उपसहसंयोजक संकुल: संकरण, चुंबकीय गुण एवं स्थायित्व: 20 MCQs with answers
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Warm-up · 8 questions
Q1. निम्नलिखित में से किस स्पीशीज में केन्द्रीय परमाणु d²sp³ संकरण दर्शाता है?
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$[\text{Co(NH}_3)_6]^{3+}$
$[\text{Co(NH}_3)_6]^{3+}$ में Co³⁺ (d⁶) प्रबल क्षेत्र NH₃ के कारण इलेक्ट्रॉन युग्मित करके आंतरिक d-कक्षक रिक्त करता है, जिससे d²sp³ संकरण होता है। $\text{SF}_6$ में sp³d², $[\text{PtCl}_4]^{2-}$ में dsp² तथा $\text{BrF}_5$ में sp³d² संकरण होता है।
Q2. क्रिस्टल क्षेत्र सिद्धांत के अनुसार, प्रबल क्षेत्र लिगन्ड के बारे में कौन-सा कथन सही है?
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ये बड़ा Δ₀ उत्पन्न करते हैं और निम्न चक्रण संकुल बनाते हैं।
प्रबल क्षेत्र लिगन्ड (जैसे CN⁻) बड़ा क्रिस्टल क्षेत्र विभाजन Δ₀ उत्पन्न करते हैं, जिससे इलेक्ट्रॉन युग्मित होकर निम्न चक्रण संकुल बनाते हैं।
Q3. संयोजकता आबंध सिद्धांत (VBT) की कौन-सी सीमा सही है?
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यह गतिज स्थायित्व की मात्रात्मक व्याख्या नहीं देता।
VBT ज्यामिति और चुंबकीय व्यवहार की गुणात्मक व्याख्या तो देता है, परंतु गतिज स्थायित्व (kinetic stability) की मात्रात्मक व्याख्या नहीं कर पाता।
Q4. $[\text{Ni(CN)}_4]^{2-}$ संकुल के निर्माण में कौन-सा संकरण सम्मिलित है?
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dsp²
$[\text{Ni(CN)}_4]^{2-}$ में Ni²⁺ (d⁸) प्रबल क्षेत्र CN⁻ के कारण इलेक्ट्रॉन युग्मित करके dsp² संकरण देता है और यह वर्ग समतलीय तथा प्रतिचुंबकीय है।
Q5. सिस-$[\text{PtCl}_2(\text{en})_2]^{2+}$ के संभावित समावयवों की संख्या कितनी है?
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दो
सिस-$[\text{PtCl}_2(\text{en})_2]^{2+}$ के दो ज्यामितीय समावयवी संभव हैं: cis और trans।
Q6. $[\text{Ni(CO)}_4]$ और $[\text{NiCl}_4]^{2-}$ के चुंबकीय व्यवहार के लिए सही विकल्प चुनें।
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$[\text{Ni(CO)}_4]$ प्रतिचुंबकीय, $[\text{NiCl}_4]^{2-}$ अनुचुंबकीय
$[\text{Ni(CO)}_4]$ में Ni(0) d¹⁰ है, सभी इलेक्ट्रॉन युग्मित (प्रतिचुंबकीय)। $[\text{NiCl}_4]^{2-}$ में Ni²⁺ d⁸ चतुष्फलकीय है, n=2 (अनुचुंबकीय)।
Q7. केवल प्रचक्रण चुंबकीय आघूर्ण का सूत्र कौन-सा है?
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$\mu = \sqrt{n(n+2)}$ B.M.
केवल प्रचक्रण चुंबकीय आघूर्ण $\mu = \sqrt{n(n+2)}$ B.M. से दिया जाता है, जहाँ n अयुग्मित इलेक्ट्रॉनों की संख्या है।
Q8. d²sp³ संकरण वाले संकुल आंतरिक d-कक्षकों का उपयोग करते हैं और प्रायः निम्न चक्रण प्रतिचुंबकीय होते हैं।.
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True
d²sp³ संकरण वाले संकुल आंतरिक d-कक्षकों का उपयोग करते हैं और प्रायः निम्न चक्रण प्रतिचुंबकीय होते हैं।
Building up · 8 questions
Q9. $[\text{Fe(CN)}_6]^{3-}$ का केवल प्रचक्रण चुंबकीय आघूर्ण कितना है?
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1.74 B.M.
$[\text{Fe(CN)}_6]^{3-}$ में Fe³⁺ (d⁵) प्रबल क्षेत्र CN⁻ के कारण निम्न चक्रण $t_{2g}^5$ देता है (n=1), अतः $\mu = \sqrt{1(3)} \approx 1.74$ B.M.।
Q10. $[\text{Fe(H}_2\text{O)}_6]^{3+}$ का केवल प्रचक्रण चुंबकीय आघूर्ण कितना है?
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5.92 B.M.
$[\text{Fe(H}_2\text{O)}_6]^{3+}$ में Fe³⁺ (d⁵) दुर्बल क्षेत्र H₂O के कारण उच्च चक्रण $t_{2g}^3 e_g^2$ (n=5) देता है, अतः $\mu = \sqrt{5(7)} \approx 5.92$ B.M.।
Q11. अभिकथन A: $[\text{Fe(CN)}_6]^{3-}$ का चुंबकीय आघूर्ण 1.74 B.M. है जबकि $[\text{Fe(H}_2\text{O)}_6]^{3+}$ का 5.92 B.M. है। कारण R: दोनों संकुलों में Fe +3 ऑक्सीकरण अवस्था में उपस्थित है। सही उत्तर चुनें:
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A और R दोनों सत्य हैं लेकिन R, A की सही व्याख्या नहीं है।
दोनों कथन सत्य हैं, परंतु चुंबकीय आघूर्ण में अंतर का कारण Fe की ऑक्सीकरण अवस्था नहीं, बल्कि लिगन्ड की क्षेत्र प्रबलता (CN⁻ प्रबल, H₂O दुर्बल) है। अतः R, A की सही व्याख्या नहीं है।
Q12. निम्नलिखित में से कौन-सा संकुल अष्टफलकीय, प्रतिचुंबकीय और सर्वाधिक स्थायी है?
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$\text{K}_3[\text{Co(CN)}_6]$
$\text{K}_3[\text{Co(CN)}_6]$ में Co³⁺ (d⁶) प्रबल क्षेत्र CN⁻ के कारण $t_{2g}^6$ विन्यास देता है, सभी इलेक्ट्रॉन युग्मित (प्रतिचुंबकीय), अष्टफलकीय और सर्वाधिक स्थायी।
Q13. निम्नलिखित संकुल आयनों के केवल प्रचक्रण चुंबकीय आघूर्णों का सही क्रम कौन-सा है?
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$[\text{Fe(CN)}_6]^{3-} < [\text{Mn(CN)}_6]^{3-} < [\text{CoF}_6]^{3-} < [\text{MnBr}_4]^{2-}$
n मान: $[\text{Fe(CN)}_6]^{3-}$ (n=1) < $[\text{Mn(CN)}_6]^{3-}$ (n=2) < $[\text{CoF}_6]^{3-}$ (n=4) < $[\text{MnBr}_4]^{2-}$ (n=5)। अतः चुंबकीय आघूर्ण का क्रम भी यही होगा।
Q14. सूची-I (संकुल) को सूची-II (इलेक्ट्रॉनिक विन्यास) से सुमेलित करें: A. $[\text{Cr(H}_2\text{O)}_6]^{3+}$ B. $[\text{Fe(H}_2\text{O)}_6]^{3+}$ C. $[\text{Ni(H}_2\text{O)}_6]^{2+}$ D. $[\text{V(H}_2\text{O)}_6]^{3+}$ I. $t_{2g}^3 e_g^0$ II. $t_{2g}^3 e_g^2$ III. $t_{2g}^6 e_g^2$ IV. $t_{2g}^2 e_g^0$
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A→I, B→II, C→III, D→IV
Cr³⁺ (d³) → $t_{2g}^3 e_g^0$; Fe³⁺ (d⁵) उच्च चक्रण → $t_{2g}^3 e_g^2$; Ni²⁺ (d⁸) → $t_{2g}^6 e_g^2$; V³⁺ (d²) → $t_{2g}^2 e_g^0$। अतः सही मिलान A→I, B→II, C→III, D→IV है।
Q15. सूची-I (संकुल) को सूची-II (अयुग्मित इलेक्ट्रॉनों की संख्या) से सुमेलित करें: A. $[\text{Cr(CN)}_6]^{3-}$ B. $[\text{Fe(H}_2\text{O)}_6]^{2+}$ C. $[\text{Co(NH}_3)_6]^{3+}$ D. $[\text{Ni(NH}_3)_6]^{2+}$ I. 0 II. 3 III. 2 IV. 4
IntermediateShow answer & explanation
A→II, B→IV, C→I, D→III
$[\text{Cr(CN)}_6]^{3-}$: Cr³⁺ d³ → n=3 (II); $[\text{Fe(H}_2\text{O)}_6]^{2+}$: Fe²⁺ d⁶ उच्च चक्रण → n=4 (IV); $[\text{Co(NH}_3)_6]^{3+}$: Co³⁺ d⁶ निम्न चक्रण → n=0 (I); $[\text{Ni(NH}_3)_6]^{2+}$: Ni²⁺ d⁸ → n=2 (III)।
Q16. निम्नलिखित में से कौन-सा संकुल अष्टफलकीय प्रतिचुंबकीय निम्न चक्रण संकुल है?
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$[\text{Co(NH}_3)_6]^{3+}$
$[\text{Co(NH}_3)_6]^{3+}$ में Co³⁺ (d⁶) प्रबल क्षेत्र NH₃ के कारण $t_{2g}^6$ विन्यास देता है, सभी इलेक्ट्रॉन युग्मित (प्रतिचुंबकीय), अष्टफलकीय। $[\text{NiCl}_4]^{2-}$ और $[\text{CoCl}_4]^{2-}$ चतुष्फलकीय हैं; $[\text{CoF}_6]^{3-}$ उच्च चक्रण अनुचुंबकीय है।
Topper level · 4 questions
Q17. निम्नलिखित में से कौन-सा संकुल d²sp³ संकरण का उदाहरण है?
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$[ ext{Co(NH}_3)_6]^{3+}$
$[ ext{Co(NH}_3)_6]^{3+}$ d²sp³ संकरण का उदाहरण है क्योंकि यह प्रबल क्षेत्र लिगन्ड NH₃ का उपयोग करता है और आंतरिक d-कक्षकों का उपयोग करता है।
Q18. यदि $[ ext{Fe(CN)}_6]^{3-}$ का केवल प्रचक्रण चुंबकीय आघूर्ण 1.74 B.M. है, तो $[ ext{Fe(H}_2 ext{O)}_6]^{3+}$ का चुंबकीय आघूर्ण कितना होगा?
AdvancedShow answer & explanation
5.92 B.M.
$[ ext{Fe(H}_2 ext{O)}_6]^{3+}$ का उच्च चक्रण होता है, जिससे इसका चुंबकीय आघूर्ण 5.92 B.M. होता है।
Q19. यदि $[ ext{CoF}_6]^{3-}$ में Co³⁺ का इलेक्ट्रॉनिक विन्यास $t_{2g}^4 e_g^2$ है, तो इसका चुंबकीय व्यवहार क्या होगा?
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अनुचुंबकीय
$[ ext{CoF}_6]^{3-}$ में Co³⁺ के इलेक्ट्रॉन अयुग्मित रहते हैं, जिससे यह अनुचुंबकीय होता है।
Q20. प्रबल क्षेत्र लिगन्ड के प्रभाव से निम्नलिखित में से कौन-सा संकुल निम्न चक्रण बनाता है?
AdvancedShow answer & explanation
$[ ext{Co(NH}_3)_6]^{3+}$
$[ ext{Co(NH}_3)_6]^{3+}$ प्रबल क्षेत्र लिगन्ड NH₃ के कारण निम्न चक्रण संकुल है।
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