँह से सुनाता है, इसलिए हर बात उसकी आँखों से दिखती है। पाँचवीं विशेषता ढंग बताने वाले शब्दों का चुनाव है, जैसे खिलखिलाकर, झिड़ककर, हाँफ-हाँफकर और फरफराते हुए। छठी विशेषता लाक्षणिक वाक्य हैं, जैसे डेरा डालना और छाती फैलाना। इन सबके मेल से कहानी सरल रहकर भी गहरी बन जाती है।

Flashcards (17)

क्रिया विशेषण किसे कहते हैं?
उस शब्द को, जो बताता है कि कोई काम किस ढंग से किया गया।
पाठ के चार क्रिया विशेषण कौन-से हैं?
खिलखिलाकर, झिड़ककर, गंभीरता से और गुस्से से।
नन्हीं चिड़ियों के पुकारने का ढंग किस शब्द से बताया गया है?
हाँफ-हाँफकर।
माँ-बाप के लौटने का ढंग किस शब्द से बताया गया है?
झट से।
तिनकों के नीचे उतरने का ढंग किस शब्द से बताया गया है?
फरफराते हुए।
उड़ा देना और उड़ जाना में क्या अंतर है?
उड़ा देने में कोई और उड़ाता है; उड़ जाने में चिड़िया स्वयं उड़ती है।
नाच, नाचा और नचा के अर्थ क्या हैं?
नाच एक नाम है, नाचा स्वयं किया हुआ है, और नचा किसी और से कराया हुआ।
हार के दो अर्थ क्या हैं?
पराजय, और गले में पहनने वाली माला।
हरा और हारा में क्या अंतर है?
हरा रंग बताता है या हराने का काम, और हारा वह है जो हार गया।
पिता और पीता के अर्थ क्या हैं?
पिता जन्म देने वाला है, और पीता वह है जो पीता है।
चूक और चुक में क्या अंतर है?
चूक भूल या छूट जाना है, और चुकना ख़त्म हो जाना।
नीचा और नीचे में क्या अंतर है?
नीचा ऊँचाई कम होना बताता है, और नीचे जगह की ओर इशारा करता है।
सहसा और साहस के अर्थ क्या हैं?
सहसा का अर्थ अचानक है, और साहस का अर्थ हिम्मत।
पेड़ पर डेरा डाले रहने का अर्थ क्या है?
वहीं जमे रहना।
छाती फैलाकर बैठने का अर्थ क्या है?
गर्व और जीत के भाव में बैठना।
मल्हार गाने का अर्थ इस कहानी में क्या है?
मज़े में चहचहाना, किसी राग का अभ्यास नहीं।
इस कहानी के लेखक कौन हैं और उनकी एक उपलब्धि क्या है?
भीष्म साहनी, जिनके उपन्यास तमस को साहित्य अकादमी पुरस्कार मिला।

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  • छह जोड़े, क्रम से
  • शब्द और अर्थ
  • ढंग बताने वाला या नहीं
  • सही या भ्रम
  • झटपट उत्तर

Class 8 Hindi Chapter 2 — frequently asked questions

पिताजी अपने घर को सराय क्यों कहते हैं?

सराय वह जगह थी जहाँ मुसाफ़िर एक रात ठहरकर आगे बढ़ जाते थे। इस घर में भी पक्षियों से लेकर चींटियों तक अनेक जीव बेरोक आते-जाते रहते हैं। इसी कारण पिताजी को अपना घर ठहरने की जगह जैसा लगता है।

इस घर में रहने वाले जीवों की सूची बनाइए।

आँगन के पेड़ पर तोते, कौवे और गौरैयाँ रहते हैं। घर के भीतर बीसियों चूहे हैं। बिल्ली आती-जाती रहती है। शाम को चमगादड़ उड़ते हैं और दिन-भर कबूतर बोलते हैं। छिपकलियाँ, बर्रे और चींटियाँ भी वहीं हैं।

एक ही शोर के बारे में कहानी दो अलग बातें कैसे कह देती है?

घर के लड़के को पक्षियों की आवाज़ इतनी तेज़ लगती है कि कान फट जाने का डर हो। पर बाहर खड़े लोगों को वही आवाज़ गाना लगती है। लेखक दोनों बातें साथ रखकर दिखाता है कि एक ही चीज़ सुनने के दो ढंग होते हैं।

गौरैयाँ पहली बार आईं और चली गईं। दो दिन बाद क्या बदला हुआ मिला?

पहली बार वे केवल उड़ती-फिरती मकान देखकर चली गई थीं। दो दिन बाद उन्होंने बैठक की छत पर लटके पंखे के गोले के भीतर बिछावन बिछा लिया था, सामान भी ले आई थीं, और वहीं बैठकर गा रही थीं। इससे साफ़ था कि मकान उन्हें जँच गया है।

व्यंग्य किसे कहते हैं? माँ का एक व्यंग्य लिखिए।

किसी बात को सीधे न कहकर उलटे ढंग से कह देना व्यंग्य है, जिससे चोट भी पहुँचती है और हँसी भी आती है। माँ कहती हैं कि चूहे तो निकाले न जा सके, अब चिड़ियाँ निकाली जाएँगी। इसी से पिताजी उबल पड़ते हैं।

पिताजी के उपाय क्रम से लिखिए।

पहले उन्होंने ताली बजाई, शू-शू किया, बाँहें झुलाईं और कूदे। फिर लाठी से पंखे का गोला ठकोरा। फिर माँ की सलाह पर एक दरवाज़ा खुला छोड़कर बाक़ी बंद कराए। फिर दरवाज़ों के नीचे कपड़े ठूँसे। अंत में कुर्सी पर खड़े होकर रोशनदान का टूटा हिस्सा कपड़े से भर दिया।

पिताजी घोंसला तोड़ने पर क्यों उतर आए?

रोज़ चिड़ियाँ बाहर की जाती थीं और रोज़ लौट आती थीं। पिताजी के लिए हर दिन लाठी झुलाना मुश्किल हो गया और उनका धीरज ख़त्म हो गया। तब उन्होंने सोचा कि ठिकाना ही न रहे तो चिड़ियाँ अपने आप चली जाएँगी।

गौरैयों में कौन-से तीन बदलाव आए थे, और उनका कारण क्या था?

वे कुछ दुबली पड़ गई थीं, कुछ काली पड़ गई थीं, और चहकना छोड़ चुकी थीं। कारण यह था कि रोज़ उन्हें बाहर किया जा रहा था, और भीतर अंडों की चिंता थी। इसी भाग-दौड़ और भूख ने उनका गाना बंद करा दिया।

घोंसले से लटके तिनकों वाली तुलना क्यों सुंदर मानी जाती है?

लेखक कहता है कि जैसे गौरैयों ने सजावट के लिए कोई झालर टाँग रखी हो। इस एक तुलना से घोंसला घास का ढेर नहीं, किसी के सजाए हुए घर जैसा लगने लगता है। इसी कारण उसे तोड़ना आगे और भारी पड़ता है।

क्रिया विशेषण किसे कहते हैं? पाठ से दो उदाहरण दीजिए।

वह शब्द जो बताता है कि कोई काम किस ढंग से किया गया, क्रिया विशेषण कहलाता है। पाठ में माँ खिलखिलाकर हँसती हैं, और पिताजी लड़के से झिड़ककर कहते हैं। दोनों शब्द काम का ढंग बताते हैं।

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