Class 12 Sectional Test: d एवं f-ब्लॉक तत्व, किरण प्रकाशिकी, अवकल समीकरण, English Literature: quick revision, 20 bites
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संक्रमण तत्व: d-ब्लॉक का मूल विचार
d-कक्षक भरता है, रंग और चुंबकत्व देता है।
संक्रमण तत्व वे तत्व हैं जिनके **परमाणु या स्थायी आयन में आंशिक रूप से भरा हुआ d-कक्षक** होता है। ये परिवर्तनशील ऑक्सीकरण अवस्था, रंगीन यौगिक, अनुचुंबकीय गुण और उत्प्रेरक क्रिया दर्शाते हैं।
Takeaway. d-कक्षक का आंशिक भराव ही संक्रमण तत्वों के सभी विशिष्ट गुणों का मूल कारण है।
चुंबकीय आघूर्ण का सूत्र
अयुग्मित इलेक्ट्रॉन गिनो, चुंबकत्व जानो।
यह सूत्र केवल **अनुचुंबकीय** पदार्थों पर लागू होता है। यदि n = 0, तो μ = 0 (प्रतिचुंबकीय)।
Takeaway. n अयुग्मित इलेक्ट्रॉन → μ = √(n(n+2)) BM; n=0 पर प्रतिचुंबकीय।
अनुचुंबकीय vs प्रतिचुंबकीय
अयुग्मित इलेक्ट्रॉन है? तो अनुचुंबकीय।
Takeaway. अयुग्मित इलेक्ट्रॉन की उपस्थिति = अनुचुंबकीय; अनुपस्थिति = प्रतिचुंबकीय।
रंगीन यौगिकों का रहस्य: d-d संक्रमण
d-d संक्रमण से रंग आता है।
संक्रमण तत्वों के यौगिक **d-d संक्रमण** के कारण रंगीन होते हैं। जब d-कक्षक आंशिक रूप से भरे होते हैं, तो इलेक्ट्रॉन एक d-कक्षक से दूसरे में जाता है और दृश्य प्रकाश अवशोषित करता है।
Takeaway. आंशिक भरे d-कक्षक वाले आयन रंगीन; d⁰ या d¹⁰ वाले रंगहीन।
परिवर्तनशील ऑक्सीकरण अवस्था का कारण
(n-1)d और ns का ऊर्जा अंतर कम है।
Takeaway. (n-1)d और ns का निकट ऊर्जा स्तर परिवर्तनशील ऑक्सीकरण अवस्था का कारण है।
लैंथेनाइड संकुचन
4f का दुर्बल परिरक्षण त्रिज्या घटाता है।
Takeaway. 4f का दुर्बल परिरक्षण → लैंथेनाइड संकुचन → त्रिज्या में क्रमिक कमी।
लैंथेनाइड vs एक्टिनाइड
4f vs 5f — दोनों में बड़ा फर्क।
Takeaway. लैंथेनाइड 4f भरते हैं (+3 स्थायी), एक्टिनाइड 5f भरते हैं (अधिक परिवर्तनशील)।
किरण प्रकाशिकी: अपवर्तन और लेंस
प्रकाश सघन माध्यम में धीमा चलता है।
प्रकाश का वेग **निर्वात में अधिकतम** (3×10⁸ m/s) होता है। किसी माध्यम में प्रकाश की चाल $v = c/\mu$ होती है, जहाँ μ अपवर्तनांक है।
Takeaway. अपवर्तनांक = निर्वात में चाल / माध्यम में चाल; जल का μ = 4/3।
लेंस की क्षमता (Power)
डायोप्टर में मापी जाती है।
Takeaway. P = 1/f(m); उत्तल = +D, अवतल = −D, S.I. मात्रक डायोप्टर।
पूर्ण आंतरिक परावर्तन और क्रांतिक कोण
सघन से विरल में जाना जरूरी है।
Takeaway. TIR के लिए सघन→विरल और आपतन कोण > क्रांतिक कोण आवश्यक।
प्रिज्म का न्यूनतम विचलन
न्यूनतम विचलन पर i = e होता है।
न्यूनतम विचलन की स्थिति में **आपतन कोण (i) = निर्गत कोण (e)** होता है। पतले प्रिज्म के लिए δm = (μ−1)A।
Takeaway. न्यूनतम विचलन पर i = e और μ = sin[(A+δm)/2] / sin(A/2)।
निकट-दृष्टि vs दूर-दृष्टि दोष
अवतल या उत्तल — सही लेंस चुनो।
Takeaway. निकट-दृष्टि → अवतल लेंस; दूर-दृष्टि → उत्तल लेंस।
अवकल समीकरण: कोटि और घात
कोटि = उच्चतम अवकलज की कोटि।
Takeaway. कोटि = उच्चतम अवकलज की कोटि; घात = उसकी उच्चतम घात।
रैखिक अवकल समीकरण का Integrating Factor
I.F. = e^∫P dx — यह याद रखो।
Takeaway. dy/dx + Py = Q का I.F. = e^∫P dx; हल = y·(I.F.) = ∫Q·(I.F.)dx + C।
चर पृथक्करण विधि
x एक तरफ, y दूसरी तरफ।
Takeaway. चर पृथक्करण: dy/g(y) = f(x)dx → दोनों पक्षों का समाकलन।
Zn को संक्रमण तत्व मानने की भूल
Zn संक्रमण तत्व नहीं है!
Takeaway. पूर्ण भरे d-कक्षक (d¹⁰) वाले तत्व संक्रमण तत्व नहीं माने जाते।
समतल दर्पण की फोकस दूरी
समतल दर्पण की फोकस दूरी अनंत है।
Takeaway. समतल दर्पण: f = ∞, प्रतिबिंब आभासी और सीधा।
लेंस क्षमता का चिह्न याद रखें
उत्तल धनात्मक, अवतल ऋणात्मक।
Takeaway. उत्तल = +D, अवतल = −D; संपर्क में P = P₁ + P₂।
परीक्षा में अवकल समीकरण हल करने की रणनीति
पहले प्रकार पहचानो, फिर विधि चुनो।
Takeaway. पहले समीकरण का प्रकार पहचानें, फिर उचित विधि लागू करें।
हीरे की चमक का रहस्य
हीरे का क्रांतिक कोण बहुत छोटा है।
हीरे का अपवर्तनांक बहुत उच्च (≈2.42) होता है, जिससे इसका **क्रांतिक कोण बहुत छोटा (≈24.4°)** हो जाता है। इस कारण प्रकाश की अधिकांश किरणें पूर्ण आंतरिक परावर्तन से बार-बार परावर्तित होकर हीरे को अत्यधिक चमकदार बनाती हैं।
Takeaway. उच्च अपवर्तनांक + छोटा क्रांतिक कोण = हीरे की चमक।
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