हैलोऐल्केन तथा हैलोऐरीन
15 minयह अध्याय हैलोऐल्केन और हैलोऐरीन के नामकरण, वर्गीकरण, भौतिक एवं रासायनिक गुणों तथा उनकी तैयारी की विधियों पर केंद्रित है। इसमें SN1 और SN2 अभिक्रियाओं की क्रियाविधि, E1/E2 विलोपन तथा ग्रिगनार्ड अभिकर्मक जैसे महत्वपूर्ण प…
- हैलोऐल्केन में हेलोजन परमाणु $sp^3$ संकरित कार्बन से जुड़ा होता है।
- हैलोऐरीन में हेलोजन सीधे बेंजीन वलय के $sp^2$ कार्बन से जुड़ा होता है।
- C–X बंध में हेलोजन अधिक विद्युतऋणात्मक होने के कारण ध्रुवीयता उत्पन्न होती है।
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