GOC ka anlyise: 15 MCQs with answers
All 15 multiple-choice questions from this kit, free and with no sign-up.
Warm-up · 4 questions
Q1. निम्नलिखित में से कौन सा समूह +I प्रभाव (धनात्मक प्रेरणिक प्रभाव) प्रदर्शित करता है?
BeginnerShow answer & explanation
-CH$_3$
-CH$_3$ समूह इलेक्ट्रॉन दाता समूह है और +I प्रभाव प्रदर्शित करता है, जबकि अन्य समूह इलेक्ट्रॉन आकर्षित समूह हैं और -I प्रभाव प्रदर्शित करते हैं।
Q2. निम्नलिखित में से कौन सा एक इलेक्ट्रॉन-न्यून प्रजाति है?
BeginnerShow answer & explanation
BF$_3$
BF$_3$ में बोरॉन के पास केवल 6 वैलेंस इलेक्ट्रॉन होते हैं, जिससे यह एक इलेक्ट्रॉन-न्यून प्रजाति (इलेक्ट्रोफाइल) बन जाता है। अन्य विकल्प इलेक्ट्रॉन-धनी प्रजातियाँ (न्यूक्लियोफाइल) हैं।
Q3. अतिसंयुग्मन (Hyperconjugation) को 'नो-बॉन्ड रेजोनेंस' भी कहा जाता है।
BeginnerShow answer & explanation
True
अतिसंयुग्मन में, $\sigma$-बंध के इलेक्ट्रॉन पड़ोसी खाली p-कक्षक या $\pi$-कक्षक के साथ विस्थापित होते हैं, जिससे कुछ अनुनादी संरचनाओं में 'नो-बॉन्ड' स्थिति बनती है।
Q4. आसवन (Distillation) का उपयोग उन तरल पदार्थों को शुद्ध करने के लिए किया जाता है जिनके क्वथनांक में पर्याप्त अंतर होता है।
BeginnerShow answer & explanation
True
आसवन एक पृथक्करण तकनीक है जो तरल पदार्थों के क्वथनांक में अंतर का लाभ उठाती है। कम क्वथनांक वाला घटक पहले वाष्पित होता है और फिर संघनित होकर अलग हो जाता है।
Building up · 9 questions
Q5. कार्बनिक यौगिकों के शुद्धिकरण की कौन सी विधि ठोस पदार्थों के लिए सबसे उपयुक्त है जिसमें अशुद्धियाँ कम घुलनशील होती हैं?
IntermediateShow answer & explanation
क्रिस्टलीकरण (Crystallisation)
क्रिस्टलीकरण ठोस कार्बनिक यौगिकों के शुद्धिकरण की एक विधि है जहाँ यौगिक को एक उपयुक्त विलायक में घोला जाता है और फिर ठंडा करके शुद्ध रूप में क्रिस्टलीकृत किया जाता है, जबकि अशुद्धियाँ या तो घुलनशील रहती हैं या कम घुलनशील होने के कारण अलग हो जाती हैं।
Q6. प्रेरणिक प्रभाव (Inductive effect) के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा कथन सही है?
IntermediateShow answer & explanation
यह $\sigma$-इलेक्ट्रॉनों के विस्थापन के कारण होता है।
प्रेरणिक प्रभाव एक स्थायी प्रभाव है जो $\sigma$-बंध के इलेक्ट्रॉनों के विस्थापन के कारण होता है और यह दूरी के साथ घटता है।
Q7. एक कार्बनिक अभिक्रिया में, एक इलेक्ट्रॉन-धनी प्रजाति जो इलेक्ट्रॉन-न्यून केंद्र पर हमला करती है, उसे क्या कहते हैं?
IntermediateShow answer & explanation
न्यूक्लियोफाइल (Nucleophile)
न्यूक्लियोफाइल वे प्रजातियाँ होती हैं जो इलेक्ट्रॉन-धनी होती हैं और इलेक्ट्रॉन-न्यून केंद्रों पर हमला करती हैं। इलेक्ट्रोफाइल इलेक्ट्रॉन-न्यून होते हैं और इलेक्ट्रॉन-धनी केंद्रों पर हमला करते हैं।
Q8. निम्नलिखित में से कौन सा प्रभाव अनुनाद (Resonance) के कारण होता है?
IntermediateShow answer & explanation
मेसोमेरिक प्रभाव (Mesomeric effect)
मेसोमेरिक प्रभाव अनुनाद का ही दूसरा नाम है और यह $\pi$-इलेक्ट्रॉनों के विस्थापन के कारण होता है। प्रेरणिक प्रभाव $\sigma$-इलेक्ट्रॉनों से संबंधित है, अतिसंयुग्मन $\sigma$-और $\pi$-इलेक्ट्रॉनों के बीच अंतःक्रिया है, और इलेक्ट्रोमेरिक प्रभाव एक अस्थायी प्रभाव है।
Q9. कार्बनिक यौगिकों में कार्बन और हाइड्रोजन का मात्रात्मक विश्लेषण किस विधि द्वारा किया जाता है?
IntermediateShow answer & explanation
लीबिग की दहन विधि (Liebig's combustion method)
लीबिग की दहन विधि कार्बनिक यौगिकों में कार्बन और हाइड्रोजन के मात्रात्मक विश्लेषण के लिए उपयोग की जाती है, जहाँ यौगिक को ऑक्सीजन की उपस्थिति में जलाया जाता है और उत्पन्न CO$_2$ और H$_2$O को मापा जाता है।
Q10. एक कार्बनिक यौगिक में नाइट्रोजन की मात्रा निर्धारित करने के लिए ड्यूमा विधि में, नाइट्रोजन गैस को किस पर एकत्र किया जाता है?
IntermediateShow answer & explanation
पारा (Mercury)
ड्यूमा विधि में, उत्पन्न नाइट्रोजन गैस को पारे के ऊपर एकत्र किया जाता है क्योंकि नाइट्रोजन पारे के साथ अभिक्रिया नहीं करती है और इसमें अघुलनशील होती है।
Q11. क्रोमैटोग्राफी में, स्थिर प्रावस्था (Stationary phase) और गतिशील प्रावस्था (Mobile phase) के बीच घटकों के वितरण के सिद्धांत पर आधारित विधि कौन सी है?
IntermediateShow answer & explanation
क्रोमैटोग्राफी (Chromatography)
क्रोमैटोग्राफी एक पृथक्करण तकनीक है जो स्थिर प्रावस्था और गतिशील प्रावस्था के बीच मिश्रण के घटकों के वितरण के अंतर पर आधारित है।
Q12. एक कार्बनिक यौगिक में हैलोजन की मात्रा निर्धारित करने के लिए किस विधि का उपयोग किया जाता है?
IntermediateShow answer & explanation
कैरियस विधि (Carius method)
कैरियस विधि का उपयोग कार्बनिक यौगिकों में हैलोजन, सल्फर और फास्फोरस जैसे तत्वों की मात्रा निर्धारित करने के लिए किया जाता है।
Q13. एक कार्बनिक यौगिक में सल्फर की मात्रा निर्धारित करने के लिए कैरियस विधि में, सल्फर को किस रूप में अवक्षेपित किया जाता है?
IntermediateShow answer & explanation
BaSO$_4$
कैरियस विधि में, कार्बनिक यौगिक में सल्फर को फ्यूमिंग नाइट्रिक अम्ल के साथ गर्म करके सल्फ्यूरिक अम्ल में ऑक्सीकृत किया जाता है, जिसे बाद में BaCl$_2$ के साथ BaSO$_4$ के रूप में अवक्षेपित किया जाता है।
Topper level · 2 questions
Q14. निम्नलिखित में से कौन सा कार्बकैटायन (Carbocation) सबसे अधिक स्थिर है?
AdvancedShow answer & explanation
(CH$_3$)$_3$C$^+$
कार्बकैटायन की स्थिरता प्रेरणिक प्रभाव और अतिसंयुग्मन द्वारा बढ़ जाती है। तृतीयक कार्बकैटायन ((CH$_3$)$_3$C$^+$) में तीन एल्काइल समूह होते हैं जो इलेक्ट्रॉन दान करके धनात्मक आवेश को स्थिर करते हैं, जिससे यह सबसे अधिक स्थिर होता है।
Q15. निम्नलिखित में से कौन सा प्रभाव $\pi$-इलेक्ट्रॉनों के पूर्ण स्थानांतरण के कारण होता है जब एक अभिकर्मक मौजूद होता है?
AdvancedShow answer & explanation
इलेक्ट्रोमेरिक प्रभाव (Electromeric effect)
इलेक्ट्रोमेरिक प्रभाव एक अस्थायी प्रभाव है जो एक अभिकर्मक की उपस्थिति में बहुबंध वाले यौगिकों में $\pi$-इलेक्ट्रॉनों के पूर्ण स्थानांतरण के कारण होता है।
Your notes can be a kit like these
Every kit here was made from real study material. Point Veda at a chapter, a PDF, a photo or a link and get notes, flashcards, practice MCQs, games and a scored test — free, in 42 languages.
- Chapter notes
- Flashcards
- Practice MCQs
- Scored tests
- Exam prep
Get Veda free See what students get
Free to start · No ads · Works in 42 languages