Class 8 Hindi Chapter 4: हरिद्वार

हरिद्वार is Chapter 4 of NCERT / CBSE Class 8 Hindi (Hindi medium). This page has the complete chapter notes across 3 topics , 75 practice MCQs with answers and explanations , 30 important short and long questions and 51 flashcards — all written to the NCERT / CBSE syllabus and free to read.

पत्र और तीन ओर के पर्वत

यह पाठ एक पत्रिका के संपादक को लिखी गई चिट्ठी है, जो सन् अठारह सौ इकहत्तर में छपी थी। उसके पहले भाग में लेखक उस भूमि का दावा रखते हैं और फिर तीन ओर के पर्वत, बेलें, तपस्वी जैसे वृक्ष, निडर पक्षी और वर्षा के बाद की हरियाली — सब तुलनाओं के सहारे दिखाते हैं।

What you will be able to do

  • पत्र के ढाँचे के चार हिस्से क्रम से बता सकूँगा।
  • वल्ली, घाम, अर्थी और मनोरथ शब्दों के अर्थ लिख सकूँगा।
  • वृक्षों से मिलने वाली नौ चीज़ें गिनाकर उनका महत्व बता सकूँगा।
  • मानवीकरण का अर्थ पाठ के उदाहरणों से समझा सकूँगा।
  • लेखक के तुलना वाले ढंग को पहचानकर अपने वर्णन में लगा सकूँगा।

Key points

  • यह पाठ एक चिट्ठी है, जो कविवचन सुधा पत्रिका के संपादक को लिखी गई थी।

  • पत्र सन् अठारह सौ इकहत्तर में छपा, यानी वह लगभग डेढ़ सौ साल पुराना है।

  • लेखक का पहला दावा यह है कि उस भूमि में पहुँचते ही मन साफ़ हो जाता है।

  • वह भूमि तीन ओर से हरे पर्वतों से घिरी है, और लेखक कोई संख्या नहीं देते।

  • पर्वतों की बेलें भले लोगों की शुभ इच्छाओं जैसी बताई गई हैं।

  • बड़े वृक्ष एक पैर पर खड़े तपस्वियों जैसे दिखते हैं और सब मौसम सह लेते हैं।

  • पेड़ से नौ चीज़ें मिलती हैं, और जलने के बाद कोयला तथा राख भी।

  • वृक्षों को सज्जन कहा गया है, क्योंकि वे पत्थर पड़ने पर भी फल देते हैं।

  • वर्षा के बाद की हरियाली यात्रियों के लिए बिछे हरे गलीचे जैसी लगती है।

Full explanation

यह पाठ एक चिट्ठी है

इस पाठ को पढ़ने से पहले एक बात जान लेना ज़रूरी है। यह कोई निबंध या कहानी नहीं है। यह एक चिट्ठी है, जो एक लेखक ने एक पत्रिका के संपादक को लिखी थी। इसी कारण उसमें आरंभ में संबोधन है, बीच में वर्णन है, अंत में एक निवेदन है, और सबसे नीचे भेजने वाले का नाम। पढ़ते समय यह ढाँचा ध्यान में रखिए, क्योंकि उससे कई बातें अपने आप समझ में आने लगती हैं।

किसे लिखी गई, और कब

चिट्ठी कविवचन सुधा नाम की पत्रिका के संपादक को लिखी गई थी, और वह सन् अठारह सौ इकहत्तर के अक्टूबर महीने में छपी। यानी यह पत्र लगभग डेढ़ सौ साल पुराना है। लेखक उसी वर्ष हरिद्वार की यात्रा पर गए थे, और लौटकर उन्होंने वहाँ का हाल इस पत्र में लिख भेजा। इस तरह यह पाठ एक यात्रा-वृत्तांत भी है और एक पत्र भी।

पहली ही बात एक दावा है

पत्र की पहली बातों में लेखक एक बड़ा दावा रख देते हैं। वे कहते हैं कि उस भूमि में पहुँचते ही मन साफ़ हो जाता है। ध्यान दीजिए, वे यह नहीं कहते कि वहाँ जाकर कुछ करने से मन साफ़ होता है। वे प्रवेश को ही पर्याप्त बताते हैं। इससे पूरे पत्र का स्वर तय हो जाता है, और आगे का वर्णन उसी दावे को भरने लगता है।

तीन ओर हरे पर्वत

अब वर्णन शुरू होता है, और पहला चित्र भूगोल का है। वह भूमि तीन ओर से हरे पर्वतों से घिरी है। एक ही वाक्य में पाठक के सामने एक घाटी खड़ी हो जाती है — तीन तरफ़ ऊँचाई और एक तरफ़ खुलापन। लेखक नाप-जोख नहीं देते, कोई संख्या नहीं देते। वे केवल दिशा बताकर आगे बढ़ जाते हैं, और चित्र बन जाता है।

बेलों की तुलना

पर्वतों पर कई तरह की बेलें फैली हुई हैं, और लेखक उनके लिए एक अनोखी तुलना लाते हैं। वे कहते हैं कि वे बेलें भले लोगों की शुभ इच्छाओं की तरह फैलकर लहलहा रही हैं। यह तुलना ध्यान देने योग्य है। हरियाली जैसी दिखने वाली चीज़ को वे मन के किसी भाव से जोड़ देते हैं, और इससे वर्णन केवल आँखों का नहीं रह जाता।

वृक्ष, जो तपस्वी जैसे खड़े हैं

अगली तुलना और भी सुंदर है। बड़े-बड़े पेड़ ऐसे खड़े दिखते हैं मानो एक ही पैर पर खड़े होकर तपस्या कर रहे हों। और वे साधुओं की तरह धूप, ओस और वर्षा, सब अपने ऊपर सह लेते हैं। एक पेड़ का तना सचमुच एक पैर जैसा दिखता है, इसलिए यह तुलना देखी हुई चीज़ से निकली है, गढ़ी हुई नहीं लगती।

नौ चीज़ें, और उसके बाद भी

अब लेखक गिनती करते हैं कि पेड़ से क्या-क्या मिलता है — फूल, फल, छाया, गंध, छाल, पत्ते, जड़, बीज और लकड़ी। नौ चीज़ें। और वे यहीं नहीं रुकते। वे जोड़ते हैं कि जल जाने के बाद भी पेड़ का कोयला और राख लोगों के काम आ जाते हैं। यानी पेड़ देना बंद ही नहीं करता, और इसी कारण लेखक उसके जन्म को धन्य कहते हैं।

पत्थर पड़ने पर भी फल

इसके बाद वह वाक्य आता है जो इस पाठ की सबसे प्रसिद्ध पंक्तियों में गिना जाता है। लेखक वृक्षों को ऐसा सज्जन बताते हैं जो पत्थर पड़ने पर भी बदले में फल ही देते हैं। बात सीधी है — आम या अमरूद तोड़ने के लिए लोग पत्थर मारते हैं, और पेड़ फल गिरा देता है। पर कहने का ढंग बहुत बड़ा है, क्योंकि चोट के बदले भेंट देने वाला कोई भी प्राणी हमें असाधारण लगता है।

यह मानवीकरण है

ध्यान दीजिए कि लेखक पेड़ को सज्जन कह रहे हैं, यानी एक भला आदमी। किसी निर्जीव या अमूर्त चीज़ को मनुष्य की तरह दिखाना मानवीकरण कहलाता है। पूरे पत्र में यह औज़ार बार-बार लौटता है — पेड़ तपस्या करते हैं, बेलें शुभ इच्छाओं जैसी फैलती हैं, और आगे नदी अपना नाम सच कर दिखाती है। इसी से वर्णन जीवित लगता है।

पक्षी, जो निडर हैं

पेड़ों पर कई रंगों के पक्षी बोलते रहते हैं, और लेखक उनके बारे में एक बारीक बात कहते हैं। वे कहते हैं कि ये पक्षी शिकारियों से डरे हुए नहीं हैं। इस एक बात से पता चलता है कि नगर और यह जगह अलग हैं। जहाँ पक्षी निडर हों, वहाँ मनुष्य का व्यवहार भी कुछ और होगा — यह निष्कर्ष लेखक लिखते नहीं, पर वह बन जाता है।

वर्षा के बाद की हरियाली

लेखक जिस समय वहाँ पहुँचे, वर्षा हो चुकी थी, इसलिए चारों ओर हरियाली ही दिख रही थी। इसके लिए वे एक घरेलू तुलना लाते हैं। उन्हें लगता है कि यात्रियों के आराम के लिए कहीं से हरा गलीचा बिछा दिया गया है। घाटी जैसी बड़ी चीज़ के लिए घर के बिछौने की तुलना एक चतुर चुनाव है, क्योंकि उससे वह जगह अपनी-सी लगने लगती है।

लेखक तुलना से देखता है

इस भाग को पीछे मुड़कर देखिए तो एक बात साफ़ दिखती है। लेखक लगभग हर चीज़ को किसी और चीज़ से जोड़कर दिखाते हैं — बेलें शुभ इच्छाओं से, पेड़ तपस्वी से, हरियाली गलीचे से, वृक्ष सज्जन से। वे अकेला वर्णन कम करते हैं। इसका एक कारण यह भी है कि उस समय चित्र छापना कठिन था, इसलिए शब्दों से ही चित्र बनाना पड़ता था।

डेढ़ सौ साल पुरानी हिंदी

इस पत्र की हिंदी आज की हिंदी से अलग है, और यह स्वाभाविक है। कुछ शब्द आज प्रचलित नहीं हैं, जैसे वल्ली, घाम, अर्थी और मनोरथ। वल्ली का अर्थ बेल है, घाम का अर्थ धूप, अर्थी का अर्थ माँगने वाला, और मनोरथ का अर्थ मन की इच्छा। पढ़ते समय इन शब्दों पर रुकना पड़ता है, पर उनका अर्थ आगे-पीछे की बात से निकल आता है।

यात्रा-वृत्तांत क्या होता है

यात्रा-वृत्तांत वह लेखन है जिसमें कोई व्यक्ति अपनी देखी हुई जगह का हाल लिखता है। उसमें केवल जानकारी नहीं होती; उसमें लिखने वाले का मन भी दिखता है। यही कारण है कि इस पत्र में हमें हरिद्वार के साथ-साथ लेखक की आँख भी मिलती है। वे क्या देखते हैं, किसे बड़ा मानते हैं, और किस बात पर रुक जाते हैं — यह सब पढ़ते समय पता चलता रहता है।

चिट्ठी की आठ पहचानें

पुस्तक इस पाठ के साथ पत्र-लेखन की आठ पहचानें गिनाती है, और उन्हें एक बार देख लेना चाहिए। पहली आत्मीयता है, यानी लिखने वाले के अपने विचार और भाव सबसे आगे रहते हैं। दूसरी संवादात्मकता है, क्योंकि पत्र पढ़ने वाले से सीधी बात करता है। तीसरी स्वाभाविक शैली है, यानी भाषा बनाई हुई नहीं, भाव के अनुसार चलती है। चौथी अपने अनुभव का वर्णन है। पाँचवीं संबोधन है, जिससे पत्र खुलता है। छठी हस्ताक्षर है, जिससे वह बंद होता है। सातवीं उपसंहार और निवेदन है, यानी अंत में रखी गई इच्छा। आठवीं मुख्य विषय-वस्तु है। इस पाठ में आठों मिल जाती हैं, और इसी कारण यह चिट्ठी होकर भी एक यात्रा-वृत्तांत बन जाती है।

Concepts and terms

यात्रा-वृत्तांत

वह लेखन जिसमें कोई व्यक्ति अपनी देखी हुई जगह का हाल लिखता है। उसमें केवल जानकारी नहीं होती; लिखने वाले का मन भी दिखता है।

वल्ली

बेल, यानी वह पौधा जो किसी सहारे पर फैलता है। पत्र में पर्वतों पर फैली इन्हीं बेलों की तुलना शुभ इच्छाओं से की गई है।

घाम

धूप। पत्र कहता है कि वृक्ष साधुओं की तरह धूप, ओस और वर्षा, तीनों अपने ऊपर सह लेते हैं।

मनोरथ

मन की इच्छा। पेड़ के बारे में कहा गया है कि वह जलने के बाद भी लोगों की इच्छा पूरी कर देता है, क्योंकि उसका कोयला और राख काम आ जाते हैं।

मानवीकरण

किसी निर्जीव या अमूर्त चीज़ को मनुष्य की तरह दिखाना। पत्र में पेड़ तपस्या करते हैं और वृक्ष सज्जन कहे जाते हैं।

सावधान

भ्रम और सच

मिलाकर देखो

Scenario:

आठवीं कक्षा के कुछ विद्यार्थी अपने विद्यालय की दीवार पर एक पुराने पीपल के पेड़ के बारे में एक परिचय लिखना चाहते हैं। एक विद्यार्थी उसकी ऊँचाई, मोटाई और आयु नाप कर लिखता है। दूसरा विद्यार्थी लिखता है कि वह पेड़ सबको छाया देता है, कोई उससे कुछ माँगे तो मना नहीं करता, और गर्मी की दोपहर में वह पूरे मैदान का छाता बन जाता है। तीसरा विद्यार्थी कहता है कि दोनों बातें साथ रखनी चाहिए। शिक्षक पूछते हैं कि इनमें से कौन-सा ढंग इस पाठ के लेखक का है।

Analysis:

ध्यान दीजिए कि पहले विद्यार्थी का ढंग ग़लत नहीं है। नाप-जोख की अपनी जगह है। पत्र यह दिखाता है कि जानकारी के ऊपर एक तुलना रख देने से वह जानकारी याद रह जाती है।

Activity:

अपने आसपास की किसी एक चीज़ के बारे में दो पंक्तियाँ लिखिए — एक में उसकी नाप-जोख, और दूसरी में उसकी कोई तुलना।

करके देखो

Title:

मेरे पेड़ के नौ उपकार

Safety:

पेड़ की कोई डाल या छाल तोड़िए नहीं; केवल देखना है।

What You Notice:

अधिकतर पेड़ों से नौ में से छह-सात चीज़ें सचमुच मिल जाती हैं। गिनती करने पर पाठ की बात और पक्की लगने लगती है।

Did you know

उस समय छपाई में चित्र लगाना बहुत कठिन और महँगा था। इसी कारण पत्रिकाओं के लेखक शब्दों से ही चित्र बनाते थे, और तुलना उनका सबसे बड़ा औज़ार थी।

हरिद्वार उत्तराखंड में है, और वहीं गंगा पहाड़ों को छोड़कर मैदान में उतरती है। इसी कारण उस जगह का भूगोल तीन ओर ऊँचाई और एक ओर खुलापन बनाता है।

Memory tricks

पत्र का ढाँचा याद रखने का सूत्र — सं–व–नि–ना — संबोधन, वर्णन, निवेदन, नाम। आरंभ में किसे लिखा जा रहा है, बीच में क्या देखा, अंत में क्या चाहिए, और सबसे नीचे किसने लिखा।

Practice MCQs with answers (25)

Q1 यह पाठ किस रूप में लिखा गया है? beginner
  • A एक चिट्ठी के रूप में
  • B एक कहानी के रूप में
  • C एक कविता के रूप में
  • D एक एकांकी के रूप में
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Answer: एक चिट्ठी के रूप में
Why:

इसी कारण उसमें संबोधन, वर्णन, निवेदन और नाम — चारों आते हैं।

Q2 यह चिट्ठी किसे लिखी गई थी? beginner
  • A अपने एक मित्र को
  • B एक पत्रिका के संपादक को
  • C अपने घर के किसी बड़े को
  • D हरिद्वार के किसी पंडे को
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Answer: एक पत्रिका के संपादक को
Why:

पत्रिका का नाम कविवचन सुधा था।

Q3 पत्र के ढाँचे का ठीक क्रम कौन-सा है? intermediate
  • A निवेदन, नाम, संबोधन, और वर्णन
  • B वर्णन, संबोधन, नाम, और निवेदन
  • C संबोधन, वर्णन, निवेदन, और नाम
  • D नाम, वर्णन, संबोधन, और निवेदन
Show answer
Answer: संबोधन, वर्णन, निवेदन, और नाम
Why:

यही ढाँचा पढ़ते समय कई बातें अपने आप समझा देता है।

Q4 कक्षा में एक साथी कहता है कि यह पत्र लगभग पचास साल पुराना है, और दूसरा उससे सहमत नहीं है। छपने के वर्ष के हिसाब से सही उत्तर क्या होगा? intermediate
  • A पाँच सौ साल
  • B पचास साल
  • C तीन सौ साल
  • D डेढ़ सौ साल
Show answer
Answer: डेढ़ सौ साल
Why:

वह सन् अठारह सौ इकहत्तर के अक्टूबर में छपा था।

Q5 पत्र की पहली बातों में लेखक कौन-सा दावा रखते हैं? intermediate
  • A उस भूमि में पहुँचते ही मन साफ़ हो जाता है
  • B उस भूमि में बहुत दिन रहने से मन साफ़ होता है
  • C उस भूमि में स्नान करने से ही मन साफ़ होता है
  • D उस भूमि के बारे में कोई दावा नहीं किया जाता
Show answer
Answer: उस भूमि में पहुँचते ही मन साफ़ हो जाता है
Why:

वे प्रवेश को ही पर्याप्त बताते हैं, और इससे पूरे पत्र का स्वर तय हो जाता है।

Q6 कोई विद्यार्थी अपने नक़्शे में उस भूमि को चारों ओर से पर्वतों से घिरा दिखा देता है। पाठ के अनुसार उसे कितनी ओर दिखाना चाहिए था? intermediate
  • A दो ओर
  • B तीन ओर
  • C चारों ओर
  • D एक ओर
Show answer
Answer: तीन ओर
Why:

तीन तरफ़ ऊँचाई रहती है और एक तरफ़ खुलापन बचा रहता है।

Q7 लेखक घाटी का चित्र किस ढंग से बनाते हैं? advanced
  • A हर पर्वत का नाम गिनाकर और नक़्शा देकर
  • B हर पर्वत की ऊँचाई नाप कर बताकर
  • C केवल दिशा बताकर, बिना कोई संख्या दिए
  • D किसी पुरानी पुस्तक का हवाला देकर
Show answer
Answer: केवल दिशा बताकर, बिना कोई संख्या दिए
Why:

वे नाप-जोख नहीं देते और आगे बढ़ जाते हैं; चित्र फिर भी बन जाता है।

Q8 पर्वतों पर फैली बेलों की तुलना किससे की गई है? beginner
  • A किसी पुराने गलीचे से
  • B किसी बड़ी नदी की धारा से
  • C किसी राजा की सेना से
  • D भले लोगों की शुभ इच्छाओं से
Show answer
Answer: भले लोगों की शुभ इच्छाओं से
Why:

इससे वर्णन केवल आँखों का नहीं रह जाता।

Q9 बड़े वृक्षों की तुलना किससे की गई है? beginner
  • A एक पैर पर खड़े तपस्वियों से
  • B पहरा देते सैनिकों से
  • C रास्ता चलते हुए यात्रियों से
  • D बैठे हुए पंडों से
Show answer
Answer: एक पैर पर खड़े तपस्वियों से
Why:

और वे साधुओं की तरह धूप, ओस और वर्षा सह लेते हैं।

Q10 यह तुलना गढ़ी हुई नहीं, देखी हुई लगती है। इसका कारण क्या है? advanced
  • A पेड़ सचमुच किसी तपस्वी से बात करते हैं
  • B पेड़ का तना सचमुच एक पैर जैसा दिखता है
  • C पेड़ सचमुच धूप में अपनी जगह बदल लेते हैं
  • D पेड़ सचमुच साधुओं के पास ही उगते हैं
Show answer
Answer: पेड़ का तना सचमुच एक पैर जैसा दिखता है
Why:

इसी कारण वह तुलना पढ़ते ही बैठ जाती है।

Q11 लेखक पेड़ से मिलने वाली कितनी चीज़ें गिनाते हैं? beginner
  • A सात
  • B पाँच
  • C नौ
  • D बारह
Show answer
Answer: नौ
Why:

गंध, छाया, फूल, फल, बीज, जड़, छाल, लकड़ी और पत्ते।

Q12 पेड़ के जल जाने के बाद भी क्या काम आता है? beginner
  • A उसके पत्ते और बीज
  • B उसकी छाया और गंध
  • C उसके फल और फूल
  • D उसका कोयला और राख
Show answer
Answer: उसका कोयला और राख
Why:

इसी कारण लेखक उसका जन्म धन्य कहते हैं।

Q13 अभिकथन: लेखक पेड़ के जन्म को धन्य कहते हैं। कारण: वह जल जाने के बाद भी लोगों के काम आना बंद नहीं करता। advanced
  • A दोनों सही हैं; कारण अभिकथन को समझाता है
  • B दोनों सही हैं; कारण अभिकथन को नहीं समझाता
  • C अभिकथन सही है; परंतु उसका कारण ग़लत है
  • D अभिकथन ग़लत है; परंतु उसका कारण सही है
Show answer
Answer: दोनों सही हैं; कारण अभिकथन को समझाता है
Why:

दोनों सही हैं, और कारण सचमुच अभिकथन को समझा देता है।

Q14 लेखक वृक्षों को सज्जन क्यों कहते हैं? intermediate
  • A क्योंकि वे बहुत ऊँचे और सीधे खड़े रहते हैं
  • B क्योंकि वे पत्थर पड़ने पर भी बदले में फल देते हैं
  • C क्योंकि वे किसी से कुछ भी नहीं माँगते हैं
  • D क्योंकि वे पर्वतों पर ही उगना पसंद करते हैं
Show answer
Answer: क्योंकि वे पत्थर पड़ने पर भी बदले में फल देते हैं
Why:

चोट के बदले भेंट देने वाला कोई भी प्राणी असाधारण लगता है।

Q15 किसी निर्जीव चीज़ को मनुष्य की तरह दिखाने को क्या कहा जाता है? beginner
  • A पुनरुक्ति
  • B अनुप्रास
  • C मानवीकरण
  • D विलोम
Show answer
Answer: मानवीकरण
Why:

पेड़ तपस्या करते हैं, बेलें शुभ इच्छाओं जैसी फैलती हैं — यही औज़ार है।

Q16 पत्र में मानवीकरण के बारे में तीन कथन नीचे पढ़िए। I. पेड़ तपस्या करते बताए गए हैं। II. वृक्षों को सज्जन कहा गया है। III. पक्षियों को शिकारी बताया गया है। इनमें कौन-से कथन ठीक हैं? advanced
  • A केवल I और II
  • B केवल II और III
  • C केवल I और III
  • D I, II और III
Show answer
Answer: केवल I और II
Why:

I और II सही हैं। III ग़लत है — पक्षी शिकारियों से निडर बताए गए हैं।

Q17 पक्षियों के निडर होने से कौन-सी बात बनती है? advanced
  • A कि वहाँ वर्षा बहुत अधिक होती है
  • B कि वहाँ पक्षी बहुत कम बचे हुए हैं
  • C कि वहाँ पेड़ बहुत ऊँचे हो गए हैं
  • D कि नगर और यह जगह आपस में अलग हैं
Show answer
Answer: कि नगर और यह जगह आपस में अलग हैं
Why:

जहाँ पक्षी निडर हों, वहाँ मनुष्य का व्यवहार भी कुछ और होगा।

Q18 वर्षा के बाद की हरियाली की तुलना किससे की गई है? beginner
  • A फैले हुए एक हरे वस्त्र से
  • B बिछे हुए एक हरे गलीचे से
  • C खड़ी हुई एक हरी दीवार से
  • D बहती हुई एक हरी धारा से
Show answer
Answer: बिछे हुए एक हरे गलीचे से
Why:

घाटी के लिए घर के बिछौने की तुलना एक चतुर चुनाव है।

Q19 घाटी के लिए घर की किसी चीज़ की तुलना लाने का क्या लाभ है? advanced
  • A वर्णन पहले से बहुत छोटा हो जाता है
  • B वह जगह पढ़ने वाले को बहुत दूर लगने लगती है
  • C वह जगह पढ़ने वाले को अपनी-सी लगने लगती है
  • D वर्णन में कोई नई जानकारी जुड़ जाती है
Show answer
Answer: वह जगह पढ़ने वाले को अपनी-सी लगने लगती है
Why:

यही कारण है कि यह चुनाव चतुर कहा जाता है।

Q20 लेखक अकेला वर्णन कम और तुलना अधिक क्यों करते हैं? advanced
  • A इससे पत्र की लंबाई कुछ कम हो जाती थी
  • B उस समय वर्णन लिखना मना समझा जाता था
  • C उन्हें तुलना के अतिरिक्त लिखने का कोई भी दूसरा ढंग आता ही नहीं था
  • D उस समय चित्र छापना कठिन था, शब्दों से चित्र बनाना पड़ता था
Show answer
Answer: उस समय चित्र छापना कठिन था, शब्दों से चित्र बनाना पड़ता था
Why:

इसी कारण पूरा पत्र चित्रों से भरा लगता है।

Q21 वल्ली, घाम, अर्थी और मनोरथ का अर्थ क्रम से क्या है? beginner
  • A बेल, धूप, माँगने वाला, और मन की इच्छा
  • B बेल, ओस, माँगने वाला, और मन की इच्छा
  • C पत्ता, धूप, देने वाला, और मन की इच्छा
  • D बेल, धूप, माँगने वाला, और कोई रास्ता
Show answer
Answer: बेल, धूप, माँगने वाला, और मन की इच्छा
Why:

ये शब्द आज प्रचलित नहीं हैं, पर अर्थ आगे-पीछे से निकल आता है।

Q22 यात्रा-वृत्तांत किसे कहते हैं? beginner
  • A वह लेखन, जिसमें किसी जगह की केवल जानकारी हो
  • B वह लेखन, जिसमें कोई अपनी देखी जगह का हाल लिखे
  • C वह लेखन, जिसमें कोई काल्पनिक जगह गढ़ी जाए
  • D वह लेखन, जिसमें किसी यात्रा का ख़र्च लिखा हो
Show answer
Answer: वह लेखन, जिसमें कोई अपनी देखी जगह का हाल लिखे
Why:

उसमें केवल जानकारी नहीं होती; लिखने वाले का मन भी दिखता है।

Q23 कल्पना कीजिए कि आप अपने गाँव का वर्णन लिख रहे हैं और हर चीज़ के लिए कोई तुलना ढूँढ़ रहे हैं। आप इस पत्र से कौन-सा ढंग ले रहे हैं? advanced
  • A हर चीज़ के बारे में कोई प्रश्न पूछ लेना
  • B हर चीज़ की ऊँचाई और चौड़ाई नाप कर लिख देना
  • C देखी हुई चीज़ को किसी जानी हुई चीज़ से जोड़ देना
  • D हर चीज़ का नाम गिनाकर आगे बढ़ जाना
Show answer
Answer: देखी हुई चीज़ को किसी जानी हुई चीज़ से जोड़ देना
Why:

घाटी के लिए गलीचा, पेड़ के लिए तपस्वी — यही ढंग है।

Q24 किसी पुराने पत्र में कोई शब्द अटका दे, तो इस पाठ से कौन-सी आदत काम आएगी? intermediate
  • A उस कठिन शब्द को वैसे ही याद कर के छोड़ना
  • B उस शब्द को छोड़कर आगे बढ़ जाना
  • C पूरा पत्र पढ़ना ही छोड़ देना
  • D आगे-पीछे की बात से उसका अर्थ निकालना
Show answer
Answer: आगे-पीछे की बात से उसका अर्थ निकालना
Why:

वल्ली, घाम और मनोरथ का अर्थ इसी तरह निकलता है।

Q25 इस भाग में लेखक की आँख के बारे में क्या पता चलता है? advanced
  • A वे हर चीज़ में किसी और चीज़ की झलक देख लेते हैं
  • B वे केवल बड़ी और प्रसिद्ध चीज़ों पर ही रुकते हैं
  • C वे किसी भी चीज़ का वर्णन करने से बचते हैं
  • D वे हर चीज़ के बारे में कोई संख्या देते हैं
Show answer
Answer: वे हर चीज़ में किसी और चीज़ की झलक देख लेते हैं
Why:

पेड़ में तपस्वी, बेल में शुभ इच्छा, घाटी में गलीचा।

Important short questions (7)

यह पाठ निबंध न होकर चिट्ठी है। इसका प्रमाण लिखिए।

उसमें आरंभ में संबोधन है और सबसे नीचे भेजने वाले का नाम। बीच में वर्णन है और अंत में एक निवेदन, जिसमें इसे पत्रिका में जगह देने की बात कही गई है। यही पत्र का ढाँचा होता है।

लेखक का पहला दावा क्या है, और वह ख़ास क्यों है?

दावा यह है कि उस भूमि में पहुँचते ही मन साफ़ हो जाता है। वह ख़ास इसलिए है कि वहाँ जाकर कुछ करने की बात नहीं कही गई। प्रवेश को ही पर्याप्त बताया गया है, और इससे पूरे पत्र का स्वर तय हो जाता है।

वृक्षों की तुलना गढ़ी हुई क्यों नहीं लगती?

क्योंकि वह देखी हुई चीज़ से निकली है। पेड़ का तना सचमुच एक पैर जैसा दिखता है, इसलिए एक पैर पर खड़े तपस्वी की तुलना पढ़ते ही बैठ जाती है।

पेड़ से मिलने वाली चीज़ें गिनाइए और उनका निष्कर्ष लिखिए।

नौ चीज़ें गिनाई गई हैं — फल और फूल, गंध और छाया, पत्ते और छाल, तथा बीज, लकड़ी और जड़। इसके बाद यह भी जोड़ा गया है कि जल जाने पर कोयला और राख काम आते हैं। निष्कर्ष यह है कि पेड़ देना बंद ही नहीं करता।

वृक्षों को सज्जन कहने वाली पंक्ति प्रसिद्ध क्यों है?

क्योंकि उसमें एक रोज़ का दृश्य बहुत बड़ी बात कह देता है। लोग फल तोड़ने के लिए पत्थर मारते हैं और पेड़ बदले में फल दे देता है। चोट के बदले भेंट देने वाला कोई भी प्राणी असाधारण लगता है।

पक्षियों के निडर होने से कौन-सी बात बनती है?

इससे पता चलता है कि नगर और यह जगह आपस में अलग हैं। जहाँ पक्षी शिकारियों से डरे हुए न हों, वहाँ मनुष्य का व्यवहार भी कुछ और होगा। लेखक यह निष्कर्ष लिखते नहीं, पर वह बन जाता है।

लेखक तुलना का सहारा इतना अधिक क्यों लेते हैं?

क्योंकि उस समय छपाई में चित्र लगाना कठिन और महँगा था, इसलिए शब्दों से ही चित्र बनाना पड़ता था। तुलना उसका सबसे बड़ा औज़ार थी, और इसी कारण पूरा पत्र चित्रों से भरा लगता है।

Long answer questions (3)

इस भाग की तीन तुलनाएँ लिखिए और बताइए कि हर एक क्या काम करती है।

पहली तुलना बेलों की है। पर्वतों पर फैली बेलें भले लोगों की शुभ इच्छाओं जैसी बताई गई हैं, और इससे वर्णन केवल आँखों का नहीं रह जाता; वह मन के किसी भाव से जुड़ जाता है। दूसरी तुलना वृक्षों की है। बड़े पेड़ एक पैर पर खड़े तपस्वियों जैसे दिखते हैं, और यह तुलना देखी हुई चीज़ से निकली है, क्योंकि तना सचमुच एक पैर जैसा लगता है। तीसरी तुलना हरियाली की है। वर्षा के बाद की हरियाली यात्रियों के लिए बिछे हरे गलीचे जैसी लगती है, और इससे वह बड़ी जगह पढ़ने वाले को अपनी-सी लगने लगती है। तीनों तुलनाएँ एक ही काम करती हैं — वे शब्दों से एक चित्र खड़ा कर देती हैं।

इस पत्र में मानवीकरण कहाँ-कहाँ दिखता है? उदाहरण देकर लिखिए।

मानवीकरण का अर्थ है किसी निर्जीव या अमूर्त चीज़ को मनुष्य की तरह दिखाना, और यह पत्र उसी से भरा है। पहला उदाहरण पेड़ों का है। वे एक पैर पर खड़े होकर तपस्या करते बताए जाते हैं, और साधुओं की तरह धूप, ओस और वर्षा सह लेते हैं। दूसरा उदाहरण वृक्षों को सज्जन कहना है, यानी एक भला आदमी, जो चोट के बदले भी फल देता है। तीसरा उदाहरण बेलों का है, जिन्हें शुभ इच्छाओं की तरह फैलता बताया गया है। इन सबका असर यह होता है कि वर्णन जीवित लगने लगता है। पढ़ने वाला उस जगह को केवल देखता नहीं; वह उसे किसी के स्वभाव की तरह पहचानने लगता है।

इस पत्र को पढ़कर यात्रा-वृत्तांत लिखने के बारे में आप क्या सीखते हैं?

पहली सीख यह है कि केवल जानकारी देना काफ़ी नहीं होता। पत्र में हरिद्वार के साथ-साथ लेखक की आँख भी मिलती है — वे क्या देखते हैं और किस बात पर रुक जाते हैं। दूसरी सीख तुलना की है। बड़ी और अनजानी चीज़ के लिए कोई जानी-पहचानी चीज़ ले आइए, जैसे घाटी के लिए गलीचा, और वह जगह पढ़ने वाले को अपनी-सी लगने लगेगी। तीसरी सीख चुनाव की है। लेखक हर चीज़ नहीं लिखते; वे कुछ चीज़ें चुनते हैं और उन पर रुक जाते हैं। चौथी सीख यह है कि निष्कर्ष लिखना ज़रूरी नहीं। पक्षियों के निडर होने से बहुत कुछ कह दिया जाता है, और लेखक वह वाक्य लिखते भी नहीं।

Flashcards (17)

यह पाठ किस रूप में लिखा गया है?
एक चिट्ठी के रूप में।
यह चिट्ठी किसे लिखी गई थी?
कविवचन सुधा पत्रिका के संपादक को।
पत्र के ढाँचे के चार हिस्से कौन-से हैं?
संबोधन, वर्णन, निवेदन, और नाम।
यह पत्र कब छपा था?
सन् अठारह सौ इकहत्तर के अक्टूबर में।
लेखक का पहला दावा क्या है?
उस भूमि में पहुँचते ही मन साफ़ हो जाता है।
वह भूमि कितनी ओर से पर्वतों से घिरी है?
तीन ओर से।
वल्ली का अर्थ क्या है?
बेल।
बेलों की तुलना किससे की गई है?
भले लोगों की शुभ इच्छाओं से।
बड़े वृक्षों की तुलना किससे है?
एक पैर पर खड़े तपस्वियों से।
घाम का अर्थ क्या है?
धूप।
पेड़ से कितनी चीज़ें गिनाई गई हैं?
नौ।
जलने के बाद पेड़ का क्या काम आता है?
उसका कोयला और राख।
वृक्षों को सज्जन क्यों कहा गया है?
क्योंकि वे पत्थर पड़ने पर भी फल देते हैं।
मानवीकरण किसे कहते हैं?
निर्जीव चीज़ को मनुष्य की तरह दिखाना।
पक्षियों के बारे में लेखक क्या कहते हैं?
कि वे शिकारियों से डरे हुए नहीं हैं।
हरियाली की तुलना किससे की गई है?
यात्रियों के लिए बिछे हरे गलीचे से।
यात्रा-वृत्तांत किसे कहते हैं?
अपनी देखी हुई जगह का हाल लिखने वाला लेखन।

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  • पत्र के हिस्से क्रम में लगाइए
  • शब्द और अर्थ
  • तुलना किससे
  • सही या भ्रम
  • झटपट उत्तर

गंगा, घाट और पाँच तीर्थ

पत्र का दूसरा भाग नदी पर आता है। गंगा की धारा भगीरथ के यश की लता जैसी बताई जाती है, जल ठंडा और मीठा है, और नदी अपना नाम वेग की आवाज़ से सच कर दिखाती है। आगे दो धाराएँ, हर की पैड़ी, तट की धर्मशालाएँ, संतोषी पंडे और पाँच तीर्थ आते हैं।

What you will be able to do

  • पैड़ी, पाट, कल्लोल और मिष्ट शब्दों के अर्थ लिख सकूँगा।
  • नदी शब्द के पीछे का खेल अपने शब्दों में समझा सकूँगा।
  • दोनों धाराओं और दोनों पर्वतों का अंतर बता सकूँगा।
  • पाँच तीर्थ गिनाकर हर एक की एक पहचान लिख सकूँगा।
  • लेखक के दावों को राय और प्रमाण में अलग कर सकूँगा।

Key points

  • गंगा की धारा राजा भगीरथ के उज्ज्वल यश की लता जैसी बताई गई है।

  • कथा के अनुसार भगीरथ ने तपस्या करके गंगा को धरती पर उतारा था।

  • जल ठंडा और मीठा है, जैसे चीनी का शरबत बर्फ़ में जमा दिया गया हो।

  • नद का अर्थ शब्द करना है, और वहाँ वेग से सचमुच बहुत शब्द होता है।

  • ठंडी हवा जल के कण साथ लाती है और छूकर ही पवित्र कर देती है।

  • वहाँ गंगा दो धाराओं में बँटती हैं — नील धारा और गंगा।

  • हर की पैड़ी एक पक्का घाट है, और पैड़ी का अर्थ सीढ़ी है।

  • लेखक का सबसे बड़ा आश्चर्य यह है कि वहाँ देवता केवल गंगा ही हैं।

  • पाँच मुख्य तीर्थ हैं — हरिद्वार, कुशावर्त, नीलधारा, विल्व पर्वत और कनखल।

Full explanation

एक ओर गंगा की धारा

पर्वतों और पेड़ों के बाद लेखक नदी पर आते हैं, और यहीं से पत्र का दूसरा भाग शुरू होता है। वे कहते हैं कि एक ओर गंगा की पवित्र धारा बहती है, और उसके लिए एक अनोखी तुलना लाते हैं। उन्हें वह धारा राजा भगीरथ के उज्ज्वल यश की किसी लता जैसी दिखती है। यानी एक बहती नदी को किसी की कीर्ति से जोड़ दिया जाता है।

भगीरथ का नाम क्यों आता है

यह तुलना समझने के लिए एक बात जाननी पड़ती है। कथा के अनुसार अयोध्या के राजा भगीरथ ने कठिन तपस्या करके गंगा को धरती पर उतारा था, और इसी कारण गंगा का एक नाम भागीरथी भी है। लेखक उस कथा का हवाला देते नहीं, पर उसी के सहारे धारा को एक फैलती हुई लता जैसा दिखा देते हैं — जैसे यश फैलता चला जाता है।

जल कैसा है

अब वे जल पर रुकते हैं। जल बहुत ठंडा है और स्वाद में मीठा भी है। इसके लिए वे रसोई की एक तुलना लाते हैं — जैसे चीनी का कोई शरबत बर्फ़ में जमा दिया गया हो। रंग साफ़ और सफ़ेद है, और उसमें कई तरह के जीव खेलते हुए दिखते हैं। ध्यान दीजिए कि ठंडक, मिठास, रंग और जीव — चार बातें चार-पाँच शब्दों में निपटा दी जाती हैं।

नदी अपना नाम सच करती है

इसके बाद पत्र का सबसे चतुर वाक्य आता है। लेखक कहते हैं कि यहाँ गंगा अपना नाम नदी सच कर दिखाती हैं, क्योंकि जल के वेग से बहुत शब्द होता है। यह शब्दों का खेल है। नद का अर्थ है शब्द करना, और उसी से नदी शब्द बना है। यानी जो बहते हुए आवाज़ करे, वही नदी कहलाने लायक़ है — और यहाँ वह आवाज़ सचमुच सुनाई देती है।

हवा भी पवित्र कर देती है

अगली बात हवा की है। लेखक कहते हैं कि ठंडी हवा नदी के छोटे-छोटे कण अपने साथ ले आती है और छूकर ही पवित्र कर देती है। इस एक वाक्य में तीन इंद्रियाँ साथ आ जाती हैं — ठंडक का स्पर्श, जल की गंध, और बहने की आवाज़। यही कारण है कि उनका वर्णन केवल देखा हुआ नहीं लगता; वह महसूस किया हुआ लगता है।

यहाँ गंगा दो धारा हो गई हैं

अब एक भूगोल की बात आती है। उस जगह गंगा दो धाराओं में बँट जाती हैं। एक का नाम नील धारा है और दूसरी गंगा के ही नाम से जानी जाती है। दोनों के बीच में एक सुंदर और नीचा पर्वत पड़ता है। उसी नील धारा के किनारे एक छोटा चुटीला पर्वत भी है, और उसके शिखर पर चंडिका देवी की मूर्ति है।

हर की पैड़ी

यहीं एक पक्का घाट बना है, जिसका नाम हर की पैड़ी है, और वहीं स्नान होता है। पैड़ी का अर्थ सीढ़ी है, और पक्के घाट का अर्थ है पत्थर से बनी सीढ़ियाँ। यह नाम आज भी उसी जगह का सबसे पहचाना हुआ नाम है, और लेखक उसे बिना किसी बड़े वर्णन के, एक ही पंक्ति में बता देते हैं।

सबसे बड़ा आश्चर्य

इसके बाद लेखक अपने आश्चर्य की बात कहते हैं, और वह सुनने में उलटी लगती है। वे कहते हैं कि इतने बड़े तीर्थ में देवता केवल गंगा ही हैं, दूसरा कोई नहीं। यों वैरागियों ने कई मठ और मंदिर बना लिए हैं, पर मुख्य देवता वही नदी है। किसी तीर्थ के बारे में यह बात कहना साधारण नहीं है, और लेखक उसे अपने आश्चर्य के रूप में ही रखते हैं।

पाट छोटा, वेग बड़ा

नदी के बारे में एक और बारीक बात आती है। उसका पाट, यानी चौड़ाई, वहाँ बहुत बड़ी नहीं है, पर बहाव बहुत तेज़ है। यह बात उस जगह के भूगोल से मेल खाती है, क्योंकि वहीं गंगा पहाड़ छोड़कर मैदान में उतरती है। पहाड़ से उतरती नदी सँकरी और तेज़ होती है, और लेखक वही देखकर लिख रहे हैं।

तट पर क्या-क्या है

तट पर राजाओं की बनवाई धर्मशालाएँ हैं, जिनमें यात्री ठहर सकते हैं, और दुकानें भी हैं। एक छोटी बात लेखक जोड़ देते हैं — दुकानें रात को बंद रहती हैं। यह जानकारी छोटी लगती है, पर उससे उस जगह का ढंग पता चलता है। जहाँ रात को बाज़ार बंद हो जाए, वहाँ का जीवन दिन के साथ चलता है।

पंडे और दुकानदार कहाँ से आते हैं

लेखक बताते हैं कि पंडे और दुकानदार वहाँ रहते नहीं; वे कनखल और ज्वालापुर से आते हैं। इसके बाद वे उनके बारे में एक बात कहते हैं जो उस समय के लिए भी असाधारण थी। वे कहते हैं कि वहाँ के पंडे बहुत संतोषी हैं और एक पैसे को ही बहुत मान लेते हैं। यानी वे कम में प्रसन्न हो जाते हैं।

क्रोधी लोग वहाँ रहते ही नहीं

इसी के साथ वे एक और बात जोड़ते हैं — क्रोध से भरे लोग वहाँ रहते ही नहीं। ध्यान दीजिए कि यह एक बड़ा दावा है, और लेखक उसका प्रमाण नहीं देते। वे अपना अनुभव लिख रहे हैं, और यात्रा-वृत्तांत में यही होता है। पढ़ते समय इसे प्रमाण की तरह नहीं, एक यात्री की राय की तरह पढ़ना ठीक रहता है।

पाँच तीर्थ

अब लेखक उस क्षेत्र के पाँच मुख्य तीर्थ गिनाते हैं और हर एक को एक पंक्ति दे देते हैं। पहला हरिद्वार है, जहाँ हर की पैड़ी पर स्नान होता है। दूसरा कुशावर्त है, जो उसी के पास है। तीसरा नीलधारा है, यानी गंगा की वही दूसरी धारा। चौथा विल्व पर्वत है, जिसके शिखर पर विल्वेश्वर महादेव हैं। और पाँचवाँ कनखल है।

कनखल की कथा

कनखल को लेखक सबसे उत्तम बताते हैं, और उसके साथ एक पुरानी कथा जोड़ते हैं। कहा जाता है कि सती ने वहीं शिव का अपमान सहन न कर पाने पर अपना शरीर भस्म कर दिया था, और किसी काल में दक्ष ने भी वहीं यज्ञ किया था। लेखक इस कथा को विस्तार से नहीं सुनाते। वे दो पंक्तियों में उसका नाम लेकर आगे बढ़ जाते हैं।

तीर्थ और बखेड़ा

अंत में लेखक एक तुलना छोड़ जाते हैं जिसका दूसरा सिरा वे लिखते ही नहीं। वे कहते हैं कि हरिद्वार में वह झंझट कुछ भी नहीं है, और वह जगह शुद्ध तथा शांत साधुओं के रहने योग्य तीर्थ है। किस जगह झंझट है, यह वे नहीं बताते। पढ़ने वाला अपने अनुभव से उसे भर लेता है, और यही इस वाक्य की ताक़त है।

Concepts and terms

भागीरथी

गंगा का एक नाम। कथा के अनुसार अयोध्या के राजा भगीरथ ने कठिन तपस्या करके गंगा को धरती पर उतारा था, और इसी से यह नाम बना।

पैड़ी

सीढ़ी। हर की पैड़ी एक पक्का घाट है, यानी पत्थर से बनी सीढ़ियाँ, और वहीं स्नान होता है।

पाट

नदी की चौड़ाई। पत्र कहता है कि वहाँ उसका पाट बड़ा नहीं है, पर वेग बहुत है, और यह उस जगह के भूगोल से मेल खाता है।

कल्लोल

खेलते या उछलते हुए आवाज़ करना। पत्र में जल के जीव और पक्षी, दोनों के लिए यही शब्द आया है।

धर्मशाला

यात्रियों के ठहरने के लिए बनाया गया भवन। पत्र बताता है कि तट पर राजाओं ने ऐसी धर्मशालाएँ बनवाई थीं।

सावधान

भ्रम और सच

मिलाकर देखो

Scenario:

आठवीं कक्षा के दो विद्यार्थी अपने नगर की नदी पर एक परिचय लिख रहे हैं। पहला लिखता है कि नदी की चौड़ाई वहाँ कम है और बहाव तेज़। वह कारण भी जोड़ देता है — नदी पहाड़ी इलाक़े से मैदान में उतर रही है। दूसरा विद्यार्थी कुछ और लिखता है। उसे वह नदी किसी भागते बच्चे जैसी लगती है, जो सँकरी गली से निकलकर मैदान में दौड़ पड़ता है। दोनों अपना काग़ज़ शिक्षक को दिखाते हैं। शिक्षक कहते हैं कि दोनों बातें इस पाठ में मिल जाती हैं। फिर वे पूछते हैं कि वे कहाँ मिलती हैं।

Analysis:

ध्यान दीजिए कि पाठ में दोनों साथ हैं। लेखक पाट और वेग की बात भी करते हैं और लता तथा शरबत की तुलना भी लाते हैं। इसी से उनका वर्णन न सूखा लगता है और न हवाई।

Activity:

अपने आसपास के किसी जल-स्रोत के बारे में दो पंक्तियाँ लिखिए — एक में उसकी कोई जानकारी, और दूसरी में उसकी कोई तुलना।

करके देखो

Title:

पाँच तीर्थ, पाँच पंक्तियाँ

Safety:

किसी सामग्री की आवश्यकता नहीं है; केवल लिखना है।

What You Notice:

गोला लगाने पर दो नाम निकलते हैं, और दोनों पर्वत हैं। इससे पाठ का भूगोल अपने आप क्रम में बैठ जाता है।

Did you know

हरिद्वार वही जगह है जहाँ गंगा पहाड़ छोड़कर मैदान में उतरती है। इसी कारण वहाँ उसका पाट सँकरा और बहाव तेज़ रहता है, जैसा पत्र में लिखा है।

नद और नदी, दोनों शब्द एक ही मूल से बने हैं, और उस मूल का अर्थ है शब्द करना। पत्र का शब्द-खेल इसी जानकारी पर टिका है।

Memory tricks

पाँच तीर्थ याद रखने का सूत्र — ह–कु–नी–वि–क — हरिद्वार, कुशावर्त, नीलधारा, विल्व पर्वत, कनखल। पहले दो पास-पास हैं, तीसरा एक धारा है, चौथा एक पर्वत, और पाँचवाँ एक कथा वाला स्थान।

Practice MCQs with answers (25)

Q1 गंगा की धारा की तुलना किससे की गई है? beginner
  • A किसी बड़े राजा की सेना से
  • B राजा भगीरथ के यश की लता से
  • C किसी पुराने गलीचे से
  • D किसी ऊँचे पर्वत से
Show answer
Answer: राजा भगीरथ के यश की लता से
Why:

यानी एक बहती नदी को किसी की कीर्ति से जोड़ दिया जाता है।

Q2 भगीरथ के बारे में कथा क्या कहती है? beginner
  • A उन्होंने तपस्या करके गंगा को धरती पर उतारा
  • B उन्होंने गंगा के तट पर एक नगर बसाया
  • C उन्होंने गंगा पर पहला पक्का घाट बनवाया
  • D उन्होंने गंगा का नाम बदलकर नीलधारा रखा
Show answer
Answer: उन्होंने तपस्या करके गंगा को धरती पर उतारा
Why:

इसी कारण गंगा का एक नाम भागीरथी भी है।

Q3 लेखक जल के स्वाद के लिए कौन-सी तुलना लाते हैं? beginner
  • A किसी कुएँ का ठंडा पानी निकाला जाए
  • B किसी पहाड़ी झरने का पानी पिया जाए
  • C चीनी का शरबत बर्फ़ में जमा दिया गया हो
  • D किसी घड़े में रखा पानी छाना जाए
Show answer
Answer: चीनी का शरबत बर्फ़ में जमा दिया गया हो
Why:

यह रसोई की तुलना है, और इसी से स्वाद का चित्र बन जाता है।

Q4 जल के बारे में लेखक कितनी बातें बताते हैं? intermediate
  • A एक — केवल उसका सफ़ेद रंग
  • B दो — केवल ठंडक और मिठास
  • C तीन — केवल ठंडक, रंग और उसका वेग
  • D चार — ठंडक, मिठास, रंग और जीव
Show answer
Answer: चार — ठंडक, मिठास, रंग और जीव
Why:

चारों बातें चार-पाँच शब्दों में निपटा दी जाती हैं।

Q5 नदी अपना नाम सच करती है — यह बात किस आधार पर कही गई है? advanced
  • A नदी का अर्थ बहना है, और वह वहाँ बहती है
  • B नद का अर्थ शब्द करना है, और वहाँ वेग से शब्द होता है
  • C नदी का अर्थ ठंडा है, और वहाँ जल ठंडा है
  • D नदी का अर्थ पवित्र होना है, और वह जगह भी पवित्र है
Show answer
Answer: नद का अर्थ शब्द करना है, और वहाँ वेग से शब्द होता है
Why:

यह शब्दों का खेल है, और पत्र का सबसे चतुर वाक्य माना जाता है।

Q6 ठंडी हवा के वर्णन में कितनी इंद्रियाँ साथ आ जाती हैं? intermediate
  • A तीन
  • B एक
  • C दो
  • D पाँच
Show answer
Answer: तीन
Why:

ठंडक का स्पर्श, जल की गंध, और बहने की आवाज़।

Q7 लेखक का वर्णन देखा हुआ नहीं, महसूस किया हुआ क्यों लगता है? advanced
  • A क्योंकि उसमें कोई संख्या नहीं दी जाती है
  • B क्योंकि उसमें केवल आँखों की बात होती है
  • C क्योंकि उसमें स्पर्श, गंध और आवाज़ भी आ जाती हैं
  • D क्योंकि उसमें कोई भी तुलना कहीं नहीं लाई जाती है
Show answer
Answer: क्योंकि उसमें स्पर्श, गंध और आवाज़ भी आ जाती हैं
Why:

एक ही वाक्य में तीन इंद्रियाँ साथ आ जाती हैं।

Q8 कोई विद्यार्थी अपने चित्र में उस जगह तीन धाराएँ बना देता है, और उनमें से एक पर कनखल लिख देता है। पाठ के अनुसार वहाँ कितनी धाराएँ दिखानी चाहिए थीं? intermediate
  • A एक ही
  • B तीन
  • C चार
  • D दो
Show answer
Answer: दो
Why:

एक का नाम नील धारा है और दूसरी गंगा के ही नाम से; कनखल एक तीर्थ है।

Q9 किसी ने अपने नक़्शे में दोनों धाराओं के बीच एक पक्का घाट बना दिया है। पाठ के अनुसार वहाँ क्या बनना चाहिए था? intermediate
  • A एक पक्का घाट
  • B एक सुंदर नीचा पर्वत
  • C एक बड़ी धर्मशाला
  • D एक घना जंगल
Show answer
Answer: एक सुंदर नीचा पर्वत
Why:

घाट नदी के तट पर है; दोनों धाराओं के बीच एक नीचा पर्वत है।

Q10 चुटीला पर्वत के शिखर पर क्या है? beginner
  • A चंडिका देवी की मूर्ति
  • B विल्वेश्वर महादेव की मूर्ति
  • C एक पुरानी धर्मशाला
  • D एक बड़ा पक्का घाट
Show answer
Answer: चंडिका देवी की मूर्ति
Why:

विल्वेश्वर महादेव विल्व पर्वत पर हैं, चुटीला पर्वत पर नहीं।

Q11 पैड़ी शब्द का अर्थ क्या है? beginner
  • A नदी
  • B घाट
  • C सीढ़ी
  • D पर्वत
Show answer
Answer: सीढ़ी
Why:

इसीलिए पक्के घाट का अर्थ पत्थर से बनी सीढ़ियाँ है।

Q12 लेखक को सबसे बड़ा आश्चर्य किस बात का हुआ? beginner
  • A कि यहाँ पंडे बाहर से आते-जाते हैं
  • B कि यहाँ बहुत सारे मंदिर बने हुए हैं
  • C कि यहाँ दुकानें रात को बंद रहती हैं
  • D कि यहाँ देवता केवल गंगा ही हैं
Show answer
Answer: कि यहाँ देवता केवल गंगा ही हैं
Why:

यों वैरागियों ने कई मठ-मंदिर बना लिए हैं, पर मुख्य देवता वही नदी है।

Q13 अभिकथन: लेखक इस बात को अपना आश्चर्य कहकर रखते हैं। कारण: किसी इतने बड़े तीर्थ में एक ही देवता होना साधारण बात नहीं है। advanced
  • A दोनों सही हैं; कारण अभिकथन को समझाता है
  • B दोनों सही हैं; कारण अभिकथन को नहीं समझाता
  • C अभिकथन सही है; परंतु उसका कारण ग़लत है
  • D अभिकथन ग़लत है; परंतु उसका कारण सही है
Show answer
Answer: दोनों सही हैं; कारण अभिकथन को समझाता है
Why:

दोनों सही हैं, और कारण सचमुच अभिकथन को समझा देता है।

Q14 नदी का पाट छोटा और वेग बड़ा होना किस बात से मेल खाता है? advanced
  • A उस जगह के मौसम से, जहाँ वर्षा अधिक होती है
  • B उस जगह के भूगोल से, जहाँ नदी पहाड़ छोड़ती है
  • C उस जगह के बाज़ार से, जो रात को बंद रहता है
  • D उस जगह के पंडों से, जो बाहर से आते हैं
Show answer
Answer: उस जगह के भूगोल से, जहाँ नदी पहाड़ छोड़ती है
Why:

पहाड़ से उतरती नदी सँकरी और तेज़ होती है।

Q15 पाट शब्द का अर्थ क्या है? beginner
  • A लंबाई
  • B गहराई
  • C चौड़ाई
  • D ऊँचाई
Show answer
Answer: चौड़ाई
Why:

लेखक कहते हैं कि वहाँ उसका पाट बड़ा नहीं, पर वेग बड़ा है।

Q16 कोई यात्री वहाँ पहुँचकर रात बिताने की जगह ढूँढ़ रहा है और किसी दुकान के बाहर खड़ा है। पाठ के अनुसार उसे कहाँ जाना चाहिए? intermediate
  • A दुकानदारों की दुकानों में
  • B वैरागियों के बनवाए पुराने मठों में
  • C पंडों के बनवाए घरों में
  • D राजाओं की बनवाई धर्मशालाओं में
Show answer
Answer: राजाओं की बनवाई धर्मशालाओं में
Why:

दुकानें भी हैं, पर वे ठहरने के लिए नहीं, और रात को बंद रहती हैं।

Q17 दुकानें रात को बंद रहने की छोटी जानकारी से क्या पता चलता है? advanced
  • A कि वहाँ दुकानदार बहुत कम हैं
  • B कि वहाँ का जीवन दिन के साथ चलता है
  • C कि वहाँ रात में यात्री आते ही नहीं
  • D कि वहाँ बिजली की कोई व्यवस्था नहीं
Show answer
Answer: कि वहाँ का जीवन दिन के साथ चलता है
Why:

छोटी जानकारी से किसी जगह का ढंग पता चल जाता है।

Q18 पंडे और दुकानदार कहाँ से आते बताए गए हैं? beginner
  • A कनखल और ज्वालापुर से
  • B कुशावर्त और नीलधारा से
  • C विल्व पर्वत और कनखल से
  • D अयोध्या और काशी से
Show answer
Answer: कनखल और ज्वालापुर से
Why:

वे वहाँ रहते नहीं, आते-जाते हैं।

Q19 पंडों के बारे में लेखक कौन-सी बात कहते हैं? intermediate
  • A कि वे किसी यात्री से कुछ नहीं लेते हैं
  • B कि वे यात्रियों से हर बार बहुत बड़ी रकम ले लेते हैं
  • C कि वे बहुत संतोषी हैं और कम में प्रसन्न हो जाते हैं
  • D कि वे हरिद्वार में ही रहते और बसते हैं
Show answer
Answer: कि वे बहुत संतोषी हैं और कम में प्रसन्न हो जाते हैं
Why:

वे एक पैसे को ही बहुत मान लेते हैं।

Q20 क्रोधी लोग वहाँ नहीं रहते — इस कथन को किस तरह पढ़ना ठीक रहेगा? advanced
  • A एक नियम की तरह, जो आज भी लागू है
  • B एक पक्के प्रमाण की तरह, जिसकी जाँच पहले हो चुकी है
  • C एक गिनती की तरह, जो किसी ने की थी
  • D एक यात्री की राय की तरह, प्रमाण की तरह नहीं
Show answer
Answer: एक यात्री की राय की तरह, प्रमाण की तरह नहीं
Why:

लेखक अपना अनुभव लिख रहे हैं, और यात्रा-वृत्तांत में यही होता है।

Q21 किसी ने अपनी पुस्तिका में उस क्षेत्र के चार मुख्य तीर्थ लिख दिए हैं और विल्व पर्वत छोड़ दिया है। पाठ के अनुसार कितने होने चाहिए थे? intermediate
  • A तीन
  • B पाँच
  • C सात
  • D चार
Show answer
Answer: पाँच
Why:

हरिद्वार, कुशावर्त, नीलधारा, विल्व पर्वत और कनखल।

Q22 विल्व पर्वत पर किसकी मूर्ति बताई गई है? beginner
  • A विल्वेश्वर महादेव की
  • B चंडिका देवी की
  • C राजा भगीरथ की
  • D किसी की नहीं
Show answer
Answer: विल्वेश्वर महादेव की
Why:

चंडिका देवी चुटीला पर्वत पर हैं।

Q23 पाँच तीर्थों के बारे में तीन कथन नीचे पढ़िए। I. कुशावर्त हर की पैड़ी के पास ही है। II. नीलधारा गंगा की दूसरी धारा है। III. कनखल गंगा की तीसरी धारा है। इनमें कौन-से कथन ठीक हैं? advanced
  • A केवल I और II
  • B केवल II और III
  • C केवल I और III
  • D I, II और III
Show answer
Answer: केवल I और II
Why:

I और II सही हैं। III ग़लत है — कनखल एक तीर्थ है, कोई धारा नहीं।

Q24 कनखल के साथ कौन-सी पुरानी कथा जोड़ी गई है? beginner
  • A चंडिका देवी की मूर्ति की स्थापना
  • B भगीरथ की तपस्या और गंगा का उतरना
  • C दक्ष का यज्ञ और सती का शरीर त्याग
  • D विल्वेश्वर महादेव के मंदिर का बनना
Show answer
Answer: दक्ष का यज्ञ और सती का शरीर त्याग
Why:

लेखक उस कथा को दो पंक्तियों में कहकर आगे बढ़ जाते हैं।

Q25 हरिद्वार में वह झंझट कुछ नहीं है — इस वाक्य की ताक़त किस बात में है? advanced
  • A वाक्य में किसी जगह का नाम ले लिया जाता है
  • B दूसरा सिरा साफ़ लिखा जाता है, इसलिए बात पक्की है
  • C वाक्य बहुत लंबा है, इसलिए वह याद रह जाता है
  • D दूसरा सिरा लिखा नहीं जाता, पाठक उसे भर लेता है
Show answer
Answer: दूसरा सिरा लिखा नहीं जाता, पाठक उसे भर लेता है
Why:

किस जगह झंझट है, यह लेखक बताते ही नहीं।

Important short questions (7)

गंगा की धारा की तुलना लिखिए और उसका आधार बताइए।

धारा राजा भगीरथ के उज्ज्वल यश की लता जैसी बताई गई है। इसका आधार वह कथा है जिसके अनुसार भगीरथ ने तपस्या करके गंगा को धरती पर उतारा था। लेखक कथा का हवाला देते नहीं, पर उसी के सहारे यह चित्र बना देते हैं।

नदी अपना नाम सच करती है — इसका अर्थ समझाइए।

नद का अर्थ है शब्द करना, और उसी से नदी शब्द बना है। लेखक कहते हैं कि वहाँ जल के वेग से बहुत आवाज़ होती है, इसलिए गंगा अपना नाम सच कर दिखाती हैं। यह शब्दों का खेल है।

हवा के वर्णन में कौन-कौन सी इंद्रियाँ साथ आती हैं?

तीन इंद्रियाँ साथ आ जाती हैं। ठंडक का स्पर्श, जल की गंध, और बहने की आवाज़। इसी कारण लेखक का वर्णन देखा हुआ नहीं, महसूस किया हुआ लगता है।

दोनों धाराओं और दोनों पर्वतों का अंतर लिखिए।

दो धाराएँ हैं — नील धारा और गंगा — और उनके बीच एक सुंदर नीचा पर्वत है। एक दूसरा पर्वत नील धारा के किनारे है, जो छोटा और चुटीला है, और उसके शिखर पर चंडिका देवी की मूर्ति है।

लेखक के सबसे बड़े आश्चर्य की बात लिखिए।

उन्हें आश्चर्य इस बात का हुआ कि इतने बड़े तीर्थ में देवता केवल गंगा ही हैं, दूसरा कोई नहीं। वैरागियों ने कई मठ और मंदिर बना लिए हैं, फिर भी मुख्य देवता वही नदी है।

नदी का पाट छोटा और वेग बड़ा होना किससे मेल खाता है?

उस जगह के भूगोल से। हरिद्वार वही जगह है जहाँ गंगा पहाड़ छोड़कर मैदान में उतरती है, और पहाड़ से उतरती नदी सँकरी तथा तेज़ होती है। लेखक वही देखकर लिख रहे हैं।

क्रोधी लोगों के बारे में कहे गए कथन को कैसे पढ़ना चाहिए?

उसे एक यात्री की राय की तरह पढ़ना चाहिए, प्रमाण की तरह नहीं। लेखक अपना अनुभव लिख रहे हैं और कोई प्रमाण नहीं देते, और यात्रा-वृत्तांत में यही होता है।

Long answer questions (3)

इस भाग में लेखक जल और नदी का वर्णन किस-किस ढंग से करते हैं? समझाइए।

पहला ढंग तुलना का है। धारा भगीरथ के यश की लता जैसी बताई जाती है, और जल का स्वाद बर्फ़ में जमे चीनी के शरबत जैसा। दूसरा ढंग गिनती का है। जल के बारे में चार बातें आती हैं — ठंडक, मिठास, साफ़ सफ़ेद रंग, और उसमें खेलते जीव — और वे चार-पाँच शब्दों में निपट जाती हैं। तीसरा ढंग शब्द-खेल का है। लेखक कहते हैं कि नदी अपना नाम सच कर दिखाती है, क्योंकि नद का अर्थ शब्द करना है और वहाँ वेग से आवाज़ होती है। चौथा ढंग इंद्रियों का है। हवा वाले वाक्य में स्पर्श, गंध और आवाज़, तीनों साथ आ जाती हैं। चारों मिलकर वर्णन को देखा हुआ नहीं, महसूस किया हुआ बना देते हैं।

पाँच तीर्थ गिनाइए और हर एक की एक पहचान लिखिए।

पहला हरिद्वार है, जहाँ हर की पैड़ी नाम के पक्के घाट पर स्नान होता है। दूसरा कुशावर्त है, जो उसी घाट के पास ही है। तीसरा नीलधारा है, यानी गंगा की वही दूसरी धारा, जिसके किनारे चुटीला पर्वत पड़ता है। चौथा विल्व पर्वत है, जो पास ही एक सुहाना पर्वत है और जिसके शिखर पर विल्वेश्वर महादेव विराजते हैं। पाँचवाँ कनखल है, जिसे लेखक सबसे उत्तम बताते हैं और जिसके साथ दक्ष के यज्ञ तथा सती की कथा जुड़ी है। ध्यान देने की बात यह है कि लेखक हर तीर्थ को एक या दो पंक्तियाँ ही देते हैं और कोई कथा विस्तार से नहीं सुनाते।

इस भाग में लेखक की राय और उनकी देखी हुई बात में क्या अंतर है? उदाहरण देकर लिखिए।

कुछ बातें ऐसी हैं जिन्हें कोई भी देख सकता है। जल ठंडा है, नदी दो धाराओं में बँटी है, तट पर धर्मशालाएँ और दुकानें हैं, और दुकानें रात को बंद रहती हैं — ये सब देखी हुई बातें हैं। कुछ और बातें लेखक की राय हैं। पंडे बहुत संतोषी हैं, क्रोधी लोग वहाँ रहते ही नहीं, और उस भूमि में पहुँचते ही मन साफ़ हो जाता है — इनका कोई प्रमाण नहीं दिया जाता। दोनों को अलग करके पढ़ना ज़रूरी है, क्योंकि यात्रा-वृत्तांत में लिखने वाले का मन भी साथ आता है। इसका अर्थ यह नहीं है कि राय बेकार है। राय से हमें पता चलता है कि उस यात्री को क्या बड़ा लगा।

Flashcards (17)

गंगा की धारा की तुलना किससे है?
राजा भगीरथ के उज्ज्वल यश की लता से।
भगीरथ के बारे में कथा क्या कहती है?
कि उन्होंने तपस्या करके गंगा को धरती पर उतारा।
जल के स्वाद की तुलना किससे है?
बर्फ़ में जमे चीनी के शरबत से।
नदी अपना नाम कैसे सच करती है?
वेग की आवाज़ से; नद का अर्थ शब्द करना है।
ठंडी हवा क्या करती है?
जल के कण साथ लाकर छूकर ही पवित्र कर देती है।
वहाँ गंगा कितनी धाराओं में बँटती हैं?
दो — नील धारा और गंगा।
दोनों धाराओं के बीच क्या है?
एक सुंदर नीचा पर्वत।
चुटीला पर्वत के शिखर पर क्या है?
चंडिका देवी की मूर्ति।
पैड़ी का अर्थ क्या है?
सीढ़ी।
लेखक को सबसे बड़ा आश्चर्य क्या हुआ?
कि वहाँ देवता केवल गंगा ही हैं।
पाट का अर्थ क्या है?
नदी की चौड़ाई।
तट पर ठहरने के लिए क्या है?
राजाओं की बनवाई धर्मशालाएँ।
दुकानों के बारे में कौन-सी छोटी बात कही गई है?
कि वे रात को बंद रहती हैं।
पंडे और दुकानदार कहाँ से आते हैं?
कनखल और ज्वालापुर से।
पंडों के बारे में क्या कहा गया है?
कि वे संतोषी हैं और कम में प्रसन्न हो जाते हैं।
पाँच तीर्थ कौन-से हैं?
हरिद्वार, कुशावर्त, नीलधारा, विल्व पर्वत और कनखल।
कनखल के साथ कौन-सी कथा जुड़ी है?
दक्ष का यज्ञ और सती का शरीर त्याग।

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  • दूसरे भाग का क्रम लगाइए
  • शब्द और अर्थ
  • किस पर्वत पर
  • सही या भ्रम
  • झटपट उत्तर

यात्री का मन, भाषा और लेखक

पत्र का तीसरा हिस्सा सबसे निजी है। लेखक अपने ठहरने की जगह, ग्रहण वाली रात, तट पर किए भोजन और मन के भावों की बात करते हैं, और अंत में कहते हैं कि वे मन से अब तक वहीं हैं।

What you will be able to do

  • लेखक के वहाँ बिताए दिनों का हाल क्रम से बता सकूँगा।
  • पत्थर और सोने की थाल वाली तुलना का अर्थ लिख सकूँगा।
  • ज्ञान, वैराग्य और भक्ति का सरल अर्थ समझा सकूँगा।
  • है और हैं का अंतर बताकर रिक्त स्थान ठीक भर सकूँगा।
  • लेखक भारतेंदु हरिश्चंद्र का संक्षिप्त परिचय लिख सकूँगा।

Key points

  • पत्र का तीसरा हिस्सा जगह का नहीं, लेखक के बिताए दिनों का हाल है।

  • वे दीवान कृपा राम के मकान पर बने ऊपरी बंगले में ठहरे थे।

  • एक रात ग्रहण पड़ा और उन्होंने उस समय स्नान किया; दिन में पाठ किया।

  • एक दिन उन्होंने गंगा के तट पर पत्थर पर परोसकर भोजन किया।

  • उस भोजन का सुख उन्होंने सोने की थाली के भोजन से बढ़कर बताया।

  • उनके मन में बार-बार ज्ञान, वैराग्य और भक्ति के भाव उठते थे।

  • वहाँ का जनेऊ अच्छा बनता है, और कुशा से मसालों जैसी सुगंध आती है।

  • अंत में वे कहते हैं कि मन से वे अब तक वहीं रह रहे हैं।

  • है एक के लिए आता है, हैं एक से अधिक के लिए और आदर के लिए भी।

Full explanation

अब लेखक अपने दिनों पर आते हैं

पत्र का तीसरा हिस्सा सबसे निजी है। अब तक लेखक जगह का वर्णन कर रहे थे; अब वे बताते हैं कि उन्होंने वहाँ अपने दिन कैसे बिताए। यह बदलाव ध्यान देने योग्य है। किसी जगह का वर्णन उसकी जानकारी देता है, और वहाँ बिताए दिनों का हाल उस जगह का असर दिखाता है। यात्रा-वृत्तांत में दोनों साथ चलते हैं।

ठहरने की जगह

वे बताते हैं कि वे दीवान कृपा राम के मकान पर बने ऊपरी बंगले में ठहरे थे। उस जगह के बारे में वे एक छोटी-सी बात कहते हैं — वह उस क्षेत्र में ठहरने लायक़ ही है, और चारों ओर से ठंडी हवा आती थी। ठहरने लायक़ कहने का अर्थ केवल आराम नहीं है। उसमें हवा, शांति और नदी से दूरी, तीनों शामिल हैं।

एक ग्रहण वाली रात

उन्हीं दिनों एक रात ग्रहण पड़ा, और लेखक बताते हैं कि उन्होंने उस समय स्नान किया। दिन में उन्होंने एक धर्मग्रंथ का पाठ भी किया। यह जानकारी छोटी लगती है, पर उससे उनका पूरा दिन सामने आ जाता है — रात का स्नान, दिन का पाठ, और बीच में उस जगह को देखना। ग्रहण उस समय एक बड़ा अवसर माना जाता था।

साथ कौन था

वे एक साथी का नाम भी लेते हैं और कहते हैं कि वे भी उतने ही प्रसन्न थे। यह एक पंक्ति का उल्लेख है, पर उसका काम बड़ा है। इससे पता चलता है कि यह यात्रा अकेले की नहीं थी, और जो आनंद वे लिख रहे हैं, वह किसी और ने भी महसूस किया था। किसी अनुभव के साथ दूसरे का नाम जुड़ जाने से वह अधिक भरोसे लायक़ लगता है।

गंगा के तट पर रसोई

अब पत्र का सबसे याद रह जाने वाला दृश्य आता है। एक दिन उन्होंने गंगा के तट पर ही रसोई बनाई और भोजन भी वहीं किया। किसी थाली में नहीं — पत्थर पर ही परोसकर, और जल के इतने पास कि ठंडे छींटे बार-बार आ जाते थे। दृश्य बहुत सरल है, और इसी सरलता से वह बना रहता है।

पत्थर और सोने की थाल

इसके बाद लेखक एक तुलना रख देते हैं। वे कहते हैं कि उस पत्थर पर किए भोजन का सुख सोने की थाली के भोजन से कहीं बढ़कर था। ध्यान दीजिए कि वे सोने की थाली को बुरा नहीं कहते। वे केवल दो अनुभव आमने-सामने रख देते हैं और अपना चुनाव बता देते हैं। इससे एक बात निकलती है — सुख थाली से नहीं, मन की स्थिति से आता है।

मन में क्या उठता था

उसी प्रसंग के साथ वे यह भी लिखते हैं कि उनके मन में बार-बार ज्ञान, वैराग्य और भक्ति का भाव उठता था। ये तीन शब्द भारी लगते हैं, पर उनका अर्थ सरल है। ज्ञान यानी समझ, वैराग्य यानी चीज़ों से मोह घट जाना, और भक्ति यानी किसी बड़े के प्रति प्रेम। पत्थर पर भोजन वाले प्रसंग के ठीक बाद ये शब्द आना एक संकेत है।

झगड़े का नाम भी नहीं

एक छोटी पंक्ति में वे यह भी कह देते हैं कि वहाँ झगड़े-लड़ाई का नाम भी नहीं था। पिछले भाग में वे पंडों को संतोषी और लोगों को शांत बता चुके हैं, और यह बात उसी के साथ बैठती है। यह भी लेखक की राय है, पर उसे वे अपने अनुभव के हिस्से के रूप में लिखते हैं, किसी प्रमाण के रूप में नहीं।

वहाँ क्या-क्या बनता है

अंत की ओर बढ़ते हुए वे वहाँ की बनी चीज़ों की बात करते हैं। वे बताते हैं कि वहाँ का जनेऊ अच्छा बनता है — महीन और उज्ज्वल। यानी वह जगह केवल तीर्थ नहीं है; वहाँ कुछ काम भी होता है और कुछ चीज़ें बनती भी हैं। यह जानकारी एक यात्री की आँख बताती है, जो मंदिर और घाट के साथ-साथ बाज़ार भी देख लेती है।

घास भी सुगंधमय

इसके बाद वे कुशा नाम की घास की बात करते हैं, और उसे सबसे अनोखा बताते हैं। उनके अनुसार उसमें से दालचीनी और जावित्री जैसी अच्छी सुगंध आती है। इसी से वे एक निष्कर्ष निकाल लेते हैं — जहाँ की घास तक सुगंधमय हो, वह भूमि पुण्यभूमि ही होगी। यह तर्क का एक सुंदर उलटा रास्ता है, क्योंकि वे छोटी चीज़ से बड़ी बात तक पहुँचते हैं।

चित्त अब भी वहीं है

पत्र के अंत में लेखक एक वाक्य कहते हैं जिसे पढ़कर कोई भी रुक जाता है। वे कहते हैं कि वे मन से तो अब तक वहीं रह रहे हैं। शरीर लौट आया है और मन नहीं लौटा। यह अनुभव हर उस व्यक्ति का है जो किसी जगह से लौटकर भी उसी के बारे में सोचता रहता है। इसी एक वाक्य से पूरे पत्र का आनंद सच्चा लगने लगता है।

और फिर एक निवेदन

अंत में वे संपादक से कहते हैं कि इस पत्र को अपनी पत्रिका में जगह दीजिए। यहीं याद आता है कि यह पाठ एक चिट्ठी है, कोई निबंध नहीं। पूरे पत्र में वे पाठकों को यह वृत्तांत बताने की बात करते हैं, यानी उन्हें मालूम है कि यह छपने जा रहा है। इसी कारण उसमें वर्णन भी है और बातचीत का स्वर भी।

है और हैं

पुस्तक इस पाठ के साथ एक छोटा व्याकरण भी देती है। है एक के लिए आता है और हैं एक से अधिक के लिए। जैसे, वहाँ एक पक्का घाट है; और वहाँ तट पर धर्मशालाएँ बनी हैं। पहचानने का तरीक़ा सरल है — पहले कर्ता देखिए कि वह एक है या अनेक, और उसके बाद क्रिया चुनिए।

आदर के लिए भी हैं

एक और बात ध्यान देने योग्य है। हैं केवल गिनती के लिए नहीं, आदर के लिए भी लगता है। गंगा एक ही नदी है, फिर भी पत्र में उसके साथ श्री और जी लगाकर हैं का प्रयोग किया गया है। उस समय आदर दिखाने का यह चलन था, और आज भी हम किसी बड़े के लिए यही करते हैं।

लेखक कौन थे

इस पत्र के लेखक भारतेंदु हरिश्चंद्र हैं, और उनका जीवन-काल उन्नीसवीं शताब्दी के मध्य से उसके अंतिम वर्षों तक रहा। वे बहुत कम आयु में चले गए, फिर भी उनका काम इतना है कि आधुनिक हिंदी साहित्य का आरंभ उन्हीं से माना जाता है। उन्होंने कविता लिखी, नाटक लिखे, निबंध लिखे, और यात्रा के वृत्तांत भी।

उनका काम और उनका स्वर

उन्होंने कई पत्रिकाएँ निकालीं, और उनमें से एक स्त्रियों के लिए थी, जो उस समय के लिए बड़ी बात थी। उनकी रचनाओं में समाज-सुधार की बात मिलती है, राष्ट्र-प्रेम मिलता है, और अंग्रेज़ी शासन का विरोध भी। वे यह भी मानते थे कि हर उन्नति की जड़ अपनी भाषा की उन्नति है। उनकी जानी-पहचानी कृतियों में अंधेर नगरी गिनी जाती है, और उसके साथ भारत-दुर्दशा तथा सरयूपार की यात्रा भी।

Concepts and terms

वैराग्य

चीज़ों से मोह घट जाना। पत्र में यह शब्द ज्ञान और भक्ति के साथ आता है, और पत्थर पर भोजन वाले प्रसंग के ठीक बाद आता है।

चित्त

मन। पत्र के अंत में लेखक कहते हैं कि वे चित्त से अब तक वहीं रह रहे हैं, यानी शरीर लौट आया और मन नहीं लौटा।

कुशा

एक तरह की घास, जिसे लेखक सबसे अनोखा बताते हैं। उनके अनुसार उसमें दालचीनी और जावित्री जैसी सुगंध आती है।

जनेऊ

एक पवित्र धागा, जो वहाँ बनता है। लेखक उसे महीन और उज्ज्वल बताते हैं, और इसी से पता चलता है कि वह जगह केवल तीर्थ नहीं है।

पारायण

किसी ग्रंथ का आरंभ से अंत तक पाठ करना। लेखक बताते हैं कि उन्होंने दिन में यही किया था।

सावधान

भ्रम और सच

मिलाकर देखो

Scenario:

आठवीं कक्षा के एक विद्यार्थी ने अपनी यात्रा पर एक छोटा वृत्तांत लिखा है। उसमें चार वाक्य ऐसे हैं। पहला — नदी के किनारे एक पुराना घाट है। दूसरा — उस घाट पर सीढ़ियाँ बहुत चौड़ी है। तीसरा — वहाँ तीन दुकानें खुली हैं। और चौथा — हमारे शिक्षक जी भी साथ है। वह काग़ज़ वह अपने शिक्षक को दिखाता है। शिक्षक उसे लौटाते हुए कहते हैं कि दो वाक्यों में क्रिया बदलनी पड़ेगी। वे एक बात और जोड़ देते हैं — उनमें से एक में बदलने का कारण गिनती नहीं है।

Analysis:

ध्यान दीजिए कि पहले और तीसरे वाक्य ठीक हैं। घाट एक है, इसलिए है; और दुकानें तीन हैं, इसलिए हैं। नियम सीखते समय गिनती पहले आती है, पर आदर वाला प्रयोग भी उतना ही ज़रूरी है।

Activity:

अपने घर के पाँच सदस्यों के बारे में एक-एक वाक्य लिखिए, और हर वाक्य के आगे कारण लिखिए — गिनती या आदर।

करके देखो

Title:

मेरा एक दिन, चार पंक्तियों में

Safety:

किसी सामग्री की आवश्यकता नहीं है; केवल लिखना है।

What You Notice:

अधिकतर साथी उसी पंक्ति को चुनते हैं जिसमें तुलना है या जिसमें मन की बात है। पत्र में भी वही दो पंक्तियाँ सबसे अधिक याद रहती हैं।

Did you know

जावित्री एक मसाला है, और दालचीनी एक पेड़ की सुगंधित छाल। दोनों दक्षिण भारत में अधिक मिलते हैं, इसलिए उत्तर की किसी घास से वही सुगंध आना लेखक को अनोखा लगा।

भारतेंदु हरिश्चंद्र बहुत कम आयु में चले गए, फिर भी उनका काम इतना है कि आधुनिक हिंदी साहित्य की शुरुआत उन्हीं से मानी जाती है।

Memory tricks

लेखक के दिनों का क्रम याद रखने का सूत्र — ब–ग्र–भो–म — बंगला, ग्रहण, भोजन, मन। पहले ठहरने की जगह, फिर ग्रहण वाली रात, फिर तट पर पत्थर का भोजन, और अंत में मन का वहीं रह जाना।

Practice MCQs with answers (25)

Q1 पत्र का तीसरा हिस्सा किस बात पर आता है? beginner
  • A वहाँ के पर्वतों और पेड़ों पर
  • B वहाँ के पाँच तीर्थों पर
  • C लेखक के वहाँ बिताए दिनों पर
  • D वहाँ की दुकानों के भाव पर
Show answer
Answer: लेखक के वहाँ बिताए दिनों पर
Why:

वर्णन जानकारी देता है, और दिनों का हाल उस जगह का असर दिखाता है।

Q2 लेखक कहाँ ठहरे हुए थे? beginner
  • A गंगा के तट पर बनी किसी राजा की धर्मशाला में
  • B दीवान कृपा राम के मकान पर बने ऊपरी बंगले में
  • C वैरागियों के बनाए किसी मठ में
  • D किसी पंडे के घर में, कनखल में
Show answer
Answer: दीवान कृपा राम के मकान पर बने ऊपरी बंगले में
Why:

उस जगह के बारे में वे कहते हैं कि चारों ओर से ठंडी हवा आती थी।

Q3 ठहरने लायक़ कहने में क्या-क्या शामिल है? intermediate
  • A केवल किराए का कम होना
  • B केवल आराम और बहुत अच्छा-सा बिछौना
  • C केवल भोजन की अच्छी व्यवस्था
  • D हवा, शांति और नदी से दूरी, तीनों
Show answer
Answer: हवा, शांति और नदी से दूरी, तीनों
Why:

इसी कारण वे उसे उस पूरे क्षेत्र में ठहरने लायक़ बताते हैं।

Q4 कोई साथी कहता है कि लेखक ने तेज़ वर्षा के समय स्नान किया था। पाठ के अनुसार वह रात किस कारण ख़ास थी? intermediate
  • A उस रात ग्रहण पड़ा था
  • B उस रात तेज़ वर्षा हुई थी
  • C उस रात भूकंप आया था
  • D उस रात कोई मेला लगा था
Show answer
Answer: उस रात ग्रहण पड़ा था
Why:

ग्रहण के समय स्नान उस समय एक बड़ा अवसर माना जाता था।

Q5 दिन में लेखक ने क्या किया? beginner
  • A किसी पंडे से भेंट
  • B पास के बाज़ार में ख़रीद
  • C एक धर्मग्रंथ का पाठ
  • D पर्वत पर एक यात्रा
Show answer
Answer: एक धर्मग्रंथ का पाठ
Why:

रात का स्नान और दिन का पाठ, दोनों मिलकर उनका दिन बना देते हैं।

Q6 साथी का नाम लेने से पत्र में क्या जुड़ता है? advanced
  • A पत्र की लंबाई कुछ बढ़ जाती है
  • B उनका आनंद किसी और ने भी महसूस किया था
  • C उस जगह का नाम और भी अधिक साफ़ हो जाता
  • D यात्रा का ख़र्च कम दिखने लगता है
Show answer
Answer: उनका आनंद किसी और ने भी महसूस किया था
Why:

किसी अनुभव के साथ दूसरे का नाम जुड़ने से वह भरोसे लायक़ लगता है।

Q7 लेखक ने एक दिन भोजन किस तरह किया? beginner
  • A किसी दुकान पर, खड़े-खड़े
  • B अपने बंगले में, सोने की थाली में
  • C किसी धर्मशाला में, पंडों के साथ
  • D गंगा के तट पर, पत्थर पर परोसकर
Show answer
Answer: गंगा के तट पर, पत्थर पर परोसकर
Why:

और जल इतना पास था कि ठंडे छींटे बार-बार आ जाते थे।

Q8 उस भोजन के बारे में लेखक कौन-सी तुलना रखते हैं? beginner
  • A उसका सुख सोने की थाली के भोजन से बढ़कर था
  • B उसका स्वाद किसी दुकान के भोजन जैसा था
  • C उसका सुख किसी बंगले के भोजन से कम था
  • D उसका स्वाद उन्हें कुछ भी याद नहीं रहा
Show answer
Answer: उसका सुख सोने की थाली के भोजन से बढ़कर था
Why:

वे सोने की थाली को बुरा नहीं कहते; वे दो अनुभव आमने-सामने रखते हैं।

Q9 इस तुलना से कौन-सी बात निकलती है? advanced
  • A पत्थर पर रखा भोजन स्वाद में बढ़कर होता है
  • B सुख हमेशा सोने की थाली से ही आता है
  • C सुख थाली से नहीं, मन की स्थिति से आता है
  • D भोजन का सुख उसके मूल्य से तय होता है
Show answer
Answer: सुख थाली से नहीं, मन की स्थिति से आता है
Why:

यही कारण है कि यह प्रसंग पत्र का सबसे याद रह जाने वाला हिस्सा है।

Q10 अभिकथन: लेखक सोने की थाली को बुरा नहीं कहते। कारण: वे दो अनुभव आमने-सामने रखकर अपना चुनाव बता देते हैं। advanced
  • A दोनों सही हैं; कारण अभिकथन को समझाता है
  • B दोनों सही हैं; कारण अभिकथन को नहीं समझाता
  • C अभिकथन सही है; परंतु उसका कारण ग़लत है
  • D अभिकथन ग़लत है; परंतु उसका कारण सही है
Show answer
Answer: दोनों सही हैं; कारण अभिकथन को समझाता है
Why:

दोनों सही हैं, और कारण सचमुच अभिकथन को समझा देता है।

Q11 ज्ञान, वैराग्य और भक्ति का अर्थ क्रम से क्या है? beginner
  • A समझ, क्रोध घटना, और किसी बड़े के प्रति भय
  • B समझ, मोह घटना, और किसी बड़े के प्रति प्रेम
  • C भय, मोह घटना, और किसी बड़े के प्रति प्रेम
  • D समझ, मोह बढ़ना, और किसी बड़े के प्रति प्रेम
Show answer
Answer: समझ, मोह घटना, और किसी बड़े के प्रति प्रेम
Why:

ये शब्द भारी लगते हैं, पर उनका अर्थ सरल है।

Q12 ये तीन भाव पत्थर पर भोजन वाले प्रसंग के ठीक बाद आना क्या बताता है? advanced
  • A कि वे भाव केवल ग्रहण के समय आए थे
  • B कि वे भाव भोजन से पहले आ चुके थे
  • C कि उन भावों का उस प्रसंग से कोई मेल नहीं
  • D कि वह सादगी ही इन भावों तक ले गई
Show answer
Answer: कि वह सादगी ही इन भावों तक ले गई
Why:

इसी कारण उस क्रम को एक संकेत कहा जाता है।

Q13 वहाँ की कौन-सी बनी चीज़ लेखक अच्छी बताते हैं? beginner
  • A बरतन, जो हल्के और सुंदर बनते हैं
  • B कपड़ा, जो मोटा और मज़बूत बनता है
  • C जनेऊ, जो महीन और उज्ज्वल बनता है
  • D खिलौने, जो लकड़ी के बनते हैं
Show answer
Answer: जनेऊ, जो महीन और उज्ज्वल बनता है
Why:

यानी वह जगह केवल तीर्थ नहीं है; वहाँ कुछ काम भी होता है।

Q14 जनेऊ की बात लिखने से लेखक की आँख के बारे में क्या पता चलता है? advanced
  • A वह केवल मंदिर और घाट पर ही रुकती है
  • B वह घाट के साथ बाज़ार भी देख लेती है
  • C वह किसी बनी चीज़ पर ध्यान नहीं देती
  • D वह केवल लोगों के स्वभाव पर रुकती है
Show answer
Answer: वह घाट के साथ बाज़ार भी देख लेती है
Why:

यह एक यात्री की आँख है, जो दोनों चीज़ें साथ देखती है।

Q15 कुशा नाम की घास के बारे में लेखक क्या कहते हैं? beginner
  • A वह जल के किनारे कहीं नहीं मिलती
  • B वह देखने में बहुत ऊँची और बहुत मोटी हो जाती है
  • C वह केवल वर्षा के दिनों में उगती है
  • D उसमें दालचीनी और जावित्री जैसी सुगंध आती है
Show answer
Answer: उसमें दालचीनी और जावित्री जैसी सुगंध आती है
Why:

इसी से वे एक बड़ा निष्कर्ष निकाल लेते हैं।

Q16 घास की सुगंध से लेखक कौन-सा निष्कर्ष निकालते हैं? advanced
  • A कि जहाँ घास तक सुगंधमय हो, वह पुण्यभूमि होगी
  • B कि वहाँ की मिट्टी खेती के लिए अच्छी होगी
  • C कि वहाँ मसाले बहुत सस्ते मिलते होंगे
  • D कि वहाँ वर्षा बहुत अधिक होती होगी
Show answer
Answer: कि जहाँ घास तक सुगंधमय हो, वह पुण्यभूमि होगी
Why:

यह तर्क का एक उलटा रास्ता है — छोटी चीज़ से बड़ी बात तक।

Q17 पत्र के अंत का वह वाक्य कौन-सा है जिस पर पाठक रुक जाता है? beginner
  • A कि वे वहाँ का जल साथ ले आए हैं
  • B कि वे अगली बार फिर वहीं लौट ही जाएँगे
  • C कि वे मन से तो अब तक वहीं रह रहे हैं
  • D कि वे अब कहीं और जाना चाहते हैं
Show answer
Answer: कि वे मन से तो अब तक वहीं रह रहे हैं
Why:

शरीर लौट आया है और मन नहीं लौटा।

Q18 सबसे अंत में लेखक संपादक से क्या कहते हैं? beginner
  • A कि इस पत्र का उत्तर जल्दी भेजिए
  • B कि इस पत्र को पत्रिका में जगह दीजिए
  • C कि इस पत्र को किसी को न दिखाइए
  • D कि इस पत्र में कुछ सुधार कर दीजिए
Show answer
Answer: कि इस पत्र को पत्रिका में जगह दीजिए
Why:

यहीं याद आता है कि यह पाठ एक चिट्ठी है, कोई निबंध नहीं।

Q19 है और हैं में क्या अंतर है? intermediate
  • A है किसी वस्तु के लिए, और हैं किसी व्यक्ति के लिए
  • B हैं एक के लिए, और है एक से अधिक के लिए
  • C दोनों एक ही काम करते हैं, केवल रूप अलग है
  • D है एक के लिए, और हैं एक से अधिक के लिए
Show answer
Answer: है एक के लिए, और हैं एक से अधिक के लिए
Why:

पहचानने का तरीक़ा सरल है — पहले कर्ता देखिए।

Q20 तट पर धर्मशालाएँ बनी _____। खाली जगह में क्या आएगा? beginner
  • A हैं
  • B है
  • C था
  • D थी
Show answer
Answer: हैं
Why:

धर्मशालाएँ एक से अधिक हैं, इसलिए हैं लगेगा।

Q21 वहाँ एक पक्का घाट _____। खाली जगह में क्या आएगा? beginner
  • A थे
  • B हैं
  • C है
  • D थीं
Show answer
Answer: है
Why:

घाट एक ही है, इसलिए है लगेगा।

Q22 गंगा एक ही नदी है, फिर भी पत्र में उनके साथ हैं क्यों आता है? advanced
  • A गिनती बताने के लिए
  • B आदर दिखाने के लिए
  • C पत्र को लंबा करने के लिए
  • D कोई कारण नहीं, यह भूल है
Show answer
Answer: आदर दिखाने के लिए
Why:

उस समय आदर दिखाने का यह चलन था, और आज भी हम किसी बड़े के लिए यही करते हैं।

Q23 कक्षा में एक साथी कहता है कि यह पत्र माधवराव सप्रे का लिखा है, और दूसरा उससे सहमत नहीं है। पुस्तक के अनुसार सही नाम कौन-सा है? intermediate
  • A अयोध्यासिंह उपाध्याय
  • B माधवराव सप्रे
  • C महादेवी वर्मा
  • D भारतेंदु हरिश्चंद्र
Show answer
Answer: भारतेंदु हरिश्चंद्र
Why:

हिंदी के आधुनिक साहित्य का आरंभ उन्हीं से माना जाता है।

Q24 लेखक के बारे में तीन कथन नीचे पढ़िए। I. उन्होंने कई पत्रिकाएँ निकालीं। II. उनमें से एक स्त्रियों के लिए थी। III. उन्होंने केवल कविता ही लिखी। इनमें कौन-से कथन ठीक हैं? advanced
  • A केवल I और II
  • B केवल II और III
  • C केवल I और III
  • D I, II और III
Show answer
Answer: केवल I और II
Why:

I और II सही हैं। III ग़लत है — उन्होंने नाटक, निबंध और वृत्तांत भी लिखे।

Q25 लेखक भाषा के बारे में क्या मानते थे? intermediate
  • A कि भाषा का उन्नति से कोई संबंध नहीं होता
  • B कि अपनी भाषा छोड़कर दूसरी भाषा सीखनी चाहिए
  • C कि हर उन्नति की जड़ अपनी भाषा की उन्नति है
  • D कि भाषा केवल साहित्य के काम आती है
Show answer
Answer: कि हर उन्नति की जड़ अपनी भाषा की उन्नति है
Why:

उनकी रचनाओं में समाज-सुधार और राष्ट्र-प्रेम के स्वर भी मिलते हैं।

Important short questions (7)

पत्र का तीसरा हिस्सा पहले दो से किस तरह अलग है?

पहले दो हिस्से जगह का वर्णन करते हैं, और तीसरा लेखक के अपने दिनों का हाल बताता है। वर्णन जानकारी देता है, और दिनों का हाल उस जगह का असर दिखाता है।

लेखक ने अपने दिन कैसे बिताए? क्रम से लिखिए।

वे एक बंगले में ठहरे, जहाँ चारों ओर से ठंडी हवा आती थी। एक रात ग्रहण पड़ा और उन्होंने उस समय स्नान किया। दिन में उन्होंने एक ग्रंथ का पाठ किया। एक दिन उन्होंने गंगा के तट पर पत्थर पर परोसकर भोजन किया।

पत्थर और सोने की थाल वाली तुलना का अर्थ लिखिए।

लेखक पत्थर पर किए भोजन का सुख सोने की थाली के भोजन से बढ़कर बताते हैं। वे सोने की थाली को बुरा नहीं कहते; वे दो अनुभव आमने-सामने रखकर अपना चुनाव बता देते हैं। इससे यह निकलता है कि सुख थाली से नहीं, मन की स्थिति से आता है।

ज्ञान, वैराग्य और भक्ति का सरल अर्थ लिखिए।

ज्ञान यानी समझ। वैराग्य यानी चीज़ों से मोह घट जाना। भक्ति यानी किसी बड़े के प्रति प्रेम। ये तीन शब्द भारी लगते हैं, पर उनका अर्थ सरल है।

जनेऊ और कुशा की बातें पत्र में क्यों काम की हैं?

उनसे पता चलता है कि वह जगह केवल तीर्थ नहीं है। वहाँ कुछ काम भी होता है और कुछ चीज़ें बनती भी हैं। यह जानकारी एक यात्री की आँख बताती है, जो घाट के साथ बाज़ार भी देख लेती है।

घास की सुगंध से लेखक किस रास्ते से बड़ी बात तक पहुँचते हैं?

वे कहते हैं कि कुशा में दालचीनी और जावित्री जैसी सुगंध आती है। इसी से वे निष्कर्ष निकालते हैं कि जहाँ की घास तक सुगंधमय हो, वह भूमि पुण्यभूमि होगी। यह छोटी चीज़ से बड़ी बात तक जाने का रास्ता है।

पत्र का अंतिम वाक्य पढ़कर पाठक क्यों रुक जाता है?

क्योंकि लेखक कहते हैं कि वे मन से तो अब तक वहीं रह रहे हैं। शरीर लौट आया है और मन नहीं लौटा। यह अनुभव हर उस व्यक्ति का है जो किसी जगह से लौटकर भी उसी के बारे में सोचता रहता है।

Long answer questions (3)

तट पर पत्थर पर किए भोजन वाला प्रसंग पत्र का सबसे याद रह जाने वाला हिस्सा क्यों है?

इसका पहला कारण उसका सरल होना है। कोई थाली नहीं, कोई सजावट नहीं — गंगा के तट पर ही रसोई बनी और पत्थर पर परोसकर भोजन हुआ, और जल इतना पास था कि ठंडे छींटे बार-बार आते रहे। दूसरा कारण वह तुलना है जो उसके साथ आती है। लेखक कहते हैं कि उस भोजन का सुख सोने की थाली के भोजन से बढ़कर था, और ध्यान देने की बात यह है कि वे सोने की थाली को बुरा नहीं कहते। वे दो अनुभव सामने रखते हैं और अपना चुनाव बता देते हैं। तीसरा कारण उसके बाद का क्रम है। उसी प्रसंग के साथ वे लिखते हैं कि उनके मन में ज्ञान, वैराग्य और भक्ति के भाव उठते थे, यानी वह सादगी ही इन भावों तक ले गई।

है और हैं का अंतर समझाइए और चार उदाहरण दीजिए।

है एक के लिए आता है और हैं एक से अधिक के लिए। पहचानने का तरीक़ा सरल है — पहले कर्ता देखिए कि वह एक है या अनेक, और उसके बाद क्रिया चुनिए। उदाहरण देखिए। वहाँ एक पक्का घाट है — घाट एक है, इसलिए है आया। तट पर धर्मशालाएँ बनी हैं — धर्मशालाएँ अनेक हैं, इसलिए हैं आया। उस क्षेत्र में पाँच तीर्थ मुख्य हैं — तीर्थ अनेक हैं। जल बहुत शीतल है — जल एक ही चीज़ है। एक बात और ध्यान देने योग्य है। हैं केवल गिनती के लिए नहीं, आदर के लिए भी लगता है। गंगा एक ही नदी है, फिर भी पत्र में उसके साथ श्री और जी लगाकर हैं का प्रयोग किया गया है।

लेखक भारतेंदु हरिश्चंद्र का परिचय लिखिए।

वे उन्नीसवीं शताब्दी के लेखक थे, और बहुत कम आयु में चले गए। फिर भी उनका काम इतना है कि उन्हें आधुनिक हिंदी साहित्य के जनक कहे जाते हैं। उन्होंने कविता लिखी, नाटक लिखे, निबंध लिखे और यात्रा के वृत्तांत भी, यानी वे किसी एक विधा में बँधे नहीं रहे। उन्होंने कई पत्रिकाएँ भी निकालीं, और उनमें से एक स्त्रियों के लिए थी, जो उस समय के लिए बहुत आगे की बात थी। उनकी रचनाओं में समाज-सुधार की बात मिलती है, राष्ट्र-प्रेम मिलता है, और अंग्रेज़ी शासन का विरोध भी। वे यह मानते थे कि हर उन्नति की जड़ अपनी भाषा की उन्नति है। उनकी जानी-पहचानी कृतियों में अंधेर नगरी गिनी जाती है।

Flashcards (17)

पत्र का तीसरा हिस्सा किस बात पर है?
लेखक के वहाँ बिताए दिनों पर।
लेखक कहाँ ठहरे थे?
दीवान कृपा राम के मकान पर बने ऊपरी बंगले में।
ठहरने लायक़ कहने में क्या शामिल है?
हवा, शांति और नदी से दूरी, तीनों।
एक रात क्या पड़ा था?
ग्रहण, और उन्होंने उस समय स्नान किया।
पारायण का अर्थ क्या है?
किसी ग्रंथ का आरंभ से अंत तक पाठ।
साथी का नाम लेने से क्या जुड़ता है?
कि वह आनंद किसी और ने भी महसूस किया था।
उन्होंने एक दिन भोजन कहाँ किया?
गंगा के तट पर, पत्थर पर परोसकर।
उस भोजन की तुलना किससे की गई?
सोने की थाली के भोजन से, और उससे बढ़कर बताया।
इस तुलना से क्या निकलता है?
सुख थाली से नहीं, मन की स्थिति से आता है।
वैराग्य का अर्थ क्या है?
चीज़ों से मोह घट जाना।
वहाँ की कौन-सी बनी चीज़ अच्छी बताई गई?
जनेऊ, जो महीन और उज्ज्वल बनता है।
कुशा के बारे में क्या कहा गया है?
कि उसमें दालचीनी और जावित्री जैसी सुगंध आती है।
उस सुगंध से कौन-सा निष्कर्ष निकाला गया?
कि जहाँ घास तक सुगंधमय हो, वह पुण्यभूमि होगी।
चित्त का अर्थ क्या है?
मन।
पत्र के अंत में लेखक क्या कहते हैं?
कि वे मन से अब तक वहीं रह रहे हैं।
है और हैं में क्या अंतर है?
है एक के लिए, हैं एक से अधिक के लिए।
गंगा के साथ हैं क्यों आता है?
आदर दिखाने के लिए।

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  • लेखक के दिनों का क्रम लगाइए
  • शब्द और अर्थ
  • है या हैं
  • सही या भ्रम
  • झटपट उत्तर

Class 8 Hindi Chapter 4 — frequently asked questions

यह पाठ निबंध न होकर चिट्ठी है। इसका प्रमाण लिखिए।

उसमें आरंभ में संबोधन है और सबसे नीचे भेजने वाले का नाम। बीच में वर्णन है और अंत में एक निवेदन, जिसमें इसे पत्रिका में जगह देने की बात कही गई है। यही पत्र का ढाँचा होता है।

लेखक का पहला दावा क्या है, और वह ख़ास क्यों है?

दावा यह है कि उस भूमि में पहुँचते ही मन साफ़ हो जाता है। वह ख़ास इसलिए है कि वहाँ जाकर कुछ करने की बात नहीं कही गई। प्रवेश को ही पर्याप्त बताया गया है, और इससे पूरे पत्र का स्वर तय हो जाता है।

वृक्षों की तुलना गढ़ी हुई क्यों नहीं लगती?

क्योंकि वह देखी हुई चीज़ से निकली है। पेड़ का तना सचमुच एक पैर जैसा दिखता है, इसलिए एक पैर पर खड़े तपस्वी की तुलना पढ़ते ही बैठ जाती है।

गंगा की धारा की तुलना लिखिए और उसका आधार बताइए।

धारा राजा भगीरथ के उज्ज्वल यश की लता जैसी बताई गई है। इसका आधार वह कथा है जिसके अनुसार भगीरथ ने तपस्या करके गंगा को धरती पर उतारा था। लेखक कथा का हवाला देते नहीं, पर उसी के सहारे यह चित्र बना देते हैं।

नदी अपना नाम सच करती है — इसका अर्थ समझाइए।

नद का अर्थ है शब्द करना, और उसी से नदी शब्द बना है। लेखक कहते हैं कि वहाँ जल के वेग से बहुत आवाज़ होती है, इसलिए गंगा अपना नाम सच कर दिखाती हैं। यह शब्दों का खेल है।

हवा के वर्णन में कौन-कौन सी इंद्रियाँ साथ आती हैं?

तीन इंद्रियाँ साथ आ जाती हैं। ठंडक का स्पर्श, जल की गंध, और बहने की आवाज़। इसी कारण लेखक का वर्णन देखा हुआ नहीं, महसूस किया हुआ लगता है।

पत्र का तीसरा हिस्सा पहले दो से किस तरह अलग है?

पहले दो हिस्से जगह का वर्णन करते हैं, और तीसरा लेखक के अपने दिनों का हाल बताता है। वर्णन जानकारी देता है, और दिनों का हाल उस जगह का असर दिखाता है।

लेखक ने अपने दिन कैसे बिताए? क्रम से लिखिए।

वे एक बंगले में ठहरे, जहाँ चारों ओर से ठंडी हवा आती थी। एक रात ग्रहण पड़ा और उन्होंने उस समय स्नान किया। दिन में उन्होंने एक ग्रंथ का पाठ किया। एक दिन उन्होंने गंगा के तट पर पत्थर पर परोसकर भोजन किया।

पत्थर और सोने की थाल वाली तुलना का अर्थ लिखिए।

लेखक पत्थर पर किए भोजन का सुख सोने की थाली के भोजन से बढ़कर बताते हैं। वे सोने की थाली को बुरा नहीं कहते; वे दो अनुभव आमने-सामने रखकर अपना चुनाव बता देते हैं। इससे यह निकलता है कि सुख थाली से नहीं, मन की स्थिति से आता है।

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