कक्षा 11 रसायन विज्ञान अर्द्धवार्षिक परीक्षा 2024-2025: quick revision, 30 bites

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मोल संकल्पना: रसायन विज्ञान की रीढ़

मोल ही रसायन की गिनती है।

मोल किसी पदार्थ की वह मात्रा है जिसमें **6.022 × 10²³** कण (परमाणु, अणु, आयन) होते हैं। यह रसायन विज्ञान में मात्रा को मापने की मूल इकाई है।

Takeaway. मोल संकल्पना से ही सभी रासायनिक गणनाएँ (स्टॉइकियोमेट्री) संभव होती हैं।

मोलरता, मोललता और मोल अंश में अंतर

तीनों में क्या फर्क है?

Takeaway. मोल अंश इकाई रहित होता है, जबकि मोलरता और मोललता की इकाइयाँ होती हैं।

आवर्त सारणी में आवर्त और समूह

आवर्त = मुख्य क्वांटम संख्या

आधुनिक आवर्त सारणी में **आवर्त (Period)** मुख्य क्वांटम संख्या (n) को दर्शाता है, जबकि **समूह (Group)** संयोजकता इलेक्ट्रॉनों की संख्या से संबंधित है।

Takeaway. आवर्त संख्या = n (मुख्य क्वांटम संख्या), जो इलेक्ट्रॉन कोश को दर्शाती है।

समस्थानिक, समभारिक और समइलेक्ट्रॉनिक स्पीशीज

एक जैसे दिखते, पर अलग हैं।

Takeaway. समस्थानिकों में न्यूट्रॉन भिन्न, समभारिकों में प्रोटॉन भिन्न, समइलेक्ट्रॉनिक में इलेक्ट्रॉन समान।

मूलानुपाती सूत्र और आण्विक सूत्र

सूत्र निकालने का सरल तरीका।

Takeaway. प्रतिशत संरचना से मोल अनुपात निकालकर मूलानुपाती सूत्र प्राप्त होता है।

हुण्ड का बहुलकता का नियम

पहले अकेले, फिर जोड़ी।

हुण्ड का नियम कहता है कि किसी उपकोश के कक्षकों में इलेक्ट्रॉन पहले एक-एक करके भरते हैं, और सभी कक्षक अर्ध-भरे होने के बाद ही जोड़े बनते हैं।

Takeaway. हुण्ड का नियम अयुग्मित इलेक्ट्रॉनों की संख्या और चुंबकीय गुणों को समझने में मदद करता है।

सिग्मा और पाई आबंधों की गणना

सिग्मा सीधा, पाई बगल।

सिग्मा (σ) आबंध कक्षकों के सिर-से-सिर अतिव्यापन से बनते हैं, जबकि पाई (π) आबंध समांतर अतिव्यापन से बनते हैं।

Takeaway. σ आबंध सीधे अतिव्यापन से, π आबंध समांतर अतिव्यापन से बनते हैं।

प्रकाश विद्युत प्रभाव और फोटॉन ऊर्जा

प्रकाश भी ऊर्जा देता है।

Takeaway. प्रकाश विद्युत प्रभाव में फोटॉन की ऊर्जा hν होती है, जो आवृत्ति के समानुपाती है।

डी ब्रोगली तरंगदैर्ध्य

कण भी तरंग है।

Takeaway. डी ब्रोगली समीकरण कणों के तरंग गुण को दर्शाता है।

चार क्वांटम संख्याएँ

इलेक्ट्रॉन का पता बताने वाली संख्याएँ।

Takeaway. चारों क्वांटम संख्याएँ मिलकर इलेक्ट्रॉन की पूर्ण स्थिति बताती हैं।

VSEPR सिद्धांत से आण्विक ज्यामिति

इलेक्ट्रॉन जोड़े दूर रहते हैं।

VSEPR सिद्धांत के अनुसार, केंद्रीय परमाणु के चारों ओर इलेक्ट्रॉन युग्म एक-दूसरे से अधिकतम दूरी पर रहते हैं, जिससे अणु की ज्यामिति निर्धारित होती है।

Takeaway. VSEPR सिद्धांत इलेक्ट्रॉन युग्मों के प्रतिकर्षण से आण्विक आकृति समझाता है।

संकरण (Hybridisation) और मीथेन की संरचना

कक्षक मिलकर नए बनते हैं।

संकरण में समान ऊर्जा वाले कक्षक मिलकर नए संकर कक्षक बनाते हैं। मीथेन (CH₄) में कार्बन का एक 2s और तीन 2p कक्षक मिलकर चार sp³ संकर कक्षक बनाते हैं।

Takeaway. sp³ संकरण से चतुष्फलकीय ज्यामिति प्राप्त होती है, जैसा CH₄ में।

ऊष्मागतिकी का प्रथम नियम

ऊर्जा न बनती है, न नष्ट होती है।

ऊष्मागतिकी का प्रथम नियम ऊर्जा संरक्षण के नियम का ही रूप है। यह बताता है कि किसी निकाय की आंतरिक ऊर्जा में परिवर्तन, उसे दी गई ऊष्मा और उस पर किए गए कार्य के योग के बराबर होता है।

Takeaway. ΔU = q + w ऊर्जा संरक्षण का गणितीय रूप है।

एन्ट्रॉपी और उसका SI मात्रक

अव्यवस्था का माप।

Takeaway. एन्ट्रॉपी अव्यवस्था का माप है, जो प्रायः ऊष्मागतिकी में स्वतःस्फूर्तता बताती है।

मानक अवस्था की स्थितियाँ

25°C और 1 atm।

ऊष्मागतिकी में मानक अवस्था (Standard State) की स्थितियाँ **25°C (298 K)** और **1 atm** दाब होती हैं।

Takeaway. मानक अवस्था = 25°C, 1 atm; STP = 0°C, 1 atm — दोनों अलग हैं।

हाइजेनबर्ग का अनिश्चितता सिद्धांत

स्थिति और संवेग एक साथ नहीं।

यह सिद्धांत बताता है कि किसी इलेक्ट्रॉन की स्थिति और संवेग दोनों को एक साथ पूर्ण शुद्धता से नहीं जाना जा सकता।

Takeaway. अनिश्चितता सिद्धांत के कारण इलेक्ट्रॉन की कक्षा (orbit) की अवधारणा त्यागनी पड़ी।

वैज्ञानिक संकेतन

बड़ी संख्याएँ छोटी करें।

वैज्ञानिक संकेतन में संख्या को **a × 10ⁿ** के रूप में लिखते हैं, जहाँ 1 ≤ a < 10 और n पूर्णांक है।

Takeaway. 0.0048 = 4.8 × 10⁻³

d-ब्लॉक तत्वों का इलेक्ट्रॉनिक विन्यास

d ब्लॉक = संक्रमण तत्व।

d-ब्लॉक तत्वों को संक्रमण तत्व कहते हैं, जिनमें d-उपकोश क्रमशः भरता है।

Takeaway. d-ब्लॉक का सामान्य विन्यास (n-1)d¹⁻¹⁰ ns¹⁻² है।

समूह 17 में सर्वाधिक इलेक्ट्रॉन लब्धि

क्लोरीन सबसे तेज लेती है।

समूह 17 (हैलोजन) में **क्लोरीन (Cl)** की इलेक्ट्रॉन लब्धि एन्थैल्पी सर्वाधिक होती है, क्योंकि फ्लोरीन का छोटा आकार इलेक्ट्रॉन-इलेक्ट्रॉन प्रतिकर्षण बढ़ा देता है।

Takeaway. हैलोजन में Cl की इलेक्ट्रॉन लब्धि सर्वाधिक है, F की नहीं।

H₂O द्रव क्यों, H₂S गैस क्यों?

हाइड्रोजन आबंध का कमाल।

H₂O में ऑक्सीजन की उच्च विद्युतऋणाता के कारण **हाइड्रोजन आबंध** बनते हैं, जिससे अणु आपस में जुड़े रहते हैं और जल द्रव होता है। H₂S में सल्फर की विद्युतऋणाता कम होने से हाइड्रोजन आबंध नहीं बनते, इसलिए यह गैस है।

Takeaway. हाइड्रोजन आबंध के कारण H₂O द्रव है, H₂S गैस।

थर्मस फ्लास्क कौन-सा निकाय है?

न ऊष्मा अंदर, न बाहर।

थर्मस फ्लास्क एक **विलगित (Isolated) निकाय** है, क्योंकि यह ऊष्मा और कार्य दोनों का आदान-प्रदान अपने परिवेश के साथ नहीं करता।

Takeaway. थर्मस फ्लास्क = विलगित निकाय (q = 0, w = 0)।

वैद्युत चुम्बकीय तरंगों में सर्वाधिक तरंगदैर्ध्य

रेडियो तरंगें सबसे लंबी।

वैद्युत चुम्बकीय स्पेक्ट्रम में **रेडियो तरंगों** की तरंगदैर्ध्य सर्वाधिक होती है, जबकि गामा किरणों की सबसे कम।

Takeaway. तरंगदैर्ध्य क्रम: रेडियो > अवरक्त > पराबैंगनी > X-किरणें > गामा।

आण्विक द्रव्यमान की गणना

परमाणु द्रव्यमान जोड़ें।

Takeaway. आण्विक द्रव्यमान = सभी परमाणुओं के परमाणु द्रव्यमानों का योग।

आयनों का इलेक्ट्रॉनिक विन्यास

इलेक्ट्रॉन घटाएँ या जोड़ें।

Takeaway. O²⁻ और Na⁺ दोनों समइलेक्ट्रॉनिक हैं (10 इलेक्ट्रॉन)।

परमाणु क्रमांक 20 तत्व की स्थिति

कैल्शियम की पहचान।

परमाणु क्रमांक 20 वाला तत्व कैल्शियम (Ca) है। इसका इलेक्ट्रॉनिक विन्यास 1s² 2s² 2p⁶ 3s² 3p⁶ 4s² है। यह **समूह 2 (IIA), आवर्त 4, s-ब्लॉक** में स्थित है।

Takeaway. Ca: समूह 2, आवर्त 4, s-ब्लॉक।

हेस का नियम

पथ मायने नहीं रखता।

हेस का नियम कहता है कि किसी अभिक्रिया की एन्थैल्पी परिवर्तन केवल प्रारंभिक और अंतिम अवस्था पर निर्भर करता है, चाहे अभिक्रिया एक पद में हो या कई पदों में।

Takeaway. एन्थैल्पी परिवर्तन पथ पर निर्भर नहीं, केवल अवस्थाओं पर।

समदाबी, समआयतनिक और रुदोष्म प्रक्रम

दाब, आयतन या ऊष्मा स्थिर।

Takeaway. समदाबी: ΔP=0, समआयतनिक: ΔV=0, रुदोष्म: q=0।

द्विअंगी यौगिकों के सूत्र

संयोजकता मिलाएँ।

Takeaway. संयोजकता के आधार पर क्रॉस-गुणा करके सूत्र बनाएँ।

O₂ स्पीशीज का स्थायित्व और चुंबकीय गुण

ऑक्सीजन के रूप।

स्थायित्व क्रम: O₂⁺ > O₂ > O₂⁻ > O₂²⁻ (आबंध क्रम के अनुसार)।

Takeaway. आबंध क्रम जितना अधिक, स्थायित्व उतना अधिक; O₂²⁻ प्रतिचुंबकीय है।

आवर्त में परमाणु त्रिज्या का परिवर्तन

बाएँ से दाएँ घटती है।

किसी आवर्त में बाएँ से दाएँ जाने पर परमाणु त्रिज्या **घटती है**, क्योंकि नाभिकीय आवेश बढ़ता है और इलेक्ट्रॉन उसी कोश में अधिक कसकर बंधे रहते हैं।

Takeaway. आवर्त में परमाणु त्रिज्या घटती है; समूह में बढ़ती है।

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