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परमाणु संरचना

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Veda Bites

The whole idea, one bite at a time

Veda Bites are swipeable micro-lessons — each one teaches exactly one idea. The bites below come from this kit — swipe through them in the app.

💡 Key Idea

परमाणु की मूल संरचना

परमाणु का केंद्रक और इलेक्ट्रॉन बादल।

परमाणु पदार्थ की सबसे छोटी इकाई है जो किसी तत्व के रासायनिक गुणों को बनाए रखती है। यह दो मुख्य भागों से बना होता है: नाभिक (nucleus) और इलेक्ट्रॉन बादल (electron cloud)। नाभिक केंद्र में स्थित होता है और इसमें प्रोटॉन (धनात्मक आवेश) तथा न्यूट्रॉन (उदासीन) होते हैं।

↳ परमाणु का लगभग सारा द्रव्यमान नाभिक में केंद्रित होता है, जबकि इलेक्ट्रॉन उसके चारों ओर घूमते हैं।

⭐ Important Fact

उप-परमाण्विक कणों के आवेश और द्रव्यमान

कणों के मूल गुण याद रखें।

↳ प्रोटॉन और न्यूट्रॉन का द्रव्यमान लगभग बराबर है, जबकि इलेक्ट्रॉन का द्रव्यमान बहुत कम है।

💡 Key Idea

परमाणु क्रमांक और द्रव्यमान संख्या

तत्व की पहचान के दो मापदंड।

परमाणु क्रमांक (Atomic Number, Z) किसी तत्व के नाभिक में उपस्थित प्रोटॉनों की संख्या है। यह तत्व की पहचान निर्धारित करता है। द्रव्यमान संख्या (Mass Number, A) नाभिक में प्रोटॉनों और न्यूट्रॉनों की कुल संख्या है।

↳ परमाणु क्रमांक (Z) तत्व को परिभाषित करता है, द्रव्यमान संख्या (A) नाभिक का कुल द्रव्यमान बताती है।

✏️ Example

उदाहरण: कार्बन-12 परमाणु

कार्बन के नाभिक की संरचना।

कार्बन-12 (¹²C) परमाणु में परमाणु क्रमांक Z = 6 होता है, अर्थात इसमें 6 प्रोटॉन होते हैं। द्रव्यमान संख्या A = 12 है।

↳ उदासीन परमाणु में इलेक्ट्रॉनों की संख्या प्रोटॉनों की संख्या के बराबर होती है।

💡 Key Idea

समस्थानिक, समभारिक और समन्यूट्रॉनिक

एक ही तत्व, अलग द्रव्यमान।

समस्थानिक (Isotopes) एक ही तत्व के परमाणु होते हैं जिनका Z समान होता है लेकिन A भिन्न होता है। समभारिक (Isobars) अलग-अलग तत्वों के परमाणु होते हैं जिनका A समान होता है। समन्यूट्रॉनिक (Isotones) में न्यूट्रॉनों की संख्या समान होती है।

↳ Z की समानता समस्थानिक बनाती है, A की समानता समभारिक बनाती है।

🔗 Analogy

रदरफोर्ड मॉडल: सौरमंडल सादृश्य

नाभिक सूर्य है, इलेक्ट्रॉन ग्रह।

रदरफोर्ड का परमाणु मॉडल सौरमंडल से मिलता-जुलता है। जैसे सूर्य केंद्र में है और ग्रह उसके चारों ओर घूमते हैं, वैसे ही परमाणु का नाभिक केंद्र में है और इलेक्ट्रॉन उसके चारों ओर वृत्ताकार कक्षाओं में घूमते हैं।

↳ रदरफोर्ड मॉडल ने नाभिक की खोज की, लेकिन इलेक्ट्रॉन की स्थिरता की व्याख्या नहीं कर सका।

⚙️ Process

रदरफोर्ड का स्वर्ण-पन्नी प्रयोग

अल्फा कणों से नाभिक की खोज।

↳ इस प्रयोग ने सिद्ध किया कि परमाणु का धनात्मक आवेश और द्रव्यमान अत्यंत छोटे नाभिक में केंद्रित है।

⚠️ Common Mistake

रदरफोर्ड मॉडल की सीमाएँ

यह मॉडल क्यों असफल रहा?

रदरफोर्ड मॉडल के अनुसार, इलेक्ट्रॉन नाभिक के चारों ओर घूमता है। लेकिन शास्त्रीय विद्युत चुंबकत्व के अनुसार, त्वरित आवेशित कण ऊर्जा विकीर्ण करता है।

↳ रदरफोर्ड मॉडल परमाणु की स्थिरता की व्याख्या नहीं कर सका, जिससे बोहर मॉडल का विकास हुआ।

💡 Key Idea

बोहर का परमाणु मॉडल

क्वांटमीकृत कक्षाओं का सिद्धांत।

नील्स बोहर ने 1913 में प्रस्तावित किया कि इलेक्ट्रॉन केवल कुछ निश्चित स्थिर कक्षाओं (stationary orbits) में घूम सकते हैं जिनमें कोणीय संवेग क्वांटमीकृत होता है। इन कक्षाओं में इलेक्ट्रॉन ऊर्जा विकीर्ण नहीं करता।

↳ बोहर मॉडल ने क्वांटमीकरण की अवधारणा प्रस्तुत की — इलेक्ट्रॉन केवल विशिष्ट ऊर्जा स्तरों पर ही रह सकते हैं।

➗ Formula

बोहर की कक्षा त्रिज्या और ऊर्जा सूत्र

हाइड्रोजन परमाणु के लिए गणितीय व्यंजक।

↳ ऊर्जा स्तर n² के व्युत्क्रमानुपाती होता है; n जितना बड़ा, ऊर्जा उतनी ही कम ऋणात्मक (अधिक) होती है।

✏️ Example

ऊर्जा स्तर संक्रमण और वर्णक्रम रेखाएँ

इलेक्ट्रॉन कूदता है, फोटॉन निकलता है।

जब इलेक्ट्रॉन उच्च ऊर्जा स्तर (n₂) से निम्न ऊर्जा स्तर (n₁) पर संक्रमण करता है, तो ऊर्जा अंतर के बराबर का फोटॉन उत्सर्जित होता है।

↳ प्रत्येक वर्णक्रम श्रेणी एक विशिष्ट अंतिम ऊर्जा स्तर से मेल खाती है।

⚠️ Common Mistake

बोहर मॉडल की सीमाएँ

बहु-इलेक्ट्रॉन परमाणुओं में विफल।

बोहर मॉडल केवल हाइड्रोजन जैसे एक-इलेक्ट्रॉन प्रणालियों (H, He⁺, Li²⁺) के लिए सटीक कार्य करता है।

↳ बोहर मॉडल एक महत्वपूर्ण कदम था, लेकिन पूर्ण परमाणु संरचना के लिए क्वांटम यांत्रिक मॉडल आवश्यक है।

💡 Key Idea

क्वांटम यांत्रिक मॉडल: तरंग-कण द्वैत

इलेक्ट्रॉन तरंग भी है, कण भी।

डी-ब्रॉगली ने प्रस्तावित किया कि गतिशील कणों से जुड़ी एक तरंगदैर्ध्य होती है। इलेक्ट्रॉन जैसे सूक्ष्म कण तरंग-कण द्वैत प्रदर्शित करते हैं।

↳ इलेक्ट्रॉन की गति का सटीक वर्णन तरंग समीकरण द्वारा होता है, शास्त्रीय कक्षाओं से नहीं।

💡 Key Idea

हाइजेनबर्ग का अनिश्चितता सिद्धांत

स्थिति और संवेग एक साथ नहीं।

हाइजेनबर्ग के अनुसार, किसी कण की स्थिति और संवेग को एक साथ पूर्ण शुद्धता से मापना असंभव है। स्थिति में अनिश्चितता (Δx) और संवेग में अनिश्चितता (Δp) का गुणनफल एक निश्चित सीमा से कम नहीं हो सकता।

↳ इलेक्ट्रॉन के लिए सटीक कक्षा की अवधारणा अमान्य है — हम केवल प्रायिकता क्षेत्र की बात कर सकते हैं।

💡 Key Idea

क्वांटम संख्याएँ: इलेक्ट्रॉन का पता

चार संख्याएँ, पूर्ण पहचान।

क्वांटम यांत्रिक मॉडल में प्रत्येक इलेक्ट्रॉन को चार क्वांटम संख्याओं द्वारा वर्णित किया जाता है। ये इलेक्ट्रॉन की ऊर्जा, आकार, दिशा और स्पिन बताती हैं।

↳ चार क्वांटम संख्याएँ मिलकर किसी परमाणु में इलेक्ट्रॉन की अद्वितीय अवस्था निर्धारित करती हैं।

💡 Table

क्वांटम संख्याओं का संबंध

n, l, mₗ के बीच संबंध।

↳ किसी कोश में कक्षकों की कुल संख्या n² होती है।

💡 Key Idea

पाउली का अपवर्जन सिद्धांत

दो इलेक्ट्रॉन समान नहीं हो सकते।

पाउली के अपवर्जन सिद्धांत के अनुसार, किसी परमाणु में दो इलेक्ट्रॉनों की चारों क्वांटम संख्याएँ समान नहीं हो सकतीं। इसका अर्थ है कि एक कक्षक में अधिकतम दो इलेक्ट्रॉन हो सकते हैं, और वे भी विपरीत स्पिन वाले।

↳ प्रत्येक कक्षक में अधिकतम दो इलेक्ट्रॉन, विपरीत स्पिन के साथ।

💡 Key Idea

हुंड का अधिकतम बहुलता नियम

पहले अयुग्मित, फिर युग्मित।

हुंड के नियम के अनुसार, किसी उपकोश के कक्षकों में इलेक्ट्रॉन भरते समय पहले प्रत्येक कक्षक में एक-एक इलेक्ट्रॉन जाता है (सभी समान स्पिन के साथ), और उसके बाद ही युग्मन शुरू होता है।

↳ यह नियम इलेक्ट्रॉनों के बीच प्रतिकर्षण को न्यूनतम करता है।

💡 Key Idea

आफबाऊ सिद्धांत: कक्षक भरने का क्रम

पहले निम्न ऊर्जा, फिर उच्च।

आफबाऊ सिद्धांत कहता है कि इलेक्ट्रॉन पहले निम्न ऊर्जा वाले कक्षकों में भरते हैं, फिर उच्च ऊर्जा वाले में। भरने का क्रम (n + l) नियम द्वारा निर्धारित होता है।

↳ 4s (n+l=4) पहले भरता है 3d (n+l=5) से पहले, भले ही 3d का n कम है।

Smart notes

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1

परमाणु संरचना: BSc प्रथम सेमेस्टर मूल अवधारणाएँ

8 min

यह विषय परमाणु की मूल संरचना से शुरू होकर उप-परमाण्विक कणों, परमाणु क्रमांक, द्रव्यमान संख्या, समस्थानिकों और विभिन्न परमाणु मॉडलों (रदरफोर्ड, बोहर) की व्याख्या करता है। इसके बाद क्वांटम यांत्रिक मॉडल, क्वांटम संख्याओं औ…

  • परमाणु में नाभिक (प्रोटॉन + न्यूट्रॉन) और इलेक्ट्रॉन होते हैं।
  • परमाणु क्रमांक (Z) प्रोटॉनों की संख्या है, द्रव्यमान संख्या (A) प्रोटॉन + न्यूट्रॉन है।
  • समस्थानिकों का Z समान, समभारिकों का A समान होता है।

Full explanation, worked examples & memory tricks in the app

Leveled MCQ practice

Try the smart MCQs from this kit

All 19 questions, laddered from warm-up to topper-level, each with its answer and the reasoning behind it.

Warm-up · 10 questions

Q1. किसी परमाणु के नाभिक में कौन-से कण उपस्थित होते हैं?

Beginner
A प्रोटॉन और न्यूट्रॉन
B प्रोटॉन और इलेक्ट्रॉन
C केवल न्यूट्रॉन
D केवल प्रोटॉन
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A · प्रोटॉन और न्यूट्रॉन

नाभिक में प्रोटॉन (धनावेशित) और न्यूट्रॉन (उदासीन) होते हैं, जिन्हें सामूहिक रूप से न्यूक्लियॉन कहते हैं। इलेक्ट्रॉन नाभिक के बाहर कक्षाओं में पाए जाते हैं।

Q2. किसी उदासीन परमाणु में इलेक्ट्रॉनों की संख्या किसके बराबर होती है?

Beginner
A प्रोटॉनों की संख्या
B न्यूक्लियॉनों की संख्या
C द्रव्यमान संख्या
D न्यूट्रॉनों की संख्या
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A · प्रोटॉनों की संख्या

उदासीन परमाणु में धनावेश (प्रोटॉन) और ऋणावेश (इलेक्ट्रॉन) की संख्या बराबर होती है, जिससे कुल आवेश शून्य रहता है।

Q3. किसी तत्व की द्रव्यमान संख्या (A) किस प्रकार परिभाषित की जाती है?

Beginner
A प्रोटॉनों की संख्या
B न्यूट्रॉनों की संख्या
C प्रोटॉनों और इलेक्ट्रॉनों की कुल संख्या
D प्रोटॉनों और न्यूट्रॉनों की कुल संख्या
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D · प्रोटॉनों और न्यूट्रॉनों की कुल संख्या

द्रव्यमान संख्या (A) = प्रोटॉनों की संख्या (Z) + न्यूट्रॉनों की संख्या (N)। इलेक्ट्रॉनों का द्रव्यमान नगण्य होता है।

Q4. किसी परमाणु में इलेक्ट्रॉनों की अधिकतम क्षमता वाला कोश कौन-सा होता है?

Beginner
A L कोश
B M कोश
C N कोश
D K कोश
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C · N कोश

कोश की क्षमता $2n^2$ सूत्र से ज्ञात होती है। N कोश के लिए n=4, अतः क्षमता $2 \times 4^2 = 32$ होती है, जो K (2), L (8), M (18) से अधिक है।

Q5. s-कक्षक का आकार कैसा होता है?

Beginner
A जटिल आकार
B चतुष्पादीय
C डम्बल आकार
D गोलाकार
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D · गोलाकार

s-कक्षक गोलाकार होता है, जिसमें इलेक्ट्रॉन पाए जाने की प्रायिकता सभी दिशाओं में समान होती है। p-कक्षक डम्बल आकार का होता है।

Q6. किसी परमाणु में सबसे बाहरी कोश के इलेक्ट्रॉनों को क्या कहते हैं?

Beginner
A संयोजी इलेक्ट्रॉन
B नाभिकीय इलेक्ट्रॉन
C स्थिर इलेक्ट्रॉन
D मुक्त इलेक्ट्रॉन
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A · संयोजी इलेक्ट्रॉन

सबसे बाहरी कोश में उपस्थित इलेक्ट्रॉनों को संयोजी इलेक्ट्रॉन कहते हैं, जो रासायनिक बंधन निर्माण में भाग लेते हैं।

Q7. किसी परमाणु का परमाणु क्रमांक (Z) किसके बराबर होता है?

Beginner
A प्रोटॉनों की संख्या
B न्यूक्लियॉनों की संख्या
C इलेक्ट्रॉनों की कुल संख्या (सभी अवस्थाओं में)
D न्यूट्रॉनों की संख्या
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A · प्रोटॉनों की संख्या

परमाणु क्रमांक (Z) नाभिक में उपस्थित प्रोटॉनों की संख्या के बराबर होता है, जो तत्व की पहचान निर्धारित करता है।

Q8. किसी परमाणु में इलेक्ट्रॉनों की व्यवस्था को क्या कहते हैं?

Beginner
A द्रव्यमान संख्या
B आइसोटोप
C इलेक्ट्रॉन विन्यास
D परमाणु क्रमांक
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C · इलेक्ट्रॉन विन्यास

विभिन्न कोशों और उपकोशों में इलेक्ट्रॉनों के वितरण को इलेक्ट्रॉन विन्यास कहते हैं, जो Aufbau सिद्धांत, Hund के नियम और Pauli के अपवर्जन सिद्धांत का पालन करता है।

Q9. किसी परमाणु में न्यूट्रॉनों की संख्या हमेशा प्रोटॉनों की संख्या के बराबर होती है।

Beginner
A True
B False
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B · False

यह कथन गलत है। न्यूट्रॉनों की संख्या प्रोटॉनों की संख्या के बराबर होना आवश्यक नहीं है। उदाहरण के लिए, हाइड्रोजन में 1 प्रोटॉन और 0 न्यूट्रॉन होते हैं।

Q10. Bohr मॉडल के अनुसार, इलेक्ट्रॉन नाभिक के चारों ओर निश्चित ऊर्जा वाली कक्षाओं में घूमता है।

Beginner
A True
B False
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A · True

Bohr मॉडल में इलेक्ट्रॉन केवल कुछ निश्चित कक्षाओं में घूम सकता है, जिनमें ऊर्जा क्वांटीकृत होती है। इन कक्षाओं में घूमते समय इलेक्ट्रॉन ऊर्जा का उत्सर्जन या अवशोषण नहीं करता।

Building up · 8 questions

Q11. आइसोटोप क्या होते हैं?

Intermediate
A समान द्रव्यमान संख्या वाले विभिन्न तत्वों के परमाणु
B समान न्यूट्रॉन संख्या वाले परमाणु
C समान परमाणु क्रमांक लेकिन भिन्न द्रव्यमान संख्या वाले परमाणु
D भिन्न परमाणु क्रमांक वाले परमाणु
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C · समान परमाणु क्रमांक लेकिन भिन्न द्रव्यमान संख्या वाले परमाणु

आइसोटोप एक ही तत्व के परमाणु होते हैं जिनमें प्रोटॉनों की संख्या (Z) समान होती है लेकिन न्यूट्रॉनों की संख्या भिन्न होती है, जिससे द्रव्यमान संख्या भिन्न हो जाती है।

Q12. Bohr मॉडल के अनुसार, इलेक्ट्रॉन किस कक्षा में घूमता है?

Intermediate
A केवल कुछ निश्चित अनुमत कक्षाओं में
B केवल बाहरी कक्षाओं में
C नाभिक के ठीक अंदर
D किसी भी यादृच्छिक कक्षा में
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A · केवल कुछ निश्चित अनुमत कक्षाओं में

Bohr मॉडल के अनुसार, इलेक्ट्रॉन केवल उन्हीं कक्षाओं में घूम सकता है जहाँ कोणीय संवेग $mvr = \frac{nh}{2π}$ हो, यानी क्वांटीकृत ऊर्जा स्तर।

Q13. किसी परमाणु का आकार मुख्य रूप से किस पर निर्भर करता है?

Intermediate
A नाभिक का आकार
B न्यूट्रॉनों की संख्या
C सबसे बाहरी कोश का आकार
D इलेक्ट्रॉनों की संख्या
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C · सबसे बाहरी कोश का आकार

परमाणु का आकार इलेक्ट्रॉन बादल के विस्तार से निर्धारित होता है, विशेष रूप से सबसे बाहरी कोश के आकार से। नाभिक अत्यंत छोटा होता है।

Q14. किसी परमाणु में ऊर्जा स्तरों की संख्या किससे निर्धारित होती है?

Intermediate
A प्रचक्रण क्वांटम संख्या (s)
B मुख्य क्वांटम संख्या (n)
C चुंबकीय क्वांटम संख्या (m)
D दिगंशी क्वांटम संख्या (l)
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B · मुख्य क्वांटम संख्या (n)

मुख्य क्वांटम संख्या (n) ऊर्जा स्तर और कोश का निर्धारण करती है। l, m, और s क्वांटम संख्याएँ उपकोश, कक्षक और इलेक्ट्रॉन के प्रचक्रण को निर्धारित करती हैं।

Q15. p-कक्षक की अधिकतम इलेक्ट्रॉन धारण क्षमता कितनी होती है?

Intermediate
A 2 इलेक्ट्रॉन
B 14 इलेक्ट्रॉन
C 10 इलेक्ट्रॉन
D 6 इलेक्ट्रॉन
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D · 6 इलेक्ट्रॉन

p-उपकोश में 3 कक्षक होते हैं (px, py, pz), और प्रत्येक कक्षक में अधिकतम 2 इलेक्ट्रॉन हो सकते हैं। अतः कुल क्षमता $3 \times 2 = 6$ इलेक्ट्रॉन होती है।

Q16. Hund का नियम किससे संबंधित है?

Intermediate
A आइसोटोप का निर्माण
B परमाणु का आकार
C नाभिक की संरचना
D इलेक्ट्रॉनों का कक्षकों में भरना
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D · इलेक्ट्रॉनों का कक्षकों में भरना

Hund का नियम बताता है कि किसी उपकोश के कक्षकों में इलेक्ट्रॉन पहले अयुग्मित रूप से भरते हैं, और युग्मन तभी होता है जब सभी कक्षकों में एक-एक इलेक्ट्रॉन भर जाए।

Q17. Aufbau सिद्धांत के अनुसार, इलेक्ट्रॉन किस क्रम में कक्षकों में भरते हैं?

Intermediate
A केवल मुख्य क्वांटम संख्या के क्रम में
B घटती ऊर्जा के क्रम में
C यादृच्छिक क्रम में
D बढ़ती ऊर्जा के क्रम में
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D · बढ़ती ऊर्जा के क्रम में

Aufbau सिद्धांत कहता है कि इलेक्ट्रॉन पहले निम्न ऊर्जा वाले कक्षकों में भरते हैं, फिर उच्च ऊर्जा वाले कक्षकों में। क्रम $(n+l)$ नियम से निर्धारित होता है।

Q18. किसी कोश में कुल कक्षकों की संख्या कितनी होती है?

Intermediate
A $n^2$
B $2n$
C $2n^2$
D $n$
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A · $n^2$

मुख्य क्वांटम संख्या n वाले कोश में कुल कक्षकों की संख्या $n^2$ होती है। उदाहरण: n=2 के लिए 4 कक्षक (एक 2s और तीन 2p)।

Topper level · 1 questions

Q19. किसी उपकोश में कक्षकों की संख्या किस सूत्र से ज्ञात होती है?

Advanced
A $2n^2$
B $2l+1$
C $n^2$
D $2l-1$
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B · $2l+1$

किसी उपकोश (जिसकी दिगंशी क्वांटम संख्या l है) में कक्षकों की संख्या $2l+1$ होती है। उदाहरण: s के लिए l=0, अतः 1 कक्षक; p के लिए l=1, अतः 3 कक्षक।

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